मेधावी छात्राओं को मिलेगी ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी’, योगी कैबिनेट ने मंजूर की एसओपी

 Meritorious female students in UP to receive Rani Laxmibai Scooty

– स्नातक 2025-26 की टॉप 5% मेधावी छात्राओं को मिलेगा लाभ, उत्तर प्रदेश की मूल निवासी होना है अनिवार्य

– उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम

– स्कूटी के साथ मिलेगा हेलमेट, बीमा, पंजीकरण और 4 लीटर पेट्रोल, जेम पोर्टल से होगी खरीद

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में महिला सशक्तीकरण और बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' के क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देशों को मंजूरी दे दी गई। यह योजना छात्राओं की उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की ड्रॉपआउट दर को कम करना, उच्च शिक्षा में उनके अवधारण (रिटेंशन) को बढ़ाना, उच्च शिक्षण संस्थानों तक उनकी आवागमन सुविधा और गतिशीलता सुनिश्चित करना तथा सकल नामांकन अनुपात (GER) में वृद्धि करना है। इसके साथ ही छात्राओं में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की भावना विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

 

योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश की मूल निवासी उन छात्राओं को लाभ मिलेगा, जिन्होंने प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। पात्र छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं की टॉप 5 प्रतिशत सूची से किया जाएगा।

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कैबिनेट के निर्णय के अनुसार योजना में पेट्रोल चालित स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने यह निर्णय प्रदेश के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर की बेहतर उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए लिया है। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

स्कूटी के पैकेज में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्का हेलमेट, 4 लीटर पेट्रोल तथा सभी आवश्यक एक्सेसरीज भी शामिल होंगी, ताकि छात्राओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

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प्रदेश सरकार का कहना है कि इस योजना से उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी, विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही यह योजना महिला सशक्तीकरण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

आधुनिक शिक्षा, संस्कार और निःशुल्क कोचिंग का संगम, नीट में 18 बेटियों की सफलता बनी नई मिसाल

Yogi adityanath

 

  • सर्वोदय विद्यालयों से संवर रहा भविष्य, योगी सरकार की पहल से गांव की बेटियां लिख रहीं सफलता की नई इबारत
  • योगी सरकार में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवासीय शिक्षा और जेईई-नीट की विशेष तैयारी से मिल रहा नया अवसर
  • प्रदेश के 103 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग, योग और नैतिक शिक्षा से निखर रहीं प्रतिभाएं

लखनऊ, 20 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की योजनाएं सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक, भारतीय संस्कार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रभावी केंद्र बनकर उभर रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के बौद्धिक, शारीरिक और नैतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

इसका ताजा उदाहरण मिर्जापुर के सर्वोदय बालिका विद्यालय, मड़िहान स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। यहां नीट की निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्राप्त करने वाली 34 छात्राओं में से 31 ने परीक्षा दी, जिनमें 18 छात्राओं ने सफलता हासिल की। इनमें पूजा रंजन, श्वेता पाल, खुशबू , लक्ष्मी रावत, मालती, अंकिता, अनीता, मनीषा, प्रेमलता, अंकिता कुमारी, कोमल, सपना, अंशिका, प्रियंका, फूल कुमारी, अनुराधा, खुशी और आंचल ने सफलता अर्जित की है।

 

अनुसूचित एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 60 प्रतिशत सीटें निर्धारित

 

जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया में 60 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, 25 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क आवासीय शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।


प्रदेश में वर्तमान में 103 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित

 

प्रदेश में वर्तमान में 103 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं, जहां कक्षा 6 से 12 तक विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा दी जा रही है। साथ ही स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब, योग, नैतिक शिक्षा और खेल गतिविधियों के साथ जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जाती है। मथुरा, गोंडा, बलिया और कानपुर देहात सहित विभिन्न जिलों में 20 नए सर्वोदय विद्यालय निर्माणाधीन हैं।

 

 

प्रतिभावान विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी की सुविधा

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप सर्वोदय विद्यालयों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी और संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।

 

संजीव सिंह, निदेशक, समाज कल्याण विभाग

पुरातन-दिव्य-भव्य काशी बनेगी हाईटेक, उच्च तकनीक से होगा भीड़ प्रबंधन, गलियां बताएंगी बाबा के द्वार का रास्ता

