सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा, भूस्खलन के बाद 27 मजदूर फंसे

uttarkashi tunnel

सिक्किम के नामची जिले में सोमवार दोपहर एक निर्माणाधीन सुरंग के बाहर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से बड़ा हादसा हो गया। भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया और अंदर गैस रिसाव की आशंका के बीच करीब 27 मजदूर सुरंग में फंस गए।

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अधिकारियों ने बताया कि राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। सुरंग के अंदर गैस मौजूद होने के कारण बचाव अभियान बेहद कठिन हो गया है। कई राहतकर्मियों को सुरंग के भीतर जाने के दौरान चक्कर आने और बेहोश होने की शिकायत हुई है। 

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प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह गैस भूस्खलन के कारण जमीन के भीतर की चट्टानों और भू-स्तरों के प्रभावित होने से प्राकृतिक रूप से निकल रही है।  प्रशासन के मुताबिक सुरंग में पटेल इंजीनियरिंग (Patel Engineering) के 21 कर्मचारी और NHPC के 6 कर्मचारी फंसे होने की आशंका है। (प्रतीकात्मक चित्र)

118 पुलिसकर्मी घायल, 60 प्रदर्शनकारियों को भी चोट, बैरिकेड तोड़े, पथराव किया, CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा

cjp protest

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने 15 से 20 सरकारी वाहनों समेत अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। मामले में करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने कहा कि दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। 

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दिल्ली पुलिस के मुताबिक  प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों पर पत्थर और अन्य वस्तुओं से हमला किया, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हालात हिंसक हो गए, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा।

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पुलिस के मुताबिक, झड़प में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें विशेष पुलिस आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि झड़प में करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना है। घायलों का मेडिकल परीक्षण (MLC) कराया जा रहा है।

सोनम वांगचुक बोले- जारी रहेगा अनशन 

सोनम वांगचुक ने कहा है कि जब तक सीजेपी के सदस्यों से सांसद मुलाकात नहीं करते, सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, तब तक वे अपना अनशन जारी रखेंगे। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने भी कहा कि अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी का प्रदर्शन अभी भी जारी रहेगा, और वे अपनी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाली मांग पर अड़े हैं। 

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास जहाज पर हमला, 4 भारतीय नागरिकों की मौत, 1 की हालत गंभीर, भारत ने क्या कहा

यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह से 19 जुलाई की शाम रवाना हुए एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना की पुष्टि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) नामक जहाज पर हमले के समय कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक भी शामिल थे।

 

मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायल भारतीय के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

 

भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक चालक दल की जान जोखिम में डालना तथा समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा पहुंचाना बेहद निंदनीय है और इससे बचा जाना चाहिए।ALSO READ: jammu kashmir heavy rain : जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी काल, 24 घंटे में 24 मौतें, पुंछ में लैंडस्लाइड से 7 की जान गई, डोडा में भी तबाही

 

यूक्रेन का दावा- रूसी क्रूज मिसाइलों से हुआ हमला

 

यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि रूस ने ब्लैक सी (Black Sea) में क्रूज मिसाइलों से जहाज पर हमला किया। यूक्रेन की नौसेना के मुताबिक, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले एमवी गोल्डन लियो पर तीन क्रूज मिसाइलें दागी गईं, जिससे जहाज में आग लग गई।

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जहाज में भारत और सीरिया के चालक दल के सदस्य मौजूद थे और यह मकई (Corn) लेकर रवाना हुआ था। यूक्रेन के समुद्री बंदरगाह प्राधिकरण के अनुसार, रातभर चले सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में 9 चालक दल के सदस्य और एक समुद्री पायलट की मौत हुई, जबकि 8 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, इस जहाज का स्वामित्व मुंबई स्थित Ocean Grace Shipping Ltd के पास है।

 

ब्लैक सी में बढ़ा तनाव

ओडेसा क्षेत्र के गवर्नर के अनुसार, इस महीने रूसी हमलों में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं रूस के बेलगोरोड क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक बच्चे समेत पांच लोगों की जान चली गई। हाल के सप्ताहों में रूस और यूक्रेन दोनों ने एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे ब्लैक सी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

