दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन भारत में, जींद से पीएम मोदी ने गिनाईं रेलवे की बड़ी उपलब्धियां

narendra modi hydrogen train

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में भारत की 3200 हॉर्स पावर वाली दुनिया की सबसे ताकतवर और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात दी। साथ ही रेलवे के विद्युतीकरण, 14 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं और स्वच्छता का संदेश भी दिया। ALSO READ: पानी की भाप छोड़ेगी, धुआं नहीं! पीएम मोदी ने दिखाई देश की पहली Hydrogen Train को हरी झंडी; जानें रूट और टाइमिंग

 

उन्होंने कहा कि भारत की इस हाइड्रोजन ट्रेन के सामर्थ्य के बारे में सुनकर आपको और एक-एक हिंदुस्तानी को गर्व होगा। जींद से चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। ये ट्रेन 3200 हॉर्स पॉवर की है और सबसे ताकतवर ही नहीं, बल्कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन सबसे लंबी भी है।

 

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन अभी अभी अस्तित्व में आई है। अभी दुनिया के तीन या चार देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का सामर्थ्य है। 19वीं सदी के रेलवे की पहचान स्टीम इंजन से थी। 20वीं सदी की पहचान डीजल और बिजली से चलने वाली रेल बनी और अब 21 वीं सदी की रेल हाइड्रोजन से चलने वाली है। भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा, तो जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम आएगा ही आएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतने वर्षों में जींद के घी और जींद के घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं। आज जींद भाजपा-NDA के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है। ALSO READ: हाइड्रोजन ट्रेन कैसे चलती है? जानिए 1 किलो हाइड्रोजन में कितना आता है खर्च

 

उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे के बिजलीकरण की शुरुआत 1925 में हुई थी, यानी करीब 100 साल पहले। 1925 से लेकर 2014 तक करीब 90 साल में पूरे देश के रेल नेटवर्क का करीब 30% ही बिजलीकरण हो पाया था। 70% क्षेत्र डीजल से चलता था। 2014 में देश का बहुत बड़ा हिस्सा ऐसा था, जहां हमारी ट्रेनें डीजल से चलती थी। अब आप सोचिए, अगर डीजल आना बंद हो गया होता तो, डीजल से चलने वाली ट्रेन कैसे चलती, देश संकट में आ जाता। लेकिन ये 2014 की स्थिति नहीं है। ये मोदी है, बहुत पहले सोचता भी है और समस्या के समाधान के रास्ते भी जमीन और उतारता है।

 

speciality of hydrogen train

हरियाणा को 14 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स की सौगात

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अन्य प्रोजेक्ट्स भी हरियाणा को मिले हैं। इसमें रेलवे के, हाईवे के अनेक नए प्रोजेक्ट हैं, हमारी विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट्स है और 2 मेडिकल कॉलेज भी हरियाणा की सेवा के लिए समर्पित हैं।

 

जींद वालों से पीएम ने क्या मांगा?

उन्होंने कहा कि मैं आज जींद वालों से कुछ मांगने आया हूं। क्या इस सफाई और स्वच्छता के लिए मोदी का आना जरूरी है? अगर जींद और हरियाणा के लोग तय कर लें कि अब हम गंदगी नहीं करेंगे। तो जींद और हरियाणा अभी गंदा हो ही नहीं पाएगा। स्वच्छता को हमारा स्वभाव बनाएंगे। स्वच्छता को हमारा संस्कार बनाएंगे। हम स्वच्छता को इसी तरह अपनी हर दिन की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे।

 

इंदौर में 17 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर छात्र, एक दिन का अनशन, ना खाना खाया ना पानी पीया

student indore

इंदौर में पिछले 17 दिनों से स्‍टूडेंट धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन कोई उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। यह धरना प्रदर्शन टंट्याभील चौराहे पर पिछले 17 दिनों से जारी है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती उनका ये धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। बता दें कि गुरुवार को एक स्टूडेंट ने एक दिन का अनशन भी किया है। उसने ना तो खाना खाया ना ही पानी पीया।

बता दें कि इन स्टूडेंट्स ने 14 जुलाई को टंट्याभील चौराहे से कलेक्टर ऑफिस तक पैदल मार्च निकाला था और यहां पर कई घंटे प्रदर्शन किया था। इसके बाद उनकी एक-दो मांगों को मान लिया गया था। इधर, स्टूडेंट्स अभी भी बनी बची हुई मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे है।

