अशोक वर्णवाल होंगे मध्य प्रदेश के नए कार्यवाहक मुख्य सचिव

मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 1991 बैच में एमपी कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी अशोक वर्णवाल को कार्यवाहक मुख्य सचिव नियुक्त किया है। बुधवार को जारी आदेश के अनुसार वे आगामी आदेश तक राज्य के मुख्य सचिव का दायित्व संभालेंगे।

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अशोक वर्णवाल वर्तमान में मध्य प्रदेश शासन में अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ-साथ गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा वे खाद्य सुरक्षा आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी देख रहे हैं।

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यह नियुक्ति वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन के नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त होने के बाद की गई है। अनुराग जैन के केंद्र में नई जिम्मेदारी संभालने के मद्देनजर राज्य सरकार ने यह अंतरिम व्यवस्था की है।

CJP प्रोटेस्ट में हिंसा पर सलमान खान का रिएक्शन, किस बात को लेकर दुखी हुए अभिनेता

बुधवार देर रात जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन हिंसक हो गया। पुलिस पर पत्थरबाजी की गई है। इसमें पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। छात्रों के आंदोलन पर अभिनेता सलमान खान देर रात एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है और कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया, ये देखकर दुख हुआ। छात्र आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था और इसे हिंसक रूप लेते देख उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

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सलमान खान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पेपर लीक एक बेहद गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं और उनके माता-पिता भी उनका समर्थन कर रहे हैं।

उन्होंने छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने भविष्य और एक शिक्षित एवं मजबूत भारत के निर्माण के लिए समर्पण, ईमानदारी और कड़ी मेहनत की भावना का परिचय दिया है। सलमान के मुताबिक, यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और छात्रों ने साहस एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखी है। सलमान खान ने कहा कि शिक्षा के प्रति समर्पित और प्रेरित यह पीढ़ी भविष्य में भारत का नाम रोशन करेगी।

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उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है, इसलिए इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। इस आंदोलन का पूरा श्रेय केवल देश के छात्रों को मिलना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार भी छात्रों का सहयोग करेगी और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी।

 

अपने संदेश के अंत में सलमान खान ने कहा कि शिक्षा आने वाले समय का सबसे बड़ा ट्रेंड बननी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की शिक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत और आधुनिक बने कि दुनिया भर के छात्र पढ़ाई के लिए भारत आएं और देश एक वैश्विक एजुकेशन हब के रूप में उभरे।

Paper Leak पर सरकार का विपक्ष को खुला न्योता, जेपी नड्डा बोले- संसद में 18 घंटे भी चर्चा को तैयार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की मांगों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या है, जिस पर राजनीति करने के बजाय गंभीर चर्चा और ठोस समाधान की आवश्यकता है।

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जेपी नड्डा ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने करीब 150 पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया है। सरकार एक जिम्मेदार सरकार है और हर मामले की जांच के बाद जनता के सामने तथ्य रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, उनमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे राज्य शामिल हैं, जहां कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं। नड्डा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि वे इन मामलों पर चयनात्मक रवैया क्यों अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना नहीं, बल्कि उनके मुद्दों पर राजनीतिक लाभ लेना है।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे कम समय की चर्चा कराए या 12 घंटे अथवा 18 घंटे की बहस, सरकार हर प्रकार की चर्चा के लिए तैयार है। जेपी नड्डा ने कहा कि संसद इस गंभीर विषय पर व्यापक विमर्श का सबसे उपयुक्त मंच है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह बार-बार अपना रुख न बदले और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करे।

 

उन्होंने कहा कि देश के बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना सरकार और विपक्ष दोनों की साझा जिम्मेदारी है। इसलिए सभी दलों को मिलकर ऐसी ठोस नीति तैयार करनी चाहिए, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

दिल्ली के जंतर-मंतर में हिंसक प्रदर्शन, पत्थरबाजी, कई पुलिसकर्मी घायल, दागे गए आंसू गैस के गोले

