योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नकली दवा फैक्ट्री पर छापा, दो गिरफ्तार

Fake Medicine Raid

Fake Medicine Raid Dehradun: उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नीति के तहत चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ के अमीनाबाद में बरामद नकली Flozen दवा के सैंपल से शुरू हुई जांच ने आखिरकार देहरादून में संचालित अवैध दवा निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश कर दिया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) उत्तर प्रदेश ने डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल चैट के आधार पर पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया।

 

क्राइम ब्रांच गाजियाबाद के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एफएसडीए ने देहरादून में संचालित अवैध नकली दवा निर्माण फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं, पैकेजिंग सामग्री और आधुनिक मशीनरी बरामद की है। इस संयुक्त अभियान में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

अमीनाबाद की कार्रवाई बनी बड़े खुलासे की कड़ी

19 जुलाई 2026 को थाना अमीनाबाद, लखनऊ में नकली दवाओं के भंडारण और बिक्री के मामले में दर्ज मुकदमे के दौरान 43 प्रकार की नकली दवाएं बरामद हुई थीं। शुरुआती जांच में मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर एफएसडीए मुख्यालय ने विशेष प्रवर्तन टीम गठित की। टीम ने मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप चैट, पैकेजिंग पैटर्न और सप्लाई चेन का विश्लेषण करते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

 

जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि गिरोह का मुख्य सप्लायर राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा गाजियाबाद में मौजूद है। इसके बाद एफएसडीए की विशेष टीम ने क्राइम ब्रांच गाजियाबाद के सहयोग से उसे 22 जुलाई को केडब्ल्यू मॉल, राजनगर एक्सटेंशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। 

 

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने बताया कि अमीनाबाद में हुई कार्रवाई के दौरान बरामद टैबलेट 'Flozen AA' दवा का नमूना जांच में स्प्यूरियस (नकली) पाया गया था। इसी बीच गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा के मोबाइल की डिजिटल जांच में Flozen ब्रांड की नकली स्ट्रिप्स की तस्वीरें, पैकेजिंग से जुड़े दस्तावेज और मशीनों से संबंधित व्हाट्सएप चैट मिलीं। इन डिजिटल साक्ष्यों ने यह स्पष्ट कर दिया कि लखनऊ में बरामद नकली दवा और देहरादून में संचालित अवैध फैक्ट्री एक ही अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हैं। इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ी और देहरादून स्थित फैक्ट्री पर छापा मार कर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया गया।

मोबाइल की जांच से खुलीं फैक्ट्री की परतें

गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। व्हाट्सएप चैट में प्रसिद्ध दवा ब्रांडों की नकली स्ट्रिप्स, पैकेजिंग सामग्री, मशीनों के स्पेयर पार्ट्स और निर्माण से जुड़ी तस्वीरें मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि पैकेजिंग पर जानबूझकर ऐसे बदलाव किए गए थे, जिन्हें आम ग्राहक आसानी से पहचान नहीं सकता था। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर देहरादून स्थित अवैध फैक्ट्री का पता चला।

 

आरोपी की निशानदेही पर उत्तर प्रदेश एफएसडीए, क्राइम ब्रांच गाजियाबाद और उत्तराखंड एफएसडीए के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड, ईस्ट होपटाउन स्थित परिसर में छापा मारा। यहां एक कमरे में आधुनिक अलू-अलू (Alu-Alu) पैकिंग मशीन, स्ट्रिप मशीन, इंकजेट बेल्ट प्रिंटर, कंप्रेसर, हाई वोल्टेज स्टेबलाइजर, बड़ी मात्रा में सेमीफिनिश टैबलेट और कैप्सूल, प्रिंटेड एल्युमिनियम फॉयल, रैपर और मास्टर कार्टन बरामद किए गए। मौके पर मिले साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि यहां बिना किसी वैध लाइसेंस के नकली दवाओं का निर्माण कर उन्हें प्रसिद्ध कंपनियों की पैकेजिंग में भरकर बाजार में भेजने की तैयारी की जा रही थी।

नामी कंपनियों के नाम का हो रहा था दुरुपयोग

छापेमारी के दौरान Clavactam-625, Razo-D Capsules सहित कई चर्चित दवा ब्रांडों की नकली पैकिंग सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा Cipla, Dr. Reddy's, Intas, Lupin, Elder और अन्य प्रमुख कंपनियों के नाम से छपे मास्टर कार्टन और एल्युमिनियम फॉयल भी मिले। अधिकारियों का मानना है कि इन दवाओं को असली बताकर विभिन्न राज्यों के बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था। इस मामले में गौरव त्यागी, राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विपिन भटनागर और विनय चंद को नामजद किया गया है। राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा तथा विनय चंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं, जिनमें संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 भी शामिल है, के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जांच एजेंसियां पूरे आर्थिक नेटवर्क तथा सप्लाई चेन की भी पड़ताल कर रही हैं।

जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में नकली दवाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग केवल नकली दवाएं जब्त करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निर्माण से लेकर सप्लाई और बिक्री तक पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी रखेगा।

सड़कों पर Gen-Z हुंकार, सोशल मीडिया से लेकर ज़मीनी आंदोलन तक, दिल्ली- मुंबई में दिखा Gen-Z गर्ल्‍स की निडरता

Gen-Z protest

सोशल मीडिया के इस दौर में विरोध और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। हाल ही में मुंबई की सड़कों पर एक मॉडल द्वारा पुलिस की गाड़ी रोककर अपनी बात रखने का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, उसने एक बार फिर इंटरनेट पर हलचल पैदा कर दी।

यह घटना अकेली नहीं है; आज की Gen-Z (नई पीढ़ी) लड़कियां सिर्फ सोशल मीडिया पर रील बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अन्याय, नीतियों और अपने हक की लड़ाई में सड़कों पर आकर पुलिस और प्रशासन के सामने बेबाकी से खड़ी हो रही हैं।

जब मॉडल रिया अहीर ने रोकी पुलिस की गाड़ी : मुंबई में एक चर्चित मॉडल रिया अहीर का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ज़बरदस्त ट्रेंड कर रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि किसी मुद्दे पर अपना विरोध जताते हुए वह निडर होकर पुलिस की गाड़ी के सामने आ खड़ी हुईं और गाड़ी की आवाजाही को रोक दिया। यह अंदाज पूरे देश में वायरल हुआ और आंदोलन को बल मिला। बिना किसी झिझक या डर के मॉडल रिया ने सीधे अधिकारियों से सवाल किए।

द फियरलेस जेन-जी : चाहे दिल्ली की भीषण गर्मी हो या मुंबई की बारिश, विरोध प्रदर्शनों में लड़कियां अग्रिम पंक्ति (Frontline) में नजर आ रही हैं। पुलिस जब वॉटर कैनन या बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ को रोकने की कोशिश करती है, तब ये युवा छात्राएं बिना डरे सीधे पुलिस अधिकारियों की आंखों में आंखें डालकर सवाल पूछती दिखाई देती हैं।

वायरल हुए 'पावरफुल मोमेंट्स : गुलाब और नारे: कई आंदोलनों में देखा गया कि जब पुलिस बल प्रयोग करने की तैयारी में था, तब इन लड़कियों ने पुलिसकर्मियों को फूल देकर या उनके सामने शांतिपूर्वक बैठकर अपनी बात रखी, जिससे माहौल का तनाव पल भर में खत्म हो गया।

सोशल मीडिया रिपोर्टिंग : लड़कियां सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं कर रहीं, बल्कि अपने फोन से ऑन-द-स्पॉट लाइव कवरेज करके पूरी दुनिया को स्थिति से अपडेट भी रख रही हैं।

क्यों खास है ये गर्ल्‍स पावर : आज की Gen-Z लड़कियां सिर्फ पुरानी लीक पर नहीं चलतीं। वे शिक्षित हैं, अपने अधिकारों (Rights) को अच्छी तरह जानती हैं और किसी भी गलत व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने में हिचकिचाती नहीं हैं। चाहे मुंबई की मॉडल का अपनी बात कहने का वो आक्रामक तरीका हो, या फिर नीट (NEET) जैसे बड़े मुद्दों पर सड़कों पर उतरीं लाखों छात्राएं—यह नया दौर यह साफ दिखाता है कि आज की 'ट्रेंडिंग गर्ल्स' सिर्फ फैशन और लाइफस्टाइल ही सेट नहीं कर रहीं, बल्कि वे देश के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को भी नई दिशा दे रही हैं। रिया अहीर और उनके जैसी अनगिनत लड़कियों ने यह संदेश साफ कर दिया है कि जब बात न्याय और बदलाव की आएगी, तो वे पीछे हटने वाली नहीं हैं।

सोशल मीडिया पर बहस : जहां कुछ लोगों ने इसे 'पब्लिसिटी स्टंट' या कानून का उल्लंघन बताया, वहीं युवाओं के एक बड़े वर्ग ने इसे अपनी बात रखने का साहसिक तरीका करार दिया। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि आज की युवा महिलाएं अपने मुद्दों पर चुप रहने के बजाय सीधा रुख अपनाने से नहीं कतरातीं। भले सोशल मीडिया कुछ भी कहता रहे।

Honda ADV160 भारत में पेश, देश का पहला E85 इंजन वाला मैक्सी स्कूटर जल्द होगा लॉन्च