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भारत ने की हमले की कड़ी निंदा

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा कि भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि कमर्शियल शिपिंग (व्यावसायिक जहाजों) को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिक क्रू सदस्यों की जान जोखिम में डालना, या नेविगेशन और व्यापार की आजादी में बाधा डालना निंदनीय है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।

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जम्मू-कश्मीर अभी कल के हादसों से उभरा नहीं था कि अब एलओसी से पुंछ जिले में भूस्खलन से 7 लोगों की मौत हो गयी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में 24 लोगों की जान गई है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को पुंछ जिले के लोरान-दुमिलन इलाके में भारी बारिश की वजह से हुए नए लैंडस्लाइड में 7 लोगों की मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि लगातार बारिश के बीच लैंडस्लाइड हुआ। इससे इलाके में बहुत नुकसान हुआ है।

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उन्होंने कहा कि अब तक 7 शव बरामद किए गए हैं, जबकि किसी भी लापता व्यक्ति का पता लगाने के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। स्थानीय लोगों ने कहा कि अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड से गंभीर खतरा होने के कारण लोगों को अलर्ट करने के लिए मस्जिदों से अनाउंसमेंट किए गए थे। पुलिस, सिविल एडमिनिस्ट्रेशन, एसडीआरएफ और स्थानीय वॉलंटियर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारी नुकसान का अंदाजा लगा रहे हैं जबकि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

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रविवार को भारी बारिश से अचानक आई बाढ़ में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 10 लोग लापता हैं। इस बाढ़ ने जम्मू संभाग के पुंछ और राजोरुई समेत कई हिस्सों को तबाह कर दिया। इससे घरों, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जानवरों और खेती की ज़मीन को बहुत नुकसान हुआ। इससे पहले आज सुबह डोडा जिले के रग्गी नाला में एक यात्री बस और कई अन्य गाड़ियों पर तेजी से गिरते पत्थरों की चपेट में आने से 2 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

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अधिकारियों ने बताया कि अचानक पत्थरों और मलबे के खिसकने से हाईवे पर मौजूद गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। इससे जान-माल का नुकसान हुआ। बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया।इस घटना के बाद, इलाके में मडस्लाइड (कीचड़ खिसकने) और लगातार गिरते पत्थरों के कारण हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया है।अधिकारियों ने बताया कि अभी बहाली और सफाई का काम चल रहा है, लेकिन मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए इसमें काफी समय लगने की संभावना है।

राम जन्मभूमि मंदिर केस फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, निर्मोही अखाड़े ने दाखिल की याचिका

ayodhya ram mandir trust meeting

​Ram Janmabhoomi Temple Case: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन, वित्तीय लेन-देन और धार्मिक परंपराओं को लेकर एक बार फिर मामला देश की शीर्ष अदालत में पहुंच गया है। श्री पंच रामानंदी निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन, वित्तीय लेनदेन के फोरेंसिक ऑडिट और रामानंदी परंपरा के तहत पूजा-सेवा बहाल करने की मांग की है।

 

​अखाड़े का सीधा आरोप है कि मौजूदा ट्रस्ट एक निजी संस्था की तरह काम कर रहा है और केंद्र सरकार ने 2019 के ऐतिहासिक फैसले की मूल भावना का पूरी तरह पालन नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 27 जुलाई को होगी। 

 

​निर्मोही अखाड़े के अधिवक्ता तरुणजीत वर्मा (दिवंगत अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा के पुत्र) ने जानकारी दी कि 18 जुलाई की देर शाम यह एप्लिकेशन सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। यह आवेदन 'मोहम्मद सिद्दीकी बनाम सुरेश दास' (सिविल अपील नंबर 10866 और 10867) के अंतर्गत दर्ज कराया गया है।

 

