Stock Market : मामूली बढ़त में रहा Sensex, मुनाफावसूली से टूटा Nifty, उतार-चढ़ाव भरा कारोबार

Stock market closes flat after fluctuating trading session

Share Market Update News : वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स मात्र 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77186.87 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी भी सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24072.75 के स्तर पर रहा। इससे पहले यानी बुधवार को कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 130.49 अंक चढ़कर 77185.43 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 26.45 अंक बढ़कर 24078.50 के स्तर पर पहुंच गया।

 

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स मात्र 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77186.87 के स्तर पर बंद हुआ।

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जबकि एनएसई का निफ्टी भी सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24072.75 के स्तर पर रहा। मुनाफावसूली के कारण बिकवाली के दबाव में रहने वाले प्रमुख शेयरों में एटरनल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक शामिल रहे।

मुनाफा कमाने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo), एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टेक महिंद्रा प्रमुख रहे। इस बीच दक्षिण कोरिया का कोस्पी रिकॉर्ड 6.37 प्रतिशत तक टूट गया। इसके अलावा जापान का निक्की और चीन का शंघाई कंपोजिट भी गिरावट में रहे।

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इससे पहले यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 130.49 अंक यानी 0.16 फीसदी चढ़कर 77185.43 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 26.45 अंक यानी 0.11 फीसदी बढ़कर 24078.50 के स्तर पर पहुंच गया। मिडकैप शेयरों में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

कहां खो गया उर्मिला का कातिल, जमीन खा गई या आसमान निगल गया, 10 हजार का इनाम, पुलिस अब भी खाली हाथ

urmila saini indore murder

इंदौर में डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में पांच दिन बाद भी मुख्य आरोपी और मृतका के पति अखिलेश सैनी का कोई सुराग नहीं मिला है। पता नहीं चल रहा कि उसे जमीन निगल गई कि आसमान खा गया। पुलिस की 4 से ज्‍यादा टीमें अलग-अलग जगहों पर उसकी तलाश में जुटी हैं। आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

11 जुलाई को बेरहमी से मारा था: 11 जुलाई को डाककुंज कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में 38 वर्षीय पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उनके दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। स्कूल से लौटने पर बच्चों ने घर के अंदर मां का खून से लथपथ शव देखा। वारदात के बाद से उर्मिला का पति अखिलेश सैनी फरार है।

जांच अधिकारियों के मुताबिक अखिलेश ने पूरी वारदात पहले से योजना बनाकर की। पुलिस का मानना है कि उसे यह जानकारी थी कि जांच में मोबाइल फोन सबसे अहम सुराग होता है। इसी वजह से वह अपने दोनों मोबाइल फोन घर पर छोड़कर फरार हुआ, जिससे उसकी लोकेशन और संपर्कों का पता नहीं चल पा रहा है।

पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने फरारी के दौरान नई सिम खरीदी होगी, लेकिन अभी तक इसका कोई सबूत नहीं मिला है। बैंक खाते, यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों से भी उसकी कोई गतिविधि सामने नहीं आई है।

जांच में पता चला है कि आरोपी बच्चों को दोपहिया वाहन की चाबी देने के बाद ऐसे रास्ते से निकला, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। बाद में उसके फुटेज इंदौर रेलवे स्टेशन पर मिले। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि उसने दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का टिकट बुक कराया था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया। इसके बाद वह सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र की ओर जाता दिखाई दिया।

मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगाया था : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अखिलेश सैनी ने पहले से ही हथियार जुटा रखे थे। घर से एक ऐसा मेडिकल नाइफ बॉक्स मिला है, जिसका इस्तेमाल बड़े ऑपरेशन या डिलीवरी के दौरान गहरे चीरे लगाने के लिए किया जाता है। परिवार का दावा है कि आरोपी ने 7 लेयर कट लगाने वाला विशेष मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगवाया था। कत्ल में इसी का इस्तेमाल किया। हालांकि पुलिस फिलहाल इस सामग्री की जांच कर रही है।

पोस्टमॉर्टम में सामने आई हैवानियत : रिश्तेदारों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने उर्मिला के सिर पर पहला भारी वार किया, ताकि वे शारीरिक रूप से असहाय हो जाए। मौत हो जाने के बाद भी आरोपी नहीं रुका, शव का जबड़ा और चार दांत टूटे हुए थे। गर्दन कटी हुई थी। पूरे चेहरे को चाकुओं से गोद दिया गया था।

