इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) की जांच सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराएं, निजी संस्थान निर्धारित शुल्क से अधिक न लें: मुख्यमंत्री योगी

इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) की जांच सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराएं, निजी संस्थान निर्धारित शुल्क से अधिक न लें: मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) की जांच सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी, मेडिकल कॉलेजों सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा अस्पतालों में दवा, जांच और आइसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित रहे। गंभीर मरीजों के लिए अलग आईसीयू वार्ड तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री ने एच1एन1 की रोकथाम और उपचार के संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी करने तथा टेलिकन्सल्टेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए।

 

बुधवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की उपस्थिति में प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) एवं सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों की समय से पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए। जहां भी मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, वहां निगरानी बढ़ाने के साथ तत्काल आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं की जाएं। निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा जांच के लिए पूर्व में निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क न लिया जाए, यह भी सुनिश्चित किया जाए।

 

बैठक में विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1), इन्फ्लुएंजा-ए वायरस की एक प्रजाति है और यह सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में आता है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से खांसी और छींक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के माध्यम से फैलता है। बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा इसके प्रमुख लक्षण हैं। बताया गया कि 2 सितंबर तक प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) के 685 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले सामने आए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाए, जबकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से सघन जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान करने तथा जरूरत के अनुसार होम क्वारंटीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने को कहा। अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने के भी निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न बढ़े और गंभीर मरीजों को समय से उपचार मिल सके, इसके लिए मरीजों की स्थिति के अनुसार रेफरल की व्यवस्था की जाए। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को ही अस्पताल भेजने के साथ ऐसे मरीजों के लिए समुचित उपचार और आईसीयू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेषज्ञों ने बताया कि सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम अथवा नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, भोजन लेने में असमर्थता, झटके आना, तेज सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई तथा पहले से मौजूद बीमारी की स्थिति बिगड़ना भी गंभीर संकेत हैं। 

 

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ओसेल्टामिविर कैप्सूल और सिरप तथा एच1एन1 वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है। जनपदीय चिकित्सालयों में हेल्प डेस्क, जांच के लिए नमूना संग्रह और पृथक फ्लू ओपीडी की व्यवस्था है। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, आवश्यक जांच, दवाओं और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था उपलब्ध है।  

 

निदेशक एसजीपीजीआई डॉ. आरके धीमान, कुलपति केजीएमयू डॉ. सोनिया नित्यानंद और राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने-अपने संस्थानों में उपलब्ध उपचार, टेस्टिंग और दवाओं की उपलब्धता के संबंध में अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि चिकित्सा महाविद्यालयों में फ्लू ओपीडी और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था है तथा जांच के लिए पर्याप्त आरटीपीसीआर किट उपलब्ध हैं।  

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया जाए। क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी सरल, सही और तथ्यपरक जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि अनावश्यक पैनिक की स्थिति न बने। अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हाथों की स्वच्छता, खांसी और छींक के दौरान सावधानी तथा संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एच1एन1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी जिले में मामलों में बढ़ोतरी दिखाई देने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान, जरूरतमंद मरीज को त्वरित उपचार, पर्याप्त चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना संक्रमण से निपटने की प्रभावी रणनीति है।

LIVE: नेपाल में बाढ़ से 1200 से ज्यादा की मौत, सतना में मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

LIVE: नेपाल में बाढ़ से 1200 से ज्यादा की मौत, सतना में मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

nepal flood

Latest News Today Live Updates in Hindi : नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1200 के पार पहुंच गई। पल पल की जानकारी… 

-मध्य प्रदेश के सतना में भारी बारिश के बीच मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

-भारी बारिश के बाद झारखंड के रांची में नदियां, डैम और झरने ओवरफ्लो हो गए। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1204 हुई।

Top News 3 September: 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट, ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान

Top News 3 September: 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट, ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान

Heavy rain in India

Top News 3 September : देश के 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ट्रंप का दावा- ज्यादा लंबी नहीं चलेगी जंग। पाकिस्तान में 100 साल पुराना हिंदू मंदिर ढहाए जाने पर भारत ने जताई आपत्ति। राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ ने नई जिम्मेदारी मिलने पर चयन समिति, श्री राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान राम के प्रति आभार जताया। 3 सितंबर की बड़ी खबरें : 

 

12 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ से लेकर मैदान तक मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। नदियां उफान पर है। मौसम विभाग 12 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।  

 