नीट मुद्दे पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पत्थरबाजी हुई है। बताया जा रहा है कि हिंसक प्रदर्शन हुआ है। पुलिस पर पत्थरबाजी की गई है। पुलिस ने आंसूगैस के गोले भी दागे हैं। घटना से जुड़े कुछ वीडियो सामने आए। इसमें प्रदर्शनकारियों के हाथ में भी लाठी दिख रही है। वो पुलिसकर्मियों पर हमला कर रहे हैं।


इससे पूर्व 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारी संसद गेट के करीब पहुंच गए थे। उन्हें हटाने के लिए लाठीचार्ज किया गया था।

 

MP के निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन बने नीति आयोग के नए CEO

कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet-ACC) ने बुधवार को मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग (NITI Aayog) का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। अनुराग जैन मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उनकी नियुक्ति को नीति आयोग में केंद्र सरकार की नीतिगत योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

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कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel and Training – DoPT) की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अनुराग जैन की नियुक्ति उस तारीख से प्रभावी होगी, जिस दिन वह अपने नए पद का कार्यभार संभालेंगे।

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आदेश में कहा गया है कि अनुराग जैन नीति आयोग के CEO पद पर अपनी सेवा अवधि विस्तार की स्वीकृत अवधि पूरी होने तक कार्य करेंगे। इसके बाद वह कुल मिलाकर दो वर्ष की अवधि तक या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे, इनमें से जो भी पहले हो। DoPT के आदेश के मुताबिक, उनकी नियुक्ति उन्हीं नियमों और शर्तों के आधार पर होगी, जो इस पद के लिए लागू हैं।

IMD Rain Alert : गुजरात और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट, 23 जुलाई को भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, किन राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

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देश के कई राज्यों में बारिश आफत बनकर बरस रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जुलाई के लिए राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश के साथ कई राज्यों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।  IMD ने उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक करीब 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

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आईएमडी ने पश्चिम भारत के गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र के लिए रेड कलर अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारी बारिश के चलते कुछ इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा भी बढ़ गया है।

 

मध्य प्रदेश, राजस्थान और गोवा समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान, मध्यप्रदेश, कोंकण-गोवा और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। झारखंड, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 

बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कर्नाटक, केरल, अंडमान-निकोबार और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। IMD ने अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात, ओडिशा, उत्तराखंड, विदर्भ और पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है।

कौनसे राज्य के लिए क्या है अलर्ट- 

मध्यप्रदेश : मानसूनी गतिविधियां तेज रहने के कारण कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

पूर्वी राजस्थान : बादलों की सक्रियता के चलते कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

कोंकण और गोवा : तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत : नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

CJI बोले- वीडियो देखने का वक्त नहीं, हमारा समय बर्बाद न करें, CJP प्रोटेस्ट में लाठीचार्ज पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले में तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष के कुछ नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी की आलोचना की।

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सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से पुलिस कार्रवाई के खिलाफ तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने सीजेआई सूर्यकांत की बेंच के आगे सीजेपी प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मेरे पास सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान दिल्ली पुलिस की बर्बरता से जुड़े वीडियो भी हैं।

हालांकि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि हमारा समय बर्बाद मत कीजिए। जब याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि छात्रों पर कथित पुलिस अत्याचार के वीडियो उपलब्ध हैं, तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमें वीडियो में रुचि नहीं है, हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है।  CJP ने जताई नाराजगी

 

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि देश के मुख्य न्यायाधीश भी ऐसे मामलों को सुनने के लिए तैयार नहीं होंगे, तो यह लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है।

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CJP और विपक्षी नेताओं का कहना है कि छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मामले में अदालत को हस्तक्षेप करना चाहिए।  हालांकि, इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट या केंद्र सरकार की ओर से CJP की आलोचना पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

CM योगी के नेतृत्व में गोरखपुर की बदली तस्वीर, फोरलेन सड़कें, फ्लाईओवर और रेल ओवरब्रिज से आसान हुआ सफर

