अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच भी चढ़ा बाजार, अब अगले हफ्ते इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर

market ki baat share market review 18 july

Share Market Weekly Review : अमेरिका ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपए में भारी गिरावट की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी उतार चढ़ाव भरा रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 582 अंकों की बढ़त रही तो निफ्टी भी 126 अंक ऊपर बंद हुआ। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को 47  अंकों की बढ़त के साथ 77,616 पर था तो निफ्टी 4 अंक बढ़कर 24,211 पर जा पहुंचा। सेंसेक्स 561 अंक गिरकर 77055 पर बंद हुआ तो निफ्टी 159 अंकों की गिरावट के साथ 24,052 पर जा पहुंचा।

 

बुधवार को सेंसेक्स 130 अंकों की बढ़त के साथ 77185 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 26 अंक बढ़कर 24,078 पर पहुंच गया। गुरुवार को बाजार में फ्लैट ही बंद हुए। सेंसेक्स में मात्र 1 अंक की बढ़त थी तो निफ्टी में 6 अंकों की गिरावट देखी गई। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में निवेशकों ने जमकर खरीदारी दी। इससे सेंसेक्स 964 अंक बढ़कर 78,152 पर पहुंच गया तो निफ्टी 261 अंकों की बढ़त के 24,334 पर बंद हुआ।
 

रुपए में भारी गिरावट 

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मर्चेंट डॉलर की मजबूत मांग के कारण भारतीय रुपये के भविष्य को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। इसके चलते शुक्रवार को सुस्त कारोबार के साथ समाप्त हुए सप्ताह में रुपये ने मई के बाद से अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की। रुपया साप्ताहिक आधार पर लगभग 1% गिरकर 96.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। ALSO READ: रुपये में 9 हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट, रुपया 96.28 प्रति डॉलर

 

SBI फंड्स के IPO को कैसा मिला रिस्पांस?

SBI फंड्स मैनेजमेंट के 9,812.91 करोड़ रुपए के IPO को कुल 41.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। 17 जुलाई को अलॉटमेंट भी हो गया। कंपनी के शेयर 21 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। ग्रे मार्केट में IPO का GMP करीब 97 रुपए है, इससे करीब 17% प्रीमियम पर लिस्टिंग की उम्मीद जताई जा रही है। बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) ने इस आईपीओं में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई, उनका हिस्सा 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 22.51 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 3.60 गुना भरा गया।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

बाजार विशेषज्ञ सुयश राठौर ने बताया अमेरिका ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार दबाव में रहा। बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम के बीच विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। एसबीआई, टेक महिंद्रा, यश बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही परिणामों ने भी निवेशकों में उत्साह का संचार किया। आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के सहारे बाजार हरे निशान में बंद हुआ। ALSO READ: रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q1 FY27 नतीजे, 3.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा रेवेन्यू, जियो-रिटेल ने दिखाया दम

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

यदि कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, कमजोर कॉरपोरेट नतीजे, वैश्विक अनिश्चितता, कच्चे तेल में तेज उछाल या विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। राठौर के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का अगले हफ्ते भी बाजार पर असर पड़ सकता है। आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर का बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

रुपये में 9 हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट, रुपया 96.28 प्रति डॉलर

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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मर्चेंट डॉलर की मजबूत मांग के कारण भारतीय रुपये के भविष्य को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। इसके चलते शुक्रवार को सुस्त कारोबार के साथ समाप्त हुए सप्ताह में रुपये ने मई के बाद से अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की। ALSO READ: रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q1 FY27 नतीजे, 3.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा रेवेन्यू, जियो-रिटेल ने दिखाया दम

 

‘रॉयटर्स’ में जसप्रीत कालरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति एक बार फिर बाधित हो गई है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतों में 13% की भारी तेजी आई, जिसने रुपये को तगड़ा झटका दिया। रुपया साप्ताहिक आधार पर लगभग 1% गिरकर 96.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

 

आखिरी बार देखे जाने तक ब्रेंट क्रूड की कीमतें दिन के दौरान लगभग 2% बढ़कर 85.7 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही थीं। डीलरों का कहना है कि मर्चेंट डॉलर की मांग मजबूत बनी रहने के बावजूद, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा की गई डॉलर की बिकवाली (जो संभवतः भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से की गई थी) ने रुपये को पिछले चार दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को रोकने में मदद की। ALSO READ: Share Bazaar में बंपर उछाल, Sensex 965 अंक उछला, Nifty भी 24300 के पार