ट्रंप का बड़ा दावा- लंबी नहीं चलेगी जंग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के साथ जारी युद्ध अब 'बहुत ज्यादा लंबा' चलेगा। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था।

 

पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिन्दू मंदिर पर बवाल

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में करीब 100 से 125 साल पुराने हिन्दू मंदिर को कथित तौर पर गिराए जाने के मामले में भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने इसे अल्पसंख्यक समुदाय के पूजा स्थल के खिलाफ “निंदनीय तोड़फोड़ की कार्रवाई” करार दिया है। ALSO READ: पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिन्दू मंदिर पर बवाल, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, जानें मंदिर गिराने पर क्या बोली सरकार

 

सिंधु जल संधि पर फिर बढ़ा विवाद

सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता निकाय के फैसले को भारत द्वारा खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान ने बुधवार को नई दिल्ली से 1960 की जल बंटवारा संधि के तहत 'रचनात्मक तरीके से' बातचीत करने का आग्रह किया। ALSO READ: indus waters treaty : सिंधु जल संधि पर फिर बढ़ा विवाद, भारत के सामने फिर गिड़गिड़ाया Pakistan

 

राम मंदिर के CEO जितेंद्र मिश्रा का पहला बयान 

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या के पहले CEO नियुक्त किए गए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने नई जिम्मेदारी मिलने पर चयन समिति, श्री राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान राम के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा- मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मुझे इतनी क्षमता प्रदान करें कि मैं इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभा सकूं। ALSO READ: Ram Mandir : 'प्रभु राम मुझे यह जिम्मेदारी निभाने का सामर्थ्य दें', अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा ने कहा

पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिन्दू मंदिर पर बवाल, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, जानें मंदिर गिराने पर क्या बोली सरकार

पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिन्दू मंदिर पर बवाल, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, जानें मंदिर गिराने पर क्या बोली सरकार

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में करीब 100 से 125 साल पुराने हिन्दू मंदिर को कथित तौर पर गिराए जाने के मामले में भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने इसे अल्पसंख्यक समुदाय के पूजा स्थल के खिलाफ “निंदनीय तोड़फोड़ की कार्रवाई” करार दिया है।

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विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि नारोवाल स्थित मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पाकिस्तानी अधिकारियों की कथित उदासीनता और विफलता बेहद चिंताजनक है। भारत ने मामले की तत्काल और पारदर्शी जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

भारत ने पाकिस्तान से मंदिर की स्थिति बहाल करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की अपील भी की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह अपने देश में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करे।

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क्यों चर्चा में आया 100 साल पुराना हिंदू मंदिर?

यह मंदिर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल  जिले के सिराज गांव में स्थित था। लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर का निर्माण लगभग 100 से 125 साल पहले हुआ था और यह करीब 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ था।

स्थानीय निवासियों, अल्पसंख्यक संगठनों और एक राजनीतिक दल ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को धार्मिक कट्टरपंथियों के एक समूह ने मंदिर को गिरा दिया, ताकि मंदिर की जमीन को पास स्थित एक मदरसे में शामिल किया जा सके।

 

पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी (PMMP) ने इस कथित घटना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने मंदिर को दोबारा बनाए जाने की भी मांग की है। PMMP के परवेज सहोत्रा ने आरोप लगाया कि मंदिर गिराने वाले लोग तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) से जुड़े थे। TLP पाकिस्तान की एक प्रतिबंधित दक्षिणपंथी इस्लामिक राजनीतिक पार्टी है।

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पाकिस्तान सरकार ने क्या कहा?

 

हालांकि, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने मंदिर को गिराए जाने के आरोप से इनकार किया है। सरकार के मुताबिक मंदिर को तोड़ा नहीं गया, बल्कि भारी बारिश के कारण उसका एक हिस्सा ढह गया।

 

पंजाब सरकार ने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा ने मंदिर स्थल का दौरा किया और पाया कि मूसलाधार बारिश के कारण मंदिर के साइन/संरचना का केवल एक हिस्सा गिरा था। सरकार ने यह भी कहा कि वह क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा बहाल करेगी। ऐसे में मंदिर के कथित विध्वंस को लेकर भारत की आपत्ति और पाकिस्तान सरकार के स्पष्टीकरण के बीच मामला अब जांच के केंद्र में है।

WhatsApp, ई-मेल और Teams पर अफसर बनकर ठगी, फर्जी प्रोफाइल से मांगे जा रहे पैसे, ऐसे बचें