Honda ADV160

होंडा ने भारत में कई नए उत्पादों के साथ अपना पहला एडवेंचर-स्टाइल मैक्सी स्कूटर Honda ADV160 पेश कर दिया है। यह भारत में प्रदर्शित होने वाले शुरुआदा E85-फ्यूल कम्प्लायंट स्कूटर्स में से एक है। कंपनी ने पुष्टि की है कि ADV160 का स्थानीय स्तर पर भारत में निर्माण किया जाएगा और यहां से इसे दूसरे देशों में भी निर्यात किया जाएगा।

ALSO READ: 2 सितंबर को सस्ते Electric Scooter की धमाकेदार एंट्री, तहलका मचा देंगे फीचर्स

Honda ADV160 की बिक्री कंपनी के RedWing और प्रीमियम BigWing दोनों डीलरशिप नेटवर्क के जरिए की जाएगी। स्कूटर में सिंगल-चैनल ABS, ट्रैक्शन कंट्रोल, TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और स्मार्टफोन कनेक्टिविटी जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं।

ALSO READ: EV Home Charging Safety Tips: घर पर Electric Scooter चार्ज करने से पहले जरूर रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकता है बड़ा हादसा

लॉन्च टाइमलाइन का जल्द होगा ऐलान

 

फिलहाल कंपनी ने ADV160 से पर्दा उठाया है, लेकिन इसकी कीमत और लॉन्च डेट का खुलासा नहीं किया है। होंडा का कहना है कि लॉन्च टाइमलाइन की घोषणा जल्द की जाएगी।

ALSO READ: Electric scooter : मेटल बॉडी वाले सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर, दाम सुनेंगे तो चौंक जाएंगे

एडवेंचर लुक के साथ मिलेगा प्रीमियम डिजाइन

 

Honda ADV160 का डिजाइन कंपनी के बड़े X-ADV स्कूटर से प्रेरित है। इसमें एडवेंचर स्टाइलिंग के साथ कई प्रीमियम एलिमेंट्स दिए गए हैं, जैसे:

 

  • एडजस्टेबल लंबी विंडस्क्रीन
  • ट्विन LED हेडलैंप
  • ब्लॉक-पैटर्न टायर्स
  • 27 लीटर अंडर-सीट स्टोरेज
  • USB चार्जिंग पोर्ट
  • TFT डिस्प्ले के साथ Honda RoadSync स्मार्टफोन कनेक्टिविटी
  • Honda Selectable Torque Control (ट्रैक्शन कंट्रोल)
  • सिंगल-चैनल ABS

ALSO READ: Electric scooter खरीदने से पहले जान लें कौन-सी बैटरी है सबसे बेहतर? रेंज, चार्जिंग और लाइफ में कितना फर्क और कैसे करें चेक

कंपनी का कहना है कि ADV160 भारत में “City Adventure” कॉन्सेप्ट को लेकर आएगा, जो शहर और हल्के एडवेंचर दोनों तरह की राइडिंग के लिए उपयुक्त होगा।

ALSO READ: Bajaj Chetak, Ola S1 Pro, TVS iQube, Hero Vida V2 को टक्कर देने आ रहा है सस्ता विएतनामी इलेक्ट्रिक स्कूटर

157cc E85 इंजन की ताकत

 

Honda ADV160 में 157cc का सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो:

 

16.3 हॉर्सपावर की पावर

14.9 Nm का टॉर्क

 

जनरेट करता है। इसमें CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया गया है।

 

इस स्कूटर की सबसे बड़ी खासियत इसका E85 कम्प्लायंट इंजन है, जो 85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल के मिश्रण वाले ईंधन पर भी चल सकता है।

 

सस्पेंशन और अन्य स्पेसिफिकेशन

 

Honda ADV160 में:

 

  • फ्रंट में टेलीस्कोपिक फोर्क
  • रियर में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर
  • 14-इंच फ्रंट और 13-इंच रियर व्हील
  • 165 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस
  • 780 मिमी सीट हाइट
  • 133 किलोग्राम वजन

8.1 लीटर फ्यूल टैंक दिया गया है।

ALSO READ: Electric Scooter : बिना लाइसेंस चला सकेंगे यह सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, फीचर्स भी हैं दमदार

भारत में बनेगा, विदेशों में भी होगा एक्सपोर्ट

होंडा का कहना है कि ADV160 का निर्माण भारत में किया जाएगा और यहीं से इसे वैश्विक बाजारों में निर्यात भी किया जाएगा। स्थानीय उत्पादन के कारण इसकी कीमत प्रतिस्पर्धी रहने की उम्मीद है, हालांकि कंपनी ने अभी आधिकारिक कीमत की घोषणा नहीं की है।

