मध्यप्रदेश विधानसभा में दिल्ली के छात्र आंदोलन की गूंज, कांग्रेस का जमकर हंगामा, सदन में चर्चा की मांग

भोपाल। दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के साथ नेता विपक्ष राहुल गांधी के घरने प्रदर्शन की गूंज बुधवार मध्यप्रदेश विधानसभा में सुनाई दी। नीट परीक्षा सहित मध्य प्रदेश में हुई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर विधानसभा में चर्चा कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने जबरदस्त हंगामा किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शून्य काल के दौरान नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों पर सदन में स्थगन प्रस्ताव पेश कर तुरंच चर्चा की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छात्र आंदोलन का मुद्दा सिर्फ दिल्ली का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के छात्रों से भी जुड़ा हुआ है, मध्य प्रदेश में कई भर्ती परीक्षाओं में धांधली हुई है और परीक्षा के नाम पर मध्यप्रदेश में अराजकता देखी गई है। प्रदेश के कई युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ है। क्या सरकार सदन इस पर चर्चा नहीं कराएगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहले भी कई बार सदन में राज्य और देश में घटी घटनाओं पर चर्चा हुई है। यदि सरकार इस पर आज चर्चा नहीं करना चाहती तो कल करा ले।

 

वहीं विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को सत्ता पक्ष की ओर से जमकर विरोध हुआ। कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि विधानसभा के स्थाई आदेश में भी यह उल्लेखित है कि जो सूचनाएं सुबह 9 बजे के बाद दी जाएगी उन्हें अगले दिन के लिए माना जाएगा. इसमें भी यदि उल्लेखित है कि संबंधित मुद्दा मध्य प्रदेश सरकार के अंतर्गत आना चाहिए, तब ही चर्चा की जाएगी, जबकि यह पूरा मामला केंद्र सरकार से जुड़ा है तो फिर मध्य प्रदेश में इस पर चर्चा का विषय ही नहीं उठता।

 

वहीं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। जिस पर विपक्षी विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया। इसके चलते सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। वहीं सदन की कार्यवाही दोबारा शुरु होने पर विपक्ष ने फिर हंगामा शुरु किया तो  मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जब एक बार विधानसभा अध्यक्ष ने कोई व्यवस्था दे दी तो विपक्ष को इसका सम्मान करना चाहिए। वहीं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि, जब एक बार कोई व्यवस्था दे दी गई तो उसमें कोई बदलाव नहीं होगा. कई और विधायक हैं जिस पर सदन में चर्चा होनी है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 'सरकार एक तरफ युवा वर्ष मनाने जा रही है लेकिन युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार चर्चा करने को तैयार नहीं है।

 

Paper Leak Case: राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस LIVE, 152 पेपर लीक, सजा एक को भी नहीं

rahul gandhi

पेपर मामले और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन पर राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। पेश हैं लाइव अपडेट्‍स- 
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी काली पट्टी पहनकर पहुंचे। सबसे पहले जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का वीडियो दिखाया गया।

राहुल गांधी ने कहा कि हर किसी के लिए यह साफ है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था, जिसे कभी दुनिया की सबसे बेहतरीन शिक्षा प्रणालियों में गिना जाता था, आज गंभीर संकट का सामना कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि कोई व्यक्ति या लोगों का एक समूह हमारी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर रहा है। 

 

भारत की सबसे मूल्यवान संपत्ति उसकी शिक्षा व्यवस्था और उसके छात्र हैं, लेकिन उनके भविष्य को नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार क्या कर रही है? एक भी दोषसिद्धि (कन्विक्शन) नहीं हुई है। यही पहला और पूरी तरह से जायज कारण है कि हमारे युवा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

 

राहुल गांधी ने कहा कि यह एक ऐसा आंकड़ा है, जिसे देश का हर युवा जानता है, लेकिन किसी कारणवश भारत सरकार इसे नहीं समझ रही। एक उदाहरण देखिए- सिर्फ एक परीक्षा की तैयारी और उसे देने में छात्रों के परिवारों का जितना खर्च होता है, वह लगभग देश के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।

rahul gandhi press confrance

राहुल गांधी ने सरकार के सामने 3 मांगें रखीं 

  • धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
  • बर्बरता करने वालों को सजा 
  • पीएम मोदी खेद जताएं  

असीमित तनाव से गुजरते हैं छात्र

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बच्चों ने आत्महत्या तक की है, हमारे छात्र असीमित तनाव से गुजरते हैं और फिर आखिरी समय में उन्हें बताया जाता है कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। यह एक वास्तविक और गंभीर समस्या है, जो अब देश में बहुत गहरी हो चुकी है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सिर्फ अपनी मांगें रख रहे हैं। वे वही मांग रहे हैं, जिसका इस देश के छात्र होने के नाते उन्हें अधिकार है। वे कोई अपराध नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ इतना कह रहे हैं कि हमें ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहिए जो ठीक से काम करे, जो निष्पक्ष हो। लेकिन आज हमारे पास ऐसी व्यवस्था नहीं है।

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राहुल गांधी ने कहा कि सवाल यह है कि हमारे छात्रों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? आखिर हमारे छात्रों ने ऐसा क्या किया है? हजारों-हजार छात्र हैं, उन्होंने ऐसा कौन-सा अपराध किया है कि उन पर सुरक्षा बल हथियार तानें, उन्हें पीटा जाए, उनके साथ मारपीट की जाए और उनका अपमान किया जाए? राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक हुए हैं और एक भी दोषी नहीं पाया गया। यही कारण है कि हमारे युवा विरोध कर रहे हैं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा क्यों हो रहा है? हमारे छात्रों ने आखिर ऐसा क्या किया था कि हमारे सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पीटा। वे शांति से प्रदर्शन कर रहे थे। वे क्राइम में नहीं थे। कई बच्चों ने आत्महत्या की है। यह एक जायज़ समस्या है। पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक हुए हैं।

