CM योगी का आगरा दौरा, 342 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, 36 योजनाओं का करेंगे शिलान्यास

CM Yogi Barabanki Speech

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार से आगरा के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ताजनगरी को 342 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 53 बड़ी विकास परियोजनाओं की शानदार सौगात देंगे। मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम फतेहाबाद रोड स्थित टाटा मैदान में आयोजित होगा।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसके बाद वे मंच से जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। इसी विशेष कार्यक्रम में नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके नियुक्ति पत्र भी बांटे जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। 

 

जनसभा करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ कमिश्नरी सभागार पहुंचेंगे, जहां वे प्रशासनिक और विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा बैठक करेंगे। इसके अलावा आगरा के विकास को गति देने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक की जाएगी। मुख्यमंत्री के सुरक्षित आवागमन के लिए टाटा मैदान और खंदारी स्थित आरबीएस कॉलेज परिसर में दो हेलीपैड बनाए गए हैं। शुक्रवार को दिनभर जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, मुख्य विकास अधिकारी और पुलिस प्रशासन के सभी आला अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का अंतिम जायजा लिया।

 

इन प्रमुख परियोजनाओं का होगा शिलान्यास

अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी कई विभागों की 292.40 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें स्वास्थ्य और शहर के बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े कार्य शामिल हैं। प्रमुख रूप से 93.81 करोड़ रुपये की लागत से 150 बेड वाले लेडी लॉयल अस्पताल का निर्माण, 79.15 करोड़ से सुभाष पार्क- मारुति एस्टेट के बीच सीएम ग्रिड रोड और 65.44 करोड़ से शास्त्रीपुरम में स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त डीआईओएस का नया भवन, श्री कैलाश मंदिर का पर्यटन विकास, वर्किंग वूमेंस हॉस्टल और बल्केश्वर थीम पार्क का पुनर्निर्माण कार्य भी शामिल है।

 

17 परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण

शिलान्यास के साथ ही मुख्यमंत्री 50.06 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो चुकी 17 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित करेंगे। इनमें बंदियों की सहूलियत के लिए जिला कारागार में लगभग 8 करोड़ रुपये से बनी नई बैरकें शामिल हैं। इसके अलावा खंदारी बापू नगर में 57 लाख से बनी सीसी सड़क, 4.86 करोड़ से पालीवाल पार्क का विकास एवं सौंदर्यीकरण के कार्य और सिकंदरा में करोड़ों रुपये की लागत से बनी आरसीसी पुलिया व डक्ट का उद्घाटन भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी।

NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

सीजेपी प्रोस्टेट के बीच शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को लेकर बड़ा एक्शन लिया गया है। एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। कुछ अफसरों पर कानूनी कार्रवाई भी की गई है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई NTA में बड़े सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए शुरू किए गए बड़े अभियान का हिस्सा है।

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इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। 

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आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को घोषणा की थी कि अगले हफ्ते संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे। इस घोषणा के कुछ घंटे बाद मंत्रिमंडल ने मसौदे को मंजूरी दी।

आधुनिक तकनीक, नवाचार और बाजार को जोड़कर गो पालन को ज्यादा लाभकारी बनाने पर मंथन

Cattle rearing business model: योगी सरकार गोशालाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हरित ऊर्जा, प्राकृतिक खेती और स्थानीय उद्यमिता के ऐसे केंद्रों में बदलने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है, जहां गोबर से ऊर्जा, गोमूत्र से मूल्यवर्धित उत्पाद और गो उत्पाद आधारित उद्योगों के जरिए रोजगार और आय का नया चक्र तैयार होगा। लक्ष्य है कि गोशालाएं बेहतर आय अर्जित करने वाली आत्मनिर्भर इकाइयों में बदलें। इसी विजन को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग ने इंदिरा भवन लखनऊ में उद्यमियों, नवाचारी किसानों, गोसेवी संस्थाओं और गोशाला संचालकों के साथ व्यापक संवाद किया। 

 