पिता को तड़पा-तड़पाकर मारो : इस पूरे मामले में अपनी मां को खो चुके बच्‍चों का बुरा हाल है। बच्‍चों ने पिता के लिए सख्‍त सजा की मांग की है। बेटी प्रेक्षा ने कहा है कि जालिम पिता ने मां को तड़पा-तड़पाकर मारा था। उसे भी वही दर्द मिलना चाहिए। बता दें कि इंदौर की डाककुंज कॉलोनी के ग्राउंड फ्लोर स्थित सरकारी आवास में शनिवार को डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की 11 जुलाई शनिवार को उनके पति अखिलेश सैनी ने बेरहमी से हत्‍या कर दी थी। वो उर्मिला पर लगातार शक करता था। उर्मिला ने भोपाल के निशातपुरा थाने में मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन हर बार आरोपी के परिजन समझौता करा देते थे। हालांकि पुलिस की जांच जारी है।

Royal Enfield Classic 350 का 2026 अपडेट लॉन्च, अब मिलेगा Slipper Clutch और Fast USB Type-C Charger; जानें नई कीमतें

Royal Enfield Classic 350

रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) ने अपनी लोकप्रिय Classic 350 मोटरसाइकिल को 2026 मॉडल ईयर के लिए अपडेट कर दिया है। कंपनी ने इस बार बाइक में दो उपयोगी फीचर्स जोड़े हैं, जिनमें Assist & Slipper Clutch और फास्ट USB Type-C चार्जिंग पोर्ट शामिल हैं। हालांकि, ये दोनों नए फीचर्स केवल डुअल-चैनल ABS वेरिएंट्स में ही उपलब्ध होंगे। बेस सिंगल-चैनल ABS मॉडल पहले की तरह बिना स्लिपर क्लच के ही मिलेगा।

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Royal Enfield Classic 350 की नई कीमत

2026 Royal Enfield Classic 350 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.87 लाख रुपये रखी गई है। यह कीमत Redditch Red सिंगल-चैनल ABS वेरिएंट की है। हालांकि, इस बेस वेरिएंट में नया स्लिपर क्लच और फास्ट Type-C चार्जिंग पोर्ट नहीं दिया गया है।

 

USB Type-C चार्जिंग से मिलेगी ज्यादा सुविधा

कंपनी पहले भी Classic 350 में USB चार्जिंग पोर्ट देती थी, लेकिन अब इसे फास्ट USB Type-C पोर्ट से अपडेट कर दिया गया है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले या मोबाइल नेविगेशन और फोन कनेक्टिविटी का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले राइडर्स के लिए यह बदलाव काफी उपयोगी साबित होगा।

 

इंजन और मैकेनिकल सेटअप में कोई बदलाव नहीं

नई Classic 350 के इंजन या मैकेनिकल सेटअप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पहले की तरह 349cc J-Series सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 20.2 हॉर्सपावर (hp) की अधिकतम पावर और 27 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है।

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पहले जैसा रहेगा राइडिंग एक्सपीरियंस

बाइक का चेसिस, सस्पेंशन और राइडिंग एर्गोनॉमिक्स पहले जैसे ही रखे गए हैं। इसमें आगे टेलिस्कोपिक फ्रंट फोर्क, पीछे ट्विन शॉक एब्जॉर्बर, और 19-इंच फ्रंट व 18-इंच रियर स्पोक व्हील का सेटअप मिलता है। हाई वेरिएंट्स में डुअल-चैनल ABS के साथ डिस्क ब्रेक की सुविधा भी बरकरार है।

 

मुख्य बातें

  • 2026 Royal Enfield Classic 350 अपडेट लॉन्च।
  • डुअल-चैनल ABS वेरिएंट्स में मिलेगा Assist & Slipper Clutch।
  • USB Type-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट जोड़ा गया।
  • बेस वेरिएंट में नए फीचर्स नहीं मिलेंगे।
  • 349cc J-Series इंजन में कोई बदलाव नहीं।
  • शुरुआती कीमत 1.87 लाख रुपये (एक्स-शोरूम)।