दरअसल, नीट पेपर लीक में दोषियों पर कार्रवाई, धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा सहित विभिन्न मांगों को लेकर स्टूडेंट्स द्वारा चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस धरना प्रदर्शन में कई स्टूडेंट्स आकर शामिल हो रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर स्टूडेंट्स ने महाआंदोलन भी किया था, जिसमें उनकी कुछ मांगों पर सहमति बन गई थी, लेकिन बाकी मांगों को लेकर अभी भी स्टूडेंट्स का प्रदर्शन जारी है।

धरने पर बैठे स्टूडेंट ने बताया कि उनके साथ सतीश कुमार ने गुरुवार को एक दिन का अनशन किया है। सतीश ने ना तो खाना खाया ना ही पानी पीया है। ये अनशन उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री को जगाने के लिए किया है। अब इंदौर में आवाज बड़े स्तर पर गूंज रही है। अरुण ने स्टूडेंट्स से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में यहां पहुंचे। अरुण ने बताया कि धरना प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। इस प्रदर्शन को स्टूडेंट्स का अच्छा समर्थन मिल रहा है। कई स्टूडेंट्स इसमें शामिल हो रहे है।

गुजरात ATS का बड़ा एक्शन, गुजरात से जैश के 5 और आतंकी गिरफ्तार, ग्रामीण इलाकों में ट्रायल ब्लास्ट कर ‘टाइम बम’ बनाने की थी साजिश

गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने उत्तरी गुजरात के सिद्धपुर और उसके आसपास के इलाकों में एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के 5 और संदिग्ध आतंकवादियों को दबोच लिया है। गौरतलब है कि इस आतंकी मॉड्यूल से जुड़े 8 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों की चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, पकड़े गए ये सभी संदिग्ध देश के विभिन्न संवेदनशील हिस्सों में बड़े पैमाने पर सिलसिलेवार बम धमाके करने की भयानक साजिश रच रहे थे।

 

मास्टरमाइंड ने जुटाया बारूद, ग्रामीण इलाकों में किए ट्रायल ब्लास्ट

इस आतंकी मॉड्यूल से हुई शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस पूरी साजिश के मुख्य सूत्रधार मोहम्मद अय्यूब और अमीन शेरा हैं। इन दोनों मास्टरमाइंड पर धमाकों को अंजाम देने के लिए विशेष प्रकार के केमिकल्स, गन पाउडर (बारूद) और अन्य खतरनाक सामग्रियां अवैध रूप से इकट्ठा करने का गंभीर आरोप है। अपनी विस्फोटक क्षमताओं और नेटवर्क की ताकत को परखने के लिए इन आतंकवादियों ने गुजरात के अंदरूनी ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग जगहों पर 7 से 8 छोटे ट्रायल ब्लास्ट भी किए थे।

सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए गांवों को बनाया महफूज ठिकाना

पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नजर से बचने के लिए इन आतंकियों ने एक अनोखा मिलिट्री पैटर्न अपनाया था, जिसके तहत वे शहरों को छोड़कर सुदूर गांवों में पनाह ले रहे थे। उनका मानना था कि सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी और चौकसी सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित रहती है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रहकर आतंकी गतिविधियों को चलाना और संगठन को मजबूत करना कहीं ज्यादा आसान होगा। हालांकि, एजेंसियों को चकमा देने की उनकी यह चाल पूरी तरह नाकाम साबित हुई।

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गुजरात ATS की गुप्त निगरानी और संयुक्त ऑपरेशन से प्लान फेल

आतंकी भले ही गांवों में छिपे हुए थे, लेकिन गुजरात ATS की टीम काफी समय से बेहद गुपचुप तरीके से इस पूरे मॉड्यूल की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही थी। जैसे ही एजेंसी को इन आतंकियों के खिलाफ मजबूत और पर्याप्त सबूत मिले, उन्होंने बिना किसी देरी के एक साथ छापेमारी कर इन पांचों आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल देशभर में फैले उनके अन्य नेटवर्क और स्थानीय मददगारों का पता लगाने के लिए सभी आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।

