Kia Syros EV भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत 13.49 लाख रुपए एक चार्ज में मिलेगी 526 किमी की रेंज

Kia Syros EV

किआ इंडिया ने भारतीय बाजार में अपनी नई इलेक्ट्रिक एसयूवी Kia Syros EV को लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 13.49 लाख रुपये रखी गई है। यह कंपनी के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में Carens Clavis EV, EV6 और EV9 के साथ शामिल हो गई है और ब्रांड की दूसरी सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार बन गई है।

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नई Syros EV का डिजाइन काफी हद तक इसके पेट्रोल/डीजल (ICE) मॉडल जैसा ही है, लेकिन इसमें इलेक्ट्रिक वाहन के हिसाब से कई प्रीमियम फीचर्स और नई तकनीक दी गई है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Tata Nexon EV जैसी इलेक्ट्रिक एसयूवी से होगा।

 

कीमत और वेरिएंट

 

Kia Syros EV को तीन प्रमुख वेरिएंट्स में पेश किया गया है।

 

42 kWh HTK – ₹13.49 लाख

51.4 kWh Extended Range – ₹16.99 लाख से शुरू

X-Line ER (टॉप वेरिएंट) – ₹19.99 लाख

 

कंपनी 30 जुलाई से इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की डिलीवरी शुरू करेगी।

 

केबिन और फीचर्स

 

Syros EV का इंटीरियर रेगुलर Syros जैसा ही है, लेकिन इसमें इलेक्ट्रिक वाहन के अनुरूप कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं।

 

मुख्य फीचर्स में शामिल हैं

  • 30-इंच Trinity डिस्प्ले (इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, इंफोटेनमेंट और क्लाइमेट कंट्रोल)
  • वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay
  • 8-स्पीकर Harman Kardon साउंड सिस्टम
  • आगे और पीछे वेंटिलेटेड सीटें
  • पैनोरमिक सनरूफ
  • पावर्ड ड्राइवर सीट
  • एम्बिएंट लाइटिंग
  • वायरलेस चार्जर
  • 16-लीटर फ्रंक (फ्रंट बूट)
  • बैटरी और रेंज

 

Kia Syros EV दो बैटरी विकल्पों के साथ उपलब्ध है।

 

42 kWh बैटरी – 443 किमी की प्रमाणित रेंज

51.4 kWh बैटरी – 526 किमी की प्रमाणित रेंज

 

526 किमी की रेंज के साथ Syros EV अपने सेगमेंट की पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी बन गई है, जिसने 500 किमी से अधिक की प्रमाणित रेंज हासिल की है।

 

बड़ी बैटरी वाला मॉडल 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार 8.1 सेकंड में पकड़ सकता है। वहीं, 100 kW DC फास्ट चार्जर से बैटरी 10% से 80% तक केवल 39 मिनट में चार्ज हो जाती है।

 

सेफ्टी फीचर्स

 

Kia Syros EV में सुरक्षा के लिए कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं।

 

  • 6 एयरबैग
  • Level-2 ADAS (16 ऑटोनॉमस फीचर्स)
  • 360-डिग्री कैमरा
  • ब्लाइंड व्यू मॉनिटर
  • सभी तरफ पार्किंग सेंसर
  • इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC)
  • हिल स्टार्ट असिस्ट
  • इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक
  • टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS)
  • ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट

 

कंपनी पहले मालिक के लिए 15 साल की अनलिमिटेड किलोमीटर बैटरी वारंटी, बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS), बायबैक प्रोग्राम और 20,300 से अधिक K-Charge चार्जिंग पॉइंट्स की सुविधा भी दे रही है।

Samsung Galaxy Z Fold8, Fold8 Ultra और Flip8 लॉन्च: दमदार AI फीचर्स, नया डिजाइन और शानदार कैमरा के साथ आए नए फोल्डेबल स्मार्टफोन

सैमसंग ने अपनी नई Galaxy Z Fold8 सीरीज के साथ Galaxy Z Fold8 Ultra और Galaxy Z Flip8 को पेश किया है। कंपनी का कहना है कि नई फोल्डेबल सीरीज को अधिक प्रोडक्टिविटी, बेहतर AI अनुभव, शानदार कैमरा और पतले-हल्के डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। नई Galaxy Z सीरीज में यूजर्स को उनकी जरूरत के हिसाब से तीन अलग-अलग फोल्डेबल विकल्प मिलेंगे।

 

Galaxy AI हुआ और ज्यादा स्मार्ट

नई Galaxy Z सीरीज में Galaxy AI को हर डिवाइस के फॉर्म फैक्टर के अनुसार ऑप्टिमाइज किया गया है। Fold8 और Fold8 Ultra की बड़ी स्क्रीन पर मल्टीटास्किंग पहले से आसान हो गई है, जबकि Flip8 की AI-आधारित FlexWindow जरूरी जानकारी और शॉर्टकट्स को तुरंत उपलब्ध कराती है। Gemini Intelligence जैसे AI पार्टनर फीचर्स की मदद से कई काम कम स्टेप्स में पूरे किए जा सकते हैं। कंपनी का दावा है कि इसमें प्राइवेसी और यूजर कंट्रोल का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

 

