प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान

Prime Minister Narendra Modi has issued video message regarding paper leak case

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके। प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है।

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टास्क फोर्स का हुआ गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके।

बनेगा नया कठोर कानून

प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेंड्स विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम कल पार्लियामेंट के अंदर भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है। हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो।

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वे जेलों में सड़ रहे हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। राजनीतिक जीवन से शुरू से ही तकनीकी का बेहतर इस्तेमाल करने वाले प्रधानमंत्री मोदी इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, WhatsApp, एक्स पर सक्रिय है और बड़ी संख्या में उनके फालोअर्स भी हैं।

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जब PM मोदी ने खुद संभाला मोर्चा 

इंस्टाग्राम पर भी प्रधानमंत्री मोदी 2016 से जुड़े हैं लेकिन इंस्टाग्राम के लिए अलग से कोई रील नहीं अपलोड किया जाता था, जबकि अधिकांश जेनजी इंस्टाग्राम पर ही सक्रिय हैं। हाल ही में पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में खुद मोर्चा संभाला और इंस्टाग्राम पर रील डालकर जेनजी के साथ संवाद कायम किया।

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Gen Z को पसंद आया PM मोदी का नया अवतार

Gen Z को भी प्रधानमंत्री का नया अवतार पसंद आया और इंस्टाग्राम पर उनके 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स बढ़ गए। Gen Z की ओर से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को उन्हें रील बनाकर थैंक्स (धन्यवाद) भी कहा। इसे भी 93 लाख से अधिक लोगों ने देखा और लाइक किया।

नेपाल सरकार का बड़ा फैसला, भारतीय मु्द्रा से हटाई रोक, अब ये नोट भी ले जा सकेंगे भारतीय

Nepal government's big decision regarding Indian currency

Big decision by Government of Nepal : नेपाल की बालेन शाह सरकार ने भारतीय मुद्रा पर लगी रोक को हटाते हुए 200 और 500 रुपए के नोट देश में लाने और बाहर ले जाने की अनुमति दे दी है। यह अनुमति नवंबर 2026 के बाद जारी नोटों पर होगी। इससे नेपाल जाने वाले भारतीयों के साथ ही बॉर्डर इलाके के नेपाली लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी, जो सामान खरीदते के लिए सीमा पार करते हैं। करीब 10 साल बाद नेपाल ने भारतीय 200 और 500 रुपए के नोटों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब भारतीय और नेपाली नागरिक तय सीमा के भीतर इन नोटों को नेपाल ला और ले जा सकेंगे। हालांकि यह छूट केवल 9 नवंबर 2016 के बाद जारी हुए नोटों पर लागू होगी और अधिकतम सीमा 25000 रुपए रहेगी।

 

इन नोटों को मिली मंजूरी

नेपाल की बालेन शाह सरकार ने भारतीय मुद्रा पर लगी रोक को हटाते हुए 200 और 500 रुपए के नोट देश में लाने और बाहर ले जाने की अनुमति दे दी है। यह अनुमति नवंबर 2026 के बाद जारी नोटों पर होगी। इससे नेपाल जाने वाले भारतीयों के साथ ही बॉर्डर इलाके के नेपाली लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी, जो सामान खरीदते के लिए सीमा पार करते हैं। करीब 10 साल बाद नेपाल ने भारतीय 200 और 500 रुपए के नोटों को लेकर बड़ा फैसला लिया है।

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क्‍या होगी अधिकतम सीमा?

अब भारतीय और नेपाली नागरिक तय सीमा के भीतर इन नोटों को नेपाल ला और ले जा सकेंगे। हालांकि यह छूट केवल 9 नवंबर 2016 के बाद जारी हुए नोटों पर लागू होगी और अधिकतम सीमा 25000 रुपए रहेगी। इससे नेपाल जाने वाले भारतीयों के साथ ही बॉर्डर इलाके के नेपाली लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी, जो सामान खरीदते के लिए सीमा पार करते हैं। करीब 10 साल बाद नेपाल ने भारतीय 200 और 500 रुपए के नोटों को लेकर बड़ा फैसला लिया है।