  • एआई सेंसर व कैमरे, जेनरेटिव एआई, डिजिटल साइनेज, कलर कोडिंग आदि से होगा भीड़ प्रबंधन
  • 4 घंटे पहले ही अनुमानित भीड़ का चलेगा पता, समय रहते पुलिस कर पाएगी भीड़ प्रबंधन का कार्य
  • रियल-टाइम डेटा और एआई भीड़ वाले मार्गों से बचाते हुए वैकल्पिक गलियों का देगा सुझाव
  • काशी की सड़कें-गलियां रंगों के जरिये दिखाएंगी बाबा विश्वनाथ का द्वार और ऐतिहासिक गंगा घाट का मार्ग
  • अस्सी से मणिकर्णिका घाट तक दिव्यांगजन, वृद्धों और गर्भवती महिलाओं  के सुगम आवागमन का समाधान विकसित किया जाएगा

 

वाराणसी,20 जुलाई । काशी आने वाले पर्यटकों को अब भीड़ या यातायात में फंसने पर एआई,  सड़क और गलियां उनको रास्ता दिखाकर गंतव्य तक पहुचाएंगे। डिजिटल साइनेज और पारम्परिक म्यूरल साइनेज के साथ  ही  एआई पर आधारित पैदल नेविगेशन और क्राउड इंटेलिजेंस एप द्वारा भी मार्गदर्शन किया जायेगा। इस योजना को विशेष रूप से वाराणसी जैसे घनी आबादी और ऐतिहासिक धरोहरों वाले शहरों को ध्यान में रख कर बनाया गया है, पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब इसका विस्तार किया जा रहा है।  इसके लिए टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन की 'सस्टनैबले सिटीज़ चैलेंज' के तहत वाराणसी को दुनिया भर के सैकड़ों शहरों में से चुना गया था। इस चुनौती में वेनिस और डेट्रॉइट जैसे वैश्विक शहरों के साथ वाराणसी को भी शामिल किया गया था। शुरुआती दौर में वाराणसी के लिए इस प्रतियोगिता में 10 कंपनियां चुनी गईं, अब 4 विजेता कंपनियां के कायों की घोषणा की गई है। जो अलग अलग तरीके से काशी के यातायात, क्राउड मैनेजमेंट और अन्य समाधानों पर योजना बनाने का विस्तृत काम करेगी । 

 

काशी के कायाकल्प के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है जो योगी सरकार के मूलभूत सुविधाओं के विकास और विस्तार के बाद लगातार बढ़ती जा रही है। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए मोदी-योगी की सरकार एलिवेटेड रोड, फ्लाईओवर का जाल ,सड़कों का चौड़ीकरण, रिंग रोड ,रोपवे ,पार्किंग आदि का निर्माण करवाने के साथ ही अब आधुनिक तकनीक का भी इस्तमाल कर रही है। 

 

काशी में क्राउड मैनेजमेंट के लिए विशेष तकनीक का इस्तमाल होगा जिससे 4 घंटे पहले ही अनुमानित भीड़ का पता चल जाएगा और पुलिस समय रहते ही इस भीड़ से बचने के उपाय और डाइवर्जन कर सकेगी। सिटी डेटा के सीईओ अपूर्व कुमार ने बताया कि सिटीफ्लो बिग डेटा ,जेनरेटिव एआई का उपयोग करके भीड़ प्रबन्धन किया जाएगा, पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी तक 8  एआई सेंसर लगे हैं जो आने वाले समय में करीब 50 से अधिक हो जाएंगे। यह भीड़ और ट्रैफिक बेहेवियर का अध्ययन करके बताएगा की किस जगह पर आने वाले समय में कितनी भीड़ होगी और किस स्थान पर मौजूदा समय में कितनी भीड़ यातायात का दबाव है। इसकी पल-पल की जानकारी काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को मिलती रहेगी जिससे  प्रशासनिक और पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

 