​याचिका में 8 मुख्य बिंदुओं पर राहत मांगी गई है, जिनमें प्रमुख हैं- 9 नवंबर 2019 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का सही ढंग से पालन किया जाए। विगत दिनों मंदिर में चढ़ावे और चंदे से जुड़ी अनियमितताओं व चोरी की घटनाओं को देखते हुए पूरे वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए। इसके साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि 5 जनवरी 1950 और 16 फरवरी 1982 की घटनाओं के दौरान कुर्क (Attach) की गई भगवान रामलला की अष्टधातु व चांदी की मूर्तियों सहित सभी वस्तुओं को एक स्थान पर रखकर पूजा कराई जाए। यदि इसमें कोई कठिनाई हो, तो वे वस्तुएं निर्मोही अखाड़े को सौंपी जाएं।

 

अखाड़े ने मांग की है कि ट्रस्ट के कामकाज की निगरानी के लिए हाईकोर्ट के स्तर की एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाए जो यह देखे कि ट्रस्ट सही ढंग से कार्य कर रहा है या नहीं। इसके साथ ही राम मंदिर में सभी धार्मिक अनुष्ठान, सेवा, भोग और पूजा 'रामानंदी संप्रदाय' की प्राचीन परंपराओं के अनुसार हों और रामानंदी बैरागी संप्रदाय के संतों को ट्रस्ट के निर्णयों की निगरानी का अधिकार मिले।

​2019 के फैसले के किन निर्देशों का दिया गया हवाला?

​याचिका में नवंबर 2019 के संविधान पीठ के फैसले के पैराग्राफ 804 और 805(4) का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। अखाड़े का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया था कि विवादित स्थल पर निर्मोही अखाड़े की ऐतिहासिक उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए, उसे मंदिर के प्रबंधन में उचित भूमिका और ट्रस्ट में उपयुक्त प्रतिनिधित्व दिया जाए। अब अदालत के रुख के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शीर्ष अदालत ट्रस्ट के पुनर्गठन और प्रबंधन को लेकर कोई नया दिशा-निर्देश जारी करती है या नहीं।

CJP protest Photos : CJP के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की 10 तस्वीरें, देखें पूरे दिन क्या हुआ

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को CJP के प्रदर्शन के दौरान दिनभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सुबह शुरू हुआ आंदोलन दोपहर तक टकराव में बदल गया, जब कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर संसद की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की स्थिति बनी। CJP की ओर से अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया था, जिसे बाद में पुलिस और संगठन दोनों ने खारिज कर दिया। सुबह से देर शाम तक चले घटनाक्रम की पूरी झलक इन 10 तस्वीरों में देखें।

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प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया गया, मंच खाली कराया गया और टेंट भी हटाए गए। इसके बाद कनॉट प्लेस इलाके से भी प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प, सुरक्षा इंतजाम और हंगामे की तस्वीरें सामने आईं।

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जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में जुटे आंदोलनकारी, सुबह से जारी रहा विरोध प्रदर्शन।

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प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई, सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी रहा आंदोलन।

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बैरिकेड पार कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी, पुलिस ने रोका रास्ता।

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प,  कई प्रदर्शनकारी बैरिकैट्‍स पर भी गिर पड़े।

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CJP प्रदर्शन  से दिनभर तनाव का माहौल रहा।

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संसद की सुरक्षा बढ़ाई गई, प्रदर्शन के बाद इलाके में तैनात किए गए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी

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बैरिकेड पार कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी

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सुबह से संसद की अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ाई गई थी 

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प्रदर्शनकारियों ने नारे भी लगाए

152 पेपर लीक और 7.5 करोड़ छात्रों का मुद्दा, राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा, बोले- मुद्दे उठाने वाले छात्र पीटे जाते हैं

rahul gandhi

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कथित रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने में भी असफल रही है।

 

'152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित'

राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इसकी सबसे बड़ी कीमत मेहनत करने वाले छात्रों को चुकानी पड़ी है। उन्होंने लिखा कि पेपर लीक करने वाले लोग खुले घूम रहे हैं, जबकि अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाले छात्रों को विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।

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rahul gandhi tweet

छात्रों पर कार्रवाई का लगाया आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जब छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए तो उन्हें जवाब के तौर पर “लाठी और हिरासत” मिली। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

सरकार पर साधा निशाना

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राहुल गांधी ने कहा कि यह सरकार केवल युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने में असफल नहीं हो रही, बल्कि उन पर दबाव भी बना रही है। उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना की। हालांकि, केंद्र सरकार पहले भी पेपर लीक और परीक्षा सुधारों को लेकर कई कदम उठाने का दावा कर चुकी है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं।

