भारत में प्रदर्शनों पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बड़ा बयान, UN एक्सपर्ट्स पर भी कसा तंज

भारत में प्रदर्शनों पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बड़ा बयान, UN एक्सपर्ट्स पर भी कसा तंज

Marco Rubio India Visit

Marco Rubio India Visit: भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात और द्विपक्षीय बातचीत के बाद रूबियो ने स्पष्ट किया कि भारत में जारी प्रदर्शन उसका आंतरिक राजनीतिक मामला है, जिसमें अमेरिका किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगा। इसके साथ ही उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक्सपर्ट्स पर भी तीखा तंज कसा।

भारत एक जीवंत लोकतंत्र

द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से जब हालिया विरोध प्रदर्शनों (जैसे नीट-यूजी पेपर लीक और ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग) को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में अमेरिका का पक्ष रखा। रूबियो ने कहा कि यह भारत का घरेलू मामला है। मैं उनकी राजनीति में शामिल नहीं होने वाला। भारत में लोकतंत्र है, यहां चुनाव होते हैं और यह तय करना भारत की जनता का काम है। हम ऐसे आंतरिक राजनीतिक मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। ALSO READ: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन का बड़ा दावा: CJP को मिल रही अमेरिका से फंडिंग, पीएम मोदी के खिलाफ साजिश का आरोप

 

उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विचार-विमर्श स्वाभाविक प्रक्रियाएं हैं। रूबियो के मुताबिक, अमेरिका में भी हर दिन विरोध प्रदर्शन होते हैं।

विरोध प्रदर्शन और दंगों में होता है अंतर

मार्को रूबियो ने शांतिपूर्ण विरोध और हिंसा के बीच के फर्क को भी रेखांकित किया। उन्होंने यूरोप का हवाला देते हुए कहा कि मैं दंगों की बात नहीं कर रहा, जैसे आप यूरोप में देखते हैं जहां इमारतों में तोड़फोड़ की जाती है या उन्हें जला दिया जाता है। कई मायनों में लोगों का सड़कों पर निकलकर अपनी बात रखना इस बात का संकेत है कि यह एक ऐसा देश है जहां जीवंत राजनीतिक चर्चा और मतभेद मौजूद हैं।

 

निरंकुश शासन व्यवस्थाओं से तुलना करते हुए रूबियो ने क्यूबा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि क्यूबा जैसी जगहों पर विपक्ष का कोई अस्तित्व नहीं है, वहां विरोध करने वालों को जेल, दमन या निर्वासन का सामना करना पड़ता है। ALSO READ: अमेरिका में हिंदू मंदिर में नरसंहार की बड़ी साजिश नाकाम, विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, जानिए क्या है पूरा मामला

UN एक्सपर्ट्स पर तीखा तंज

भारत में विरोध प्रदर्शनों को लेकर यूएन एक्सपर्ट्स की आलोचना से जुड़े सवाल पर मार्को रूबियो ने हंसते हुए चुटकी ली। उन्होंने कहा कि यूएन एक्सपर्ट्स मेरे फेवरेट हैं। यूएन एक्सपर्ट्स शब्द खुद में ही एक विरोधाभास है।

 

मार्को रूबियो की इस यात्रा को रणनीतिक और द्विपक्षीय लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी बैठक में दोनों देशों के साझा हितों और वैश्विक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई, वहीं आंतरिक मुद्दों पर उनके बयान ने भारत-अमेरिका रिश्तों में परिपक्वता को स्पष्ट किया है।

 

उल्लेखनीय है कि भारत यात्रा पर रवाना होने से पहले करीब आधा दर्जन अमेरिकी सांसदों ने भी रुबियो से आग्रह किया था कि वे भारत यात्रा के दौरान वहां हो रहे प्रदर्शनों का मुद्दा उठाएं। 

SBI Data Breach: एसबीआई के हजारों ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक, नुकसान को लेकर क्या बोला बैंक

SBI Data Breach: एसबीआई के हजारों ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक, नुकसान को लेकर क्या बोला बैंक

SBI Data Breach

SBI Data Breach: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) पर हुए साइबर अटैक में हजारों लोगों से जुड़ा बैंकिंग और कस्टमर डेटा लीक हो गया। प्रारंभिक जांच में लगभग 3.75 लाख रिकॉर्ड में से 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी सामने आने की बात कही गई है। इसमें मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल, पते और अन्य वित्तीय विवरण शामिल हो सकते हैं। बैंक जांच कर रहा है कि यह डेटा थेफ्ट कितने बड़े पैमाने पर हुआ है।

 

16 अक्टूबर को डेटा लिक के बारे में पता चला?