तेज हुआ आंदोलन, उज्‍जैन, देवास, धार से भी जुटे छात्र, चरम पर आक्रोश, कहा- कुछ भी कर लो, नहीं झुकेंगे

Indore Protest

  • छात्र आंदोलन को आम लोगों का मिलने लगा साथ
  • प्रदर्शन में तेज हुई धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफे की मांग
  • अब इंदौर के साथ उज्‍जैन, देवास और धार से भी जुटे छात्र
  • आम और अज्ञात लोग कर रहे छात्रों के खाने-पीने की व्‍यवस्‍था

नीट पेपर लीक में शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफे के की मांग के साथ शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। इंदौर के साथ ही उज्‍जैन, धार और देवास के छात्र-छात्राएं भी इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। बुधवार को इंदौर के भंवरकुआ चौराहा पर बड़ी संख्‍या में छात्रों की भीड़ नजर आई। अब आंदोलन को छात्रों के परिजनों और आम लोग और छात्रों के दोस्‍तों का भी साथ मिलने लगा है।

बुधवार को वकीलों के एक संगठन ने भी धरनास्‍थल पर पहुंचकर छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। वहीं कुछ बुजुर्ग भी वहां पहुंचे और विद्यार्थियों का हौंसला बढ़ाया। धरनास्‍थल पर एकत्र हुए छात्रों ने कहा कि कुछ भी हो जाए, वे तब तक नहीं झुकेंगे जब तक शिक्षामंत्री का इस्‍तीफा नहीं हो जाए और शिक्षा व्‍यवस्‍था में सुधार नहीं हो जाता।

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दिल्‍ली में देखी पुलिस की बर्बरता : बता दें कि इंदौर के भंवरकुआ चौराहे पर पिछले 23 दिनों से हजारों छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इनमें से कई स्‍टूडेंट दिल्‍ली प्रोटेस्‍ट में शामिल होने के लिए भी गए हैं। कुछ ने वहां से लौटकर वहां स्‍टूडेंट के साथ हुई ज्‍यादती के बारे में भी बताया। छात्र पवन अहिरवार ने बताया कि दिल्‍ली में पुलिस ने स्‍टूडेंट के साथ मारपीट की। गलत तरह से बर्ताव किया। उन्‍होंने बताया कि मैंने कभी ऐसा नहीं देखा कि पुलिस ने किसी स्‍टूडेंट के साथ इस कदर बर्बरता के साथ बर्ताव किया हो।

इस्‍तीफे के साथ खत्‍म होगा आंदोलन : अरूण बडोले ने बताया कि हम पिछले करीब 20 दिनों से इंदौर के भंवरकुआ चौराहे पर हजारों स्‍टूडेंट के साथ यहां बैठे हैं। मर जाएंगे पर यहां से उठेंगे नहीं। अब तो हमें आम लोगों का भी साथ मिलने लगा है। शिक्षा व्‍यवस्‍था में सुधार और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफे के साथ ही यह आंदोलन खत्‍म होगा।

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दोस्‍त के सपोर्ट में पहुंचे कई छात्र : पायल करोले ने बताया कि अपनी दोस्‍त के सपोर्ट में यहां आई हैं। कई स्‍टूडेंट भूखे हैं, प्‍यासे हैं। लेकिन लोग पानी और केले लेकर आ रहे हैं। लेकिन बेरहम सरकार पर कोई असर नहीं हो रहा है। अहंकारी सरकार छात्रों की नहीं सुन रही है। दिल्‍ली में स्‍टूडेंट के ऊपर लाठियां बरसाई जा रही हैं। मैं अपने दोस्‍त के लिए यहां आई हूं, ऐसे कई लोग हैं जो अपने दोस्‍तों के सपोर्ट में यहां पहुंचे हैं। विकास पचाया ने बताया कि वे तो ऑटो चलाते हैं, लेकिन उनकी पत्‍नी पढ़ाई करती है, उनके लिए वे आंदोलन में शामिल हुए हैं।

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वकीलों के संगठन ने किया समर्थन : स्‍टूडेंट में जबरदस्‍त उत्‍साह है। छात्रों का कहना है कि हम मर जाएंगे, लेकिन यहां से तब तक नहीं उठेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती। जो स्‍टूडेंट नीट के नहीं हैं, वे भी यहां नजर आ रहे हैं। कई बच्‍चों के परिजन भी यहां उनका हौंसला बढ़ाने के लिए कई दिनों से उनके साथ ब्रिज के नीचे बैठे हैं। बुधवार को वकीलों का एक संगठन यहां पहुंचा और आंदोलन का समर्थन किया।

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पता नहीं कौन कर रहा खाने की व्‍यवस्‍था : बता दें कि भंवरकुआ क्षेत्र में 23 दिनों से एकजुट हुए छात्रों के लिए अज्ञात दानदाता भोजन पानी की व्‍यवस्‍था कर रहे हैं। कोई केले लेकर आ रहा है तो कोई समोसे और पराठे रख जा रहा है। कोई चाय पिला रहा है तो कोई पोहा लेकर छात्रों को दे रहा है। छात्र नेताओं का कहना है कि उन्‍हें तो पता ही नहीं है कि कौन उनके खाने पीने की व्‍यवस्‍था कर रहा है। लोग चुपचाप आते हैं और सामान रख जाते हैं।  

