18 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत गंभीर, 8.5 किलो वजन घटा; अनशन खत्म कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा मामला

sonam wangchuk on hunger strike

दिल्ली के जंतर मंतर पर 18 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ती जा रही है। नीट मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े सोनम वांगचुक का वजन 8.5 किलो घट चुका है। अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव समेत कई दिग्गजों द्वारा अनशन समाप्त करने की अपील का उन पर कोई असर नहीं हुआ है। ALSO READ: सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्‍या अब तोड़ेंगे अनशन?

 

अनशन खत्म कराने को लेकर PIL 

सोनम वांगचुक का अनशन खत्म कराने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक पीआईएल दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि सोनम वांगचुक के लिए मेडिकल सहायता की व्यवस्था की जाए और जबरन खाना खिलाकर उनका अनशन खत्म किया जाए। याचिका में कहा गया है कि अगर सोनम वांगचुक मर गए तो यह देश और दुनिया के लिए बेहद शर्मनाक बात होगी।

 

राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर इस याचिका में कहा गया है कि उनका साढ़े 8 किलो वजन घट चुका है। ऐसे में दो दिन के अंदर उनकी मौत हो सकती है। ALSO READ: Sonam Wangchuk : Hunger Strike पर बैठे सोनम वांगचुक क्यों भड़के, क्या अभिजीत दीपके की ओर इशारा, सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग

सोनम वांगचुक से मिलीं स्वरा भास्कर

फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने मंगलवार को अनशन स्थल पर सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। वह कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में भी शामिल हुईं और वांगचुक का समर्थन किया। 

 

एक्ट्रेस ने इस मुलाकात की फोटो भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट की है। फोटो के साथ स्वरा ने लिखा- हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने के लिए आपका शुक्रिया। लेखिका अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभल देओल, रत्ना पाठक शाह, ओमी वैद्य समेत कई दिग्गज सोम वांगचुक का समर्थन कर चुके हैं। 

 

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक 26 जून से ही कॉकरोच जनता पार्टी के मंच तले अनशन कर रहे हैं। इस वजह से उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। 

Weather Update : उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश पर लगा ब्रेक, इन राज्‍यों में बढ़ा तापमान, जानें देशभर का मौसम

Rain breaks in northwest India, temperatures rise in these states

Weather Update News : दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में पहुंच चुका है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश पर ब्रेक लग गया है। आईएमडी ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले छह-सात दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस बनी रहेगी। मानसून ब्रेक ने उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ़ा दिया है। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज गर्मी पड़ रही है। उधर असम में बाढ़ का पानी 6 जिलों में फैल गया है, जिससे 12 रेवेन्यू सर्कल और 99 गांव प्रभावित हुए हैं।

 

उत्तर भारत के राज्यों में बढ़ा तापमान 

दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में पहुंच चुका है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश पर ब्रेक लग गया है। आईएमडी ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले छह-सात दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस बनी रहेगी। मानसून ब्रेक ने उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ़ा दिया है। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज गर्मी पड़ रही है।

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शिमला में भारी बारिश का यलो अलर्ट

उधर असम में बाढ़ का पानी 6 जिलों में फैल गया है, जिससे 12 रेवेन्यू सर्कल और 99 गांव प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में लगातार धूप और कुछ स्थानों पर बादलों के बीच दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री का अंतर आया है। कुछ स्थानों पर वृद्धि तो कुछ में गिरावट दर्ज की गई है। इस सबके बीच इन दिनों अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने 18 व 19 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

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कैसा है मध्य प्रदेश का मौसम?

मध्य प्रदेश में आज मानसून पूरी तरह एक्टिव बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए रहने के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। वैसे कुछ जिलों में तेज बारिश की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, नर्मदापुरम, सागर, रीवा, शहडोल, बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला, सीधी, डिंडोरी और आसपास के क्षेत्रों बारिश हो सकती है। ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश के आसार लग रहे हैं। बारिश के कारण लोगों को उमस से राहत मिलेगी। 

 

