फर्जी Air Suvidha 2.0 वेबसाइटों से रहें सावधान, सरकार ने यात्रियों के लिए जारी की चेतावनी

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने शनिवार को हवाई यात्रियों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी करते हुए फर्जी Air Suvidha 2.0 वेबसाइटों और पोर्टलों से सतर्क रहने की अपील की है। मंत्रालय ने कहा है कि कुछ अनधिकृत वेबसाइटें खुद को Air Suvidha 2.0 का आधिकारिक पोर्टल बताकर यात्रियों से पैसे वसूलने की कोशिश कर रही हैं।

 

मंत्रालय के अनुसार, कई फर्जी वेबसाइटें यात्रियों को गुमराह कर Air Suvidha 2.0 की सेवाएं देने का दावा कर रही हैं और Self-Declaration Form जमा करने के दौरान उन्हें पेमेंट गेटवे पर भेजकर भुगतान कराने की कोशिश कर रही हैं।

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Air Suvidha 2.0 पूरी तरह मुफ्त

 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि Air Suvidha 2.0 की सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं। Self-Declaration Form जमा करने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। मंत्रालय ने बताया कि Air Suvidha 2.0 का एकमात्र आधिकारिक पोर्टल नागरिक उड्डयन मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यात्रियों को केवल इसी सरकारी पोर्टल का उपयोग करना चाहिए।

 

यात्रियों को क्या सलाह दी गई?

मंत्रालय ने यात्रियों से कहा है कि किसी भी वेबसाइट पर पासपोर्ट, व्यक्तिगत या यात्रा संबंधी जानकारी दर्ज करने से पहले उसका वेब एड्रेस (URL) ध्यान से जांच लें। साथ ही, यदि कोई वेबसाइट Air Suvidha 2.0 के नाम पर भुगतान मांगती है, तो उस पर किसी भी प्रकार का भुगतान न करें, जब तक यह आधिकारिक सरकारी पोर्टल न हो।

ऑनलाइन ठगी से रहें सतर्क

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि यह एडवाइजरी यात्रियों की सुरक्षा और जागरूकता को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है। मंत्रालय ने लोगों से केवल सरकारी सूचना और आधिकारिक Air Suvidha पोर्टल पर ही भरोसा करने तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहने की अपील की है।

क्या विपक्ष के नेता पद से बर्खास्त होंगे राहुल गांधी, निशिकांत दुबे ने उठाए सवाल

BJP MP nishikant dubey attacks rahul gandhi

Nishikant Dubey Attacks Rahul Gandhi : भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरों पर सवाल उठाते हुए उन्हें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से बर्खास्त करने की मांग की है। ALSO READ: बिहार छात्र आंदोलन पर AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही सस्पेंड, भाजपा सांसद संबित पात्रा घिरे

 

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी और विदेशी ताकतों के संबंधों की जांच होनी चाहिए। विपक्ष के नेता से उनका तत्काल बर्खास्तगी होना चाहिए।

 

दुबे का कहना है, 'राहुल गांधी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। 2004 से 2026 तक, उनकी किसी भी विदेश यात्रा के बारे में कोई नहीं जानता। राहुल गांधी ने अब तक जितनी भी विदेश यात्राएं की हैं, उन सभी में उन्होंने सरकार और संविधान के खिलाफ बात की है। हम कोशिश करेंगे।'

 

उन्होंने कहा कि सोचता हूं कि 2004 से 2026 तक राहुल गांधी जी की विदेश यात्रा, विदेश यात्रा में टुकड़े टुकड़े गैंग के साथ लगातार मुलाकात, चीन के साथ 2008 का गुप्त समझौता तथा संविधान विरोधी देश के अंदर और बाहर बयान के लिए विपक्ष के नेता से इस्तीफा और काँग्रेस पार्टी से निकलने का प्रस्ताव पेश करें? जिम्मेदारी तो तय होनी ही चाहिए। ALSO READ: विदेशी मीडिया ने CJP की जीत पर क्या कहा, पाकिस्तान से लेकर मिडिल-ईस्ट और अमेरिका में सुर्खियों में 'कॉकरोच'

27 जुलाई 2007 को क्या हुआ था

निशिकांत दुबे ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि 27 जुलाई 2007 को सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मनमोहन सिंह ने अमेरिका के आगे सरेंडर कर दिया। आज ही के दिन 123 न्यूक्लियर एग्रीमेंट तथा हाइड एक्ट भारत ने अमेरिका के साथ साइन किया। इस एक्ट के तहत हमने परमाणु हथियारों की सारी जिम्मेदारी अमेरिका को सौंप दी। हम परमाणु बम नहीं बना सकते, हमें यदि परमाणु बिजली केंद्र बनाना है तो उसकी जानकारी अमेरिका को पहले देनी होगी। ALSO READ: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का पार्टी वीडियो वायरल, फंडिंग पर उठे सवाल; क्या बोले तवलीन सिंह और सौरव दास?