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के DX डिवीजन के प्रमुख और CEO टीएम रोह ने कहा कि AI के अधिक स्मार्ट होने के साथ मोबाइल डिवाइस लोगों के लिए सबसे व्यक्तिगत डिजिटल साथी बनते जाएंगे। उनका कहना है कि नई Galaxy Z सीरीज फोल्डेबल स्मार्टफोन के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी।

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Galaxy Z Fold8: हल्का डिजाइन, बड़ी स्क्रीन और दमदार बैटरी

 

Galaxy Z Fold8 को ऐसे यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है जो फोल्डेबल फोन में बेहतर कंटेंट देखने, पढ़ने और गेमिंग का अनुभव चाहते हैं।

 

मुख्य खूबियां:

 

  • वजन सिर्फ 201 ग्राम, यह अब तक का सबसे हल्का Galaxy Z Fold है।
  • Snapdragon 8 Elite Gen 5 Mobile Platform for Galaxy प्रोसेसर।
  • 4,800mAh बैटरी।
  • नया Flex Titanium डिस्प्ले स्ट्रक्चर, जिससे फोन पतला होने के साथ अधिक मजबूत भी बना है।
  • फोल्ड होने पर 10:16 कवर स्क्रीन और खुलने पर 4:3 मेन डिस्प्ले बेहतर व्यूइंग अनुभव देती है।
  • मुख्य स्क्रीन की ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक है और इसमें Vision Booster तकनीक दी गई है।
  • Galaxy Z Fold8 कैमरा

 

फोन में ड्यूल 50MP कैमरा सिस्टम दिया गया है, जो वाइड और अल्ट्रा-वाइड फोटो में हाई-रिजॉल्यूशन डिटेल देता है। इसके अलावा Dual Recording और My FanCam जैसे AI फीचर्स वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने को आसान बनाते हैं।

 

Galaxy Z Fold8 Ultra: सबसे प्रीमियम फोल्डेबल

 

Galaxy Z Fold8 Ultra को कंटेंट क्रिएटर्स और प्रोफेशनल यूजर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

 

मुख्य फीचर्स:

 

8 इंच QXGA+ Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले

सिर्फ 4.1mm मोटाई (अनफोल्ड होने पर)

वजन 215 ग्राम

200MP मेन कैमरा

50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा

बेहतर Nightography

8K वीडियो रिकॉर्डिंग

5,000mAh बैटरी

45W फास्ट चार्जिंग

नया कूलिंग सिस्टम, जिससे भारी वर्कलोड के दौरान भी फोन बेहतर प्रदर्शन करता है।

Galaxy Z Flip8: सबसे स्लिम और AI-आधारित फ्लिप फोन

 

Galaxy Z Flip8 को तेज इंटरैक्शन और स्टाइलिश डिजाइन पसंद करने वाले यूजर्स के लिए तैयार किया गया है।

 

मुख्य फीचर्स:

  •  
  • वजन सिर्फ 180 ग्राम
  • मोटाई केवल 6.1mm
  • नया AI आधारित FlexWindow
  • Now Brief और Gemini Intelligence सपोर्ट
  • 50MP कैमरा
  • Flex Mode
  • Camcorder Grip
  • Super Steady वीडियो
  • FlipShot और Mirror View जैसे नए कैमरा फीचर्स।
  • Galaxy AI के नए फीचर्स

 

नई Galaxy Z सीरीज में कई एडवांस AI फीचर्स दिए गए हैं:

 

  • Now Brief
  • Now Nudge
  • Gemini Intelligence
  • Gemini Notebook
  • मल्टी-ऐप ऑटोमेशन
  • Galaxy Watch और अन्य Galaxy डिवाइस के साथ बेहतर AI इंटीग्रेशन।
  • सिक्योरिटी और प्राइवेसी

 

Samsung ने नई Galaxy Z सीरीज में Samsung Knox, Personal Data Engine (PDE), Knox Vault, AI Assistant Activity Dashboard और Privacy Alerts जैसे नए सुरक्षा फीचर्स दिए हैं, जिससे यूजर अपने डेटा और AI गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण रख सकेंगे।

 

Galaxy Z Fold8 Ultra, Galaxy Z Fold8 और Galaxy Z Flip8 की प्री-बुकिंग चुनिंदा बाजारों में शुरू हो गई है। कंपनी नए खरीदारों को Google AI Pro का 6 महीने का मुफ्त ट्रायल और 5TB क्लाउड स्टोरेज भी दे रही है। इसके अलावा Smart Switch के जरिए iPhone और अन्य डिवाइस से डेटा ट्रांसफर पहले से आसान बनाया गया है।

NEET पेपर लीक: इंदौर में डटे 5 हजार छात्र, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, मिला LGBT और आम जनता का साथ

Indore Protest

इंदौर। NEET पेपर लीक मामले को लेकर मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर का भंवरकुआं चौराहा बड़े आंदोलन का केंद्र बन चुका है। फ्लाई-ओवर के नीचे दिन-रात डटे 5,000 से अधिक छात्र-छात्राओं, परिजनों, वकीलों, कुछ संगठनों और आम नागरिकों का यह प्रदर्शन लगातार जोर पकड़ रहा है। आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए अब शहर की जनता खुद भोजन, चाय और पानी की व्यवस्था कर रही है, वहीं LGBT कम्युनिटी ने भी मैदान में उतरकर छात्रों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन जताया है। दिन-ब-दिन बढ़ती भीड़ के बीच उग्र होते इस आंदोलन में प्रदर्शनकारियों की अब केवल एक ही स्पष्ट मांग है—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और देश के एजुकेशन सिस्टम में बड़े पैमाने पर रिफॉर्म।

