योगी सरकार की मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि

Yogi adityanath

Yogi Government Maternal Health: योगी सरकार ने मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के 16 जिलों में पिछले तीन महीनों के दौरान सभी प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में हुए हैं। इस अवधि में इन जिलों में एक भी गैरसंस्थागत (घर या अन्य स्थान पर) प्रसव दर्ज नहीं किया गया। योगी सरकार की यह उपलब्धि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती पहुंच, जनजागरूकता और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।

दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के साथ रेफरल व्यवस्था को किया गया मजबूत

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से जिला महिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूति सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। आवश्यक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ रेफरल व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि इसी प्रकार संस्थागत प्रसव की दर लगातार बनी रहती है तो मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) में और अधिक कमी लाने में मदद मिलेगी। साथ ही सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ नवजात के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उत्तर प्रदेश नई मिसाल कायम कर सकेगा।

गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़ ने लहराया परचम

एचएमआईएस से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, वाराणसी, अमेठी, अयोध्या, सुलतानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, गाजीपुर, शामली, गाजियाबाद, हाथरस, इटावा, महोबा व कौशांबी में अप्रैल से जून के बीच एक भी प्रसव गैरसंस्थागत नहीं हुआ है। संयुक्त निदेशक डॉ. शालू गुप्ता ने बताया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रयास किए गए हैं। गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, नियमित प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर संपर्क, एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता तथा जननी सुरक्षा एवं मातृत्व लाभ से जुड़ी योजनाओं ने महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के लिए प्रेरित किया है।

 

वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रावती का मानना है कि संस्थागत प्रसव मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है। अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों की मौजूदगी, आपातकालीन प्रसूति सेवाएं, नवजात की तत्काल देखभाल, रक्त की उपलब्धता तथा आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था होने से जटिल परिस्थितियों में भी मां और शिशु की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

जागरूकता और फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत से मिली सफलता

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि केवल स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता का परिणाम नहीं है, बल्कि समुदाय की बढ़ती जागरूकता और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों की सतत मेहनत का भी प्रतिफल है। आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क बनाए रखा, प्रसव की संभावित तिथि से पहले परिवारों को तैयार किया और समय पर अस्पताल तक पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

NEET-UG पेपर लीक मामला, JP नड्डा से मिला CJP का प्रतिनिधिमंडल, सरकार जारी करेगी बयान

NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बातचीत को लेकर सरकार भी बयान जारी करेगी। सीजेपी ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग शामिल है।

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CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब संसद की ओर प्रदर्शनकारी मार्च कर रहे थे, उसी दौरान पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहा था। उन्होंने कहा कि नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है।

 

आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “मैं और सौरव दास अभी भी नड्डा जी के आवास पर मौजूद हैं। नड्डा जी ने हमारी प्रमुख मांगों पर अपने नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है। हमारी मांगों में सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।”

CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी मांग पर कोई औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”

 

सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।

Priyanka Gandhi : पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर बवाल, संसद मार्च के दौरान दिल्ली में झड़पें, प्रियंका गांधी का बड़ा बयान

priyanka gandhi

देश की नई शिक्षा नीति और परीक्षा पेपर लीक के विरोध में सोमवार को राजधानी दिल्ली में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह झड़पें हुईं। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

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इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा नीति को लेकर गंभीर सवाल हैं, लेकिन सरकार चर्चा करने के बजाय छात्रों पर बल प्रयोग कर रही है।

 

प्रियंका गांधी ने कहा, “हम सभी शिक्षा नीति पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। इसमें कई गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन सरकार बातचीत करने के बजाय छात्रों पर आंसू गैस छोड़ रही है और उनकी पिटाई कर रही है। आखिर क्यों? ये हमारे ही बच्चे हैं।”

 

सोमवार को हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने के लिए मध्य दिल्ली पहुंचे। प्रदर्शन का समर्थन जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जारी अनशन से भी मिला, जिससे आंदोलन को और गति मिली।

 

दिल्ली पुलिस ने संसद क्षेत्र की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़ते रहे। कई छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में भी प्रदर्शन में शामिल दिखाई दिए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए।

 

उधर, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन से कुछ समय के लिए बाहर जाने की अनुमति मांगी ताकि वह CJP के संसद मार्च में शामिल हो सकें। उन्होंने अपने आवेदन में कहा कि उनकी तबीयत ठीक है और स्वास्थ्य संबंधी सभी मानक सामान्य हैं।

 

इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया कि सरकार ने बातचीत के लिए संपर्क किया है। पार्टी के अनुसार, उसके दो प्रवक्ता केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर संगठन की मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।

LHS 1140 b पर मिला वायुमंडल, क्या भविष्य में यहां रह पाएगा इंसान?

