मुख्यमंत्री योगी ने ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ के अवसर पर 11 युवाओं को किया सम्मानित

Chief Minister Yogi Adityanath honored youth

– मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर भावुक हुए युवा, बोले- सरकार की योजनाओं ने आत्मनिर्भर बनने का दिया अवसर

– योगी सरकार की कौशल योजनाओं ने बदली युवाओं की तकदीर, रोजगार से स्वरोजगार तक बनी नई पहचान

– बरेली की राजरानी ने सुनाई संघर्ष से सफलता की कहानी, कैंसर से पीड़ित मां का करा रही ईलाज

– ज्ञान प्रकाश के हेल्थकेयर स्टार्टअप ने युवाओं को दिया रोजगार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कौशल विकास मिशन एवं आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त 11 युवाओं को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर युवाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। कुछ युवाओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपने संघर्ष, सफलता और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक कहानियां भी साझा कीं।

 

बरेली की राजरानी ने सुनाई संघर्ष से सफलता की कहानी

राजरानी ने बताया कि उनके पिता का निधन हो चुका है और उनकी मां कैंसर से पीड़ित हैं। आज अपनी कमाई से वह मां का इलाज कराने के साथ पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जिसके बाद उन्हें हरियाणा में नौकरी मिली। वर्तमान समय में 27 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिल रहा है। उन्होंने युवतियों से यूपी की सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की।

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कृष्ण कुमार साहू ने जताया सीएम का आभार

उन्नाव के कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि उन्होंने आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त किया और आज वह एनसीएल (कोल इंडिया का उपक्रम) में लगभग एक लाख रुपए प्रतिमाह वेतन पर कार्यरत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उनके क्षेत्र से आईटीआई की दूरी लगभग 35 किलोमीटर थी, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र खुलने से ग्रामीण युवाओं को काफी सुविधा मिली है। 

 

स्वरोजगार की मिसाल बनीं भावना दुबे

चंदौली की भावना दुबे ने बताया कि उन्होंने आईटीआई से फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण लिया। उन्हें खुशी है कि मुख्यमंत्री के सामने अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आईटीआई के माध्यम से अनेक बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। वर्तमान में उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से 70 हजार रुपए प्रतिमाह से अधिक आय हो रही है।

हेल्थकेयर स्टार्टअप से रोजगार दे रहे ज्ञान प्रकाश

ज्ञान प्रकाश वर्मा ने बताया कि उन्होंने आईटीआई से प्रेरणा लेकर हेल्थकेयर स्टार्टअप की शुरुआत लखनऊ से की। महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उनकी कंपनी ने एआई तकनीक आधारित समाधान विकसित किए हैं। उनके स्टार्टअप ने कई युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।

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शुभ्रा मिश्रा बनीं महिला उद्यमिता की मिसाल

फर्रुखाबाद की शुभ्रा मिश्रा ने बताया कि आईटीआई से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने एडवांस लेवल का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया और अब अपना काम कर रही हैं। योगी सरकार की योजनाओं से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। वर्तमान में उनकी मासिक आय लगभग पांच लाख रुपए है तथा वह अपने संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को करीब 70 हजार रुपए प्रतिमाह तक वेतन भी देती हैं।

 

मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर भावुक हुए युवा

मुख्यमंत्री ने जिन 11 युवाओं को सम्मानित किया, उनमें शीतल कुमारी, नेहा, फरदीन खान, मोहम्मद बिलाल, राजरानी, वर्तिका गुप्ता, अर्जुन पाल, संगीता वर्मा, शिवांग वर्मा, राजीव विश्वकर्मा और विनीता शामिल रहे। अयोध्या की शीतल कुमारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान प्राप्त करना उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण है। उन्होंने कौशल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया था। आज मेदांता में कार्यरत हैं और उन्हें 23 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिल रहा है। 

 

सरकार की योजनाओं ने आत्मनिर्भर बनने का असवर दिया

गौतमबुद्ध नगर की संगीता वर्मा ने बताया कि उन्होंने नोएडा से आईटीआई का प्रशिक्षण लिया और आज अपना स्वयं का व्यवसाय संचालित कर रही हैं। सरकार की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। लखनऊ की वर्तिका गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अलीगंज स्थित आईटीओटी रिसर्च सेंटर से कॉस्मेटोलॉजी ट्रेड में प्रशिक्षण लिया और ऑल इंडिया रैंक भी हासिल की। शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकार के सहयोग से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाना उनके लिए गर्व का विषय है।