पत्नी ने घर छोड़ा तो बेटा बन गया हैवान, बुजुर्ग मां को इतना पीटा कि मौत हो गई, पुलिस ने किया गिरफ्तार

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इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पत्नी घर छोड़कर चली गई। इस बात से खफा बेटे ने अपनी मां को पीट पीटकर मार डाला। मां की उम्र 60 साल थी। आरोपी ने मां की इस बेरहमी से पिटाई की कि उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया है।

एसीपी पराग सैनी ने बताया कि लसूडिया थाना क्षेत्र की स्कीम नंबर-114 में सूचना मिली थी कि एक घर में 60 वर्षीय गीताबाई का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ में सामने आया कि मृतका के बेटे आकाश ने अपनी मां के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। आरोप है कि उसने लात-घूंसों से हमला किया, जिससे महिला की मौत हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी बेटे आकाश को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि उसकी पत्नी ममता पारिवारिक विवाद के चलते बुधवार को घर छोड़कर चली गई थी। इसी बात से वह नाराज था। देर रात घर लौटने पर उसकी मां से कहासुनी हुई, जिसके बाद उसने मां के साथ मारपीट शुरू कर दी।

ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने दिया इस्तीफा

TMC MP koel mallick resigns from rajyasabha

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गुरुवार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। TMC की राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

 

ममता ने 3 माह पहले ही अभिनेत्री कोएल को राज्यसभा सांसद बनाया था। कोयल मल्लिक पहली बार अप्रैल महीने में राज्यसभा के लिए चुनी गई थीं। उनके इस्तीफे के बाद संसद में ममता गुट के अब केवल 17 सांसद बचे हैं।

 

कोएल मल्लिक का इस्तीफा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के पार्टी छोड़ने के एक दिन बाद आया है। मदन मित्रा बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत बनर्जी वाले गुट में शामिल हो गए थे।

 

उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक ने भी टीएमसी के साथ राज्यसभा से इस्तीफा दिया था। ये तीनों नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं और राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भी किया है।

 

कौन हैं कोयल मल्लिक?

बांग्ला फिल्मों के चर्चित अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी कोएल बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। 2003 में उन्होंने टॉलीवुड में एंट्री ली थी। अभिषेक बनर्जी की करीबी माने जाने वाली कोएल 2026 में ही तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थी।

 

बेमिसाल बच्‍चे अदृश्‍य शक्‍तियों से मचाएंगे धमाल, अभिषेक छजलानी की कॉमिक्‍स में खुलेंगे रहस्‍य, देश के दुश्‍मनों को देंगे पटखनी

Abhishek Chhajlani

अभिषेक छजलानी उस दौर में पले-बढ़े हैं जब बच्‍चे फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और व्‍हाट्सएप के नहीं, बल्‍कि कॉमिक्‍स की रोमांचक दुनिया के दीवाने थे। दिन-रात कॉमिक्‍स की दुनिया में खोए रहना और फिर दोस्‍तों के साथ उनके रोमांचक किस्‍सों और रहस्‍यों को शेयर करना।

अभिषेक खुद कॉमिक्‍स के इतने दीवाने रहे हैं कि घर से मिली अपनी पॉकेट मनी से कॉमिक्‍स खरीद लिया करते थे। उनकी इस दीवानगी खुद उन्‍हें कॉमिक्‍स राइटर बना दिया है। वे शुरू से चाहते थे कि बच्‍चों के लिए साहित्‍य, कविता और कहानियां लिखे, फिलहाल उन्‍होंने कॉमिक्‍स से शुरुआत की है। हाल ही में उनकी पहली कॉमिक्‍स बे-मिसाल बच्‍चे पंक्‍ति प्रकाशन से प्रकाशित होकर बाजार में आई है। आते ही यह कॉमिक्‍स बच्‍चों में खूब पसंद की जा रही है।फिलहाल इसका भाग एक आया है, अब बच्‍चों को इसके दूसरे भाग का बेसब्री से इंतजार है।

