6 दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, 6,269 श्रद्धालुओं का जत्था बालटाल मार्ग से रवाना

amarnath yatra 2026 resumes from baltal way

लगातार छह दिनों तक स्थगित रहने के बाद, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित अमरनाथ गुफा, कटड़ा में माता वैष्णो देवी मंदिर और जम्मू क्षेत्र के रियासी जिले में स्थित शिव खोड़ी मंदिर की यात्रा भी आज शुरू हो गई हैं। ALSO READ: Top News 25 July: सोनम वांगचुक ने तोड़ी चुप्पी, 18 मेट्रो स्टेशन बंद, 6 दिन बाद शुरू हुई अमरनाथ यात्रा

 

खराब मौसम और भारी बारिश, भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने के चलते छह दिनों तक स्थगित रहने के बाद अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। मौसम में सुधार और मार्ग की सुरक्षा की समीक्षा के बाद तीर्थयात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया।

 

 

जम्मू के भगवती नगर स्थित संयुक्त पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार, 6,269 तीर्थयात्रियों का एक नया काफिला सुबह 2:42 बजे बालटाल मार्ग के लिए 223 वाहनों में रवाना हुआ, जिनमें 118 बसें, 60 मिनीबसें और 45 हल्के मोटर वाहन शामिल थे। इस काफिले में 4,720 पुरुष, 1,458 महिलाएं, 25 बच्चे, 54 साधु और 12 साध्वियां शामिल थीं।
 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नवीनतम जत्थे के साथ, इस वर्ष जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से रवाना होने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 119,029 हो गई है।

 

लगातार बारिश के कारण एनएच-44 पर कई स्थानों पर भूस्खलन, कीचड़ और पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते 19 जुलाई से तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई थी, जिससे तीर्थयात्रियों और अन्य यात्रियों के लिए खतरा पैदा हो गया था। मौसम में सुधार और राजमार्ग पर मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद यात्रा फिर से शुरू की गई।

 

रामबन के उपायुक्त मोहम्मद अलियास खान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रामबन अरुण गुप्ता ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने और तीर्थयात्रियों की सुचारू और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यात्रा काफिले के साथ बनिहाल के लांबर ग्राउंड लंगर स्थल तक गए। अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ की यात्रा केवल सबसे छोटे बालटाल मार्ग से ही पुनः शुरू की गई है।

 

मचैल माता यात्रा 27 जुलाई तक स्थगित

हालांकि, जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ जिले में 25 जुलाई से 8 अगस्त तक होने वाली मचैल माता यात्रा को 27 जुलाई तक तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। जम्मू में फंसे तीर्थयात्रियों को भी मौसम की स्थिति के आधार पर कश्मीर घाटी जाने की अनुमति दी जाएगी, जबकि पारंपरिक पहलगाम-चंदनवाड़ी मार्ग से यात्रा निलंबित रहेगी।

दिल्ली में आज 18 मेट्रो स्टेशन बंद, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच DMRC का बड़ा फैसला

CJP Protest : DMRC closed 18 Metro stations in delhi

दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा कारणों से आज सुबह 7:30 बजे से अगली सूचना तक 18 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। DMRC ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय पर केवल इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ALSO READ: '11 किलो वजन घटा, ऑर्गन्स और ब्रेन को नुकसान हुआ', अनशन पर उठे सवालों से भड़के सोनम वांगचुक, बोले- क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा?

 

दिल्ली मेट्रो रेल कॉपोरेशन ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि सुबह 07:30 बजे से अगले निर्देशों तक नीचे दिए गए मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सचिवालय पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

 

डीएमआरसी ने लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्‍ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ और जनपथ स्टेशन बंद रखने का पैसला किया है। साथ ही मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, झंडेवालान, शिवाजी स्टेडियम और नई दिल्ली स्टेशन भी बंद रहेंगे। ALSO READ: NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई


इससे पहले 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के जंतर मं‍तर से संसद मार्च के दौरान 5 मेट्रो स्टेशन राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ को बंद कर दिया गया था। 22 और 23 जुलाई को भी 16 स्टेशन सुरक्षा कारणों से बंद कर दिए गए थे। 24 जुलाई को पहले 17 स्टेशनों को बंद करने की घोषणा की गई, बाद में नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिया गया।

Top News 25 July: सोनम वांगचुक ने तोड़ी चुप्पी, 18 मेट्रो स्टेशन बंद, 6 दिन बाद शुरू हुई अमरनाथ यात्रा

top news 25 july

Top News : 26 दिन के अनशन समाप्त होने के बाद ईमानदारी पर उठ रहे सवालों पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भड़क गए। जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए 18 मेट्रो स्टेशन बंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों और युवाओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए उन्हें धन्यवाद कहा। 6 दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा। 25 जुलाई की बड़ी खबरे:

 

अनशन समाप्त करने पर क्या बोले सोनम वांगचुक? 

अनशन समाप्त होने के बाद ईमानदारी पर उठ रहे सवालों पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भड़क गए। उन्होंने भूख हड़ताल तोड़ने पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि छात्रों के लिए 26 दिन तक भूखा रहने के बाद, 11 किलो वज़न कम हो गया, मसल्स चले गए और मेरे ऑर्गन्स और ब्रेन ऐसे डैमेज हो गए हैं जिन्हें ठीक नहीं किया जा सकता, और यह सब लद्दाख की कड़ाके की ठंड से आने के बाद दिल्ली की चिलचिलाती धूप में ये सब करने के बाद, क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था। ALSO READ: '11 किलो वजन घटा, ऑर्गन्स और ब्रेन को नुकसान हुआ', अनशन पर उठे सवालों से भड़के सोनम वांगचुक, बोले- क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा?

 

आज 18 मेट्रो स्टेशन बंद

जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए आज सुबह 7.30 AM से अगली सूचना तक 18 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

 

पीएम मोदी बोले- Thank you friends

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन युवाओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया तथा रचनात्मक सुझाव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ALSO READ: PM मोदी ने छात्रों के लिए जारी किया एक और वीडियो, बोले- Thank you friends

 

6 दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा

छह दिन तक स्थगित रहने के बाद श्री अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हुई। भारी बारिश और खराब मौसम के कारण 19 जुलाई, 2026 को सालाना तीर्थयात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।

 

कॉमनवेल्थ में भारत को पहला पदक

पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को पहला पदक दिलाया। पुरुष हेवीवेट के फाइनल में झंडू ने 130.9 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। भारत के एक अन्य पैरा पावरलिफ्टर सुधीर 114.1 अंक के साथ छठे स्थान पर रहे।

’11 किलो वजन घटा, ऑर्गन्स और ब्रेन को नुकसान हुआ’, अनशन पर उठे सवालों से भड़के सोनम वांगचुक, बोले- क्या मुझे कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा?

sonam wangchuk hunger strike ends

अनशन समाप्त होने के बाद ईमानारी पर उठ रहे सवालों पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भड़क गए। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों के लिए 26 दिन तक भूखा रहने के बाद, 11 किलो वजन कम हो गया, मसल्स चले गए और मेरे ऑर्गन्स और ब्रेन डैमेज हो गए। क्या उन्हें किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा?  ALSO READ: PM मोदी ने छात्रों के लिए जारी किया एक और वीडियो, बोले- Thank you friends

सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल तोड़ने पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि छात्रों के लिए 26 दिन तक भूखा रहने के बाद, 11 किलो वज़न कम हो गया, मसल्स चले गए और मेरे ऑर्गन्स और ब्रेन ऐसे डैमेज हो गए हैं जिन्हें ठीक नहीं किया जा सकता, और यह सब लद्दाख की कड़ाके की ठंड से आने के बाद दिल्ली की चिलचिलाती धूप में ये सब करने के बाद, क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था।

 