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मुख्यमंत्री से मिलने का सपना पूरा हुआ

हमीरपुर जिले की नेहा ने बताया कि वर्तमान समय में उन्हें 22,800 रुपए प्रतिमाह मिल रहा है। सामान्य परिवार से आने वाली नेहा ने कहा कि आज वह अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर पा रही हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री जी से मिलने का मौका मिलेगा। लेकिन मेरा सपना आज पूरा हो गया है। मुझे बहुत खुशी हो रही है।

रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति से चमका UP, कई राज्यों को पीछे छोड़ा

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Yogi Government Power Supply: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था ने लगातार नई ऊंचाइयों को छुआ है। प्रदेश में निर्बाध और बिना कटौती बिजली आपूर्ति की जा रही है। प्रभावी प्रबंधन, मजबूत विद्युत ढांचे और सतत निगरानी के कारण उत्तर प्रदेश बिजली आपूर्ति के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे अग्रणी राज्य रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति के मामले में उत्तर प्रदेश से काफी पीछे हैं।

 

14 जुलाई को उत्तर प्रदेश में 30457 मेगावाट डिमांड बिजली आपूर्ति की गई। इसी तरह 13 जुलाई को 29827 मेगावाट, 12 जुलाई को 30598 मेगावाट, 11 जुलाई को 29,041 मेगावाट और 10 जुलाई को 26,571 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई जो उस अवधि में देश में सर्वाधिक रही। यह उपलब्धि योगी सरकार की दूरदर्शी ऊर्जा नीति, बेहतर प्रबंधन और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल से अधिक बिजली

प्रदेश में बढ़ती गर्मी और मानसून के दौरान बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन योगी सरकार ने उपभोक्ताओं को इसका असर महसूस नहीं होने दिया। योगी सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। निर्धारित 18 घंटे के शेड्यूल से अधिक समय तक गांवों में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं शहरों, तहसील मुख्यालयों और औद्योगिक क्षेत्रों में भी निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बिजली व्यवस्था को और अधिक सुचारु बनाने के लिए यूपीपीसीएल की टीमें प्रदेशभर में 24 घंटे निगरानी कर रहीं हैं। 

विभागीय टीमें दिन-रात मेंटिनेंस कार्य में जुटी

प्रत्येक जिले में अधिकारी नियमित रूप से फील्ड का निरीक्षण कर रहे हैं और जहां कहीं भी तेज आंधी व बारिश के कारण स्थानीय तकनीकी खराबी सामने आईं, वहां कम से कम समय में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय टीमें दिन-रात मेंटिनेंस कार्यों में जुटी हुईं हैं ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर अनुरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। बिजली लाइनों से सटकर बढ़ी पेड़ों की डालियों की नियमित छंटाई कराई जा रही है, जिससे तेज हवा या बारिश के दौरान तारों पर पेड़ गिरने की घटनाओं को रोका जा सके।

ट्रांसफॉर्मरों, खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाएं लोग

बरसात के मौसम में नागरिकों से अपील की गई है कि वे टूटे हुए बिजली के तारों, ट्रांसफॉर्मरों, खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी प्रकार की विद्युत संबंधी दुर्घटना या खतरे की सूचना तत्काल 1912 हेल्पलाइन अथवा निकटतम बिजली कार्यालय को देने की सलाह दी गई है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उप्र. पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि विद्युत आपूर्ति की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। सभी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्राप्त हो, इसके लिए हर स्तर पर सजगता के निर्देश दिए गए हैं।

 

चांदीपुरा वायरस के खतरे के खिलाफ AMC मुस्तैद, अहमदाबाद में सघन निगरानी शुरू, आखिर क्या है यह वायरस

chandipura virus

Chandipura Virus Ahmedabad: मानसून की बारिश के बीच चांदीपुरा वायरस और डेंगू जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने पूरे शहर में 'ऑपरेशन मानसून' शुरू कर दिया है। मच्छरों और वायरस से फैलने वाली महामारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जोन में सर्विलांस, लार्वा डिस्ट्रक्शन (मच्छरों के अंडों व लार्वा का खात्मा), फॉगिंग और बुखार के मरीजों की निगरानी का काम युद्धस्तर पर तेज कर दिया है। इसके अलावा, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी विशेष रूप से चांदीपुरा वायरस की जांच और रोकथाम के लिए अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया है।

