मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पारित, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून के रूप में होगा लागू

Uniform Civil Code

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को UCC विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया है। विधेयक के विधानसभा से पास होने के बाद सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी पार्टी समानता, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। 

वहीं मंगलवार को विधानसभा में UCC विधेयक को लेकर कांगग्रेस ने जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने UCC बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया। इस बीच सदन की कार्यवाही दो बार स्थगति करनी पड़ी। 
 

विधानसभा में यूसीसी विधेयक के पास होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में मीडिया से कहा कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद हमारा राज्य उस श्रेणी में खड़ा होगा जहां एक से ज्यादा विवाह करने पर अपराध होगा। एक से ज्यादा विवाह पर बहनों को कष्ट होता है, उससे उनको मुक्ति मिलेगी। हमारी सरकार प्रदेश की आधी आबादी को बहनों को उनका हक दिलाएगी। उन्होंने कहा कि केवल विवाह नहीं, उत्तराधिकार के मामले में भी जो अधिकार पुरुष का होगा, वही महिला का होगा। इसी तरह दत्तक पुत्र से लेकर जीवन के जितने भी अधिकार हैं, वो अधिकार सब पर समान रूप से लागू किए जाएंगे। 

 

नैतिक आधार पर चल रही हमारी सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप के मामले में अगर किसी ने 18 और 21 वर्ष की निर्धारित आयु का उल्लंघन किया, या एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के लिए लिव-इन रिलेशनशिप का दुरुपयोग किया, तो उसे 5 साल के लिए जेल में डाला जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार नैतिक आधार पर चल रही है। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई प्रकार के सुधार कार्यों का सिलसिला चल रहा है। इसी श्रेणी में मध्यप्रदेश ठोस कदम उठाते हुए समान नागरिक संहिता का कानून पास कराकर नई ऊंचाई तक पहुंचा है। मैं अपनी ओर से पूरे प्रदेश को बधाई देता हूं। 

 

शरिया नहीं समान कानून होना चाहिए-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस मौके पर मैं कांग्रेस से प्रश्न पूछना चाहूंगा कि वह हमेशा हिंदु-मुस्लिम में अंतर क्यों करना चाहती है। अगर हम राम और रहीम को एक चश्मे से देखना चाहते हैं, तो दोनों में भेदभाव क्यों होना चाहिए। उन्होंने कहा,  'हम सब भारत मां के लाल, भेदभाव का कहां सवाल।' कांग्रेस ने वर्षों तक भाई से भाई को लड़ाने का काम किया है। देश का बंटवारा कांग्रेस की गलत मानसिकता की वजह से हुआ। मध्यप्रदेश की धरती पर भी गलत कानून बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जगदीशपुर को इस्लामपुर बनाया गया। हमारी कैबिनेट ने उसी धरती पर निर्णय किया कि शरिया कानून के बजाए एक समान कानून लागू होना चाहिए। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश की विधानसभा ने एक समान कानून का समर्थन करके सबके जीवन को बेहतरीन करने का अवसर दिया है।

 

नारी सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम होगी

यूसीसी के पारित होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मिडिया पर लिखा कि मध्‍यप्रदेश के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है। मध्‍यप्रदेश विधानसभा ने 'मध्‍यप्रेदश समान नागरिक संहिता, 2026' (UCC) विधेयक को ध्‍वनि मत से पारित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी पार्टी समानता, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। यह कानून नारी सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम करने के साथ ही समान न्याय, समान अधिकार एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त करेगा।

बता दें, इस विधेयक के पारित होने के बाद अब यह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून के रूप में प्रदेश में लागू होगा। इस कानून के लागू होने के बाद सभी धर्मों के लोगों का जीवन एक कानून के मुताबिक चलेगा। न प्रदेश में कोई तीन तलाक ले सकेगा, न हलाला कर सकेगा, न लिव-इन रिलेशनशिप का दुरुपयोग कर सकेगा और न ही किसी की संपत्ति पर अधिकार जमा सकेगा। 

विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में स्‍थापित होंगे ‘शोधपीठ’, योगी कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी

– राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारतीय ज्ञान-विज्ञान, दर्शन और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा संस्थागत आधार

– 5 वर्षों के लिए मिलेगा अधिकतम 2 करोड़ रुपए का अनुदान, भारतीय ज्ञान परंपरा पर शोध को मिलेगा बढ़ावा

– विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा के महान प्रवर्तकों के नाम पर शोधपीठ स्थापित किए जाएंगे

Chief Minister Yogi Adityanath : योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 'भारतीय ज्ञान परंपरा संवर्धन शोधपीठ' स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही योजना के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों को भी स्वीकृति दी गई। इस निर्णय का उद्देश्य भारत की समृद्ध बौद्धिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक विरासत को उच्च शिक्षा से जोड़ते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रवर्तकों एवं ज्ञान-विज्ञान के महान चिंतकों के विचारों के अध्ययन, अनुसंधान और प्रसार को बढ़ावा देना है।

 

योजना के अन्तर्गत 50 वर्ष या उससे अधिक पुराने तथा 5,000 से अधिक छात्र संख्या वाले राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा के महान प्रवर्तकों के नाम पर शोधपीठ स्थापित की जाएंगी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में 5 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है।

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इन शोधपीठों के माध्यम से महान भारतीय आचार्यों, दार्शनिकों, वैज्ञानिकों और चिंतकों के योगदान का अनुसंधान, अभिलेखीकरण तथा व्यापक प्रसार किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों और शोधार्थियों में तार्किकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा वैश्विक उपयोगिता के प्रति जागरूकता विकसित की जाएगी।

 

लोक भवन के मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारतीय ज्ञान प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया है। इसी के अनुरूप शोधपीठों के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा, पर्यावरणीय ज्ञान, कृषि परंपराओं, सांस्कृतिक अध्ययन तथा भारतीय ज्ञान की अन्य विधाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण और अनुसंधान किया जाएगा, ताकि इनका लाभ समाज तक पहुंच सके।

उन्होंने बताया कि शोधपीठ किसी विश्वविद्यालय अथवा महाविद्यालय के विभाग, केंद्र अथवा संकाय में सामान्यतः पांच वर्षों के लिए स्थापित की जाएगी तथा इस अवधि के बाद समीक्षा के आधार पर इसके विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि प्रत्येक शोधपीठ की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा पांच वर्षों हेतु अधिकतम दो करोड़ रुपए का एकमुश्त अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। यह राशि सावधि बचत खाते में जमा की जाएगी तथा उससे प्राप्त ब्याज का उपयोग शोधपीठ के संचालन और उसकी निरंतरता बनाए रखने में किया जाएगा।

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इसके अतिरिक्त कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर), दान तथा अन्य स्रोतों से भी अनुदान प्राप्त किया जा सकेगा, जिसे उसी सावधि बचत खाते में जमा किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी और भारतीय ज्ञान-विज्ञान को वैश्विक अकादमिक विमर्श से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

धरने पर बैठे राहुल गांधी को पुलिस ने उठाया, अखिलेश भी हिरासत में

rahul gandhi

पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में पीएम आवास के पास दोपहर करीब साढ़े 3 बजे से धरने पर बैठे। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस नेता शामिल थे। कुछ घंटे बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीएम आवास पर पहुंचे। इन्हें दिल्ली पुलिस ने वहां से हटाया। 

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प्रधानमंत्री कार्यालय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को दावा किया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को नीट के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए आश्वासन दिया गया, लेकिन फिर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी रख दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिक्ष का रवैया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

धरनास्थल पर राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य वरिष्ठ नेता अकबर रोड के समीप अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे, जिसके बाद सरकार ने उनसे बातचीत के लिए उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा था।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया क्योंकि वह स्थान प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं था और वहां धरने के कारण आम लोगों को असुविधा हो रही थी। सिंह के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हो जाती है तो वह धरना समाप्त कर देंगे।

 

उन्होंने दावा किया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को यह आश्वासन दिया गया कि सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रख दी और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं।

 