 

एक विदेशी बैंक के फॉरेक्स सेल्सपर्सन ने कहा, “निर्यातकों ने रुपये में और कमजोरी की आशंका को देखते हुए एक बार फिर खुद को बाजार से पीछे खींच लिया है। वहीं आयातक डॉलर/रुपये की विनिमय दर में आने वाली किसी भी गिरावट का फायदा उठाने से नहीं चूकना चाहते।”

 

‘स्टेट स्ट्रीट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट’ में एशिया-प्रशांत (एपीएसी) अर्थशास्त्री कृष्णा भीमवरापु ने कहा, “यदि रुपये पर गिरावट का दबाव बना रहता है, तो आरबीआई खुद को एक बेहद मुश्किल स्थिति में पा सकता है, जहां उसे एक तरफ हाजिर बाजार के संचालन को संतुलित करना होगा और दूसरी तरफ अपने फॉरवर्ड-डॉलर बुक का प्रबंधन करना होगा।”

अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए बदला नियम: क्या पहले से रह रहे भारतीय स्टूडेंट्स को छोड़ना होगा देश? जानें नया नियम

US Student Visa Rules Change

US Student Visa Rules Change: अगर आप या आपका कोई अपना अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है या जाने की तैयारी में है, तो यह खबर आपके लिए सबसे बड़ा झटका साबित हो सकती है। अमेरिकी सरकार ने 5 दशक पुराने वीज़ा नियम को खत्म कर दिया है, जिससे अब वहां रुकने की आज़ादी सीमित हो जाएगी।

अमेरिका ने विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए लागू एक महत्वपूर्ण वीज़ा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने दशकों पुरानी ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस (D/S)” व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला किया है।

अब विदेशी छात्रों के अमेरिका में रहने की अवधि अनिश्चितकालीन न होकर एक निश्चित समय के लिए तय होगी। नए नियम 15 सितंबर से लागू होने जा रहे हैं, और इसका सबसे गहरा और सीधा असर वहां पहले से रह रहे भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है।

क्या थी ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस (D/S)” व्यवस्था?
अमेरिका में पढ़ाई के लिए जाने वाले अधिकांश अंतरराष्ट्रीय छात्र F-1 (शैक्षणिक) वीज़ा का उपयोग करते हैं, जबकि एक्सचेंज प्रोग्राम वाले लोग J-1 वीज़ा पर जाते हैं।

  • पहले का नियम: अब तक इन दोनों श्रेणियों के छात्रों को D/S के तहत प्रवेश मिलता था। इसका मतलब था कि उनके वीज़ा पर कोई निश्चित अंतिम तारीख (Expiry Date) नहीं होती थी।
  • यूनिवर्सिटी के हाथ में थी कमान: जब तक छात्र अपनी पढ़ाई जारी रखता था और उसका स्टेटस वैध रहता था, वह अमेरिका में रह सकता था। अगर कोर्स पूरा होने में ज्यादा समय लगता, तो यूनिवर्सिटी के अधिकारी ही उसकी अवधि बढ़ा देते थे।

अब क्या बदलेगा? (नया नियम)
15 सितंबर के बाद से स्थिति पूरी तरह बदलने वाली है:

  • अधिकतम 4 साल की सीमा: नए नियम के तहत शुरुआती प्रवेश की अधिकतम सीमा केवल 4 वर्ष होगी।
  • संघीय एजेंसी से लेनी होगी अनुमति: यदि किसी छात्र को डिग्री पूरी करने में 4 साल से अधिक का समय लगता है, तो उसे यूनिवर्सिटी के बजाय सीधे अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) से औपचारिक रूप से प्रवास अवधि बढ़ाने (Extension) की मंजूरी लेनी होगी।
  • ग्रेस पीरियड आधा हुआ: पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका छोड़ने या दूसरे वीज़ा में स्विच करने के लिए मिलने वाली छूट अवधि (Grace Period) को 60 दिनों से घटाकर सीधे 30 दिन कर दिया गया है।
  • मीडिया वीज़ा (I-Category) पर भी कैप: विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए रहने की अवधि अधिकतम 240 दिन और चीनी नागरिकों के लिए केवल 90 दिन तय कर दी गई है।

