Sonam Wangchuk News: अस्पताल से सोनम वांगचुक का मैसेज, 20 जुलाई संसद मार्च को सफल बनाने की अपील, पत्नी ने दिल्ली HC में लगाई याचिका

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जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के एक दिन बाद उन्होंने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की है।

वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश जारी किया। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल में अपने रहने को “अवैध हिरासत” बताया और लोगों से संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।

 

वांगचुक ने संदेश में लिखा, “20 जुलाई आजादी का दूसरा आंदोलन, भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत।” उन्होंने पेपर लीक जैसे मुद्दों से मुक्ति और डर से आजादी की बात कही।

दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल पहुंचाया

 

सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। पुलिस के अनुसार, यह कदम विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत उठाया गया, क्योंकि लंबे उपवास के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ रही थी। वांगचुक को अस्पताल ले जाने के दौरान उनके समर्थकों ने विरोध किया। पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हुई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अधिकतम संयम बरता।

 

सोनम वांगचुक की पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका

 

इस बीच सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने कहा कि वह वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से अपनी पसंद के निजी अस्पताल में शिफ्ट कराने की अनुमति चाहती हैं और रविवार को इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग करेंगी। गीतांजलि अंगमो ने कहा कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं रहा है और वह चाहती हैं कि वांगचुक की हालत और खराब होने से पहले उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

 

स्वास्थ्य रिपोर्ट पर उठाए सवाल

 

गीतांजलि अंगमो ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि किसी भी परिवार को अपने प्रियजन के इलाज की जगह चुनने के लिए व्यवस्था से संघर्ष नहीं करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में वांगचुक के पोटैशियम स्तर से जुड़ी वास्तविक जानकारी को शामिल नहीं किया गया। हालांकि अस्पताल की ओर से लगातार कहा गया है कि वांगचुक की स्थिति पर मेडिकल टीम नजर बनाए हुए है और उन्हें जरूरी चिकित्सा सलाह दी जा रही है।

Monsoon Alert : पहाड़ों से मैदान तक बारिश का कहर, राजौरी में 200 गाड़ियां बहीं, इन राज्यों में रेड अलर्ट

देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। जम्मू-कश्मीर से लेकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

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राजौरी में बाढ़ का कहर, 200 से ज्यादा वाहन पानी में बहे

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। लगातार बारिश से धरहल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिसके बाद निचले इलाकों में पानी भर गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात से ही इलाके में तेज बारिश जारी है। बाढ़ के पानी की चपेट में आने से 200 से ज्यादा गाड़ियां बह गईं। सोशल मीडिया पर बाढ़ में बहती गाड़ियों के वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।

 

राजौरी के कई इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का अलर्ट, अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा प्रभावित

 

जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। राजौरी, अनंतनाग, उधमपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक घाटी और जम्मू संभाग के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और भारी बौछारों की चेतावनी जारी की है। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण श्री अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

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पहाड़ी राज्यों में रेड अलर्ट, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में खतरा बढ़ा

मौसम विभाग ने 19 से 24 जुलाई के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। 20 और 21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।ळ इस दौरान तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का अनुमान

IMD के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 24 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 18 और 19 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 24 जुलाई के बीच तेज बारिश का अनुमान है। इन इलाकों में भी तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

14 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी

 

मानसून के सक्रिय होने से उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश के साथ 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

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सोनम वांगचुक आज देश के सबसे चर्चित सामाजिक कार्यकर्ताओं में शामिल हैं। 59 वर्षीय वांगचुक की पहचान सिर्फ एक इंजीनियर के रूप में नहीं, बल्कि नवोन्मेषक, शिक्षा सुधारक, पर्यावरण कार्यकर्ता और रेमन मैगसायसाय पुरस्कार विजेता के तौर पर भी है। पिछले कुछ वर्षों में उनकी छवि को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक नजरिए सामने आए। शिक्षा सुधारक से पर्यावरण नवप्रवर्तक और अब सामाजिक आंदोलन के चेहरे तक, सोनम वांगचुक की सार्वजनिक यात्रा लगातार बदलती रही है। कभी उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक बताया गया, बाद में उनके आंदोलनों को लेकर आलोचनाएं हुईं और अब कई लोग उन्हें लद्दाख और देश की 'सामूहिक चेतना' की आवाज के रूप में देख रहे हैं। 

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हालांकि वांगचुक खुद कई बार इन पहचान और आरोपों को अलग-अलग संदर्भों में स्पष्ट कर चुके हैं। उनकी पूरी यात्रा एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जिसने लद्दाख जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र में शिक्षा, पर्यावरण और स्थानीय विकास के लिए दशकों तक काम किया।

 