सिंह ने कहा कि जब राहुल गांधी को याद दिलाया गया कि उन्होंने पहले केवल संसद में चर्चा की मांग की थी, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब उनकी मांगें बदल गई हैं। सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से पीछे हटना ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस ने अब तक इस गंभीर विषय पर नियमों के तहत औपचारिक चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया है। सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

राहुल गांधी का साथ देने पहुंचे अखिलेश यादव, धरना स्थल से हटाया गया, मुलाकात के बाद क्या बोले जितेन्द्र सिंह

rahul gandhi

पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में पीएम आवास के पास दोपहर करीब साढ़े 3 बजे से धरने पर बैठे। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस नेता शामिल थे। कुछ घंटे बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीएम आवास पर पहुंचे। इन्हें दिल्ली पुलिस ने वहां से हटाया। 

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प्रधानमंत्री कार्यालय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को दावा किया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को नीट के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए आश्वासन दिया गया, लेकिन फिर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी रख दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिक्ष का रवैया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

 

धरनास्थल पर राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य वरिष्ठ नेता अकबर रोड के समीप अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे, जिसके बाद सरकार ने उनसे बातचीत के लिए उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा था।

 

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया क्योंकि वह स्थान प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं था और वहां धरने के कारण आम लोगों को असुविधा हो रही थी। सिंह के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हो जाती है तो वह धरना समाप्त कर देंगे।

 

उन्होंने दावा किया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को यह आश्वासन दिया गया कि सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रख दी और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं।

 

सिंह ने कहा कि जब राहुल गांधी को याद दिलाया गया कि उन्होंने पहले केवल संसद में चर्चा की मांग की थी, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब उनकी मांगें बदल गई हैं। सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से पीछे हटना ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस ने अब तक इस गंभीर विषय पर नियमों के तहत औपचारिक चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया है। सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

राहुल गांधी की हुंकार, PM जवाब दिए बिना नहीं निकल पाएंगे, कहा- पहले प्रधान इस्तीफा दें फिर…

Rahul Gandhi Protest

Congress protest at PMs residence: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती। प्रधानमंत्री मोदी जवाब दिए बिना बाहर नहीं निकल पाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि देशभक्त लोग ज्यादा से ज्यादा धरने में शामिल हों। इस बीच, धरना स्थल के आसपास सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है। पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर कांग्रेस नेता राहुल से धरना खत्म करने का आग्रह किया। हालांकि उनकी बातचीत सफल नहीं रही। 

राहुल गांधी अपनी बात से मुकरे

दूसरी ओर, जितेन्द्र सिंह अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि राहुल गांधी की मांगों पर आश्वा‍सन दिया गया, लेकिन उन्होंने अपनी मांग बदल दी। उन्होंने अपनी शर्तें बदल दीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी बात से मुकर गए। अपनी बात से मुकरना उन्हें शोभा नहीं देता। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बाद में जोड़ी। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में सरकार के बहस के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि पहले धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए, फिर संसद में चर्चा होगी। 

धरना स्थल पर राहुल, प्रियंका, खरगे मौजूद

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य नेताओं ने छात्रों के खिलाफ पुलिस के बल प्रयोग के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए मंगलवार को यहां प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया।

 

राहुल गांधी ने पीएम मोदी से इस मामले में जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। छात्रों को आवाज को दबाया नहीं जा सकता। पीएम जवाब दिए बिना निकल नहीं पाएंगे। कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, सपा नेता अखिलेश यादव भी धरना स्थल पर पहुंच गए हैं। 

अर्धसैनिक बल लोक कल्याण मार्ग पहुंचे

दूसरी ओर, अर्धसैनिक बल लोक कल्याण मार्ग पहुंचा, जहां कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।  दिल्ली पुलिस ने लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे कन्हैया कुमार समेत कांग्रेस नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा का ने कहा कि अगर सांसदों का यह हाल है, तो सोचिए छात्रों के साथ क्या हो रहा होगा।

इंदौर के PNG पाइपलाइन ब्‍लास्‍ट कांड में पुलिस ने पार्षद सोनी को बनाया आरोपी, हाईकोर्ट को दी जानकारी