दुबे ने दावा किया कि इस कानून को पारित कराने के लिए सोनिया गांधी जी ने खुद मोर्चा संभाला। सरकार को समर्थन दे रही कम्युनिस्ट पार्टी को बेइज्जती से बाहर किया गया। कम्युनिस्ट पार्टी के तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को पार्टी से निकाला गया। 2008 में अमेरिका समर्थित पैसे से सांसद खरीदे गए, समाजवादी पार्टी की भूमिका पर सवाल खड़े हुए, समाजवादी पार्टी के तत्कालीन सांसद अमर सिंह जी को पैसे लेन देन के आरोप में जेल भेजा गया। भाजपा के सांसद अडवाणी के नेतृत्व में कांग्रेसी बिचौलियों के दिए पैसे के साथ संसद पहुंचे। एक पत्रकार जिसने यह सब स्टिंग ऑपरेशन किया वह कांग्रेस के हाथ बिक गया। लोकतंत्र पैसे, दलाली, दबाव व भ्रष्टाचार से तार तार हो गया। 

Honda QC3 vs Honda Activa e: जानिए दोनों इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में क्या है बड़ा अंतर, कौन है ज्यादा प्रैक्टिकल?

honda e scooter

Honda ने हाल ही में अपना नया फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Honda QC3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर लंबी रेंज और बेहतर प्रैक्टिकलिटी के साथ आता है। वहीं, भारत में पहले से मौजूद Honda Activa e स्वैपेबल बैटरी टेक्नोलॉजी के साथ उपलब्ध है। आइए जानते हैं कि दोनों इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में क्या-क्या अंतर हैं।

 

बैटरी और रेंज

Honda QC3 में फिक्स्ड बैटरी पैक दिया गया है, जबकि Honda Activa e में दो स्वैपेबल बैटरी पैक मिलते हैं। हालांकि, दोनों स्कूटर्स की कुल बैटरी क्षमता 3 kWh है। रेंज की बात करें तो Honda QC3 एक बार चार्ज होने पर 145 किमी (IDC) की दावा की गई रेंज देता है। दूसरी ओर, Honda Activa e की दावा की गई IDC रेंज 102 किमी है।

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चार्जिंग

Honda QC3 को फास्ट चार्जर की मदद से 0 से 80 प्रतिशत तक सिर्फ 2 घंटे 40 मिनट में चार्ज किया जा सकता है। वहीं Honda Activa e की स्वैपेबल बैटरियों को घर पर चार्ज नहीं किया जा सकता। इन्हें केवल कंपनी के निर्धारित बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों पर बदलना होगा।

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यह है सबसे बड़ा अंतर 

ब्रेकिंग के लिए दोनों में आगे डिस्क ब्रेक और पीछे ड्रम ब्रेक दिया गया है। हालांकि, Activa e में अतिरिक्त रूप से कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) भी मिलता है। दोनों स्कूटर्स के बीच सबसे बड़ा अंतर स्टोरेज स्पेस का है। Honda QC3 में 32 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज मिलता है, जिससे हेलमेट और अन्य सामान आसानी से रखा जा सकता है। वहीं Honda Activa e में स्वैपेबल बैटरी सिस्टम होने की वजह से अंडरसीट स्टोरेज नहीं मिलता, जिससे इसकी प्रैक्टिकलिटी कुछ हद तक कम हो जाती है।

मोटर और परफॉर्मेंस

Honda ने अभी तक QC3 के मोटर की तकनीकी जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि इसका प्रदर्शन अपने प्रतिद्वंद्वियों के बराबर होगा। Honda Activa e में 6 kW की इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो 22 Nm का टॉर्क पैदा करती है। इसकी दावा की गई टॉप स्पीड 80 किमी/घंटा है।

फीचर्स

दोनों इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में LED लाइटिंग दी गई है। साथ ही दोनों में 5-इंच TFT डिस्प्ले, Bluetooth कनेक्टिविटी और USB चार्जिंग पोर्ट जैसे आधुनिक फीचर्स मिलते हैं।

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सस्पेंशन और ब्रेकिंग

दोनों स्कूटर्स के फ्रंट में टेलिस्कोपिक फोर्क्स दिए गए हैं।

Honda QC3 में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं।

Honda Activa e में मोनोशॉक सस्पेंशन मिलता है।

अस्पताल से डिस्चार्ज होकर राजघाट पहुंचे सोनम वांगचुक, बोले- बापू का शांति का रास्ता आज भी सबसे प्रासंगिक

sonam wangchuk on rajghat

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अपनी पत्नी गीतांजलि आंग्मो के साथ सीधे दिल्ली के राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शांति के रास्ते हर हल मुमकिन है। बापू का रास्ता आज भी प्रासंगिक है। ALSO READ: बिहार छात्र आंदोलन पर AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही सस्पेंड, भाजपा सांसद संबित पात्रा घिरे

 

वांगचुक ने कहा कि 26 दिन के अनशन और इस आंदोलन के अंत पर मैं सबसे पहले बापू को याद करने के लिए राजघाट आना चाहता था। मैं देश को बताना चाहता था कि उनका बताया गया रास्ता आज भी उतना ही उपयुक्त है जितना 100 साल पहले था।

उन्होंने कहा कि मेरी समझ है कि ये तरीके जनता के दिल तक संदेश पहुंचाते हैं। इस बार मुझे यह तसल्ली हुई कि यह देश के स्तर पर प्रासंगिक है। मैं लोगों से कहता हूं कि वे बापू द्वारा शांति के मार्ग पर चलकर ही अपनी बात रखें। मैं सभी नागरिकों को बधाई देता हूं। ALSO READ: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का पार्टी वीडियो वायरल, फंडिंग पर उठे सवाल; क्या बोले तवलीन सिंह और सौरव दास?

