दिल्ली-NCR की हवा में घुला जहर तो लागू हुआ GRAP-1, जानें सड़कों से निर्माण तक क्या-क्या बदल जाएगा?

दिल्ली-NCR की हवा में घुला जहर तो लागू हुआ GRAP-1, जानें सड़कों से निर्माण तक क्या-क्या बदल जाएगा?

Delhi NCR Pollution, GRAP-1: सर्दियों की दस्तक के साथ ही राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (NCR) की हवा जहरीली होने लगी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के लगातार बिगड़ते स्तर को देखते हुए ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग’ (CAQM) ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में GRAP का पहला चरण (GRAP-1) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। हवा में प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए प्रशासन सख्त मोड़ में आ गया है और निर्माण स्थलों से लेकर सड़कों पर चलने वाले वाहनों पर कई नई पाबंदियां लगा दी गई हैं।

 

बीते 24 घंटों के भीतर राजधानी की हवा तेजी से खराब हुई है। 20 अक्टूबर को जहां दिल्ली का AQI 179 दर्ज किया गया था और यह ‘मॉडरेट’ श्रेणी में था, वहीं 21 अक्टूबर की सुबह 9 बजे यह बढ़कर 233 और दोपहर 2 बजे तक 244 पर पहुंच गया। मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता के ‘खराब’ श्रेणी (201 से 300 के बीच) में ही बने रहने की संभावना है। इसी स्थिति को देखते हुए CAQM की उप-समिति ने आपात बैठक कर पूरे NCR क्षेत्र में ग्रैप-1 लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

GRAP-1 के तहत क्या-क्या पाबंदियां रहेंगी लागू?

प्रदूषण के स्तर को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर कड़े नियम और पाबंदियां लागू की गई हैं। 

  • निर्माण स्थलों पर सख्त निगरानी और एंटी-स्मॉग गन अनिवार्य : निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन चलाना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वाली साइटों को सील या भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। ध्यान रहे, GRAP-1 में सभी निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं रहता, लेकिन नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है।
  • कचरा जलाने पर पूर्ण रोक और नियमित उठाव : खुले में कूड़ा, प्लास्टिक या सूखा कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नगर निगमों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ठोस कचरे और निर्माण संबंधी मलबे का नियमित और समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करें।
  • सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई और पानी का छिड़काव : सड़कों से उड़ने वाली धूल पर लगाम लगाने के लिए मशीनों द्वारा सफाई (मैकेनाइज्ड स्वीपिंग) की जाएगी और मुख्य मार्गों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पानी का छिड़काव किया जाएगा।
  • गाड़ियों के लिए कड़े नियम और बिना PUC पर भारी चालान : पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के आदेश सख्ती से लागू होंगे। यातायात पुलिस बिना ‘प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र’ (PUC) वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगी और नियम तोड़ने पर मोटा चालान काटा जाएगा। इसके अलावा, NCR के पड़ोसी राज्यों से आने वाली BS-IV और उससे नीचे के मानक वाली बसों के प्रवेश पर भी पाबंदियां रहेंगी।

एजेंसियों को मुस्तैद रहने के निर्देश

CAQM की उप-समिति के सदस्य संयोजक और निदेशक (तकनीकी) आरके अग्रवाल द्वारा जारी इस आदेश की प्रतियां दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्य सचिवों, परिवहन विभागों, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और पुलिस आयुक्तों को भेज दी गई हैं। सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन किए जाने वाले कार्यों की मॉनिटरिंग और समीक्षा करें। इसके साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि वे ‘सिटिजन चार्टर’ (नागरिक संहिता) का पालन करें, निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और शहर की हवा को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें।

क्या कहते हैं दिल्ली के मंत्री सिरसा? 