काशी की सड़कें बाबा विश्वनाथ के द्वार का रास्ता खुद बताएंगी। यही नहीं, काशी के ऐतिहासिक गंगा घाट का मार्ग भी यही की सड़कें और गालियां दिखाएंगी, आदि योगी के दर्शन और गंगा से लौटने का मार्ग भी सड़कें और गालियां बताएंगी। 'जनजात्रा' कंपनी की वंशिका शाह बताती है कि सड़कों पर विभिन्न गंतव्य तक जाने के लिए अलग अलग रंगों का इस्तमाल किया गया है ,पीले रंग की लाइन पर चलकर  श्री काशी  विश्वनाथ मंदिर और नीले रंग की लाइन पर चलकर कोई भी श्रद्धालु गंगा के घाट पर पहुंच सकता है। इसके साथ ही लाल रंग की लाइन पर चलकर व वापस पिकअप पॉइंट पर पहुंच जायेगा। इसके साथ ही गलियों में म्यूरल पेंटिंग के माध्यम से भी आने जाने के रास्ते सुझाए गए हैं। कंपनी के डायरेक्टर धरन ने बताया कि सड़कों पर डिजिटल साइनेज भी लगाए जाएंगे जो यात्रियों को एक स्थान पर भीड़ होने पर वैकल्पिक मार्ग का सुझाव भी देंगे। क्राउड मैनेजमेंट में अहम भूमिका  निभाने वाले एआई कैमरे भी इंस्टाल किये जाएंगे। अत्यधिक भीड़ होने पर इसकी सूचना कण्ट्रोल रूम में तक जाएगी। जिसके बाद प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। सिद्धि सोनी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब कंपनी के चयनित होने के बाद तकनीक और क्षेत्र का विस्तार किया जायेगा। जंगमबाड़ी से मैदागिन तक  डिजिटल साइनेज और एआई कैमरों की संख्या जरूरतों के अनुसार बढ़ाई जाएगी ।    

 

काशी की गलियों एवं यातायात पर रिसर्च और ऐप डेवलप करने वाली  एक और संस्था वोजिक एआई के सीइओ अर्जित विश्वास ने बताया कि पारंपरिक ऐप से अलग, “बेहतर-वे” एप रियल-टाइम डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भीड़-भाड़ वाले मार्गों से बचाते हुए वैकल्पिक गलियों और नजदीकी दर्शनीय स्थलों की जानकारी देगा है। पर्यटकों को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने ने बताया कि ऐप के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित करने में मदद  मिलेगी। ऐप में स्थानीय गलियों में स्थित दुकानों के बारे में भी जानकारी मिलेगी, जिससे उनको  भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना बढ़ेग। 

 

प्रमेया कंसल्टिंग की सीईओ रिद्धि शाह ने बताया कि 'नई चाल' एक एआई-संचालित इकोसिस्टम है, जो मोबिलिटी डैशबोर्ड, नेविगेशन ऐप और वे-फाइंडिंग नेटवर्क के माध्यम से काशी में नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुगम एवं सहज आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। यह विशेष रूप से दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और गर्भवती महिलाओं की सुगमता एवं नेविगेबिलिटी में सुधार पर केंद्रित है। आने वाले समय में अस्सी घाट से मणिकर्णिका घाट तक इन सभी के लिए निर्बाध आवागमन का समाधान विकसित किया जाएगा।  पायलट प्रोजेक्ट के तहत  गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक शौचालयों एवं अन्य  सुविधाओं पर रैंप, चेंजिंग रूम, व्हीलचेयर जैसी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए सूचना केंद्र विकसित किए गए हैं।

 

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि वाराणसी नगर निगम एवं वाराणसी स्मार्ट सिटी द्वारा टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन, चैलेंज वर्क्स और वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट इंडिया के सहयोग से शुरू की गई एक पहल 'सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज में चयनित टीमें दो साल की चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया के बाद सामने आई हैं। जिसने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर  ग्राउंड जीरो पर  भीड़ और पैदल यात्री प्रबंधन के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए इनोवेटर्स, ज़िला प्रशासन, मोबिलिटी विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन के साथ काम किया है। दो साल के अंदर इस प्रोजेक्ट को पूरा होना है

Electric Scooter कैसे शहरी सफर को बना रहे हैं आसान, कौनसे फीचर्स लोगों को लुभा रहे हैं

electric scooter

भारत के शहरों में आने-जाने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब लोग केवल पेट्रोल बचाने के लिए ही नहीं, बल्कि सुविधा, स्मार्ट फीचर्स और कम रखरखाव की वजह से भी इलेक्ट्रिक स्कूटर (EV Scooter) की ओर आकर्षित हो रहे हैं। 2026 में भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में कई नए ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं, जो शहरी यात्रियों की जरूरतों के मुताबिक विकसित किए जा रहे हैं।

2026 में बदल रही है शहरी मोबिलिटी एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि 2026 में इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार का फोकस केवल बैटरी या स्पीड तक सीमित नहीं रहेगा। अब लंबी रेंज, तेज चार्जिंग, स्मार्ट नेविगेशन, बेहतर सुरक्षा, अधिक स्टोरेज और आसान ओनरशिप जैसी सुविधाएं ग्राहकों के फैसले को प्रभावित करेंगी। इसी वजह से भारतीय EV बाजार लगातार विकसित हो रहा है और कंपनियां ऐसे उत्पाद पेश कर रही हैं जो शहरी यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकें।
 