चांदीपुरा वायरस को लेकर विशेष सावधानी

राज्य में पहले सामने आए चांदीपुरा वायरस के मामलों को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद शहर में बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा बाल स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। शहर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई भी संदिग्ध मामला सामने आता है, तो तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दी जाए। इसके साथ ही, शहर के सभी बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) को भी लगातार अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है।

घर-घर सघन जांच और मच्छरों के पनपने वाले स्थानों का खात्मा

स्वास्थ्य विभाग की टीमें रोजाना शहर के विभिन्न इलाकों में घर-घर जाकर जलजमाव वाले स्थानों की जांच कर रही हैं। घरों में इस्तेमाल होने वाले कूलर, ओवरहेड टंकियों, गमलों, छतों पर पड़े पुराने टायरों, निर्माणाधीन साइटों और अन्य संभावित जगहों पर बारीकी से जांच की जा रही है। यदि किसी भी स्थान पर मच्छरों का लार्वा पाया जाता है, तो उसे तुरंत नष्ट किया जा रहा है। साथ ही जरूरत के अनुसार प्रभावित इलाकों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है।

सार्वजनिक स्थानों पर पैनी नजर और बुखार के मरीजों की ट्रैकिंग

इस विशेष अभियान के तहत न केवल आवासीय क्षेत्रों, बल्कि स्कूलों, आंगनबाड़ियों, अस्पतालों, सार्वजनिक पार्कों, बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों को भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के दायरे में लाया गया है। डेंगू और मलेरिया के मामलों का समय पर पता लगाकर उनका इलाज शुरू करने के लिए फीवर सर्विलांस (बुखार के मरीजों की जांच) बढ़ा दिया गया है। रोजाना बुखार के मरीजों का डेटा इकट्ठा कर जरूरी टेस्ट किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मानसून के पूरे सीजन के दौरान यह विशेष मॉनिटरिंग लगातार जारी रहेगी।

क्या है चांदीपुरा वायरस?

चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus – CHPV) एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरस है। यह मुख्य रूप से 15 साल से कम उम्र के बच्चों को अपना शिकार बनाता है और उनके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है। यह बहुत तेजी से फैलता है। एक सामान्य सा दिखने वाला बुखार महज 24 से 48 घंटों के भीतर मरीज को कोमा में पहुंचा सकता है या उसकी जान ले सकता है।

यह वायरस सैंडफ्लाई (रेत मक्खी) नाम के एक छोटे कीट के काटने से फैलता है। कुछ मामलों में यह मच्छरों और टिक्स (किल्नी) के काटने से भी फैल सकता है। हालांकि यह वायरस कोरोना की तरह एक इंसान से दूसरे इंसान में (खांसने, छींकने या छूने से) नहीं फैलता। यह बीमारी अक्सर मानसून (बारिश के मौसम) और उसके ठीक बाद ज्यादा फैलती है, क्योंकि इस दौरान सैंडफ्लाई के पनपने के लिए अनुकूल माहौल होता है।

 

Jagannath Rath Yatra : रिलायंस फाउंडेशन का सेवा संकल्प, पुरी रथयात्रा के लाखों श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था

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भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा में इस बार लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने व्यापक सेवा अभियान शुरू किया है। 15 से 27 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क सात्विक भोजन, पेयजल, पुलिस सहायता केंद्र और स्वच्छता जैसी कई व्यवस्थाएं की गई हैं। रथयात्रा में सेवा देने वाले स्वयंसेवकों व पुलिस कर्मियों के लिए भी खास सहायता प्रदान की जाएगी।

 

रिलायंस फाउंडेशन पहले भी पुरी रथयात्रा के दौरान सेवा कार्यों में सहयोग करता रहा है। इस बार भी सेवा अभियान का दायरा बढ़ाया गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि श्रद्धालुओं और उनकी सेवा में जुटे लोगों की सेवा करना, भगवान जगन्नाथ की सेवा का ही एक रूप है। 

 