प्रदूषण पर दिल्ली पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पिछले 10-12 साल से लगातार दिल्ली की हवा बहुत ही दूषित हुई है। पिछली सरकार बस बहाना बनाती रही। कभी पंजाब, कभी यूपी, कभी हरियाणा, कभी राजस्थान का नाम लेती रही और 12 सालों में इन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। उससे पहले कांग्रेस की सरकार थी और उन्हें सुप्रीम कोर्ट फटकारती रही, लेकिन इन लोगों ने कुछ नहीं किया।

सिरसा ने कहा कि हमने लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों ही मेजर्स लिए हैं। लॉन्ग टर्म मेजर्स के अंदर पूरी दिल्ली की सड़कों की धूल को खत्म करना है। दिल्ली के आस-पास और दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र की सारी पोल्यूटिंग फ्यूल बेस्ड इंडस्ट्रीज को यहां से शिफ्ट कर रहे हैं। पिछले तीन चार सालों की मैं बात कहूं तो आज GRAP-1 वन लागू किया गया है। यह अब तक सबसे लास्ट स्टेज पर सबसे ज्यादा समय बाद अब ग्रैप लागू किया गया है वरना इससे बहुत पहले ही GRAP दिल्ली में लागू हो जाता था। 

नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं : CM योगी

नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं : CM योगी

Police Commemoration Day: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस पर बलिदान हुए पुलिस कर्मियों को नमन किया। उन्होंने नए उत्तर प्रदेश में आए बदलाव की तस्वीर भी ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई भी नहीं है। 

वीर पुलिस कार्मिकों का शौर्य, साहस और समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत 

मुख्यमंत्री ने लिखा कि आज पुलिस स्मृति दिवस पर मैं उन सभी वीर पुलिस कार्मिकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करता हूं, जिन्होंने देश की सुरक्षा, समाज की शांति और नागरिकों के जीवन की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर पुलिस कार्मिकों का शौर्य, साहस और समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत है।

जवाहर बाग में वीर पुलिस अधिकारियों को देना पड़ा प्राणों का बलिदान 

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कृत्यों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में माफिया राज था। उस समय अराजक तत्वों के हौसले इतने बुलंद थे कि मथुरा के जवाहर बाग में कानून की रक्षा करते हुए वीर पुलिस अधिकारियों को प्राणों का बलिदान देना पड़ा। 

पुलिस को मिली कार्रवाई की स्वतंत्रता

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है। उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना है। पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की स्वतंत्रता मिली है। 2.26 लाख से अधिक पुलिस भर्तियों, प्रशिक्षण क्षमता में 10 गुना वृद्धि, 7 बड़े शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली, प्रत्येक जनपद में साइबर थाने तथा प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना से पुलिस व्यवस्था अधिक सक्षम, आधुनिक और जवाबदेह बनी है। गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई और ₹15 हजार करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति की जब्ती अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 

सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त उप्र के लिए करते रहेंगे कार्य

मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि हमारा संकल्प है कि वीर पुलिस कार्मिकों के बलिदान और उनके परिवारों के त्याग को सदैव स्मरण रखते हुए हम उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

डिजिटल शिक्षा से निखरेगी बेटियों की प्रतिभा, 80,078 छात्राएं पंजीकृत, 66,996 ने सक्रिय किए अपने अकाउंट

डिजिटल शिक्षा से निखरेगी बेटियों की प्रतिभा, 80,078 छात्राएं पंजीकृत, 66,996 ने सक्रिय किए अपने अकाउंट

Girl Student Education: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को आधुनिक शिक्षण संसाधनों से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में खान एकेडमी के माध्यम से छात्राओं को गणित और विज्ञान में कौशल विकसित करने के लिए डिजिटल अभ्यास का अवसर मिल रहा है। 

 

खान एकेडमी की 1 से 15 अक्टूबर की मध्य-माह प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 96 प्रतिशत केजीबीवी इस मंच पर पंजीकृत हैं। कुल 80,078 छात्राओं ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 66,996 छात्राओं के अकाउंट सक्रिय हो चुके हैं। वहीं, 30,503 छात्राओं ने निर्धारित मासिक लक्ष्य का कम-से-कम 50 प्रतिशत हासिल किया है। यह पहल छात्राओं में विषयगत समझ, नियमित अभ्यास और सीखने की दक्षता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सहारनपुर, गाजियाबाद और खीरी की छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन

जनपदवार प्रदर्शन में सहारनपुर, गाजियाबाद और खीरी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। रिपोर्ट के अनुसार, सहारनपुर में 92 प्रतिशत, गाजियाबाद में 89 प्रतिशत और खीरी में 81 प्रतिशत छात्राओं ने मासिक लक्ष्य का कम-से-कम 50 प्रतिशत प्राप्त किया। इन जनपदों की उपलब्धि डिजिटल शिक्षण के प्रभावी उपयोग और छात्राओं को नियमित अभ्यास से जोड़ने के प्रयासों को रेखांकित करती है।

डिजिटल अभ्यास से मजबूत होगी गणित-विज्ञान की नींव

खान एकेडमी कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को गणित और विज्ञान में दक्ष बनाना है। निर्धारित मासिक लक्ष्य के अनुसार, प्रत्येक छात्रा को दोनों विषयों में कम-से-कम चार-चार कौशलों में दक्षता यानी प्रोफिशिएंट/मास्टर्ड (Proficient/Mastered) स्तर प्राप्त करना है। डिजिटल मंच के माध्यम से छात्राओं को अभ्यास करने और अपनी विषयगत दक्षता विकसित करने का अवसर मिलता है। इससे सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक, सहज और परिणामोन्मुख बनाने में मदद मिलती है।

बालिका शिक्षा को आधुनिक अवसरों से जोड़ने का संकल्प

योगी सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिले। खान एकेडमी जैसे डिजिटल मंच कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को गणित और विज्ञान में अपनी क्षमताएं निखारने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। निरंतर अभ्यास, विद्यालय स्तर पर प्रोत्साहन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से छात्राओं को निर्धारित शिक्षण लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह पहल बालिका शिक्षा को तकनीक, गुणवत्तापूर्ण सीखने और बेहतर शैक्षिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में प्रदेश के प्रयासों को नई गति देती है।

 

संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के बेहतर अवसर मिलें। खान एकेडमी के माध्यम से गणित और विज्ञान में उनकी दक्षता विकसित करने की पहल बालिका सशक्तीकरण को नई दिशा देती है।

 

दूसरी ओर, स्कूल शिक्षा विभाग महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि खान एकेडमी के माध्यम से छात्राओं को गणित और विज्ञान के कौशल विकसित करने के लिए डिजिटल अभ्यास का अवसर मिल रहा है। हमारा प्रयास है कि विद्यालयों में इस मंच का प्रभावी उपयोग हो और अधिकाधिक छात्राएं निर्धारित शिक्षण लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ें।

CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बड़ी राहत, SEM कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश

CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बड़ी राहत, SEM कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश

ashutosh ranka and saurabh das

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को अदालत से राहत मिली है। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने दोनों नेताओं की रिहाई का आदेश दिया है। आदेश के बाद दोनों को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से बाहर ले जाया जा रहा है।

 

सौरव दास और आशुतोष रांका को दो दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद SEM कोर्ट में पेश किया गया था। अदालत के रिहाई के आदेश के बाद मामले में दोनों नेताओं को राहत मिली है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। यह मामला जंतर-मंतर में कथित तौर पर बंद गेट पार करके प्रवेश करने और शांति भंग होने की आशंका से संबंधित था।

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क्या है सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का मामला?

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यह मामला मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

 

11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थल का दर्जा वापस ले लिया था। इस फैसले को अलग-अलग याचिकाओं के जरिए सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

 

13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका राष्ट्रीय ध्वज लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने वहां प्रवेश करने के लिए बंद गेट पार किया। इसके बाद 14 अक्टूबर को दोनों को हिरासत में लिया गया।

 

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने शांति भंग होने की आशंका जताते हुए दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

 

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद उस समय तेज हुआ, जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दस महीने की अवधि में निर्वाचन आयुक्तों ने CEC के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई थी।

 

हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इस रिपोर्ट के संदर्भ में कहा कि उसके सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल की मान्यता वापस लेने के फैसले ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।