उन्होंने कहा कि मैंने किसके हाथों अनशन तोड़ा, क्या डील हुई? मैं किसी को दोष नहीं दूंगा क्योंकि आप में से ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता कि मैं किन हालात से गुजरा हूं, मेरा परिवार पिछले एक-दो हफ्तों में किन हालात से गुजरा है। इसलिए किसी की भी बात सुनने से पहले, उनका बैकग्राउंड जरूर देखें। क्या उन्हें कोई नाराजगी है? क्या वे किसी ऐसी पॉलिटिकल पार्टी से हैं जिसे दूसरी पॉलिटिकल पार्टी से नाराजगी है, या वे कोई न्यूट्रल इंसान हैं? अगर वे न्यूट्रल हैं, तो उनकी बात जरूर सुनें। मैं उनके जवाब देने की कोशिश करूंगा। ALSO READ: NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

इस बीच मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि सोनम का अनशन तुड़वाने में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने ही सरकार और वांगचुक के बीच के गतिरोध को खत्म कराया। तन्खा पहले भी वांगचुक के NSA मामले में सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से पैरवी कर चुके हैं।

 

गौरतलब है कि NEET पेपर लीक के खिलाफ वांगचुक 26 दिन से भूख हड़ताल पर थे। उन्होंने गुरुवार देर रात 12:30 बजे अपना अनशन खत्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे और वांगचुक को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

 

सरकार ने स्वीकार की 3 मांगें

छात्रों पर नहीं होगी कानूनी कार्रवाई: जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले या 20 जुलाई को संसद चलो मार्च में शामिल होने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

पीड़ित परिवारों को मुआवजा: पेपर लीक की घटना की वजह से जान गंवाने वाले 20 से अधिक बच्चों के परिवारों को सरकार उचित मुआवजा देगी।

संसद में होगी पूरी बहस: देश की संसद में इस पूरे मुद्दे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की जवाबदेही तय करने पर विस्तार से बहस और चर्चा होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ALSO READ: पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, कैबिनेट ने सख्त कानून के मसौदे को दी मंजूरी, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

 

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर नहीं मिला आश्वासन

सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार इस बात का कोई आश्वासन नहीं दे सकी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कब होगा। उनके पास दो रास्ते थे- या तो वे कई हफ्तों तक भूख हड़ताल जारी रखते जिससे उनकी जान जा सकती थी, या फिर अनशन समाप्त करते। पिछले 2-3 हफ्तों से हजारों लोग उनसे कह रहे थे कि संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए उनका जीवित रहना जरूरी है।

LIVE: CJP धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी, क्या आज निकलेगा हल?

CJP Protest : CJP demands dharmendra pradhan resignation

Latest News Today Live Updates in Hindi : सीजेपी प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह से मुलाकात करेगा। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हुई है कि सरकार का इस मामले में क्या रूख है?

छह दिन तक स्थगित रहने के बाद श्री अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हुई। भारी बारिश और खराब मौसम के कारण 19 जुलाई, 2026 को सालाना तीर्थयात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।

-सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ बैठक आज 3:30 बजे होगी।

-जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए आज सुबह 7.30 AM से अगली सूचना तक 18 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। 

-दिल्ली पुलिस ने भी जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बैरिकेड्स को हेवी ड्यूटी चेन से जोड़ा गया है और वेल्डिंग की गई है।

PM मोदी ने छात्रों के लिए जारी किया एक और वीडियो, बोले- Thank you friends

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन युवाओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपने सुझाव दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों और युवाओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया तथा रचनात्मक सुझाव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

ALSO READ: जंतर-मंतर पर इस्तीफे का दावा करने वाला पुलिसकर्मी निकला निलंबित, उत्तराखंड पुलिस ने खोली शेर सिंह की पूरी फाइल

वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धन्यवाद दोस्तों। मुझे कल देर रात आप सबसे मिलने का अवसर मिला। आपने मेरे वीडियो पर जिस तरह प्रतिक्रिया दी और सकारात्मक सुझाव दिए, उसकी मैं सराहना करता हूं। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।” 