इस दावे के बारे में साइबर सुरक्षा की निगरानी करने वाले अकाउंट साइबर पल्स 56 ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। इस पोस्ट में कहा गया है कि हैकर ग्रुप के पास देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक से जुड़ी 3.75 लाख डाटा एंट्री और 2,722 पीडीएफ दस्तावेज मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि लीक हुए इस डाटा में ग्राहकों की निजी जानकारी, पते, लोन आवेदन, जरूरी दस्तावेज और आवेदन से जुड़े अन्य रिकार्ड शामिल हैं। साइबरपल्स56 ने सबसे पहले 16 अक्टूबर को इस दावे के बारे में बताया था।

 

इस पोस्ट में कहा गया कि थ्रेट एक्टर इसे डेटासेट का पहला खुलासा बता रहा है। कथित लीक की प्रामाणिकता, मूल स्रोत और दायरे की अभी पुष्टि होना बाकी है। यदि यह डेटा असली है, तो इसके कारण पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी, टारगेटेड फिशिंग और फर्जी लोन आवेदन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

 

SBI को इस दावे की जांच करनी चाहिए, यह सत्यापित करना चाहिए कि क्या ग्राहकों के रिकॉर्ड लीक हुए हैं, और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से संभावित रूप से प्रभावित ग्राहकों को इसकी सूचना देनी चाहिए।

भारतीय स्टेट बैंक ने बताया कि उसे 16 अक्टूबर को डिफेंस साइबर एजेंसी (DCyA) और इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) की ओर से ग्राहकों के डेटा के संभावित रूप से डार्क वेब पर सामने आने की सूचना मिली थी। इसके बाद डार्क वेब पर ग्राहकों के रिकॉर्ड की जांच की गई। इसमें 3,897 ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मिली।

 

बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय प्रदर्शन पर बड़ा असर नहीं

हालांकि SBI का कहना है कि साइबर अटैक की इस घटना से उसकी मुख्य बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय प्रदर्शन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। ️डेटा कहां से लीक हुआ, कितना डेटा प्रभावित है और ग्राहकों को कितना जोखिम है, इसकी विस्तृत जांच जारी। बैंक ने साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय किए, स्वतंत्र CERT-In-empanelled एजेंसी से जांच कराई जा रही है।
 

क्या सावधानी रखें ग्राहक?

ग्राहकों को SBI के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल, मैसेज और ईमेल से सतर्क रहना चाहिए। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा करें।

इंदौर में कन्या भोज में बुलाकर 7 बच्चियों से मारपीट, कपड़े उतरवाए, 4 घंटे कमरे में बंद किया, रिटायर्ड टीचर पर आरोप

इंदौर में कन्या भोज में बुलाकर 7 बच्चियों से मारपीट, कपड़े उतरवाए, 4 घंटे कमरे में बंद किया, रिटायर्ड टीचर पर आरोप

मध्य प्रदेश के इंदौर में नवरात्रि के दौरान कन्या भोज के लिए बुलाई गईं 7 मासूम बच्चियों के साथ मारपीट और बंधक बनाने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यह घटना इंदौर के बीआरटीएस एमआर-9 चौराहे के पास स्थित शहनाई रेसिडेंसी (फ्लैट नंबर 303) की है।

घटना की मुख्य आरोपी अनिता मोहता नामक एक रिटायर्ड सरकारी शिक्षिका हैं, जो नया बसेरा इलाके के सरकारी स्कूल में करीब 10 साल पढ़ा चुकी हैं। शिक्षिका ने बच्चियों को गिफ्ट और पैसे देने का लालच देकर कन्या भोज के लिए अपने घर बुलाया था। खाना खाने के बाद जब बच्चियां जाने लगीं, तो महिला ने उन पर घर से पैसे चोरी करने का आरोप लगा दिया। बच्चियों द्वारा चोरी से इनकार करने पर महिला ने उन्हें लगभग 4 घंटे तक एक कमरे में बंद रखा और उनके साथ जमकर मारपीट की।

