UP Scholarship 2026: योगी सरकार ने छात्रवृत्ति प्रक्रिया को बनाया समयबद्ध, 11 अगस्त से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन

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उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने की दिशा में अहम पहल करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूर्वदशम (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी है।

प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी शासनादेश के तहत आवेदन से लेकर सत्यापन, स्क्रूटनी और पीएफएमएस के माध्यम से सीधे बैंक खातों में छात्रवृत्ति हस्तांतरण तक प्रत्येक चरण की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है। योगी सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों तक अनावश्यक विलंब के बिना छात्रवृत्ति का लाभ पहुंचाना है।  

 

5 अगस्त तक मास्टर डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा

 

शासन द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अपना मास्टर डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक और संबंधित अधिकारी विद्यालयों की मान्यता, सीटों और अन्य आवश्यक विवरणों का सत्यापन करेंगे। अल्पसंख्यक वर्ग के निजी विद्यालयों की पोर्टल पर मार्किंग की प्रक्रिया भी निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएगी, जिससे आगे की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

 

निर्धारित समय के तहत पूरी होगी प्रक्रिया

 

नवीनीकरण श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन और हार्डकॉपी जमा करने की प्रक्रिया 11 अगस्त से 25 अगस्त तक चलेगी। विद्यालय स्तर पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, आवेदन सत्यापन और अग्रसारण (फॉरवर्डिंग) 30 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर छात्र संख्या का सत्यापन, एनआईसी द्वारा स्क्रूटनी और जिला समिति द्वारा डाटा लॉक करने की प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार पूरी होगी। योगी सरकार ने लक्ष्य रखा है कि पात्र विद्यार्थियों के खातों में अक्टूबर 2026 तक पीएफएमएस के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि सीधे हस्तांतरित कर दी जाए।

 

11 अगस्त से 21 सितंबर तक चलेगी पंजीकरण एवं आवेदन की प्रक्रिया

 

वहीं, नवीन श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन की प्रक्रिया 11 अगस्त से 21 सितंबर 2026 तक चलेगी। आवेदन जमा करने, विद्यालय और जिला स्तर पर सत्यापन तथा एनआईसी की जांच के बाद पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में जनवरी 2027 के दौरान छात्रवृत्ति की राशि सीधे भेजी जाएगी। यदि किसी आवेदन में त्रुटि या संदिग्ध जानकारी पाई जाती है तो उसके लिए अलग से संशोधन और पुनः सत्यापन की व्यवस्था भी की गई है। योगी सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया है। पीएफएमएस के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भुगतान की व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं की संभावना कम होगी।  

पेपर लीक और घोटालों के बीच बड़ा खुलासा: जयशंकर से लेकर निर्मला सीतारमण तक… केंद्रीय मंत्रियों के बच्चे विदेश में क्यों पढ़ रहे? भड़के लोग!

Paper Leak in India

NEET Paper Leak: देश में नौकरियों की कमी, प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी, NEET पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर युवाओं का गुस्सा इस समय सातवें आसमान पर है। जंतर-मंतर से लेकर देश के सभी बड़े शहरों में नीट पेपर लीक को लेकर छात्र सड़क पर हैं। वे लगातार सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। अपनी ढहती शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। दिल्ली में संसद की ओर मार्च कर रहे आंदोलनकारी छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज ने मामले को और बिगाड़ दिया है। विपक्ष भी इसी मुद्दे पर खुलकर आंदोलनकारियों के समर्थन में आ गया है। लगातार हंगामे के बीच संसद ठप है। 

इसी बीच, एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसने इस जलते हुए विवाद में घी का काम किया है। इसी बीच, एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसने इस जलते हुए विवाद में घी का काम किया है। एक हालिया मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जहां देश का आम छात्र एक अदद परीक्षा के समय पर होने और उसका रिजल्ट आने का इंतजार कर रहा है, वहीं देश की नीतियां बनाने वाले केंद्रीय मंत्रियों और बड़े नेताओं के बच्चे विदेशों के टॉप विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। 

 

इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है: क्या हमारे नेताओं को खुद भारत की शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है?
 