रिलायंस फाउंडेशन के मुताबिक अभियान के तहत श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क सात्विक भोजन और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की गई है। 50 किलोमीटर से अधिक के प्रमुख यात्रा मार्ग पर करीब 90 पुलिस सहायता केंद्रों को सहयोग दिया जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों को भी शिफ्ट के आधार पर पानी, ORS, हल्का जलपान और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की मदद करेंगे और GIS आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म से सेवा कार्यों का बेहतर समन्वय किया जाएगा।

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अनंत अंबानी ने कहा, “पुरी रथयात्रा करोड़ों लोगों की आस्था का पर्व है। श्रद्धालुओं, पुलिसकर्मियों और सेवा में जुटे हर व्यक्ति की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान जगन्नाथ की सेवा, लोगों की सेवा के माध्यम से ही होती है।” 

 

रिलायंस फाउंडेशन का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य करीब 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए रथयात्रा को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में प्रशासन और स्थानीय संस्थाओं का सहयोग करना है।

Share Bazaar में मामूली बढ़त, Sensex 130 अंक चढ़ा, Nifty भी 24000 के पार

Indian stock market closed with marginal gain on Wednesday

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार बुधवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 130.49 अंक यानी 0.16 फीसदी चढ़कर 77185.43 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 26.45 अंक यानी 0.11 फीसदी बढ़कर 24078.50 के स्तर पर पहुंच गया। मिडकैप शेयरों में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। आज हिटाची एनर्जी, ABB इंडिया और GE वेर्नोवा TD ने क्रमशः 4.59 फीसदी, 4.53 फीसदी और 4.40 फीसदी की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया।

 

भारतीय शेयर बाजार बुधवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 130.49 अंक यानी 0.16 फीसदी चढ़कर 77185.43 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 26.45 अंक यानी 0.11 फीसदी बढ़कर 24078.50 के स्तर पर पहुंच गया। मिडकैप शेयरों में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। आज हिटाची एनर्जी, ABB इंडिया और GE वेर्नोवा TD ने क्रमशः 4.59 फीसदी, 4.53 फीसदी और 4.40 फीसदी की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। 

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फोर्स मोटर्स और स्विगी के शेयरों में भी क्रमशः 4.37 फीसदी और 4.36 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई। रसायन क्षेत्र के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा, ऑटोमोबाइल और रियल्टी जैसे क्षेत्रों में भी मजबूती बनी रही। उपभोक्ता-केंद्रित कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने रुचि दिखाई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरोपीय शेयर बाजार में DAX और CAC गिरावट में रहे। हांगकांग का Hang Seng सूचकांक 1.5 फीसदी की उल्लेखनीय बढ़त के साथ बंद हुआ। भारतीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में आज गिरावट देखने को मिली।

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इससे पहले यानी मंगलवार को अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते हमलों से निवेशकों में घबराहट का माहौल रहा। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत लुढ़ककर 77054.94 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 के स्‍तर पर आ गया।

Electric Vehicle से कैसे होगी 50000 से 1 लाख रुपए तक की कमाई, कौनसे हैं बिजनेस आइडियाज, क्या-क्या काम किया जा सकता है

electric vehicles

Electric Vehicle India : भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से सिर्फ गाड़ी चलाकर ही नहीं, बल्कि कई तरह के बिजनेस करके कमाई की जा सकती है। ईवी की बिक्री और उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। 2025 में भारत में EV बिक्री करीब 23 लाख यूनिट तक पहुंची और नए वाहन रजिस्ट्रेशन में EV की हिस्सेदारी लगभग 8 प्रतिशत रही। यानी आपके पास अगर इलेक्ट्रिक व्हीकल है तो उससे कमाई का साधन भी बना सकते हैं।

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छोटे सामान की डिलीवरी, ई-कॉमर्स और लोकल लॉजिस्टिक्स की मांग बढ़ रही है। Porter जैसे प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और छोटे EV कमर्शियल वाहनों से कमाई की जा सकती है। इसके अलावा अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के लिए भी इलेक्ट्रिक व्हीकल चलाया जा सकता है। आने वाले वर्षों में EV का सबसे बड़ा मौका वाहन बेचने से ज्यादा सर्विस, चार्जिंग, बैटरी और डिलीवरी इकोसिस्टम में हो सकता है।

EV Porter से कितनी कमाई हो सकती है?