US Student Visa Rules Change

अमेरिकी सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के अनुसार, लगभग 50 साल पुरानी D/S व्यवस्था का दुरुपयोग हो रहा था। कुछ लोग लगातार नए-नए शॉर्ट-टर्म पाठ्यक्रमों में दाखिला लेकर सालों-साल अमेरिका में टिके रहते थे। सरकार का मानना है कि निश्चित अवधि तय होने से आव्रजन प्रणाली पारदर्शी होगी, धोखाधड़ी रुकेगी और नियमित बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (सुरक्षा जांच) करना आसान हो जाएगा।
भारतीय छात्रों पर इसका क्या और कितना असर होगा?
आंकड़ों के नज़रिए से देखें तो इस बदलाव का सबसे बड़ा शिकार भारतीय छात्र हो सकते हैं:

US Student Visa Rules Change

क्या इस साल (करंट सेमेस्टर) के दाखिलों पर असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष के फॉल सेमेस्टर (Fall Semester) में दाखिला लेने वाले छात्रों पर तुरंत कोई बड़ा संकट नहीं आएगा, क्योंकि ज्यादातर वीज़ा प्रक्रियाएं 15 सितंबर की डेडलाइन से पहले ही पूरी हो जाएंगी।

पहले से रह रहे छात्रों के लिए चुनौतियां
असली प्रशासनिक मुसीबत उन छात्रों के लिए खड़ी होगी जो पहले से वहां पढ़ रहे हैं और जिनका कोर्स 4 साल से लंबा खिंचने वाला है।

  1. सख्त जांच: अब यूनिवर्सिटी के भरोसे रहने के बजाय छात्रों को खुद को अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के सामने सही साबित करना होगा।
  2. अतिरिक्त कागज़ी कार्रवाई: बायोमेट्रिक जांच, कड़े बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और कड़े नियमों के कारण वीज़ा एक्सटेंशन मिलना अब पहले जैसा आसान नहीं रहेगा।

फिलहाल, नियमों के व्यावहारिक पहलुओं पर पूरी स्पष्टता सितंबर के मध्य में ही साफ हो पाएगी, लेकिन भारतीय छात्रों के लिए प्रशासनिक चुनौतियां बढ़ना तय है।

गुजरात के CM भूपेंद्र पटेल ने ग्रामीणों को चौंकाया, बिना पूर्व सूचना के आणंद के आंबली गांव पहुंचे, बच्चों से की मुलाकात आणंद

CM Bhupendra Patel

Anand Ambli Village CM Bhupendra Patel Visit: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को एक अनोखा और चौंकाने वाला दौरा किया। वडोदरा में एक कार्यक्रम पूरा कर गांधीनगर लौट रहे मुख्यमंत्री का काफिला आणंद जिले के अंकलाव तालुका के आंबली गांव के पास से गुजर रहा था। उसी समय सड़क पर खड़े स्कूली बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक अपना काफिला रुकवा दिया और गांव में प्रवेश किया।

बच्चों के साथ बातचीत और शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे और ग्रामीण आश्चर्य के साथ बेहद खुश हो गए। मुख्यमंत्री पटेल ने बच्चों से प्यार से बात की और उनसे पूछा कि वे किस स्कूल में पढ़ते हैं और क्या पढ़ाई कर रहे हैं, साथ ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से खास तौर पर अनुरोध किया कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने बच्चों की शिक्षा से कभी समझौता न करें।

बायोगैस प्लांट का दौरा और ग्रामीणों का हर्ष

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का ध्यान पास के एक घर में चल रहे बायोगैस प्लांट की ओर गया। वे तुरंत प्लांट के मालिक विट्ठलभाई परमार के पास गए और प्लांट के उपयोग, उसके लाभ और संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री की इस सादगी को देखकर विट्ठलभाई ने गर्व से कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि राज्य के मुख्यमंत्री खुद गाड़ी रोककर उनसे मिलने आएंगे।

क्या कहा भूपेन्द्र पटेल ने?

मुख्‍यमंत्री पटेल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा- आमतौर पर, मेरा दिन मेरे तय शेड्यूल के हिसाब से ही बीतता है, लेकिन कभी-कभी, उस बंधे-बंधाए शेड्यूल से हटकर कुछ करने में जो खुशी मिलती है, वह बिल्कुल अलग ही होती है। आज वडोदरा से लौटते समय मुझे ऐसा ही एक मौका मिला। आनंद जिले के आंबली गांव से गुज़रते हुए, मैंने सड़क के किनारे स्कूल यूनिफ़ॉर्म पहने बच्चों को खड़े देखा। उनके साथ गांव के कुछ लोग भी थे।  मैंने गाड़ी रुकवाई और उन मासूम बच्चों से मुलाकात की। हमने उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में बात की। गांव वालों से वहां की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