अरुणाचल प्रदेश के 4 जिलों में बाढ़

पिछले 24 घंटे में अरुणाचल प्रदेश के 4 जिलों में बाढ़, लैंडस्लाइड और भारी बारिश से घरों को नुकसान पहुंचा। राज्य में बारिश-बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 102917 हो गई है। बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं में अब तक राज्य में 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 29 लोग घायल हुए हैं। दिल्ली में एनसीआर में आज मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि दिन का तापमान 38 डिग्री के आसपास बना रहेगा।

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इन राज्‍यों में बारिश का अलर्ट

उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर 24 घंटे में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे अगले 7 दिनों के दौरान बारिश बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, मेघालय और मणिपुर में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मंत्री लखन पटेल से छिना पशुपालन विभाग, सरकार का बड़ा फैसला, अब सिर्फ आनंद विभाग की संभालेंगे जिम्मेदारी

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पशुपालन मंत्री लखन पटेल का कद कम कर दिया है। लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया गया है, अब लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी रहेगी। बुंदेलखंड से आने वाले लखन पटेल मोहन कैबिनेट में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के तौर पशुपालन विभाग संभाल रहे थे।

लखन पटेल से अचानक से पशुपालन विभाग वापस लेने के पीछे विभाग के कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों को माना जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष के तहत पशुपालन पर काफी फोकस दे रही है और विभाग में कई नई योजनाएं संचालित हो रही है। वहीं प्रदेश में  दुग्ध उत्पादन बढ़ाने को लेकर भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

देर रात सरकार की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार लखन पटेल के पास अब केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी रहेगी। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशुपालन विभाग अभी अपने पास रखा है। लखन पटेल से विभाग वापस लेने के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में एक बार फिर कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हो गई है। वहीं मंत्री लखन पटेल की इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि लखन पटेल मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए थे।
 

अमेरिकी महंगाई घटते ही शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 539 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार

share market updates 15 july

Share Market 15 July : पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य और भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच अमेरिका में महंगाई घटने से आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त दिखाई दी। ALSO READ: E20 पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान: 100% पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी होगी

 

सुबह 10:48 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 539 अंक उछलकर 77594 के स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंकों की बढ़त के साथ 24200 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार निकल गया।

 

फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंकिंग शेयरों के साथ ही ऑटो, मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर्स के शेयर भी हरे निशान में दिखाई दिए। चौतरफा तेजी के बीच IT और मेटल सेक्टर में आज सुस्ती दिखाई दी।

 

अमेरिका में कम हुई महंगाई

अमेरिका में महंगाई कम होने से भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह उछाल आया। महंगाई दर में कमी से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो गई। इस वजह से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बन गया और निवेशकों ने खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई। 

 

क्या है रुपए और कच्चे तेल का हाल?

शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे मजबूत होकर 96.10 पर पहुंच गया। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। ब्रेट क्रूड 85.74  डॉलर प्रति बैरल तो WTI क्रूड की कीमत 80.09 डॉलर प्रति बैरल हुई।

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से मंगलवार को सेंसेक्स 561 अंक गिरकर 77055 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 159 अंकों की गिरावट के साथ 24,052 पर बंद हुआ। ALSO READ: होर्मुज पर हमले से सहमा शेयर बाजार, Sensex 561 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

E20 पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान: 100% पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी होगी

Nitin Gadkari on E20 petrol

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि E20 नहीं चाहिए तो 100% पेट्रोल खरीदिए, लेकिन ज्यादा कीमत देनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बेटों के व्यवसाय में इथेनॉल का हिस्सा बहुत कम है और वे हमेशा वैकल्पिक ईंधनों के समर्थक रहे हैं। 

 

100% पेट्रोल उपलब्ध करवाने के सवाल पर गडकरी ने कहा कि इसके लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि E85 की कीमत E20 से भी कम है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशियाई देशों और अमेरिका के पास काफी तेल है। ब्राजील दशकों से इथेनोल का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन वहां कोई समस्या नहीं आई है। इंडोनेशिया और थाईलैंड भी बायोफ्यूल की ओर बढ़ रहे हैं।

 

एक अंग्रेजी समाचार पत्र से बातचीत में गडकरी ने इथेनोल फ्यूल का समर्थन करते हुए कहा है कि इसमें उनका कोई निजी हित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से ही वैकल्पिक ईंधन के समर्थक रहे हैं और केवल इथेनोल ही नहीं, इथेनॉल, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहनों सहित अन्य सभी प्रकार के वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देते हैं।