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पहले था यह नियम

इससे पहले भारत द्वारा नवंबर 2016 में नोटबंदी किए जाने के बाद नेपाल में सिर्फ 100 रुपए के नोट को ही लाने और ले जाने की अनुमति थी। इसके चलते नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। हालांकि यह प्रावधान 11 फरवरी को नेपाल राजपत्र में आवश्यक नियम बनने के बाद पहले ही अधिसूचित किया जा चुका था, लेकिन नियमों को दोहराने और उनके क्रियान्वयन को स्पष्ट करने के लिए नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने इसे फिर से जारी किया।

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ये नोट रहेंगे प्रतिबंधित

वहीं दूसरी ओर 9 नवंबर 2016 से पहले के जारी 500 और 1000 के नोट पहले की तरह ही प्रतिबंधित रहेंगे। भारतीय यात्री बिना कस्टम घोषणा के 5000 अमेरिकी डॉलर (करीब 4.83 लाख रुपए) के बराबर राशि तक भारतीय मुद्रा ला सकते हैं, लेकिन इसके लिए नोटों का मूल्य वर्ग 100 रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए।

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क्‍या होगा इस फैसले का असर? 

NRB के मुताबिक, नेपाली नागरिक भारत के अलावा किसी अन्य देश से नेपाल में भारतीय मुद्रा नहीं ला सकते। इसी प्रकार वे भारत को छोड़कर किसी अन्य देश में नेपाल से भारतीय मुद्रा नहीं ले जा सकते। नेपाल सरकार के इस फैसले से भारत और नेपाल के बीच यात्रा और सीमा पार होने वाले लेनदेन अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर 'बर्बर हमला' किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?

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 राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।

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राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश

राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।

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20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र

राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।

उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?

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छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन

 

छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।

PM मोदी ने गिनाई भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की ताकत, INS महेंद्रगिरि और पिनाका रॉकेट सिस्टम को बताया बड़ी उपलब्धि, Mann Ki Baat में क्या बोले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं के साहस के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में तकनीकी क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नौसेना में शामिल किए गए INS महेंद्रगिरि को भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक युद्धपोत भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है और इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

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पीएम मोदी ने कहा, “यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।” प्रधानमंत्री ने भारत में विकसित पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) का भी उल्लेख किया। यह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक आधुनिक और सटीक निशाना लगाने वाली आर्टिलरी रॉकेट प्रणाली है। उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सामूहिक मेहनत है। पिनाका LRGR-120 की मारक क्षमता 60 किलोमीटर से 120 किलोमीटर तक बताई गई है।

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'खुशा मिसाइल' परीक्षण को बताया बड़ी उपलब्धि

 

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में खुशा मिसाइल के सफल उड़ान परीक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारत को रक्षा क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

 

कारगिल विजय दिवस पर जवानों को किया याद

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 1999 के कारगिल युद्ध में देश के लिए लड़ने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है और यह सशस्त्र बलों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के वीर जवानों का त्याग और पराक्रम हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

RSS प्रमुख मोहन भागवत का गुजरात दौरा, 2 दिन के प्रवास में संगठनात्मक कार्यक्रमों में होंगे शामिल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ। मोहन भागवत आगामी 28 और 29 जुलाई को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर आएंगे। अपने दौरे के दौरान वह संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार, मोहन भागवत गुजरात दौरे के दौरान RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में संगठन के विस्तार, सामाजिक समरसता और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा होने की संभावना है।

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संघ की गतिविधियों की करेंगे समीक्षा

 

मोहन भागवत गुजरात में संघ परिवार द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक, सेवा और वैचारिक गतिविधियों की भी समीक्षा करेंगे। इसके अलावा आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक योजनाओं को लेकर पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।

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राजनीतिक और सामाजिक हलकों में उत्सुकता