 

वीडियो संदेश में क्या बोले सोनम वांगचुक

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी सेहत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह अब काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं। वह धीरे-धीरे भोजन कर रहे हैं और उनके शरीर में ताकत लौट रही है। उन्होंने अपने स्वास्थ्य लाभ के लिए डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ को भी धन्यवाद दिया।

वांगचुक ने लद्दाख के आंदोलन को मिले व्यापक समर्थन के लिए जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने लोगों की एकजुटता और अपनी आवाज उठाने की सराहना की। वांगचुक ने अपने संदेश में आंदोलन की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी की है जिन्होंने इस मुहिम में साथ दिया।

 

गौरतलब है कि सीजेपी के आंदोलन की सबसे अहम कड़ी सोनम वांगचुक का अनशन ही था। सोनम वांगचुक की 26 दिनों की भूख हड़ताल ने बड़ी संख्या में युवाओं को जंतर मंतर की ओर आने के लिए प्रेरित किया। वांगचुक आ अनशन समाप्त होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

बिहार छात्र आंदोलन पर AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही सस्पेंड, भाजपा सांसद संबित पात्रा घिरे

Siwan AK 47 firing

Siwan AK 47 firing: बिहार बंद के दौरान सीवान जिले में छात्र आंदोलन के बीच AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार से गोलियां चलाकर दहशत फैलाने वाले सिपाही पर आखिरकार गाज गिर ही गई है। SIT में तैनात पुलिसकर्मी अभिषेक पटेल को सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद देश और प्रदेश की राजनीति गरमा गई थी। हालांकि सिपाही के निलंबित होने के बाद भाजपा सांसद संबित पात्रा घिर गए हैं, जिन्होंने इस घटना को झूठ करार दिया था। 

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में बिहार बंद के दौरान सीवान शहर के जेपी चौक, अस्पताल मोड़ और आसपास के इलाकों में छात्रों का प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया था। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव और कथित तौर पर फायरिंग की गई, जिसके जवाब में पुलिस को भी मोर्चा संभालना पड़ा। इस हिंसक झड़प में तीन लोग गोली लगने से घायल हो गए, जबकि 40 से अधिक पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए थे। ALSO READ: विदेशी मीडिया ने CJP की जीत पर क्या कहा, पाकिस्तान से लेकर मिडिल-ईस्ट और अमेरिका में सुर्खियों में 'कॉकरोच'

 

इसी बवाल के बीच SIT के जवान अभिषेक पटेल का एक वीडियो सामने आया। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा था कि छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी अभिषेक पटेल हाथ में AK-47 लेकर अचानक छात्रों की तरफ दौड़े और हवा में गोलियां बरसा दीं। पुलिसकर्मी द्वारा भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह स्वचालित हथियार से फायरिंग करने पर सवाल उठने लगे थे।

संबित पात्रा ने बताया था 'झूठ'

इस घटना का वीडियो सामने आते ही विपक्ष ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम ही जानलेवा हो गया है। बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई जा रही हैं और निर्दोषों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस सीधी फायरिंग और AK-47 का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ALSO READ: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का पार्टी वीडियो वायरल, फंडिंग पर उठे सवाल; क्या बोले तवलीन सिंह और सौरव दास?

 

विवाद बढ़ने पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी के दावों को खारिज कर दिया था। पात्रा ने कहा था कि पुलिस ने कभी छात्रों पर AK-47 का इस्तेमाल नहीं किया और राहुल गांधी अफवाह फैलाकर देश में अव्यवस्था पैदा करना चाहते हैं। हालांकि, अब एसपी द्वारा सिपाही के निलंबन की पुष्टि के बाद यह साफ हो गया है कि जवान ने मौके पर AK-47 से फायरिंग की थी।

पुलिस का पक्ष और आगे की कार्रवाई

सीवान के एसपी पूरन कुमार झा के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए सिपाही अभिषेक पटेल को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि उस दिन करीब 500 से अधिक उपद्रवियों की भीड़ ईंट-पत्थर चलाते हुए थाने की ओर बढ़ रही थी। स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी, जिसके बाद आत्मरक्षा और सरकारी संपत्ति को बचाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस ने मौके से .315 बोर के तीन और .765 बोर के दो खोखे भी बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

विदेशी मीडिया ने CJP की जीत पर क्या कहा, पाकिस्तान से लेकर मिडिल-ईस्ट और अमेरिका में सुर्खियों में ‘कॉकरोच’