क्या सस्ता है Motorola Edge 70 Max, 5000 रुपए की छूट, 7100mAh बैटरी, Snapdragon 8 Gen 5 और AI फीचर्स के साथ भारत में लॉन्च

motorola edge 70 max

Motorola ने भारतीय बाजार में अपना नया प्रीमियम स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Max लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को दमदार 7100mAh बैटरी, 90W फास्ट चार्जिंग, Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, 2K AMOLED डिस्प्ले और कई एडवांस Moto AI फीचर्स के साथ पेश किया है। लॉन्च ऑफर्स के बाद इसकी शुरुआती कीमत 49,999 रुपये रखी गई है।

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Motorola Edge 70 Max की कीमत और ऑफर्स

Motorola Edge 70 Max दो स्टोरेज वेरिएंट में उपलब्ध है।

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  • 8GB RAM + 256GB स्टोरेज – ₹54,999
  • 12GB RAM + 256GB स्टोरेज – ₹59,999

 

लॉन्च ऑफर के तहत बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज बोनस के जरिए ग्राहकों को 5,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। इसके बाद फोन की प्रभावी शुरुआती कीमत 49,999 रुपए हो जाएगी। साथ ही 18 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी मिलेगा।

 

यह स्मार्टफोन Aqua Grey, Dark Shadow और Ice Melt जैसे तीन Pantone-प्रेरित रंगों में उपलब्ध होगा।

 

Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर और Android 16

 

Motorola Edge 70 Max में Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इसके साथ LPDDR5X RAM और UFS 4.1 स्टोरेज मिलती है, जिससे गेमिंग, मल्टीटास्किंग और ऐप्स की स्पीड बेहतर होगी।

 

फोन Android 16 आधारित Hello UX पर चलता है। कंपनी तीन बड़े Android अपडेट और चार साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का दावा कर रही है। इसके अलावा Moto Secure, ThinkShield और Smart Connect जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।

 

2K AMOLED डिस्प्ले और प्रीमियम डिजाइन

 

फोन में 6.8 इंच का 2K Extreme AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 7,000 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। डिस्प्ले में 10-बिट कलर, DCI-P3 कलर कवरेज, Pantone सर्टिफिकेशन और Corning Gorilla Glass 7i की सुरक्षा मिलती है।

 

ऑडियो के लिए इसमें Dolby Atmos स्टीरियो स्पीकर्स, Hi-Res Audio और Snapdragon Sound का सपोर्ट दिया गया है।

IP69 रेटिंग और मजबूत बिल्ड

 

Motorola Edge 70 Max को प्रीमियम वीगन लेदर फिनिश के साथ पेश किया गया है। यह IP68 और IP69 रेटिंग के साथ पानी और धूल से सुरक्षित है। साथ ही इसे MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन भी मिला है।

50MP Sony कैमरा और AI फोटोग्राफी

 

फोटोग्राफी के लिए फोन में 50MP Sony LYTIA 710 प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जो OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) के साथ आता है। इसके अलावा 8MP अल्ट्रा-वाइड + मैक्रो विजन कैमरा और 32MP फ्रंट कैमरा दिया गया है, जिससे 4K सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड की जा सकती है। कैमरे में कई AI फीचर्स भी मिलते हैं, जिनमें Photo Enhancement Engine, Signature Style, Dynamic Bokeh Portrait Mode, Horizon Lock, Frame Match और Pantone SkinTone Validation शामिल हैं।

 

7100mAh बैटरी और 90W फास्ट चार्जिंग

Motorola Edge 70 Max में 7100mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी गई है। कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर 58 घंटे तक का बैटरी बैकअप देती है। फोन में 90W TurboPower फास्ट चार्जिंग और 25W Qi2.2 मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है।

Moto AI फीचर्स

 

Motorola ने इस फोन में अपनी नई Moto AI Suite भी दी है, जिसमें कई स्मार्ट AI टूल्स शामिल हैं, जैसे:

  • Next Move
  • Catch Me Up
  • Remember This
  • Pay Attention
  • Image Studio
  • Playlist Studio