RSS के सरसंघचालक के गुजरात दौरे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी काफी उत्सुकता है। उनके दौरे के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख लोगों से मुलाकात होने की संभावना भी जताई जा रही है। मोहन भागवत के दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं और सुरक्षा संबंधी तैयारियां की जा रही हैं। संगठनात्मक दृष्टि से RSS प्रमुख का यह गुजरात दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उन नीट विद्यार्थियों की कहानी, जो पेपर लीक के बाद चले गए

cjp jantar mantar protest

जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में शायद ही कोई ऐसा दिन हो जिस दिन प्रदर्शनकारी उन 21 नीट अभ्यर्थियों का जिक्र नहीं करते थे जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनते ही कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्टेज पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उस पोस्टर को सबसे पहले मंगवाया जिसमें उन नीट अभ्यर्थियों के नाम थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है।

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जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में शायद ही कोई ऐसा दिन हो जिस दिन प्रदर्शनकारी उन 21 नीट अभ्यर्थियों का जिक्र नहीं करते थे जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। हालांकि सरकार ने इस बात को नहीं कहा है लेकिन प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इन बच्चों ने नीट पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। रेमा बेगम भी इनमें से एक थीं। भारतीय राज्य के एक दूरदराज गांव में अपनी बीमार मां के साथ बड़ी हुई रेमा बेगम डॉक्टर बनने का सपना देखती थीं, लेकिन उनकी मौत के साथ ही उनका यह सपना अधूरा रह गया।

 

कई साल की पढ़ाई और महंगी कोचिंग क्लासों के बाद, 20 साल की रेमा को विश्वास था कि उन्होंने आखिरकार एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट पाने के लिए पर्याप्त मेहनत कर ली है। फिर खबर आई कि जिस मेडिकल प्रवेश परीक्षा में वे बैठी थीं, उसका प्रश्नपत्र लीक हो गया था और दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया गया।

 

 कुछ ही दिनों बाद, बेगम की मौत हो गई। इस घटना के बाद अपनी जान गंवाने वाले कम से कम 20 छात्रों में वे भी शामिल थीं। उनकी मौत के एक महीने बाद भी, बेगम के पिता रजऊल इस्लाम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी लाडली बेटी हिम्मत कैसे हार गई। लेकिन उनका मानना है कि दोबारा परीक्षा के ऐलान ने सब कुछ बदल दिया। न्यूज एजेंसी एएफपी को फोन पर इस्लाम ने बताया,”परीक्षा के बाद, उसे पूरा भरोसा था कि वह इसे पास कर लेगी। लेकिन जब पेपर लीक होने के कारण दोबारा परीक्षा की घोषणा हुई, तो वह बिल्कुल बदल गई और खुद में सिमट गई।”

 

उन्होंने कहा कि परिवार की कोई भी बात उसे सांत्वना नहीं दे सकी। मछली का कारोबार करने वाले इस्लाम ने अपनी बेटी की तैयारी पर काफी खर्च किया था और उसे दो साल के लिए बड़े शहरों के कोचिंग सेंटरों में भेजा था। उन्होंने कहा,”मैंने उसकी पढ़ाई पर बहुत पैसा खर्च किया था, इसलिए उसे चिंता थी कि यह सब बेकार चला जाएगा।”

 

परीक्षा की नई तारीख से कुछ दिन पहले बेगम ने आत्महत्या कर ली। उनकी मौत भारत में विद्यार्थियों पर उस दबाव को उजागर करती है, जहां किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलना आर्थिक सुरक्षा के सबसे बड़े साधनों में से एक माना जाता है।साहित्यकार और पूर्व प्रोफेसर जी। एन। देवी ने नीट का जिक्र करते हुए कहा, “इसलिए नीट परीक्षा पास करने का मतलब कई परिवारों के लिए एक खुशहाल और आरामदायक जीवन का आश्वासन है। लेकिन इन सीटों की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों की संख्या देश में मौजूद संस्थानों की तुलना में बहुत अधिक है।” इस साल भी करीब बीस लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने देश भर में लगभग 1,37,000 मेडिकल सीटों के लिए नीट की परीक्षा दी। राजस्थान में, किसान राजेश कुमार ने अपनी पुश्तैनी जमीन बेच दी और 11 लाख रुपये का कर्ज लिया ताकि उनका बेटा प्रदीप मीणा तीन साल तक कोचिंग क्लास जा सके। कुमार ने एएफपी को बताया, “मैंने खेत में रोजाना 16 घंटे तक मजदूरी की ताकि वह कोचिंग जा सके। मुझे लगा कि अगर वह डॉक्टर बन जाता है तो यह सब सार्थक होगा, और मैं अपने बुढ़ापे में एक आरामदायक जीवन जी सकूंगा। परीक्षा के बाद, मीणा को पूरा भरोसा था कि वे सफल हो गए हैं। कुमार ने याद किया कि उनके बेटे ने उन्हें गले लगाया और कहा कि अब भगवान भी मुझे डॉक्टर बनने से नहीं रोक सकते। दोबारा परीक्षा की घोषणा के एक दिन बाद, 22 साल के प्रदीप ने अपनी जान दे दी।