सितंबर में पांच साल पूरे और सरल नेता की छवि

गुजरात में 'नो रिपीट थ्योरी' के तहत मुख्यमंत्री बने भूपेंद्र पटेल आने वाले सितंबर महीने में अपने कार्यकाल के पांच साल पूरे करेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी और भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में बीजेपी ने पिछले चुनाव में भव्य जीत हासिल की थी। बिना किसी विवाद के अब तक काम कर रहे भूपेंद्र पटेल ने जनता के बीच एक संवेदनशील, सरल और आध्यात्मिक मुख्यमंत्री के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

 

गुजरात में ‘जैश-ए-मोहम्मद’ का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश, ATS की पूछताछ में बड़ा खुलासा

Gujarat ATS Jaish-e-Mohammed

Gujarat ATS Jaish-e-Mohammed: गुजरात एटीएस (ATS) द्वारा पकड़े गए पांच संदिग्ध आतंकवादियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह जानकारी मिली है कि ये आरोपी गुजरात में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। राज्य में आतंकी गतिविधियों को फैलाने के इस गंभीर प्रयास को देखते हुए फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

हथियारों, बम और जहरीली गैस बनाने की ट्रेनिंग

ATS की जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों में से कुछ ने AK-47 राइफल और पिस्तौल जैसे घातक हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि उन्होंने टाइमर आधारित बम बनाने के तरीके और उसके टेस्ट ब्लास्ट (प्रायोगिक विस्फोट) के संबंध में विशेष प्रशिक्षण लिया था। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इन आरोपियों ने जहरीली गैस बनाने के प्रयोगों के बारे में भी जानकारी और ट्रेनिंग हासिल की थी, और अलग-अलग जगहों पर टाइम बम के सफल टेस्ट किए जाने की बात भी सामने आई है।

ऑनलाइन सामग्री और आईईडी ब्लास्ट के टेस्ट

सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपियों के पास से विस्फोटक और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई तरह की सामग्रियां बड़ी मात्रा में जब्त की हैं। जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि ये आरोपी साल 2023 से ही IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने और उसका विस्फोटों में इस्तेमाल करने के खतरनाक तरीके सीख रहे थे। पिछले कुछ सालों में उन्होंने कई बार गुप्त ठिकानों पर टेस्ट ब्लास्ट भी किए थे, जिसके लिए जरूरी कुछ सामग्रियां डिजिटल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ऑर्डर करके मंगवाई गई थीं।

वडोदरा की गुप्त बैठक और जेहादी साहित्य की जांच

इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पता चला कि आरोपियों ने वडोदरा में एक अज्ञात कश्मीरी व्यक्ति के साथ गुप्त बैठक की थी। इस बैठक के पीछे का मुख्य उद्देश्य क्या था और इसके तार कहां जुड़े हैं, इस बारे में एजेंसियां जांच कर रही हैं। इसके साथ ही आरोपियों के पास से जेहादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाला डिजिटल और प्रिंटेड साहित्य भी बरामद हुआ है। फिलहाल ATS इन आरोपियों के अन्य स्थानीय संपर्कों, फंडिंग के स्रोतों और किसी बड़ी आतंकी साजिश की प्लानिंग को लेकर बारीकी से जांच कर रही है।

भारत ने अंतरिक्ष में रचा नया इतिहास! पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट Vikram-1 की सफल लॉन्चिंग

Vikram 1 Launch

भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट Vikram-1 का श्रीहरिकोटा से सफल प्रक्षेपण हुआ। स्काईरूट एयरोस्पेस के इस ऐतिहासिक मिशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा संदेश भी अंतरिक्ष भेजा गया। ALSO READ: इतिहास रचने को तैयार Vikram-1: PM मोदी का हाथ से लिखा 'वंदे मातरम' पोस्टकार्ड भी जाएगा अंतरिक्ष

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने विक्रम-1 के लॉन्च का लाइव प्रसारण देखा। पीएम मोदी ने भी वैज्ञानिकों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।

 

हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा बनाया गया विक्रम-1, तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल से चलता है। यह चार चरणों वाला रॉकेट त्वरित और ऑन-डिमांड लॉन्च सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।

 

इस मिशन में ले जाए जाने वाले खास पेलोड में पीएम मोदी का हाथ से लिखा संदेश भी शामिल है। इसके साथ ही, कंपनी की टीम, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और दुनिया भर के शुभचिंतकों के हाथ से लिखे नोट भी इसमें शामिल होंगे।