कपड़े उतरवाने का गंभीर आरोप: परिजनों और बच्चियों का आरोप है कि तलाशी के नाम पर महिला ने बच्चियों के कपड़े उतरवाए और उन्हें थप्पड़ मारे। चिल्लाने पर उन्हें जान से मारने और घर न जाने देने की धमकी भी दी गई। काफी देर तक जब बच्चियां घर नहीं लौटीं, तो उनके परिजन खोजते हुए महिला के फ्लैट पर पहुंचे और उन्हें कमरे में बंद पाया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने बच्चियों को साथ लेकर इंदौर के एमआईजी (MIG) थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया।

शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज : एमआईजी थाना पुलिस ने बच्चियों के बयान दर्ज कर लिए हैं और आरोपी रिटायर्ड शिक्षिका अनिता मोहता के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है। 

वरुण चक्रवर्ती की वापसी से भारत के सामने चयन की उलझन

भारत के सामने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले टी 20 से पूर्व पहली बड़ी चुनौती यह होगी कि उसके स्पिन ऑलराउंडर एशियाई परिस्थितियों की तुलना में गेंद से कम असरदार साबित हो सकते हैं। घरेलू मैदान पर भारत अक्षर पटेल, नमन धीर और एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर पर भरोसा करता रहा है, ताकि ये तीनों मिलकर आठ ओवर डाल सकें। न्यूजीलैंड में भारत को इस रणनीति को बदलना पड़ सकता है। टीम नमन धीर को बाहर बैठाकर दो तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों को खिला सकती है। हालांकि धीर ने अपने पिछले मैच में छह गेंदों पर 24 रन बनाए थे।

वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ बारिश से धुल गए सीरीज के निर्णायक मुक़ाबले में भुवनेश्वर कुमार की वापसी हो गई थी। अनुभव को देखते हुए उन्हें प्लेइंग-XI में एक बार फिर जगह मिल सकती है। लेकिन बड़ा सवाल है कि फ़िट हो चुके वरुण चक्रवर्ती को कैसे अंतिम एकादश में लाया जाए। क्या भारत एक मिस्ट्री स्पिनर को खिलाएगा या तीसरे तेज गेंदबाज को? क्राइस्टचर्च में खेले गए पिछले टी20 अंतर्राष्ट्रीय में दक्षिण अफ़्रीका ने तीन स्पिनरों को खेलाया था, लेकिन वह सीजन का आख़िरी दौर था। गर्मियों की शुरुआत में परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के मुफीद रहती हैं।

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उधर मेजबान टीम की बात करें तो मार्क चैपमैन की ग़ैरमौजूदगी उन्हें जरूर खलेगी। हालांकि गेंदबाजी में न्यूजीलैंड के पास स्पिन के तीन विकल्प होंगे। इनमें कप्तान मिचेल सैंटनर के अलावा माइकल ब्रेसवेल और ग्लेन फ़िलिप्स शामिल हैं, जो केवल बल्लेबाज के तौर पर भी प्लेइंग-XI में जगह बना सकते हैं। तेज गेंदबाजी विभाग में टीम के पास कई विकल्प हैं। जैकब डफ़ी, मैट हेनरी, एडम मिल्न, लॉकी फ़र्ग्युसन, काइल जेमीसन और ब्लेयर टिकनर में से चयन किया जा सकता है।

रचिन रवींद्र चोट के कारण बाहर हैं। ऐसे में फ़िन ऐलन और टिम साइफ़र्ट के साथ डेवन कॉन्वे शीर्ष तीन में बल्लेबाजी कर सकते हैं। 

न्यूजीलैंड (संभावित): 1 फ़िन ऐलन, 2 टिम साइफ़र्ट (विकेटकीपर), 3 डेवन कॉन्वे, 4 ग्लेन फ़िलिप्स, 5 डैरिल मिचेल, 6 माइकल ब्रेसवेल, 7 मिचेल सैंटनर (कप्तान), 8 नेथन स्मिथ, 9 काइल जेमीसन, 10 मैट हेनरी, 11 लॉकी फ़र्ग्युसन

भारत (संभावित): 1 अभिषेक शर्मा, 2 संजू सैमसन (विकेटकीपर), 3 इशान किशन, 4 श्रेयस अय्यर (कप्तान), 5 तिलक वर्मा, 6 शिवम दुबे, 7 नीतीश कुमार रेड्डी, 8 अक्षर पटेल, 9 भुवनेश्वर कुमार, 10 प्रिंस यादव/वरुण चक्रवर्ती, 11 अर्शदीप सिंह