कंपनी का दावा है कि ये फीचर्स यूजर्स के दैनिक काम को आसान और अधिक स्मार्ट बनाएंगे।

इंदौर प्रेस क्लब का काबिलियत को सलाम, पत्रकारों के 100 से अधिक मेधावी बच्चे सम्मानित

इंदौर प्रेस क्लब द्वारा पत्रकारों के प्रतिभावान बच्चों के हौसला-अफजाई के लिए आयोजित 'काबिलियत को सलाम' समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पत्रकारों के 100 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। बीते 15 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस गौरवशाली समारोह में इस बार एक नया और अनूठा प्रयास भी देखने को मिला, जिसने बच्चों का उत्साह दोगुना कर दिया।

 

इस वर्ष कार्यक्रम को और अधिक रोचक बनाने के लिए सम्मानित हुए मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक 'लकी ड्रॉ' प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके तहत सभी बच्चों के नाम की पर्चियां बनाकर एक बॉक्स में रखी गईं। अतिथियों ने मंच से निष्पक्ष रूप से 5 भाग्यशाली विजेताओं के नाम की पर्चियां निकालीं। इन 5 विजेताओं को इनाम स्वरूप इंडेक्शन कूकर प्रदान किए गए।

 

इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह, इंदौर संभाग आयुक्त (कमिश्नर) डॉ. सुदाम खाड़े, कौटिल्य एकेडमी के निदेशक सिद्धार्थ जोशी, लोकसेवा आयोग की पूर्व सदस्य शोभा पेठनकर और प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक कर्दम ने अपने हाथों से भाग्यशाली बच्चों के नाम की पर्चियां निकालीं। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इंदौर प्रेस क्लब की पूरी टीम ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। अतिथियों का स्वागत प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक कर्दम, उपाध्यक्ष संजय त्रिपाठी व प्रियंका पांडेय, महासचिव प्रदीप जोशी, सचिव अभिषेक चेंडके और कोषाध्यक्ष मुकेश तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य अभय तिवारी, प्रमोद दीक्षित, मनीष मक्खर, अंशुल मुकाती, श्याम कामले, विजय भट्ट, नितिन जैन, अभिषेक रघुवंशी और लक्ष्मीकांत पंडित।

इस गरिमामय अवसर पर शहर के बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी, वरिष्ठ पत्रकार और मेधावी बच्चों के परिजन मौजूद थे, जिन्होंने करतल ध्वनि से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन महासचिव प्रदीप जोशी ने किया तथा आभार प्रदर्शन सचिव अभिषेक चेंडके ने माना।

 

Dimple Yadav : CJP के प्रदर्शन में पुलिस की लाठीचार्ज पर भड़कीं डिंपल यादव, बताया काला दिवस, प्रदर्शनकारियों को पिलाया पानी

dimple yadav

NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी आंदोलन को सोमवार को राजनीतिक समर्थन भी मिला। समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव अपने पार्टी सांसदों के साथ संसद से जंतर-मंतर तक मार्च करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल हुईं।  मार्च के दौरान डिंपल यादव और अन्य सांसदों ने 'NEET है या Cheat है' लिखी तख्तियां हाथों में लेकर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है।

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उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया भ्रष्ट हो चुकी है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा देश के युवाओं और छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। वे भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। डिंपल यादव ने केंद्र सरकार और पुलिस कार्रवाई पर भी तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि आज का दिन लोकतंत्र के इतिहास में काले दिवस के रूप में याद किया जाएगा। पुलिसकर्मियों की आंखों में भी शर्मिंदगी दिखाई दे रही थी, लेकिन कुछ पुलिसकर्मी गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे थे। कुछ लोग बिना वर्दी के आए और छात्रों की पिटाई की।

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सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि युवा अपनी चिंताएं बताना चाहते हैं, लेकिन सरकार सुनने या बातचीत करने से इनकार कर रही है।

लोगों के अनशन पर होने के बावजूद, सरकार इतनी कठोर और असंवेदनशील है कि वह किसी और की बात सुनने को तैयार नहीं है। भ्रष्ट सरकार की वजह से देश के युवाओं और छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और वे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।