इंदौर में 25.40 लाख की MD drugs के साथ ससुर-दामाद धराए, दीपावली पर थी सप्लाई की प्‍लानिंग

इंदौर में 25.40 लाख की MD drugs के साथ ससुर-दामाद धराए, दीपावली पर थी सप्लाई की प्‍लानिंग

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इंदौर में पुलिस ने 254 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ समीर और जाकिर हुसैन को गिरफ्तार किया है। बरामद ड्रग्स की कीमत 25.40 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दशहरे और दीपावली पर सप्लाई की तैयारी में थे।

अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान समीर और जाकिर हुसैन के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में ससुर-दामाद बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 254 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत 25 लाख 40 हजार रुपये बताई जा रही है।

पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी के नेटवर्क और ड्रग्स के सप्लायरों का पता लगाने में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जाकिर हुसैन लहसुन की खरीद-फरोख्त का कारोबार करता था। आरोप है कि वह इसी कारोबार की आड़ में एमडी ड्रग्स की तस्करी भी कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी अपने व्यापार की आड़ में मादक पदार्थों की सप्लाई करते थे।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों आरोपी कब से इस अवैध कारोबार में शामिल थे और अब तक किन-किन लोगों को ड्रग्स की सप्लाई कर चुके हैं। प्रारंभिक पूछताछ में समीर को लेकर जानकारी सामने आई है कि उसके पिता पर कर्ज होने के कारण वह ड्रग्स की तस्करी में शामिल हुआ। हालांकि, वह किन लोगों के संपर्क में आकर इस अवैध कारोबार से जुड़ा और उसे एमडी ड्रग्स कहां से मिलती थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपसी संपर्क, आर्थिक लेन-देन और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

इस दिन करने वाले थे सप्‍लाई : पुलिस के अनुसार, आरोपी दशहरे और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान शहर में एमडी ड्रग्स की सप्लाई करने की तैयारी में थे। त्योहारों के दौरान नशे की मांग बढ़ने की आशंका के बीच इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बरामद ड्रग्स की मात्रा और उसकी कीमत को देखते हुए पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एमडी ड्रग्स कहां से लाई गई थी, शहर में इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Gold-Silver Price Today: सस्ता हुआ सोना, चांदी के दामों में गिरावट, जानिए देश के बड़े शहरों में क्या रहे भाव

Gold-Silver Price Today: सस्ता हुआ सोना, चांदी के दामों में गिरावट, जानिए देश के बड़े शहरों में क्या रहे भाव

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सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसके चलते सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वहीं, निवेशकों की नजर अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है, जिससे ब्याज दरों की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने का भाव 0.2% गिरकर 4,118.18 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी सोने के वायदा भाव में भी 0.2% की गिरावट आई और यह 4,136.20 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। हाजिर चांदी की कीमत 0.9% गिरकर 57.44 डॉलर प्रति औंस रह गई।

 

भारत में सोने-चांदी की कीमतों में कितनी गिरावट?

 

घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 21 अक्टूबर को सुबह करीब 9:40 बजे दिसंबर डिलीवरी वाला सोना वायदा 0.40% गिरकर 1,45,939 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी वायदा की कीमत करीब 0.94% गिरकर 2,09,494 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

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कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के बीच खुदरा खरीदारों और निवेशकों की नजर बाजार की अगली चाल पर है। हालांकि, अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के यहां सोने-चांदी के वास्तविक भाव में अंतर हो सकता है।

 

सोने की कीमतों पर क्यों बना हुआ है दबाव?

 

सोने की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। इसकी प्रमुख वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा, निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं।

 

बाजार में 27-28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेड की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए दबाव पैदा करती हैं, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता और ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की आकर्षकता बढ़ सकती है।

 

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हालिया गिरावट के बाद स्थिरता आने से भी सोने की मांग पर असर पड़ा है। निवेशक अगले सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई का आकलन करने के लिए PCE प्राइस इंडेक्स को प्रमुख संकेतक के तौर पर इस्तेमाल करता है।

 

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अन्य शहरों में सोने के भाव

 