पिच और परिस्थितियां

गर्मियों की शुरुआत है, लेकिन सीरीज से पहले मौसम अच्छा रहा है। हालांकि, रात 8 बजे मैच शुरू होने तक तापमान में गिरावट आ सकती है और खिलाड़ियों को दिन के दौरान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने वाले सुहावने मौसम का पूरा फ़ायदा नहीं मिल पाएगा। ताजा पिचों के कारण मैदान पर भी ठंडक महसूस हो सकती है। मैच के दौरान ओस पड़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

Pic Credit : UNI

कौन हैं साड़ी पहनकर AK-47 चलाने वाली IPS अंकिता शर्मा, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने उठाए गंभीर सवाल

कौन हैं साड़ी पहनकर AK-47 चलाने वाली IPS अंकिता शर्मा, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने उठाए गंभीर सवाल

IPS ankita sharma

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में IPS अंकिता शर्मा का साड़ी पहनकर AK-47 से फायरिंग करने का वीडियो वायरल हो गया है। इसे सोशल मीडिया में काफी देखा जा रहा है, इतना ही नहीं, इस वीडियो को लेकर बहस भी शुरू हो गई है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव की पुलिस अधीक्षक IPS अंकिता शर्मा का विजयादशमी के मौके पर AK-47 से फायरिंग करने का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को लेकर पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल KJS ढिल्लों ने हथियारों की सुरक्षा, फायरिंग के तरीके और अनुशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बता दें कि पारंपरिक साड़ी पहने अंकिता शर्मा शस्त्र पूजन के बाद राइफल से एक के बाद एक गोलियां चलाती नजर आ रही हैं। अब भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने हथियारों को संभालने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि हथियारों के इस्तेमाल में सुरक्षा के बुनियादी नियमों की अनदेखी खतरनाक साबित हो सकती है।

ढिल्लों ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि वीडियो में हथियार को बेहद असुरक्षित तरीके से संभालते हुए देखा जा सकता है। उनके मुताबिक, लोडेड हथियार को अलग-अलग दिशाओं में घुमाना, आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को जोखिम में डालना और बुनियादी वेपन हैंडलिंग ड्रिल का पालन नहीं करना गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की जरूरत भी बताई है।

क्या है पूरा मामला : विजयादशमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया था। इस दौरान एसपी अंकिता शर्मा भी मौजूद थीं। सामने आए वीडियो में वह साड़ी पहने AK-47 राइफल के साथ नजर आती हैं। शस्त्र पूजन के बाद वह राइफल से हवाई फायरिंग करती दिखाई देती हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो में उन्होंने एक के बाद एक नौ राउंड फायर किए। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। शस्त्र पूजन विजयादशमी से जुड़ी एक पुरानी परंपरा है। पुलिस और सैन्य बलों में भी इस अवसर पर हथियारों की पूजा की जाती है। लेकिन पूजा और वास्तविक हथियार चलाने के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर है। हथियार चलाने के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं, अधिकृत स्थान और संबंधित नियमों का पालन जरूरी होता है। इसी अंतर को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारी ने सवाल उठाए हैं।

ढिल्‍लो ने वीडियो में बताई गलतियां : भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने अपनी एक्स पोस्ट में वीडियो को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कीं। ढिल्लों ने कहा कि वीडियो में भरी हुई राइफल को संभालने का तरीका खतरनाक दिखाई देता है। किसी भी हथियार को इस्तेमाल करते समय यह मानकर चलना जरूरी होता है कि वह लोडेड है। ऐसे में उसकी दिशा और ट्रिगर पर नियंत्रण जैसे बुनियादी सुरक्षा सिद्धांत बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल के मुताबिक, वीडियो में राइफल अलग-अलग दिशाओं में जाती दिखाई देती है। उन्होंने इसे हथियार सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन बताया। किसी भी फायरिंग के दौरान हथियार की दिशा ऐसी होनी चाहिए कि अनचाहे शॉट की स्थिति में भी किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचने का जोखिम न्यूनतम रहे।

ड्रेस कोड पर आपत्ति : पूर्व सैन्य अधिकारी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकारी सेवा के हथियार का इस्तेमाल अधिकृत उद्देश्य और निर्धारित ड्रेस में किया गया था। उन्होंने लिखा कि सेवा में इस्तेमाल होने वाले हथियार को गैर-अधिकृत गतिविधि के लिए और गैर-अधिकृत पोशाक में चलाया गया।