कुछ भी हो जाए, झुकेंगे नहीं : बता दें कि छात्रों की आवाज में गुस्‍सा है, आंखों में भविष्‍य को लेकर फिक्र। वे अपने कॅरियर के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वे चाहते हैं कि उनके और उनके मां-बाप के सपने पूरे हों, जो लाखों रुपए उनके परिवारों ने कर्ज लेकर कोचिंग में फूंके कम से कम उनकी भरपाई हो सकें, लेकिन देश की भ्रष्‍ट शिक्षा व्‍यवस्‍था के खिलाफ उनके चेहरे पर बेबसी साफ नजर आती है। वे नारे लगा रहे हैं, रो रहे हैं, चीख रहे हैं, लेकिन उनकी चीख से जिम्‍मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। उनका कहना है कि कुछ भी हो जाए, किसी भी हालत में झुकेंगे नहीं।

दिल्‍ली में पुलिस की बेदर्दी से दुखी स्‍टूडेंट : स्‍टूडेंट ने बताया कि शांति से प्रोटेस्‍ट करने वाले स्‍टूडेंट पर सरकार उलटा लाठियां भांज रही है, कई बच्‍चे और यहां तक कि लड़कियां घायल हुएं हैं। स्‍टूडेंट खून से सने हैं, इस बेरहमी के वीडियो और तस्‍वीरें सोशल मीडिया में वायरल हैं। बच्‍चे चीख चीखकर अपनी बात कह रहे हैं, अपने अधिकारों की रक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन दिल्‍ली पुलिस उनके साथ हिंसा कर रही है। स्‍टूडेंट ने बताया कि पुलिस मारपीट कर रही है। अगर उनकी सरकार ही उनकी बात नहीं सुनेगी तो वे कहां जाएंगे।

Indore Protest

सोनम वांगचुक को हमारा समर्थन : बता दें कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक प्रकरण को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर व्यापक प्रदर्शन हो रहा है। इसकी गूंज अब मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी सुनाई देने लगी है। भंवरकुआं चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। इनके साथ बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, स्थानीय कलाकार और आम नागरिक भी अपनी एकजुटता दिखाने पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग के साथ देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहे हैं। उन्‍होंने दिल्‍ली में धरने पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को अपना पूरा समर्थन दिया है। छात्रों पर हो रहे लाठीचार्ज खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

गुरुपूर्णिमा पर श्री श्री रविशंकर का संदेश, क्या जीवन में गुरु की आवश्यकता है?

A photo of Indian guru and Art of Living Foundation founder Sri Sri Ravi Shankar

एक बल्ब के भीतर तंतु (फ़िलामेंट) पहले से ही विद्यमान होता है। उसे केवल विद्युत् प्रवाह की आवश्यकता होती है और वह प्रकाशमान हो उठता है। उसी प्रकार एक कली में पुष्प बनने की समस्त संभावनाएं निहित रहती हैं, किन्तु उसके प्रस्फुटित होने के लिए थोड़ी सी देखभाल, जल, सूर्य का प्रकाश और अनुकूल वातावरण अपेक्षित होता है। ठीक इसी प्रकार प्रत्येक मनुष्य अपने भीतर असीम सामर्थ्य और अनंत संभावनाएं संजोए हुए है। उचित मार्गदर्शन और अनुकूल वातावरण उस अंतर्निहित शक्ति को जागृत कर देते है, जो पहले से ही उसके भीतर विद्यमान है।

 

विद्युत् के बिना बल्ब का अपना कोई महत्व नहीं रह जाता। उसका बाहरी आकार मात्र एक आवरण है; वास्तविक तत्व तो उसके भीतर प्रवाहित होने वाली विद्युत् है। उसी प्रकार तुम भी केवल बाह्य आकार नहीं हो। तुम्हें यह अनुभूति करनी है कि तुम्हारा वास्तविक स्वरूप वही चेतना है, वही दिव्य ऊर्जा है। जिस ज्ञान की तुम खोज कर रहे हो, वह पहले से ही तुम्हारे भीतर विद्यमान है। गुरु की उपस्थिति ही मनुष्य को अपने इस वास्तविक स्वरूप का बोध कराती है।

 

जीवन में जो बातें प्रत्यक्ष दिखाई देती हैं, उनके लिए भी हम मार्गदर्शक की आवश्यकता सहज स्वीकार करते हैं। वाहन चलाना सीखने के लिए प्रशिक्षक चाहिए, किसी विषय में दुर्बलता हो तो शिक्षक या कोच की आवश्यकता पड़ती है। जब दृश्य जगत की छोटी-छोटी बातों के लिए भी मार्गदर्शक आवश्यक है, तब उस अदृश्य, सूक्ष्म और अव्यक्त सत्य की अनुभूति के लिए गुरु का महत्व कितना अधिक होगा! गुरु के बिना आत्मसाक्षात्कार अत्यंत कठिन प्रतीत होता है और गुरु के बिना ध्यान की गहराइयों तक पहुंचना भी सहज नहीं होता।

 

क्या आप जानते हैं कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी शिक्षा के लिए महर्षि सान्दीपनि का आश्रय ग्रहण किया था? भगवान श्रीराम ने भी महर्षि वशिष्ठ से जीवन का गहन ज्ञान प्राप्त किया। जब स्वयं अवतार पुरुषों ने गुरु की शरण ग्रहण की, तब सामान्य मनुष्य के लिए गुरु की आवश्यकता कितनी स्वाभाविक है।

 

यदि जीवन में उच्चतर चेतना, उत्कृष्टता और आत्मोन्नति प्राप्त करनी है, तो गुरु का होना अनिवार्य है। गुरु के बिना वास्तविक प्रगति संभव नहीं। गुरु–शिष्य परम्परा हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यदि मानव जाति को आगे बढ़ना है, तो उसे इस प्राचीन ज्ञान-परम्परा को अपने साथ लेकर चलना होगा।