CJP Protest

Foreign media on CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन ने न सिर्फ भारत की राजनीति में हलचल मचा दी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान भी खींच लिया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के झुकने को लेकर विदेशी अखबारों और चैनलों ने इसे युवाओं की दुर्लभ जीत बताया। पाकिस्तान के Dawn अखबार ने तो सीधे लिख दिया – “कॉकरोच जीत गए”, जबकि न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को “एक्सीडेंटल हीरो” करार दिया, जिसने मोदी सरकार को झुकने पर मजबूर किया। 

CJP आंदोलन की पृष्ठभूमि

CJP की शुरुआत मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के एक टिप्पणी से हुई, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं को 'कॉकरोच' की उपमा दी थी (बाद में स्पष्टीकरण दिया गया कि यह फर्जी डिग्री वालों के लिए था)। बोस्टन में रह रहे अभिजीत दीपके ने इसे व्यंग्यात्मक तरीके से लिया और 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया। अनरोजगारी, NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की खामियों और युवाओं की समस्याओं को उठाते हुए यह आंदोलन जंतर-मंतर पर धरने में बदल गया। ALSO READ: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का पार्टी वीडियो वायरल, फंडिंग पर उठे सवाल; क्या बोले तवलीन सिंह और सौरव दास?

 

36-37 दिनों के आंदोलन, भूख हड़ताल और संसद की ओर मार्च के बाद सरकार को झुकना पड़ा। प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा सुधारों का वादा और प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे वापस लेने जैसे मांगें मान ली गईं। 

पाकिस्तानी मीडिया का रिएक्शन

पाकिस्तान के प्रमुख अखबार Dawn ने इसे युवा प्रदर्शनकारियों की बड़ी जीत बताया। एक रिपोर्ट में लिखा गया कि “भारत के मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि युवा 'कॉकरोच' जीत गए”। Geo TV ने भी AFP रिपोर्ट के हवाले से “Cockroach protests end in victory” शीर्षक से खबर चलाई। पाकिस्तानी मीडिया ने इसे मोदी सरकार के लिए “दुर्लभ पीछे हटना” करार दिया। ALSO READ: हम कॉकरोच हैं, आसानी से नहीं निकलेंगे! शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP चीफ दीपके का बयान, 49 दिन चले आंदोलन का अंत

NYT और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अभिजीत दीपके को “एक्सीडेंटल हीरो” कहा, जो संयोग से हीरो बन गया और सरकार को झुकाया। NYT ने इसे मोदी सरकार के लिए “rare retreat” बताया, जहां असहमति की जगह लगातार सिकुड़ रही थी। रिपोर्ट में NEET विवाद से शुरू हुए आंदोलन को युवाओं की बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और अवसरों की कमी पर व्यापक गुस्से से जोड़ा गया। 

 

BBC ने 'कॉकरोच' पहचान के प्रतीकात्मक बदलाव पर फोकस किया – अपमान को प्रतिरोध का बैनर बना लिया गया। Financial Times ने इसे मोदी सरकार की समृद्धि के वादे की परीक्षा बताया और Gen Z की निराशा को हाइलाइट किया। Al Jazeera, NBC, South China Morning Post आदि ने भी पुलिस कार्रवाई, युवा विद्रोह और 'defiant young cockroaches' को कवर किया। 

 

भारतीय मीडिया के अलावा दुनिया भर के मीडिया ने इसे प्रमुखता दी। युवाओं के आंदोलन को छात्र एकता और जवाबदेही की मांग के रूप में देखा गया। 

बदलते दौर में बढ़ी शिक्षकों की जिम्मेदारी, छात्रों को सोशल मीडिया के दुष्प्रचार से बचने का तरीका सिखाना होगा: सीएम योगी

 

 

  • सीएम ने किया आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों के लिए 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ, करीब 10 लाख लोग होंगे योजना से आच्छादित
  • मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी
  • शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग एवं पंजाब नेशनल बैंक के बीच एमओयू
  • एमओयू के तहत मिलेगा 1.5 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर, विमान दुर्घटना की स्थिति में मिलेगा 3 करोड़ रुपये का बीमा कवर
  • मुख्यमंत्री ने कहा, भारत के खिलाफ विदेशी या घरेलू षड्यंत्रों के खिलाफ खड़ा होना होगा शिक्षण संस्थानों को
  • सोशल मीडिया व एआई का उपयोग जिम्मेदारी के साथ समाज और देश के हित में किया जाए
  • गुमनाम प्लेटफॉर्म, फर्जी अकाउंट और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने के लिए युवाओं को जागरूक करें

 

लखनऊ, 26 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलते दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्हें छात्रों को सच और झूठ में अंतर पता करना, सोशल मीडिया के दुष्प्रचार से बचने का तरीका और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग भी सिखाना होगा। सोशल मीडिया व एआई आज की जरूरत हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल समाज व देशहित में होना चाहिए। भारत विरोधी ताकतें इन्हीं माध्यमों का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम, विद्वेष और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रही हैं, इसलिए शिक्षण संस्थानों को युवाओं को जागरूक करने के लिए आगे आना होगा।