LHS 1140 b exoplanet

वर्ष 2026 में नासा (NASA) और दुनिया भर के खगोलविदों ने अंतरिक्ष में जीवन की खोज को लेकर कुछ बेहद रोमांचक सफलताएं हासिल की हैं। हालांकि वैज्ञानिकों ने इससे पहले भी GJ 3378b और HD 137010 b जैसे पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोजा था, लेकिन जुलाई 2026 में साइंस (Science) जर्नल में प्रकाशित एक ताज़ा शोध ने विज्ञान जगत में हलचल मचा दी है। वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से दूर एक ऐसे 'सुपर-अर्थ' LHS 1140 b पर वायुमंडल की प्रत्यक्ष खोज की है, जो भविष्य में इंसानी जीवन के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बन सकता है।

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1. स्थिति, दूरी और इसका सूर्य

हमारा अंतरिक्षीय पड़ोसी: LHS 1140 b हमारी पृथ्वी से करीब 48 प्रकाश वर्ष (Light Years) दूर 'सिटस' (Cetus) तारामंडल में स्थित है।

इसका सूर्य (तारा): यह ग्रह LHS 1140 नाम के एक 'रेड ड्वार्फ' (लाल बौने तारे) की परिक्रमा करता है। यह तारा हमारे सूर्य की तुलना में काफी छोटा और ठंडा है।

 

2. आकार, बनावट और पानी की प्रचुरता

सुपर-अर्थ (Super-Earth): यह पृथ्वी और मंगल की तरह ही एक पथरीला (Rocky) ग्रह है। आकार के मामले में यह पृथ्वी से लगभग 70% बड़ा (1.7 गुना) है, जबकि इसका द्रव्यमान (Mass) पृथ्वी से 5.6 गुना अधिक है।

विशाल जलस्रोत: ग्रह के घनत्व (Density) का अध्ययन करने के बाद वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस ग्रह पर हमारी पृथ्वी की तुलना में कहीं अधिक मात्रा में पानी मौजूद हो सकता है।

 

3. यह खोज इतनी ऐतिहासिक और खास क्यों है?

ब्रह्मांड में अब तक हजारों ग्रहों की खोज हो चुकी है, लेकिन LHS 1140 b पर मिलीं ये तीन चीजें इसे 'एलियन लाइफ' और इंसानी बस्ती बसाने की रेस में सबसे आगे खड़ा करती हैं:

 

हैबिटेबल ज़ोन (गोल्डीलॉक्स ज़ोन): यह ग्रह अपने तारे से बिल्कुल सटीक दूरी पर चक्कर लगाता है। यहाँ का तापमान ऐसा है जो न तो बहुत अधिक गर्म है और न ही बहुत ठंडा, जिससे इसकी सतह पर पानी तरल (Liquid) रूप में टिका रह सकता है।

 

मजबूत वायुमंडल के पक्के सबूत: जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) और मैगेलन क्ले टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों ने पाया कि इस ग्रह के ऊपरी वायुमंडल से हीलियम गैस (Helium Gas) का रिसाव हो रहा है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि ग्रह के पास अपना एक मजबूत वायुमंडल है, जो घातक सौर हवाओं को रोकने में सक्षम है। सौरमंडल के बाहर किसी रहने योग्य ग्रह पर वायुमंडल का मिलना इतिहास में पहली बार हुआ है।

 