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विशेषज्ञों के अनुसार अब ग्राहक लंबी रेंज, तेज चार्जिंग, स्मार्ट कनेक्टिविटी, बेहतर स्टोरेज और सुरक्षित राइडिंग जैसे फीचर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। आइए जानते हैं 2026 में भारतीय शहरी मोबिलिटी को बदलने वाले 8 प्रमुख इलेक्ट्रिक स्कूटर ट्रेंड।

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 लंबी रेंज वाले स्कूटर की बढ़ी मांग

इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय सबसे पहले ग्राहक उसकी रेंज देखते हैं। लोग चाहते हैं कि स्कूटर रोजमर्रा की ऑफिस यात्रा, बाजार और अन्य काम बिना बार-बार चार्ज किए आसानी से पूरा कर सके। इसी वजह से कंपनियां अब अलग-अलग बैटरी विकल्प उपलब्ध करा रही हैं। कई नए मॉडल एक बार चार्ज करने पर लगभग 113 किलोमीटर से 153 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करते हैं।

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फास्ट चार्जिंग बन रही सबसे बड़ी जरूरत

 

व्यस्त जीवनशैली में लंबे समय तक चार्जिंग का इंतजार करना लोगों को पसंद नहीं है। इसलिए कंपनियां ऐसी तकनीक पर काम कर रही हैं जिससे कम समय में बैटरी चार्ज हो सके। तेज चार्जिंग की सुविधा से ऑफिस के दौरान या रातभर में आसानी से स्कूटर चार्ज किया जा सकता है।

ज्यादा स्टोरेज स्पेस पर फोकस

अब लोग स्कूटर से ऑफिस बैग, लैपटॉप, किराना और अन्य सामान भी लेकर चलते हैं। इसी कारण बड़े अंडर-सीट स्टोरेज वाले मॉडल अधिक पसंद किए जा रहे हैं। कई नए इलेक्ट्रिक स्कूटर में 35 लीटर तक का बूट स्पेस दिया जा रहा है।

 

इनबिल्ट नेविगेशन और स्मार्ट कनेक्टिविटी

शहरों में ट्रैफिक बढ़ने के साथ स्मार्ट नेविगेशन की जरूरत भी बढ़ गई है। अब कई इलेक्ट्रिक स्कूटर में Google Maps आधारित नेविगेशन और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं, जिससे सफर पहले से आसान हो रहा है।

आसान एक्सचेंज और फाइनेंस विकल्प

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना अब पहले से आसान होता जा रहा है। कई कंपनियां पुराने पेट्रोल स्कूटर के बदले एक्सचेंज ऑफर, आसान ईएमआई और आकर्षक फाइनेंस योजनाएं दे रही हैं, जिससे EV अपनाने की प्रक्रिया सरल हो रही है।

कम रखरखाव और बेहतर ओनरशिप अनुभव

ग्राहक अब ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं जिनका रखरखाव आसान हो और चार्जिंग नेटवर्क भी सुविधाजनक मिले। कम मेंटेनेंस, डिजिटल फीचर्स और बेहतर सर्विस सपोर्ट अब खरीदारी का बड़ा आधार बन चुके हैं।

 सुरक्षा फीचर्स पर बढ़ रहा जोर

इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय अब ग्राहक केवल डिजाइन नहीं बल्कि सुरक्षा फीचर्स भी देखते हैं।

 

नई पीढ़ी के स्कूटर में कई आधुनिक फीचर्स दिए जा रहे हैं, जैसे-

  • Hill Hold Assist
  • Anti-Theft Alert
  • Overspeed Warning
  • Reverse Assist

 

ये फीचर्स भीड़भाड़ वाले शहरों में राइडिंग को अधिक सुरक्षित बनाते हैं।

 

 शहरों के लिए संतुलित परफॉर्मेंस

ग्राहक अब सिर्फ अधिक टॉप स्पीड नहीं चाहते, बल्कि स्मूद एक्सेलरेशन, आसान कंट्रोल और बेहतर बैटरी एफिशिएंसी को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी वजह से कंपनियां शहरों के ट्रैफिक को ध्यान में रखकर इलेक्ट्रिक स्कूटर विकसित कर रही हैं।

Share Bazaar लगातार दूसरे दिन टूटा, Sensex 238 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट

Indian stock market fell for second consecutive day today

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31 फीसदी लुढ़ककर 77470.11 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 50.80 अंक यानी 0.21 फीसदी टूटकर 24187.70 के स्तर पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 1121 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इससे पहले यानी सोमवार को सेंसेक्स 442.93 अंक टूटकर 77,708.52 अंक बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 95.80 अंक की गिरावट के साथ 24,238.50 अंक पर रहा था।

भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 238.41 अंक यानी 0.31 फीसदी लुढ़ककर 77470.11 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 50.80 अंक यानी 0.21 फीसदी टूटकर 24187.70 के स्तर पर आ गया।

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बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी असर पड़ा। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 1121 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एचडीएफसी बैंक में लगातार दूसरे दिन 2 प्रतिशत की गिरावट आई।

तिमाही वित्तीय परिणाम में मार्जिन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने से बैंक का शेयर नुकसान में रहा। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और पावर ग्रिड के शेयर में भी गिरावट आई।

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एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कंपोजिट लाभ में रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे पहले यानी सोमवार को सेंसेक्स 442.93 अंक टूटकर 77,708.52 अंक बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 95.80 अंक की गिरावट के साथ 24,238.50 अंक पर रहा था।

PM House के बाहर राहुल गांधी-प्रियंका गांधी का धरना, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर बढ़ा सियासी संग्राम

rahul gandhi protest

कल जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोज जनता पार्टी के आंदोलन के बाद आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सभी ने खरगे के घर से पीएम आवास तक पैदल मार्च किया। प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल है।

हिरासत में लिए जाने पर पंजाब कांग्रेस कैंपेन कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि यह बीजेपी का आतंकवाद है। वे छात्रों की बात नहीं सुनते। कांग्रेस प्रमुख खरगे ने कहा कि कल जंतर-मंतर पर किए गए बल प्रयोग का सरकार को जवाब देना होगा।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा और अन्य कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया।

अमेरिका-ईरान जंग 10वें दिन भी जारी, ईरान ने उड़ाए Amazon के डेटा सेंटर, होर्मुज स्ट्रेट पर टेंशन बरकरार

Conflict between US and Iran continues into 10th day, tension persists in the Strait of Hormuz

Iran-US War Update News : अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा छिड़ी जंग अपने 10वें दिन में पहुंच गई है और फिलहाल यह रुकती हुई नजर नहीं आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरानी प्रांतों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की नौसेना ने 3 दौर के मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए बहरीन और कुवैत में अमेरिकी संपत्तियों और ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेज़न (Amazon) के डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर (डेटा केंद्रों से जुड़ी सुविधाओं) पर हमला किया। वहीं ईरान-अमेरिका जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

 

अमेरिकी हमलों का ईरान ने दिया कड़ा जवाब

अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा छिड़ी जंग अपने 10वें दिन में पहुंच गई है और फिलहाल यह रुकती हुई नजर नहीं आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरानी प्रांतों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की नौसेना ने 3 दौर के मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए बहरीन और कुवैत में अमेरिकी संपत्तियों और ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया।

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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी 

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेज़न (Amazon) के डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर (डेटा केंद्रों से जुड़ी सुविधाओं) पर हमला किया। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत के लिए ईरान को इसकी कई गुना बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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ओमान तट के पास एक और तेल टैंकर पर हमला

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अपने सैनिकों पर हुए हमलों का जवाब देने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। वहीं ईरान-अमेरिका जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस बीच ओमान के तट के पास एक और तेल टैंकर पर हमले की खबर भी सामने आई है, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

 

ईरान ने भी अमेरिका को दी यह चेतावनी?

ईरानी सेना ने कहा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक दुश्मन ईरान पर हमले करना बंद नहीं कर देता। दक्षिण-पूर्वी शहर चाबहार और कोनारक में भी कई धमाके हुए हैं। ये दोनों शहर ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित हैं। कोनारक में ईरानी नौसेना का बड़ा बेस है, जबकि चाबहार ईरान के सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक बंदरगाहों में शामिल है। 

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NSA अजीत डोभाल पहुंचे सऊदी अरब 

वैश्विक तेल आपूर्ति चिंताओं के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सऊदी अरब पहुंचे हैं। उनकी सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से मुलाकात हुई है। रियाद में हुई इस बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत करना और अरब क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा करना था। डोभाल इससे पहले अप्रैल में भी सऊदी का दौरा कर चुके हैं। सऊदी अरब में भारतीय समुदाय बड़ी संख्या में रहता और काम करता है।

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अमेरिका और ईरान के बीच हमलों के नए दौर के बीच सोमवार को अमेरिका में पेट्रोल की औसत खुदरा कीमत फिर बढ़कर 4 डॉलर प्रति गैलन पर पहुंच गई। यह तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