लद्दाख की कठिनाइयों से शुरू हुई कहानी

 

सोनम वांगचुक का जन्म 1966 में लद्दाख के अलची के पास उलेतोकपो गांव में हुआ था। वह जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री सोनम वांग्याल के पुत्र हैं। दूरदराज के हिमालयी क्षेत्र में बचपन बिताने वाले वांगचुक ने शुरुआती शिक्षा के दौरान भाषा और व्यवस्था से जुड़ी कठिनाइयों का सामना किया। इन्हीं अनुभवों ने उनके भीतर यह विचार पैदा किया कि शिक्षा स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार होनी चाहिए।

 

इंजीनियरिंग छोड़ चुना शिक्षा सुधार का रास्ता

वर्ष 1987 में उन्होंने श्रीनगर के रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज (अब NIT श्रीनगर) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। लेकिन उन्होंने पारंपरिक इंजीनियरिंग नौकरी करने के बजाय लद्दाख के छात्रों की शिक्षा सुधारने का रास्ता चुना। 1988 में उन्होंने अपने भाई और दोस्तों के साथ स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना की। SECMOL ने 1994 में ‘ऑपरेशन न्यू होप’ शुरू किया, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना था। 1998 में उन्होंने लेह के पास SECMOL वैकल्पिक स्कूल की स्थापना की। यह स्कूल:

 

व्यावहारिक शिक्षा,

सौर ऊर्जा आधारित परिसर,

आत्मनिर्भर जीवन शैली के लिए दुनियाभर में चर्चा में आया।

 

‘आइस स्तूप’ से बदली जल संरक्षण की सोच

सोनम वांगचुक का सबसे प्रसिद्ध नवाचार ‘आइस स्तूप’ तकनीक है। vइस तकनीक में सर्दियों के दौरान पानी को शंकु के आकार की बर्फीली संरचनाओं के रूप में जमा किया जाता है और गर्मियों में खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह तकनीक लद्दाख जैसे ठंडे और सूखे इलाकों में जल संकट से निपटने का एक नया मॉडल बनी।

 

इसके अलावा उन्होंने: सौर ऊर्जा आधारित इमारतों, जलवायु अनुकूल तकनीकों,

ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए टिकाऊ विकास मॉडल पर भी काम किया।

 

अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

 

वांगचुक के काम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

 

उन्हें मिले प्रमुख सम्मान:

 

2008: CNN-IBN Real Heroes Award

2016: Rolex Award for Enterprise

2016: International Terra Award

2017: Global Award for Sustainable Architecture

2018: Ramon Magsaysay Award

HIAL से आगे बढ़ाया वैकल्पिक शिक्षा मॉडल

 

2016 में उन्होंने Himalayan Institute of Alternatives, Ladakh (HIAL) की सह-स्थापना की।

 

इसका उद्देश्य अनुभव आधारित शिक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए युवाओं को तैयार करना था।

 

लद्दाख को लेकर बदली सरकार से दूरी

 

2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग कर लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाने के फैसले का वांगचुक ने शुरुआती दौर में स्वागत किया था। लेकिन बाद में वह लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। उनका कहना है कि इससे: जमीन की सुरक्षा,

रोजगार के अवसर, जनजातीय पहचान, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

 

आंदोलन और भूख हड़ताल से फिर चर्चा में

 

2023 से वांगचुक लद्दाख के अधिकारों को लेकर कई आंदोलनों, पदयात्राओं और भूख हड़तालों में शामिल रहे। सितंबर 2025 में लद्दाख आंदोलन के दौरान उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया और जोधपुर केंद्रीय कारागार भेजा गया। बाद में केंद्र सरकार ने आदेश वापस लिया और मार्च 2026 में उन्हें रिहा कर दिया गया।

 

NEET विवाद को लेकर नई भूमिका

 

हालिया समय में सोनम वांगचुक NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन से जुड़े। उन्होंने 28 जून को प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। 20 दिन से ज्यादा लंबे उपवास के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम तक कम हो गया। स्वास्थ्य बिगड़ने की चिंता के बीच दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई।

 

‘3 Idiots’ के फुनसुख वांगडू से जुड़ी कहानी

 

सोनम वांगचुक का नाम अक्सर फिल्म ‘3 Idiots’ के किरदार फुनसुख वांगडू से जोड़ा जाता है। हालांकि अभिनेता आमिर खान और निर्देशक राजकुमार हिरानी ने हाल ही में कहा कि फिल्म बनाते समय वे वांगचुक से परिचित नहीं थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर 2008 का एक वीडियो फिर वायरल हुआ, जिसमें वांगचुक CNN-IBN Real Heroes Award लेते नजर आए।

Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, भूख हड़ताल के दौरान डिहाइड्रेशन के संकेत, डॉक्ट्रों ने दी चेतावनी