 

मुख्यमंत्री रविवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाली 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक के बीच शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधा भेंटकर किया गया। मुख्यमंत्री ने गुरु पूर्णिमा के ठीक पहले उच्च शिक्षण संस्थानों के सभी प्राध्यापकों को यह सुविधा प्राप्त होने पर बधाई दी।

 

सीएम ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा के माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों चाहे वे राजकीय हों, शासकीय सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय हों अथवा स्ववित्तपोषित प्रबंधन के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय हों, सभी को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है। प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने वाली इस योजना से लगभग 10 लाख लोग आच्छादित होंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा के साथ ही पंजाब नेशनल बैंक के साथ एक एमओयू भी किया गया है, जो शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा की अतिरिक्त गारंटी प्रदान करेगा। इस एमओयू के अंतर्गत दुर्भाग्यवश किसी शिक्षक के साथ कोई दुर्घटना या स्थायी विकलांगता जैसी अप्रत्याशित घटना होने की स्थिति में परिवार को पंजाब नेशनल बैंक द्वारा इस योजना के माध्यम से 1.5 करोड़ से लेकर 3 करोड़ रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। 60,000 रुपये तक की हॉस्पिटल कैश सुविधा तथा 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ बीमा कवर भी इस योजना के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति दुर्घटना की चपेट में आ सकता है। ऐसे समय में व्यक्ति या उसके परिवार के साथ सिस्टम, शासन और बैंकिंग व्यवस्था खड़ी रहे। इसी उद्देश्य से आज दो प्रकार की महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाब नेशनल बैंक से यह भी आग्रह करेंगे कि स्ववित्तपोषित एवं निजी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को भी इस योजना के दायरे में लाने की व्यवस्था की जाए। अभी तक इस व्यवस्था में शिक्षणेत्तर कर्मचारी शामिल नहीं थे, लेकिन अब उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में कार्यरत लगभग 50 हजार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।

 

शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की परंपरा में शिक्षक का स्थान प्राचीन काल से ही सर्वोच्च रहा है। जब दुनिया अंधकार में जी रही थी, तब भारत तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों का संचालन कर रहा था। शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने की नहीं, बल्कि विद्यार्थी को दिशा देने, उसके भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे सही मार्ग पर आगे बढ़ाने की है। परिवर्तन तभी आएगा, जब पहले दिन से ही शिक्षक व छात्र के बीच सार्थक संवाद होगा। भारतीय परंपरा में इसी कारण गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, ताकि वह विद्यार्थी को किसी भटकाव का शिकार न होने दे। आज कुछ स्थानों पर पठन-पाठन का वातावरण पहले जैसा नहीं दिखाई देता।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों के विद्यार्थी रहते परिवार के सदस्य प्रेरित करते थे कि एक-दो समाचार पत्र नियमित पढ़ो, पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ-साथ रेफरेंस बुक्स भी देखो। यह भी सिखाया जाता था कि किसी पुस्तक या लेख में व्याकरणीय अशुद्धि के कारण अर्थ का अनर्थ हो सकता है, तो केवल उसी पर विश्वास न करें। लेकिन, आज स्थिति बदल गई है। पुस्तकालयों में शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति घटी है। पहले शिक्षक गांव-गांव और घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करते थे। तब शायद यह अच्छा नहीं लगता था, लेकिन आज समझ में आता है कि जनगणना के आंकड़े जुटाने के साथ-साथ शिक्षक को उस गांव, मोहल्ले और समाज की सामाजिक तथा आर्थिक पृष्ठभूमि को समझने का भी अवसर मिलता था।

 

विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने का मंत्र

सीएम ने शिक्षकों से कहा,  जब आप नए सत्र की पहली कक्षा लें, तो सीधे पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले उसे परिचयात्मक व रोचक बनाइए। तब छात्र आपकी कक्षा में आने के लिए उत्सुक होंगे। यदि बीच-बीच में प्रेरक प्रसंग, उद्धरण और जीवन से जुड़े उदाहरण शामिल किए जाएं, तो वही पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अधिक आकर्षक, सहज और रुचिकर बन सकता है। भारत ने जब-जब शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव जागृत किया है, तब-तब नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।

 

वरिष्ठ नागरिक समाचार पत्रों से लेते हैं जानकारी

सीएम ने कहा कि मीडिया का स्वरूप तेजी से बदला है। समाज का एक वर्ग आज भी अखबार पढ़ता है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक व सेवानिवृत्त लोग समाचार पत्रों के माध्यम से देश-दुनिया की जानकारी प्राप्त करते हैं। दूसरा वर्ग ऐसा है, जिसे सीमित समय मिलता है। वह न्यूज चैनलों के माध्यम से प्रमुख घटनाओं की जानकारी ले लेता है। लेकिन युवाओं का एक बड़ा वर्ग, लगभग 60 प्रतिशत, अपने स्मार्टफोन व यूट्यूब के माध्यम से देश-दुनिया को समझने का प्रयास करता है। स्मार्टफोन पर जो सामग्री समाचार या विचार के रूप में उपलब्ध है, छात्र कई बार उसी को सच मान लेता है। जबकि यह आवश्यक नहीं कि वह सच ही हो।