 

गडकरी बोले-झूठ फैलाया जा रहा है

गडकरी ने कहा कि मेरे परिवार के पास चीनी मिल पहले से है। वह बिजनेस मेरे बेटे चलाते हैं, जबकि इथेनोल ब्लेडिंग का प्रोग्राम पेट्रोलियम मंत्रालय चलाता है। इसलिए मेरा इसमें कोई रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बेटों के बिजनेस में इथेनोल का हिस्सा बेहद कम है और कमाई पर इसका कोई खास असर नहीं है। इस बिजनेस पर 1600 करोड़ रुपए का कर्ज भी था।

 

वैकल्पिक ईंधन का किया समर्थन

उन्होंने कहा कि भारत कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा आयातक है। मैं केवल गन्ने से बनने वाले इथेनोल की वकालत नहीं करता। इसकी शुरुआत तो मक्के से हुई थी। पराली से इथेनोल बन रहा है तो बांस और चावल से भी इसे बनाया जा रहा है। 

LIVE: उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश पर ब्रेक, पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश

rain update 15 july

Latest News Today Live Updates in Hindi : उत्तर पश्चिम भारत में बारिश पर ब्रेक लग गया है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले छह-सात दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। पल पल की जानकारी…

-अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी मालवाहक जहाजों पर 20 फीसदी शुल्क लगाने की अपनी घोषणा से एक दिन बाद ही यू-टर्न ले लिया।

-अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों के पास समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है।

-अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। ब्रेट क्रूड 85.74  डॉलर प्रति बैरल तो WTI क्रूड की कीमत 80.09 डॉलर प्रति बैरल हुई।

भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता आज से लागू होगा। 99% भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क लगेगा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में पहुंच चुका है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश पर ब्रेक लग गया है। आईएमडी ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले छह-सात दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस बनी रहेगी।

ईरान और अमेरिका समझौते के रास्ते से क्यों भटक गए?

US Iran peace deal missed track Photo  : AI Generated

निखिल रंजन

अमेरिका और ईरान ने जून में जिस अंतरिम समझौते पर दस्तखत किए थे वह इन देशों के ताजा बैर से खतरे में पड़ गया है। मध्यपूर्व में अब शांति बहाली की प्रक्रिया कहां अटक गई? ALSO READ: पर्यावरण संरक्षण में क्यों पिछड़ रहा है भारत

 

होर्मुज जलडमरुमध्य और दूसरे मुद्दों पर अमेरिका और ईरान की असहमतियां जिस तरह से सामने आई हैं उससे यह साफ है कि स्थाई शांति की उम्मीदें तुरंत पूरी होने नहीं जा रही हैं।

 

14 बिंदुओं वाले इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के कारण ईरान युद्ध रुका था और व्यापारिक जहाजों के लिए होर्मुज का रास्ता खोल दिया गया था। लेकिन विश्लषकों का कहना है कि कई बिंदुओं पर इसके शब्द स्पष्ट नहीं थे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य जैसे कठिन विषयों को दूसरे दौर की बातचीत के लिए छोड़ दिया गया था।

 

समझौते पर दोनों देश क्या कह रहे हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा कि शुरुआती युद्धविराम समझौता “खत्म” हो गया। ट्रंप का कहना है कि जिन बातों पर सहमति बनी थी, ईरानी अधिकारी उनका पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका संभवतया होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर लेगा।

 

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागेई ने सोमवार को अमेरिका पर समझौते को “संकट में” डालने का आरोप लगाया। ईरान के मुताबिक अमेरिका ने लगातार अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है।

 

मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से अपनी प्रतिबद्धता का पालन करने का अनुरोध किया है। ALSO READ: जर्मनी: 23 सालों में सबसे जानलेवा रहा जून का महीना

 

होर्मुज जलडमरूमध्य का क्या मामला है?