 

स्कायरूट की टीम से पीएम मोदी ने की बात

पीएम मोदी ने भी स्कायरूट की टीम को फोन कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा का नया पढ़ाव करार दिया। उन्होंने कहा कि अभी ये शुरुआत है… और आगे जाना है। देश के युवाओं में कुछ नया करने का जज्बा है।  

 

क्या है विक्रम 1 की विशेषता

  • विक्रम 1 भारत का पहला कमर्शियल लॉन्च व्हीकल है।
  • इसका नाम भारतीय अंतरिक्ष प्रोग्राम के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर विक्रम-1 रखा गया है।
  • विक्रम-1 सैटेलाइट को 'लो अर्थ ऑर्बिट' में ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • इसकी पेलोड क्षमता 350 किलोग्राम है। यह 260 किलोग्राम वजन वाले सैटेलाइट को 'सन सिंक्रोनस ऑर्बिट' में ले जा सकता है।
  • यह सैटेलाइट को पृथ्वी की सतह से 500 किलोमीटर की ऊंचाई तक अंतरिक्ष में ले जा सकता है।

Weather Update 18 July : 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ा; यूपी में 21 जुलाई तक झमाझम बारिश

rain update 18 july

Weather Update 18 July : उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश का दौर जारी है तो पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक मानसून कमजोर ही बना रहेगा। 

 

 

IMD ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि आगामी 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, बिहार, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 18 एवं 19 जुलाई, 2026 को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की भी संभावना है। आगामी 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तथा अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों के कमजोर बने रहने की संभावना है।

 

17 राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, केरल समेत 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

यूपी में मानसून के सक्रिय

भारी बारिश से उत्तरप्रदेश के गोरखपुर शहर में सड़कों पर पानी भर गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की ओर से जारी ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई से 21 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

 

केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा

मानसून के मौसम में केदारनाथ समेत केदार घाटी और रुद्रप्रयाग जिले के कई अन्य इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे हाईवे और केदारनाथ ट्रेकिंग रूट पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों को संवेदनशील और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में तैनात किया गया है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष भी चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है।

 

राजस्थान में 21 जुलाई से सक्रिय होगा मानसून

राजस्थान के 10 जिलों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में अब तक सामान्य से 21 फीसदी बारिश कम हुई है। ब्रेक के बाद राज्य में 21 जुलाई से एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। 

सोनम वांगचुक सफदरगंज अस्पताल में भर्ती, क्या कहती है उनकी मेडिकल रिपोर्ट?

sonam wangchuk medical bulletin

Sonam Wangchuk health bulletin : जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया है। अस्पताल ने उनका हेल्थ बुलेटिन जारी किया। ALSO READ: अनशन से बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई

 

सफदरगंज अस्पताल द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन में सोनम वांगचुक की हालत स्थिर बताई गई है। उनके शरीर के सभी पैरामीटर्स सामान्य नहीं। डिहाईड्रेशन से उनका शरीर कमजोर हो गया है। अस्पताल ने स्पष्ट किया कि शरीर के पैरामीटर्स को सामान्य करने के लिए इलाज और निगरानी जरूरी है।

 

सुबह करीब 7:40 बजे अस्पताल पहुंचे सोनम लंबे समय तक उपवास के कारण वे थोड़े कमजोर हैं। वे पूरी तरह से सचेत और स्थिर हैं। शुरुआत में, अस्पताल पहुंचने पर इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ने उनकी देखभाल की और अब उन्हें मेडिसिन विभाग के तहत भर्ती किया गया है। वे पूरी तरह होश में हैं और सभी पैरामीटर स्थिर हैं। हम उन्हें कुछ समय के लिए अस्पताल में रखेंगे क्योंकि डिहाइड्रेशन के लक्षण उनके इलेक्ट्रोलाइट स्तर को प्रभावित कर रहे हैं। हम इन्हें ठीक करेंगे और फिर से उनकी स्थिति की समीक्षा करेंगे।

 

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार और सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह पर, उन्हें आवश्यक चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

पोस्ट में कहा गया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिससे थोड़ा हंगामा हुआ, हालांकि पुलिस ने अत्यधिक संयम बरता और इस प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्वक इस स्थान को खाली कर दें।

इतिहास रचने को तैयार Vikram-1: PM मोदी का हाथ से लिखा ‘वंदे मातरम’ पोस्टकार्ड भी जाएगा अंतरिक्ष