रोजाना माल ढुलाई से कमाई

लोकल डिलीवरी, दुकान का सामान, गोदाम से माल पहुंचाना। रोज 8–12 घंटे काम करने पर लगभग 1,000 रुपए- 2,500 रुपए  तक की ग्रॉस कमाई संभव हो सकती है (शहर, रूट और काम की उपलब्धता पर निर्भर)। Amazon, Flipkart, Blinkit, Swiggy, Zomato जैसी कंपनियों के लिए काम किया जा सकता है। 

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ई-रिक्शा चलाकर कैसे होगी कमाई?

अगर आपके आपके पास ई-रिक्शा है तो छोटे शहरों और कस्बों में कम खर्च में रोजाना कमाई का साधन बन सकता है। अगर सही रूट और समय चुना जाए तो इससे एक बड़ी आय का साधन बन सकता है। रेलवे स्टेशन, बाजार, बस स्टैंड, कॉलोनी, स्कूल रूट, मार्केट एरिया में ई रिक्शा चलाया जा सकता है। इसके अलावा अगर आप ई रिक्शा ड्राइवर रखकर या फिर किराए पर चलाकर भी कमाई कर सकते हैं।

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EV स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज का बिजनेस 

देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की संख्या बढ़ने से आप इनके स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज का बिजनेस कर सकते हैं। हेलमेट, चार्जर, बैटरी, टायर, सीट कवर, मोबाइल होल्डर,  EV लाइट्स जैसी चीजों का बिजनेस किया जा सकता है।

EV चार्जिंग स्टेशन लगाकर कमाई

पेट्रोल पंप की तरह EV चार्जिंग पॉइंट शुरू कर सकते हैं। मार्केट, मॉल, ऑफिस, हाईवे, पेट्रोल पंप या पार्किंग में चार्जिंग सुविधा देकर कमाई। भविष्य में EV बढ़ने के साथ चार्जिंग नेटवर्क की मांग बढ़ने की संभावना है। कई शहरों में नए चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने की योजनाएं चल रही हैं।

 EV बैटरी स्वैपिंग स्टेशन

खासकर ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक स्कूटर और डिलीवरी वाहनों के लिए। ग्राहक खाली बैटरी देकर तुरंत चार्ज बैटरी ले सकता है। बैटरी स्वैपिंग मॉडल में बार-बार आने वाली कमाई (subscription/service) का मौका होता है।

राहुल गांधी के ‘कार्यक्रम’ को लेकर तैयारियां हुई शुरू, कांग्रेस के इस दावे पर भाजपा ने साधा निशाना

Preparations begin for Rahul Gandhi's programme in Dehradun

Rahul Gandhi's visit to Uttarakhand : देहरादून में 17 जुलाई को प्रस्तावित लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए प्रशासन द्वारा 'परेड ग्राउंड' की अनुमति रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने बन्नू स्कूल मैदान में कार्यक्रम के आयोजन को लेकर बुधवार को तैयारियां शुरू कर दीं। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने उस दावे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, जिसमें कहा गया था कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी गई है। भाजपा ने दावा किया कि इस कार्यक्रम के लिए पहले ही कई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध करा दिए गए हैं। कार्यक्रम स्थल को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पीड़ित होने का झूठा नाटक कर रही है।

 

अब यहां होगा कार्यक्रम

देहरादून में 17 जुलाई को प्रस्तावित लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए प्रशासन द्वारा 'परेड ग्राउंड' की अनुमति रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने बन्नू स्कूल मैदान में कार्यक्रम के आयोजन को लेकर बुधवार को तैयारियां शुरू कर दीं।

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भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना 

वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने उस दावे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, जिसमें कहा गया था कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी गई है। भाजपा ने दावा किया कि इस कार्यक्रम के लिए पहले ही कई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध करा दिए गए हैं। कार्यक्रम स्थल को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पीड़ित होने का झूठा नाटक कर रही है।

 

कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल सुबह राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पार्टी मामलों के राज्य इकाई के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, मनोज यादव  और अन्य नेताओं के साथ बन्नू स्कूल के मैदान में पहुंचे और 17 जुलाई को गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी बड़ी संख्या में छात्रों से संवाद करेंगे।

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पूर्व मुख्‍यमंत्री हरीश रावत ने की यह अपील

'छात्रों की गूंज' नाम के इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्‍यमंत्री हरीश रावत ने भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में छात्रों से राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया है। हालांकि बाद में कांग्रेसियों ने कार्यक्रम को बन्नू स्कूल ग्राउंड में कराने का निर्णय लिया।

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कार्यक्रम को लेकर क्‍या बोले राहुल गांधी? 