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कोर्ट में सरकारी वकील का खुलासा : 'टाइम बम' बनाने की फिराक में थे आरोपी

पब्लिक प्रोस्यूटर पीआर दंतानी ने कोर्ट के सामने रिमांड की मांग करते हुए एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से एक ने 'टाइम बम' बनाने का सक्रिय प्रयास किया था। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी बम बनाने की कुछ और सामग्री और उर्दू में लिखा जिहादी साहित्य अभी बरामद किया जाना बाकी है, जिसके लिए पूछताछ बेहद जरूरी है।

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इससे पहले 3 जुलाई को भी गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस संगठन के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था, जो राज्य में अपना स्लीपर सेल खड़ा करने की कोशिश में थे।

Weather Update 17 July : यूपी-बिहार में आंधी-पानी का तांडव, दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट; IMD की बड़ी चेतावनी

Heavy rain alert for 12 states including UP, Bihar and Delhi

सावधान! मौसम विभाग ने यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी अगले 48 घंटों में घर से बाहर निकलने या किसी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण देश के एक बड़े हिस्से में अगले दो दिन आफत भरे साबित हो सकते हैं।
 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित 12 से 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

 

यूपी और बिहार में बारिश कब होगी? (17 July Update)

उत्तर प्रदेश और बिहार में पिछले कुछ दिनों की उमस भरी गर्मी के बाद आज यानी 17 जुलाई से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।

 

उत्तर प्रदेश : लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज सहित पूर्वी व पश्चिमी यूपी के 40 से अधिक जिलों में आज रात से तेज आंधी के साथ भारी बारिश की संभावना है। IMD ने कुछ इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

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बिहार : बिहार में मानसून की ट्रफ लाइन सक्रिय होने से पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया समेत कई जिलों में 'आंधी-पानी का तांडव' देखने को मिल सकता है। उत्तर बिहार के जिलों में नेपाल से आने वाली नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

 

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम? (Delhi NCR Weather Forecast)

राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। तेज बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। वीकेंड पर यात्रा करने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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भारी बारिश वाले राज्यों की पूरी सूची (Heavy Rainfall States List)

मौसम विभाग ने जिन राज्यों में अगले 48 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनकी सूची इस प्रकार है :

राज्य अलर्ट का प्रकार (Alert Type) मुख्य प्रभाव (Key Impact)

उत्तर प्रदेश और बिहार ऑरेंज अलर्ट 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं और मूसलाधार बारिश

दिल्ली-NCR और हरियाणा यलो से ऑरेंज अलर्ट गरज-चमक के साथ तेज बौछारें, जलभराव की आशंका

झारखंड और पश्चिम बंगाल रेड अलर्ट अत्यंत भारी बारिश और बिजली गिरने (व्रजपात) की चेतावनी

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ऑरेंज अलर्ट पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) और फ्लैश फ्लड का खतरा

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ यलो अलर्ट मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा

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IMD की विशेष सुरक्षा गाइडलाइंस (व्रजपात/बिजली गिरने पर क्या करें) :

1. भारी बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों।

2. यदि आप यात्रा कर रहे हैं, तो अपने वाहन के अंदर ही रहें; कार या बस की धातु की बॉडी सुरक्षा कवच का काम करती है।

3. घरों के अंदर रहते समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल करने से बचें।
 

नदियों के तटीय इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने के लिए कहा गया है।

मौसम की पल-पल की लाइव रिपोर्ट और अपने शहर के सटीक तापमान के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

मासूम अनिका के इलाज में देरी पर हाई कोर्ट नाराज, 23 जुलाई तक मांगा जवाब, 27 जुलाई को अगली सुनवाई

anika sharma

इंदौर की बालिका के इलाज में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, अनिका स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 जैसी दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रही है। उसकी उम्र महज तीन साल है। बता दें कि अनिका शर्मा के इलाज के लिए क्राउड फंडिंग की गई थी।

उसके इलाज को लेकर सुनवाई चल रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने गंभीर चिंता जताई है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान AIMS नई दिल्ली की ओर से एक बार फिर जवाब पेश नहीं किए जाने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए 23 जुलाई तक हर हाल में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि अनिका के इलाज को लेकर लगातार देरी हो रही है। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्पष्ट किया कि अब और विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।