इंदौर पहुंची दिल्‍ली प्रोटेस्‍ट की आग, हजारों स्‍टूडेंट्स जुटे, कहा, मर जाएंगे, पर उठेंगे नहीं, सरकार सुनती क्‍यों नहीं

Indore Protest

  • दिल्‍ली में स्‍टूडेंट के साथ पुलिस के बर्ताव से दुखी छात्र
  • हम भविष्‍य के लिए लड़ रहे, सरकार हमारी सुनती क्‍यों नहीं
  • उज्‍जैन, देवास, धार के कई क्षेत्रों से इंदौर में जुट हजारों छात्र

उनकी आवाज में गुस्‍सा है, लेकिन आंखों में भविष्‍य को लेकर फिक्र। वे अपने कॅरियर के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वे चाहते हैं कि उनके और उनके मां-बाप के सपने पूरे हों, जो लाखों रुपए उनके परिवारों ने कर्ज लेकर कोचिंग में फूंके कम से कम उनकी भरपाई हो सकें, लेकिन देश की भ्रष्‍ट शिक्षा व्‍यवस्‍था के खिलाफ उनके चेहरे पर बेबसी साफ नजर आती है। वे नारे लगा रहे हैं, रो रहे हैं, चीख रहे हैं, लेकिन उनकी चीख से जिम्‍मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।

पिछले करीब 20 दिनों से इंदौर के भंवरकुआ चौराहे पर हजारों स्‍टूडेंट शिक्षा व्‍यवस्‍था में सुधार और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्‍तीफे की मांग के साथ यहां जुटे हुए हैं। वे भूखे हैं, प्‍यासे हैं, पानी पीकर और केले खा कर जैसे-तैसे गुजारा कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि हम मर जाएंगे, लेकिन यहां से तब तक नहीं उठेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती। जो स्‍टूडेंट नीट के नहीं हैं, वे भी यहां नजर आ रहे हैं। कई बच्‍चों के परिजन भी यहां उनका हौंसला बढ़ाने के लिए कई दिनों से उनके साथ ब्रिज के नीचे बैठे हैं।

Indore Protest

धर्मेंद प्रधान को लेकर क्‍या मजबूरी है : अक्षरा दुबे, माही शर्मा, आरती पटेल, प्रमोद नामदेव, अरुण बडोले, आनंद पाल समेत कई स्‍टूडेंट्स ने वेबदुनिया से चर्चा की। उनका कहना है कि सरकार आखिर उनकी क्‍यों नहीं सुनती। वे आखिरकार अपने भविष्‍य के लिए ही तो लड़ रहे हैं। वे सिर्फ यही तो चाहते हैं कि देश के एजुकेशन सिस्‍टम में लगी दीमक साफ हो, इस सड़ांध का इलाज हो। उनका कहना है कि क्‍या ये गलत मांग है। अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में नीट पेपर लीक हुआ है और लाखों बच्‍चों का भविष्य अंधेरे की गर्त में चला गया है तो सरकार उनका इस्‍तीफा क्‍यों नहीं लेती। इसमें ऐसा क्‍या बड़ा काम है। जो जिम्‍मेदार हैं, वे अपनी जवाबदेही क्‍यों नहीं मान रहे हैं।

Indore Protest

दिल्‍ली में पुलिस की बेदर्दी से दुखी स्‍टूडेंट : स्‍टूडेंट ने बताया कि शांति से प्रोटेस्‍ट करने वाले स्‍टूडेंट पर सरकार उलटा लाठियां भांज रही है, कई बच्‍चे और यहां तक कि लड़कियां घायल हुएं हैं। स्‍टूडेंट खून से सने हैं, इस बेरहमी के वीडियो और तस्‍वीरें सोशल मीडिया में वायरल हैं। बच्‍चे चीख चीखकर अपनी बात कह रहे हैं, अपने अधिकारों की रक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन दिल्‍ली पुलिस उनके साथ हिंसा कर रही है। स्‍टूडेंट ने बताया कि पुलिस मारपीट कर रही है। अगर उनकी सरकार ही उनकी बात नहीं सुनेगी तो वे कहां जाएंगे।

केले और पानी पर गुजर रहे दिन : बाहर से आए स्‍टूडेंट ने बताया कि वे बगैर कुछ खाए और पिये यहां अपने हक के लिए बैठे हैं। कुछ लोगों ने केले और पानी की बोतलें रख दी तो जैसे तैसे उनका दिन गुजर जाता है। दिन में और रात में भी भंवरकुआ ब्रिज के नीचे बैठे रहते हैं। मंगलवार को बारिश शुरू होने पर भी छात्र और छात्राएं वहां डटे रहे और नारे लगाते रहे। कोई देशभक्‍ति गीत गा रहा है तो कोई हौसला बढ़ा रहा है। कोई ढपली बजा रहा है तो कोई माइक में भाषण देकर बच्‍चों में जोश भर रहा है।