बैठक में इस बात पर मंथन हुआ कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोसंरक्षण के विजन को किस प्रकार आधुनिक तकनीक, नवाचार और बाजार से जोड़कर आर्थिक मॉडल में बदला जाए। जिससे गोवंश संरक्षण सीधे ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़ सके।

 

बैठक में ग्लोबल कन्फेडरेशन ऑफ काउ-बेस्ड इंडस्ट्रीज (GCCI) के सचिव पुरीष कुमार ने एक ऐसा आर्थिक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसने गोशालाओं की संभावनाओं को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि 200 गायों वाली गोशाला में दूध, गोबर और गोमूत्र का वैज्ञानिक मूल्यवर्धन किया जाए तथा बायोगैस, जैविक खाद, प्राकृतिक कृषि इनपुट और अन्य गो आधारित उत्पादों का व्यवस्थित उत्पादन हो, तो सालाना लगभग दो करोड़ रुपए तक की संभावित आय अर्जित की जा सकती है। इससे गोशालाएं संरक्षण केंद्र के साथ-साथ ग्रामीण उद्यम का मजबूत आधार बन सकती हैं।

 

संवाद में बनासकांठा, गुजरात की गोमूत्र डेयरी के देवाराम पुरोहित ने बताया कि गुजरात के अबाला गांव में गोमूत्र के संग्रहण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर प्राकृतिक कृषि के लिए उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से स्थानीय ग्रामीण परिवारों को आय का अवसर मिलने के साथ प्राकृतिक एवं रसायनमुक्त कृषि को भी बढ़ावा मिल रहा है।

गो-वंश आधारित विद्युत उत्पादन मॉडल

ग्राम धाम गोशाला, सिद्धपुरा, लखनऊ के संचालक पूर्व पुलिस उपाधीक्षक शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने गोशाला में विकसित गोवंश-आधारित विद्युत उत्पादन मॉडल की जानकारी साझा की। वहीं, पे अमृत संस्था के निदेशक प्रवीण मिश्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य की गोशाला केवल गोवंश संरक्षण का स्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण सर्कुलर बायो-इकोनॉमी हब होगी। रूरल हब इनोवेशंस लिमिटेड के गौरव गुप्ता ने ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार, उद्यमिता एवं स्थानीय संसाधनों के मूल्यवर्धन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने गोशालाओं और ग्रामीण युवाओं को तकनीक, बाजार एवं उद्यमिता से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय के नए अवसर विकसित करने की संभावनाओं पर विचार रखा।

गोशालाओं में हो रहे नवाचारों को श्रेष्ठ तकनीकों और सफल मॉडलों से जोड़ा जाएगा

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की गोशालाओं में हो रहे नवाचारों को श्रेष्ठ तकनीकों और सफल मॉडलों से जोड़ा जाएगा ताकि गोसंरक्षण के साथ आत्मनिर्भरता और ग्रामीण समृद्धि का स्थायी मॉडल विकसित हो सके। संवाद में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर, दीपक गोयल एवं रमाकांत उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।

 

योगी सरकार के 94 पुलिस अधिकारियों ने सीखी फॉरेंसिक विज्ञान की बारीकियां

UP Police Forensic Training: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वैज्ञानिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) ने एक और कदम बढ़ाया है। संस्थान में 'क्राइम सीन मैनेजमेंट' कोर्स के पांचवें बैच का प्रशिक्षण पूरा हो गया। छह सप्ताह तक चले प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न कमिश्नरेट और जनपदों के 94 पुलिस अधिकारियों को वैज्ञानिक प्रबंधन, साक्ष्य संरक्षण, साइबर फोरेंसिक और आधुनिक विवेचना तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। जिसका उद्देश्य है कि विवेचना वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित हो, ताकि अदालत में मजबूत पैरवी हो और दोषियों को सजा दिलाने की दर बढ़े।

फॉरेंसिक विज्ञान का मूल उद्देश्य जांच को सशक्त बनाना 

समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान का मूल उद्देश्य जांच को सशक्त बनाकर न्याय प्रणाली को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि डीएनए, फिंगरप्रिंट और अन्य भौतिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण अपराधियों की पहचान और सफल विवेचना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