 

प्रिंट बनाम सोशल मीडिया की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सभी लोग मीडिया को सत्य के सबसे निकट मानते थे। समाचार पत्रों पर लोगों का विश्वास था। जनचेतना जगाने और स्वाधीनता संग्राम को आगे बढ़ाने में प्रिंट मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसकी एक जवाबदेही भी थी। यदि कोई गलत समाचार प्रकाशित भी होता था, तो रिपोर्टर, संपादक व संस्थान, सभी की पहचान स्पष्ट होती थी। लेकिन, सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट व गुमनाम प्लेटफॉर्म के माध्यम से कोई भी व्यक्ति समाज में भ्रम व विद्वेष फैलाने का प्रयास कर सकता है। सही तथ्यों की जानकारी और आत्म-अनुशासन के अभाव में पूरा समाज अव्यवस्था व अराजकता का शिकार हो सकता है, जिसका दुष्परिणाम वर्तमान और भविष्य दोनों को भुगतना पड़ता है।

 

आत्म-अनुशासन का महत्व समझाना होगा

सीएम ने कहा कि वर्तमान व भविष्य, दोनों को सही दिशा देनी है, तो हमें छात्रों को अनुशासन के साथ-साथ आत्म-अनुशासन का महत्व भी समझाना होगा। सोशल मीडिया व एआई नए दौर की आवश्यकता हैं। बदलती दुनिया में न तो हम इसमें पीछे रह सकते हैं और न ही इनसे मुंह मोड़ सकते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि इन्हें अपने, समाज व देश के कल्याण के लिए कैसे उपयोगी बनाया जाए। शिक्षक अच्छे कंटेंट तैयार करें, प्रेरक उद्धरणों और सकारात्मक विचारों के माध्यम से छात्रों को प्रेरित करें और उन्हें समझाएं कि सच क्या है और झूठ क्या है। गुमनाम प्लेटफॉर्म, फर्जी अकाउंट और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने के लिए जागरूक करें। आज हर व्यक्ति किसी भी जानकारी के लिए सबसे पहले गूगल का सहारा लेता है, जबकि वहां उपलब्ध हर जानकारी प्रामाणिक हो, यह आवश्यक नहीं।

 

तकनीक का इस्तेमाल देश व समाज के हित में करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीस के सहयोग से इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक व आईटीआई में एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स व 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जिनका लाभ शिक्षण संस्थानों को भी उठाना चाहिए। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों व शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण दिया जाए। शिक्षक थोड़ा भी प्रयास करें, तो इन तकनीकों का उपयोग पाठ्यक्रम, समाज व देश के हित में प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। ऐसा नहीं हुआ, तो भारत विरोधी शक्तियां इन्हीं तकनीक व सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम, विद्वेष और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास करेंगी।

 

षड्यंत्र के खिलाफ खड़े हों शिक्षण संस्थान

सीएम ने कहा कि भारत के खिलाफ कोई विदेशी या घरेलू षड्यंत्र हो, जो फिर से देश को विघटन की ओर ले जा रहा हो, अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास कर रहा हो, ऐसी किसी भी षड्यंत्र के खिलाफ हमारे शिक्षण संस्थानों को खड़ा होना पड़ेगा। युवा पीढ़ी को जागरूक करना पड़ेगा।

 

इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, प्रदेश के मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, भूपेंद्र चौधरी, सांसद राजकुमार चाहर, कुलपति आशु रानी, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोतम खण्डेलवाल, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाहा, छोटे लाल वर्मा, रानी पक्षालिका सिंह, कुलसचिव अजय मिश्रा एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

 

अपने शराबी ड्राइवरों की इंदौर नगर निगम खुद करेगा जांच, 60 ब्रेथ एनालाइजर खरीदे, आदेश के बाद चालकों में हड़कंप

indore IMC

शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ने वाले और नशे की हालत में वाहन चलाने वाले निगम ड्राइवरों पर अब नगर निगम का शिकंजा कसने लगा है। आए दिन मिल रही गंभीर शिकायतों के बाद, निगम प्रशासन ने खुद अपने ड्राइवरों की जांच करने का कड़ा फैसला लिया है। इसके तहत 60 नए ब्रेथ एनालाइजर खरीदे गए हैं, जिनकी मदद से औचक निरीक्षण कर शराब पीने वाले ड्राइवरों की तुरंत पहचान की जाएगी। जनता की सुरक्षा को ताक पर रखकर लापरवाही बरतने वालों पर इस सख्ती से निगम महकमे में हड़कंप मच गया है।

नगर निगम (Municipal council) की हल्ला गाडिय़ों (Noisy vehicles) से लेकर कई बड़ी गाडिय़ों के वाहन चालकों (Vehicle drivers) पर शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप लगते रहे हैं। इसी के चलते अब निगम कमिश्नर के निर्देश पर हर झोन और जीटीएस पर हल्ला गाडिय़ों से लेकर कई वाहनों के ड्राइवरों की जांच ब्रिथ एनालाइजर के माध्यम से की जाएगी और एक अलग से टीम भी रहेगी, जो अलग-अलग स्थानों पर जाकर सडक़ों पर ही निगम वाहन रोककर उनके चालकों की जांच करेगी।