28 फरवरी को अमेरिका और इस्राएल के ईरान पर हमले से ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने प्रभावी रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। 

 

एमओयू के आर्टिकल 5 में कहा गया है कि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही तुरंत शुरू होगी, ईरान अपनी पूरी कोशिशों से फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक और विपरीत दिशा में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा और 60 दिनों तक इसके लिए कोई शुल्क नहीं लेगा।

 

तेहरान ने इसका मतलब निकाला कि अमेरिका इस पूरे जलमार्ग के प्रबंधन के लिए ईरान के अधिकार को मान्यता देता है, हालांकि दो महीने के लिए यह काम बिना किसी शुल्क या टोल के होगा।

 

अमेरिका और खाड़ी के देशों ने इस व्याख्या को खारिज कर दिया और उनका कहना है कि इसमें लिखी बात का मतलब सिर्फ इतना है कि ईरान को जहाजों के लिए यात्रा सुगम बनाना चाहिए और ताकत के बल पर इसमें कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए।

 

अमेरिका का कहना है कि यह मार्ग शुल्क से मुक्त रहेगा। पिछले हफ्ते ईरान ने कुछ जहाजों पर फायरिंग की और कहा कि उन्होंने जलमार्ग के एक ऐसे रूट पर जाने की कोशिश की जिसकी मंजूरी नहीं दी गई है। इसके बाद उन्होंने रास्ता फिर से बंद कर दिया।

 

अमेरिकी नौसेना के जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर ने रविवार को कहा कि जलडमरूमध्य में दक्षिणी रूट उपलब्ध है और दोनों तरफ से आने जाने के लिए इसका विस्तार किया जा रहा है। ALSO READ: चीन के मिसाइल परीक्षण से किन देशों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी

 

ईरान को तेल बेचने के लिए मिली छूट का क्या हुआ?

एमओयू का आर्टिकल 10 कहता है कि अमेरिका ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात की छूट देगा। इनमें बैंकों के जरिए लेनदेन, बीमा और परिवहन शामिल हैं। ईरान के लिए यह बड़ी जीत थी। सालों से चले आ रहे प्रतिबंधों से उसकी अर्थव्यवस्था का दम घुट रहा है।

 

हालांकि 7 जुलाई को अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने की छूट देने वाला लाइसेंस वापस ले लिया और यह चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की कार्रवाई “पूरी तरह अस्वीकार्य” है और इसके परिणाम भुगतने होंगे। ईरान ने इस कदम की निंदा की और इसे एमओयू का उल्लंघन कहा।

 

ईरान की जब्त संपत्तियों का क्या हुआ?

आर्टिकल 11 कहता है कि अमेरिका ईरान की “जब्त या प्रतिबंधित धन और संपत्तियों को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराएगा” और बातचीत के दौरान ईरान और अमेरिका इस धन को मुक्त करने से जुड़ी प्रक्रिया पर सहमति बनाएंगे।

 

इन संपत्तियों में कतर के बैंक खातों में जमा 6 अरब अमेरिकी डॉलर भी शामिल हैं। कतर ने 30, जून को कहा था कि उसने यह धन ईरान को नहीं दिया है।

 

22 जून को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि मुक्त किए जाने के बाद भी अमेरिका और कतर का उस धन पर नियंत्रण होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह धन अमेरिकी मक्का, सोया और गेहूं पर खर्च हो सकता है। इसके जवाब में संयुक्त राष्ट्र के जिनीवा कार्यालय में तैनात ईरान के राजदूत अली बाहरेनी ने कहा कि उस पैसे का इस्तेमाल कैसे होगा इसका फैसला सिर्फ ईरान करेगा। ALSO READ: ब्रिटेन का शाही परिवार कहां से और कैसे धन कमाता है

 

लेबनान इसमें कहां फिट होगा?

ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने 8 जुलाई को लेबनान में हुए इस्राएली हमले को एमओयू का उल्लंघन बताया।

 

लेबनान इस संघर्ष में तब पड़ा जब ईरान समर्थित हिज्बुल्ला ने 2 मार्च को इस्राएल के खिलाफ हमले शुरू कर दिए। इसके बाद इस्राएल ने दक्षिणी लेबनान में घुस कर हमला बोल दिया। ईरान ने मांग की थी कि इस्राएल का लेबनान में युद्ध रोकना इस समझौते का हिस्सा होगा। 

 

इस परिस्थिति में बातचीत अब किस हाल में है?