आंकड़े जो चौंकाते हैं : कैबिनेट मंत्रियों के 15 बच्चे विदेश में!

एक मीडिया रिपोर्ट के सार्वजनिक आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, मोदी सरकार के कार्यकाल (2014 के बाद) में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले मंत्रियों के 21 बच्चों (आयु वर्ग 18 से 35 वर्ष) में से 15 बच्चों ने विदेशी विश्वविद्यालयों से डिग्री हासिल की है या वर्तमान में वहां पढ़ रहे हैं। केवल एक बच्चे ने भारत में अपनी उच्च शिक्षा पूरी की, जबकि बाकी के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

 

आइए देखते हैं इस लिस्ट में देश के कौन-से रसूखदार मंत्रियों के परिवारों के नाम शामिल हैं:

Paper Leak in India

 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यालय की सफाई : इस विवाद के बीच शिक्षा मंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी नैमिषा पहले भारत की ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में एलएलबी की छात्रा थीं। बाद में उन्हें एक एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत एक वर्ष के लिए अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से एलएलएम करने का मौका मिला।

“पैसा है तो विदेश चले गए,  हमारा क्या?” – शिक्षा कार्यकर्ताओं का तीखा हमला

इस मुद्दे पर शिक्षा कार्यकर्ताओं और आम जनता ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। कर्नाटक के प्रसिद्ध शिक्षा कार्यकर्ता निरंजनाराध्य वीपी का कहना है:

 

“यह सिर्फ पर्सनल चॉइस (व्यक्तिगत पसंद) का मामला नहीं है। यह देश की शिक्षा प्रणाली पर भरोसे का सवाल है। जिन नेताओं के पास पैसा और संसाधन हैं, वे अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए विदेश भेज देते हैं। लेकिन उन करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय भारतीय छात्रों का क्या, जो इसी सिस्टम में पिसने को मजबूर हैं?”

 

वहीं बिहार के शिक्षा कार्यकर्ता अनिल कुमार राय का मानना है कि लगातार होने वाले पेपर लीक, भर्ती घोटालों और रोजगार की अनिश्चितता ने छात्रों का मनोबल तोड़ दिया है। जब देश की पूरी परीक्षा प्रणाली ही संदिग्ध नजर आने लगे, तो सक्षम परिवार अपने बच्चों को दलदल से निकालने के लिए विदेश का रुख करने लगते हैं।

विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में भारी उछाल

आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि भारत के युवा अब देश से बाहर जाने को मजबूर हैं:

Paper Leak in India

सबसे बड़ा सवाल : क्या खोखले हैं 'विश्वगुरु' बनाने के दावे?

यह बहस इस बात पर नहीं है कि किसी को विदेश में पढ़ने का अधिकार है या नहीं। लोकतांत्रिक देश में हर किसी को अपनी मर्जी से पढ़ने की आजादी है। लेकिन सवाल यह है कि जो नीति-निर्माता मंचों से भारत की शिक्षा व्यवस्था को 'विश्वस्तरीय' और देश को 'विश्वगुरु' बनाने के दावे करते हैं, वे खुद अपने बच्चों के लिए भारतीय संस्थानों को सुरक्षित या योग्य क्यों नहीं मानते?

 

जब तक देश के सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों की हालत नहीं सुधरेगी, पेपर लीक जैसे माफियाओं पर लगाम नहीं कसी जाएगी, तब तक भारत का टैलेंट ऐसे ही विदेशों में पलायन करता रहेगा।

Share Bazaar में चौथे दिन भी गिरावट, Sensex 364 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे

Indian stock market fell for fourth consecutive day on Thursday

Share Market Update News : पश्चिम एशिया में जारी संकट और कच्चे तेल की कीमत में तेजी के असर से गुरुवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्‍स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत लुढ़ककर 76391.39 के स्‍तर पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23869.60 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान अडाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

 

पश्चिम एशिया में जारी संकट और कच्चे तेल की कीमत में तेजी के असर से गुरुवार को यानी आज भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्‍स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत लुढ़ककर 76391.39 के स्‍तर पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23869.60 पर बंद हुआ।