Indore Protest

सोनम वांगचुक को हमारा समर्थन : बता दें कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक प्रकरण को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर व्यापक प्रदर्शन हो रहा है। इसकी गूंज अब मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी सुनाई देने लगी है। भंवरकुआं चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। इनके साथ बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, स्थानीय कलाकार और आम नागरिक भी अपनी एकजुटता दिखाने पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग के साथ देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहे हैं। उन्‍होंने दिल्‍ली में धरने पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को अपना पूरा समर्थन दिया है। छात्रों पर हो रहे लाठीचार्ज खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

CJP Protest: ‘हमको लग रहा था कि भीड़ हम पर हमला कर देगी’, कंगना रनौत ने बताया संसद के अंदर कैसा था माहौल?

kangana ranaut on CJP Protest

सीजेपी के संसद तक पहुंचने के बाद सोमवार को दिल्ली पुलिस ने संसद के सभी दरवाजे बंद कर दिए। इस बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत ने दावा किया कि प्रदर्शन के समय स्थिति इतनी खतरनाक हो गई थी कि संसद के भीतर मौजूद सभी लोग बुरी तरह घबराए हुए थे। ALSO READ: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: CJP के 'चलो संसद' मार्च को मिला बॉलीवुड का साथ, सड़क से सोशल मीडिया तक उठी आवाज

 

कंगना रनौत ने दिल्ली पुलिस के रुख का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि आपने देखा होगा कि कैसे भीड़ हमला करने की कोशिश कर रही थी। एक वक्त तो हम सभी इस डर में थे कि वे कहीं हम पर हमला न कर दें। प्रदर्शन के दौरान पथराव भी हुआ और कुछ लोग घायल भी हुए। आम जनता को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने दिल्ली पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस ने हमारे लिए एक सुरक्षा ढाल की तरह काम किया। किसी को नुकसान नहीं पहुंचने दिया।

 

भाजपा सांसद ने कहा कि संसद के अंदर हर कोई दहशत में था। संसद के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए थे और हम सांसद अंदर ही फंस कर रह गए थे। यहां तक कि सदन स्थगित होने के बाद भी हम बाहर नहीं निकल पा रहे थे। ALSO READ: छात्रों पर लाठीचार्ज पर गरमाई सियासत, राहुल से अखिलेश तक विपक्षी नेताओं से मोदी सरकार से पूछा सवाल

 

NDA संसदीय दल की बैठक 'मंगल मिलन' पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें मार्गदर्शन दिया और कई चीज़ों पर निर्देश भी दिए। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि युवाओं की कई उम्मीदों को कैसे पूरा किया जाए। उन्होंने NEET के बारे में अपनी रणनीतियां भी साझा कीं। ALSO READ: NDA बैठक में PM मोदी का बड़ा संदेश: NEET पेपर लीक पर सख्त एक्शन, FTA में किसानों को नुकसान नहीं होगा

 

गौरतलब है कि सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर से संसद तक मार्च के दौरान जमकर बवाल हुआ। प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले भी दागे। इस दौरान 60 प्रदर्शनकारी और 113 पुलिसकर्मी घायल हुए।

फोर्टुनो मार्केट्स ने भारतीय ट्रेडर्स के लिए गोल्ड ट्रेडिंग की मज़बूत कंडीशन पर ज़ोर दिया

गोल्ड ट्रेडिंग कॉन्सेप्ट, गर्म प्रीमियम टोन में

भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि भरोसे और परंपरा का प्रतीक है। यही वजह है कि जब बात गोल्ड ट्रेडिंग की आती है, तो भारतीय ट्रेडर्स स्वाभाविक रूप से इसमें रुचि रखते हैं। लेकिन गोल्ड एक ऐसा बाज़ार है जो तेज़ी से हिलता है, और ऐसे में स्थिर कीमत और भरोसेमंद एग्ज़िक्यूशन बेहद ज़रूरी हो जाता है। इसी ज़रूरत को समझते हुए फोर्टुनो मार्केट्स ने गोल्ड ट्रेडिंग की कंडीशन को अपनी प्राथमिकता बनाया है।

 