 

गुरु वह है जो आपके दुःख, कष्ट और पीड़ा को दूर करने का सामर्थ्य रखता है। गुरु वह है जो आपके जीवन में शांति का संचार करता है और निरंतर प्रगति की दिशा में आपका पथ प्रशस्त करता है। जीवन में कृतज्ञ होने के लाखों अवसर हैं और शिकायत करने के करोड़ों। शिकायतों की संख्या कृतज्ञता से कहीं अधिक प्रतीत होती है। किन्तु गुरु का सान्निध्य इन दोनों से भी परे ले जाता है। वह आपकी दृष्टि को एक ऐसे सत्य की ओर उन्मुख करता है, जहां जीवन का सम्पूर्ण परिप्रेक्ष्य बदल जाता है।

 

शास्त्रीय रसायन विज्ञान हमें प्रत्येक तत्व के गुणधर्मों का ज्ञान कराता है। कुर्सी मेज नहीं है, मेज द्वार नहीं है, यद्यपि वे सभी लकड़ी से बने हैं। जल एक तापमान पर बर्फ बन जाता है और दूसरे तापमान पर वाष्प। परन्तु जब चेतना की दृष्टि क्वांटम भौतिकी की ओर विकसित होती है, तब मनुष्य शास्त्रीय विज्ञान की सीमाओं से ऊपर उठकर उस सत्य का अनुभव करता है, जहां समस्त सृष्टि में एक ही चेतना का स्पंदन दिखाई देता है। स्वयं को सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड से अभिन्न जानने का अनुभव ही अद्वैत की अनुभूति है।

 

गुरु के तीन स्वरूप होते हैं। पहला उनका स्थूल, भौतिक स्वरूप; दूसरा उनका सूक्ष्म ऊर्जा-स्वरूप; और तीसरा उनका कारण या अदृश्य स्वरूप। करुणा के कारण यही अदृश्य सत्ता पहले सूक्ष्म ऊर्जा के रूप में प्रकट होती है और अंततः मानव रूप धारण कर साधकों का मार्गदर्शन करती है। गुरु की उपस्थिति जीवन की समस्त शिकायतों और समस्त उपलब्धियों, दोनों से कहीं अधिक महान होती है।

 

जब आप कहते हैं, 'मैं कृतज्ञ हूं', तब भी उसमें एक दूरी का भाव निहित रहता है। परन्तु गुरु तो आपके अपने ही सर्वोच्च, विराट और दिव्य स्वरूप का नाम है।

जैसे वायु चारों ओर व्याप्त रहती है, पर उसका अनुभव तभी होता है जब हम उसकी ओर सजग होते हैं। वैसे ही गुरु सदा हमारे साथ हैं, गुरु पूर्णिमा वह पावन दिवस है, जब हम इस दिव्य उपस्थिति का अनुभव करते हैं, उससे जुड़ते हैं और कृतज्ञता के भाव में डूब जाते हैं। यही अनुभूति हमें जीवन में आगे बढ़ाती है।

 

गुरु समस्त शोकों का हरण करते हैं। उनके सान्निध्य में आनंद स्वतः उमड़ पड़ता है, ज्ञान का प्रकाश प्रकट होता है और व्यक्ति की सुप्त प्रतिभाएं सहज ही प्रस्फुटित होने लगती हैं। हम सभी का जीवन अनगिनत आशीर्वादों से परिपूर्ण है। आज का यह पावन दिवस उन सभी कृपाओं का स्मरण करने, उन्हें हृदय से अनुभव करने और इस सत्य में उल्लसित होने का है कि हम वास्तव में परमात्मा की असीम कृपा से धन्य हैं।

जम्‍मू कश्‍मीर के अनंतनाग में आतंकी हमला, लाल चौक पर हुई गोलीबारी, घायल पुलिसकर्मी की मौत

 Terrorist attack in Anantnag Jammu and Kashmir, security forces have launched a search operation

अनंतनाग कस्‍बे में उस जगह पर एक कथित आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई है जहां से अमरनाथ यात्री यात्रा शुरू करते हैं। फिलहाल आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि पुलिसकर्मी की मौत आतंकी हमले में हुई है या फिर कहीं ओर से गोली चलने से। मरने वाला पुलिसकर्मी अमरनाथ यात्रा की डयूटी पर था।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को अनंतनाग जिले के लाल चौक पर गोलीबारी की घटना में गंभीर रूप से घायल हुए एक पुलिसकर्मी की अस्पताल में मौत हो गई। मृतक पुलिसकर्मी की पहचान बडगाम के आशिक हुसैन (आईआरपी 3री बटालियन) के तौर पर हुई है, जो यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे।

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हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। इस बीच, अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की कि उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था। मृतक की पहचान आशिक हुसैन के तौर पर हुई है। गोलीबारी की घटना के असल हालात का तुरंत पता नहीं चल सका।

पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षाबल मौके पर भेजे गए हैं। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और हमलावरों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया।

भारत टेक्स 2026: टेक्सटाइल निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरा उत्तर प्रदेश

Yogi adityanath

Yogi adityanath

 

  • योगी सरकार की यूपी टेक्सटाइल नीति-2022 के तहत 8 कंपनियों को प्रोत्साहन राशि और 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' वितरित 
  • वित्तीय सहायता से निवेशक इकाइयों के उत्पादन विस्तार, तकनीकी उन्नयन और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को मिलेगा बल