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जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत खराब होने लगी है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि वांगचुक में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचने के लिए उन्हें तुरंत तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी की जरूरत है।

 

हालांकि, डॉक्टरों की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक और उनके परिवार ने अभी तक यह उपचार लेने की सहमति नहीं दी है। अस्पताल ने शनिवार रात जारी बयान में कहा कि वांगचुक फिलहाल होश में हैं और उनकी हीमोडायनामिक स्थिति स्थिर है। उनकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर सामान्य सीमा में हैं, लेकिन लंबे समय तक उपवास के प्रभाव को देखते हुए डॉक्टरों ने चिंता जताई है।

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लंबे उपवास से स्वास्थ्य पर पड़ा असर: अस्पताल

सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल के कारण वांगचुक में डिहाइड्रेशन के स्पष्ट चिकित्सकीय संकेत मिले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) या नसों के जरिए फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी देना जरूरी है। दिल्ली स्थित AIIMS के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की और इलाज कर रहे डॉक्टरों की राय से सहमति जताई कि उन्हें तुरंत रिहाइड्रेशन थेरेपी की आवश्यकता है।

 

अस्पताल ने बताया कि AIIMS के डॉक्टर भी अब मेडिकल टीम में शामिल हो गए हैं और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मिलकर वांगचुक की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

 

वांगचुक ने इलाज लेने से किया इनकार

 

अस्पताल के मुताबिक, इलाज कर रही टीम और AIIMS विशेषज्ञ की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक ने:

नसों के जरिए दिए जाने वाले फ्लूइड (IV Fluids) ORS दवाइयां लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल ने बताया कि उनके परिवार ने भी अभी तक जरूरी इलाज के लिए सहमति नहीं दी है।

 

डॉक्टरों ने दी गंभीर खतरे की चेतावनी

 

हालांकि फिलहाल वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत (Vital Parameters) सामान्य हैं, लेकिन डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी रहने से स्वास्थ्य तेजी से खराब हो सकता है। अस्पताल ने कहा कि वांगचुक को लगातार निगरानी में रखा गया है और डॉक्टर उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें और उनके परिवार को इलाज के लिए समझाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

NEET विवाद को लेकर 28 जून से जारी है भूख हड़ताल

 

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। वह 28 जून से अनिश्चितकालीन उपवास पर हैं। यह प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इससे जुड़े छात्र मौत के मामलों को लेकर CJP के नेतृत्व वाले आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा है। वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन कार्यकर्ता भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में शामिल हैं।

बाबा अमरनाथ और वैष्णोदेवी यात्रा पर लगा ब्रेक, अगले आदेश तक रहेगी रोक, जानिए क्‍यों लिया यह फैसला?

pilgrimages to Baba Amarnath and Vaishno Devi have been suspended

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा प्रदेश में आज यानी 19 जुलाई से 25 जुलाई तक जबरदस्‍त खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों से अमरनाथ यात्रा को कुछ दिनों के लिए रोक दिया जाएगा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए वैष्णो देवी यात्रा को भी कुछ समय के लिए रोक दिया है।


कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने कहा कि यह फैसला तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में खराब मौसम की चेतावनी और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा व भलाई को देखते हुए आज से पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों से अमरनाथ यात्रा रोक दी जाएगी।

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इसके अनुसार, आज से बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी बेस कैंप से तीर्थयात्रियों को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों ने कहा कि रास्ते की सुरक्षा और मौसम की स्थिति का जायजा लेने के बाद यात्रा फिर से शुरू करने के बारे में जानकारी दी जाएगी। जानकारी के लिए अब तक, चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान 4 लाख के करब तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं।

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माता वैष्णोदेवी यात्रा भी रोकी

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए वैष्णो देवी यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया है। श्राइन बोर्ड के अनुसार, यह फैसला तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर लिया गया है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे धैर्य रखें और श्राइन बोर्ड के आधिकारिक संचार माध्यमों से दी जाने वाली जानकारी का पालन करें। 

UP के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के पीजी डिप्लोमा की मान्यता उच्च स्तर की

Uttar Pradesh government is working towards promoting sports and establishing state as big hub for sports education

– एनएसएनआईएस, एलएनआईपीई और यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के समकक्ष होगी डिप्लोमा की मान्यता

– खेलों को बढ़ावा देने की है योगी सरकार की नीति, उत्तर प्रदेश बनेगा खेल शिक्षा और प्रशिक्षकों का प्रमुख केंद्र