इसलिए अपराध स्थल से साक्ष्यों का संकलन अत्यंत उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए, तभी उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा। उन्होंने प्रशिक्षित अधिकारियों से अपने-अपने जनपदों में ट्रेनर ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) के रूप में अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने विश्वस्तरीय फोरेंसिक शिक्षा और विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से इस संस्थान की स्थापना की है।

कानून के साथ विज्ञान का संगम ही फॉरेंसिक विज्ञान

यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि कानून के साथ विज्ञान का संगम ही फॉरेंसिक विज्ञान है। न्याय की पहली सीढ़ी पुलिस तैयार करती है। उप महानिरीक्षक हेमराज मीना ने प्रशिक्षण के सफल संचालन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। वहीं उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि छह सप्ताह के प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को क्राइम सीन मैनेजमेंट के साथ साइबर फोरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य संरक्षण और आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे अपने जनपदों में वैज्ञानिक विवेचना को और प्रभावी बना सकें।

समारोह में उप निदेशक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, डॉ. पोरवी सिंह, विवेक कुमार, डॉ. सपना, डॉ. श्रुतिदास गुप्ता, डॉ. शाश्या मिश्र, डॉ. स्वप्निल, डॉ. पलक, आरआई शैलेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, कैबिनेट ने सख्त कानून के मसौदे को दी मंजूरी, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को घोषणा की थी कि अगले हफ्ते संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे। इस घोषणा के कुछ घंटे बाद मंत्रिमंडल ने मसौदे को मंजूरी दी।

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सूत्रों ने बताया कि संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रश्नपत्र लीक के मामलों में शामिल लोगों को मौजूदा कानूनों की तुलना में अधिक कड़ी सजा देने का प्रावधान करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई।

 

प्रधानमंत्री ने गुरुवार की मध्यरात्रि को एक वीडियो संदेश में कहा था, ‘‘सोमवार को जब संसद के मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह शुरू होगा, तो प्रश्नपत्र लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई के प्रावधानों वाला एक विधेयक लाया जाएगा और हम उसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश करेंगे।’’

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यह घोषणा ऐसे समय में की गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में हुई अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने, शिक्षा प्रणाली में सुधार और मई में नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है।

पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, कैबिनेट ने सख्त कानून के मसौदे को दी मंजूरी, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को घोषणा की थी कि अगले हफ्ते संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे। इस घोषणा के कुछ घंटे बाद मंत्रिमंडल ने मसौदे को मंजूरी दी।

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सूत्रों ने बताया कि संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रश्नपत्र लीक के मामलों में शामिल लोगों को मौजूदा कानूनों की तुलना में अधिक कड़ी सजा देने का प्रावधान करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई।

 

प्रधानमंत्री ने गुरुवार की मध्यरात्रि को एक वीडियो संदेश में कहा था, ‘‘सोमवार को जब संसद के मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह शुरू होगा, तो प्रश्नपत्र लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई के प्रावधानों वाला एक विधेयक लाया जाएगा और हम उसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश करेंगे।’’

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यह घोषणा ऐसे समय में की गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में हुई अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने, शिक्षा प्रणाली में सुधार और मई में नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है।

Share Bazaar लगातार 5वें दिन टूटा, Sensex 332 अंक फिसला, Nifty भी आया 23800 के नीचे

Indian stock markets closed lower for fifth consecutive day on Friday

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ।

 

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार लगातार 5वें दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा नए व्यापार शुल्कों के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76059.77 पर बंद हुआ।

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कारोबार के दौरान यह एक समय 916.96 अंक यानी 1.20 प्रतिशत लुढ़ककर 75474.43 तक गिर गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 102.15 अंक यानी 0.43 प्रतिशत लुढ़ककर 23767.45 अंक पर बंद हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स और इंफोसिस कंपनियां प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। एशियाई बाजारों की कमजोरी से भी घरेलू स्तर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा।

वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 4 फीसदी की गिरावट आई, जिससे यह 96.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डॉलर की मजबूत मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 96.52 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि इसके 2 महीने के निचले स्तर (96.67) के बेहद करीब है।

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पिछले 5 कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स में कुल 2091.68 अंक यानी 2.67 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि एनएसई निफ्टी 566.85 अंक यानी 2.32 प्रतिशत टूट गया। दक्षिण कोरिया का सूचकांक कॉस्पी 5.72 प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी नुकसान में रहे।

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इससे पहले यानी गुरुवार को पश्चिम एशिया में जारी संकट और कच्चे तेल की कीमत में तेजी के असर से भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्‍स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत लुढ़ककर 76391.39 के स्‍तर पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23869.60 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान अडाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

गुजरात में कॉन्ट्रैक्ट नौकरियों में आरक्षण लागू करने की तैयारी में सरकार

Bhupendra Patel

Gujarat Contracts Jobs Quota News: गुजरात सरकार ने लंबी विचार-विमर्श के बाद राज्य की संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) नौकरियों में आरक्षित वर्ग के लिए सीटें सुरक्षित करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यदि यह नीति लागू होती है, तो भविष्य में सभी कॉन्ट्रैक्ट आधारित नियुक्तियां आरक्षण के नियमों के अनुसार ही की जाएंगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों को यह लाभ देने की संभावनाओं को गंभीरता से जांच रही है, जो सरकारी भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

विभिन्न वर्गों की मांग और मंत्री स्तर पर समीक्षा

जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार को विभिन्न सामाजिक संगठनों और वर्गों से कॉन्ट्रैक्ट आधारित भर्तियों में आरक्षण लागू करने की मांगें मिलने के बाद यह मामला विचारधीन आया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा शिक्षा मंत्री प्रद्युम्न सिंह जाडेजा ने इस प्रस्ताव की गंभीरता को समझते हुए गुरुवार को शिक्षा और सामाजिक न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की। इस बैठक में प्रस्तावित नीति की कानूनी और व्यावहारिक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

राज्य में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सटीक संख्या जुटाने की कवायद

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का सटीक डेटा तुरंत एकत्र करने के निर्देश दिए। सरकारी तंत्र के पास वर्तमान में ऐसे कर्मचारियों का एकीकृत डेटा आसानी से उपलब्ध न होने के कारण यह निर्देश जारी किया गया है। एक अनुमान के अनुसार, पूरे गुजरात में वर्तमान में 3,00,000 से अधिक लोग कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर काम कर रहे हैं, और वास्तविक संख्या इससे भी काफी अधिक हो सकती है।

वर्ग 3-4 से लेकर डॉक्टरों तक कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम का विस्तार

वर्तमान में राज्य सरकार के लगभग सभी विभागों में कॉन्ट्रैक्ट आधारित नियुक्तियां आम हो गई हैं। विशेष रूप से वर्ग-3 और वर्ग-4 के अधिकांश पद इसी प्रकार भरे जाते हैं। इतना ही नहीं, अब डॉक्टर, नर्स और अन्य विशिष्ट तकनीकी पदों के साथ-साथ राज्य सचिवालय के कई महत्वपूर्ण पद भी कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर भरे जा रहे हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में आरक्षण की आवश्यकता और अधिक तीव्र हो गई है।

वर्तमान भर्ती पद्धति और आरक्षण का अभाव

मौजूदा स्थिति में सरकारी विभागों में कॉन्ट्रैक्ट भर्ती दो तरीकों से होती है: पहला, विभागों द्वारा सीधी नियुक्ति और दूसरा, निजी एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्सिंग। सामान्य स्थायी सरकारी भर्ती प्रक्रिया में नियमानुसार SC, ST और OBC वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान होता है, लेकिन वर्तमान कॉन्ट्रैक्ट या आउटसोर्सिंग भर्तियों में किसी भी प्रकार का कोटा या आरक्षण नियम लागू नहीं होता है।