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फ्लाईओवर के नीचे दिन-रात डटे छात्र : गुरुवार सुबह से लेकर देर रात तक तांत्या भील चौराहे पर 'न्याय दो' और 'पेपर लीक के दोषियों को सजा दो' के नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगें हैं- नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड्स पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। रात में जैसे ही एक जत्था आराम करने जाता, दूसरा ग्रुप माइक संभाल लेता। स्थिति यह रही कि देर रात तक शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग छात्रों को समर्थन देने भंवरकुआं पहुंचते रहे।

Indore Protest

दिग्‍विजय सिंह और पटवारी ने की छात्रों से मुलाकात : बुधवार रात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे भंवरकुआं चौराहे पर चल रहे धरना स्थल पहुंचे थे। नेताओं ने वहां लगभग 30 मिनट रुककर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से सीधे चर्चा की। बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है।

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छात्रों ने बताया कि प्रशासनिक निर्देशों के तहत उनके लिए भोजन, पानी और चाय की व्यवस्था करने वाले सहयोगियों को पुलिस थानों में बुलाकर परेशान किया जा रहा है। छात्रों से जानकारी मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भंवरकुआं चौराहे पर छात्र पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं। यदि प्रशासन उनके साथ किसी प्रकार की ज्यादती या आंदोलन को कुचलने का प्रयास करेगा, तो कांग्रेस पार्टी सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगी।

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मानवीय व्‍यवहार हों छात्रों के साथ : पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि परीक्षा का पेपर लीक होने की स्थिति में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया। दिग्विजय सिंह ने टेंट लगाने की अनुमति न दिए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि बारिश के समय विद्यार्थियों को फ्लाई-ओवर पुल के नीचे बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से छात्रों के साथ मानवीय व्यवहार करने का आग्रह किया।

दिल्‍ली में देखी पुलिस की बर्बरता : बता दें कि इंदौर के भंवरकुआ चौराहे पर पिछले 23 दिनों से हजारों छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इनमें से कई स्‍टूडेंट दिल्‍ली प्रोटेस्‍ट में शामिल होने के लिए भी गए हैं। कुछ ने वहां से लौटकर वहां स्‍टूडेंट के साथ हुई ज्‍यादती के बारे में भी बताया। छात्र पवन अहिरवार ने बताया कि दिल्‍ली में पुलिस ने स्‍टूडेंट के साथ मारपीट की। गलत तरह से बर्ताव किया। उन्‍होंने बताया कि मैंने कभी ऐसा नहीं देखा कि पुलिस ने किसी स्‍टूडेंट के साथ इस कदर बर्बरता के साथ बर्ताव किया हो।

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इस्‍तीफा दो आंदोलन खत्‍म कर देंगे : अरूण बडोले ने बताया कि हम पिछले करीब 20 दिनों से इंदौर के भंवरकुआ चौराहे पर हजारों स्‍टूडेंट के साथ यहां बैठे हैं। मर जाएंगे पर यहां से उठेंगे नहीं। अब तो हमें आम लोगों का भी साथ मिलने लगा है। शिक्षा व्‍यवस्‍था में सुधार और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफे के साथ ही यह आंदोलन खत्‍म होगा।

दोस्‍त और भाई का सपोर्ट : पायल करोले ने बताया कि अपनी दोस्‍त के सपोर्ट में यहां आई हैं। कई स्‍टूडेंट भूखे हैं, प्‍यासे हैं। लेकिन लोग पानी और केले लेकर आ रहे हैं। लेकिन बेरहम सरकार पर कोई असर नहीं हो रहा है। अहंकारी सरकार छात्रों की नहीं सुन रही है। दिल्‍ली में स्‍टूडेंट के ऊपर लाठियां बरसाई जा रही हैं। मैं अपने दोस्‍त के लिए यहां आई हूं, ऐसे कई लोग हैं जो अपने दोस्‍तों के सपोर्ट में यहां पहुंचे हैं। विकास पचाया ने बताया कि वे तो ऑटो चलाते हैं, लेकिन उनकी पत्‍नी पढ़ाई करती है, उनके लिए वे आंदोलन में शामिल हुए हैं।

कुछ भी हो, झुकेंगे नहीं : बता दें कि छात्रों की आवाज में गुस्‍सा है, आंखों में भविष्‍य को लेकर फिक्र। वे अपने कॅरियर के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वे चाहते हैं कि उनके और उनके मां-बाप के सपने पूरे हों, जो लाखों रुपए उनके परिवारों ने कर्ज लेकर कोचिंग में फूंके कम से कम उनकी भरपाई हो सकें, लेकिन देश की भ्रष्‍ट शिक्षा व्‍यवस्‍था के खिलाफ उनके चेहरे पर बेबसी साफ नजर आती है। वे नारे लगा रहे हैं, रो रहे हैं, चीख रहे हैं, लेकिन उनकी चीख से जिम्‍मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। उनका कहना है कि कुछ भी हो जाए, किसी भी हालत में झुकेंगे नहीं।