– न्यूनतम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर करियर की सुविधा

– 31 जुलाई तक बढ़ी आवेदन की अंतिम तिथि, विभिन्न खेल विधाओं में प्रवेश का अवसर

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने और प्रदेश को खेल शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का पीजी डिप्लोमा एनएसएनआईएस, एलएनआईपीई और यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के समकक्ष मान्य होगा। 
 

यह मान्यता न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रमाणित करती है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी अवसर भी प्रदान करेगी। इससे राज्य के खिलाड़ी और खेल प्रशिक्षक बनने के इच्छुक युवा अब उत्तर प्रदेश में रहकर ही उच्च गुणवत्ता वाली खेल शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

 

एनएसएनआईएस, एलएनआईपीई और यूजीसी मान्यता प्राप्त डिप्लोमा के समकक्ष होगी

मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किया जाने वाला स्नातकोत्तर डिप्लोमा (स्पोर्ट्स कोचिंग), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना 2018 के अनुसार नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआईएस) पटियाला, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) ग्वालियर और यूजीसी से मान्यता प्राप्त राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान किए जाने वाले समकक्ष डिप्लोमा के समान मान्य होगा।

 

इस मान्यता का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यहां से डिप्लोमा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को देशभर के खेल संस्थानों, विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों, खेल अकादमियों तथा निजी संस्थानों में रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। इससे उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

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शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी

खेल शिक्षा एवं उत्कृष्ट प्रशिक्षकों के निर्माण के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्ट ग्रेजुएट  डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय  की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय  प्रशासन ने प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है।

 

पहले आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित थी, जिसे  बढ़ाकर अब 31 जुलाई 2026 कर दिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकते हैं।  इस निर्णय का उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर उपलब्ध कराना है।

 

इन खेल विधाओं में मिलेगा प्रशिक्षण

विश्वविद्यालय का एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम आधुनिक खेल विज्ञान एवं कोचिंग तकनीकों पर आधारित है। इस सत्र में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कबड्डी, कुश्ती, मुक्केबाजी, योग, हॉकी तथा खेल पत्रकारिता एवं जनसंचार विषयों में प्रवेश दिया जाएगा।

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इसके अलावा विश्वविद्यालय जल्द ही इक्वेस्ट्रियन स्पोर्ट्स (अश्वक्रीड़ा) में भी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है, जिसका विस्तृत विवरण अलग से जारी किया जाएगा। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय न्यूनतम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण खेल  शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराएगा।”

 

विश्वस्तरीय सुविधाओं से तैयार होंगे प्रशिक्षक

मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को अनुभवी एवं विशेषज्ञ संकाय, अत्याधुनिक खेल अवसंरचना, आधुनिक  प्रशिक्षण उपकरण, खेल विज्ञान आधारित शिक्षण प्रणाली तथा वैश्विक स्तर की सीखने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।  विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे दक्ष और प्रशिक्षित कोच तैयार करना है जो भविष्य  में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर सकें।

 

इच्छुक अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील

विश्वविद्यालय ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है। प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और अन्य विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट https://sportsuniup.com पर उपलब्ध है। योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में खेलों के विकास को प्राथमिकता दी है।

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प्रदेश में पहला खेल विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉलेज, स्टेडियम और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, पुरस्कार और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी कड़ी में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के खेल इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय मानी जा रही  है। 

 

पीजी डिप्लोमा के छात्रों के लिए रोजगार के खुलेंगे नए अवसर

मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि राज्य विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त होने से इन पीजी डिप्लोमा कार्यक्रमों के छात्रों के लिए रोजगार के अवसर और अधिक विस्तृत होंगे। साथ ही विशेष रूप से उत्तर भारत के अभ्यर्थियों को अब राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण खेल शिक्षा अपने ही क्षेत्र में अधिक सुलभ एवं सुविधाजनक रूप से उपलब्ध हो सकेगी। यह मान्यता खेल शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी तथा उन्हें अपने करियर को  नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।

CBSE 10वीं सेकंड बोर्ड के नतीजे घोषित, कुल 96.78 फीसदी छात्र हुए उत्‍तीर्ण, यहां चेक करें अपनी मार्कशीट

Central Board of Secondary Education declared the results of Class 10 second board examination

CBSE 10th Second Board Result 2026 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शनिवार को कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे घोषित कर दिए। बोर्ड के अनुसार, दूसरी परीक्षा के लिए कुल 6,64,027 उम्मीदवार पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 6,63,777 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। छात्र अब अपने परिणाम आधिकारिक वेबसाइट या डिजीलॉकर ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। दूसरी परीक्षा 15 मई से 21 मई 2026 तक चली थी।

 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शनिवार को कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे घोषित कर दिए। बोर्ड के अनुसार, दूसरी परीक्षा के लिए कुल 6,64,027 उम्मीदवार पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 6,63,777 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। छात्र अब अपने परिणाम आधिकारिक वेबसाइट या डिजीलॉकर ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। दूसरी परीक्षा 15 मई से 21 मई 2026 तक चली थी।