ऋचा चड्ढा ने ‘मुसाफिरी’ में बताया मुंबई के आर्थिक राजधानी बनने का सफर

बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने ‘मुसाफिरी’ के नए एपिसोड में मुंबई के इतिहास और देश की आर्थिक राजधानी बनने के सफर को पेश किया है। इस एपिसोड में दक्षिण मुंबई की ऐतिहासिक गलियों से लेकर एशिया के पहले स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना तक की कहानी दिखाई गई है। इसमें बॉम्बे के दूसरे ब्रिटिश गवर्नर जेराल्ड ऑंगियर की भूमिका और शहर में व्यापार को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है।

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एपिसोड में कपास और अफीम के व्यापार से मुंबई की आर्थिक तरक्की तथा डेविड ससून, जमशेदजी जीजीभॉय और प्रेमचंद रायचंद जैसी हस्तियों के योगदान को भी रेखांकित किया गया है। इन व्यापारियों ने स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक संस्थानों के निर्माण में योगदान देकर शहर के सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास में अहम भूमिका निभाई।

ऋचा चड्ढा ने कहा कि मुंबई की पहचान केवल व्यापार और अवसरों से नहीं, बल्कि उसके इतिहास और शहर के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों से भी जुड़ी है। उन्होंने संपत्ति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कोई शहर सिर्फ पैसों से नहीं, बल्कि वहां रहने और उसके विकास में योगदान देने वाले लोगों से बनता है।

‘मुसाफिरी’ का यह एपिसोड मुंबई के आर्थिक विकास की यात्रा के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के महत्व को भी सामने लाता है।

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‘जो शिंदे के रास्ते में आएगा, वह बर्बाद हो जाएगा’: मंत्री गुलाबराव पाटिल के बड़े दावे पर भड़के संजय राउत, सरकार पर उठाए सवाल

'जो शिंदे के रास्ते में आएगा, वह बर्बाद हो जाएगा': मंत्री गुलाबराव पाटिल के बड़े दावे पर भड़के संजय राउत, सरकार पर उठाए सवाल

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महाराष्‍ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री गुलाबराव पाटिल ने शिवसेना की दशहरा रैली में एकनाथ शिंदे के दोबारा मुख्यमंत्री बनने का भरोसा जताया। उन्होंने शिंदे की योजनाओं और फैसलों को सरकार की सफलता का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि जो शिंदे के रास्ते में आएगा बर्बाद हो जाएगा। शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने इस पर पलटवार किया।

 

जलगांव में दशहरा रैली के मंच से बोलते हुए पाटिल ने कहा कि मैंने माता जगदंबा के चरण छुए हैं और प्रार्थना की है कि आने वाले दिनों में एकनाथ शिंदे फिर से इस राज्य के मुख्यमंत्री बनें और हमारे किसानों के जीवन में खुशहाली लाएं। शिंदे के नेतृत्व, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजनीतिक रणनीति की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को पूरा भरोसा है कि वे फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।

 

पाटिल ने कहा कि जो कोई भी एकनाथ शिंदे से टकराएगा, वह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में हमारे पास विधायकों की संख्या कम थी, लेकिन अब हमारे पास 60 विधायक हैं, और एमएलसीएस को मिलाकर यह संख्या 73 तक पहुंच गई है। अगर हम सहयोगी दलों के विधायकों को भी जोड़ लें, तो हमारी संख्या लगभग 85 से 86 हो जाती है।’

 

क्या बोले संजय राउत?

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, मंत्री गुलाबराव पाटिल ने धमकी दी है कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अगर कोई एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में आता है तो उसे खत्म कर दिया जाएगा। यह व्यक्ति देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल का सदस्य है।

 

उन्होंने कहा कि फडणवीस के मंत्रिमंडल में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोग बैठे हैं। वे किसे खत्म करेंगे? देवेंद्र फडणवीस को? मुख्यमंत्री को? यह एक धमकी है। अगर गुलाबराव पाटिल ने ऐसी धमकी दी है तो देवेंद्र फडणवीस क्या कर रहे हैं? क्या आप लॉरेंस बिश्नोई गैंग से डरे हुए हैं? आप राज्य के गृह मंत्री हैं। देखिए कि आपके राज्य और आपके मंत्रिमंडल में क्या हो रहा है?

सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि, कहा- इनके बलिदान से गौरवांवित हो रहा प्रदेश

सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि, कहा- इनके बलिदान से गौरवांवित हो रहा प्रदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान पहुंचे। वे यहां के शहीद स्मारक प्रांगण में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस परेड समारोह-2026 में शामिल हुए। उन्होंने यहां परेड की सलामी ली और सम्मान सूची प्राप्त की। इसके साथ ही, उन्होंने शहीद वेदी पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिस के 9 अधिकारियों-कर्मचारियों को नमन किया। कार्यक्रम में जिला पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल की महिला-पुरुष प्लाटून, होमगार्ड प्लाटून, पाल-बेयरर पार्टी, कलर पार्टी, पुलिस बैंड, अश्वारोही दल और श्वान दल की टुकड़ियों ने भाग लिया। पुलिस बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों के बीच शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 के ऐतिहासिक बलिदान को स्मरण करते हुए आज पूरा देश पुलिस स्मृति दिवस मनाता है। पुलिस और सशस्त्र बलों का हमारे इतिहास में विशेष महत्व रहा है। हमारी सनातन संस्कृति में शस्त्र धारण करने का अर्थ केवल शक्ति का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि समाज की रक्षा करने और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लेना है। आज के इस अवसर पर हम उन वीर जवानों को नमन करते हैं, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति तक दे दी। ऐसे अमर शहीदों के बलिदान से ही हमारा समाज और हमारा देश और प्रदेश सदैव गौरवान्वित होता रहा है। मैं सभी अमर शहीदों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

 

पुलिस ने उखाड़ फेंका नक्सलवाद-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हमारे लिए और भी अधिक गौरव का क्षण है कि हमारा प्रदेश लगभग 35 वर्षों से नक्सलवाद के जिस दंश को झेल रहा था, उससे अब बाहर निकलने में सफल हुआ है। यह एक कठिन दौर था, जिसमें अनेक चुनौतियां थीं। लेकिन, हमारे जांबाज और बहादुर जवानों ने अपने अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण से प्रदेश को गौरवान्वित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में हमारे प्रदेश ने नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौती का न केवल सफलतापूर्वक सामना किया, बल्कि उस पर विजय प्राप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस दृष्टि से पुलिस स्मृति दिवस का यह अवसर और भी अधिक सार्थक हो जाता है। 

 

देश के लिए अहम है पुलिस की भूमिका-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र की सुरक्षा, शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में हमारे पुलिस बल और सशस्त्र बलों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। लाल चौक से लेकर लाल किले की प्राचीर तक लहराता तिरंगा आज पूरे देश और दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, सामर्थ्य और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। यह ध्वज हमारे वीर जवानों, उनके अदम्य साहस और अमर बलिदान की गाथा को भी अभिव्यक्त करता है। आज जब पूरी दुनिया उथल-पुथल और अनेक चुनौतियों के दौर से गुजर रही है, तब भी भारत का लोकतंत्र सुरक्षित और सशक्त है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों और पुलिस बल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के लिए उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

 

जवानों ने बढ़ाई पुलिस की साख-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं सभी अमर शहीदों को नमन करता हूं और देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे सभी पुलिसकर्मियों एवं सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। अत्यंत महत्वपूर्ण की ऐसी घोषणाएं हमने की है, जो कि हमारे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इस राशि का 50% शहीद की पत्नी और शेष 50 प्रतिशत राशि उनके माता-पिता को देने का निर्णय लिया गया। पुलिस के जवानों ने अपनी दक्षता के बल पर मध्यप्रदेश की साख बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारे सामने साइबर अपराध और ड्रग तस्करी पर अंकुश लगाने की चुनौती है, हमारे पुलिसकर्मी हमेशा की तरह इन चुनौतियों से भी निपटेगी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के प्रमोशन और नई भर्तियों के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। मैं आज विभाग के सभी अमर शहीदों को नमन करता हूं और श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

 

गौरवशाली है एमपी पुलिस का इतिहास-पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि आज हम कर्तव्य निर्वाहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान करने वाले वीर पुलिसकर्मियों का स्मरण कर रहे हैं। हमारे सैनिकों ने देश और प्रदेश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए बलिदान दिया है। मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली इतिहास रहा है। कश्मीर से तमिलनाडु और गोवा से नागालैंड तक मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने सेवाएं दी हैं। इस वर्ष मध्यप्रदेश पुलिस के 9 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया है। हमारी संवेदनाएं सभी शहीदों के परिवार जनों के साथ हैं। ये परिवार हमारे पुलिस परिवार का हिस्सा हैं और इनका ध्यान रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि यह एक जिम्मेदारी, समर्पण और त्याग का संकल्प है।

ट्रंप का बड़ा एलान, पहले से अलग होगी भारत से ट्रेड डील

ट्रंप का बड़ा एलान, पहले से अलग होगी भारत से ट्रेड डील

donald trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका लंबे समय से जारी बातचीत के बाद व्यापार समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि प्रस्तावित समझौता सामान्य समझौतों से अलग हो सकता है। 

 

ओवल ऑफिस में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता करने के काफी करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत समझौता करना चाहता हैं। हम समझौता करेंगे। हां, हम इसके काफी करीब हैं। यह समझौता अब तक किए गए हमारे समझौतों से काफी अलग होगा।

 

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत यात्रा पर है। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।

 

रुबियो ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि दोनों पक्ष एग्रीमेंट को फाइनल करने के करीब हैं, बस कुछ ही मुद्दों पर बात होनी बाकी है। उन्होंने कहा कि मैं कहूंगा कि हम बिना किसी एग्रीमेंट के जितना करीब हो सकते हैं, उतने करीब हैं। मुझे लगता है कि कुछ ही चीजें बाकी हैं जिन्हें पूरा करना है।

 

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि दोनों देशों ने इससे जुड़े अहम मसलों को हल कर लिया है और जल्द ही इस समझौते को जमीन पर उतारने वाले हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी बातचीत को लेकर उम्मीद जताई है, और कहा है कि दोनों पक्ष इस पर अंतिम फैसला लेकर इसे लागू करेंगे।

100 मिनट में 100% सब्सक्राइब, देश के सबसे बड़े जियो IPO की धमाकेदार ओपनिंग

100 मिनट में 100% सब्सक्राइब, देश के सबसे बड़े जियो IPO की धमाकेदार ओपनिंग

JIO IPO

  • जियो IPO पर निवेशकों की जबरदस्त डिमांड, QIB कैटेगरी 3.68 गुना सब्सक्राइब
  • पहले ही दिन 10 लाख से ज्यादा आवेदन, एंकर निवेशकों से भी मिली थी 30 गुना से ज्यादा डिमांड
  • रिलायंस शेयरहोल्डर्स के लिए 2,500 करोड़ रुपए का रिजर्वेशन, शेयर मिलने का अतिरिक्त मौका

देश के सबसे बड़े 30,213 करोड़ रुपए के जियो IPO को निवेशकों ने हाथोंहाथ लिया। बुधवार सुबह खुले जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को सिर्फ 100 मिनट में ही 100 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिल गया। ताजा आंकड़ों के मुताबिक IPO 1.14 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) का हिस्सा 3.68 गुना भर गया है, जबकि कुल 10 लाख से ज्यादा आवेदन मिले हैं। IPO निवेश के लिए 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। ALSO READ: Jio IPO ने रचा इतिहास! 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव, एंकर निवेशकों की डिमांड 30 गुना पार

 

जियो के IPO को लेकर निवेशकों के उत्साह की झलक पहले ही मिल गई थी। एंकर निवेशकों के लिए रखे गए करीब 8,110 करोड़ के शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक की बोलियां आई थीं। यानी 30 गुना से ज्यादा डिमांड। सबसे बड़ा एलोकेशन LIC को मिला, जो करीब 500 करोड़ रुपए का था।

 

जियो ने IPO के आकार में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले देश का सबसे बड़ा IPO हुंडई मोटर इंडिया का था, जिसका आकार 27,870 करोड़ रुपए था। जियो के IPO का प्राइस बैंड 1,065 रुपए से 1,119 रुपए प्रति शेयर रखा गया है।ALSO READ: JIO IPO : जानिए क्या है प्राइस बेंड, लॉट साइज और GMP, कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग?

 

खास बात यह है कि IPO पूरा सब्सक्राइब होने के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरहोल्डर्स के पास शेयर पाने का एक अतिरिक्त मौका है। उनके लिए 2,500 करोड़ रुपए तक के शेयर रिजर्व हैं। पात्र निवेशक शेयरहोल्डर और रिटेल, दोनों कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें शेयर मिलने का एक अतिरिक्त अवसर मिल सकता है।