Indore Protest

आंदोलन की खास बातें
कहां हो रहा प्रदर्शन: टंट्या भील चौराहा, भंवरकुआं (इंदौर का कोचिंग हब)।
प्रदर्शनकारियों की संख्या: करीब 5,000 से ज्‍यादा (छात्र, शिक्षक, अभिभावक व नागरिक)।
मुख्य मांग: पेपर लीक दोषियों पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।

गुजरात में बारिश का तांडव, वलसाड में 36 इंच, 7 ट्रेनें रद्द, सेना अलर्ट पर

Gujarat Heavy Rain

Gujarat Heavy Rain: दक्षिण गुजरात में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। विशेष रूप से वलसाड जिले में भारी तबाही देखने को मिली है, जहां उमरगाम में लगभग 35.67 इंच जितनी भीषण बारिश दर्ज की गई। सूरत में भी खाड़ियों (नालों) के ओवरफ्लो होने के कारण हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भारी बारिश के चलते सड़क परिवहन और रेलवे सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है। तापी जिले में पानी में डूबने से 1 व्यक्ति की मौत के साथ अब तक 1 व्यक्ति की जान जा चुकी है।

वलसाड जिले में तबाही, कुछ ही घंटों में पूरा शहर जलमग्न

वलसाड जिले में बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। उमरगाम तहसील में अब तक 35.67 इंच रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है, जिसमें से केवल रात 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच ही 17.44 इंच बारिश हो गई। इसके अलावा कपराड़ा में 29 इंच, नानापोढ़ा में 25.31 इंच और धरमपुर में 20 इंच बारिश के कारण हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। वलसाड शहर में पानी भर जाने से कई महंगी गाड़ियां डूब गईं और विभिन्न क्षेत्रों में फंसे लोगों को नावों (बोट) के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया।

Gujarat Heavy Rain


सूरत में 2000 से अधिक लोगों का स्थानांतरण

सूरत में भी स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। महज 4 घंटे में 4 इंच बारिश होने से भेदवाड़ और सीमाड़ा खाड़ियां उफान पर आ गईं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया। खाड़ी के पास के इलाकों से 2,244 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। ALSO READ: Weather Update : मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 12 राज्यों में IMD का अलर्ट, पूर्वोत्तर में भारी बारिश का खतरा

ICCC केंद्र से प्रशासन की सख्त निगरानी

सूरत नगर निगम द्वारा आईसीसीसी (ICCC) केंद्र से स्थिति की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। मेयर, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर रियल-टाइम समीक्षा कर रहे हैं और राहत व बचाव कार्यों का सीधा संचालन कर रहे हैं।

अमित शाह ने CM भूपेंद्र पटेल से की बातचीत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बातचीत की और विशेष रूप से दक्षिण गुजरात तथा अहमदाबाद में उत्पन्न हुई बारिश की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है और आवश्यकता पड़ने पर वायु सेना (Air Force) तथा तटरक्षक बल (Coast Guard) को भी तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

Gujarat Heavy Rain


CM ने बुलाई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। उन्होंने बारिश से प्रभावित जिलों की स्थिति और जारी राहत-बचव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को पूरी तरह से अलर्ट रहने और प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत सहायता पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

200 ST बस ट्रिप और 7 मुख्य ट्रेनें रद्द

भारी बारिश के कारण राज्य की यातायात व्यवस्था पर भारी असर पड़ा है। सुरक्षा के मद्देनजर गुजरात राज्य परिवहन (ST) निगम द्वारा 200 से अधिक बस ट्रिप रद्द कर दी गई हैं। वहीं रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अहमदाबाद-मुंबई मार्ग की 7 प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जिससे नवसारी, सूरत और वापी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई है। नवसारी से रोजाना सूरत और वापी नौकरी व व्यापार के लिए आने-जाने वाले 50,000 से अधिक पास धारक (डेली अपडाउनर्स) ट्रेन सेवाएं ठप होने के कारण फंस गए हैं।

NDRF की टीमें तैनात, मौसम विभाग का अलर्ट

भारी बारिश से निपटने के लिए सूरत में NDRF की 3 और वलसाड में 2 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि वलसाड में 1 अतिरिक्त टीम भेजी जा रही है। इसके अलावा अमरेली, जूनागढ़ और भावनगर में भी NDRF की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। मौसम विभाग ने आज भी मध्य गुजरात के 3 जिलों में रेड अलर्ट, 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे स्पष्ट है कि अगले 24 घंटे राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे।

सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका, जब्त हुई जमानत, 3 माह में करना होगा सरेंडर

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मेघालय के बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस की आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है। शीर्ष अदालत ने सोनम को बड़ा झटका देते हुए उसे 3 हफ्ते में सरेंडर करने को कहा है।

 

जस्टिस एम एम सुंदरेश और पी बी वराले की बेंच ने सुनवाई के दौरान न्यूक्लियर फैमिली, जीवन में गैजेट के बढ़ते दखल सहित युवाओं में डिप्रेशन को लेकर भी कई अहम टिप्पणियां की है। कोर्ट ने कहा कि बदलते समाज में ये चीजें होना लाजमी है। आज की पीढ़ी हमसे ज्यादा जानकार हो सकती है लेकिन प्रेशर से निपटने के मामले में वे ज्यादा कमजोर हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ट्रायल छह महीने के अंदर आगे नहीं बढ़ता और पूरा नहीं होता है तो सोनम नई जमानत अर्जी दाखिल कर सकती हैं। सोनम को पिछले साल जून में अपने बिजनेसमैन पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

 

क्या है मामला?