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प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा, “कल मेरा वीडियो देखने और अपने महत्वपूर्ण सुझाव भेजने वाले सभी युवाओं का धन्यवाद।” प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर देशभर में व्यापक चर्चा चल रही है। उन्होंने युवाओं के सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए संवाद और सहभागिता की भावना पर जोर दिया।

जंतर-मंतर पर इस्तीफे का दावा करने वाला पुलिसकर्मी निकला निलंबित, उत्तराखंड पुलिस ने खोली शेर सिंह की पूरी फाइल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के दौरान इस्तीफा देने का दावा कर सुर्खियों में आए उत्तराखंड पुलिस के पूर्व कांस्टेबल शेर सिंह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेर सिंह पहले से ही निलंबित हैं और वह वर्तमान में सक्रिय सेवा में नहीं हैं। इतना ही नहीं, उन पर अवैध जमीन कब्जाने से जुड़े मामले में जेल जाने का भी रिकॉर्ड है।

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24 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान शेर सिंह मंच पर पहुंचे और एक कागज लहराते हुए उसे अपना इस्तीफा पत्र बताया। इसके बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि शेर सिंह पहले ही सेवा से निलंबित किए जा चुके हैं और उनका इस्तीफा देने का दावा भ्रामक है।

अवैध जमीन कब्जाने का गंभीर मामला

पुलिस के अनुसार, हरिद्वार जिले में शेर सिंह के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है। उन पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जमीन पर अवैध कब्जा कराने, लोगों को धमकाने और एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप हैं। इसी मामले में वह पहले जेल भी जा चुके हैं।

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बिना अनुमति ड्यूटी से थे गायब

कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि शेर सिंह 28 जून 2026 से पिथौरागढ़ जिले में बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित थे। इस संबंध में पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) ने उन्हें नोटिस जारी किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर 20 जुलाई 2026 को उन्हें निलंबित कर दिया गया।

 

आईजी ने कहा कि शेर सिंह का छात्रों को प्रदर्शन के लिए उकसाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। उनके खिलाफ पहले से आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है और उनके हालिया बयान को लेकर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा, एमपी में युवाओं के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों की जल्द होगी सुनवाई

सीएम डॉ. मोहन यादव ने पन्ना को दी 184.83 करोड़ की सौगात

पन्ना जिले में किए कई विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन

35 लाख से ज्यादा पेंशन हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर किए 210 करोड़

 

भोपाल। 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति और वसुधैव कुटुम्बकम के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए विश्व कल्याण के लिए प्रयास कर रहा है। हमारी संस्कृति में सबके कल्याण और मानवता से प्रेम करने की बात कही गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के हित में उनकी शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। मध्यप्रदेश के चारों महानगरों- भोपाल, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर में इसी प्रकार के फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। सीएम डॉ. मोहन शुक्रवार को पन्ना में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन आज पन्ना जिले को बड़ी सौगात दी। उन्होंने होमगार्ड मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 184.83 करोड़ रुपये की लागत के कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके अलावा उन्होंने 35 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से 210 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की। इससे पहले सीएम डॉ. यादव ने श्री जुगल किशोर मंदिर जाकर विधि-विधान से पूजा की। उन्होंने भगवान से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस मौके पर उन्होंने कई घोषणाएं भी की। उन्होंने कहा कि अगले साल पन्ना मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण किया जाएगा। नीट के अभ्यर्थियों को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। 

 

पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ेगा एमपी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती सर्वश्रेष्ठ है। यह महाराज छत्रसाल, आल्हा-ऊदल की धरती है। सौभाग्यशाली व्यक्ति ही ऐसी पुण्य धरा पर आ सकता है। यहां पन्ना में धरती के नीचे हीरा निकलता है। लेकिन धीरे-धीरे पानी की कमी होती गई। लोगों ने पलायन शुरू कर दिया, जिसे हमारी सरकार ने रोका। अब हमारी सरकार ने बुंदेलखंड की समृद्धि के लिए भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के संकल्प के अनुसार अंतर्राज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की शुरुआत की है। केंद्र सरकार ने 1 लाख करोड़ की इस परियोजना के लिए 90 प्रतिशत राशि देने की स्वीकृति प्रदान की। नदी जोड़ो परियोजना किसानों के लिए समृद्धि लेकर आएगी। राज्य सरकार ने तय किया है कि ऐसी परियोजनाओं में किसी की जमीन, मकान और दुकान आती है तो उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा। इस परियोजना से बुंदेलखंड बदलने वाला है। किसान भाई अपनी जमीन बेचने का विचार मन में न लाएं। खेती के मामले में यह क्षेत्र अब पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ेगा। 

 

पन्ना क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ाएगा नया अनोखा ग्लास फ्लोर और व्यू प्वाइंट-मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पन्ना के बृहस्पति कुंड पर 8 करोड़ की लागत के सौंर्दयीकरण के अंतर्गत निर्मित ग्लास फ्लोर और व्यू प्वाइंट सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण किया। पन्ना में निर्मित यह कांच के फ्लोर वाला व्यू प्वाइंट यहां के पर्यटन को बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसे देखने देश-विदेश के लोग आएंगे। भारत के पर्यटकों को भी अन्य देशों में जाने की आवश्यकता नहीं है। यहां के प्राकृतिक जलप्रपात पर्यटन में वैश्विक केंद्र बनने के योग्य हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना जिले के निवासियों को सौगात दी जा रही है। कुल 184.83 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इन कार्यों में गुन्नौर और पवई के 74 करोड़ रुपए लागत के 2 सांदीपनि विद्यालय शामिल हैं। सांदीपनि विद्यालय देश में सबसे अच्छे विद्यालय हैं। प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बनाए गए हैं। यह विद्यालय भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता के प्रतीक हैं। सांदीपनि विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारों के साथ शिक्षा दी जा रही है। 

 

युवाओं को मिल रहा रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में 10 हजार नए पद मंजूर किए हैं। पिछले साल 8 हजार पदों पर भर्ती की गई। प्रदेश में कुल एक लाख से अधिक शासकीय पदों पर युवाओं को नौकरी के अवसर मिले हैं। सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ना चाहती है। किसान बंधु पशुपालन और दूध उत्पादन के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकते हैं। राज्य में अभी 12 प्रतिशत दूध उत्पादन है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। किसान खेती से लाभ कमाएं, दूध उत्पादन से आय बढ़ाएं और मछली उत्पादन से भी फायदा कमा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियां को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पन्ना में हजारों करोड़ का निवेश आ रहा है। सागर संभाग में ही बीना में रिफाइनरी के विस्तार का कार्य भी हुआ है। खेत से लेकर फैक्ट्री और फिर निर्यात तक हमारी सरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है।

 

समान नागरिक संहिता को दी मंजूरीृमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के पास जगदीशपुर कभी इस्लामनगर के रूप में जाना जाता था, जहां से पहली बार शरिया कानून प्रदेश की धरती पर लागू हुआ था। लेकिन हमारी सरकार ने उसी धरती पर कैबिनेट आयोजित कर एक समान कानून (यूसीसी) लागू करने के लिए विधेयक को मंजूरी दी। विधानसभा में भी विधेयक पारित हो चुका है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता प्रभावी हो जाने के बाद अगर राम एक विवाह करेगा तो रहीम को भी एक ही शादी करनी पड़ेगी। मध्यप्रदेश में धर्म के आधार पर नागरिकों के लिए अलग-अलग कानून की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यूसीसी से मुस्लिम बहनों को भी तलाक के मामलों में राहत मिलेगी। अब तलाक सिर्फ कोर्ट के माध्यम से ही होगा। हमारे लिए कलाई पर राखी बांधने वाली सभी बहनें एक समान हैं। चाहे वह किसी भी धर्म की क्यों न हों। इसी भाव से राज्य सरकार हर माह लाड़ली बहना योजना के माध्यम से पात्र बहनों को 1500 रुपए की राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब, किसान, युवा और नारी सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। किसानों को सम्मान निधि और विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिल रही है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