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Cyber Fraud

साइबर ठग लोगों और कारोबारियों को निशाना बनाने के लिए ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब ठग वरिष्ठ अधिकारियों, बिजनेस मालिकों, CEO या भरोसेमंद संपर्कों की पहचान की नकल कर WhatsApp, ई-मेल, Microsoft Teams और दूसरे कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करने को कह रहे हैं।

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इस तरह की ठगी में जालसाज पीड़ित पर तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाते हैं। वे तत्काल फंड ट्रांसफर, इनवॉयस का भुगतान या बैंक खाते की जानकारी बदलने जैसे संदेश भेज सकते हैं। लोगों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी प्रोफाइल, नाम, लोगो और ई-मेल आईडी का इस्तेमाल किया जाता है।

 

कैसे होती है यह ठगी?

ठग किसी वरिष्ठ अधिकारी या परिचित व्यक्ति की पहचान बनाकर तुरंत भुगतान करने का अनुरोध भेजते हैं।

इसके बाद वे लाभार्थी (Beneficiary) के बैंक खाते की जानकारी देते हैं और तुरंत कार्रवाई करने का दबाव डालते हैं।

पीड़ित अनुरोध को वास्तविक समझकर बताए गए खाते में पैसे ट्रांसफर कर देता है।

रकम मिलने के बाद ठग उसे तेजी से कई अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे पैसे की रिकवरी मुश्किल हो जाती है।

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ठगी से बचने के लिए क्या करें?

 

1. जल्दबाजी में भुगतान न करें

WhatsApp, ई-मेल, SMS या किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर आए तत्काल भुगतान के अनुरोध को पहले सत्यापित करें। संबंधित व्यक्ति से उसके पहले से मौजूद और भरोसेमंद फोन नंबर पर सीधे संपर्क करें।

 

2. सिर्फ नाम और फोटो देखकर भरोसा न करें

ठग नाम, प्रोफाइल फोटो, लोगो और ई-मेल आईडी में हेरफेर करके किसी अधिकारी या परिचित की पहचान की नकल कर सकते हैं।

 

3. OTP, PIN और पासवर्ड शेयर न करें

किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, PIN या गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

 

4. दबाव बनाने वाले संदेशों से सावधान रहें

अगर कोई संदेश डर, घबराहट या जल्दबाजी पैदा करके तुरंत लेन-देन करने के लिए कह रहा है तो सावधान हो जाएं।

 

5. बैंक खाते की जानकारी बदलने से पहले करें पुष्टि

अगर किसी व्यक्ति या कंपनी की ओर से लाभार्थी के बैंक खाते की जानकारी बदलने का अनुरोध मिले तो भुगतान करने से पहले किसी स्वतंत्र और भरोसेमंद माध्यम से इसकी पुष्टि जरूर करें।

 

याद रखें- रुकें, सत्यापित करें और फिर भुगतान करें

 

वित्तीय लेन-देन से जुड़े निर्देशों को सत्यापित करने में वरिष्ठ अधिकारी भी सहयोग करेंगे। कुछ मिनट की पुष्टि आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

indus waters treaty : सिंधु जल संधि पर फिर बढ़ा विवाद, भारत के सामने फिर गिड़गिड़ाया Pakistan

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सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। बातचीत को लेकर भारत के सामने पाकिस्तान फिर गिड़गिड़ाया है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता निकाय के फैसले को भारत द्वारा खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान ने बुधवार को नई दिल्ली से 1960 की जल बंटवारा संधि के तहत 'रचनात्मक तरीके से' बातचीत करने का आग्रह किया।

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क्या कहा प्रवक्ता ने

मीडिया खबरों के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंदाराबी ने कहा कि हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (Permanent Court of Arbitration) ने इस बात की पुष्टि की है कि सिंधु जल संधि पूरी तरह लागू और बाध्यकारी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान फैसले को लागू कराने के लिए 'हरसंभव कदम' उठाएगा। अंदाराबी ने कहा कि पाकिस्तान संधि को उसकी भाषा और प्रावधानों के अनुसार पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत से भी इसी भावना के साथ संधि का पालन करने की अपील की।

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पाकिस्तान ने मार्च 2026 में खटखटाया था मध्यस्थता न्यायालय का दरवाजा

 

भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फैसले के बाद पाकिस्तान ने मार्च 2026 में हेग स्थित Permanent Court of Arbitration का रुख किया था। पाकिस्तान ने न्यायालय से संधि की स्थिति को लेकर निर्णय देने की मांग की थी। 

 