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जिस गोरखपुर जनपद की पहचान टूटी व बदहाल सड़कों से थी, अब वह फोरलेन सड़कों, फ्लाईओवर-रेल ओवरब्रिज की विस्तृत श्रृंखला के लिए जाना जा रहा है। मजबूत रोड कनेक्टिविटी को ढांचागत विकास का पर्याय समझा जाता है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साढ़े नौ साल के कार्यकाल में गोरखपुर ने ढांचागत विकास के लिहाज से ऊंची उड़ान भरी है।
 

बदहाली से बुलंदियों तक की यात्रा करते हुए, सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का नया मॉडल बन चुका है। बीते साढ़े नौ वर्षों के दौरान जिले में कनेक्टिविटी का ऐसा व्यापक नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसने न केवल आम जनजीवन को सुगम बनाया है, बल्कि पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा दी है।
 

सभी जानते हैं कि वर्ष 2017 से पूर्व गोरखपुर में कनेक्टिविटी की स्थिति काफी चिंताजनक थी। बदहाल और संकरी सड़कों के कारण न केवल स्थानीय नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, बल्कि उद्योग और व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित थे। मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ ने बुनियादी ढांचे के पुनरुद्धार को अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखा। गोरखपुर शहर की सीमा में प्रवेश करने वाले सभी बाहरी मार्गों के साथ-साथ शहर के प्रमुख आंतरिक मार्गों को फोरलेन में बदला गया है। ट्रैफिक जाम को खत्म करने और यातायात को निर्बाध बनाने के लिए फ्लाईओवर और रेल ओवरब्रिज की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की गई है। 
 

गोरखपुर आज केवल अपने ज़िले तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतर्जनपदीय और अंतर्राज्यीय व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बन चुका है। वर्तमान में गोरखपुर से लखनऊ, वाराणसी, बिहार, नेपाल, देवरिया, कुशीनगर तक जाने के लिए फोरलेन की कनेक्टिविटी है। इससे आवासीय आवश्यकताओं की मांग में बढ़ोतरी होने के साथ औद्योगिक निवेश की बयार लगातार बह रही है।
 

चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल कहते हैं कि ढांचागत विकास केवल सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं रहता बल्कि यह किसी भी क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास की नींव होता है। सुगम कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की लागत में कमी के कारण निवेशकों का गोरखपुर के प्रति आकर्षण तेजी से बढ़ा है। औद्योगिक क्षेत्रों में नए उद्योगों की स्थापना हो रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। बेहतर रोड नेटवर्क और कनेक्टिविटी के कारण बाहरी क्षेत्रों के लोग भी गोरखपुर की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप शहर में कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज की मांग में भारी वृद्धि हुई है।

 

सीएम योगी के कार्यकाल में पूर्ण हुईं रोड कनेक्टिविटी की कुछ प्रमुख परियोजनाएं

-गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, लंबाई 91 किमी, लागत 7283 करोड़ रुपये।

 

-भटहट-बांसस्थान मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण, लंबाई 11.6 किमी, लागत 689.35 करोड़ रुपये।

 

-कालेसर से जंगल कौड़िया तक 17.66 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण, लागत 866 करोड़ रुपये।

 

-मोहद्दीपुर – जंगल कौड़िया मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण लागत 323 करोड़ रुपये।

 

-टीपीनगर से पैडलेगंज मार्ग पर 2.6 किमी लंबाई में सिक्सलेन फ्लाईओवर, लागत 429.49 करोड़ रुपये।

 

-पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौक होते हुए बेतियाहाता चौराहे तक फोरलन सड़क, लागत 277.78 करोड़ रुपये।

 

-रामगढ़ताल नौकायन से देवरिया बाईपास तक फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण, लागत 67.35 करोड़।

 

-धर्मशाला से गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर नया गोरखनाथ ओवरब्रिज (लागत 137.83 करोड़ रुपये)

 

-बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज, लागत 152.19 करोड़ रुपये।

 

-खजांची चौराहा फ्लाईओवर, लागत 96.50 करोड़ रुपये।

 

-बालापार टिकरिया मार्ग स्थित रेल समपार पर ओवरब्रिज, लागत 84.87 करोड़ रुपये।

 

गोरखपुर में ढांचागत विकास की जारी प्रमुख परियोजनाएं

-जंगल कौड़िया-सोनौली फोरलेन मार्ग, लागत 2555.50 करोड़ रुपये।

 