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कारोबार के दौरान अडाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, इंडिगो, एक्सिस बैंक, रिलायंस, टाटा स्टील, एसबीआई, एशियन पेंट्स, मारुति में भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक जोखिमों के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 96.54 रुपए के स्तर पर आ गया। इस बीच ब्रेंट क्रूड 4.35 फीसदी तेजी के साथ 98.16 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 4.22 फीसदी और हांगकांग का हैंगसेंग 1.16 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।

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इससे पहले यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92 प्रतिशत लुढ़ककर 76755.05 अंक पर बंद हुआ, कारोबार के दौरान एक समय यह 828.92 अंक लुढ़ककर 76641.19 अंक पर आ गया था। इसी तरह एनएसई निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79 प्रतिशत टूटकर 23996.25 अंक पर आ गया।

सोनम रघुवंशी फिर जेल जाएगी, सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द, तीन हफ्ते में सरेंडर करना होगा

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी। कोर्ट ने मेघालय पुलिस की याचिका पर सुनवाई के बाद गुरुवार को फैसला सुनाया। बता दें कि साल 2025 में हुए इंदौर हनीमून कांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की उन्हीं की पत्नी सोनम रघुवंशी ने मेघालय में ले जाकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में अब बड़ा अपडेट यह है कि शीर्ष अदालत ने मेघालय सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए मुख्य आरोपी और मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने सोनम को तीन सप्ताह के भीतर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का सख्त निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इंदौर में रह रहे राजा के परिजनों में न्याय मिलने की नई उम्मीद जगी है। फैसला आते ही राजा के पिता अशोक रघुवंशी भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि बेटे की मौत को एक साल से ज्यादा वक्त हो गया है, लेकिन आज लंबे समय बाद परिजनों के चेहरे पर थोड़ी राहत दिखी है।

हनीमून पर रची थी हत्या की साजिश : गौरतलब है कि राजा और सोनम शादी के बाद मेघालय घूमने गए थे, जहां से दोनों लापता हो गए थे। बाद में ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा में एक झरने के पास गहरी खाई से राजा का शव मिला था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन शूटरों के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। 9 जून 2025 को यूपी के गाजीपुर से अरेस्ट होने के बाद सोनम शिलांग जेल में 10 महीने से अधिक समय तक बंद रही थी, जिसके बाद उसे हाईकोर्ट से बेल मिली थी। 

EV Home Charging Safety Tips: घर पर Electric Scooter चार्ज करने से पहले जरूर रखें इन बातों का ध्यान, वरना हो सकता है बड़ा हादसा

electric scooter charging safty

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन इसके साथ ही घर पर EV चार्जिंग की सुरक्षा को लेकर लोगों में अभी भी कई सवाल और भ्रम बने हुए हैं। हाल ही में नोएडा में चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने की घटना ने रिहायशी इलाकों में EV चार्जिंग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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विशेषज्ञों के अनुसार, घर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार चार्ज करने से पहले यह जांचना बेहद जरूरी है कि आपके घर का इलेक्ट्रिकल कनेक्शन इतना लोड संभाल सकता है या नहीं। कम क्षमता वाले कनेक्शन पर EV चार्ज करने से आग लगने और शॉर्ट सर्किट का खतरा काफी बढ़ जाता है।

EV चार्जिंग के लिए जरूरी सावधानी

इलेक्ट्रिक वाहन चलाना जितना आसान और किफायती है, उतना ही जरूरी है कि उसकी चार्जिंग व्यवस्था भी सुरक्षित हो। सही इलेक्ट्रिकल सेटअप, प्रशिक्षित इंस्टॉलेशन और सावधानी बरतकर EV चार्जिंग से जुड़े हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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EV चार्जिंग पॉइंट लगवाने से पहले करें इलेक्ट्रिशियन से सलाह

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि घर में EV चार्जिंग स्टेशन लगाने से पहले किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से बिजली कनेक्शन की जांच जरूर करवानी चाहिए। EV चार्जर को हमेशा प्रशिक्षित तकनीशियन से ही इंस्टॉल करवाना चाहिए और इसे अलग डेडिकेटेड इलेक्ट्रिकल सर्किट से जोड़ा जाना चाहिए।