इस मौके पर वेबदुनिया ने बे-मिसाल बच्‍चे कॉमिक्‍स के लेखक अभिषेक छजलानी से चर्चा की। उन्‍होंने बताया कि वे बचपन के दिनों से ही कॉमिक्‍स को लेकर दीवाने रहे हैं। कॉमिक्‍स का एक अलग ही मजा है, यह न सिर्फ मनोरंजन की बात है, बल्‍कि बच्‍चों के लिए अपने बचपन को सहेजने और बाद में उसे रोमाचंक याद करने का एक बहुत खूबसूरत जरिया है। इसी के चलते उन्‍होंने कॉमिक्‍स लिखने का फैसला किया।

शक्‍तियों के साथ उजागर होंगे रहस्‍य : अभिषेक अमेरिका के न्‍यू जर्सी शहर में रहते हैं, लेकिन उन्‍होंने भारतीय बच्‍चों की पृष्‍ठभूमि को ध्‍यान में रखते हुए यह कॉमिक्‍स लिखी है। कॉमिक्‍स की कहानी के बारे में बात करते हुए अभिषेक ने बताया कि इस कॉमिक्‍स की शुरुआत में कुछ ऐसे बच्‍चों की टोली है, जिनके पास अलग- अलग तरह के सुपर पावर है। कोई बहुत ताकतवर है तो कोई अपना चेहरा बदल लेता है, किसी की आंखें जूम करके बहुत दूर की चीजों को देख लेती है तो कोई कुछ ही सेकंड में मुश्‍किल से मुश्‍किल काम कर लेता है। ये बच्‍चे आगे चलकर धूम मचाने वाले हैं।

अदृश्‍य शक्‍तियां मचाएगी धमाल : इसमें बिट्टू, बाबू और मालू, चानू जैसे किरदार हैं, फिलहाल पहले भाग में बच्‍चे अपनी अपनी शक्‍तियों को पहचान रहे हैं। अमीष बूदे नाम के एक प्रोफेसर हैं, जिनके बारे आगे चलकर रहस्‍य उजागर होंगे। पूरी कहानी बच्‍चों की अदृश्‍य शक्‍तियों और प्रोफेसर के ईर्द- गिर्द चल रही है, लेकिन आगे चलकर कोई बहुत बड़ा धमाका और रहस्‍य सामने आने वाला है, हालांकि कॉमिक्‍स के लेखक ने अभी इस बारे में खुलासा नहीं किया है। लेकिन इतना तय है कि साइंस फिक्‍शन की दुनिया में कुछ बड़ा धमाका होने जा रहा है। अभी बच्‍चे अपनी असीमित शक्‍तियों के बारे में जान रहे हैं और उनका इस्‍तेमाल करना आदि सीख रहे हैं।

यादगार किरदारों की दुनिया है बेमिसाल बच्‍चे : अभिषेक ने बताया कि बच्‍चों के मानसिक विकास के साथ ही उनके मनोरंजन के लिए कॉमिक्‍स एक जरूरी साहित्‍य है। आज बच्‍चे सोशल मीडिया में बिजी हो गए हैं, उनके लिए किताब हाथ में लेकर पढ़ना जरूरी है। ऐसे में बेमिसाल बच्चे सिर्फ़ एक कॉमिक नहीं, बल्कि ऐसे यादगार किरदारों की दुनिया है, जिनसे पाठक कहानी से भी ज़्यादा जुड़ जाते हैं। इस श्रृंखला में हर एपिसोड एक नया रोमांच, नई चुनौती और किरदारों की मज़ेदार नोकझोंक लेकर आता है। धीरे-धीरे ये पात्र आपके अपने दोस्तों जैसे लगने लगते हैं और हर नए एपिसोड का इंतज़ार बना रहता है। जल्‍दी ही इसका दूसरा भाग भी प्रकाशित होगा।

बच्‍चों के दोस्‍त बन जाएंगे कॉमिक्‍स के बेमिसाल बच्‍चे : चाचा चौधरी का तेज दिमाग, साबू का गुस्सा, सुपरकमांडो ध्रुव का साहस या फिर मिकी माउस की शरारतें—ये किरदार बच्चों के दोस्त बन जाते हैं। वे इनके साथ हंसते हैं, रोते हैं और चुनौतियों से लड़ना सीखते हैं। लेकिन अब तो ये सारे किरदार सिर्फ यादें बनकर रह गए हैं। ऐसे में बेमिसाल बच्‍चों के किरदार बच्‍चों में नया जोश भरने वाले हैं।