फैसले को सिरे से किया खारिज

हालांकि भारत ने सोमवार को मध्यस्थता न्यायालय के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि भारत इस तथाकथित फैसले को स्वीकार नहीं करता और पहले भी इस संस्था के सभी पूर्व निर्णयों को खारिज कर चुका है।  विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का फैसला अभी भी प्रभावी है।

 

 

भारत के मुताबिक मध्यस्थता न्यायालय का गठन ही सिंधु जल संधि की शर्तों का उल्लंघन करते हुए किया गया था। नई दिल्ली का कहना है कि इस निकाय को भारत के संप्रभु फैसले पर अधिकार क्षेत्र हासिल नहीं है।

 

अधिकतम जल भंडारण क्षमता पर भी आया फैसला

 

विदेश मंत्रालय के अनुसार, Court of Arbitration ने 15 मई 2026 को अधिकतम जल भंडारण क्षमता (Maximum Pondage) से जुड़ा एक फैसला जारी किया था। यह फैसला सिंधु जल संधि की सामान्य व्याख्या से जुड़े पहले के निर्णय के अतिरिक्त था। भारत ने कहा है कि वह इस मध्यस्थता निकाय को ही अवैध मानता है और इसलिए उसके फैसलों को स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता।

SCO सम्मेलन में भी उठा पानी और आतंकवाद का मुद्दा

सिंधु जल विवाद का मुद्दा अप्रत्यक्ष रूप से शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में भी सामने आया। बिश्केक में आयोजित सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन देशों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत बताई जो आतंकवाद को राज्य की नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया केवल कार्रवाई और प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रह सकती। उन्होंने आतंकवादी नेटवर्क, उनकी फंडिंग, भर्ती व्यवस्था और सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

 
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पानी को क्षेत्र की 'जीवनरेखा' बताते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। शरीफ ने कहा कि साझा जल संसाधनों से संबंधित संधियां गंभीर और बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं हैं और इन्हें राजनीतिक सुविधा के आधार पर खत्म नहीं किया जा सकता।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि की थी स्थगित

भारत ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने 23 अप्रैल 2025 को यह निर्णय लिया था। भारत का कहना है कि संधि के आधारभूत हालात में मौलिक बदलाव हो चुका है। नई दिल्ली ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय तरीके से त्याग नहीं देता, तब तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी।

Ram Mandir : ‘प्रभु राम मुझे यह जिम्मेदारी निभाने का सामर्थ्य दें’, अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा ने कहा

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Jitendra Mishra Ram Mandir CEO

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने नई जिम्मेदारी मिलने पर चयन समिति, श्री राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान राम के प्रति आभार जताया।

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पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला सीईओ बनाए जाने पर उनके पैतृक गांव भोपतपुरा में खुशी का माहौल है।  ग्रामीणों ने उनकी नियुक्ति पर जश्न मनाया और इसे गांव के लिए गर्व का पल बताया। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि जैसा कि मैंने कहा, मैं चयन समिति, श्री राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान राम का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे इस जिम्मेदारी के लिए चुना। 

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मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मुझे इतनी क्षमता प्रदान करें कि मैं इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभा सकूं।  उन्होंने कहा कि वह इस महत्वपूर्ण दायित्व को पूरी निष्ठा और क्षमता के साथ निभाने के लिए भगवान राम से आशीर्वाद की कामना करते हैं।

यूपी में अगले 6 महीने में 1 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी, सीएम योगी का बड़ा ऐलान, सैफई सिंडिकेट पर तंज

यूपी में अगले 6 महीने में 1 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी, सीएम योगी का बड़ा ऐलान, सैफई सिंडिकेट पर तंज

Yogi adityanath

CM Yogi Adityanath news: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा और राहत भरा ऐलान किया है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने और उन्हें रोजगार देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की है कि आगामी छह महीनों के भीतर राज्य के 1,000,00 (एक लाख) युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने पिछली सरकारों के 'सैफई-रामपुर सिंडिकेट' पर तीखा हमला बोलते हुए आउटसोर्सिंग व्यवस्था में हो रहे शोषण पर भी करारा प्रहार किया।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले जब भी कोई भर्ती निकलती थी, तो युवाओं को पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसी कई बड़ी चुनौतियों से जूझना पड़ता था। हमारी सरकार ने यूपी के सभी भर्ती आयोगों और बोर्डों में व्यापक सुधार किए हैं। सख्त कानून बनाए गए हैं ताकि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजा जा सके और उनकी संपत्ति जब्त की जा सके। सीएम ने बताया कि अब तक केवल यूपी पुलिस में 2.25 लाख से अधिक भर्तियां की जा चुकी हैं, जिसमें महिला कार्मिकों की संख्या 10 हजार से बढ़ाकर 44 हजार से अधिक कर दी गई है और नई भर्तियों में 11-12 हजार और महिलाओं को अवसर मिलेगा।