एमओयू कहता है कि अमेरिका और ईरान 60 दिन के भीतर अंतिम समझौता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, हालांकि आपसी सहमति से इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर एक दूसरे से होड़ ले रहे दोनों पक्षों ने आगे की बातचीत के लिए कोई तारीख नहीं बताई है।

 

ईरान को दुनिया के ताकतवर देशों के साथ 2015 का परमाणु समझौता करने में कई साल लगे थे। डॉनल्ड ट्रंप अपने पहले कार्यकाल में उस समझौते से बाहर निकल गए।

 

कार्नेगी मिडिल ईस्ट सेंटर थिंक टैंक के मोहानाद हागे अली कहते हैं, “एमओयू संकट में है और अगर शांति बहाली के लिए यही आधार हो तो इसे बहाल करने के लिए अब एक नए समझौते की जरूरत है। अस्पष्टता ने दिखाया है कि मुद्दे कठिन थे और समझौता नाजुक था।”

Top News 15 July: होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, अमेरिका ने की समुद्री नाकेबंदी, राम मंदिर SIT रिपोर्ट आज

top news 15 july

Top News 15 July: डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर 20% टैक्स लगाने का फैसला वापस लिया, लेकिन अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी। कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT आज रिपोर्ट सौंप सकती है, जबकि स्पेन फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में पहुंच गया।

 

होर्मुज पर टैक्स नहीं वसूलेंगे ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी मालवाहक जहाजों पर 20 फीसदी शुल्क लगाने की अपनी घोषणा से एक दिन बाद ही यू-टर्न ले लिया है। अब उन्होंने कहा कि शुल्क की बजाय खाड़ी देशों के साथ बड़े व्यापार और निवेश समझौते किए जाएंगे, जिससे अमेरिका और क्षेत्र के देशों दोनों को फायदा होगा। ALSO READ: Donald Trump : ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, होर्मुज पर 20% शुल्क का फैसला वापस, अब खाड़ी देशों से करेंगे अरबों डॉलर के निवेश सौदे

 

होर्मुज में नाकेबंदी 

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जंग जारी। इस बीच अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों के पास समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है। यह नाकाबंदी अमेरिकी समयानुसार शाम चार बजे से प्रभावी हुई।

 

कच्चा तेल 85 डॉलर पार

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। ब्रेट क्रूड 85.74  डॉलर प्रति बैरल तो WTI क्रूड की कीमत 80.09 डॉलर प्रति बैरल हुई। इंडियन बास्केट में कच्चा तेल 74.37 डॉलर प्रति बैरल था।

 

चढ़ावा चोरी मामले में SIT सौंपेगी विस्तृत रिपोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गठित की गई एसआईटी आज अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है। चोरी का मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को शासन ने एसआईटी गठित की थी। इसमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल थे।

 

स्पेन फीफा विश्व कप के फाइनल में

स्पेन ने  फ्रांस को 2-0 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में जगह पक्की कर ली। मिकेल ओयरजाबल और पेड्रो पोरो के गोल की बदौलत स्पेन ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा, जबकि फ्रांस एक भी गोल नहीं कर सका। फाइनल में स्पेन का सामना रविवार कोअमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों के पास समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है। इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

Donald Trump : ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, होर्मुज पर 20% शुल्क का फैसला वापस, अब खाड़ी देशों से करेंगे अरबों डॉलर के निवेश सौदे

donald trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले सभी मालवाहक जहाजों पर 20 फीसदी शुल्क लगाने की अपनी घोषणा से एक दिन बाद ही यू-टर्न ले लिया है। अब उन्होंने कहा है कि शुल्क की बजाय खाड़ी (गल्प) देशों के साथ बड़े व्यापार और निवेश समझौते किए जाएंगे, जिससे अमेरिका और क्षेत्र के देशों दोनों को फायदा होगा।

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ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब वैश्विक जहाजरानी के लिए खुला है, हालांकि ईरान से जुड़े जहाजों पर कड़ी निगरानी रहेगी। उन्होंने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा का श्रेय अमेरिकी सेना को दिया।

 