क्‍यों जरूरी है बेमिसाल बच्‍चे कॉमिक्‍स : अभिषेक बताते हैं कि आज का युग रील्स, शॉर्ट्स और सोशल मीडिया के अंतहीन स्क्रॉलिंग का है। जहां एक क्लिक पर मनोरंजन का अंबार लगा है, वहीं बच्चों का बचपन धीरे-धीरे स्क्रीन्स के पीछे सिमटता जा रहा है। इस डिजिटल शोरगुल के बीच, रंग-बिरंगी कॉमिक्स आज भी बच्चों के लिए एक ऐसा झरोखा हैं, जो उन्हें न सिर्फ स्वस्थ मनोरंजन देती हैं बल्कि उनके मानसिक और भावनात्मक विकास में भी अहम भूमिका निभाती हैं।

बता दें कि हिंदी पाठकों ने वर्षों तक चाचा चौधरी जैसी कालजयी कॉमिक्स को भरपूर प्यार दिया है। उसी परंपरा को नए दौर की सोच, नए किरदारों और नए अंदाज़ के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है ‘बेमिसाल बच्चे’। यह कॉमिक बच्चों के साथ-साथ उन युवाओं और बड़ों के लिए भी है जो आज भी कॉमिक्स पढ़ते समय अपने बचपन को फिर से जीना चाहते हैं। बेमिसाल बच्‍चे न सिर्फ बच्‍चों को बल्‍कि नौजवानों और पढने लिखने वालों को भी खूब पसंद आने वाला है। यह कॉमिक्‍स पंक्‍ति प्रकाशन से खूबसूरत रंगों में विजुअल्‍स के साथ प्रकाशित होकर आया है और अमेजॉन, फ्ल्‍िपकार्ट आदि जगहों पर उपलब्‍ध है। जल्‍दी ही इसका डिजिटल वर्जन भी लॉन्‍च हो सकता है।

केतन की मंगेतर सिया गोयल के परिवार की बढ़ी मुश्किल, FDA ने बंद कराया कामकाज

Ketan Agarwal murder case

Ketan Agarwal Murder Case: क्या मंगेतर को खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतारने वाली सिया गोयल के परिवार की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं? एक तरफ सिया गोयल अपनी करतूतों के कारण सलाखों के पीछे है तो दूसरी तरफ अब उसके परिवार के बिजनेस पर भी कानून का डंडा चल गया है। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पुणे के 'मार्केट यार्ड' इलाके में स्थित सिया गोयल के परिवार की दुकान 'मेसर्स बीजी गोयल एंड कंपनी' पर छापा मारा और नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में दुकान को तत्काल प्रभाव से कामकाज बंद करने का नोटिस थमा दिया है।

8 लाख का माल जब्त

जानकारी के मुताबिक जांच टीम को दुकान में भारी गड़बड़ी और मिलावट का शक हुआ। एफडीए ने मौके से 'संत' और 'साधु' ब्रांड का हल्दी पाउडर, तिल और सोयाबीन वड़ियों के सैंपल लिए हैं। इन प्रोडक्ट्स पर आधी-अधूरी और भ्रामक जानकारी (लेबल उल्लंघन) लिखी थी। भारी मिलावट के संदेह में 8.14 लाख रुपए कीमत का कुल 4 हजार 172 किलोग्राम माल मौके पर ही जब्त कर लिया गया। ALSO READ: क्या शादीशुदा थी सिया गोयल? केतन अग्रवाल हत्याकांड में वॉट्सऐप चैट से खुला बड़ा राज

कहा जा रहा है कि कंपनी खाद्य सुरक्षा और मानक (FSS) अधिनियम के नियमों को ठेंगा दिखा रही थी और लाइसेंस में सुधार करने को भी तैयार नहीं थी। अब जब तक अगला आदेश नहीं आता, तब तक इस दुकान में ताला लटका रहेगा। इस बीच, चेतन चौधरी और सिया गोयल की हिरासत आज यानी 16 जुलाई को खत्म हो रही है। 

क्या है सिया गोयल से जुड़ा पूरा मामला?