 

उत्तर प्रदेश में, एक और परिवार को अपने 21 साल के बेटे ऋतिक मिश्रा की मौत के बाद ऐसा ही दुख सहना पड़ा। उनके पिता अनूप कुमार मिश्रा ने परीक्षा का जिक्र करते हुए कहा, “यह उनकी तीसरी कोशिश थी और उन्होंने कहा था कि इस बार उनका पेपर अच्छा गया है।” परीक्षा लीक की खबर सामने आने के एक दिन बाद उनके बेटे की मौत हो गई।

 

उन विद्यार्थियों के लिए जिन्होंने आखिरकार दोबारा परीक्षा दी, यह अनुभव बहुत थका देने वाला था। 19 साल चैतन्य अग्रवाल ने कहा, “यह मानसिक रूप से बहुत हताश करने वाला है। आप अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं और फिर आपको इसे दोबारा देने के लिए मजबूर किया जाता है।” शिक्षकों का कहना है कि इसके भावनात्मक प्रभाव को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। पूर्वी शहर कोलकाता के एक कोचिंग सेंटर के शिक्षक अभिजीत पात्रा ने कहा, “परीक्षा की तैयारी करना और उसे देना बहुत तनावपूर्ण अनुभव है, और यह सब फिर से करना आसान नहीं है। पेपर लीक इस मुश्किल अनुभव को और भी बदतर बना देता है।” 

 

 

पूर्व प्रोफेसर देवी कहते हैं कि कई परिवारों के लिए, पेपर लीक सालों के त्याग के बाद एक विश्वासघात जैसा था। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी अक्सर आर्थिक रूप से नुकसानदेह और सामाजिक रूप से थका देने वाली होती है, खासकर कम आय वाले परिवारों के लिए जो महंगे निजी विश्वविद्यालयों या विदेश में पढ़ाई का खर्च नहीं उठा सकते। देवी कहती हैं, “वे आशा के साथ तैयारी की यह यात्रा शुरू करते हैं, इसलिए जब उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है या बेच दिया गया है, तो वे ठगा हुआ महसूस करते हैं।”

 

राजधानी नई दिल्ली में विरोध स्थल से हजारों किलोमीटर दूर, बेगम का परिवार अभी भी जवाब तलाश रहा है। उनके पिता ने कहा, “मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह परीक्षाओं में अनियमितताओं को गंभीरता से ले। उन्हें समझना चाहिए कि गरीब परिवार के बच्चे के लिए बेहतर जिंदगी का सपना देखना और उसके लिए काम करना आसान नहीं होता।”

 

तमिलनाडु की 17 साल की विद्यार्थी एस अनिता ने भी नीट की परीक्षाओं के बाद आत्महत्या कर ली थी। लेकिन मौत से पहले उन्होंने नीट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी भी डाली थी कि नीट की परीक्षा ग्रामीण और राज्य शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों को अलग थलग करती है। कॉकरोच जनता पार्टी और प्रदर्शनकारियों की मांग यह भी है कि जिन स्टूडेंट्स की जान गई, उनके परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

Pakistan को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चेतावनी, आतंक और धमकियों पर नहीं झुकेगा भारत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अलावा पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। द्रास में करगिल युद्ध स्मारक पर करगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि पड़ोसी देश के साथ भविष्य में कोई भी बातचीत केवल पाक कब्‍जे वाले कश्‍मीर के मुद्दे पर होगी, जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे के तहत भारत का एक अभिन्न अंग है।