इस कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी ने भी कहा कि कि भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती, बेईमान, ये चार शब्द मेरे नहीं, ये देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। और सच यही है भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली तंत्र बन चुकी है, जो व्यवस्था बच्चों के भविष्य को तैयार करने के लिए बनी थी, वो आज उन्हें और उनके परिवार को कर्ज़, तनाव और निराशा में धकेल रही है। इसी भ्रष्टाचार ने पेपर लीक माफ़िया को जन्म दिया।

नेपाल का सीरियल किलर हाथी ‘धुर्बे’: 14 साल से एक ही खानदान के पीछे पड़ा है यह गजराज, अब तक ले चुका है 25 जानें!

Nepal Elephent Attack

Nepal Elephent Attack: इंसान और जानवरों के बीच के संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) की कई खबरें आपने सुनी होंगी, लेकिन नेपाल से सामने आई यह घटना न सिर्फ हैरान करने वाली है, बल्कि रोंगटे खड़े कर देने वाली है। नेपाल के जंगलों में घूम रहे 'धुर्बे' (Dhrubye) नाम के एक खूंखार जंगली हाथी ने पिछले 14 वर्षों में एक ही परिवार के चार सदस्यों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया है।

 

इस परिवार को इस हाथी का ऐसा खौफ था कि उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए अपना पुश्तैनी गांव तक छोड़ दिया था। लेकिन किस्मत और उस सनकी हाथी को कुछ और ही मंजूर था। वह नए गांव में भी पहुंच गया और परिवार के बचे हुए सदस्यों को अपना निशाना बना लिया।

गांव बदला, घर बदला… पर नहीं बदला मौत का साया

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस बदनसीब परिवार पर 'धुर्बे' हाथी का कहर साल 2010 से ही टूटा हुआ है। पिछले 14 सालों में इस हाथी ने अलग-अलग हमलों में परिवार के दो सदस्यों को मार डाला था। इस लगातार मंडराते खतरे और खौफ से तंग आकर परिवार ने अपना पुराना गांव छोड़ने का फैसला किया। उन्हें लगा कि दूर चले जाने से वे सुरक्षित हो जाएंगे।

 

लेकिन, हाल ही में, यह हाथी उनके नए ठिकाने पर भी आ धमका। हाथी ने अचानक घर पर हमला कर दिया और वहां मौजूद महिला और उसके महज 4 वर्षीय मासूम बेटे को कुचलकर मार डाला। इस तरह इस अभागे परिवार के चार लोग एक ही हाथी का शिकार बन चुके हैं।

25 लोगों का कातिल है 'धुर्बे' हाथी

नेपाल के वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 'धुर्बे' कोई साधारण हाथी नहीं है। वह इस इलाके का सबसे बदनाम और आक्रामक 'सीरियल किलर' हाथी बन चुका है।

 

वन विभाग की रिपोर्ट : साल 2010 से लेकर अब तक यह अकेला हाथी नेपाल और उसके सीमावर्ती इलाकों में 25 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। वन्यजीव अधिकारी पिछले कई सालों से रेडियो कॉलर और जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए इस पर नजर रख रहे हैं, लेकिन इसकी आक्रामकता और घने जंगलों का फायदा उठाकर यह हर बार आबादी वाले इलाकों में घुसकर तबाही मचाने में कामयाब हो जाता है।

आखिर क्यों एक ही परिवार के पीछे पड़ा है हाथी?

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि हाथी बेहद संवेदनशील और तेज दिमाग वाले जीव होते हैं। उनकी याददाश्त (Memory) गजब की होती है।

 

बदले की भावना या गंध? विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी अतीत की घटना में हाथियों को इंसानों द्वारा चोट पहुंचाई गई हो, तो वे उस इलाके और वहां के लोगों की गंध को सालों तक याद रखते हैं। हालांकि, क्या इस परिवार से हाथी की कोई पुरानी दुश्मनी थी, इस पर वैज्ञानिक तौर पर कुछ कहना मुश्किल है, लेकिन लगातार एक ही परिवार को निशाना बनाना वैज्ञानिकों को भी हैरान कर रहा है।

 