सिया गोयल की कहानी किसी बॉलीवुड की सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म जैसी है, जिसने पूरे पुणे और देश को हिला कर रख दिया। 26 वर्षीय अमीर रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की सगाई 20 साल की सिया गोयल से हुई थी। दोनों की शादी की भव्य तैयारियां चल रही थीं और उदयपुर के एक आलीशान पैलेस में वेन्यू भी बुक हो चुका था। लेकिन केतन इस बात से पूरी तरह अनजान था कि उसकी मंगेतर सिया पीठ पीछे अपने प्रेमी चेतन चौधरी (22 वर्ष) के साथ मिलकर उसकी मौत का जाल बुन रही थी। ALSO READ: केतन से लेकर इंदौर के राजा रघुवंशी तक! भाजपा सांसद ने दोहराई पुरुष आयोग की मांग, कहा- पुरुषों की भी सुनो

 

जांच में सामने आया कि सिया गोयल, केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक, सिया को केतन का लुक पसंद नहीं था (जिसमें उसका गंजापन, विग लगाना और हकलाना शामिल था)। लेकिन वह समाज और परिवार के डर से सगाई तोड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। उसने सगाई तोड़ने के बजाय केतन को रास्ते से हटाने (यानी मर्डर करने) का खौफनाक रास्ता चुना। यह भी सामने आया कि सिया ने केतन से शादी का नाटक जारी रखते हुए अपने प्रेमी चेतन से गुपचुप शादी भी कर ली थी। ALSO READ: केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

 

यही नहीं, केतन को मारने की 3 बार नाकाम कोशिशें भी की गईं (एक बार तो सिया ने उसे पहाड़ी से धक्का दे दिया था, लेकिन केतन झाड़ियों में फंसकर बच गया, तब सिया ने बहाना बनाया कि वहां सांप था इसलिए उसने धक्का दिया)। आखिरकार 18 जून को सिया, केतन को ट्रैकिंग के बहाने पुणे के लोहागढ़ किले ले गई। वहां पहले से ही उसका प्रेमी चेतन हुडी पहनकर छिपा हुआ था। किले के खतरनाक 'घोस्ट पॉइंट' (Ghost Point) पर मौका पाकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया गया, जिससे उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

ISRO में मची खलबली, चंद्रयान और गगनयान से जुड़े वैज्ञानिक क्‍यों दे रहे इस्‍तीफा?

Why are scientists associated with Chandrayaan and Gaganyaan missions resigning

Indian Space Research Organisation News : चंद्रयान और गगनयान समेत कई महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफा देने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में खलबली मच गई है। खबरों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में कम से कम 100 से 120 वैज्ञानिक और कर्मचारी इसरो छोड़ चुके हैं। इसरो से वैज्ञानिकों के इस तरह के इस्तीफे को रोकने के लिए भारत सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाया है। अंतरिक्ष विभाग ने एक नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत अब ऐसे किसी भी मामले को केंद्र स्तर पर सीधे मंजूरी नहीं मिलेगी, बल्कि अंतिम मंजूरी के लिए हेडक्वार्टर भेजा जाएगा।

 

चंद्रयान और गगनयान समेत कई महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफा देने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में खलबली मच गई है। खबरों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में कम से कम 100 से 120 वैज्ञानिक और कर्मचारी इसरो छोड़ चुके हैं। सरकार ने खुद माना है कि ऐसे कई मामले आ रहे हैं, जिससे देश के बड़े मिशन प्रभावित हो रहे हैं।

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सरकार ने बनाए सख्‍त नियम

वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफे देने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस (DOS) ने सख्त कदम उठाए हैं। भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग ने 14 जुलाई 2026 को एक बड़ा आदेश जारी किया है। अब ऐसे वैज्ञानिकों के इस्तीफे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के मामलों का अंतिम फैसला सीधे DOS करेगा, ताकि राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर कोई असर न पड़े। विभाग ने चेतावनी दी कि नौकरी छोड़ने वाले वैज्ञानिकों की संख्या में आई तेजी के कारण महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर गंभीर असर पड़ा है।

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क्‍या है नया आदेश?

भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग ने 14 जुलाई 2026 को एक बड़ा आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि गगनयान मिशन और देश के अन्य महत्वपूर्ण कामों से जुड़े वैज्ञानिक और इंजीनियर इस्तीफा नहीं दे सकते और न ही जल्दी रिटायर हो सकते हैं। ऐसी अर्जी आने पर उसे सीधे ऊपर विभाग को भेजना होगा। सरकार ने खुद माना है कि ऐसे कई मामले आ रहे हैं, जिससे देश के बड़े मिशन प्रभावित हो रहे हैं। इसरो के कई सीनियर साइंटिस्ट और टेक्निकल एक्सपर्ट इस्तीफा दे रहे हैं और प्राइवेट स्पेस कंपनियों की तरफ जा रहे हैं।

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कितने वैज्ञानिकों ने दिया इस्‍तीफा?