नगर निगम के पास करीब 1200 से ज्यादा छोटे-बड़े वाहन हैं और इनमें सर्वाधिक वाहन स्वास्थ्य विभाग के हैं, जो डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से लेकर वार्डों में कचरा उठाने के कार्यों में लगाए जाते हैं। इसके अलावा शहरभर में बने कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर भी बड़े वाहन तैनात रहते हैं, जो स्टेशनों से कचरा भरकर देवगुराडिय़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड ले जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से नगर निगम के अधिकारियों को शिकायतें मिल रही थीं कि कई निगम वाहनों के ड्राइवर शराब पीकर वाहन चला रहे हैं।

इन आरोपों के चलते अब निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर नगर निगम ने 60 से ज्यादा ब्रिथ एनालाइजर खरीदे हैं। इनकी मदद से शराबी वाहन चालकों को पकड़ा जा सकेगा। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इनमें से अधिकांश ब्रिथ एनालाइजर झोनलों पर तैनात वाहन प्रभारियों और जीटीएस पर तैनात अधिकारियों को दिए गए हैं। हर रोज सुबह वाहन लेकर निकलने के दौरान चालकों की जांच की जाएगी, ताकि पता लग सके कि वे शराब पीकर तो नहीं आए हैं। इसके अलावा एक टीम बनाई गई है, जो शहरभर में निरीक्षण पर रहेगी और इन टीमों के पास ब्रिथ एनालाइजर रहेंगे और वे सड़कों पर भी गुजर रहे निगम वाहनों के चालकों की जांच करेंगे। पिछले कुछ दिनों से निगम वाहन से कई दुर्घटनाएं भी हुई थीं और उसके बाद से निगम ने कई वाहन चालकों को वाहन सावधानी से चलाने के साथ-साथ उन्हें एक बार फिर से अलग-अलग स्थानों पर ट्रेनिंग दी थी।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का पार्टी वीडियो वायरल, फंडिंग पर उठे सवाल; क्या बोले तवलीन सिंह और सौरव दास?

mahesh jethmalani, tavleen singh and saurabh dass on CJP party viral video

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सीजेपी से जुड़े कई लोग एक होटल में पार्टी करते दिखाई दे रहे हैं। इससे अलावा प्रदर्शनस्थल पर सीजेपी कार्यकर्ताओं के जश्न मनाते वीडियो भी जमकर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो पर मचे बवाल के बाद सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रख्यात लेखिका तवलीन सिंह के जवाब भी चर्चा में है। ALSO READ: धर्मेंद्र प्रधान पर पोस्ट से BJP में बवाल! अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता राहर घिरीं, पार्टी नेताओं ने जताई नाराजगी

 

महेश जेठमलानी ने उठाए फंडिंग पर सवाल?

इस वीडियो को सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है। वायरल वीडियो में CJP के कुछ लोग एक होटल में पार्टी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहां जश्न का माहौल है और नाच-गाना भी चल रहा है।

महेश जेठमलानी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'क्या सच में ऐसा हो रहा है? CJP की लीडरशिप दिल्ली के एक होटल में पार्टी दे रही है। राजधानी दिल्ली में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुए। ऐसे में सवाल यह है कि इनके ट्रैवल, खाने और रहने का खर्च किसने उठाया? इनकी फंडिंग किसने की? ALSO READ: 'बेटी के बयान से दुखी हूं, लेकिन पिता को दोष नहीं दे सकते'— केशव महंता के बचाव में बोले हिमंत बिस्वा सरमा

तवलीन सिंह ने दिया जवाब

तवलीन सिंह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, भाजपा अब कॉकरोच को एक 'फाइव-स्टार होटल' में पार्टी करते हुए दिखाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है। क्या हम यह पूछ सकते हैं कि इतने सारे भाजपा मंत्रियों और उनकी संतानों के पास डिजाइनर कपड़े और कार्टियर के चश्मे खरीदने के लिए पैसे कहाँ से आते हैं? ALSO READ: प्रधान के बाद अब गडकरी निशाने पर! 100% शुद्ध पेट्रोल के लिए 'E20 जनता पार्टी' मैदान में

 

क्या बोले सौरव दास?