क्राउड फंडिंग से 7.5 करोड़ रुपए जुटाए : अनिका की ओर से एडवोकेट चंचल गुप्ता और लखन शर्मा द्वारा दायर याचिका में बताया गया है कि बच्ची SMA टाइप-2 नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसके इलाज के लिए लगभग 9.5 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। परिजनों ने केंद्र सरकार से मंजूर 50 लाख रुपए की सहायता राशि के अलावा सामाजिक संगठनों और आम लोगों के सहयोग से क्राउडफंडिंग के माध्यम से करीब 7.5 करोड़ से ज्यादा रुपए जुटा लिए हैं। इसके बावजूद इलाज अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इलाज के लिए अब करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए की अतिरिक्त आवश्यकता है। इसके बावजूद इलाज शुरू नहीं होना चिंताजनक है, क्योंकि हर दिन की देरी बच्ची के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है।

परिजनों के मुताबिक AIMS प्रशासन ने बताया है कि केंद्र सरकार से मंजूर 50 लाख रुपए की राशि की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही जीवनरक्षक इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाली कंपनी से इनवॉइस मंगाया जाएगा। दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों द्वारा जुटाई गई राशि भी इनवॉइस के अभाव में जारी नहीं हो पा रही है। नतीजतन, आर्थिक संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद इलाज प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पिछली सुनवाइयों में भी केंद्र सरकार, राज्य सरकार और एम्स की ओर से लगातार समय मांगा जाता रहा है। जबकि मामला एक गंभीर बीमारी से जूझ रही मासूम बच्ची के जीवन से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए एम्स को निर्देश दिया कि वह 23 जुलाई तक अपना विस्तृत जवाब दाखिल करे, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके। 

चैट जीपीटी के ज्यादा इस्तेमाल से दिमाग कमजोर होने का डर

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ईमेल लिखने से लेकर, कंप्यूटर कोड, अनुवाद या फिर यात्रा की योजना बनाने में जेनरेटिव एआई चैटबॉट का जम कर इस्तेमाल होने लगा है। जितनी आसानी से वे हमारी मदद करते हैं उतनी ही आसानी से हमारे दिमाग को मंद कर सकते हैं। ALSO READ: टैक्स चोरी रोक कर अरबों यूरो कमाना चाहती है जर्मन सरकार

 

चैट जीपीटी या क्लाउड जैसे जेनरेटिव एआई सामान्य भाषा में दिए प्रॉम्प्ट पर ऐसे जवाब देने में सक्षम हैं जिनका जिनका इस्तेमाल हम और आप कर सकते हैं। इनका असर स्कूल और यूनीवर्सिटी, काम की जगहों, दफ्तरों और अदालत ही नहीं बल्कि निजी जिंदगी में भी महसूस हो रहा है।

 

हाल ही में हुए वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि संज्ञानात्मक (जिनमें दिमाग का उपयोग होता है) कामों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंससे कराने के नुकसानदेह नतीजे हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने ध्यान दिलाया है कि खासतौर से याददाश्त, निर्णय लेने की क्षमता और आलोचनात्मक सोच पर बड़ा खतरा है।

 

खुद से कोशिश करने की क्षमता घटी

1,222 लोगों पर हुए एक अमेरिकी-ब्रिटिश अध्ययन में पता चला है कि एआई टूल के इस्तेमाल से अंकगणित के सवालों को हल करना या फिर रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन के अभ्यास में थोड़े समय के लिए भागीदार का प्रदर्शन बेहतर होता है, हालांकि लंबे समय में नतीजे गिरने लगते हैं और साथ ही टूल के मौजूद नहीं रहने पर खुद से कोशिश करने की इच्छा भी घट जाती है।

 

रिसर्चरों ने कहा है, “ये नतीजे खासतौर से चिंताजनक हैं क्योंकि किसी कौशल को सीखने के लिए जिद या दृढ़ता की जरूरत बेहद बुनियादी है और यह लंबे समय तक सीखने के सबसे मजबूत संकेतकों में से एक है।”

 

कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी के डॉक्टोरल छात्र ग्रेस लियु इस रिसर्च रिपोर्ट के प्रमुख लेखक हैं। उनका कहना कि हर तरह के सवालों का तेजी से जवाब देने की एआई क्षमता यूजरों के “सीखने के अवसर को कम कर देती है।”