सोनम पर आरोप है कि उसने वर्ष 2025 में अपने हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या करवाई थी। सोनम के पति राजा रघुवंशी 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए थे। राजा क्षत-विक्षत शव ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक झरने के पास बरामद हुआ था। इस सनसनीखेज मामले में सोनम और उसके प्रेमी राज समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सोनम पिछले करीब 11 महीनों से शिलांग जेल में बंद थी। इसके बाद स्थानीय अदालत ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। मामले में हाईकोर्ट ने भी सोनम की जमानत को बरकरार रखा था।

 

क्‍या सोनम ही है मास्‍टरमाइंड

गौरतलब कि इस पूरे मामले में सोनम को हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि उसने झरने के पास सीढ़ियों पर आरोपियों के साथ बैठक की और उन्हें 15 हजार रुपए दिए। इसके बाद बंद पार्किंग यार्ड में उसके कहने पर तीनों युवकों ने राजा पर हमला किया। राजा को खाई में फेंकने में भी सोनम ने मदद की। हमले से पहले उसके शरीर से चेन, अंगूठी और ब्रेसलेट भी निकलवाए गए थे। हत्या के बाद आरोपी करीब 11 किलोमीटर आगे जाकर सोनम से मिले थे।

हमारा समय बर्बाद न करें : CJI सूर्यकांत बोले, छात्रों पर पुलिस बर्बरता के खिलाफ याचिका की त्वरित सुनवाई से किया इनकार

CJI Surya Kant: नीट (NEET) परीक्षा पत्र लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित 'संसद मार्च' के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मामले में उच्चतम न्यायालय से तत्काल राहत नहीं मिली है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पुलिस बर्बरता के खिलाफ दायर याचिका पर जल्द सुनवाई करने की अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अदालत के पास ऐसे वीडियो देखने का समय नहीं है। 

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ? 

अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने याचिका का उल्लेख (Mentioning) करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ से मामले को तुरंत सूचीबद्ध (Urgent Listing) करने का अनुरोध किया था।

  • याचिकाकर्ता की दलील : अधिवक्ता ने पीठ को बताया कि छात्र नीट परीक्षा में पारदर्शिता और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में सुधार जैसे देश से जुड़े गंभीर मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पुलिस की बर्बरता और लाठीचार्ज के प्रत्यक्ष वीडियो सबूत मौजूद हैं। 
  • सीजेआई की तीखी टिप्पणी : याचिकाकर्ता की बात बीच में ही काटते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “बहुत-बहुत धन्यवाद।” 

जब वकील ने वीडियो साक्ष्यों पर जोर दिया, तो CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा: 

 

“हमारा समय बर्बाद न करें, और अपना समय भी बर्बाद न करें। हमारी वीडियो में कोई रुचि नहीं है; हमारे पास देखने का समय नहीं है।” 

 

दिल्ली उच्च न्यायालय का भी सख्त रुख 

उच्चतम न्यायालय से पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था, “अदालत को इसमें मत घसीटिए।” हालांकि, उच्च न्यायालय में जनहित याचिका पर अलग से सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

कैसे अस्तित्व में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP)? 

यह मामला इस लिहाज से भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि 'कॉकरोच जनता पार्टी' का गठन मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद ही हुआ था: 

1. सीजेआई का बयान : एक सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा गया था कि “समाज में ऐसे परजीवी मौजूद हैं, जो तंत्र पर हमला करते हैं… बेरोजगारी के चलते कुछ युवा कॉकरोच की तरह सोशल मीडिया व अन्य मंचों पर सक्रिय हो जाते हैं…” 

2. सफाई : बाद में सीजेआई ने स्पष्ट किया था कि उनके बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया था और उनकी टिप्पणी केवल फर्जी डिग्री धारकों के संदर्भ में थी। 

3. आंदोलन का रूप : इस टिप्पणी के विरोध स्वरूप डिजिटल रणनीतिकार अभिजीत दिपके द्वारा प्रतीकात्मक रूप से CJP' की शुरुआत की गई, जो देखते ही देखते लाखों छात्रों और युवाओं का एक बड़ा आंदोलन बन गया।
 

स्पेस में भारत का Axiom-4 मिशन क्यों है खास, एलन मस्क के स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल से होगी वापसी

Axiom 4 Mission India Experiments

भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम (Gaganyaan Programme) और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के निर्माण की दिशा में Axiom-4 (Ax-4) मिशन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध हुआ है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारत के गगनयात्री (भारतीय अंतरिक्ष यात्री) ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला द्वारा किए गए 7 मुख्य माइक्रोग्रेविटी (माइक्रोग्रैविटी/शून्य गुरुत्वाकर्षण) वैज्ञानिक प्रयोग सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। इसरो (ISRO) और नासा (NASA) के संयुक्त तत्वावधान में इन प्रयोगों के सैंपल्स और वैज्ञानिक डेटा को पृथ्वी पर वापस लाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। ALSO READ: ISRO में मची खलबली, चंद्रयान और गगनयान से जुड़े वैज्ञानिक क्‍यों दे रहे इस्‍तीफा?