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सीबीएसई ने अपने ऑफिशियल पोर्टल पर 10वीं क्लास की दूसरी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है। NEP 2020 के तहत इस साल पहली बार शुरू किए गए इस दो-बोर्ड सिस्टम से स्टूडेंट्स को अपने पहले चरण (फेज 1) के स्कोर को बेहतर बनाने का मौका मिलता है।

 

छात्र सीबीएसई की वेबसाइट cbseresults.nic.in या डिजिलॉकर की वेबसाइट results.digilocker.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। यहां से छात्र अपनी मार्कशीट भी डाउनलोड कर सकते हैं। 2026 की मुख्य और दूसरी बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों को मिलाकर कुल पास प्रतिशत 96.78% रहा है।

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जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं तो वे CBSE की ओर से दिए गए ऑप्शन के तहत मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा वे अपनी आंसरशीट की फोटोकॉपी पाने के बाद और री-इवैल्यूएशन के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को फाइनल सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे।

समाधान दिवस में फरियाद लेकर पहुंचा 13 साल का अमिताभ, बोला- ताऊ ने मकान पर लगाया ताला, जांच में सामने आई हकीकत

13 year old Amitabh arrived at Samadhan Diwas with a grievance

उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप पीड़ितों को हर संभव न्याय मिलें, इसके लिए हर जिले में समाधान दिवस आयोजित होता है, इसी कड़ी में लखीमपुर खीरी के सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय सब हैरान रह गएजब 13 साल का एक बालक अपनी भावुक और मानवीय शिकायत लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचा। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और अधिकारियों और फरियादियों की भीड़ के बीच बच्चे ने पूरे आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ अपनी बात रखी। उसकी बेबाकी ने वहां मौजूद हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

 

अमिताभ ने जिलाधिकारी से कहा कि उसके ताऊ ने उसके मकान पर ताला लगा दिया है, जिससे उसका परिवार परेशानी में है। एक छोटे बच्चे के मुंह से इतने स्पष्ट शब्दों में अपनी समस्या सुनकर जिलाधिकारी ने भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने बच्चे को धैर्यपूर्वक सुना, उसे भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

 

समाधान दिवस में बच्चे का आत्मविश्वास चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने उसकी हिम्मत की सराहना की और उम्मीद जताई कि प्रशासन उसकी समस्या का समाधान करेगा। हालांकि, कुछ ही समय बाद जिला सूचना विभाग की तरफ से जारी प्रेस नोट ने इस मामले का एक अलग और अधिक जटिल पक्ष सामने रखा।

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जिलाधिकारी के निर्देश पर शहर कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। जांच में बच्चे की मां ने बताया कि अमिताभ पढ़ाई में कम रुचि लेता है और अक्सर बिना बताए इधर-उधर चला जाता है। उन्होंने बताया कि वह स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन सीधे तहसील पहुंच गया।

 

पड़ताल में यह भी सामने आया कि बच्चे के पिता ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से एक पुत्र है, जिसकी मां का निधन हो चुका है और वह वर्तमान में लखनऊ में अपनी बुआ के पास रहकर पढ़ाई कर रहा है। जिस कमरे पर ताला लगा होने की शिकायत की गई थी, वह उसी बड़े पुत्र के हिस्से का बताया गया। शिकायत करने वाला अमिताभ दूसरी पत्नी का पुत्र है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि बच्चों के पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, जिससे परिवार की परिस्थितियां और अधिक संवेदनशील हो गई हैं।

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पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने केवल शिकायत के कानूनी पहलू तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि बच्चे की शिक्षा, उसके पारिवारिक माहौल और भविष्य को भी गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए ताकि बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो और परिवार की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित समाधान निकाला जा सके।

 

यह घटना केवल एक शिकायत की कहानी नहीं है, बल्कि उस सच की भी झलक है कि कई बार बच्चों की आवाज के पीछे ऐसे पारिवारिक संघर्ष छिपे होते हैं, जिन्हें समझने के लिए संवेदनशीलता और धैर्य दोनों की आवश्यकता होती है। समाधान दिवस में पहुंचा यह 13 वर्षीय बालक प्रशासन के सामने अपनी बात रखने का साहस तो दिखा ही गया, वहीं प्रशासन ने भी जांच के माध्यम से केवल तथ्य ही नहीं, बल्कि एक परिवार की वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। 

CM योगी ने जापान के उदाहरण के साथ बच्चों को दिया आत्म अनुशासन व परिश्रम का मंत्र

CM Yogi gave children mantra of self discipline and hard work citing example of Japan