 

लियु ने यह भी कहा, “एआई का टूल किसी खास तरह की गतिविधि के लिए डिजाइन नहीं किया गया है। इसे हर तरह के बुद्धिमत्ता से जुड़े, तार्किक और संज्ञानात्मक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जो इसे खासतौर से चिंताजनक बनाती है।”

 

अलग अलग तरह की समस्याओं के लिए यह तकनीकी रूप से ढल जाने में सक्षम है। यही खूबी इसे कंप्युटर से मिलने वाली सहायता से अलग करती है। उदाहरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलेटर यूजर को समीकरणों को हल करने में मदद दे सकते हैं लेकिन हल करने का तरीका और तार्किक प्रक्रिया इंसानी दिमाग में ही होती है। एआई में यह बात नहीं है। ALSO READ: टैक्स चोरी रोक कर अरबों यूरो कमाना चाहती है जर्मन सरकार

 

मेहनत बचाने की प्रवृत्ति

2025 में एमआईटी की एक स्टडी के नतीजे में बताया गया कि जो छात्र जेनरेटिव एआई का इस्तेमाल लेख लिखने के लिए कर रहे हैं उनकी आलोचनात्मक सोच की क्षमता घट रही है। एक और रिसर्च ने भी इसी तरह की जानकारी दी थी और जो कुछ हो रहा है उसे “संज्ञानात्मक बोझ हटाना” या “संज्ञानात्मक समर्पण” कहा था। कुल मिला कर वह स्थिति जिसमें दिमाग काम करना बंद या कम कर देता है। 

 

फ्रांस की सरकारी रिसर्च संस्थान सीएनआरएस इंस्टीट्यूशन के योआन श्वालेर का कहना है, “इंसानों में ऊर्जा बचाने की मजबूत प्रवृत्ति होती है।” उन्होंने समझाया, “रोजमर्रा के काम में हम अकसर वैसी रणनीति अपनाते हैं जो उस काम को जल्दी से पूरा करा दे, गहरे अध्ययन और उससे मिली जानकारियों को प्रोसेस करने में ज्यादा समय लगाए बिना यह काम करे क्योंकि संज्ञानात्मक रूप से यह कठिन होगा।”

 

जेनरेटिव एआई इस प्रवृति को मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसी गतिविधियां आप कभी नहीं करेंगे तो दिमाग जो ऊर्जा बचा कर काम करता है, वो उन संपर्कों को बनाए रखने के प्रयास नहीं करेगा जिनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।” ALSO READ: सूरज के मरने पर पृथ्वी का क्या होगा?

 

उत्साहजनक आभास

आलोचकों के दबाव में जेनरेटिव एआई डेवलपर कथित “सोक्रैटिक” फंक्शन यानी प्रश्नों के माध्यम से सीखने की व्यवस्था कर रहे हैं जिनका लक्ष्य खासतौर से छात्र हैं।

 

इस मोड में चैटबॉट सरलता से सीधे जवाब नहीं देते बल्कि संकेत या सूत्र देते हैं और ऐसे सवाल पूछते हैं जो यूजर के सोचने को बढ़ावा देता है। इसके उदाहरणों में ओपेन एआई का चैटजीपीटी का “स्टडी मोड” और गूगल जेमिनाइ का “गाइडेड लर्निंग” शामिल है। अमेरिकी सॉफ्टवेयर दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि उसने अपने कोपायलट मॉडलों में गलती के जोखिम के लिए चेतावनी को शामिल किया है। एआई अपनी ओर से यूजर को दी गई जानकारी को परखने की याद दिलाते हैं। यह सब इसलिए किया गया है ताकि यूजर सक्रिय रहें और जवाबों की आलोचनात्मक समीक्षा करते रहें।

 

माइक्रोसॉफ्ट का कहना है, “संज्ञानात्मक बोझ को अत्यधिक हटाने का जोखिम वास्तविक है, खासतौर से अगर एआई का इस्तेमाल उन कामों को स्वचालित करने के लिए होने लगे जो कौशल के विकास के लिए जरूरी हैं।” माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी कहा है कि यूजरों को टूल का इस्तेमाल सही तरीके से करने के लिए ट्रेनिंग देनी होगी।