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद सीजेपी के कार्यकर्ताओं साथ पार्टी और डांस करने के वायरल वीडियो पर की जा रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी है। सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इससे एक बार फिर साफ़ हो जाता है कि सरकार और गोदी एंकर, जेन-ज़ी और नई पीढ़ी की सोच और भाषा को समझ ही नहीं पा रहे हैं।'

 

उन्होंने कहा कि हम जितने दिन जरूरत होगी, उतने दिन सड़क पर बैठ सकते हैं। हम नाचते-गाते हुए भी प्रदर्शन कर सकते हैं। हम हाथ में कोल्ड कॉफी लेकर भी आंदोलन को संगठित कर सकते हैं। बदलाव के लिए लड़ने के लिए हमारा वैसा दिखना जरूरी नहीं है, जैसा पिछली पीढ़ियां किसी आंदोलन से उम्मीद करती हैं।

सौरव दास ने कहा कि यही इस पीढ़ी की पहचान है-आत्मविश्वासी, रचनात्मक, जुझारू और ऐसी, जिसे किसी एक तयशुदा छवि में बांधा नहीं जा सकता। अंकल-आंटी चाहे जितनी शिकायत करते रहें, उन्हें हमारी इस पीढ़ी के साथ जीना और हमें स्वीकार करना ही होगा।

केजरीवाल का E20 पेट्रोल के खिलाफ नेशनल टाउनहॉल, कहा- माइलेज घटा, इंजन खराब

Arvind Kejriwal News

Arvind Kejriwal National Townhall: नीट विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अरविंद केजरीवाल ने सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। देश के युवाओं की ताकत के आगे सरकार के झुकने का दावा करते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अब सीधे प्रधानमंत्री मोदी को चेतावनी दे डाली है। E20 यानी पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने के फैसले पर पूरे देश के वाहन मालिकों का गुस्सा फूट पड़ा है और इसी गुस्से को ढाल बनाकर केजरीवाल शनिवार को दिल्ली में एक बड़ा महा-संग्राम यानी 'नेशनल टाउनहॉल' करने जा रहे हैं।

अब E20 का नंबर!

सोमवार को एक धमाकेदार प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'जनता की जीत' करार दिया। केजरीवाल ने कहा कि सभी को बधाई! देश के युवाओं ने एक अहंकारी सरकार को घुटनों पर ला दिया। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब मेरी प्रधानमंत्री से हाथ जोड़कर गुजारिश है कि लगे हाथों E20 पेट्रोल का भी मामला सुलझा दीजिए, वरना यह आग बहुत बड़ी बनने वाली है।

गाड़ियां बर्बाद हो रही हैं, लोग परेशान हैं

E20 पेट्रोल के साइड-इफेक्ट्स पर सीधा हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश भर में गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं, माइलेज घट गई है और लोग मेंटेनेंस के नाम पर जेब खाली करने को मजबूर हैं। उन्होंने पीएम मोदी को नसीहत देते हुए कहा कि इससे पहले कि जनता सड़कों पर उतर आए और यह मुद्दा बेकाबू हो जाए, सरकार को खुद आगे बढ़कर 100% शुद्ध पेट्रोल का विकल्प देना चाहिए। ALSO READ: केजरीवाल ने 29 ऑटो कंपनियों को लिखा पत्र, E20 पेट्रोल पर मांगा जवाब

शनिवार को दिल्ली में टाउनहॉल

E20 के खिलाफ जंग का रोडमैप तैयार करते हुए केजरीवाल ने शनिवार (1 अगस्त) को दिल्ली के कॉन्सटीट्यूशन क्लब में 'नेशनल टाउनहॉल अगेनस्ट E20' (National Townhall Against E20) का बिगुल फूंक दिया है। दोपहर 12 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में देश भर के ऑटो-मोबाइल एक्सपर्ट्स, मैकेनिक, गाड़ियों की तबाही झेल रहे आम पीड़ित और हजारों नागरिकों के शामिल होने की उम्मीद है। ALSO READ: E20 पेट्रोल पर भड़के केजरीवाल, बोले- देश को बना दिया प्रयोगशाला; PM मोदी को लिखेंगे चिट्ठी

ऑनलाइन कैसे जुड़ें?

दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री केजरीवाल ने एक खास वॉट्सऐप नंबर (8588833212) जारी किया है। जो लोग दिल्ली नहीं आ सकते, वे इस नंबर पर मैसेज करके ऑनलाइन जुड़ सकते हैं।

2 लाख से ज्यादा 'चिट्ठियां' लेकर PM आवास का घेराव?

जब केजरीवाल से पूछा गया कि क्या यह आंदोलन देशव्यापी रूप लेगा, तो उन्होंने कड़े तेवरों में कहा कि यह तो बस शुरुआत है, आगे-आगे देखिए होता है क्या!” उन्होंने खुलासा किया कि E20 के खिलाफ उनके ऑनलाइन पिटीशन अभियान पर अब तक 2 लाख से ज्यादा लोग चिट्ठियां और हस्ताक्षर भेज चुके हैं। केजरीवाल ने साफ किया कि शनिवार के टाउनहॉल में रणनीति बनने के बाद, अगले हफ्ते वे इन 2 लाख चिट्ठियों के साथ सीधे प्रधानमंत्री के आवास (PM House) का रुख करेंगे और सरकार को इस फैसले को वापस लेने पर मजबूर कर देंगे।

 

अब देखना यह होगा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बैकफुट पर आई केंद्र सरकार, केजरीवाल के इस नए 'E20 एटम बम' का सामना कैसे करती है! उल्लेखनीय है कि 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर E20 जनता पार्टी के नाम से एक नए कैंपेन की शुरुआत हो चुकी है।