2 सितंबर को सस्ते Electric Scooter की धमाकेदार एंट्री, तहलका मचा देंगे फीचर्स

simple electric scooter

बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माता Simple Energy ने घोषणा की है कि वह 2 सितंबर 2026 को अपना पहला फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करेगी। इसके साथ ही कंपनी भारत के मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में कदम रखने जा रही है। कंपनी का कहना है कि नया स्कूटर रोजमर्रा के इस्तेमाल और परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जबकि इसमें उसके प्रीमियम स्कूटर्स की एडवांस इंजीनियरिंग का भी लाभ मिलेगा।

ALSO READ: Bajaj Chetak और TVS iQube को मिलेगी कड़ी टक्कर, Ather 29 अगस्त को लॉन्च करेगा सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर

आम ग्राहकों पर रहेगा फोकस

 

अब तक Simple Energy की पहचान हाई-परफॉर्मेंस और प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए रही है। नया फैमिली स्कूटर कंपनी की प्रोडक्ट रेंज को और विस्तृत करेगा तथा बड़े ग्राहक वर्ग तक पहुंचने की रणनीति का हिस्सा होगा।

 

क्या मिल सकता है नया?

फिलहाल कंपनी ने नए स्कूटर का नाम और तकनीकी स्पेसिफिकेशन का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, Simple Energy का दावा है कि इस स्कूटर को वर्षों की इन-हाउस रिसर्च और इंजीनियरिंग के आधार पर तैयार किया गया है।

 

कंपनी के अनुसार इसमें:

 

  • रोजमर्रा की जरूरतों के अनुरूप प्रैक्टिकल डिजाइन मिलेगा।
  • एडवांस टेक्नोलॉजी और स्मार्ट फीचर्स शामिल होंगे।
  • आरामदायक राइडिंग अनुभव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • शहरी यात्रियों और परिवारों के लिए इसे खास तौर पर डिजाइन किया गया है।

 

कंपनी ने यह भी बताया कि उसने अपनी खुद की सॉफ्टवेयर और वाहन तकनीक विकसित करने में निवेश किया है। Simple Energy भारत की पहली कंपनी है जिसने हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स के बिना इलेक्ट्रिक मोटर का व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया है।

 

Simple One और Ultra से होगी अलग पहचान

 

कंपनी के मौजूदा Simple One और Simple Ultra मॉडल जहां हाई परफॉर्मेंस पर केंद्रित हैं, वहीं नया स्कूटर आराम, उपयोग में आसानी और व्यावहारिकता को प्राथमिकता देगा। इससे यह परिवारों और डेली कम्यूट करने वाले ग्राहकों के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है।

 

Simple Ultra है कंपनी का फ्लैगशिप मॉडल

 

हाल ही में लॉन्च हुआ Simple Ultra कंपनी का फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक स्कूटर है, जिसमें:

 

  • 6.5 kWh बैटरी पैक
  • 400 किमी (IDC) तक की दावा की गई रेंज
  • 115 किमी/घंटा की टॉप स्पीड
  • 0-40 किमी/घंटा की रफ्तार सिर्फ 2.77 सेकंड में
  • 7-इंच TFT डिस्प्ले
  • चार-लेवल ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
  • फिलहाल कंपनी के पोर्टफोलियो में तीन मॉडल

ALSO READ: Electric Scooter कैसे शहरी सफर को बना रहे हैं आसान, कौनसे फीचर्स लोगों को लुभा रहे हैं

Simple Energy वर्तमान में भारतीय बाजार में तीन इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचती है:

 

  • Simple One Gen 2
  • Simple One S Gen 2
  • Simple Ultra

ALSO READ: Electric Scooter : बरसात में अपने EV scooter का कैसे रखें ध्यान, जानिए 5 iMP टिप्स

Simple One Gen 2 दो वेरिएंट में उपलब्ध है, जिसकी दावा की गई IDC रेंज 236 किमी और 265 किमी है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.94 लाख रुपए है। वहीं Simple One S Gen 2 की दावा की गई IDC रेंज 190 किमी है और इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.74 लाख रुपए रखी गई है।

 

कंपनी का कहना है कि प्रीमियम मॉडल से मिली इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का उपयोग अब अधिक किफायती और फैमिली-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक स्कूटर में किया जाएगा, जिससे एडवांस तकनीक ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच सकेगी।

Gujarat Heavy Rain : गुजरात में बारिश का कहर, 38000 से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए, कई जिलों में रेड अलर्ट, देश के कई राज्यों में भी भारी बारिश का खतरा

gujrat rain

गुजरात में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। राज्य के दक्षिणी हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। अब तक 38,600 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 352 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है। कई स्थानों पर हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया।

ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप

राहत आयुक्त गौरांग मकवाना ने बताया कि तापी जिले में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य प्रभावित इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है। राज्य के नवसारी और वलसाड जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। अधिकांश लोगों ने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है, जबकि करीब 2,000 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है।

24 घंटे में 500 मिमी से ज्यादा बारिश

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, शुक्रवार सुबह 6 बजे तक पिछले 24 घंटों में- 

 

  • मेहमदाबाद (खेड़ा) में सबसे अधिक 507 मिमी बारिश दर्ज हुई।
  • ढोलका (अहमदाबाद) में 473 मिमी बारिश हुई।
  • चिखली (नवसारी) में 451 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
  • उमरगांव (वलसाड) और खेरगाम (नवसारी) में 434-434 मिमी बारिश हुई।
  • राज्य के 35 तालुकों में 24 घंटे के भीतर 200 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
  • NDRF और सेना राहत कार्य में जुटी

 

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। ओडिशा से NDRF की चार टीमें एयरलिफ्ट कर सूरत लाई गई हैं और उन्हें वलसाड व नवसारी में तैनात किया गया है। एक टीम स्टैंडबाय पर है। इसके अलावा भारतीय सेना की दो टुकड़ियां प्रभावित जिलों में पहुंच चुकी हैं और दो अतिरिक्त टीमों को भी रवाना किया गया है। NDRF, SDRF, सेना, कोस्ट गार्ड और सेना की गोल्डन कटर डिवीजन संयुक्त रूप से वलसाड, नवसारी, अहमदाबाद, खेड़ा और डांग जिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।

 

नदियां खतरे के निशान से ऊपर, स्कूल-कॉलेज बंद

अंबिका, पार, औरंगा और दमनगंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। अहमदाबाद में भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं और कई अंडरपास बंद करने पड़े। राज्य सरकार ने बारिश प्रभावित जिलों में स्कूल और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है।

दक्षिण गुजरात में रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण मुंबई जाने वाली पांच ट्रेनें रद्द कर दी गईं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने वलसाड के उमरगांव का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की।

IMD का रेड और ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को महिसागर, पंचमहल और दाहोद जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, वडोदरा, अहमदाबाद, खेड़ा, गांधीनगर और आनंद समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है।

देश के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

असम में बाढ़ से हालात गंभीर

असम में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 जिलों में 7.21 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 25 जुलाई को केंद्र सरकार की टीम राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने पहुंचेगी।

राजस्थान में भी तेज बारिश

राजस्थान में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय होने से कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हुई। अजमेर में 39.6 मिमी, डूंगरपुर में 24.5 मिमी, अलवर में 19.6 मिमी, श्रीगंगानगर में 14 मिमी, दौसा में 13 मिमी और जैसलमेर में 10.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

 

कई राज्यों में अगले कुछ दिन भारी बारिश की आशंका

IMD के अनुसार सक्रिय मानसूनी ट्रफ, पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायुमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। कई राज्यों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं तथा लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गुजरात के नवसारी में बाढ़ से हाहाकार, 250 से ज्यादा सड़कें ठप, सामने आई तबाही की तस्वीरें

Situation has become critical due to floods in Gujarat's Navsari district

Navsari Gujarat Weather Update case : दक्षिण गुजरात में हुई भारी बारिश के कारण नवसारी जिले में बाढ़ की अत्यंत गंभीर और विनाशकारी स्थिति पैदा हो गई है। लगातार हो रही बारिश से पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया है और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। ऊपरी इलाकों में तेज बारिश से अंबिका, कावेरी और पूर्णा नदियों के जलस्तर में खतरनाक इजाफा हुआ है। नदियों के उफान पर आने से पास के कई गांव और सब-वे पानी में डूब गए हैं। सड़कों, पुलों और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए भारी नुकसान की तस्‍वीरें सामने आ रही हैं।

 

अंबिका और कावेरी नदियों का रौद्र रूप

ऊपरी इलाकों में तेज बारिश से अंबिका, कावेरी और पूर्णा नदियों के जलस्तर में खतरनाक इजाफा हुआ है। नदियों के उफान पर आने से पास के कई गांव और सब-वे पानी में डूब गए हैं।

ALSO READ: Weather Update : गुजरात से असम तक भारी बारिश से तबाही, UP-बिहार समेत कई राज्यों में अलर्ट

NDRF द्वारा बिलिमोरा में 21 लोगों का रेस्क्यू

नवसारी के बिलिमोरा क्षेत्र में बाढ़ का पानी भर जाने पर NDRF की टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। जवानों ने भारी जोखिम के बीच पहुंचकर बाढ़ में फंसे 21 नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

 