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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी राज्य नीति के हिस्से के रूप में आतंकवाद को संस्थागत रूप दिया है और उसके सैन्य प्रतिष्ठान और आतंकवादी संगठनों के बीच कोई अंतर नहीं है। सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से आतंकवादियों और उनके समर्थकों को कड़ा जवाब दिया है कि भारत में किसी भी शत्रुतापूर्ण कृत्य का और भी अधिक बल के साथ जवाब देने की क्षमता है।
 

उन्होंने कहा कि भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने की हर कोशिश का हमारे सशस्त्र बल मुंहतोड़ जवाब देंगे।

1999 के करगिल युद्ध के दौरान अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए, रक्षा मंत्री ने इस संघर्ष को न केवल एक सैन्य और कूटनीतिक जीत बताया, बल्कि एक ऐसा निर्णायक क्षण भी बताया जिसने दुनिया के सामने भारतीय सैनिकों के साहस, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान को प्रदर्शित किया।
 

उन्होंने कहा कि करगिल युद्ध स्मारक पर अंकित शहीदों के नाम देश के हर क्षेत्र, धर्म और समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो भारत की एकता को दर्शाते हैं और देश को बांटने की कोशिश करने वालों को एक कड़ा संदेश देते हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच तुलना करते हुए सिंह ने कहा कि भारत नवाचार, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और अंतरिक्ष अन्वेषण के माध्यम से प्रगति कर रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद, कट्टरपंथ और सीमा पार घुसपैठ को बढ़ावा दे रहा है।
 

उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप, उपग्रह और डिजिटल बुनियादी ढांचा बना रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद और छद्म युद्ध को बढ़ावा दे रहा है, और कहा कि सशस्त्र बल किसी भी शत्रुतापूर्ण मंसूबे का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। करगिल युद्ध के दौरान दी गई कुर्बानियों को याद करते हुए सिंह ने कहा कि कई सैनिक अपनी जवानी के शुरुआती दौर में थे, जिनके कई सपने और अरमान थे, फिर भी उन्होंने खुशी-खुशी देश की सेवा में अपनी जान दे दी। उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवारों—जिनमें उनकी माताएं, पत्नियां और बच्चे शामिल थे—द्वारा सहे गए गहरे दुख को भी याद किया।
 

करगिल विजय दिवस के मौके पर, रक्षा मंत्री ने भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें भारत माता के समर्पित सपूत बताया, जिनके साहस और बलिदान से आने वाली पीढ़ियां हमेशा प्रेरित होती रहेंगी।

CJP आंदोलन के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने की थी इस्तीफे की पेशकश, BJP के बड़े नेता का दावा

education minister dharmendra pradhan on student protest

मध्यप्रदेश के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में शुरू हुए छात्र आंदोलन के पहले ही दिन अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी थी। इंदौर में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन विदेशी ताकतों के मंसूबों को विफल कर दिया है, जो हिंसा फैलाकर भारत को अस्थिर करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह बांग्लादेश और श्रीलंका में हालात बने, उसी तरह कुछ ताकतें भारत में भी अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही थीं। धर्मेंद्र प्रधान ने जो किया है, उसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं।”

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना 36 दिनों से चल रहा आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। यह आंदोलन परीक्षा में अनियमितताओं और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर शुरू किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और लोग जुड़े थे। विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने पार्टी और सरकार की ओर से दी गई हर जिम्मेदारी को ईमानदारी और पूरी निष्ठा से निभाया।

'पहले दिन ही इस्तीफे की पेशकश की थी'

 

कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि आंदोलन शुरू होने के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने बीजेपी अध्यक्ष से कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बाद में जब परिस्थितियां बदलीं और पार्टी ने फैसला लिया कि धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना चाहिए, तो उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस द्वारा जश्न मनाए जाने पर विजयवर्गीय ने निशाना साधा। उन्होंने हिंदी कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कांग्रेस “पड़ोसी के घर बच्चा पैदा होने पर ढोल बजा रही है।” उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन में कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं थी। छात्रों ने खुद आंदोलन शुरू किया और कांग्रेस केवल उनके पीछे खड़ी रही।