21 अक्टूबर 2026 को प्रमुख भारतीय शहरों में सोने और चांदी के संकेतात्मक खुदरा भाव इस प्रकार हैं।

 

दिल्ली में सोने-चांदी का भाव

 

  • 24 कैरेट सोना: ₹1,45,740 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: ₹1,33,595 प्रति 10 ग्राम
  • 999 शुद्धता वाली चांदी: ₹2,09,200 प्रति किलोग्राम

 

मुंबई में सोने-चांदी का भाव

 

  • 24 कैरेट सोना: ₹1,46,120 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: ₹1,33,943 प्रति 10 ग्राम
  • 999 शुद्धता वाली चांदी: ₹2,09,850 प्रति किलोग्राम

बेंगलुरु में सोने-चांदी का भाव

 

24 कैरेट सोना: ₹1,46,340 प्रति 10 ग्राम

22 कैरेट सोना: ₹1,34,145 प्रति 10 ग्राम

999 शुद्धता वाली चांदी: ₹2,10,360 प्रति किलोग्राम

 

कोलकाता में सोने-चांदी का भाव

 

24 कैरेट सोना: ₹1,46,030 प्रति 10 ग्राम

22 कैरेट सोना: ₹1,33,861 प्रति 10 ग्राम

999 शुद्धता वाली चांदी: ₹2,09,910 प्रति किलोग्राम

 

हैदराबाद में सोने-चांदी का भाव

 

  • 24 कैरेट सोना: ₹1,46,470 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: ₹1,34,264 प्रति 10 ग्राम
  • 999 शुद्धता वाली चांदी: ₹2,10,270 प्रति किलोग्राम

 

चेन्नई में सोने-चांदी का भाव

 

24 कैरेट सोना: ₹1,46,660 प्रति 10 ग्राम

22 कैरेट सोना: ₹1,34,438 प्रति 10 ग्राम

999 शुद्धता वाली चांदी: ₹2,10,550 प्रति किलोग्राम

ऊपर दिए गए सोने और चांदी के भाव संकेतात्मक हैं। अलग-अलग ज्वेलर्स, शहरों और स्थानीय बाजारों में कीमतें अलग हो सकती हैं। आभूषणों की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू कर शामिल होने से अंतर आ सकता है।

 

24 कैरेट और 22 कैरेट सोने में क्या अंतर है?

 

24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध रूप माना जाता है। वहीं, 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल आमतौर पर आभूषण बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसमें अन्य धातुएं मिलाने से मजबूती बढ़ती है। सोने के आभूषण खरीदते समय शुद्धता के साथ हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और लागू करों की जानकारी भी जरूर लें।

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वियतनाम की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी VinFast भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने इस साल जून से अब तक भारत में तीन इलेक्ट्रिक स्कूटर और एक मोटरसाइकिल सहित चार दोपहिया वाहनों के पेटेंट दाखिल किए हैं। अब कंपनी के एक और इलेक्ट्रिक स्कूटर का पेटेंट सामने आया है। इसके डिजाइन को देखकर माना जा रहा है कि यह भारतीय बाजार को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने वाले मॉडलों में से एक हो सकता है।

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VinFast की भारत में एंट्री की तैयारियों के लिहाज से यह अहम माना जा रहा है। कंपनी हाल ही में देश में बिक्री और सर्विस नेटवर्क स्थापित करने के लिए करीब 50 डीलरों के साथ लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) पर हस्ताक्षर कर चुकी है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक भारत में अपने दोपहिया वाहनों की लॉन्चिंग की तारीख या यहां पेश किए जाने वाले मॉडलों की आधिकारिक सूची की घोषणा नहीं की है।

 

VinFast के नए इलेक्ट्रिक स्कूटर में क्या होगा खास?