बढ़ता इंसानी दखल : जंगलों के कटने और हाथियों के पारंपरिक रास्तों (Corridors) पर इंसानी बस्तियां बसने के कारण ये बेकाबू हाथी हिंसक हो रहे हैं।

अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती

नेपाल वन विभाग और सुरक्षा बल इस हाथी को पकड़ने या ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं। लेकिन 'धुर्बे' की फुर्ती और घने जंगलों में छिप जाने की आदत के कारण यह ऑपरेशन बेहद पेचीदा हो चुका है। स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना के बाद से भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। लोग मांग कर रहे हैं कि इस खूंखार हाथी से उन्हें हमेशा के लिए निजात दिलाई जाए।

क्या मोदी ने पुतिन को परमाणु हमले से रोका था? पोलैंड के उपविदेश मंत्री का सनसनीखेज दावा

PM Narendra Modi Ukraine War

PM Narendra Modi Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर पोलैंड के उपविदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्तोशेवस्की ने एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिसने वैश्विक कूटनीति के गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। पोलिश मंत्री के मुताबिक, साल 2022 के अंत में जब यूक्रेन युद्ध अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर था, तब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने से रोकने में बेहद 'महत्वपूर्ण भूमिका' निभाई थी।

क्या है पोलिश मंत्री का दावा?

पोलैंड के उपविदेश मंत्री ने एक इंटरव्यू के दौरान भारत की वैश्विक कूटनीतिक साख की सराहना करते हुए कहा कि जब 2022 के उत्तरार्ध (अंत) में रूस द्वारा यूक्रेन पर सामरिक परमाणु हथियारों (Tactical Nuclear Weapons) के इस्तेमाल की आशंकाएं चरम पर थीं, तब पीएम मोदी के हस्तक्षेप ने दुनिया को एक बड़ी तबाही से बचा लिया। 

 

बार्तोवस्की ने कहा कि 2022 के अंत में जब परमाणु हमले का खतरा बेहद वास्तविक लग रहा था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति पुतिन से संपर्क किया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पुतिन को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी, जिसका रूसी नेतृत्व पर गहरा प्रभाव पड़ा। ALSO READ: रूस से साझेदारी तोड़ने के लिए भारत पर प्रेशर बना रहा US, पुतिन का बड़ा बयान- जारी रहेगी दोस्ती

जब मंडराया था परमाणु युद्ध का खतरा

साल 2022 के सितंबर-अक्टूबर महीने में यूक्रेन की सेना ने खारकीव और खेरसॉन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को रूसी नियंत्रण से वापस छीन लिया था। इस अप्रत्याशित हार से बौखलाए रूस के सैन्य रणनीतिकार यूक्रेन को पीछे धकेलने के लिए छोटे परमाणु बमों के इस्तेमाल पर विचार कर रहे थे। इस नाजुक मोड़ पर पीएम मोदी का वह ऐतिहासिक बयान आया, जिसमें उन्होंने पुतिन के सामने खुलकर कहा था— “आज का युग युद्ध का युग नहीं है”। पोलिश कूटनीतिज्ञों का मानना है कि इस सार्वजनिक बयान के पीछे पर्दे के पीछे की मजबूत कूटनीति काम कर रही थी, जिसने पुतिन को कदम पीछे खींचने पर मजबूर किया।

वैश्विक मध्यस्थ के रूप में उभरा भारत

दरअसल, पोलैंड के इस दावे से भारत की वैश्विक छवि को एक नया आयाम मिला है। यह इस बात को रेखांकित करता है कि भारत और रूस के ऐतिहासिक और गहरे रणनीतिक संबंधों के कारण, पीएम मोदी दुनिया के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हैं जिनकी बात राष्ट्रपति पुतिन गंभीरता से सुनते हैं। यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने न तो पश्चिमी देशों के दबाव में आकर रूस की पूरी तरह निंदा की और न ही युद्ध का समर्थन किया। भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति का पक्षधर रहा है। पोलैंड के उपविदेश मंत्री का यह बयान दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर (विशेषकर यूरोप में) भारत को अब केवल मूकदर्शक नहीं, बल्कि एक सक्रिय संकटमोचक के रूप में देखा जा रहा है। ALSO READ: Pakistan की उड़ जाएगी नींद, चीन हो जाएगा बेचैन, पुतिन ने भारत को दिया ऐसा ऑफर, अमेरिका भी हैरान