-गोरखपुर उत्तर-पूर्व फोरलेन बाईपास/रिंग रोड, लागत 1973.97 करोड़ रुपये।

 

-नौसढ़ से पैडलेगंज सिक्सलेन मार्ग, लागत 297.29 करोड़ रुपये।

 

-देवरिया बाईपास का फोरलेन में चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण, लागत 399.24 करोड़ रुपये।

 

-जिला जेल बाईपास मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, लागत 369.04 करोड़ रुपये।

 

-पिपराइच-गोरखपुर मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण, लागत 942.44 करोड़ रुपये।

 

-चारफाटक-असुरन मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण, लागत 278.89 करोड़ रुपये।

 

-बालापार-टिकरिया-गांगी बाजार मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण, लागत 838.05 करोड़ रुपये।

 

-एचएन सिंह चौराहे से हड़हवा फाटक होते हुए गोरखनाथ मंदिर मार्ग तक टूलेन/फोरलेन, लागत 245.44 करोड़ रुपये।

 

-हड़हवा फाटक समपार संख्या 2 स्पेशल पर फोरलेन फ्लाईओवर, लागत 201.24 करोड़ रुपये।

 

-लखनऊ-गोरखपुर मार्ग पर अतिरिक्त दो लेन (अप स्ट्रीम) का राप्ती नदी पर पुल, लागत 104 करोड़ रुपये।

 

-लखनऊ-गोरखपुर मार्ग अतिरिक्त दो लेन (डाउन स्ट्रीम) का राप्ती नदी पर पुल, लागत 118 करोड़ रुपये।

 

-चौरीचौरा-भोपा बाजार में समपार संख्या 147बी पर रेल ओवरब्रिज, लागत 59.44 करोड़ रुपये।

 

-राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए जंगल कौड़िया कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क, लागत 195.21 करोड़ रुपये।

 

-डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल के पास तक फोरलेन सड़क, लागत 379.54 करोड़ रुपये।

 

-झुंगिया चुंगी से फर्टिलाइजर गेट तक फोरलेन सड़क, लागत 140.37 करोड़ रुपये।

 

-स्पोर्ट्स कॉलेज चौराहा से फर्टिलाइजर मार्ग तक फोरलेन सड़क, लागत 115.59 करोड़ रुपये।

 

-पादरी बाजार में फ्लाईओवर, लागत 98.34 करोड़ रुपये।

 

-विरासत गलियारा का निर्माण, लागत 555.56 करोड़ रुपये।

योगी सरकार की योजना से बदली किस्मत, डेयरी से सालाना हो रही 20 लाख की कमाई

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana

 Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ग्रामीण युवाओं के लिए सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जिंदगी बदलने का माध्यम बन रही है। प्रतापगढ़ के सांड़वा चंडिका गांव निवासी शिवम सिंह इसकी जीवंत मिसाल हैं। पांच वर्ष पहले उनके पिता को एक घायल देसी गाय मिली थी। परिवार ने उसकी सेवा-भाव से देखभाल शुरू की और यही गोसेवा आगे चलकर सफलता का आधार बन गई। बाद में योगी सरकार की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ मिला, आधुनिक डेयरी स्थापित हुई और आज उसी सफर ने परिवार को सालाना 20 लाख रुपये से अधिक आय, 25 गोवंश और गांव के अन्य लोगों को भी रोजगार देने वाले डेयरी उद्यमी के रूप में पहचान दिलाई है।

गोसेवा से शुरू हुआ सफर, योजना ने दी नई उड़ान

शिवम बताते हैं कि उनके पिता राकेश सिंह को रास्ते में एक घायल देसी गाय मिली, जिसे घर लाकर उसकी सेवा की। उसी गाय की देखभाल करते-करते पिता-पुत्र दोनों का लगाव गोपालन से बढ़ता गया। धीरे-धीरे गोवंश की संख्या बढ़ती गई और देखते ही देखते यह 25 तक पहुंच गई। इसी दौरान उन्हें यूट्यूब पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की जानकारी मिली।