माइक्रोग्रैविटी में भारत के 5 मुख्य प्रयोग : आसान भाषा में समझें

अंतरिक्ष की माइक्रोग्रैविटी स्थिति (जहाँ गुरुत्वाकर्षण बल लगभग शून्य होता है) में मानव शरीर, पौधों और सूक्ष्मजीवों में होने वाले बदलावों को समझने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा डिजाइन किए गए प्रयोगों को अंजाम दिया गया:

Axiom 4 Mission India Experiments

1. मायोजेनेसिस (Myogenesis – मांसपेशी पुनर्जनन)

  • सरल व्याख्या : लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने पर अंतरिक्ष यात्रियों की मांसपेशियां कमजोर (Muscle Wasting) होने लगती हैं। इस प्रयोग में मानव मांसपेशी कोशिकाओं पर माइक्रोग्रैविटी के प्रभावों का अध्ययन किया गया।
  • फायदा : इससे भविष्य में गहरे अंतरिक्ष अभियानों के दौरान एस्ट्रोनॉट्स की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए दवाएं बनाने और पृथ्वी पर बुजुर्गों में मांसपेशियों की कमजोरी के इलाज में मदद मिलेगी।

2. अंकुरित अनाज प्रयोग (Sprouts-ISRO: मेथी और मूंग)

  • सरल व्याख्या: अंतरिक्ष में ताजे भोजन की उपलब्धता के लिए मूंग और मेथी के बीजों को शून्य गुरुत्वाकर्षण में उगाकर (Germination) देखा गया।
  • फायदा : यह अध्ययन अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष स्टेशन पर ही पौष्टिक भोजन उगाने (Space Farming) की क्षमता प्रदान करेगा।

3. जल-भालू / टार्डिग्रेड्स का अध्ययन (Tardigrades Experiment)

  • सरल व्याख्या : 'टार्डिग्रेड्स' पृथ्वी के सबसे छोटे लेकिन सबसे मजबूत जीव हैं, जो अत्यधिक विकिरण (Radiation) और शून्य तापमान में भी जीवित रह सकते हैं।
  • फायदा : अंतरिक्ष के विकिरण और माइक्रोग्रैविटी में इनके पुनरुत्थान (Revival) और डीएनए संरचना में बदलाव का अध्ययन कर इंसानों को रेडिएशन से बचाने के सूत्र खोजे जा रहे हैं।

4. सूक्ष्म शैवाल और सायनोबैक्टीरिया (Microalgae & Cyanobacteria)

  • सरल व्याख्या : ये ऐसे सूक्ष्मजीव हैं जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के जरिए कार्बन डाइऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन छोड़ते हैं और नाइट्रोजन स्थिर करते हैं।
  • फायदा : अंतरिक्ष अभियानों में लाइफ सपोर्ट सिस्टम (Life Support System) को आत्मनिर्भर बनाने, ऑक्सीजन उत्पादन और बायो-फ्यूल तैयार करने में यह रिसर्च बेहद अहम है।

5. वॉयजर डिस्प्ले और इलेक्ट्रॉनिक इंटरैक्शन (Voyager Display)

  • सरल व्याख्या : माइक्रोग्रैविटी में जब अंतरिक्ष यात्री कंप्यूटर और स्क्रीन पर काम करते हैं, तो उनकी आँखों की गति (Gaze Fixation) और तनाव के स्तर पर क्या असर पड़ता है, इसका विश्लेषण किया गया।

Axiom 4 Mission India Experiments


स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल से धरती पर वापसी की योजना

इसरो और नासा के फ्लाइट सर्जनों तथा वैज्ञानिकों की टीम मिशन डेटा संग्रह और वापसी के प्रोटोकॉल पर काम कर रही है:

  • अनडॉकिंग (Undocking): स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन (Crew Dragon) अंतरिक्ष यान द्वारा ISS से अलग होकर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के लिए थ्रस्टर्स का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • स्पलैशडाउन (Splashdown): पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के बाद यान पैराशूट के जरिए सुरक्षित महासागर में लैंड (Splashdown) करेगा, जहाँ से रिकवरी टीमें सैंपल्स और गगनयात्री को सुरक्षित बाहर निकालेंगी।
  • पुनर्वास (Rehabilitation): पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में वापस ढलने के लिए इसरो और नासा के चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख में स्वास्थ्य जांच और कार्डियोवैस्कुलर मूल्यांकन किया जाएगा।

भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर इसका रणनीतिक असर

इसरो (ISRO) का आधिकारिक दृष्टिकोण:
Axiom-4 मिशन से मिला डेटा भारत के अपने गगनयान-1 (Gaganyaan Crewed Mission) और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS – Bharatiya Antariksha Station) के निर्माण में रीढ़ की हड्डी का काम करेगा। भारतीय शोध संस्थानों को माइक्रोग्रैविटी रिसर्च का जो व्यावहारिक अनुभव मिला है, वह देश के युवाओं और वैज्ञानिकों के लिए नए रास्ते खोलेगा।