फोर्टुनो मार्केट्स एक मल्टी-एसेट CFD ब्रोकर है जो फॉरेक्स, मेटल्स, इंडेक्स, स्टॉक्स, कमोडिटीज़, बॉन्ड्स, ETFs और क्रिप्टो तक पहुंच देता है। इनमें गोल्ड इसके सबसे मज़बूत पहलुओं में से एक है।

गोल्ड पर टाइट और स्थिर स्प्रेड

फोर्टुनो मार्केट्स में प्लेटफॉर्म सेफ्टी और एग्ज़िक्यूशन इंटीग्रिटी के प्रमुख विली के का कहना है कि गोल्ड पर कीमतों की स्थिरता कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, “जब गोल्ड का बाज़ार तेज़ी से हिलता है, तब भी हमारी प्राइसिंग टाइट और स्थिर बनी रहती है। हमारा मानना है कि ट्रेडर को सबसे ज़्यादा भरोसा तभी मिलता है जब बाज़ार के उतार-चढ़ाव के बीच भी कंडीशन बदलती नहीं।”

 

गोल्ड जैसे वोलेटाइल एसेट पर टाइट स्प्रेड बनाए रखना एक तकनीकी चुनौती है, लेकिन फोर्टुनो मार्केट्स इसे अपनी मेटल्स ट्रेडिंग सुविधा के ज़रिए संभव बनाता है, जहां गोल्ड को बेहद कम स्प्रेड के साथ ट्रेड किया जा सकता है। इसके साथ ही, गोल्ड पर पोज़िशन को रातभर होल्ड करने पर कोई ओवरनाइट चार्ज नहीं लगता, जो लंबे समय तक ट्रेड रखने वालों के लिए राहत की बात है. गोल्ड के अलावा, फोर्टुनो मार्केट्स पर चांदी और दूसरी कीमती धातुओं में भी ट्रेडिंग की जा सकती है, जिससे ट्रेडर सिर्फ एक धातु तक सीमित नहीं रहते।

 

विली के इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि तेज़ एग्ज़िक्यूशन गोल्ड ट्रेडिंग का अहम हिस्सा है. ऑर्डर मिलीसेकंड में एग्ज़िक्यूट होते हैं, जिससे तेज़ी से बदलते बाज़ार में ट्रेडर सही समय पर कदम उठा सकते हैं। गोल्ड जैसे बाज़ार में, जहां कुछ ही पलों में कीमत बदल सकती है, एग्ज़िक्यूशन की यही रफ़्तार अक्सर सबसे बड़ा फ़र्क डालती है।

एक ही अकाउंट में गोल्ड और बाकी बाज़ार

फोर्टुनो मार्केट्स की एक और खासियत यह है कि गोल्ड को बाकी बाज़ारों के साथ एक ही अकाउंट से ट्रेड किया जा सकता है। ट्रेडर को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के बीच जूझना नहीं पड़ता, और वे गोल्ड के साथ-साथ फॉरेक्स या इंडेक्स जैसी चीज़ों पर भी नज़र रख सकते हैं।

 

नए ट्रेडर्स के लिए शुरुआत भी आसान रखी गई है. अकाउंट सिर्फ 10 डॉलर की न्यूनतम डिपॉज़िट से खुलते हैं, और एक डेमो मोड भी उपलब्ध है जिसमें असली पैसे लगाने से पहले अभ्यास किया जा सकता है। ट्रेडर बढ़ती और गिरती, दोनों तरह की कीमतों पर पोज़िशन ले सकते हैं। इसके साथ ही, गोल्ड को पोर्टफोलियो में विविधता लाने के एक ज़रिए के तौर पर भी देखा जा सकता है, जो कई भारतीय ट्रेडर्स की सोच से मेल खाता है। भारत जैसे बाज़ार में, जहां सोने से लोगों का पुराना रिश्ता है, यह सुलभता गोल्ड ट्रेडिंग को उन लोगों के लिए भी खोल देती है जो अब तक इसे सिर्फ दूर से देखते आए थे।

 

विली के के अनुसार, यह सुलभता जानबूझकर रखी गई है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि गोल्ड ट्रेडिंग सिर्फ अनुभवी लोगों तक सीमित न रहे। सही टूल्स और स्थिर कंडीशन के साथ, एक नया ट्रेडर भी आत्मविश्वास के साथ शुरुआत कर सकता है।” विली के ट्रेडर्स को प्लेटफॉर्म को खुद देखने और समझने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

 

फोर्टुनो मार्केट्स की गोल्ड और बाकी ट्रेडिंग कंडीशन पर एक विस्तृत बाहरी नज़र इस फोर्टुनो मार्केट्स रिव्यू में देखी जा सकती है। (एडवरटोरियल)