योगी सरकार की योजना इस तरह ला रही बदलाव

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए उन्होंने आवेदन किया। चयन होने के बाद उन्हें पांच लाख का ऋण मिला। शिवम राजस्थान से साहीवाल और गिर नस्ल की 10 उत्कृष्ट गायें लेकर आए। अभी उनकी डेयरी से प्रतिदिन लगभग 110 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिससे उनकी वार्षिक आय 20 लाख रुपए के ऊपर पहुंच गई है। शिवम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना का लाभ लेकर वे अपने कारोबार को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही वे अपने गांव और आसपास के लोगों को रोजगार भी देंगे। 

Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana

अब ए2 दूध के उत्पाद और नस्ल सुधार पर फोकस

शिवम ने शुरुआत से ही अपनी डेयरी में बेहतर तकनीक का उपयोग किया है, जिससे अच्छी नस्ल की बछियाओं का जन्म हो रहा है और स्वदेशी नस्ल की गाय के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है। अब उनका लक्ष्य शुद्ध ए2 दूध से घी और अन्य मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पाद तैयार कर बाजार में अपनी अलग पहचान बनाना है। साथ ही वे उच्च गुणवत्ता वाली देसी नस्लों के ब्रीड डेवलपमेंट पर बड़े स्तर पर काम करना चाहते हैं।

युवाओं के लिए बन रहा प्रेरक मॉडल

शिवम सिंह की कहानी बताती है कि सेवा भाव, आधुनिक तकनीक और सरकार की सही योजना का साथ मिल जाए तो ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। एक घायल देशी गाय से शुरू हुआ यह सफर आज आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और ग्रामीण समृद्धि का ऐसा मॉडल बन चुका है, जो प्रदेश के अन्य युवाओं को भी पशुपालन और डेयरी उद्यमिता की ओर प्रेरित कर रहा है।

रेलवे पर भड़कीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, पत्र लिखा और कहा- इंदौर को अनाथ समझ लिया क्‍या?

Sumitra Mahajan

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन (ताई) का एक पत्र सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इंदौर की राजनीति में एक बार फिर से इंदौर को लेकर चर्चा है। दरअसल, ताई ने रेलवे को जमकर फटकार लगाई है।

उन्‍होने पश्चिम रेलवे की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए लिखे गए इस पत्र में ताई ने रेलवे पर इंदौर की उपेक्षा का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इस पत्र को मुद्दा बनाते हुए भाजपा सांसद और सरकार पर निशाना साधा है।

20 जुलाई को लिखे इस पत्र में सुमित्रा महाजन ने रेलवे अधिकारी रामश्रय पांडे को संबोधित करते हुए लिखा कि उन्हें अत्यंत खेद के साथ यह पत्र लिखना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है। नई यात्री ट्रेनें शुरू करने के बजाय अन्य रेलवे जोनों के प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं।

ताई ने पत्र में लिखा कि जयपुर–इंदौर और रीवा–इंदौर रेल सेवाओं के प्रस्ताव लंबित हैं। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित MEMU सेवा का रैक इंदौर से हटा दिया गया, जबकि उसकी जगह पुराने DEMU रैक चलाए जा रहे हैं, जो अक्सर खराब हो जाते हैं।

उन्होंने यह भी लिखा कि पुणे–इंदौर ट्रेन लंबे समय से बंद है, लेकिन उसे वैकल्पिक मार्ग से शुरू नहीं किया गया। वहीं अजमेर और ग्वालियर की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा पटना, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) जाने वाली ट्रेनों के फेरे नहीं बढ़ाए गए हैं, जबकि इनकी मांग लगातार बनी हुई है। महू–उज्जैन के बीच लोकल ट्रेन और अयोध्या के लिए सीधी रेल सेवा नहीं होने का भी उन्होंने उल्लेख किया। लक्ष्मीबाई नगर में दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और महू में अतिरिक्त लाइन क्षमता उपलब्ध होने के बावजूद रेलवे द्वारा सुविधाएं नहीं बढ़ाई जा रहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि 40 लाख की आबादी वाले शहर के लिए क्या मौजूदा रेल सुविधाएं पर्याप्त हैं?