 

अप्रैल 2026 में दाखिल किए गए पेटेंट के डिजाइन से स्कूटर के बाहरी लुक की जानकारी मिलती है। इसके फ्रंट में ऊपर की तरफ VinFast का लोगो दिया गया है। वहीं, सामने की ओर हॉरिजॉन्टल हेडलाइट यूनिट दिखाई देती है, जिसके दोनों तरफ इंडिकेटर इंटीग्रेटेड नजर आते हैं। स्कूटर में खुला हैंडलबार और इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले दिया गया है। यह डिस्प्ले LCD या TFT यूनिट हो सकता है, हालांकि पेटेंट से इसकी तकनीक की पुष्टि नहीं होती।

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डिजाइन में स्कूटर के दोनों पहिये 14 इंच के दिखाई देते हैं। सस्पेंशन के लिए आगे टेलिस्कोपिक फोर्क और पीछे ट्विन शॉक एब्जॉर्बर दिए जाने का संकेत मिलता है। इन खूबियों के आधार पर इसका मुकाबला भारतीय बाजार में मौजूद कुछ इलेक्ट्रिक स्कूटरों से हो सकता है।

 

हब मोटर के साथ मिल सकती है एंट्री-लेवल पोजिशनिंग

 

पेटेंट के आधार पर नए इलेक्ट्रिक स्कूटर में पीछे के पहिये में लगी हब मोटर मिलने की संभावना है। इस तरह का मोटर सेटअप स्कूटर के डिजाइन को अपेक्षाकृत सरल रख सकता है। हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी मोटर क्षमता, बैटरी पैक, रेंज, टॉप स्पीड और चार्जिंग टाइम जैसी तकनीकी जानकारियों का खुलासा नहीं किया है।

 

अगर कंपनी इसमें हब मोटर और कॉम्पैक्ट डिजाइन का इस्तेमाल करती है, तो इसे एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक स्कूटर के तौर पर पेश किया जा सकता है। लेकिन इसकी वास्तविक पोजिशनिंग इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी कौन-सा पावरट्रेन देती है और इसकी कीमत कितनी रखती है।

 

फिलहाल, 14 इंच के पहियों और अन्य डिजाइन विशेषताओं के लिहाज से TVS Orbiter और Ather Konarc जैसे मॉडल संभावित प्रतिस्पर्धियों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कीमत और स्पेसिफिकेशन सामने आने के बाद ही मुकाबले की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी।

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बैटरी और बूट स्पेस को लेकर क्या संकेत मिले?

 

पेटेंट में स्कूटर के निचले हिस्से का डिजाइन भी दिखाया गया है। इसमें फ्लोरबोर्ड के नीचे मोटी कवरिंग नजर आती है। इससे संभावना जताई जा रही है कि बैटरी को फ्लोरबोर्ड के नीचे रखा जा सकता है।

 

अगर बैटरी को इस हिस्से में जगह मिलती है, तो सीट के नीचे सामान रखने के लिए ज्यादा जगह उपलब्ध हो सकती है। हालांकि, स्कूटर के पिछले हिस्से का झुका हुआ डिजाइन बूट स्पेस की गहराई को सीमित कर सकता है। अभी कंपनी ने बैटरी की स्थिति और अंडर-सीट स्टोरेज की क्षमता की पुष्टि नहीं की है।

 

पेटेंट में स्कूटर के साथ पारंपरिक चाबी भी दिखाई गई है। फिलहाल इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में कीलेस सिस्टम की सुविधा सभी मॉडलों में आम नहीं है। इसलिए इस स्कूटर में पारंपरिक चाबी का इस्तेमाल किए जाने की संभावना है, लेकिन अंतिम प्रोडक्शन मॉडल में बदलाव हो सकते हैं।

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भारत में कब लॉन्च होगा VinFast का इलेक्ट्रिक स्कूटर?