टेंडर प्रक्रिया में ही आरक्षण के नियम जोड़ने का प्रस्ताव

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के वेतन का भुगतान भी सरकारी खजाने से ही किया जाता है, इसलिए आरक्षण लागू करना न्यायसंगत होगा। इसके लिए एक व्यावहारिक समाधान यह विचाराधीन है कि आउटसोर्सिंग करने वाली निजी एजेंसियों के लिए जारी किए जाने वाले सरकारी टेंडरों में ही आरक्षण की शर्तें जोड़ दी जाएं। ऐसा करने से एजेंसियां भर्ती करते समय स्वतः ही आरक्षण नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होंगी।

देशभर में कॉन्ट्रैक्ट आरक्षण की वर्तमान स्थिति

आउटसोर्सिंग और कॉन्ट्रैक्ट भर्तियों में कानूनी सुधार करके स्पष्ट आरक्षण नीति लागू करने वाला कर्नाटक देश का पहला राज्य बना था। अब गुजरात ने भी इस दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार अभी भी इस पर विचार कर रही है। गुजरात में 50 प्रतिशत से अधिक OBC आबादी और उल्लेखनीय आदिवासी (ST) आबादी होने के कारण यह निर्णायक कदम बड़ा सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है।

CM योगी का 150 लोगों को भरोसा, निश्चिंत रहें सबकी समस्याओं पर होगा एक्शन

Yogi Adityanath Janta Darshan

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर उन्होंने समस्या-शिकायत लेकर आए लोगों को भरोसा देते हुए कहा, ‘चिंता मत करें, सबकी समस्या पर प्रभावी कार्रवाई कराई जाएगी।’ मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि यहां आईं शिकायतों का निस्तारण और समस्याओं का समाधान शीघ्रता से कराया जाए।

 

जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 150 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर लगी कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना, उनके प्रार्थनापत्र लिए। उन्होंने पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी का निस्तारण निष्पक्ष और समयबद्ध होना चाहिए। 

 

अपराध व जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलाज के लिए आर्थिक मदद से जुड़े प्रार्थना पत्रों पर उन्होंने अस्पतालों के इस्टीमेट की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा। सीएम ने लोगों को आश्वस्त किया कि इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।  

Yogi Janata darshan

सीएम की आवाज सुन दौड़ते चले आए गोवंश

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा की। गोशाला में सीएम योगी ने भ्रमण करते हुए कुछ गोवंश को उनके नामों से पुकारा। उनकी आवाज इन गोवंश के लिए जानी पहचानी है। प्यार भरी पुकार सुनते ही गोवंश दौड़ते हुए उनके पास आ गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा, उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। उन्होंने मंदिर की गोशाला की अन्य गायों और नंदी को भी अपने हाथों से गुड़ खिलाया। साथ ही गोशाला के कार्यकर्ताओं को गायों की देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए।

22.80 KMPL माइलेज और 1300 KM रेंज वाली Honda ZR-V Hybrid SUV भारत में लॉन्च

Honda ZR-V

होंडा कार्स इंडिया ने भारतीय बाजार के लिए अपनी नई फ्लैगशिप SUV Honda ZR-V पेश कर दी है। हालांकि, पहली नजर में यह SUV हर खरीदार के लिए नहीं लगती। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसे CBU (Completely Built Unit) के रूप में भारत लाया जाएगा, जिससे इसकी कीमत काफी प्रीमियम रहने की उम्मीद है। ऐसे में इसका मुकाबला कई दमदार सात-सीटर प्रीमियम SUVs से होगा।

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Honda ZR-V न तो बहुत बड़ी SUV है और न ही इसमें हाई-परफॉर्मेंस पेट्रोल इंजन दिया गया है। इसके बजाय कंपनी ने इसमें स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन दिया है, जो स्पोर्टी ड्राइविंग की बजाय बेहतर माइलेज और स्मूद परफॉर्मेंस पर फोकस करता है।