'सैफई-रामपुर सिंडिकेट' और आउटसोर्सिंग शोषण पर प्रहार

सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले 'सैफई-रामपुर सिंडिकेट' पूरी व्यवस्था का खून चूसता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ मानती थीं और उस समय की एजेंसियां सत्ताधारी नेताओं के रिश्तेदारों की होती थीं, जो युवाओं का शोषण करती थीं। हमारी सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को मानव संसाधन माना है और नए आउटसोर्स निगम के गठन से इस शोषण वाले तीसरे सिंडिकेट को भी ध्वस्त कर दिया गया है।

यूपी की अर्थव्यवस्था में हर वर्ग की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के दौर में भले ही काम की प्रकृति बदले, लेकिन मानव श्रम की गरिमा कभी खत्म नहीं होगी।

  • किसान और एमएसएमई : यूपी में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स में 3.15 करोड़ लोग कार्यरत हैं। 1000 दिनों में एनओसी की सुविधा से प्रदेश में उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं।
  • निवेश और स्टार्टअप : राज्य में 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। 2017 में जहां केवल 120 स्टार्टअप थे, आज उनकी संख्या 24,000 के पार पहुंच चुकी है।
  • महिला सशक्तिकरण : मिल्क प्रोड्यूसर समूहों से 4 लाख बहनें और स्वयं सहायता समूहों से करीब 1 करोड़ महिलाएं जुड़कर राज्य की प्रगति को रफ्तार दे रही हैं।

सरकार के लिए अन्नदाता सर्वोपरि, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- किसान कल्याण पर हमारा विशेष ध्यान

सरकार के लिए अन्नदाता सर्वोपरि, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- किसान कल्याण पर हमारा विशेष ध्यान

भोपाल। 'भगवान श्री बलराम ने कृषि को प्रकृति के साथ जोड़कर स्वावलंबन का नया अध्याय शुरू किया था। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम मना गया है। खेती से प्रकृति समृद्ध होती है और मनुष्य को अनाज मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण का संकल्प लिया है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर सम्मान रखते हैं। अन्नदाता अपने अथक परिश्रम से देश को समृद्ध बनाता है। राज्य सरकार खेतों से लेकर खातों तक किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से लाभ दिया जा रहा है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, कृषक कवच योजना, नवीन पंजीकृत 200 पैक्स समितियों के कार्यालयों और ग्वालियर में अपेक्स बैंक संभागीय शाखा का शुभारंभ किया।

 

ढाई साल में हजारों गुना बढ़ गया बिजली उत्पादन-कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसान कवच योजना के माध्यम से हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली मिल रही है। अब दिन में भी बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में अब देश का अग्रणी राज्य बना है। आजादी के बाद 55 साल में मध्यप्रदेश सिर्फ 5 हजार मेगावॉट बिटली उत्पादन करता था। हमारी पूर्व सरकारों के कार्यकाल के बाद राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता 25 हजार मेगावॉट थी। हमारी सरकार के ढाई साल में ही बिजली उत्पादन क्षमता 6 हजार मेगावॉट बढ़कर अब 31 हजार मेगावॉट हो चुकी है।

प्रदेश में सिंचाई का रकबा अभी 60 लाख हेक्टेयर से अधिक है, जिसे अगले ढाई वर्ष में 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने की सुविधा दी है। अब उन्हें 6-6 माह में खाता पटलने की जरूरत नहीं है। नई व्यवस्था के मुताबिक, अब किसान वर्ष में किसी भी समय कर्ज की राशि भर सकते हैं। किसान अनाज के साथ उद्यानिकी फसलों से लाभ कमाएं। इसके लिए एक बगिया मां के नाम योजना की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। दूध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए नई गौपालन योजना की शुरुआत की है। इस योजना में पशुपालकों को 40 लाख के लोन पर 10 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मन की नीयत अच्छी हो तो परामात्मा की कृपा बनी रहती है। किसानों को मत्स्य पालन, कुकुट पालन और बकरी पालन जैसी योजनाओं से भी जोड़ा गया है। 

 