1339 कर्मचारियों वाले UR राव सैटेलाइट सेंटर में 80 लोगों ने नौकरी छोड़ी है, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत तक ISRO के सबसे बड़े सेंटर (4577 कर्मचारियों वाले) विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर से कम से कम 20 वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दिया है।

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वैज्ञानिक क्यों छोड़ रहे नौकरी?

इससे पहले केंद्र निदेशकों को इस्तीफे और VRS स्वीकार करने का अधिकार दिया गया था। यह आदेश वर्ष 2020 में किए गए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव को भी पलटता है। अनुभवी वैज्ञानिकों की डिमांड बढ़ गई है। प्राइवेट कंपनियां मुंह मांगा पैसा दे रही हैं। यही वजह है कि इसरो के टैलेंटेड साइंटिस्ट प्राइवेट सेक्टर की तरफ भाग रहे हैं।

 

इन वैज्ञानिकों ने दिया इस्‍तीफा

भारतीय अंतरिक्ष विभाग (DOS) ने हालांकि यह नहीं बताया है कि कितने वैज्ञानिकों ने नौकरी छोड़ी, खबरों के अनुसार, पिछले एक साल में 100-120 लोगों ने नौकरी छोड़ी है। इस्तीफा देने वालों में विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के LVM-3 प्रोजेक्ट डायरेक्टर विक्टर जोसेफ, UR राव सैटेलाइट सेंटर के SpaDeX प्रोजेक्ट डायरेक्टर और चंद्रयान-3 प्रोजेक्ट मैनेजर (सिमुलेशन) आदित्य रल्लापल्ली शामिल हैं।

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इस्तीफों पर क्या बोले ISRO के चेयरमैन?

इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने माना कि कई वैज्ञानिक संगठन छोड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि एजेंसी इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि हां, लोग जाते हैं और यह हर संगठन का हिस्सा है। यह नया कदम केवल कर्मचारियों को रोकने के लिए नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर अचानक कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

IIT कानपुर के इस लड़के ने 26 की उम्र में 1 दिन में कमाए 77 करोड़! कैसे AI ने बदली सिद्धार्थ सक्सेना की किस्मत

Siddharth Saxena Inspirational Story

Siddharth Saxena Inspirational Story: जब भारत का कोई युवा वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाता है, तो पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। ऐसी ही एक हैरान कर देने वाली और बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के ग्रेजुएट सिद्धार्थ सक्सेना की। सिद्धार्थ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्होंने महज 26 साल की उम्र में एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर यानी करीब 77 करोड़ रुपए की कमाई की थी। 

 

जहां इस उम्र में ज्यादातर युवा अपने करियर को सेट करने में संघर्ष कर रहे होते हैं, वहीं सिद्धार्थ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना ली है।

कौन हैं सिद्धार्थ सक्सेना?

राजस्थान के अलवर (Alwar) के रहने वाले सिद्धार्थ सक्सेना एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाले सिद्धार्थ ने साल 2019 में देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CS) में बीटेक (B.Tech) पूरा किया।

 

सिद्धार्थ ने बताया कि भारत में आईआईटी से कंप्यूटर साइंस करना कितना कठिन है। मशहूर कंटेंट क्रिएटर विराज अला को दिए इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया, “आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस कोर्स में एडमिशन पाना, अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) में दाखिला मिलने से भी 20 गुना ज्यादा मुश्किल है।”  ALSO READ: AI का नया कारनामा! मास्को में दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने की शादी, रोबोट डॉग लाया ब्रेस्लेट्स

कैसे एक ही दिन में कमाए ₹77 करोड़?