– रज्जूभैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बोले सीएम योगी

– सर्वाधिक सैनिक व सैन्य अधिकारी देने वाला जनपद है बुलंदशहर

– स्कूल को 32 बीघा जमीन देने वाले बाबा राजपाल सिंह का मुख्यमंत्री योगी ने किया अभिनंदन

– सैनिक विद्या मंदिर में बेटियों का भी होगा प्रवेश, रज्जूभैया की मां के नाम पर बनेगा छात्रावास

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को आत्म अनुशासन, परिश्रम का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही जीवन का सबसे बड़ा मंत्र है। आगे वही बढ़ा है और इतिहास भी उसी ने बनाया है, जो अनुशासित, परिश्रमी होकर प्रयास करता रहा है। आप भी नए इतिहास को बनाने की दिशा में प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि राष्ट्र प्रथम का भाव अंतःकरण में होना चाहिए। दुनिया के जिस सबसे बड़े सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सभी के सामने आदर्श प्रस्तुत किया है, आपको उसका सानिध्य प्राप्त हो रहा है। इससे कुछ सीख पाए तो जीवन सार्थक होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बुलंदशहर पहुंचे। उन्होंने यहां रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। 

 

सर्वाधिक सैनिक व सैन्य अधिकारी देने वाला जनपद है बुलंदशहर

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान का अभिनंदन करते हुए सीएम योगी ने कहा कि निजी ट्रस्ट भी सैनिक स्कूल प्रारंभ कर सकते हैं, इस अभियान का हिस्सा बनकर बुलंदशहर में सैनिक स्कूल की स्थापना की गई। सर्वाधिक सैनिक व सैन्य अधिकारी देने वाले बुलंदशहर में सैनिक स्कूल की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

 

स्कूल को 32 बीघा जमीन देने वाले बाबा राजपाल सिंह का सीएम ने किया अभिनंदन 

सीएम ने सैनिक स्कूल को 32 बीघा जमीन देने वाले बाबा राजपाल सिंह का अभिनंदन किया। कहा कि बाबा राजपाल सिंह ने इस कदम से बता दिया कि उनका जीवन भी साधना राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने रज्जू भैया के पैतृक जनपद में उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए यह जमीन दी है। 

 

हर नागरिक के लिए पंच प्रण आवश्यक

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में देशवासियों को संकल्प दिलाया था कि अभी से आजादी के शताब्दी महोत्सव की तैयारी प्रारंभ कर उसके अनुरूप आचरण करना होगा। इसके लिए उन्होंने हर भारतीय के लिए पंच प्रण सुनिश्चित किया। यह पंच प्रण हर नागरिक के लिए आवश्यक है। 

 

सीएम ने पंच प्रण की बताई परिभाषा

पहला प्रण-गुलामी की मानसिकता को त्यागना। जब तक मन में यह मानसिकता बनी रहेगी, तब तक कोई भी देश या समाज आगे नहीं बढ़ सकता। देश/समाज अपने मूल्यों व आदर्शों पर खड़ा होकर ही आगे बढ़ता है। 

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दूसरा प्रण- विरासत पर गौरव की अनुभूति। पूर्वजों, ऋषि-मुनियों, तीर्थ, पवित्र ग्रंथ जैसी विरासत पर हर किसी को गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। विरासत का संरक्षण हो, उसके संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास हो। सीएम ने कहा कि आपने वोट बुलंदशहर में दिया, लेकिन परिणाम अयोध्या में भव्य राम मंदिर व काशी विश्वनाथ धाम के रूप में देखने को मिला। 

 

तीसरा प्रण- सामाजिक समता का ध्यान। छुआछूत, अस्पृश्यता, आदि हमारी बुराइयां हैं। जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटकर देश गुलाम हुआ। हमें इससे उबरकर कार्य करना है।

 

चौथा प्रण- यूनिफॉर्म धारी फोर्स के प्रति श्रद्धा व सम्मान। सीएम ने कहा कि जवान सर्दी, गर्मी, बरसात, दिन-रात की परवाह किए बिना सीमा की रक्षा करता है, तब हम चैन से सोते हैं। पुलिसकर्मी जब दिन-रात मेहनत करते हैं, तब हम खुद को सुरक्षित पाते हैं और सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होते हैं। सेना, अर्धसेना, पुलिस के जवानों, देश के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों, शहीद सैनिकों व उनके परिजनों के प्रति सम्मान का भाव पैदा करना होगा। 

 