 

रिसर्चर इस बात पर सहमत हैं कि बड़े पैमाने पर लंबे समय के लिए अध्ययन नहीं हुए हैं जो बता सकें कि नई तकनीक का इंसान के दिमाग पर क्या असर हो रहा है। श्वालेर का कहना है कि जब तक यह उपलब्ध नहीं हो जाता, “यह हम पर है कि हम एआई का इस्तेमाल चतुराई से करें। हम इस तकनीकी क्रांति के हिसाब से भी खुद को ढाल लेंगे जैसा कि हमने पहले किया है।”

 

अमरनाथ यात्रा 2026: क्या इस बार टूट जाएगा अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड?

amarnath yatra 2026

आतंकवादी हमले की आशंकाओं, मौसम की चुनौतियों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई श्री अमरनाथ यात्रा 2026 अब रिकॉर्ड बनाने की ओर तेजी से बढ़ रही है। यात्रा शुरू होने के महज 15 दिनों के भीतर चार लाख से अधिक के आंकड़े को छूने वाली यात्रा में अभी श्रद्धालुओं के कदम थम नहीं रहे हैं। इस साल अभी तक बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके श्रद्धालुओं की संख्‍या पिछले दो दशकों में सबसे तेज गति से यह आंकड़ा पार करने वाला वर्ष बन गया है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो इस बार यात्रा समाप्त होने तक श्रद्धालुओं की कुल संख्या 2022 में बने लगभग 6.35 लाख श्रद्धालुओं के सर्वकालिक रिकार्ड को भी पीछे छोड़ सकती है। ALSO READ: क्या है अमरनाथ हिमलिंग के पिघलने का राज? क्या कहते हैं पर्यावरणविद

 

इस वर्ष यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा अवधि अपेक्षाकृत लंबी होने के साथ-साथ देशभर से पंजीकरण कराने वालों की संख्या भी काफी अधिक रही है। प्रशासन को सबसे बड़ी चुनौती बिना पंजीकरण और निर्धारित तिथि से पहले पहुंच रहे श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने की पड़ रही है। इसी कारण प्रशासन ने बार-बार अपील की है कि श्रद्धालु केवल अपनी निर्धारित तिथि पर ही यात्रा करें, क्योंकि प्रतिदिन यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सीमित रखी गई है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद यात्रा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन इसके उलट श्रद्धालुओं का उत्साह पहले से अधिक दिखाई दे रहा है। पहले 15 दिनों में चार लाख के करीब श्रद्धालुओं के दर्शन इस बात का संकेत हैं कि श्रद्धालुओं का विश्वास और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था दोनों मजबूत साबित हुए हैं।

 

2022 में कोविड महामारी के बाद श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व आमद ने 6.35 लाख का नया रिकॉर्ड बनाया था। 2023 और 2024 में भी यात्रा में भारी भीड़ रही, हालांकि 2022 का आंकड़ा नहीं टूट पाया। इस वर्ष शुरुआती रुझान बताते हैं कि यदि प्रतिदिन 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं का औसत बना रहा और मौसम सामान्य रहा तो नया कीर्तिमान बन सकता है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: क्या बर्फ के शिवलिंग के साथ पार्वती और गणेश भी होते हैं प्रकट?

 

यात्रा की सफलता के पीछे सुरक्षा व्यवस्था भी बड़ी वजह मानी जा रही है। इस बार बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा, ड्रोन निगरानी, आरएफआईडी ट्रैकिंग, हाई-टेक कंट्रोल रूम, सीसीटीवी नेटवर्क और बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं, पोनी एंबुलेंस, हेलीकॉप्टर सहायता तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था को भी पहले से अधिक मजबूत किया गया है।
 

हालांकि चुनौतियां अभी भी कम नहीं हैं। जम्मू में समय से पहले पहुंचने वाले हजारों अपंजीकृत श्रद्धालुओं के कारण आवास, यातायात और पंजीकरण व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि श्रद्धालु केवल वैध पंजीकरण और निर्धारित तिथि के अनुसार ही यात्रा करें, ताकि सभी को सुरक्षित ढंग से दर्शन का अवसर मिल सके।

 