PNG GAS BLAST

विजयनगर क्षेत्र में हुए अवंतिका गैस पाइप लाइन विस्फोट में पुलिस ने पार्षद बालमुकुंद सोनी को भी आरोपी बनाया गया है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान यह जानकारी सामने आई। पुलिस ने हाईकोर्ट के समय यह जानकारी रखी। हादसे के समय पार्षद सोनी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने ही बोरिंग के लिए स्थान तय किया था। निगम द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में भी यह उल्लेख है कि पार्षद द्वारा मौके पर बोरिंग कराया जा रहा था।

पिछली सुनवाई को इस मामले में जांच अधिकारी ने केस डायरी कोर्ट में पेश की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने जांच की दिशा पर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि जांच में ढिलाई बरती गई तो फिर दूसरी एजेंसी को जांच सौपने की जरुरत महसूस होगी। इसके बाद पुलिस की जांच में तेजी आई और पार्षद भी आरोपी बनाए गए। सुनवाई के दौरान बोरिंग मशीन और वाहन को मालिक के हवाले करने पर भी सवाल उठे। हाईकोर्ट को अफसरों ने बताया कि जिला कोर्ट से बोरिंग मशीन के सुपुर्दगीनामे के आदेश पारित हुए थे।

CM योगी बोले- रोज स्कूल जाओ और मेहनत से पढ़ो, नन्हे-मुन्नों को दुलारा-पुचकारा, साथ में फोटो भी खिंचवाई

Chief Minister Yogi Adityanath gifted development projects to Bahraich

– मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों का अन्नप्राशन कराया और स्टॉलों का किया अवलोकन

– मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चाबी व चेक प्रदान किए 

– मुख्यमंत्री ने पूछा कि रोज स्कूल जाओगे न, बच्चों ने हां में सिर हिलाया

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को विकास परियोजनाओं की सौगात लेकर बहराइच पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन भी किया। बाल एवं पुष्टाहार विभाग के स्टॉल पर कुछ नन्हे-मुन्ने बैठे थे, जिन्हें देखकर मुख्यमंत्री रुक गए और इन बच्चों को स्टॉल से बाहर बुलवाया। मुख्यमंत्री ने सभी से उनका नाम, स्कूल व कक्षा पूछी। एक बच्चे ने बताया- आंगनवाड़ी। फिर मुख्यमंत्री ने पूछा कि चप्पल नहीं है क्या, बच्चे बोले- है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि रोज स्कूल जाओगे न, बच्चों ने हां में सिर हिलाया। तब सीएम ने कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो। मासूम बच्चों का संवाद सुनकर मुख्यमंत्री समेत आसपास मौजूद सभी लोग खिलखिलाकर हंस पड़े। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को चॉकलेट भी दीं। 

 

बच्चों का कराया अन्नप्राशन, विभिन्न स्टॉल्स का किया अवलोकन 

मुख्यमंत्री ने कई बच्चों को टीका लगाया और उनका अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को उपहार स्वरूप खिलौने व चॉकलेट भी दीं। महिलाओं को फलों से भरी टोकरी भी दी। सीएम ने यहां अनेक विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल्स का भी अवलोकन किया। उन्होंने चिकित्सा विभाग, इंडियन बैंक, मिशन शक्ति, रेशम विकास, उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टॉल पर महिलाओं द्वारा लगाए गए उत्पादों की विस्तृत जानकारी भी ली। 

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योजनाओं के लाभार्थियों को किया पुरस्कृत

कार्यक्रम में बहराइच के विकास पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चेक, चाबी, आयुष्मान कार्ड आदि प्रदान किया। सीएम के हाथों सम्मान पाने वालों में निम्नलिखित लोग शामिल रहे।

 

1. नंदिनी पांडेय- आयुष्मान कार्ड 

2. अंबरीन सिद्दीकी- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 5.4 लाख का चेक 

3. पूनम सिंह- कृषि विभाग के तहत मिलेट्स स्टोर के लिए 20 लाख का चेक 

4. श्रीकृष्णकांत शुक्ल- मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड 

5. अभिषेक सिंह- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक

6. विनय कुमार- नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 63 लाख का चेक 