भाठा गांव में मां-बच्चे का दिलधड़क रेस्क्यू

अंबिका नदी के बाढ़ का पानी गणदेवी तालुका के भाठा गांव के गोला फलिया में घुस जाने से एक मां और उनका मासूम बच्चा फंस गए थे। NDRF की टीम ने समय रहते दिलधड़क ऑपरेशन चलाकर दोनों की जान बचाई।

Situation has become critical due to floods in Gujarat's Navsari district

वलसाड में पुलिस जवानों की हिम्मतभरी कार्रवाई

पड़ोसी वलसाड जिले में भी अविरत बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। तेज बहाव वाले पानी में फंसे 20 से ज्यादा लोगों को वलसाड पुलिस ने अपनी जान जोखिम में डालकर सफलतापूर्वक बाहर निकाला।

 

250 से ज्यादा सड़कें ठप और स्टेट हाईवे बंद

बाढ़ का पानी भरने से नवसारी-सूरत स्टेट हाईवे समेत जिले की लगभग 250 से ज्यादा सड़कों पर आवागमन बंद हो गया है। भेशतखाड़ा, काशीवाड़ी और रिंगरोड जैसे इलाके टापू में तब्दील हो गए हैं।

ALSO READ: Gujarat Heavy Rain : गुजरात में बारिश का कहर, 38000 से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए, कई जिलों में रेड अलर्ट, देश के कई राज्यों में भी भारी बारिश का खतरा

राहत शिविर में पानी भरने से पीड़ितों का पुनः विस्थापन

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पहले रेस्क्यू करके टाटा हाईस्कूल में रखे गए लोगों को दोबारा दूसरी जगह भेजना पड़ा, क्योंकि लगातार बारिश से स्कूल परिसर में भी पानी घुस गया था।

Situation has become critical due to floods in Gujarat's Navsari district

राहत कार्यों के लिए सेना की तैनाती

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा NDRF और SDRF के अलावा स्पेशल मिलिट्री बटालियन (आर्मी) की मदद ली गई है। आर्मी के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालकर बचाव कार्य तेज कर दिया है।

 

संपर्क टूटा और करोड़ों का आर्थिक नुकसान

पूर्णा नदी की बाढ़ में शहर का मुख्य ओवरब्रिज डूब जाने से पूर्वी और पश्चिमी नवसारी का संपर्क टूट गया है। इसके अलावा अंबिका नदी पर बने पुल की सेफ्टी रेलिंग टूट गई है और हजारों वाहन बह जाने से करोड़ों रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

ALSO READ: गुजरात में 14 घंटे में 400 मिमी बारिश से तबाही, जानें वैज्ञानिकों का अनुमान क्यों गलत साबित हुआ?

पानी उतरते ही सामने आई बर्बादी की तस्वीरें

बारिश धीमी पड़ने से नदियों का जल स्तर धीरे-धीरे नीचे आ रहा है, लेकिन पानी कम होते ही सड़कों, पुलों और सार्वजनिक संपत्तियों को हुआ भारी नुकसान सामने आ रहा है। फिलहाल प्रशासन द्वारा बिजली और रास्ते बहाल करने का काम किया जा रहा है।

Rahul Gandhi : राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, बोले- क्या छात्र फिर कभी देख पाएगा? CJP प्रदर्शन में पैलेटगन के इस्तेमाल का आरोप

rahul gandhi palate gun

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व में कथित NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा कथित रूप से पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए और कुछ की आंखों की रोशनी तक प्रभावित हुई।  पैलेट गन के इस्तेमाल और उससे हुई चोटों के आरोप लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस और सरकारी पक्ष इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं। मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं।

ALSO READ: CJP Protest : 2 घंटे तक चली CJP की केंद्रीय मंत्रियों से मीटिंग, क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा!

घायलों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने घायल छात्र साहिल का जिक्र करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उसके चेहरे पर पैलेट लगा, जिससे उसकी एक आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि उसकी आंख की रोशनी दोबारा लौट पाएगी या नहीं। राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या वह फिर कभी देख पाएगा? 