जन-कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही राज्य सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवा कल्याण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे गए हैं। हमारे बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर बनें। लेकिन खेती से रिश्ता बनाए रखें। कृषि हमारी समृद्ध संस्कृति की गौरवशाली विरासत है। शासकीय स्कूलों के बच्चों को किताबें, ड्रेस, साइकिलें बांटी जा रही हैं। प्रदेशभर में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। युवाओं को उद्योग और रोजगार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम समृद्ध मध्यप्रदेश में रोजगार देने वाले युवा तैयार करने पर काम कर रहे हैं। मध्य प्रदेश पर इंद्र देव की विशेष कृपा बनी हुई है।

मध्यप्रदेश की धरती पर सबसे पहले केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की शुरुआत की गई है। मध्यप्रदेश बदल रहा है, किसान अपनी जमीन नहीं बेचें। मध्यप्रदेश खेती में अब पंजाब से आगे निकलने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चहुंओर एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रीन फील्ड रोड बनाए जा रहे हैं। प्रदेश में एविएशन और रेल कनेक्टिविटी भी बढ़ाई जा रही है। गरीब-जरूरतमंदों को नि:शुल्क एयर एंबुलेंस की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। हमारी सरकार के लिए व्यक्ति की जान बचाना जरूरी है। राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। हमने प्रदेश के सहकारिता विभाग से जुड़े 16 बैंकों को डिफॉल्टर होने से बचाया है। उन्हें पर्याप्त राशि दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का इसी माह जन्मदिन आने वाला है। उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने वाले हैं। उनका चरित्र बेदाग है। प्रधानमंत्री मोदी ने अनेकों चुनौतियों के बीच आशा का दीपक हम सबके लिए जलाए रखा है। भारत दुनिया में अपनी अलग साख बना रहा है। भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ रही है। यह अमेरिका और जापान जैसे देशों के कही अधिक है।  प्रदेश में 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपए की लागत से रेलवे के अनेक विकास कार्य जारी हैं। हमारी सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पास कराया है। उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए कार्य किए जाएंगे।

सरयू का जलस्तर घटा, लेकिन तटवर्ती इलाकों में दुश्वारियां बरकरार

सरयू का जलस्तर घटा, लेकिन तटवर्ती इलाकों में दुश्वारियां बरकरार

​Saryu river water level drops: अयोध्या समेत आसपास के जिलों में सरयू और राप्ती नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ का खतरा टल गया है, लेकिन कछार के इलाकों में कीचड़, बीमारी और पशुचारे का संकट गहराया हुआ है।

 

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, अयोध्या में सरयू का जलस्तर घटकर 92.44 से 92.47 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले जलस्तर 92.540 मीटर तक पहुंच गया था। सरयू का यह स्तर ​खतरे के निशान से नीचे है, जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर है। जलस्तर इसके नीचे आने से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। दूसरी ओर, मेंहदावल क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर बीते 24 घंटों में 13 सेंटीमीटर नीचे आया है। ALSO READ: अयोध्या में सरयू खतरे के निशान के ऊपर, प्रभावितों को सरकार से मिली मदद

​प्रभावित क्षेत्रों का हाल व जनजीवन पर असर

  • ​गांवों से उतरा पानी : अयोध्या के रुदौली, संत कबीर नगर के धनघटा, अंबेडकरनगर, गोंडा और बस्ती के माझा क्षेत्रों से पानी उतरने लगा है।
  • फसलें और भूसा बर्बाद : धनघटा तहसील क्षेत्र के 18 गांवों में पानी घटने के बाद जमीनी समस्याएं सामने आ रही हैं। नमी की वजह से घरों में रखा गेहूं और पशुओं का भूसा नष्ट हो गया है। कई लोगों के छप्पर गिर गए हैं।
  • मच्छरों का प्रकोप : निचले इलाकों में कीचड़ और जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों- राम दरस, सजन लाल, राम भवन, दीनदयाल, बांकेलाल आदि का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए एंटी-लार्वा छिड़काव का खास असर नहीं दिख रहा है।

​प्रशासनिक तैयारी और राहत कार्य

जलभराव उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच के साथ ही दवाओं का छिड़काव भी कर रही हैं।

  • ​राहत किट व पशु चारा : प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से राहत किट और मवेशियों के लिए सूखा भूसा वितरित किया जा रहा है।
  • घाटों पर सतर्कता : अयोध्या में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है। जल पुलिस और SDRF की टीमें लगातार मुस्तैद हैं।
  • ​तटबंधों की निगरानी : राप्ती नदी के तटबंधों पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनीष राय और विभागीय अधिकारी जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं तथा बाढ़ निरोधक कार्य करा रहे हैं।