Vikram 1 Launch

Vikram 1 Launch : प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस 18 जुलाई को विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वंदे मातरम' लिखा हाथ से लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा। यह भारत के पहले निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट की टेस्ट उड़ान होगी, जिसमें कई टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन और विशेष पेलोड भी शामिल हैं।

 

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में स्काईरूट एयरोस्पेस ने कहा कि इस मिशन में ले जाए जाने वाले खास पेलोड में पीएम मोदी का हाथ से लिखा संदेश भी शामिल होगा। इसके साथ ही, कंपनी की टीम, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और दुनिया भर के शुभचिंतकों के हाथ से लिखे नोट भी इसमें शामिल होंगे।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक नया सवेरा! आज सुबह 11:30 बजे, स्काईरूट एयरोस्पेस भारत के पहले निजी तौर पर विकसित लॉन्च व्हीकल, विक्रम-1 (Vikram-1) का पहला ऑर्बिटल लॉन्च करेगा। यह चार चरणों वाला रॉकेट त्वरित और ऑन-डिमांड लॉन्च सेवाएं प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि यह मिशन हमारे युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता की भावना को रेखांकित करता है। यह यह भी दर्शाता है कि कैसे हमारे अंतरिक्ष-क्षेत्र के सुधार नवाचार और उद्यम के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।

 

 सफल लॉन्च के लिए पूरी स्काईरूट एयरोस्पेस टीम को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। विक्रम-1 नई ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे और नवप्रवर्तकों की एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित करे।

 

 मैं सभी भारतीयों, विशेषकर अपने युवा मित्रों से इस ऐतिहासिक मिशन को देखने और #IndiaWithVikram1 का उपयोग करके टीम स्काईरूट को सफलता की शुभकामनाएं देने का आग्रह करता हूं।

 

क्यों खास है विक्रम 1 का मिशन?

यादगार चीजों के अलावा, विक्रम-1 में कॉस्मोसर्व, डी-क्यूब्ड और स्काईरूट के अपने स्कोप से टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पेलोड ले जाए जाएंगे। साथ ही, इसमें कॉसमॉस डायमंड्स का बनाया आर्टवर्क ‘कॉस्मिक ब्लूम’ और एक माइक्रो-आर्ट पेलोड भी होगा। विक्रम-1 स्काईरूट एयरोस्पेस का पहला ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल, भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए एक अहम उपलब्धि साबित हो सकता है। इस मिशन का मकसद देश में बने इस लॉन्च व्हीकल की क्षमताओं को दिखाना और देश के कमर्शियल स्पेस लक्ष्यों को मज़बूत करना है।

 

विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


भोपाल। मध्यप्रदेश में सांदीपिनि विद्यालय प्रदेश में शिक्षा के नए मंदिर के तौर पर स्थापित हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कटनी में सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज विद्यार्थी विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति सभी के प्रति मैत्री और कल्याण का भाव रखने का संदेश देती है। कृष्ण-सुदामा का प्रसंग भी हमें मैत्री के भाव को पूर्ण गरिमा और आत्मीयता के साथ निभाने का संदेश देता है। यह प्रसंग हमें अमीर-गरीब का भेद मिटाकर समरसता का संदेश भी देता है। भगवान कृष्ण का शिक्षा के लिए सांदीपनि आश्रम उज्जैन आगमन और शिक्षा ग्रहण कर उनका 64 कलाओं 14 विद्याओं में पारंगत होना हमें शिक्षा का महत्व बताता है।

राज्य सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दे रही हैं। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय सर्वसुविधा युक्त गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का माध्यम बन रहे है। इसी का परिणाम है कि विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं।

शासकीय शालाओं में बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें और साइकिलें प्रदान की जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और अगर कोई विद्यार्थी स्कूल में टॉप करता है तो उसे स्कूटी दी जा रही है। राज्य में गुरुपूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं, इसीलिए विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के लिए कुलगुरु संबोधन की परंपरा शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्रवासियों को झिंझरी और बहोरीबंद सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दी। झिंझरी का सांदीपनि विद्यालय 38 करोड़ 61 लाख रुपए तथा बहोरीबंद का सांदीपनि विद्यालय 35 करोड़ 63 लाख रुपए से अधिक लागत से बनकर तैयार हुआ। यहां उपलब्ध सुविधाएं गुरुकुल की गरिमा और डिजिटल युग की दक्षता का समन्वय प्रस्तुत करती हैं।