नई दिल्ली/लखनऊ, 21 जुलाई: योगी सरकार की नीतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल एक्सपो 'भारत टेक्स 2026' में उत्तर प्रदेश ने देश के अग्रणी टेक्सटाइल और परिधान विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष 'उत्तर प्रदेश राज्य सत्र' में नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों और निवेशकों के समक्ष राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों और विकसित होते औद्योगिक इकोसिस्टम का खाका खींचा गया। सत्र में मुख्य रूप से यूपी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने के विजन और योगी सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं को रेखांकित किया गया।

 

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्र, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आधुनिक, नवाचार आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल उद्योग के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार नीतिगत सुधारों और उद्योग-अनुकूल वातावरण के माध्यम से टेक्सटाइल वैल्यू चेन में निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध हथकरघा विरासत के साथ-साथ गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग और टेक्निकल टेक्सटाइल्स को बढ़ावा देकर देश का प्रमुख टेक्सटाइल हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सत्र के दौरान राज्य की टेक्सटाइल नीतियों, उत्पादन क्लस्टरों तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।

 

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022' के तहत चार स्थापित इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन देना और चार नए निवेशकों को 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' (LoC) जारी करना रहा। यह कदम राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और नए निवेश को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वित्तीय प्रोत्साहन के तहत मेरठ की के.डी. प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड को ₹2.37 करोड़, मुरादाबाद की जी.ओ. पॉलिमर्स प्राइवेट लिमिटेड को ₹1.26 करोड़, बुलंदशहर की पैट्रोनस अपैरल्स प्राइवेट लिमिटेड को ₹80 लाख तथा बुलंदशहर की ही विनटेक्स इंडस्ट्रीज को ₹74 लाख की वित्तीय सहायता दी गई। इस राशि से इन इकाइयों के उत्पादन विस्तार, तकनीकी उन्नयन और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बल मिलेगा।

 

इसके साथ ही, चार प्रमुख कंपनियों- चाहत एक्सपोर्ट्स एलएलपी (₹16.18 करोड़), अवंती ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड (₹3.18 करोड़), आर्टेक्स मिल्स प्राइवेट लिमिटेड (₹2.10 करोड़) और रचित प्रिंट्स लिमिटेड (₹1.40 करोड़) को 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' प्रदान किए गए। यह पहल निवेशकों को समयबद्ध प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

 

इस अवसर पर मंत्री राकेश सचान ने पीएम मित्र पार्क लखनऊ एवं संत कबीर पार्क के संभावित मास्टर डेवलपर्स के साथ संवाद किया। इन बैठकों में पार्कों के बुनियादी ढांचे के विकास तथा परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। विभाग के अधिकारियों द्वारा उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल नीतियों एवं निवेश अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुतियों के साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता, सतत विनिर्माण और राज्य को परिधान उद्योग के पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने पर विचार-विमर्श किया।

 

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव, हथकरघा एवं वस्त्र अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक, एमएसएमई, हथकरघा एवं वस्त्र के. विजयेंद्र पांडियन तथा इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अखिलेश यादव का संसद में तीखा सवाल, ‘क्या बेटियों के कपड़े फाड़ देंगे आप’

Akhilesh Yadav in parliament

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद मार्च के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए बुधवार को लोकसभा में सरकार से कड़े सवाल किए। उन्होंने कहा कि यह सपा, कांग्रेस और भाजपा किसी दल का नहीं, बल्कि देश के युवाओं का मुद्दा है। उन्होंने सदन में सवाल किया कि क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप? ALSO READ: 'राहुल गांधी प्रदर्शनकारियों को PM आवास क्यों ले जा रहे थे?' CJP प्रदर्शन के बीच कंगना रनौत का बड़ा हमला

अखिलेश यादव ने सदन में कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि संसद में विपक्ष को छात्रों के मुद्दे पर बोलने का अवसर दिया जाता तो प्रधानमंत्री आवास तक जाने की नौबत नहीं आती। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया।

 

सपा नेता ने कहा कि छात्रों का मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि छात्र जब अपनी बात नहीं रख पाएंगे तो स्वाभाविक रूप से सड़क पर उतरेंगे। लोकतंत्र में युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए।

 

क्या सरकार और कांग्रेस के बीच कोई समझौता हुआ है?

लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के बीच तीखी बहस हो गई। लोकसभा स्पीकर द्वारा कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को बोलने की इजाजत दिए जाने के बाद अखिलेश ने सवाल उठाया कि क्या सरकार और कांग्रेस के बीच कोई समझौता हो गया है। ALSO READ: हिंदुस्तान कमाल है, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और पूरे भारत ने Zomato-Swiggy के ज़रिए छात्रों तक सिर्फ खाना नहीं, हौसला भी पहुंचाया, सलाम है आपको!

 

अखिलेश से नाराज हुए केसी वेणुगोपाल ?

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल सपा प्रमुख अखिलेश यादव की इस टिप्पणी से नाराज दिखे। सदन स्थगित होते ही उनका सामना अखिलेश से हुआ तो उन्होंने अपनी नाराजगी जताई। इस पर अखिलेश ने कहा कि इस्तीफे तो बाद में भी दिए जा सकते हैं लेकिन पहले हम छात्रों पर की गई बर्बरता पर सरकार से जवाब चाहते हैं।


अखिलेश यादव ने सदन में कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि संसद में विपक्ष को छात्रों के मुद्दे पर बोलने का अवसर दिया जाता तो प्रधानमंत्री आवास तक जाने की नौबत नहीं आती। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया।

ईको क्रांति शुभ लाभ 1.0 में भारत के सर्वाधिक आशाजनक हरित स्टार्टअप्स सम्मानित, सतत नवाचार की नई दिशा निर्धारित