1997 में पेपर लीक पर लाठियां खाने वाले धर्मेंद्र प्रधान आज खुद घिरे, पुलिस पिटाई में आए थे फ्रैक्चर

Dharmendra Pradhan News

Dharmendra Pradhan 1997 Protest: राजनीति का चक्र भी कितना अजीब होता है। लगभग तीन दशक पहले जो नेता छात्र राजनीति के दौर में पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरा था और पुलिस की लाठियां खाई थीं, आज वही नेता केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक विवाद के केंद्र में खड़ा है।

 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में नीट परीक्षा में अनियमितताओं और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का छात्र जीवन का एक पुराना किस्सा फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है। ALSO READ: CJP Protest: जंतर-मंतर पर हुई हिंसा पर बड़ा खुलासा, Delhi Police पर अभिजीत दिपके का आरोप

1997 का वो आंदोलन : जब धर्मेंद्र प्रधान को आए थे फ्रैक्चर

'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' और 'द इकोनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 1997 में धर्मेंद्र प्रधान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक छात्र नेता थे।

  • सचिवालय का घेराव : 1997 में ओडिशा में जब पेपर लीक का मामला सामने आया, तब धर्मेंद्र प्रधान लगभग 1,500 छात्रों के साथ ओडिशा सरकार के सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।
  • पुलिस लाठीचार्ज : छात्रों के विरोध को दबाने के लिए पुलिस ने उग्र लाठीचार्ज कर दिया था। इस घटना में धर्मेंद्र प्रधान की पुलिस द्वारा जमकर पिटाई हुई थी, जिससे उन्हें गंभीर फ्रैक्चर आए थे।
  • ABVP में शुरुआती सफर : 1994 से 1997 के दौरान वे ABVP के राष्ट्रीय सचिव रहे और छात्र अधिकारों के लिए कई रैलियों व आंदोलनों का नेतृत्व किया।

तीन दशक बाद बदला परिदृश्य : विरोध के केंद्र में शिक्षा मंत्री

लगभग 30 साल बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। जो धर्मेंद्र प्रधान कभी छात्र नेता के रूप में व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर लड़ रहे थे, आज वे देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था के मुखिया यानी केंद्रीय शिक्षा मंत्री हैं। ALSO READ: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार, बोले- युवाओं का भविष्य आपने बर्बाद किया, धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए
 

1. जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन : नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं।

2. पुलिसिया कार्रवाई से आक्रोश : हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।

3. जवाबदेही की मांग: विपक्ष और छात्र संगठनों का कहना है कि जो नेता कभी खुद पेपर लीक का पीड़ित रहा हो, उसे आज छात्रों के दर्द को समझते हुए नैतिक जवाबदेही तय करनी चाहिए।

 

1997 के भुवनेश्वर (ओडिशा) से लेकर 2026 के जंतर-मंतर (दिल्ली) तक की यह यात्रा राजनीति की उस सच्चाई को दर्शाती है जहां वक्त के साथ भूमिकाएं बदल जाती हैं। आज पूरे देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अपने छात्र जीवन में संघर्ष का स्वाद चख चुके धर्मेंद्र प्रधान इस राष्ट्रीय शिक्षा संकट को कैसे हल करते हैं।

रील बनाने की शौकीन 3 सगी बहनों ने कैमरामैन से की शादी, अमरोहा में हिंदू संगठन भड़के

amroha reel lovers sister wedding with cameraman

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया और रील्स बनाने की शौकीन तीन सगी बहनों ने एक ही युवक (कैमरामैन) से मंदिर में शादी कर ली। इस अनोखी शादी का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया है। वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों ने इस शादी पर कड़ा विरोध जताया है और मामले की जांच की मांग की है।

 

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरोहा जिले की रहने वाली तीनों सगी बहने सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती थीं और अक्सर रील्स और कंटेंट बनाया करती थीं।

 

कैमरामैन से बढ़ी नजदीकियां: रील्स और वीडियो शूट करने के दौरान ही तीनों बहनों का संपर्क इलाके के एक कैमरामैन से हुआ।

 

एक साथ शादी की जिद: शूटिंग के दौरान कैमरामैन और तीनों बहनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसके बाद तीनों बहनों ने किसी एक से अलग होने के बजाय उसी एक कैमरामैन से शादी करने का फैसला किया।

 

मंदिर में रचाई शादी: चारों ने स्थानीय मंदिर में जाकर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और विवाह कर लिया। शादी की तस्वीरें और रील्स जैसे ही सोशल मीडिया पर पोस्ट हुईं, यह मामला चर्चा का विषय बन गया।

 

हिंदू संगठनों का विरोध और नाराजगी

इस त्रिकोणीय और अजीबोगरीब शादी की खबर जैसे ही इलाके में फैली, हिंदू संगठन उग्र हो गए:

 

संस्कृति और परंपरा का हवाला: स्थानीय हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह शादी न केवल सामाजिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के खिलाफ है, बल्कि हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) का भी उल्लंघन करती है।

 

जांच की मांग: हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस मामले में पुलिस और स्थानीय प्रशासन से दखल देने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह कदम सोशल मीडिया पब्लिसिटी पाने या किसी अनुचित दबाव में उठाया गया हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

 