हर किसी के लिए नहीं है Honda ZR-V

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होंडा का मानना है कि ZR-V उन ग्राहकों के लिए है जो दिखावटी फीचर्स की बजाय भरोसेमंद इंजीनियरिंग, क्वालिटी और लंबे समय तक टिकाऊ कार को प्राथमिकता देते हैं। कंपनी की पुरानी Honda CR-V भी इसी सोच के साथ आई थी। भले ही उसकी कीमत ज्यादा थी और उसकी बिक्री सीमित रही, लेकिन जिन ग्राहकों ने उसे खरीदा, उन्होंने उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता की हमेशा सराहना की। Honda ZR-V भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती दिखाई देती है।

 

यूरोपीय डिजाइन वाली प्रीमियम क्रॉसओवर

 

डिजाइन की बात करें तो Honda ZR-V का लुक काफी हद तक यूरोपीय क्रॉसओवर जैसा है। इसका डिजाइन सादगी के साथ प्रीमियम अहसास देता है और समय के साथ भी आकर्षक बना रहेगा।

 

SUV में:

 

  • इंटरनेशनल Honda Civic से प्रेरित स्लिम LED हेडलैंप
  • पहली जनरेशन Audi Q7 जैसी रियर स्टाइलिंग
  • Maserati से प्रेरित फ्रंट ग्रिल
  • बॉडी-कलर्ड क्लैडिंग
  • ड्यूल-फंक्शन एग्जॉस्ट टिप्स
  • 18-इंच अलॉय व्हील्स

 

जैसे डिजाइन एलिमेंट्स दिए गए हैं।

 

दिखावे से ज्यादा भरोसे पर जोर

Honda ZR-V में कई ऐसे आकर्षक और दिखावटी फीचर्स नहीं दिए गए हैं, जो आजकल प्रीमियम SUVs में आम हो चुके हैं। इसके बजाय कंपनी ने उन फीचर्स और इंजीनियरिंग पर फोकस किया है, जो लंबे समय तक टिकाऊ और भरोसेमंद साबित हों। यही वजह है कि यह SUV हर ग्राहक के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए है जो प्रीमियम गुणवत्ता, मजबूत हाइब्रिड तकनीक और लंबे समय तक बेहतर ओनरशिप अनुभव चाहते हैं।

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सीमित संख्या में होगी उपलब्ध

 

Honda ZR-V को भारत में सीमित संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य बड़े पैमाने पर बिक्री नहीं, बल्कि चुनिंदा ग्राहकों को प्रीमियम हाइब्रिड SUV का विकल्प देना है।

क्या हैं फीचर्स  

Honda ZR-V: इंजन, माइलेज और फीचर्स

 

नई Honda ZR-V में 2.0-लीटर, 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन के साथ डुअल-मोटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम दिया गया है। यह पावरट्रेन संयुक्त रूप से 184 हॉर्सपावर (hp) की पावर और 315Nm का टॉर्क जनरेट करता है।

 

इंजन की पावर e-CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के जरिए फ्रंट व्हील्स तक पहुंचती है। कंपनी के अनुसार यह हाइब्रिड SUV सिर्फ 7.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी अधिकतम स्पीड 172 किमी/घंटा (इलेक्ट्रॉनिक रूप से सीमित) है।

 

माइलेज की बात करें तो Honda ZR-V हाइब्रिड 22.80 किमी प्रति लीटर का प्रमाणित (Certified) फ्यूल इकोनॉमी देने का दावा करती है। कंपनी के मुताबिक, यह SUV एक फुल टैंक में लगभग 1,300 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज प्रदान कर सकती है।

 

  • Honda ZR-V के प्रमुख फीचर्स
  • 9-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम
  • 10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर
  • वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay
  • 4-वे पावर एडजस्टेबल को-ड्राइवर सीट
  • मेमोरी फंक्शन के साथ 8-वे इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल ड्राइवर सीट
  • पैनोरमिक सनरूफ
  • डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल
  • वायरलेस फोन चार्जिंग
  • 12-स्पीकर Bose प्रीमियम साउंड सिस्टम
  • पावर्ड टेलगेट
  • एम्बिएंट लाइटिंग
  • सेफ्टी फीचर्स
  • 8 एयरबैग
  • लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम)
  • टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS)
  • 360-डिग्री सराउंड व्यू कैमरा