कुल मिलाकर, अमरनाथ यात्रा 2026 केवल आस्था का नहीं बल्कि प्रबंधन, सुरक्षा और जनविश्वास की भी परीक्षा बन गई है। शुरुआती आंकड़े स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि यदि मौसम और सुरक्षा परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इस वर्ष बाबा बर्फानी के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या नया इतिहास लिख सकती है।

20वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक का अनशन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष एकजुट, क्या बोले पवन खेड़ा?

sonam wangchuk hunger strike

NEET परीक्षा मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 20वें दिन भी जारी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की। धीरे धीरे राजनीतिक पार्टियां सोनम वांगचुक के समर्थन में सामने आने लगी हैं। अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, राज ठाकरे समेत कई राजनीतिक दिग्गज सोनम वांगचुक का समर्थन कर चुके हैं। ALSO READ: 'आपने देश की अंतरात्मा जगा दी, अब अनशन खत्म कीजिए'— शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील

 

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हम सभी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंतित हैं। हमारा सामना एक बेहद असंवेदनशील सरकार से है, जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा नहीं समझती। ऐसी सरकार के सामने विरोध के तरीकों में बदलाव लाना होगा। इस सरकार के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डालने से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।

 

कांग्रेस नेता ने कहा कि हम छात्रों की गूंज के नाम से एक अभियान चला रहे हैं। हमारे लोग सक्रिय रूप से सड़क, कैम्पस, हर जगह इस मुद्दे को उठा रहे हैं। हम सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे बल्कि परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग भी कर रहे हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, किसी भी स्थिति में देश के इस अनमोल रत्न को खो नहीं सकते है, लेकिन देश के युवाओं के भविष्य को भी अधर में नहीं छोड़ सकते हैं। ALSO READ: सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्‍या अब तोड़ेंगे अनशन?

 

क्या बोले राज ठाकरे?

पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोनम वांगचुक को लेकर एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार ने शायद देश में विरोध प्रदर्शन के अधिकार को ही समाप्त करने का फैसला कर लिया है। राज ठाकरे ने कहा कि यदि यह सरकार अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के दौरान मूक दर्शक बनी रह सकती है, तो नागरिकों के विरोध प्रदर्शन का उस पर आखिर क्या असर हो सकता है।

 

ठाकरे ने कहा कि वांगचुक के स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट और टेलीविजन पर दिखाई जा रही तस्वीरें निश्चित रूप से चिंताजनक हैं। यह कहना बेहद पीड़ादायक है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने सोनम वांगचुक को कुर्बान करने का फैसला कर लिया है और इसके साथ ही शायद देश में विरोध प्रदर्शन के लिए मौजूद लोकतांत्रिक अधिकार को भी समाप्त करने का निर्णय ले लिया है। 

केजरीवाल ने की वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग

दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।

Weather Update : फिर बदलेगा मौसम, यहां उमस से मिलेगी राहत, इन राज्‍यों में बारिश का अलर्ट

Weather to change again, rain alert for these states

Weather Update News : एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, गोवा, झारखंड, सिक्किम, असम, हिमाचल, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। एक तरफ दिल्ली और एनसीआर के लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। दक्षिण में तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कर्नाटक में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हैं।

 

कुछ राज्यों में ओले गिरने की आशंका

एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, गोवा, झारखंड, सिक्किम, असम, हिमाचल, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।

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तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट

एक तरफ दिल्ली और एनसीआर के लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। दक्षिण में तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कर्नाटक में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हैं।

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इन राज्‍यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज ओडिशा में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू, पुंछ, कुलगाम, कठुआ, मुजफ्फराबाद, किश्तवाड़, अनंतनाग और उधमपुर में आज और कल भारी बारिश-आंधी का अलर्ट है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो, सिमडेगा, खूंटी, दुमका, देवघर, हजारीबाग, धनबाद और पलामू में आज भारी बारिश की चेतावनी है।

 

बिहार के गया, औरंगाबाद, सिवान, भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय, पटना, कैमूर, बक्सर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, अररिया और मुंगेर में आज भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली में आज और कल भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। 

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मध्य प्रदेश के 31 जिलों में बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में करीब 9 दिन से थमा तेज बारिश का दौर अब फिर लौटने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने आज बालाघाट और डिंडोरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 31 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