India's most promising green startups honored at Eco Kranti Shubh Labh 1.0

– नवप्रवर्तकों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और सतत विकास के अग्रदूतों ने जलवायु प्रौद्योगिकी एवं ग्रामीण विकास के अभिनव समाधानों को गति हेतु मंथन किया

– देशभर से 900 से अधिक स्टार्टअप्स ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया

– आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्‍ट्रीय केंद्र में संपन्‍न हुआ समारोह

भारत के सतत विकास के क्षेत्र में कार्यरत सर्वाधिक संभावनाशील उद्यमियों को ईको क्रांति–शुभ लाभ 1.0 के भव्य समापन समारोह में सम्मानित किया गया। यह आयोजन स्टार्टअप इंडिया भारत स्टार्टअप चैलेंज 2026 के अंतर्गत देशव्यापी सतत विकास-केंद्रित स्टार्टअप अभियान का प्रमुख पड़ाव था, जिसका आयोजन आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्‍ट्रीय केंद्र में संपन्‍न हुआ।
 

दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन में नवप्रवर्तकों, निवेशकों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं तथा उद्योग-जगत के अग्रणी विशेषज्ञों ने सहभागिता कर हरित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु नवाचारों को नई गति प्रदान करने पर विचार-विमर्श किया।
 

इस राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत देशभर के स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों एवं परिवर्तनकारी व्यक्तित्वों से 900 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। कठोर एवं बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत चयनित प्रतिभागियों ने जलवायु प्रौद्योगिकी, परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी), अपशिष्ट से संपदा (वेस्ट-टू-वेल्थ), हरित विनिर्माण तथा सतत ग्रामीण विकास जैसे विविध क्षेत्रों में अपने नवाचारी एवं विस्तारयोग्य समाधान प्रस्तुत किए।
 

ईको क्रांति शुभ लाभ 1.0 का सर्वोच्च सम्मान आईएसएम क्लाइमाटेक (ISM ClimaTech) को प्रदान किया गया। संस्थापक दीपाली जड़िया एवं डॉ. हरीश जड़िया द्वारा विकसित यह अभिनव तकनीक कठिनता से  रिसायकिल  होने वाले पैकेजिंग अपशिष्ट को औद्योगिक कच्चे माल में परिवर्तित कर पुनः विनिर्माण प्रक्रिया में सम्मिलित करती है।
 

अकाला डिज़ाइन एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड को प्रथम उपविजेता तथा वेस्ट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड, जिसका नेतृत्व चेतन पाटिल एवं प्रिया कर रहे हैं, को द्वितीय उपविजेता घोषित किया गया। विशेष श्रेणी के पुरस्कारों में ईसीएमटी (ECMT) को सर्वश्रेष्ठ सतत विकास स्टार्टअप, कोसाइकिल होराइज़न प्राइवेट लिमिटेड को सामाजिक प्रभाव पुरस्कार, बनावृत को सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण प्रभाव स्टार्टअप तथा इंट्रिन्सिक फाउंड्रीज़ को सर्वश्रेष्ठ जलवायु प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के सम्मान से अलंकृत किया गया।
 

सामान्य स्टार्टअप प्रतियोगिताओं से भिन्न, ईको क्रांति विशेष रूप से सतत विकास एवं ग्रामीण उत्थान को समर्पित पहल है, जो उन उद्यमों को प्रोत्साहित करती है जिनके कार्यों से पर्यावरण एवं समाज पर प्रत्यक्ष, मापनीय और दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
 

श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम (SSRDP) के निदेशक एवं न्यासी देवांग वोरा ने कहा, हम चाहते हैं कि हमारा संगठन अपने मूल्यों एवं आदर्शों के अनुरूप ऐसे लोगों को एक मंच पर लाए जो केवल आर्थिक लाभ अर्जित करने के लिए नहीं, बल्कि समाज में सार्थक परिवर्तन और स्थायी प्रभाव उत्पन्न करने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं।निवेशक संवाद, मार्गदर्शन सत्रों और स्टार्टअप प्रदर्शनी के अतिरिक्त प्रतिभागियों ने सहज समाधि ध्यान कार्यक्रम में भी सहभागिता की, जो उद्यमिता के प्रति आर्ट ऑफ लिविंग के समग्र एवं संतुलित दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करता है।
 

श्री श्री तत्त्व के प्रबंध निदेशक अरविंद वर्चस्वी ने उद्देश्यपूर्ण संस्थानों के निर्माण में आंतरिक संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, गुरुदेव श्री श्री रविशंकर सदैव कहते रहे हैं कि जब आप किसी व्यक्ति में अदृश्य एवं अमूल्य रूप से निवेश करते हैं, तो वह आपको अनेक गुना प्रतिफल लौटाता है। ईको क्रांति की संपूर्ण अवधारणा उन्हीं मूल्यों से प्रेरित है जिन्हें गुरुदेव ने विश्वभर में जन-जन तक पहुंचाया है।विजेता स्टार्टअप्स के लिए यह मंच केवल पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर नहीं था, बल्कि दीर्घकालिक सहयोग और विकास की नई संभावनाओं का द्वार भी सिद्ध हुआ।
 

आईएसएम क्लाइमाटेक की संस्थापक दीपाली जड़िया ने कहा, यहां हुई चर्चाएं और संवाद हमारे लिए अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। हमें विश्वास है कि यह पहल केवल आज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में भी स्टार्टअप्स को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करती रहेगी।यह शिखर सम्मेलन ईको क्रांति अभियान की बढ़ती सामाजिक प्रभावशीलता का भी सशक्त प्रमाण बना।