 

EV चार्ज करने के लिए एक्सटेंशन बोर्ड, अस्थायी वायरिंग या लोकल एडाप्टर का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस तरह की व्यवस्था से ओवरलोडिंग और आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

 

भारत में सिर्फ 55% EV मालिकों के पास सही चार्जिंग सेटअप

 

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में अभी केवल करीब 55 प्रतिशत EV मालिकों के पास घर पर सही चार्जिंग सेटअप मौजूद है। यही वजह है कि कई बार लोग कमजोर इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हाई-पावर चार्जर का इस्तेमाल करते हैं और चार्जिंग से जुड़े हादसे सामने आते हैं।

 

EV Home Charging के लिए जरूरी हैं ये सुरक्षा उपकरण

 

एक सुरक्षित EV चार्जिंग सिस्टम के लिए कुछ जरूरी उपकरण होने चाहिए:

 

  • MCB (Miniature Circuit Breaker): ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट से सुरक्षा के लिए
  • RCCB (Residual Current Circuit Breaker): करंट लीकेज से बचाव के लिए
  • Proper Earthing: बिजली के झटके और दुर्घटना से बचाव के लिए
  • चार्जर को ऐसी जगह लगाएं जहां नमी या पानी जमा होने का खतरा न हो।
  • हमेशा कंपनी के ओरिजिनल चार्जर का करें इस्तेमाल

 

वाहन मालिकों को हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए चार्जर का ही इस्तेमाल करना चाहिए। लोकल या अनधिकृत चार्जर का उपयोग बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। अगर चार्जिंग के दौरान आपको किसी तरह की जलने की गंध, केबल में खराबी, वायरिंग की समस्या या असामान्य गर्मी महसूस हो तो तुरंत चार्जिंग बंद कर दें। दोबारा इस्तेमाल करने से पहले किसी तकनीशियन या वाहन कंपनी की कस्टमर सर्विस से संपर्क जरूर करें।

आस्थावान बनने का ठेका ले रहे आस्था पर प्रहार करने वाले, योगी का विरोधियों पर निशाना

Yogi Adityanath Gorakhpur

Yogi Adityanath Gorakhpur speech: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था, सुरक्षा व विकास के मुद्दे पर कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान आस्था पर प्रहार करने वाले सबसे बड़े आस्थावान बनने का ठेका ले रहे हैं। कांग्रेस व सपा के लोगों के मुंह से आस्था के उपदेश हास्यास्पद लगते हैं। सपा ने अपने शासन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में बाधा डाली, रामभक्तों पर गोली चलवाईं। कांग्रेस ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाया, मंदिर आंदोलन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में वकील खड़ा किया। ये लोग किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं? 

 

मुख्यमंत्री गुरुवार को गोरखपुर जिले के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित 995 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उक्त विकास कार्यों में टीपीनगर-पैडलेगंज मार्ग पर 2.6 किमी लंबे सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित 813.52 करोड़ रुपये की 4 परियोजनाओं का लोकार्पण और 181.77 करोड़ रुपये की 10 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

 

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस-सपा ने अपनी सरकारों में न केवल आस्था से खिलवाड़ किया, बल्कि युवाओं को नौकरी और रोजगार से वंचित किया, अन्नदाता किसानों का हक छीना। बहन-बेटियों व व्यपारियों की सुरक्षा पर संकट खड़ा किया। 2017 के पहले यूपी में आए दिन दंगे होते थे, अराजकता चरम पर थी। होली, दुर्गापूजा, विजयदशमी, रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर दंगे होते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने दी जाती थी। अब इन्हीं दलों के लोग आस्था पर बड़े-बड़े हास्यास्पद उपदेश दे रहे हैं। 

शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता कांग्रेस-सपा का अत्याचार 

मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले इंसेफेलाइटिस को लेकर सरकारी उदासीनता, सुरक्षा और निवेश के बदतर हालात को लेकर भी कांग्रेस-सपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस बीमारी पूर्वी उत्तर प्रदेश की नियति बन चुकी थी। हजारों बच्चों की मौत हो गई, पर पिछली सरकारें कान में रुई डालकर सोती रहीं। उन्हें जनता की पीड़ा महसूस करने की फुर्सत नहीं थी। बच्चों, किशोरों व नौजवानों के जीवन के साथ कांग्रेस व सपा ने जितना शोषण व अत्याचार किया, उसे शब्दों में नहीं व्यक्त किया जा सकता। 

नौकरियों पर था सैफई सिंडिकेट का कब्जा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार ने नौजवानों को बेरोजगार करने का पाप किया। कभी नौकरी निकली भी तो उस पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा हो जाता था। सपा ने न सिर्फ नौकरियों पर डकैती डाली, बल्कि उसने नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, जिससे युवाओं की पढ़ाई, नौकरी, व्यापार, समृद्धि व भविष्य पर प्रश्न खड़े हुए। इन प्रश्नों का समाधान डबल इंजन सरकार ने निकाला। हमारी सरकार सुरक्षा के माहौल में विकास करने और बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है।

माफिया और मच्छर का भय था चारों ओर

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 वर्ष पूर्व गोरखपुर में भय का माहौल था। यह गुंडों, माफियाओं व मच्छर के लिए बदनाम था। कोई गोरखपुर नहीं आना चाहता था। कोई भी गीडा में निवेश करने को तैयार नहीं था। माफिया के भय से कोई प्रॉपर्टी नहीं खरीदता था। लेकिन जब सुरक्षा का माहौल मिला तो बड़े पैमाने पर निवेश आया। अकेले गीडा में 50000 नौजवानों को नौकरी व रोजगार मिला है। अब हर व्यक्ति की पहली पसंद गोरखपुर में जमीन खरीदने और मकान बनवाने की होती है।

औने-पौने दामों पर बेची गईं चीनी मिलें

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2007 से 2017 तक प्रदेश की 29 चीनी मिलों को तत्कालीन कांग्रेस व सपा सरकारों ने बंद कर दिया। इनमें 21 चीनी मिलों को औने-पौने दामों पर बेचा गया। पडरौना चीनी मिल को महज 2 करोड़ में बेचा गया, जबकि उसके स्क्रेप का मूल्य इससे कई गुना अधिक था, जमीन की कीमत तो 200 करोड़ रुपये थी।

9 वर्ष में 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी

सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने 9 वर्षों के दौरान बिना भेदभाव 9 लाख से ज्यादा नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। अब नौकरियों में बिना भेदभाव चयन होता है और इसमें गोरखपुर के नौजवानों को भी पर्याप्त अवसर मिल रहा है। एक जिला-एक उत्पाद योजना से पारंपरिक उद्योगों को पुनर्जीवित किया गया। सवा तीन करोड़ युवाओं, कारीगरों ने अपने उद्यम प्रारंभ किए। 65 लाख नौजवानों को निजी निवेश के माध्यम से नौकरी व रोजगार प्राप्त हुआ है।  2017 के पहले प्रदेश में यह संभव नहीं था।

अच्छी सरकार से ही होता है अच्छा कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है तो अच्छा कार्य होता है। जब अच्छे जनप्रतिनिधि चुने जाते हैं तो उसके सकारात्मक और प्रगतिशील परिणाम आते हैं। डबल इंजन सरकार आने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश से इंसेफेलाइटिस को समाप्त कर दिया गया। हर जिले में मेडिकल कॉलेज बने हैं। गोरखपुर में एम्स बना और बीआरडी मेडिकल कॉलेज भी चिकित्सा का बेहतरीन केंद्र बन चुका है। गोरखपुर में 1990 से बंद खाद कारखाना चालू हो चुका है। इससे किसानों को समय से खाद उपलब्ध हो रही है। किसानों को बीज और खाद समय पर उपलब्ध हो तो उत्पादन अच्छा होता है। जब किसान खुशहाल होंगे तो देश खुशहाल होगा। गोरखपुर में मुक्तेश्वरनाथ मंदिर का पुनरोद्धार हो गया है, झारखंडी महादेव मंदिर के पुनरोद्धार के लिए भी प्रस्ताव मांगा गया है।