अमेरिकी खुफिया एजेंसी भी कर चुकी है ऐसा ही दावा

यह पहली बार नहीं है जब किसी विदेशी कूटनीतिज्ञ ने यह दावा किया है। इससे पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के निदेशक बिल बर्न्स ने भी संकेत दिए थे कि साल 2022 के अंत में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा परमाणु हथियारों के उपयोग के खिलाफ दिए गए कड़े बयानों ने मॉस्को की आक्रामक रणनीति को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई थी। पोलैंड के उपविदेश मंत्री के इस ताजा और स्पष्ट दावे ने अब इस बात पर आधिकारिक मुहर लगा दी है। 

खुशखबर… अब बिना कनेक्शन के भी मिलेगा LPG सिलेंडर, ऑनलाइन होगी डिलीवरी, जानिए क्‍या है प्रोसेस?

Now get an LPG cylinder even without aconnection

LPG cylinder News : एलपीजी सिलेंडर को लेकर राहतभरी खुशखबर सामने आई है। ख‍बर यह है कि अब बिना LPG गैस कनेक्शन के भी आपको घर बैठे गैस सिलेंडर मिल जाएगा यानी अब आपको गैस एजेंसी के सामने लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। देश में पहली बार इंस्टामार्ट ने HPCL के साथ मिलकर ऐप के जरिए ऑन-डिमांड एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी की सुविधा शुरू की है। पहली बार ऑर्डर करने पर इसे नए कनेक्शन की तरह माना जाएगा जबकि बाद में खाली एलपीजी सिलेंडर लौटाकर रिफिल मंगाया जा सकेगा।

 

लंबी लाइन से मिलेगा छुटकारा

एलपीजी सिलेंडर को लेकर राहतभरी खुशखबर सामने आई है। ख‍बर यह है कि अब बिना LPG गैस कनेक्शन के भी आपको घर बैठे गैस सिलेंडर मिल जाएगा यानी अब आपको गैस एजेंसी के सामने लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। देश में पहली बार इंस्टामार्ट ने HPCL के साथ मिलकर ऐप के जरिए ऑन-डिमांड एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी की सुविधा शुरू की है।

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करवाना होगा KYC वेरिफिकेशन 

पहली बार ऑर्डर करने पर इसे नए कनेक्शन की तरह माना जाएगा जबकि बाद में खाली एलपीजी सिलेंडर लौटाकर रिफिल मंगाया जा सकेगा। 10 किलो का HP Navya कंपोजिट सिलेंडर और 5 किलो का मेटल सिलेंडर आपको आसानी से इंस्टामार्ट से मिल जाएगा। इस एलपीजी गैस सिलेंडर में गैस का लेवल भी नजर आएगा। LPG गैस सिलेंडर बुक करने के लिए आपको सबसे पहले केवाईसी वेरिफिकेशन पूरा करना होगा यानी एलपीजी डिलीवरी के लिए केवाईसी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स पूरे करना जरूरी है।

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बेंगलुरु से हुई सेवा की शुरुआत 

इसके बाद ही ऑर्डर को रिफिल माना जाएगा। साथ ही, डिलीवरी के समय खाली एलपीजी सिलेंडर को देना जरूरी है। छात्र, नौकरीपेशा लोग, किराए पर रहने वाले और छोटे परिवार भी बिना पारंपरिक घरेलू गैस कनेक्शन के सिलेंडर मंगा सकेंगे। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म और एचपीसीएल की साझेदारी के तहत बेंगलुरु में 10 मिनट में डिलीवरी शुरू हो चुकी है। फिलहाल इस सेवा की शुरुआत बेंगलुरु से की गई है।

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क्‍या बोले इंस्टामार्ट के CEO

आने वाले समय में इस सेवा को दूसरे शहरों में भी शुरू करने की योजना है। एचपीसीएल का नया एचपी नव्या सिलेंडर जंग नहीं पकड़ता और इसका पारदर्शी बॉडी डिज़ाइन सिलेंडर में बची गैस का स्तर आसानी से देखने में मदद करता है। गैस सिलेंडर की सुरक्षा के लिए सेफ्टी स्टैंडर्ड का भी पालन किया जाएगा। इंस्टामार्ट के CEO अमितेश झा का कहना है कि कंपनी ने किराने के सामान से आगे बढ़कर ग्राहकों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनने के लिए ये विस्तार किया है।