7. फूलमती- मुख्यमंत्री आवास योजना का स्वीकृति पत्र 

8. राघवेंद्र प्रताप सिंह- उद्यान विभाग की योजना के तहत 40 लाख का चेक 

9. कृष्णानंद- सोलर आटा चक्की लगाने के लिए 10 लाख का चेक 

10. रुचि श्रीवास्तव व अंकिता- उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 495 समूहों हेतु सामुदायिक निवेश निधि और 469 समूहों के लिए रिवाल्विंग फंड के अंतर्गत 8.86 करोड़ से अधिक का चेक

बीमारी में पति को छोड़ रचाई दूसरी शादी, ‘तुम मर जाओगे’ कहने वाली पत्नी पर कोर्ट का कड़ा रुख, वारंट जारी

indore shadi

“तुम मर जाओगे, फिर मेरा क्या होगा?”— यह वो बेरहम शब्द हैं जो एक पत्नी ने अपने कैंसर पीड़ित पति से कहे और उसे बेसहारा छोड़कर चली गई। मामला सिर्फ छोड़कर जाने तक ही सीमित नहीं रहा, महिला ने पीड़ित पति के रहते ही दूसरी शादी भी रचा ली। अब इस अमानवीय और गैर-कानूनी कदम पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने महिला के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…

दरअसल, इंदौर में इंस्टाग्राम पर शुरू हुई प्रेम कहानी अब कानूनी विवाद में बदल गई। कैंसर पीड़ित पति आकाश जाट ने पत्नी पर तलाक लिए बिना दूसरी शादी करने का आरोप लगाया। फैमिली कोर्ट द्वारा तलाक याचिका खारिज किए जाने के बाद अदालत ने महिला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। ये कपल इंस्टाग्राम पर मिला था फिर दोनों ने प्रेम विवाह किया था। लेकिन कुछ ही महीनों बाद हालात ऐसे बदले कि रिश्ता अदालत तक पहुंच गया। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक युवक ने अपनी पत्नी पर साथ छोड़ने, दूसरी शादी करने और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना नया घर बसाने का आरोप लगाया है। अब इस मामले में अदालत ने आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

इंस्टाग्राम पर हुआ था प्‍यार : इंदौर की राजस्व कॉलोनी निवासी आकाश जाट की मुलाकात रतलाम की साक्षी नकुम से इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्‍यार में बदल गई। दोनों ने 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया। बाद में दोनों परिवारों की सहमति मिलने पर 13 दिसंबर 2022 को रतलाम में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा शादी की।

शादी के बाद आया ‘रिश्‍ते में कैंसर’ : विवाह के कुछ समय बाद आकाश की तबीयत खराब रहने लगी। इलाज और जांच के लिए उन्हें गुजरात के वडोदरा ले जाया गया। वहां 10 अप्रैल 2023 को जांच में उनकी सांस की नली में कैंसर होने की पुष्टि हुई। आकाश का कहना है कि बीमारी की जानकारी मिलने के बाद उनकी पत्नी का व्यवहार बदल गया और रिश्तों में दूरियां आने लगीं।

बीमारी के बाद बदल गई पत्‍नी : आकाश का आरोप है कि जब उन्हें सबसे ज्यादा अपने जीवनसाथी के सहयोग की जरूरत थी, तब पत्नी ने उनका साथ छोड़ दिया। उनका दावा है कि पत्नी ने उनसे कहा था कि “तुम तो कल मर जाओगे, मेरा क्या होगा?” आकाश के मुताबिक, इसके बाद दोनों के रिश्ते लगातार खराब होते चले गए। अब इस मामले में अदालत ने आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

Maruti Suzuki की कारें महंगी, देने होंगे 30,000 रुपए से ज्यादा, जानिए क्यों बढ़ रही हैं कीमतें, किन मॉडल्स पर पड़ेगा असर

maruti cars

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि अगस्त 2026 से उसके लगभग सभी मॉडलों की कीमतों में 30,000 रुपए तक की बढ़ोतरी की जाएगी। कंपनी ने इसकी जानकारी शेयर बाजार को दी गई नियामकीय फाइलिंग में दी है। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक व्यापार मार्ग और ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए हैं। इससे कच्चे माल और अन्य जरूरी इनपुट की लागत बढ़ी है, जिसका असर ऑटोमोबाइल कंपनियों की उत्पादन लागत पर पड़ा है। यही वजह है कि कंपनियां बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचा रही हैं। 