 

यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया था कि 20 जुलाई को हुए CJP मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पैलेट गन से चोट लगी। हालांकि, दिल्ली पुलिस और सरकारी फैक्ट-चेक एजेंसियों ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है।

 

राहुल गांधी ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।

 

  • कथित NEET पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को तत्काल हटाया जाए।
  • छात्रों पर कथित पैलेट गन चलाने और लाठीचार्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

 

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और बल प्रयोग के आरोपों की जांच करने पर विचार करने का संकेत दिया है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बरकरार

राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है, जिस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और इस पर शुक्रवार को सरकार चर्चा करेगी। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को “अपराधीकरण की ओर बढ़ चुकी शिक्षा व्यवस्था का प्रतीक” बताते हुए आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के लिए वही जिम्मेदार हैं और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।

CJP का दावा- सरकार ने दो मांगें मानीं

 

संविधान क्लब में करीब दो घंटे चली बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने संगठन की दो प्रमुख मांगों को सिद्धांततः स्वीकार कर लिया है, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला लेने के लिए शुक्रवार दोपहर तक का समय मांगा है।

 

रांका के मुताबिक आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सिद्धांततः सहमति जताई है। प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज FIR और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने पर भी सहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि CJP और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों, जिनमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हैं, के बीच शनिवार को तीसरे दौर की वार्ता होगी।

भारतीय Gen-Z ने मेलोनी से की पीएम मोदी की शिकायत, छात्र बोले, मोदीजी को समझाओ न प्‍लीज

Gen-Z protest

नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और नतीजों को लेकर सड़कों पर उतरे Gen-Z छात्रों ने अब विरोध का एक बेहद अनूठा और रचनात्मक 'डिजिटल' रास्ता खोज निकाला है। अपनी बात सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए छात्रों ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट का रुख कर लिया है।

सोशल मीडिया पर लोकप्रिय 'Melodi' (मोदी + मेलोनी) ट्रेंड का सहारा लेते हुए भारतीय युवाओं ने मेलोनी के पोस्ट्स के कमेंट सेक्शन को अपने तीखे व्यंग्य, मजेदार रील्स और गुहार से पाट दिया है। कुल मिलाकर छात्रों ने मेलोनी से पीएम मोदी की शिकायत कर डाली। सड़कों पर बैनर-पोस्टर लहराने के साथ-साथ यह डिजिटल विरोध अब इंटरनेट पर ज़बरदस्त सुर्खियां बटोर रहा है।

मेलोनी के कमेंट सेक्शन में पहुंचे 'नीट एस्पिरेंट्स'
जब इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर तस्वीरें शेयर कीं, तो उन्हें अंदाज़ा भी नहीं रहा होगा कि भारत के लाखों मेडिकल छात्र वहां अपनी फरियाद और मोदी जी की शिकायत लेकर पहुंच जाएंगे।

इंटरनेट पर एक्टिव Gen-Z छात्रों ने मेलोनी और पीएम मोदी की ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग पर चुटकी लेते हुए कमेंट्स की बाढ़ ला दी। छात्रों का कहना है कि “जब हमारी बात सीधे नहीं सुनी जा रही, तो क्यों न 'इंटरनेशनल इन्फ्लुएंस' का इस्तेमाल किया जाए!”

‘मैम, जरा बोलिए ना’: मेलोनी के अकाउंट पर दिखे ये मजेदार कमेंट्स
मेलोनी के इंस्टाग्राम पोस्ट के नीचे भारतीय छात्रों के कमेंट्स पढ़कर कोई भी अपनी हंसी नहीं रोक पा रहा है। कुछ सबसे ज्यादा वायरल और ट्रेंडिंग कमेंट्स हैं:

'मेलाडी' बॉन्ड का वास्ता: “मेलोनी मैम, आपकी और हमारे पीएम की दोस्ती बहुत अच्छी है। प्लीज उनसे बोलिए न कि नीट (NEET) के छात्रों का दुख समझें और री-एग्जाम करवाएं!” और पेपर लीक रूकवाए। अपने बॉयफ्रेंड से कहो, बच्‍चों की बातें सुन लें। मोदी अच्‍छा आदमी नहीं है, इन्‍हें छोड दो। आप बोलो तो आपकी तो मोदी जी सुन लेंगे।

पंचायत स्टाइल में गुहार: मैम! हमारे वाले पीएम सर आपकी बात तो पक्का सुनेंगे। एक बार बस बोल दीजिए कि NTA की जांच बिठाई जाए।”

'रिलेशनशिप' वाला तंज: मैम, सच्चा दोस्त वही होता है जो सही समय पर सही सलाह दे। आप ही हमारे पीएम को समझाइए कि 720 में से 720 नंबर बांटना कितना अजीब है!”

इटैलियन पिज्जा और चाय का तंज: अगली बार जब आप चाय-पिज्जा पर मिलें, तो प्लीज हमारी नीट की मार्कशीट भी टेबल पर रख दीजिएगा!