गत दो वर्षों में इस अभियान ने 10,000 से अधिक परिवारों तक पहुंच बनाकर लगभग 200 टन एकल-उपयोग प्लास्टिक अपशिष्ट को पर्यावरण में जाने से रोका है। आगामी दो वर्षों में इस पहल का लक्ष्य 10 लाख परिवारों तक विस्तार करते हुए 1,000 टन अतिरिक्त एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को रोकना तथा भारत की परिपत्र अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।
 

देवांग वोरा ने कहा, ईको क्रांति का दृढ़ विश्वास है कि परिवर्तन की शुरुआत प्रत्येक घर से होती है और सतत विकास की नींव हमारे दैनिक जीवन के छोटे-छोटे, सजग और उत्तरदायी निर्णयों में निहित है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) तथा श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम (SSRDP) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ईको क्रांति देशभर में ऐसे नवोन्मेषी उद्यमियों की पहचान, मार्गदर्शन और सशक्तिकरण का एक व्यापक राष्ट्रीय तंत्र विकसित कर रही है, जो भारत के सतत, समृद्ध और पर्यावरण-सम्मत भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

लोकसभा में महिला सांसदों से भिड़े TMC के कल्याण बनर्जी, पूरे मानसून सत्र के लिए सस्पेंड

kalyaan banerjee suspended from loksabha

विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया। उन्हें महिला सांसद के खिलाफ असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए निलंबित किया गया। ALSO READ: 'राहुल गांधी प्रदर्शनकारियों को PM आवास क्यों ले जा रहे थे?' CJP प्रदर्शन के बीच कंगना रनौत का बड़ा हमला

 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी की करारी हार के बाद उनकी पार्टी के कई सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे। मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार की कल्याण बनर्जी से बहस हो गई। विपक्षी दलों के कुछ सदस्यों ने बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की। इसके बाद कल्याण बनर्जी सदन से चले गए।

 

इसके बाद मिताली, दस्तीदार और NCPI के कुछ अन्य सदस्य लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मिलने गए। फिर लिखित में शिकायत दी गई। हालांकि यह पता नहीं चला की सांसदों की बहस क्यों हुई? ALSO READ: CJP Protest: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली मेट्रो ने 16 स्टेशन किए बंद, सफर से पहले जरूर देखें पूरी लिस्ट

 

लोकसभा ने टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुई एक महिला सदस्य के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने की वजह से TMC के कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया।

 

लोकसभा की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने कहा कि महिला सांसद के खिलाफ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की टिप्पणी ने सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।

सुहेलदेव की विरासत नहीं, गाजी मियां का मेला पसंद था इसलिए विपक्ष की हुई दुर्गति: सीएम योगी

  • सीएम योगी ने श्रावस्ती एवं भिनगा विधानसभा क्षेत्रों में 396 करोड़ रुपए से अधिक की 83 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया
  • मच्छर व माफिया का आतंक नहीं, श्रावस्ती प्रेरणादायी जिले के रूप में पहचान बना रहा: सीएम योगी
  • जो बेटी व व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, उसकी जगह जेल या जहन्नुम में
  • मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक/चाबी/स्टडी किट /आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए
  • 7,500 करोड़ रुपये की लागत से बहराइच-लखनऊ के बीच बनने वाले फोरलेन कॉरिडोर से जुड़ेगा श्रावस्ती

 

 

श्रावस्ती, 21 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महाराजा सुहेलदेव की परंपरा का सम्मान होना चाहिए, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेला शुरू कराया। हमारी सरकार आने के बाद मैंने स्पष्ट कह दिया कि विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई मेला नहीं लगेगा। यदि कोई ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यह स्वतंत्र भारत है और यहां विदेशी आक्रांताओं का सम्मान नहीं हो सकता। 

सीएम योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भगवान बुद्ध, जैन तीर्थंकरों, मां जानकी की परंपरा और महाराजा सुहेलदेव की विरासत अच्छी नहीं लगती, बल्कि वे गाजी मियां का मेला लगवाना चाहते थे, इसलिए उनकी ये दुर्गति हुई।

 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को श्रावस्ती के इकौना, सीताद्वार में आयोजित कार्यक्रम में श्रावस्ती एवं भिनगा विधानसभा क्षेत्रों में 396 करोड़ रुपए से अधिक की 83 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। सीएम ने यहां प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक/चाबी/स्टडी किट /आयुष्मान कार्ड भी वितरित किया। 

 

 

हर जिले में माफिया और गुंडाराज का बोलबाला था

 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विकास के लिए समय देना, लगातार समीक्षा करना और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय पैरवी जरूरी होती है। श्रावस्ती में जो विकास कार्य दिखाई दे रहे हैं, उसके पीछे जनप्रतिनिधियों और सरकार की निरंतर निगरानी है। सीएम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, नौ साल पहले बबुआ मुख्यमंत्री बन गए थे। 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे, फिर चच्चू उन्हें कुछ पढ़ाते थे और शाम होते-होते जिम चले जाते थे। इसके बाद अपनी महफिल में व्यस्त हो जाते थे। ऐसे में प्रदेश की चिंता करने का समय कहां था? उस दौर में प्रदेश के हर जिले में माफिया और गुंडाराज का बोलबाला था। भूमि माफिया, खनन माफिया, वन माफिया और पशु माफिया सक्रिय थे, जबकि गरीबों को राशन, पेंशन, स्वास्थ्य, आवास और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलती थीं। युवाओं की नौकरियों में भ्रष्टाचार होता था और किसानों व कारीगरों की उपेक्षा की जाती थी। इसी वजह से श्रावस्ती देश के सबसे पिछड़े 100 जिलों में शामिल हो गया था।