'आईबॉल अर्थ' (Eyeball Earth) की अनोखी संभावना: वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ग्रह 'टाइडली लॉक्ड' (Tidally Locked) हो सकता है- यानी इसका एक हिस्सा हमेशा अपने तारे के सामने रहता है और दूसरा हमेशा अंधेरे में रहता है। ऐसी स्थिति में इसका आधा हिस्सा बर्फ से ढका हो सकता है और तारे के ठीक सामने वाले हिस्से में तरल पानी का एक विशाल समंदर हो सकता है, जो अंतरिक्ष से देखने में एक आंख की पुतली जैसा दिखाई देगा।

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4. वैज्ञानिकों का अंतिम मत

हावर्ड यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधकर्ता कोलिन चेरुबिम के अनुसार, ब्रह्मांड में किसी भी जगह जीवन पनपने या अनुकूल वातावरण के लिए मुख्य रूप से तीन चीजों की जरूरत होती है- पथरीली सतह, सही तापमान और एक स्थिर वायुमंडल। LHS 1140 b इकलौता ऐसा ग्रह है जहाँ ये तीनों तत्व एक साथ मौजूद हैं, जो इसे सौरमंडल के बाहर जीवन की खोज (Astrobiology) के लिए अब तक की सबसे बेहतरीन जगह बनाता है।

 

नोट: फिलहाल LHS 1140 b पर मानव के रहने का कोई प्रमाण नहीं है। वैज्ञानिकों ने केवल इसके वायुमंडल की पुष्टि की है और भविष्य में विस्तृत अध्ययन के बाद ही इसकी रहने योग्य स्थिति के बारे में बेहतर निष्कर्ष निकाले जा सकेंगे।

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NFSU का नया कीर्तिमान : साइबर फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने वाले MBA कोर्स में प्रवेश के लिए छात्रों की भारी भीड़

Forensic Accounting

वर्तमान समय में बढ़ते साइबर फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए छात्रों में फॉरेंसिक शिक्षा के प्रति रुचि बेहद तेजी से बढ़ी है। इस बदलते ट्रेंड के बीच गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) द्वारा शुरू किए गए दो नए एमबीए कोर्स को छात्रों की ओर से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है। यूनिवर्सिटी में उपलब्ध महज 80 सीटों के मुकाबले 1,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इन पाठ्यक्रमों की बढ़ती लोकप्रियता को साफ तौर पर दर्शाता है।

 

अपराध का बदलता पैटर्न और विशेषज्ञों की बढ़ती मांग

आज के डिजिटल युग में अपराध करने के तरीके और तकनीक पूरी तरह बदल चुके हैं। यही वजह है कि ऐसे पेचीदा वित्तीय घोटालों का पर्दाफाश करने के लिए मार्केट में विशेष जानकारों की मांग में भारी उछाल आया है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए NFSU ने 'फॉरेंसिक अकाउंटिंग एंड फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन' तथा 'फिनटेक फॉरेंसिक' जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। अपराध के बदलते तौर-तरीकों के बीच अब जांच एजेंसियों के लिए भी इस तरह की एडवांस तकनीक सीखना अनिवार्य हो गया है।

 

AI टूल्स और शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम्स पर विशेष जोर

NFSU के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के डीन प्रो. हर्ष बरोट ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अब शिक्षा केवल पारंपरिक अकाउंटिंग तक ही सीमित नहीं रह गई है। इन नए पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का उपयोग करके धोखाधड़ी का पता लगाने और वित्तीय अनियमितताओं को पकड़ने की आधुनिक ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा, पिछले कुछ वर्षों में राज्य पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के लिए फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन के विशेष शॉर्ट-टर्म (लघु अवधि) प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है।

 

शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीक का समन्वय और बढ़ती प्रतिस्पर्धा

नई तकनीक के साथ तालमेल बिठाने के लिए शिक्षा जगत में भी यह बदलाव बेहद जरूरी हो गया था। इस कोर्स की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि NFSU में एक सीट के लिए औसतन 13 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। NFSU के अलावा वडोदरा की पारुल यूनिवर्सिटी ने भी इसी साल से 'एमबीए इन फॉरेंसिक अकाउंटिंग एंड कॉर्पोरेट फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन' कोर्स शुरू किया है। इतना ही नहीं, अब चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) के छात्रों के लिए भी फॉरेंसिक अकाउंटिंग के विशेष मॉड्यूल को उनके मुख्य पाठ्यक्रम का एक अहम हिस्सा बना दिया गया है। 