पांचवां प्रण- नागरिक कर्तव्य। हम अधिकारों की चर्चा तो हर कीमत पर करते हैं, लेकिन कर्तव्य भूल जाते हैं। नागरिक कर्तव्य का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि छात्र अनुशासित रहकर शिक्षा अर्जित करें, शिक्षक छात्र को अनुशासित व संस्कारित रखते हुए समय पर पाठ्यक्रम पूरा करे और राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करे, यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। व्यापारी ईमानदारी से व्यापार कर कालाबाजारी का विरोध करे।

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सामान्य उपभोक्ता का शोषण न कर सरकार को टैक्स का हिस्सा दे। किसान सर्दी, गर्मी, बरसात की चिंता किए बिना अन्न उत्पादन कर देश के पेट को भरे तो यह सब देश के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन का उदाहरण है। सभी लोग ईमानदारी से उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हैं तो यह राष्ट्रभक्ति व राष्ट्र के प्रति कर्तव्य है। जिस देश में लोग कर्तव्य को अधिकार से महत्वपूर्ण मानते हैं, वही देश आगे बढ़ता है। यही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला भी हो सकती है। 

 

सैनिक के लिए देश पहले, फिर परिवार, सबसे अंत में स्वहित 

सीएम ने कहा कि सैनिक स्कूल अनुशासित और संस्कारित वातावरण की ओर ध्यान आकृष्ट करता है। सैनिक के लिए देश प्रथम होता है। स्वहित की तिलांजलि देकर वह देशहित को प्राथमिकता देता है और देश की रक्षा करते हुए बलिदान हो जाता है।

सीएम ने बार्डर पर सर्दी और राजस्थान की 50-52 डिग्री तापमान में झुलसाती भयंकर गर्मी में सैनिकों के परिश्रम की चर्चा की, फिर कहा कि सैनिक के लिए देश पहले, फिर परिवार, सबसे अंत में स्वहित होता है। सैनिक माइनस 20-40 डिग्री तापमान में कारगिल की पहाड़ियों में पहरेदारी करते हैं, तब देश सुरक्षित रहता है। 

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जापान का उदाहरण देकर बोले सीएम- आत्म अनुशासन ही देश की प्रगति का आधार 

मुख्यमंत्री ने बच्चों के समक्ष अपने जापान दौरे की चर्चा की, कहा कि 1945 में जापान में परमाणु बम का दुरुपयोग हुआ था। वहां की सबसे बड़ी आबादी के दो शहर परमाणु बम की चपेट में आए थे। इसमें लाखों लोग मारे गए थे। जापान आर्थिक रूप के साथ ही मनोबल से भी टूट गया था, फिर भी जापान आज विकसित अर्थव्यवस्था है। 1947 में भारत आजाद हुआ, कमोबेश दोनों देशों की परिस्थितियां एक जैसी ही थीं। 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की हुई प्रगति अभिनंदनीय है।

भारत आज चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है तो वहीं परमाणु बम के प्रहार के बावजूद जापान कभी रुका, झुका, थका और डिगा नहीं। सीएम ने कहा कि मैंने जापान की टेक्नोलॉजी और आत्म अनुशासन को देखा। आत्म अनुशासन ही किसी जाति, समाज व देश की प्रगति का आधार बनता है। जापान आत्म अनुशासन की वजह से ही विकसित देश बना है। 

 

भारत-भारतीयता, सनातन मूल्यों के संरक्षण व संवर्धन के लिए समर्पित था रज्जू भैया का जीवन

सीएम ने रज्जू भैया को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए छात्रों को अनुशासन का मंत्र दिया, कहा कि उनका जीवन भारत-भारतीयता, सनातन मूल्यों के संरक्षण व संवर्धन के लिए समर्पित था। वे प्रख्यात वैज्ञानिक और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर थे। हमारी सरकार ने रज्जू भैया के नाम पर प्रयागराज में विश्वविद्यालय बनाया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सर संघचालक (सन 1994 से 2000) थे।

उन्होंने देश-दुनिया के लाखों स्वयंसेवकों को नेतृत्व दिया। अनेक प्रकल्पों पर कार्य प्रारंभ कर उसे नई दिशा दी। उनका व्यक्तित्व काफी अद्भुत व चमत्कारिक था। सौम्य स्वभाव वाले रज्जू भैया के मन में संतत्व का भाव था। उनके नाम पर बना यह सैनिक विद्या मंदिर देश को सैन्य अधिकारियों देने में महत्वपूर्ण कदम उठाएगा। 

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यहां भी मिलेगा बेटियों को प्रवेश, रज्जू भैया की मां के नाम पर बनेगा छात्रावास 

सीएम ने कहा कि 1960 में देश का पहला सैनिक विद्यालय स्थापित हुआ था। तब डॉ. संपूर्णानंद जी प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। हम लोगों ने उस विद्यालय को अच्छे ढंग से बढ़ाया। हमने राज्य सरकार द्वारा संचालित देश के पहले सैनिक स्कूल (लखनऊ) में बालिकाओं का प्रवेश प्रारंभ कराया। अब भारत सरकार ने देश में सभी सैनिक स्कूलों के लिए व्यवस्था प्रारंभ की है।