पर्यटन व आजीविका का माध्यम बना रामगढ़ताल

सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर का रामगढ़ताल पर्यटन का सबसे बड़ा और बेहतरीन केंद्र बन गया है। जबकि 10 वर्ष पूर्व इसकी पहचान सुनसान स्थल, गंदगी और मच्छर के कारण थी। अपराधी हत्या करके यहां शव फेंक जाते थे। अब देर रात तक हजारों परिवार यहां भ्रमण करके आनंद लेते हैं। यहां फिल्मों की शूटिंग हो रही है और हजारों लोगों को आजीविका मिल रही है।

सुगम आवागमन से तीव्र होगी प्रगति

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर आवागमन को आसान बनाने का माध्यम है। आवागमन के माध्यम जितने तेज होंगे और आवागमन जितना सुगम होगा, उतनी ही तीव्र गति से प्रगति भी होगी। प्रगति से समृद्धि आप ही आएगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत की संकल्पना के अभियान को भी आगे बढ़ाया जा सकेगा। पहले गोरखपुर से लखनऊ जाने में 7-8 घंटे लगते थे, अब यह दूरी साढ़े तीन घंटे में तय हो जाती है। इसी तरह वाराणसी जाने में 5 से 6 घंटे की बजाय महज ढाई घंटे लगते हैं। गोरखपुर की एयर कनेक्टिविटी भी बेहतरीन हुई है। यहां से 14 फ्लाइट्स चल रही हैं। यहां से वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें चल रही हैं, अच्छे स्टेशन बन रहे हैं।

सीएम योगी ने किया स्वच्छता व पौधरोपण का आह्वान

CM Yogi Gorakhpur visit: मुख्यमंत्री ने आमजन से बरसात के मौसम में विशेष तौर पर स्वच्छता पर ध्यान देने के साथ ही खाली स्थानों पर पौधरोपण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कूड़ा सड़क पर न फेंकें और न ही नाली में डालें। नालों पर अतिक्रमण न करें, इससे जलनिकासी बंद हो जाएगी तथा मच्छरों व बीमारियों को पनपने का मौका मिलेगा। शुद्ध पेयजल का इस्तेमाल करें। इससे हम विषाणुजनित बीमारियों से बच सकेंगे।

 

हमें स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक रहना होगा। सभी लोग खाली स्थानों पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ जरूर लगाएं और जो भी पौधे लगाएं, उसकी सुरक्षा भी करें। पेड़ हमें छाया, फल और ऑक्सीजन देते हैं। हमें जैव विविधता का भी संरक्षण करना होगा। इस लिहाज से गोरखपुर काफी समृद्ध है। यहां एक तरफ रामगढ़ताल है तो दूसरी तरफ चिलुआताल। एक तरफ राप्ती नदी है तो दूसरी तरफ गोर्रा नदी। इतना जल संसाधन कहीं और नहीं, जिसका हमें उचित उपयोग करना होगा।

रेनवाटर हार्वेस्टिंग की प्रेरणा देते हुए सीएम ने कहा कि वर्षा की एक-एक बूंद बचाने की आवश्यकता है। इसके लिए हम छोटे-छोटे प्लांट लगा सकते हैं। अब गोरखपुर समेत यूपी के नागरिकों को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है, इसलिए अच्छे कार्य के संरक्षण की जिम्मेदारी भी समाज को उठानी पड़ेगी। उन्होंने लोगों को सार्वजनिक जमीनों पर अतिक्रमण से बचने की सलाह देते हुए कहा कि जब आवागमन तीव्र गति से होगा तो हम अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में सफल होंगे। विकास से न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य को भी बेहतर बना सकेंगे।

 

इस अवसर पर कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं, CM योगी ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

Yogi Adityanath Janta Darshan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार सबकी समस्या का समाधान कराने को प्रतिबद्ध है। गंभीर बीमारियों के इलाज में सरकार भरपूर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। 