 

VinFast ने अभी तक इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की लॉन्चिंग टाइमलाइन का ऐलान नहीं किया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि पेटेंट किए गए सभी दोपहिया वाहन भारतीय बाजार में उतारे जाएंगे या नहीं। करीब 50 डीलरों के साथ LOI पर हस्ताक्षर करना कंपनी की बिक्री और सर्विस नेटवर्क तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब भारतीय ग्राहकों के लिए कंपनी की योजनाओं को समझने के लिए आधिकारिक लॉन्च घोषणा, कीमत और तकनीकी स्पेसिफिकेशन का इंतजार करना होगा।

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ध्यान देने वाली बात है कि पेटेंट दाखिल होना किसी वाहन की भारत में लॉन्चिंग की गारंटी नहीं है। फिलहाल नए स्कूटर का डिजाइन सामने आया है, लेकिन इसकी कीमत, रेंज और लॉन्च की तारीख की पुष्टि होना बाकी है।

जन कल्याण सरकार का संकल्प, जनता दर्शन में CM योगी के अधिकारियों को निर्देश

जन कल्याण सरकार का संकल्प, जनता दर्शन में CM योगी के अधिकारियों को निर्देश

Yogi Janata Darshan

CM Yogi Adityanath Janata Darshan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और निस्तारण के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सबकी समस्या का समाधान करते हुए जन कल्याण और नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाना सरकार का संकल्प है। सरकार के इस संकल्प के अनुरूप हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

 

गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक वह खुद पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए संकल्पित है। 

अवैध कब्जा करने वालों को बख्शें नहीं

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि जमीन जायदाद से जुड़ा विवाद पारिवारिक हो तो संबंधित पक्षों को बैठाकर आपसी संवाद से निस्तारण कराया जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को मुख्यमंत्री ने पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी मदद की जाए। जो लोग किन्हीं कारणों से सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, उन्हें इसका लाभ दिलाया जाए।

Yogi Janata Darshan

मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कुछ लोग उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उपचार के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उपचार से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने इलाज में सहायता के लिए आए लोगों से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। न होने की दशा में उन्होंने हर जरूरतमंद का आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों के साथ आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया और चॉकलेट देते हुए प्यार व आशीर्वाद दिया।

सीएम ने की गोसेवा, बच्चों पर लुटाया प्यार

बुधवार सुबह परंपरागत दिनचर्या के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर परिसर में भ्रमण करते हुए गोशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा, पीठ थपथपाकर उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान परिजनों के साथ आए बच्चों पर भी खूब प्यार लुटाया। बच्चों को अपने पास बुलाकर आत्मीय संवाद किया, चॉकलेट दी और उन्हें खूब पढ़ने का आशीर्वाद दिया। इस दौरान उन्होंने बच्चे का अन्नप्राशन भी कराया।

ईरान के साथ शांति समझौता ‘बेहद मुश्किल: अमेरिका

होर्मुज जलडमरूमध्य, समुद्री सुरक्षा और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने बुधवार को सख्त चेतावनी जारी की है। ईरान ने साफ किया है कि देश पर होने वाले किसी भी सैन्य हमले का उसी ताकत से या उससे भी ज्यादा आक्रामक जवाब दिया जाएगा।

दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के साथ किसी शांति समझौते पर पहुंचने की संभावनाओं को बेहद कठिन बताया है। श्री रुबियो ने ईरान के साथ कूटनीतिक सहमति बनाने में आ रही जटिलताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि शांति समझौते की राह बहुत मुश्किलों से भरी है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका उस पर आर्थिक प्रतिबंध और दबाव जारी रखेगा। अमेरिका की मुख्य मांग यह है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और ईरान परमाणु हथियार न बनाने की पक्की गारंटी दे।

वहीं, ईरान ने फिर दोहराया है कि किसी भी नए सैन्य दुस्साहस का कड़ा जवाब दिया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में एक व्यापक सैन्य संघर्ष छिड़ने की आशंका बढ़ गई है। ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों में आग लग गई। ये टैंकर ईरानी सेना की बिछाई गई समुद्री सुरंगों की चपेट में आ गए थे।

आईआरजीसी की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘सिपाह न्यूज’ के मुताबिक, इन जहाजों ने इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने के लिए ईरान के प्रतिबंधित या ‘गैर-कानूनी’ घोषित रास्ते का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि सुरंगों से भरे इस जलमार्ग में उसके दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, जिसमें उनके जहाजों की तबाही भी शामिल है। इस घटना से जुड़े दावों की हालांकि स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