ट्रंप ने लिखा कि मध्य-पूर्व के नेताओं के साथ बेहद सकारात्मक बातचीत के बाद उन्होंने 20 प्रतिशत “रिइम्बर्समेंट फीस” की योजना को खत्म करने का फैसला किया है। इसकी जगह अब खाड़ी देशों से अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश और व्यापारिक समझौते होंगे।

'अमेरिका में आएगा भारी निवेश'

ट्रंप ने दावा किया कि ये निवेश “बहुत बड़े” होंगे और इससे अमेरिका में नए कारखाने, विनिर्माण संयंत्र और औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। उनका कहना है कि इससे लाखों नए और बेहतर वेतन वाले रोजगार पैदा होंगे।

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अमेरिकी सेना की तारीफ, ईरान पर फिर सख्त रुख

 

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए अमेरिकी सेना, रक्षा नेतृत्व और सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सराहना की। साथ ही उन्होंने ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों या ईरानी माल ढोने वाले जहाजों पर “पूर्ण नाकेबंदी” (Full Blockade) लागू करने की घोषणा की।

 

उन्होंने ईरान पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाते हुए दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

 

ईरान ने अमेरिकी भूमिका को किया खारिज

ट्रंप की घोषणा के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में किसी भी अमेरिकी भूमिका को सिरे से खारिज कर दिया। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने कहा कि वह इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अमेरिकी नियंत्रण या निगरानी स्वीकार नहीं करेगी।

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तेहरान ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी सेना ने ईरान की अनुमति के बिना इस क्षेत्र में कोई कार्रवाई की, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान ने क्षेत्रीय देशों को भी अमेरिका के साथ सहयोग करने से आगाह किया और कहा कि ऐसा कदम ईरान के खिलाफ युद्ध जैसा माना जाएगा। इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका और ईरान के बीच खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों पक्ष हाल के दिनों में एक-दूसरे पर नए हमले कर चुके हैं।

UPSSSC X-Ray Technician Result Out : 377 उम्मीदवारों का चयन, आयोग ने जारी की मेरिट सूची

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योगी सरकार में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने एक्स-रे टेक्नीशियन (सामान्य चयन) मुख्य परीक्षा-2023 का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी सूचना के मुताबिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत विज्ञापित 382 पदों में से 377 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया है, जबकि दिव्यांग क्षेणी के अंतर्गत उपश्रेणी एचएच के पात्र अभ्यर्थियों के उपलब्ध न होने के कारण 5 पद रिक्त रह गए हैं। आयोग ने बताया कि लिखित परीक्षा के स्कोर व अभिलेख परीक्षण के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की गई है। चयनित अभ्यर्थियों की श्रेणीवार सूची के साथ कट-ऑफ अंक भी जारी किए गए हैं।

 

सामान्य वर्ग में 150, अनुसूचित जाति में 79, अनुसूचित जनजाति में 8, अन्य पिछड़ा वर्ग में 102 तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) में 38 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। वहीं सामान्य वर्ग के 3, अनुसूचित जाति का 1 और ओबीसी का 1 पद रिक्त रह गया।

 

उत्कृष्ट खिलाड़ियों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी में पात्र अभ्यर्थी नहीं

क्षैतिज आरक्षण के अंतर्गत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी में 4, दिव्यांग (एचएच) श्रेणी में 3, अन्य दिव्यांग श्रेणियों में 7 व महिला श्रेणी में 76 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए आरक्षित पद पर कोई चयन नहीं हुआ। आयोग ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी में निर्धारित सात पदों के सापेक्ष केवल चार पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध हुए। इसी प्रकार भूतपूर्व सैनिक श्रेणी में भी पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण संबंधित पद मेरिट के अनुसार अन्य अभ्यर्थियों से भरे गए।

 

दिव्यांग (एचएच) श्रेणी में विज्ञापित आठ पदों के मुकाबले केवल तीन पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध होने के कारण पांच पद रिक्त रखे गए हैं। आयोग ने यह कार्रवाई शासनादेशों के अनुरूप की है। आयोग द्वारा जारी परिणाम के साथ श्रेणीवार कट-ऑफ अंक भी प्रकाशित किए गए हैं। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम और चयन सूची देख सकते हैं।