जुगलकिशोर मंदिर में सुविधाओं का विकास किया जाएगा। 

महाराज छत्रसाल स्टेडियम को सर्वसुविधा युक्त बनाया जाएगा। 

बृजपुर में महाविद्यालय प्रारंभ किया जाएगा। 

सड़क एवं पुल निर्माण के नए कार्य भी होंगे।

Ravneet Singh Bittu : रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा मंजूर, पंजाब चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति में बड़ा बदलाव

ravneet singh bittu

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।

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रवनीत सिंह बिट्टू वर्ष 2024 से केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो गया था। अगस्त 2024 में उन्हें राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। यह सीट कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी।

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पंजाब चुनाव पर रहेगा फोकस

 

रिपोर्टों के अनुसार, बिट्टू अब अगले वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर पूरा ध्यान केंद्रित करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और चुनाव अपने दम पर लड़ेगी।

इस्तीफे के बाद जताया आभार

इस्तीफा स्वीकार होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार में राज्य मंत्री के रूप में देश की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही है। उन्होंने कहा कि वह विकसित भारत के विजन, राष्ट्रवाद और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रखेंगे।

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कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू?

50 वर्षीय रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता बेअंत सिंह के पोते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की और 2009 में आनंदपुर साहिब से पहली बार लोकसभा सांसद बने। इसके बाद 2014 और 2019 में लुधियाना से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।

 

साल 2021 में वह लोकसभा में कांग्रेस के नेता भी रहे। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से करीब 20,942 वोटों के अंतर से हार गए। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जलालाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल से हार का सामना करना पड़ा।

सहारनपुर पटाखा फैक्ट्री में बड़ा हादसा, विस्फोट में 2 कारीगरों की मौत, 2 मजदूर लापता, जांच के आदेश

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के चलते दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि दो मजदूर अभी तक लापता है, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यहां घटना गंगोह थाना क्षेत्र के नया गांव (बसी कुंडा) में चल रही एक पटाखा फैक्ट्री में शुक्रवार शाम को हुई। फैक्ट्री में धमाका इतना तीव्र था कि दूर-दराज तक सुनाई दिया। फैक्ट्री का एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया और मलबा दूर-दूर तक फैल गया। राहत एवं बचाव दल देर शाम तक मलबा हटाकर लापता लोगों की तलाश में जुटे रहे।

 

मिली जानकारी के मुताबिक हसन अली नाम का शख्स इस पटाखा फैक्ट्री को संचालित पटाखा फैक्ट्री को चला रहा था, हादसे के समय यहां करीब 23 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें कई प्रशिक्षित कारीगर मध्य प्रदेश से बुलाए गए थे। धमाका शाम करीब पांच बजे फैक्ट्री के एक हिस्से में अचानक विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग लग गई। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।

 

विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री की दीवारें और छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक कारीगर का शव मलबे से बरामद हुआ, जबकि दूसरे का शव फैक्ट्री से कुछ दूरी पर मिला। दोनों शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया था।

 

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। इसके बाद पुलिस, दमकल विभाग, प्रशासन, फोरेंसिक टीम और विस्फोटक विशेषज्ञों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया और मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की।

 

जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश निवासी दीपराज देवड़ा (20) और संदीप देवड़ा (22) के रूप में हुई है। वहीं आकाश रावत और लालू पिपराद अब भी लापता हैं। प्रशासन के अनुसार, विस्फोट के समय फैक्ट्री के प्रभावित हिस्से में केवल चार लोग मौजूद थे।

 

बताया जा रहा कि फैक्ट्री का लाइसेंस वर्ष 2028 तक वैध है। हालांकि, सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी जांच के लिए एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन मिलता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। करीब 10 बीघा क्षेत्र में फैली फैक्ट्री के प्रभावित हिस्से को फिलहाल सील कर दिया गया है। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच जारी है, जबकि लापता मजदूरों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।