आईआरजीसी ने यह दावा भी किया है कि ईरानी वायु रक्षा तंत्र ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है और उसकी सेनाएं इस जलमार्ग की कड़ी निगरानी जारी रखेंगी।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने कहा है कि ईरान किसी भी सैन्य हमले को बिना जवाब दिए बर्दाश्त नहीं करेगा। तेहरान में संवाददाताओं से बात करते हुए श्री बघाई ने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया कि ईरान अमेरिकी कार्रवाई पर चुप रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ‘हमला करो और भाग जाओ’ का दौर अब खत्म हो चुका है।

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श्री बघाई ने सोशल मीडिया पर चल रही उन सूचनाओं को भी बेबुनियाद बताया, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका ने ‘पिकैक्स माउंटेन’ पर हमला करने के अपने इरादे से ईरान को अवगत कराया है। इस स्थान को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा माना जाता है।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले संकेत दिए थे कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए अमेरिका इस ठिकाने को निशाना बनाने पर विचार कर सकता है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी स्पष्ट किया है कि वे आगे की सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इसके जवाब में ईरान का रुख कायम है कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

दोनों देशों के बीच का यह ताजा टकराव अब मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पर आकर टिक गया है, जो वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का सबसे अहम अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है। हमलों की धमकियों के बीच ईरान ने इस जलमार्ग से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर काफी हद तक रोक लगा दी है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है। ईरान ने साफ कह दिया है कि जब तक अमेरिका अपना रुख बदलकर युद्ध खत्म करने और नुकसान के मुआवजे समेत उसकी मांगें पूरी नहीं करता, तब तक यह जलमार्ग नहीं खोला जाएगा।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान और कतर जैसे क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए अमेरिका से अप्रत्यक्ष कूटनीतिक बातचीत जारी है। इसके बावजूद, समुद्री सुरक्षा, सैन्य अभियानों और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मूलभूत मुद्दों पर दोनों पक्षों के रुख में काफी बड़ा फासला बना हुआ है।

एक तरफ अमेरिका के कड़े आर्थिक और सैन्य दबाव और दूसरी तरफ ईरान की जवाबी धमकियों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्रीय सुरक्षा व वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक बेहद संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर अड़े रहने के कारण फिलहाल बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण हल की संभावनाएं अनिश्चित दिखाई दे रही हैं।

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‘तुम मेरे हो’ की टीम ने महाकालेश्वर मंदिर में लिया आशीर्वाद

आगामी हिंदी फिल्म ‘तुम मेरे हो’ की टीम ने उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया और इंदौर में प्रशंसकों के साथ समय बिताया। फिल्म के अभिनेता और निर्माता गुरमीत चौधरी, अभिनेत्री ईशा मालवीय, निर्माता देबिना बनर्जी और आरती एस तथा सह-निर्माता रोमांच मेहता इस दौरे में शामिल हुए। फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

टीम ने महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना कर फिल्म की सफलता की कामना की। इसके बाद इंदौर में स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया और शहर की संस्कृति का आनंद उठाया। इस दौरान कलाकारों ने प्रशंसकों और मीडिया से बातचीत की तथा फिल्म को लेकर मिल रहे उत्साह और प्यार के लिए आभार व्यक्त किया।

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फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसमें प्यार, दर्द और जुनून की कहानी की झलक देखने को मिलती है। फिल्म के संगीत को लेकर भी दर्शकों के बीच उत्सुकता है।

गुरमीत चौधरी इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि ईशा मालवीय इस फिल्म से बॉलीवुड में पदार्पण कर रही हैं। रोमांस, एक्शन और भावनात्मक प्रसंगों से सजी इस फिल्म का निर्माण गुरमीत ने डेब गुरु फिल्म्स के बैनर तले रेवा क्रिएटिव हाउस के साथ मिलकर किया है।

फिल्म का निर्देशन आशीष पांडा ने किया है। आरती एस और देबिना बनर्जी निर्माता, जबकि रोमांच मेहता और अमन रियास्ती सह-निर्माता हैं। फिल्म में गुरमीत चौधरी, ईशा मालवीय, अनुष्का लुहार और शान ग्रोवर प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।

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