मुख्यमंत्री ने लोधेश्वर महादेव का दर्शन-पूजन कर किया अभिषेक

 

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया निर्माणाधीन कॉरिडोर का अवलोकन
  • सीएम ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन, दिव्यांगों को दी ट्राइसाइकिल
  • मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

लखनऊ, 20 जुलाईः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोधेश्वर धाम में दर्शन-पूजन कर महादेव का अभिषेक किया। सीएम ने बाबा भोलेनाथ की आरती भी उतारी और ईश्वर से सुखी, स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। मंदिर परिसर में डमरू वादन संग उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय कलाकारों की हौसलाअफजाई की। मुख्यमंत्री ने दर्शन-पूजन के उपरांत निर्माणाधीन कॉरिडोर का अवलोकन भी किया और कार्यों के निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। 

 

सीएम ने किया बच्चों का अन्नप्राशन, दिव्यांगों की दी ट्राइसाइकिल
 

दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री लोधेश्वर महादेव मंदिर के पीछे स्थित प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने यहां बच्चों का अन्नप्राशन किया और उन्हें खिलौने देकर दुलारा-पुचकारा। सीएम ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों से उनके मॉडल के बारे में जानकारी ली। साथ ही बच्चों को चॉकलेट भी दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल प्रदान की। बाराबंकी के विकास को लेकर लघु फिल्म भी दिखाई गई। 

 

जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित 
 

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया। सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान…

 

शिवशंकर वर्मा– कृषि यंत्र के तहत चाबी, प्रमाण पत्र व 4 लाख का चेक 

छाया देवी– कृषि यंत्र के तहत चाबी, प्रमाण पत्र व 4 लाख का चेक

मोहसिन मतीन– प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के तहत 10 लाख का चेक 

मुकेश कुमार– प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के तहत 3.10 लाख का चेक 

शांति देवी– विश्वकर्मा श्रम सम्मान के अंतर्गत सिलाई का टूल किट 

नितेश वर्मा– सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 

मो. आलम– ओडीओपी के तहत 21 लाख का चेक 

हेमकरण माथुर– प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 3.90 करोड़ से अधिक का चेक  

हर्षिता वर्मा– प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत को 15 लाख का चेक 

प्रमेंद्र विक्रम सिंह– मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 11.80 लाख से अधिक का चेक 

आरती देवी– मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र 

गायत्री देवी– मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र

आरती व अशोक कुमारी सिंह– राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में सामुदायिक निवेश निधि के लिए 3.19 करोड़ से अधिक का चेक ।

 

प्रदर्शनकारियों को मिला सपा सांसदों का साथ, डिंपल यादव समेत कई सांसद हिरासत में

dimple yadav detained by delhi police

कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के बीच सपा नेता डिंपल यादव भी इकरा हसन और प्रिया सरोज समेत सभी सपा सांसदों के साथ संसद से जंतर मंतर की ओर निकल पड़ीं। सभी उनके हाथ में पोस्टर थे, 'जिन पर लिखा था नीट है या चिट है'। कई सांसदों के हाथ में 'पेपर लिक' वाले पोस्टर्स भी दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों को हिरासत में ले लिया। ALSO READ: LIVE: संसद पहुंचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका, सभी गेट बंद, बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात

 

डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक और छात्र आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर संवाद शुरू करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।

 

मार्च के दौरान डिंपल यादव ने कहा कि देश के युवा अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने और संवाद करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक भी लगातार सरकार से बातचीत की अपील कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। उनके मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था से सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों और युवाओं को हो रहा है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। छात्र बस निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं। ALSO READ: CJP Protest Live Updates: NEET पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम, जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज के दावों पर गरम हुई राजनीति

सपा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि दिल्ली में छात्रों की आवाज़ उठा रहीं लोकसभा सांसद डिंपल यादव एवं अन्य सपा सांसदों को पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना, साथ ही छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक है।