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इनपुट कॉस्ट बढ़ने से महंगी होंगी कारें

Maruti Suzuki ने कहा कि कच्चे माल और अन्य इनपुट लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण कंपनी को यह फैसला लेना पड़ा है। हालांकि कंपनी ने लागत कम करने के लिए कई कदम उठाए, लेकिन बढ़ती महंगाई और उत्पादन लागत का पूरा बोझ खुद उठाना संभव नहीं रहा। कंपनी के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी अगस्त 2026 से लागू होगी और अलग-अलग मॉडल के अनुसार इसकी राशि अलग-अलग होगी।

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ग्राहकों पर कम से कम असर डालने का दावा

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सभी मॉडलों की कीमत एक समान नहीं बढ़ेगी। वाहन के मॉडल और वैरिएंट के आधार पर कीमतों में अधिकतम 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की जाएगी। Maruti Suzuki का कहना है कि उसने लागत में बढ़ोतरी का असर कम करने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई लागत नियंत्रण उपाय अपनाए हैं। इसके बावजूद लगातार बढ़ती महंगाई और प्रतिकूल लागत वातावरण के चलते कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया। कंपनी का दावा है कि ग्राहकों पर इसका प्रभाव न्यूनतम रखने की कोशिश की गई है।

 

इन मॉडलों की कीमत होगी प्रभावित

Maruti Suzuki के पोर्टफोलियो में एंट्री-लेवल S-Presso से लेकर प्रीमियम Invicto तक कई मॉडल शामिल हैं। कंपनी की कारों की मौजूदा एक्स-शोरूम कीमत लगभग 3.5 लाख रुपये से 28.70 लाख रुपये तक है।

अन्य कंपनियां भी बढ़ा चुकी हैं कीमतें

 

Maruti Suzuki अकेली कंपनी नहीं है जिसने कीमतें बढ़ाई हैं। इससे पहले Tata Motors अपनी पैसेंजर कारों की कीमतें दो बार बढ़ा चुकी है। Mahindra & Mahindra ने भी कीमतों में वृद्धि की है। Hyundai Motor India ने भी अपने वाहनों की कीमतें बढ़ाई हैं। 

योगी कैबिनेट का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर फैसला, चार नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

Yogi Cabinet Expressway Network: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को नई मजबूती देने वाले चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एवं गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली दो लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए संशोधित एवं अंतिम रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) को मंजूरी देने के साथ ही विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक के अलाइनमेंट को भी स्वीकृति प्रदान कर दी।

 

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक 50.98 किलोमीटर लंबे छह लेन (भविष्य में आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मॉडल पर किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 4,775.84 करोड़ रुपए है। 

 

वहीं आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 90.84 किलोमीटर लंबे छह लेन (आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण 7,488.74 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इस तरह कुल मिलाकर कैबिनेट ने 12,264 करोड़ रुपये से अधिक की दो लिंक परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है।

 

कैबिनेट की मंजूरी के बाद दोनों परियोजनाओं के लिए विकासकर्ता के चयन की निविदा प्रक्रिया शुरू होगी। चयनित एजेंसी को लगभग 36 माह में निर्माण कार्य पूरा करना होगा, जबकि इसके बाद पांच वर्षों तक अनुरक्षण (मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी भी उसी की होगी। योगी सरकार का उद्देश्य आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक मजबूत एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार करना है। इससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होगी। साथ ही समय और ईंधन की बचत के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

 

कैबिनेट ने विंध्य एक्सप्रेसवे के छह लेन (भविष्य में आठ लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड मार्ग को भी मंजूरी दी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 26,315 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के तहत प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इसके अलावा विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (विकल्प-1) को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। लगभग 9,039 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को आपस में जोड़ेगी।