आईआईटी से पास आउट होने के बाद, सिद्धार्थ अपने सपनों को पूरा करने के लिए अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को चले गए। साल 2022 में, जब दुनिया में जनरेटिव एआई (Generative AI) की लहर शुरू हो रही थी, तब सिद्धार्थ ने अपने आईआईटी कानपुर के बैचमेट्स प्रग्युष राय और सिर्शेंदु सरकार के साथ मिलकर 'मर्लिन' (Merlin) नाम का एक एआई-पावर्ड क्रोम एक्सटेंशन (AI Chrome Extension) लॉन्च किया।

 

यह टूल देखते ही देखते कामकाजी लोगों और प्रोफेशनल्स के बीच सुपरहिट हो गया। आज इनके इस स्टार्टअप की वैल्यूएशन 50 मिलियन डॉलर (लगभग ₹415 करोड़ से अधिक) हो चुकी है।

 

जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि उन्होंने एक साल में सबसे ज्यादा कितना कमाया, तो सिद्धार्थ ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं आपको इससे भी बेहतर कुछ बताता हूं। मैंने एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर (करीब 77 करोड़ रुपए) कमाए।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वह रातोंरात करोड़पति बन गए, तो उन्होंने कहा, “हां, कुछ ऐसा ही समझ लीजिए।”

“भारतीयों की सोच और अमेरिका के माहौल में है बड़ा फर्क”

सिद्धार्थ ने इस मुकाम तक पहुंचने के अपने अनुभव को साझा करते हुए एक बहुत गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि भारत में सीमित संसाधनों की वजह से ज्यादातर लोग 'कमी की मानसिकता' (Scarcity Mindset) के साथ बड़े होते हैं, जहां रिस्क लेने से डर लगता है।

 

सिद्धार्थ सक्सेना के अनुसार, “हम एक ऐसी मानसिकता से आते हैं जहां पैसे की कमी होती है, लेकिन एक बड़ी कंपनी खड़ी करने के लिए आपको 'प्रचुरता की मानसिकता' (Abundance Mindset) की जरूरत होती है। अमेरिका में लोग रिस्क इसलिए लेते हैं क्योंकि वे उस काम से प्यार करते हैं, सिर्फ इसलिए नहीं कि उन्हें सर्वाइव करने के लिए वो काम करना ही है।”

 

सिद्धार्थ ने यह भी स्वीकार किया कि जब वह 16 साल के थे, तब उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी जीवन में इस मुकाम पर पहुंचेंगे। भारत के एक छोटे से शहर से निकलकर अमेरिका में मल्टी-मिलियन डॉलर कंपनी खड़ी करने वाले सिद्धार्थ आज देश के लाखों युवाओं के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं।

Gold Silver Price Today: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच जानिए आज के गोल्ड-सिल्वर और क्रूड ऑयल के ताजा भाव

gold silver price on 16 july

Gold Silver Price Today:  अमेरिका ईरान के बीच जारी भीषण जंग और हार्मुज स्टेट से तेल की आवाजाही प्रभावित होने से गुरुवार को सोने में गिरावट के साथ ही क्रूड ऑयल और डॉलर में तेजी आई। कमोडिटी बाजार के साथ ही सराफा बाजार में भी सोना लाल निशान में था। कमोडिटी बाजार में चांदी लाल तो सराफा बाजार में यह हरे निशान में थी।

 

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में सोना 30.55 डॉलर गिरकर 4029.568 डॉलर प्रति ओंस और चांदी 0.91 डॉलर गिरकर 56.865 डॉलर प्रति ओंस पर पहुंच गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोपहर 1:26 बजे सोना 658 रुपए गिरकर 1,41,192 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस समय चांदी 1,919 रुपए की बढ़त के साथ 2,18,701 पर थी।

 

गुड रिर्टन्स डॉट कॉम के अनुसार, भारतीय सराफा बाजार में 24 कैरेट 10 ग्राम सोना 280 रुपए की गिरावट के साथ 1,43,290 रुपए में मिल रहा है। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,31,350 और 18 ग्राम सोने की कीमत 1,07,470 रुपए प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत 2,35,000 रुपए प्रति किलो है।

 

ईरान के पास अमेरिकी नाकेबंदी से कच्चे तेल की कीमतों में काफी तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 85.25 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 80.6 डॉलर प्रति बैरल है। इंडियन बास्केट में भी कच्चा तेल बढ़कर 82.69 डॉलर प्रति बैरल हो गया। डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर होकर 96.282 पर पहुंच गया।