 

 

9 वर्षों में बदल गई श्रावस्ती की तस्वीर

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में श्रावस्ती की तस्वीर बदल गई है। हर गरीब को प्रधानमंत्री आवास या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत छत मिली है, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है। प्रदेश के लगभग 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 65 लाख गरीबों को आवास, 3 करोड़ परिवारों को शौचालय और 2 करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश में 9 लाख युवाओं को बिना सिफारिश और बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि पहले भर्ती प्रक्रिया में चाचा-भतीजे की जोड़ी और वसूली का सिंडिकेट हावी रहता था।

 

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिला

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और गोंडा के युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर नहीं मिलता था। उस समय सैफई सिंडिकेट का कब्जा रहता था और उनकी पर्ची तथा खर्ची के बाद ही नियुक्ति पत्र मिलते थे। इसी कारण कई भर्तियों पर न्यायालय को रोक लगानी पड़ती थी। अब स्थिति बदल चुकी है और उत्तर प्रदेश पुलिस, शिक्षक भर्ती, आंगनबाड़ी भर्ती, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में श्रावस्ती के युवाओं को भी बिना भेदभाव सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। अब निवेश केवल एनसीआर तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रावस्ती जैसे जिलों में भी निवेश पहुंच रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिला है और सरकार वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में भी श्रावस्ती को आगे बढ़ा रही है। अब जिले में मच्छर और माफिया का आतंक नहीं है और आकांक्षी जिला श्रावस्ती अब प्रेरणादायी जिले के रूप में नई पहचान बना रहा है।

 

 

 बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, उसके लिए दो ही जगह- जेल या जहन्नुम

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले दिन से अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। धर्म परिवर्तन कराने के मामले में बलरामपुर में गिरफ्तार किए गए छांगुर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह छद्म वेश में लोगों को गुमराह करता था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और उसके अवैध तथा अनैतिक कारोबार पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। जो भी बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, उसके लिए दो ही जगह होगी या जेल या जहन्नुम। आज उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का माहौल है, निवेश बढ़ रहा है, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। श्रावस्ती में विकास इसलिए संभव हुआ क्योंकि यहां से भाजपा का विधायक चुना गया, जिसने लगातार विकास कार्यों की पैरवी की। उन्होंने दावा किया कि यदि भिनगा से भी भाजपा विधायक होता तो जिले में और अधिक बड़ी परियोजनाएं लाई जा सकती थीं। 

 

 

7,500 करोड़ रुपये की लागत से बहराइच-लखनऊ के बीच बनने वाले फोरलेन कॉरिडोर से जुड़ेगा श्रावस्ती

 

मुख्यमंत्री ने श्रावस्ती जिले की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि श्रावस्ती ने विकास के पायदान पर लंबी छलांग लगाई है। देशभर के 500 आकांक्षी विकास खंडों में श्रावस्ती का एक विकासखंड विकास के मामले में पहले स्थान पर रहा है, जो जिले की नई पहचान है। सरकार बदलने के बाद श्रावस्ती तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच विरासत और विकास के समन्वय की है और इसी दिशा में सरकार कार्य कर रही है। यदि जिले के दोनों विधायक भाजपा के होंगे तो डबल इंजन सरकार के साथ विकास की रफ्तार और तेज होगी, जिससे रोजगार, निवेश और नई परियोजनाओं को गति मिलेगी। सीएम ने बताया कि श्रावस्ती को बेहतर सड़क संपर्क देने के लिए श्रावस्ती-बलरामपुर-गोंडा-अयोध्या फोरलेन कॉरिडोर पर कार्य चल रहा है। साथ ही बहराइच-लखनऊ के बीच लगभग 7,500 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन कॉरिडोर स्वीकृत किया गया है। सरकार का प्रयास रहेगा कि इस मार्ग को आगे बढ़ाकर श्रावस्ती तक जोड़ा जाए, जिससे जिले की लखनऊ और अयोध्या से सीधी फोरलेन कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।

 

सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा कर किसानों तक पहुंचाई सिंचाई की सुविधा  

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब श्रावस्ती की पहचान तक नहीं थी और प्रदेश में श्रावस्ती, बलरामपुर और बहराइच सबसे पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाते थे। आज बहराइच, गोंडा और बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं, जबकि मां पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स कॉलेज की दिशा में भी कार्य हो रहा है। हाईवे, रेलवे और एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं क्षेत्र को नई गति देंगी, जबकि महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम योगी ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि 1970 की यह परियोजना वर्षों तक अधूरी रही, लेकिन डबल इंजन सरकार ने इसे पूरा कर किसानों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाई। समयबद्ध तरीके से विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की क्षमता केवल डबल इंजन भाजपा सरकार के पास है और कार्यकर्ताओं से इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

 

 

सीएम योगी ने लाभार्थियों को चेक/चाबी और किट वितरित किया

 

-जनकदुलारी (मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक)

 

-रेखा (मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक) 

 

-बिंदु तिवारी (सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 4.45 लाख का चेक)

 

-काशी राम (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 4 लाख का चेक)

 

-काजल (किट वितरण)

 

-लक्ष्मी (किट वितरण)

 

-प्रियंका (किट वितरण) 

 

-कपिल यादव (आयुष्मान कार्ड) 

 

-अनीता राना (आयुष्मान कार्ड)

 

-मालती (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की चाबी)

 

-रामसागर (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की चाबी)

 

यह रहे मौजूद 

इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा, विधान परिषद सदस्य प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक राम फेरन पाण्डेय, प्रशासक जिला पंचायत दद्दन सिंह और भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष मिश्री लाल वर्मा आदि मौजूद रहे।