 

गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए शीघ्रता से समस्या समाधान के लिए निर्देशित किया। साथ ही चेताया भी कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

 

सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी शीघ्रता से सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए पहले परस्पर संवाद और फिर विधिक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि जनता की समस्याओं का निस्तारण तत्परता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता से किया जाए। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए।

 

जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसे के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का एस्टीमेट शीघ्रता से बनवा कर उपलब्ध कराए। यह मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। इलाज के लिए किसी जरूरतमंद को परेशान न होना पड़े, इसके लिए उन्होंने सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के भी निर्देश दिए।

सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों व गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। उन्होंने गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की देखभाल के लिए जरूरी दिशानिर्देश भी दिए।

CJP आंदोलन के बीच CBI का बड़ा खुलासा, NEET-UG पेपर लीक केस में संजीव मुखिया के खिलाफ नहीं मिला कोई सबूत

एक ओर देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आंदोलन कर रही है और केंद्र सरकार पर कार्रवाई का दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि कथित पेपर लीक सरगना संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के खिलाफ NEET-UG 2024 प्रश्नपत्र की चोरी या वितरण में शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला।

 

CBI के अनुसार, वर्ष 2024 में बिहार पुलिस ने NEET-UG पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद दर्ज एफआईआर में संजीव मुखिया को आरोपी बनाया था। बिहार पुलिस ने उसे अन्य परीक्षा पेपर लीक मामलों में कथित संलिप्तता के आधार पर नामजद किया था।

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हालांकि, मामला CBI को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने विस्तृत जांच की। जांच में प्रश्नपत्र चोरी, लीक, वितरण और उससे लाभ उठाने वाले सभी आरोपियों की पहचान की गई। CBI ने इस मामले में 45 आरोपियों के खिलाफ पटना की अदालत में कई चार्जशीट दाखिल कीं, लेकिन जांच के दौरान संजीव मुखिया की भूमिका का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला।

 

CBI ने बताया कि संजीव मुखिया लंबे समय तक फरार रहा और बाद में बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। एफआईआर में नाम होने के कारण CBI ने भी उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन जांच के दौरान उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया।

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इसी वजह से एजेंसी ने उसे NEET-UG 2024 मामले की किसी भी चार्जशीट में आरोपी नहीं बनाया। इसके बाद उसे इस मामले में जमानत मिल गई। हालांकि, CBI ने स्पष्ट किया कि संजीव मुखिया अभी भी बिहार पुलिस द्वारा जांच किए जा रहे अन्य मामलों में न्यायिक हिरासत में है। CBI का कहना है कि उसकी जांच में NEET-UG 2024 पेपर चोरी और लीक की पूरी साजिश का खुलासा हो चुका है और इस षड्यंत्र में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

दोस्‍ती में ब्‍लैकमेल का गेम, इंदौर में लॉ स्टूडेंट के अश्लील वीडियो वायरल, मिलने से मना किया तो सहेलियों को भेजी क्‍लिप्‍स

इंदौर में ब्‍लैकमेलिंग का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली 20 वर्षीय लॉ स्टूडेंट के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि छात्रा ने मिलने से इनकार किया तो उसके सोशल मीडिया मित्र ने पहले धमकियां दीं और फिर उसके वीडियो परिचितों व सहेलियों को भेज दिए। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक पीड़िता की पहचान करीब एक वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश निवासी आदित्य पुत्र राहुल वर्मा से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। पिछले एक महीने से आरोपी छात्रा पर मिलने का दबाव बना रहा था।

शिकायत के अनुसार आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान छात्रा पर बिना कपड़ों के बात करने का दबाव बनाया। जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने और बदनाम करने की धमकी दी। इसके बाद वह अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार कॉल कर परेशान करने लगा।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो उसकी सहेलियों और अन्य परिचितों को भेज दिए। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल कर दिए। आरोपी ने छात्रा के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर उस पर भी वीडियो अपलोड कर दिए।

घटना के बाद छात्रा ने राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आरोपी आदित्य राहुल वर्मा के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।