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पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश से नदियों में जल स्तर बढ़ सकता है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका है। महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय है। मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में बादल छाए रहने का अनुमान है, वहीं पुणे और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी है।

धीरेंद्र शास्त्री ने भाई शालिग्राम के नाम खरीदी करोड़ों की जमीन, सपा का आरोप, किसान गोलीकांड में आरोपी बनाने की मांग

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में जमीन विवाद से जुड़े गोलीकांड में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। शालिग्राम पर जमीन कब्जाने के विवाद से जुड़े आरोप में  किसान मोती लाल कुशवाह को गोली मारने का आरोप है।


पुलिस के मुताबिक घटना छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के कोड़ा गांव में हुई, जहां जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान फायरिंग हुई। घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा ने आरोप लगाया कि शालिग्राम गर्ग और उनके साथियों ने उन पर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।  गंभीर रूप से घायल मोतीलाल कुशवाह को ग्वालियर रेफर कर दिया गया है। वहीं पुलिस पर शालिग्राम  को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप भी लगा है। 

 

धीरेंद्र शास्त्री के भाई पर क्या है आरोप?- छतरपुर के  राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ा निवासी पुष्पेंद्र पाण्डेय की पुलिस को दी गई शिकायत मेंबागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, उनके भाई शालेग्राम गर्ग सहित अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जमीन विवाद के चलते शालेग्राम गर्ग अपने साथियों के साथ गांव पहुंचे और मोतीलाल कुशवाहा पर जान से मारने की नीयत से कई राउंड फायरिंग की, जिसमें वह घायल हो गए। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और एक व्यक्ति के कथित अपहरण की घटना भी हुई।

 

पुष्पेंद्र पाण्डेय का आरोप है कि उनकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जबकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने दावा किया कि जमीन बेचने का दबाव बनाया गया और मना करने पर यह घटनाक्रम हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र के कई लोगों की जमीन दबाव या बहला-फुसलाकर खरीदी गई है।शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, शालेग्राम गर्ग और अन्य नामजद लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।

 

भाई से धीरेंद्र शास्त्री ने झाड़ा पल्ला- वहीं बागेश्वर धाम के पीठाध्श्वेर धीरेंद्र शास्त्री ने भाई शालिग्राम से पल्ला झाड़ा लिया है। भाई पर गोली मारने के आरोप के बाद मीडिया से बात करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनका अपने भाई शालिग्राम या उसके परिवार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून को अपना काम करना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिली चाहिए।  मीडिया से बात करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मेरा शालिग्राम से कोई संबंध नहीं है और, मेरा अपने परिवार से कोई नाता नहीं है। चूंकि छतरपुर जिला और मेरा परिवार बहुत बड़ा है, इसलिए यहां किसी न किसी तरह की घटनाएं होती रहती हैं। कानून को अपना काम करने दें और उचित कानूनी कार्रवाई की जाए, जो भी जिम्मेदार है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मुझे हर मामले में न घसीटा जाए।

 

समाजवादी पार्टी ने लगाए जमीन कब्जाने का आरोप- वहीं अब इस पूरे मामले पर सियासत भी शुरु हो गई है। समाजवादी पार्टी ने बागेश्वर धाम और धीरेंद्र शास्त्री के परिवार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि  बागेश्वर धाम से जुड़ी बड़ी मात्रा में जमीन, ट्रस्ट की संपत्तियां और अन्य अचल संपत्तियां धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग के नाम दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास रजिस्ट्री के दस्तावेज हैं और जल्द ही इससे जुड़े और खुलासे किए जाएंगे। सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने आरोप लगाया कि लगभग 350 एकड़ जमीन शालिग्राम गर्ग के नाम खरीदी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बागेश्वर सेवा ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियां और मुंबई स्थित एक ट्रस्ट की संपत्तियां भी शालिग्राम गर्ग के नाम पर हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में और दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएंगे।

 

वहीं सपा प्रदेश अध्यक्ष ने धीरेंद्र शास्त्री के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछले दो वर्षों से उनके भाई से कोई संबंध नहीं है। डॉ. यादव ने कहा कि यदि ऐसा है तो फिर उनके अनुसार संपत्तियां और रजिस्ट्रियां शालिग्राम गर्ग के नाम कैसे हो रही हैं।