गुजरात में भारी बारिश, CM भूपेंद्र पटेल ने संभाली कमान, स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर का किया दौरा

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गुजरात में बारिश की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) का दौरा कर अधिकारियों से बारिश और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली गई।

 

 मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए इन जिलों में NDRF और SDRF की टीमें भेजी गई हैं। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि मैंने स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर का दौरा किया और राज्य में बारिश की स्थिति के बारे में ज़रूरी जानकारी ली।

 

अगले 24 घंटों में, नॉर्थ गुजरात के पाटन, मेहसाणा, वाव-थराद और बनासकांठा ज़िलों में भारी बारिश की संभावना है, इसे ध्यान में रखते हुए, लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की मदद के लिए NDRF और SDRF की टीमें इन ज़िलों में भेजी गई हैं और इन ज़िलों के कलेक्टरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 

अब, जब साउथ गुजरात के ज़िलों में बारिश की तेज़ी कम हुई है तो वहां राहत कामों पर ध्यान दिया गया है। इन जिलों में प्रभावित लोगों को नकद राशि दी जा रही है। घरेलू मदद भी तुरंत दी जाएगी।

 

 अधिकारियों को बारिश का पानी कम होते ही सफ़ाई, हेल्थ के उपाय और नुकसान का सर्वे करने के भी निर्देश दिए गए हैं। अब तक पूरे राज्य में 42 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है।

CM योगी का सख्त एक्शन, उखड़ी सड़कें नहीं सुधरीं तो होगी FIR, जल जीवन मिशन पर जल निगम को लगाई कड़ी फटकार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने आगरा दौरे के दौरान कमिश्नरी सभागार में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून-व्यवस्था की मैराथन समीक्षा करते हुए सीएम ने सख्त तेवर दिखाए और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुविधाओं और विकास कार्यों में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

जल निगम पर बरसे सीएम, कहा- ब्लैकलिस्ट करें ठेकेदारों को

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पेयजल पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि केवल रोड कटिंग कर उसे मोटरेबल बना देना पर्याप्त नहीं है। यदि सीसी (सीमेंट कंक्रीट) सड़क तोड़ी गई है, तो ठेकेदार को उसे सीसी सड़क ही बनाकर देनी होगी। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कार्य संतोषजनक नहीं मिलता है, तो ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करें और संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराएं।

 

रेहड़ी-पटरी वालों का पुनर्वास और स्वास्थ्य व शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील होने का निर्देश देते हुए कहा कि फुटपाथों पर दुकान लगाने वाले रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को उजाड़ा न जाए, बल्कि उन्हें उचित वेंडिंग जोन बनाकर विस्थापित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने आयुष्मान कार्ड और पैनल वाले अस्पतालों के भुगतानों का सत्यापन कर जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा विभाग को लेकर उन्होंने कहा कि डीबीटी के माध्यम से भेजे गए पैसों का उपयोग सुनिश्चित कराने के लिए अभिभावकों के साथ बैठकें की जाएं।

 

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और आगरा के विकास पर चर्चा

सीएम योगी ने कहा कि टीटीजेड और सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले संतोषजनक हैं। उन्होंने मंडलायुक्त को निर्देश दिए कि न्यायालय के ऐसे फैसलों की निरंतर निगरानी करें जो आगरा को प्रभावित करते हैं, ताकि प्रभावी पैरवी से शहर का विकास न रुके। उन्होंने कहा कि आगरा में लेदर प्रोडक्ट और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग की अपार संभावनाएं हैं, इसलिए उद्योगों को बढ़ावा देने की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में सीएम ने अवैध खनन पर रोक, जनसुनवाई को प्राथमिकता देने, अधिग्रहीत भूमि का किसानों को वर्तमान दर पर भुगतान करने और कांवड़ यात्रा की बेहतर तैयारियों के निर्देश भी दिए। 

 

बैठक में पर केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, जनपद प्रभारी मंत्री एवं एमएसएमई मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, सांसद राजकुमार चाहर, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, विधायक चौधरी बाबूलाल, पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, छोटेलाल वर्मा, रानी पक्षालिका सिंह,डॉ. जीएस धर्मेश, एमएलसी विजय शिवहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह और जिले के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे।