
Tiger Shroff Firing Case : बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग मामले में नया अपडेट आया है। मीडिया खबरों के अनुसार, शूटर्स का असली टारगेट टाइगर श्रॉफ नहीं सलमान खान थे। उन्होंने सलमान के बांद्रा स्थित घर की रेकी भी की थी। ALSO READ: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: दिल्ली से गिरफ्तार 4 आरोपियों की आज मुंबई कोर्ट में पेशी, शूटर्स तक पहुंचाए थे हथियार
रविवार को जुहू में हुई गोलीबारी की घटना में, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का असली निशाना बॉलीवुड स्टार सलमान खान थे। लेकिन वहां मौजूद कड़ी सुरक्षा के कारण वे अपना हमला अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने दूसरे विकल्प की तलाश की और अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमला कर दिया, जो एक आसान टारगेट था। टाइगर इस हमले में बाल बाल बच गए।
अब तक 7 गिरफ्तार
फिल्म अभिनेता टाइगर श्राफ पर हमले के मामले में कोटा पुलिस ने ट्रेन से 3 शूटरों को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने भी 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन पर शूटर्स को हथियार पहुंचाने का आरोप है। सभी 7 आरोपियों को मुंबई लाया गया है। उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
टाइगर पर हमले के तुरंत बाद सोशल मीडिया और वायरल ऑडियो मैसेज के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित ने हमले की जिम्मेदारी ली और सीधे तौर पर बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे डाली। इसके बाद सलमान के घर की सुरक्षा और तेज कर दी गई है। ALSO READ: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद सलमान खान को धमकी, लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने कहा- पूरे परिवार को खत्म कर देंगे
कैसे शूटर्स तक पहुंचे थे हथियार?
मीडिया खबरों में पुलिस सुत्रों के हवाले के कहा गया कि हाल ही में जेल से जमानत पर छूटे कुणाल की पहचान हरसाना गांव के एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से हुई थी, जिसके बाद दोनों एन्क्रिप्टेड एप के जरिए बात करने लगे थे। अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल ने सुमित के साथ मिलकर अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस एकत्र किए थे। दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई। उसने अपनी गतिविधियों के बारे में बताकर उससे संबंध बनाए और उसे हथियार के साथ मुंबई जाने के लिए राजी किया।
15 अक्टूबर को कुणाल ने राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छोड़ा था। पिस्तूल राधा के बैग में छुपाई गई थी। यात्रा के दौरान कुणाल एक ऐप के जरिए उनके संपर्क में था और उन्हें पंडित के निर्देश पहुंचा रहा था। वे दोनों 17 अक्टूबर को मुंबई पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। अगले दिन, सुबह करीब 11 बजे, एक नाबालिग लड़के ने राधा के होटल के पास से उसका बैग ले लिया।


