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाई हुई है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। अगर शादी में किसी तरह का दबाव, धोखाधड़ी या कानूनी उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

ayodhya ram mandir trust meeting

Ram Mandir Trust Meeting: ​अयोध्या स्थित श्री मणिराम दास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रमुख साधु-संतों की उपस्थिति में हुई इस बैठक में राम मंदिर की धार्मिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इसके साथ ही अयोध्या में पुजारियों के प्रशिक्षण का भी निर्णय लिया गया, जो प्रशिक्षण के बाद देशभर में मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सकेंगे। 

9 संतों की 'धार्मिक समिति' का गठन

राम मंदिर की पूजा-अर्चना और सभी धार्मिक गतिविधियों की निगरानी का पूरा जिम्मा अब संत समाज के हाथों में होगा। मंदिर की संपूर्ण धार्मिक व्यवस्था अब पूर्णतः वैदिक रामानंदी परंपरा के अनुसार संचालित होगी। धार्मिक मामलों में इस समिति का फैसला ही अंतिम और सर्वोपरि माना जाएगा। नई समिति के अध्यक्ष ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि होंगे। धार्मिक समिति का प्रवक्ता और सचिव भी नियुक्त किया जाएगा। ALSO READ: राम जन्मभूमि मंदिर केस फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, निर्मोही अखाड़े ने दाखिल की याचिका

​अयोध्या के संतों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
9 सदस्यीय इस समिति में अयोध्या के संतों का स्पष्ट बहुमत रखा गया है-

  • ​महंत दिनेंद्र दास (निर्मोही अखाड़ा)
  • ​महंत कमलनयन दास (मणिराम दास छावनी)
  • ​महंत डॉ. रामानंद दास (रामकथा कुंज)
  • ​राजकुमार दास (रामबल्लभा कुंज)
  • ​महंत मिथिलेषनंदिनी शरण
  • ​जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती
  • ​जगद्गुरु स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ​

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एक माह में नियुक्त होगा राम मंदिर का CEO

​राम मंदिर परिसर की संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 1 माह के भीतर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति कर दी जाएगी। इस पद के लिए देशभर से 5,200 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और 1 महीने में योग्य उम्मीदवार का चयन कर लेगी। ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन

​बैंक की कार्यप्रणाली पर भारी नाराजगी

​बैठक में चढ़ावा राशि की गिनती के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ हुए समझौते (MOU) की समीक्षा की गई। ​न्यासी मंडल ने बैंक की कार्यप्रणाली और कर्तव्यों के निर्वहन में पाई गई त्रुटियों पर कड़ा असंतोष और नाराजगी जताई। वित्त समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह SBI के साथ भविष्य के संबंधों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) की समीक्षा कर आगे का निर्णय ले।

​देशभर के मंदिरों के लिए तैयार होंगे प्रशिक्षित पुजारी

​राम मंदिर परिसर में वर्तमान में 14 मंदिर हैं, जिनके लिए बड़ी संख्या में योग्य अर्चकों की आवश्यकता है। ​ट्रस्ट अब एक स्थायी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगा। इसमें पूजा-पद्धति, वैदिक मंत्रों का शुद्ध उच्चारण, कर्मकांड, मंदिर प्रबंधन और रामानंदी परंपरा का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले अर्चकों को आधिकारिक प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिससे वे देशभर के विभिन्न मंदिरों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

​बैठक के अन्य महत्वपूर्ण बिन्दु

  • SIT की रिपोर्ट का इंतजार : चढ़ावे की गिनती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही SIT की अंतिम रिपोर्ट अभी ट्रस्ट को नहीं मिली है, इसलिए इस विषय पर चर्चा टल गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई और अदालत की प्रक्रियाओं को संज्ञान में लिया जा रहा है।
  • रिक्त पदों पर चर्चा नहीं : ट्रस्ट के महासचिव और तीन सदस्यों के रिक्त पदों पर इस बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। फिलहाल कृष्ण मोहन ही ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव का पद संभालते रहेंगे।

क्या है चढ़ावा चोरी से जुड़ा पूरा मामला?

हाल ही में अयोध्या के श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान (चढ़ावे) की चोरी और हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने मंदिर प्रबंधन से लेकर पुलिस-प्रशासन तक हड़कंप मचा दिया। दरअसल, राजनीतिक स्तर पर आरोप लगने और शिकायतें सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया। SIT ने जांच के बाद अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और पुलिस की त्वरित कार्रवाई शुरू हुई। 

 

जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड रमाशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' था, जिसके पास मंदिर परिसर के दानपात्रों (हुंडियों) की चाबियां रहती थीं। दान की रकम गिनने वाले कक्ष और दानपात्रों से कर्मचारी मिलीभगत करके नगदी निकालते थे। पूछताछ में यह खुलासा भी हुआ कि चोरी किए गए पैसे को गणना कक्ष से सटे बाथरूम आदि जगहों पर छिपाया जाता था और बाद में बाहर निकाला जाता था। इस मामले में पुलिस ने 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया। पुलिस ने छापों के दौरान आरोपियों के पास से लाखों रुपए कैश, सोने-चांदी के गहने, कई चारपहिया वाहन और बुलेट बाइक बरामद कीं। अकेले अविनाश शुक्ला के पास से 20 लाख रुपए से अधिक की नकदी मिली।