बच्चों की पिटाई से अखिलेश नाराज

इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है। यह कैसी सरकार है? आप बच्चों की बात नहीं सुनना चाहते। अगर NEET परीक्षा हुई और उसमें गड़बड़ी हुई, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? ALSO READ: जंतरमंतर पर लाठीचार्ज कर रही पुलिस के सामने खड़ा हो चिल्लाया युवक “मारो… मुझे मारो और मारो…”

 

उन्होंने कहा कि आप 'विश्वगुरु' बनना चाहते हैं; आप दावा करते हैं कि दुनिया 'अमृत काल' में है, फिर भी आप अपने मंत्रियों को नहीं हटा सकते… आपने नौकरियां या रोजगार नहीं दिया। अगर नौकरियां दी गई होतीं, तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते? अभी मुख्य सवाल यह है कि NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए… जब लोग विरोध प्रदर्शन करते थे, तो अंग्रेज उनकी बात सुनते थे। इसीलिए आज पूरी दुनिया में गांधी का सम्मान किया जाता है। उन्होंने विरोध का रास्ता दिखाया। जिस तरह से वे प्रदर्शनकारियों को हटा रहे हैं – उम्मीद है कि सरकार को अंत में 'सम्मानजनक विदाई' न मिल जाए।”

देश के 60-70 फीसदी हिस्से पर बादलों का डेरा, दिल्ली को उमस से मिलेगी राहत, उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

rain alert in 8 states

Heavy Rain Alert North India: देशभर में मॉनसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। उपग्रह (सैटेलाइट) से प्राप्त ताजा तस्वीरों के अनुसार, इस समय देश के लगभग 60 से 70 फीसदी हिस्सों में बादल छा गए हैं। पंजाब से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक बादलों की एक लंबी पट्टी दिखाई दे रही है, जिससे अगले कुछ दिनों में देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

 

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून अब देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में और अधिक सक्रिय होने जा रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति जम्मू-कश्मीर के ऊपर बनी हुई है, जहां बेहद ठंडे बादलों की पहचान की गई है। इन बादलों का तापमान माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बादल अत्यधिक तेज तूफानी गतिविधियों और मूसलाधार बारिश का संकेत देते हैं।

दिल्ली-NCR में उमस से मिलेगी बड़ी राहत

राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह से ही तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए बुधवार तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस मानसूनी बारिश के चलते दिल्ली के तापमान में करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की उम्मीद है। सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

 

इससे पहले, रविवार को दिल्लीवालों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा था। हालांकि दिनभर हल्के बादलों की आवाजाही बनी रही और बीच-बीच में धूप भी खिली, लेकिन हवा की रफ्तार बेहद धीमी (5.6 किमी/घंटा) होने और आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 50 फीसदी तक रहने के कारण लोगों का हाल बेहाल रहा।

मॉनसून रेखा में बदलाव से बदलेगा मिजाज

इस बार दिल्ली में मॉनसून का मिजाज काफी निराशाजनक रहा है। पहले तो मॉनसून अपनी सामान्य तिथि से 5 दिन देरी से पहुंचा और उसके बाद भी केवल 3 दिन ही ऐसे रहे जब दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। बीते 10 जुलाई के बाद से दिल्ली में सूखा सा माहौल था, लेकिन अब मॉनसून रेखा (Trough Line) में बड़ा बदलाव आया है। अब तक हिमालय की तलहटी और ऊपरी हिस्सों में सक्रिय रहने वाली मॉनसून रेखा अब नीचे की तरफ खिसक रही है। इस बदलाव के कारण उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी।

अमरनाथ और माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित

भारी बारिश ने उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। पुंछ-राजौरी क्षेत्र में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग अभी भी लापता हैं। खराब मौसम और 23 जुलाई तक भारी बारिश की गंभीर चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। अमरनाथ यात्रा को पहलगाम और बालटाल, दोनों ही मार्गों से पूरी तरह रोक दिया गया है।

कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए देश के कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। यहां भूस्खलन और अचानक बाढ़ (क्लाउड बर्स्ट/फ्लैश फ्लड) का खतरा सबसे ज्यादा है। दूसरी ओर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

 

मोरबी में SOG की बड़ी कार्रवाई, नवलखी रोड पर मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद, एक गिरफ्तार