देसी अंदाज: मैम, भाभी जी समझकर आपसे हक से कह रहे हैं… NTA का कुछ करवाइए, यहां बच्चे डिप्रेशन में हैं! Gen-Z छात्रों के इस कदम ने यह साफ कर दिया है कि आज की युवा पीढ़ी अपनी मांगों को रखने के लिए सिर्फ नारेबाजी पर निर्भर नहीं है। डार्क ह्यूमर और पॉप-कल्चर रेफरेंस का सहारा लेकर वे गंभीर से गंभीर मुद्दे को ट्रेंडिंग टॉपिक बनाने का हुनर रखते हैं।

सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह का 'मीम प्रोटेस्ट' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान खींचता है और यह बिना किसी हिंसा या तोड़फोड़ के अपनी बात को पुरजोर तरीके से दुनिया के सामने रखने का एक नया तरीका बन चुका है।

CJP Protest : 2 घंटे तक चली CJP की केंद्रीय मंत्रियों से मीटिंग, क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा!

dharmendra pradhan abhijeet dipke

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, और कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और इसके राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच शुक्रवार को करीब 2 घंटे तक बैठक हुई। बैठक में सीजेपी ने मंत्रियों से स्पष्‍ट कह दिया कि जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विचार के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा। ALSO READ: NEET प्रदर्शन विवाद : पुलिस लाठीचार्ज वाली याचिका मामले में क्यों भड़के CJI सूर्यकांत?

 

सीजेपी की 3 मांगें, 5 सुझाव

कॉकरोच जनता पार्टी के साथ मीटिंग के बाद, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- मीटिंग लगभग 2 घंटे तक चली। उनकी 3 मुख्य मांगें थीं और एग्जाम के लिए 5 सुधार सुझाव थे। हमने उनसे कहा है कि हम कल दोपहर फिर मिलेंगे और सरकार के साथ हुई बातचीत के बारे में बताएंगे।

 

2 मांगों पर सरकार राजी

सरकार के साथ बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही बर्खास्त कर देगी। सरकार ने मुआवज़ा और छात्रों पर FIR, लीगल केस वापस लेने की दो मांगों पर इन-प्रिंसिपल मंज़ूरी दे दी है। ALSO READ: दिल्ली में Gen-Z का ‘मीम वार’, NEET लीक के खिलाफ सड़कों पर शेयर हुआ क्रिएटिविटी और ह्यूमर का डोज

क्या बोले अभिजीत दीपके?

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा, 'हमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध बंद नहीं किया जाएगा। यह विरोध देश के युवाओं का है और यह किसी सोनम वांगचुक या दीपके तक सीमित नहीं है। यह विरोध देश के युवाओं का है, विपक्षी दलों का नहीं।' ALSO READ: सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, सरकार ने मानीं 3 बड़ी मांगें; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर चुप्पी

गौरतलब है कि पेपर लीक का सख्त कानून बनाने संबंधी पीएम मोदी की घोषणा के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी 3 मांगें मान ली है। इस बीच कैबिनेट ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है।

मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्यप्रदेश में सस्ती होगी मेडिकल शिक्षा

भोपाल। डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। नीट मेरिट में स्थान पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्यप्रदेश में मेडिकल शिक्षा सस्ती होने जा रही है। मेरिट में आने वाले स्टूडेंट्स की फीस में एक-तिहाई की कमी होने के आसार हैं। दूसरी ओर, सीट बढ़ोतरी के कारण नीट परीक्षा में मेरिट स्टूडेंट्स को अधिक संख्या में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिलेगा। इससे मेरिट में आए नीट एस्पिरेंट को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी हुई सीट संख्या और कम फीस का दोहरा लाभ मिल सकेगा। वहीं, मैनेजमेंट कोटे के तहत स्टूडेंट्स का एडमिशन नीट मेरिट के आधार पर राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली काउंसलिंग के माध्यम से होगा। 

 

वर्ष 2026 में मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों के लिए सीटें बढ़ाई-मध्यप्रदेश में वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में मेडिकल कॉलेजों में मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों के लिए सीटें बढ़ाई गई हैं। जहां वर्ष 2023 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल उपलब्ध सीटें 4675 थीं, इनमें से सरकारी कॉलेजों में 2275 सीटें और निजी कॉलेजों में 2400 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें से मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4315 सीटें निश्चित की गई थीं, जिसमें सरकारी कॉलेजों में 2215 और निजी कॉलेजों में 2040 सीटें रखी गई थीं। 

 

वर्ष 2026 में इनमें बढ़ोतरी करने पर मेडिकल कॉलेजों में कुल उपलब्ध सीटें 6020 हुईं, जिसमें सरकारी कॉलेजों में 3020 और निजी कॉलेजों में 3000 सीटें उपलब्ध रखी गईं। इस प्रकार वर्ष 2026 में मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4520 सीटें उपलब्ध रखी गईं, जिनमें सरकारी कॉलेजों में 3020 और निजी कॉलेजों में 1500 सीटें मेरिट विद्यार्थियों के लिए तय की गई।