आने वाले समय में इस सैनिक विद्या मंदिर में भी बेटियां प्रवेश लेंगी। सरकार यहां रज्जू भैया की मां के नाम पर बालिकाओं के लिए छात्रावास बनाएगी। सीएम ने रज्जू भैया के पिता का भी जिक्र किया, कहा कि वे सिंचाई विभाग में चीफ इंजीनियर थे। पश्चिमी उप्र में सिंचाई के अच्छी नेटवर्किंग में उनका भी योगदान है। 

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता मंजू त्यागी ने की। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सी एल बरेजा, विद्या भारती पश्चिमी क्षेत्र के अध्य़क्ष मनवीर, भाजपा के क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, संरक्षक सदस्य एमएल शर्मा आदि मौजूद रहे।

उद्धव ठाकरे को लगा तगड़ा झटका, शिंदे गुट में शामिल हुए 6 बागी सांसद, स्पीकर बिरला ने दी विलय को मंजूरी

Big setback for Uddhav Thackeray, 6 rebel MPs join Shinde faction

Maharashtra politics News : महाराष्ट्र की सियासत से बड़ी खबर सामने आई है। उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। खबरों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट से अलग हुए 6 सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इतना ही नहीं बागी सांसदों के इस विलय को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी मंजूरी दे दी है। लोकसभा स्पीकर बिरला और बागी सांसदों के इस फैसले से उद्धव ठाकरे गुट को तगड़ा झटका लगा है। इस फैसले से ठाकरे गुट की मुश्किलें और बढ़ गईं, जबकि शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को लोकसभा में मजबूत राजनीतिक बढ़त मिल गई है।

 

महाराष्ट्र की सियासत से बड़ी खबर सामने आई है। उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। खबरों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट से अलग हुए 6 सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इतना ही नहीं बागी सांसदों के इस विलय को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी मंजूरी दे दी है। लोकसभा स्पीकर बिरला और बागी सांसदों के इस फैसले से उद्धव ठाकरे गुट को तगड़ा झटका लगा है।

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ठाकरे गुट की मुश्किलें और बढ़ीं

इस फैसले से ठाकरे गुट की मुश्किलें और बढ़ गईं, जबकि शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को लोकसभा में मजबूत राजनीतिक बढ़त मिल गई है। उद्धव ठाकरे गुट के इन 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में अपने विलय को मान्यता दिलाने के लिए लोकसभा सचिवालय में एक आधिकारिक आवेदन सौंपा था। उद्धव ठाकरे गुट पार्टी के बंटवारे के बाद से ही अंदरुनी मतभेदों से जूझ रहा है।

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सांसदों के विलय पर क्‍या बोले एकनाथ शिंदे? 

उद्धव ठाकरे गुट के इन सांसदों के विलय को लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अगर मैं आपसे कहूं कि जो 6 सांसद हमारे साथ आए, उन्होंने ऐसा किसी निजी फायदे के लिए नहीं किया, तो आप शायद इसे झूठ मान लें। जो लोग ऐसे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें सिर्फ पैसा ही दिखता है, क्योंकि उनकी सोच लेने की है, देने की नहीं।

 

गृहमंत्री अमित शाह के साथ हुई थी बागी सांसदों की मीटिंग

एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि वे किसी निजी स्वार्थ के लिए हमारे साथ नहीं जुड़े। हम उन्हें विकास के लिए फंड देंगे। हमने गृहमंत्री अमित शाह के साथ उनकी मीटिंग भी करवाई और हम यह पक्का करेंगे कि उनके इलाकों से जुड़े विभाग के काम पूरे हों। एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनकी राजनीति किसी पार्टी को तोड़ने या विभाजन कराने की नहीं है।

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कौन हैं उद्धव के 6 बागी सांसद?

शिवसेना (UBT) के जिन 6 बागी सांसदों ने बगावत कर शिंदे गुट वाली शिवसेना का दामन थामा है, उनमें परभणी से सांसद संजय जाधव, मुंबई उत्तर-पूर्व से सांसद संजय दीना पाटिल, उस्मानाबाद/धाराशिव से ओमराज निंबालकर, हिंगोली से नागेश पाटिल अष्टीकर, यवतमाल-वाशिम से संजय उत्तमराव देशमुख और शिर्डी से भाऊ साहेब वाकचौरे शामिल हैं। शिवसेना यूबीटी के इन सांसदों के शिंदे गुट में विलय के बाद अब लोकसभा में इनकी संख्या बढ़कर 13 हो गई।