Morbi Mephedrone Drugs Seized: मोरबी में SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की टीम ने एक सफल छापेमारी करते हुए 29.24 ग्राम मेफेड्रोन ड्रग्स का जत्था बरामद किया है। SOG की टीम जब गश्त पर थी, तब उन्हें सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि यहां रहने वाले मयूरभाई गोगरा के मकान में नशीला पदार्थ छुपाकर रखा गया है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापा मारा और ड्रग्स के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बड़ी मात्रा में माल और नकदी जब्त

इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में माल जब्त किया है। पकड़े गए 29.24 ग्राम मेफेड्रोन ड्रग्स की बाजार कीमत लगभग 87,720 रुपए आंकी गई है। ड्रग्स के इस जत्थे के अलावा, पुलिस टीम ने वहां से 11,550 रुपए की नकदी, 10,000 रुपए की कीमत का एक मोबाइल फोन और ड्रग्स तोलने के लिए इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रॉनिक वजन कांटा भी जब्त किया है। इस प्रकार, पुलिस ने कुल 1,09,770 रुपए का माल अपने कब्जे में लिया है।

आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

इस अपराध में पुलिस ने आरोपी मयूरभाई बाबूभाई गोगरा को गिरफ्तार किया है और उसके खिलाफ मोरबी बी डिवीजन पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। SOG पीआई आरसी गोहिल के निर्देश पर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रग्स का यह जत्था कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था।

महंत दिनेन्द्र दास निर्मोही अखाड़े से बेदखल, जा सकती हैं राम मंदिर ट्रस्ट की सदस्यता

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mahant dinendra das expelled nirmohi akhada: ​श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या के सदस्य और निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास को अखाड़े के महंत पद से हटा दिया गया है। इसके चलते अब उनके राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सदस्यता से भी बाहर होने की प्रबल संभावना बन गई है। दरअसल, जब वे अखाड़े के ही महंत नहीं रहे तो ऐसी स्थिति में ट्रस्ट से भी उनकी सदस्यता जाना लगभग तय है। 

क्यों हटाया गया महंत दिनेन्द्र दास को?

​निर्मोही अखाड़े का केस देख रहे अधिवक्ता तरुणजीत वर्मा (दिवंगत अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा के सुपुत्र) ने एक विशेष बातचीत में बताया कि 5 जुलाई को दिल्ली में आयोजित पंचों की बैठक में महंत दिनेन्द्र दास को पद से हटाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था। पंचों की सहमति और हस्ताक्षर पत्र के बाद यह कार्रवाई की गई। ALSO READ: अयोध्या में कार से 3.5 क्विंटल चांदी और भारी मात्रा में सोना जब्त!

 

​कार्यवाहक महंत की नियुक्ति : महंत दिनेन्द्र दास के स्थान पर डाकोर के महाराज श्री पंच रामानंदी को (जो निर्मोही अखाड़े के सरपंच हैं) अखाड़े का कार्यवाहक महंत (सर्वहाकार) बनाया गया है। महंत दिनेन्द्र दास पर पंच-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने, पंचों को तवज्जो न देने और अपनी मनमानी करने के गंभीर आरोप हैं। ALSO READ: अयोध्या ​राम मंदिर में नई समस्या! 23 कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा

​ट्रस्ट से भी होगी छुट्टी!

अधिवक्ता वर्मा के अनुसार, निर्मोही अखाड़ा 1934 से ही राम जन्मभूमि मामले की अदालती लड़ाई लड़ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अखाड़े का प्रतिनिधित्व करने के लिए महंत दिनेन्द्र दास को राम मंदिर ट्रस्ट में जगह मिली थी। चूंकि अब वे अखाड़े के महंत नहीं रहे, इसलिए जल्द ही ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व के लिए अखाड़ा नए सदस्यों के नामों की सूची भेजेगा। तब तक वे केवल नाममात्र के लिए सदस्य बने रहेंगे।

​दिनेन्द्र दास ने दावों को किया खारिज

​दूसरी ओर, महंत दिनेन्द्र दास ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों और अखाड़े से हटाए जाने की खबर का पूरी तरह से खंडन किया है। उनका कहना है कि उन्हें दिल्ली में 5 जुलाई को हुई किसी भी पंचायती बैठक की कोई जानकारी नहीं है।