विधानसभा के मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक, 18 जुलाई को कैबिनेट की मिलेगी मंजूरी, सीएम डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर कसा तंज

भोपाल। मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में मोहन सरकार UCC से जुड़ा अहम विधयेक लाने जा रही है। 20 जुलाई से  शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले 18 जलाई को कैबिनेट की बैठक में UCC कमेटी  के प्रतिवेदन को कैबिनेट में रखा जाएगा। वहीं समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संहिता का फाइनल प्रतिवेदन सौंप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, शोभा पैठणकर और समिति के सदस्य सचिव अजय कटेसरिया उपस्थित थे। यूसीसी की रिपोर्ट को लेकर सीएम डॉ. यादव ने कहा है कि कांग्रेस को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। 

 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है। प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है। तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किए गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है। समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है। 

 

विधि विभाग को हस्तांतरित प्रतिवेदन

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति को विभिन्न व्यक्तिगत एवं पारिवारिक विषयों, जैसे विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा लिव-इन संबंधों से संबंधित प्रचलित व्यवस्थाओं के अध्ययन करने का दायित्व सौंपा गया था। समिति ने उक्त अनुसार मध्यप्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रारूप तैयार करने का कार्य किया है। समिति ने मूल आधार, लैंगिक समानता सुनिश्चित करना, विविध अनुष्ठानिक प्रथाओं को अप्रभावित रहने देना, प्रचलित रीति-रिवाजों एवं प्रथाओं का सम्मान करना एवं संवैधानिक उपबंधों एवं लोकनीति की दिशा में कार्य किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा समिति की अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ सलाहकार शत्रुघ्न सिंह एवं सदस्य अनूप नायर का भी धन्यवाद ज्ञापित किया जो व्यक्तिगत कारणों से उपस्थित नहीं हो सके। समिति द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन राज्य शासन के विधि विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। विधेयक के परिमार्जन एवं वरिष्ठ सचिव समिति की प्रक्रिया के बाद विधेयक मंत्रि-परिषद की स्वीकृत के बाद मानसून सत्र में ही विधानसभा में रखे जाने की संभावना है। 

 

UCC पर अपना रूख साफ करें कांग्रेस-

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति द्वारा मुझे यूसीसी की रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब कांग्रेस को भी इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। चाहे यूसीसी का मुद्दा हो या भोजशाला का, कांग्रेस हर विषय को केवल हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बात यह है कि सभी धर्मों के नागरिकों ने यूसीसी पर अपने विचार खुलकर और स्पष्ट रूप से रखे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अब तक अपना स्पष्ट रुख सामने नहीं रखा है।

धार भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष को झटका, सुप्रीम कोर्ट का मप्र हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इंकार

Dhar Bhojshala News

Supreme Court on Bhojshala Dispute: मध्य प्रदेश के भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। दरअसल, मप्र हाईकोर्ट ने धार स्थित भोजशाला परिसर को हिंदू मंदिर मानने और हिंदू समुदाय को विशेष पूजा अधिकार देने का फैसला सुनाया था। सु्प्रीम कोर्ट ने इस विवाद पर कहा कि ये बहुत ही संवेदनशील मामले हैं, इस्तेमाल किए जाने वाले हर एक्सप्रेशन के प्रति बहुत ही सावधानी की जरूरत है।

 

हालांकि कोर्ट ने एएसआई को निर्देश दिए हैं कि इमारत के मूल ढांचे में कोई भी बदलाव नहीं किया जाए साथ ही नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष को भोजशाला के पास खुली जगह दी जाए। इस मामले में अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद होगी।  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले में काजी मोइनुद्दीन की ओर से विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह भी तय हो गया है कि भोजशाला में नमाज पर रोक रहेगी। 

क्या कहा था हाईकोर्ट ने?

मध्य प्रदेश में धार के विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच (जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी) ने 15 मई 2026 को एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया था। हाई कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट और ऐतिहासिक साक्ष्यों को आधार मानते हुए अपने फैसले में कहा था कि परिसर मूलतः वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर है। हाई कोर्ट ने अपने 242 पन्नों के विस्तृत फैसले में स्पष्ट किया था कि पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों से यह पूरी तरह साफ है कि यह विवादित ढांचा मूल रूप से देवी सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर और संस्कृत भाषा का एक बड़ा अध्ययन केंद्र (गुरुकुल) था। इसका निर्माण 1034 ईस्वी में परमार वंश के राजा भोज द्वारा कराया गया था।

 

अदालत ने पाया कि वहां मौजूद मस्जिदनुमा ढांचा वास्तव में पहले से मौजूद प्राचीन मंदिर के खंभों, नक्काशीदार पत्थरों और उसके अवशेषों का दोबारा इस्तेमाल करके बनाया गया है। इसलिए कोर्ट ने इसे मस्जिद मानने के दावे को खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने 7 अप्रैल 2003 के उस एएसआई (ASI) के अंतरिम आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया, जिसके तहत हिंदुओं को केवल मंगलवार को पूजा और मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार को वहां नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद वहां नमाज पढ़ने के अधिकार को समाप्त कर दिया गया।

 

हालांकि कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार को यह निर्देश दिया कि यदि वे आवेदन करते हैं, तो राज्य सरकार धार जिले में ही उनके लिए मस्जिद या नमाज हेतु किसी उपयुक्त और स्थायी वैकल्पिक भूमि के आवंटन पर कानून के अनुसार विचार कर सकती है। 

क्या है भोजशाला विवाद

भोजशाला विवाद मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित एक ऐतिहासिक परिसर के मालिकाना हक और धार्मिक पहचान को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच का एक पुराना कानूनी और सामाजिक विवाद है। यह विवाद काफी हद तक उत्तर प्रदेश के अयोध्या और वाराणसी (ज्ञानवापी) मामलों जैसा ही है। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में संरक्षित एक ऐतिहासिक इमारत है। हिन्दू पक्ष का यह मूल रूप से वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर है। इसका निर्माण 11वीं सदी (1034 ईस्वी) में परमार वंश के राजा भोज ने करवाया था, जो कला और शिक्षा के बड़े संरक्षक थे। यह स्थान उस दौर में संस्कृत भाषा और संस्कृति का एक बड़ा विश्वविद्यालय (गुरुकुल) हुआ करता था। दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है। उनका दावा है कि यहां सदियों से नमाज अता की जाती रही है और यह सूफी संत कमालुद्दीन चिश्ती (कमाल मौला) की दरगाह से सटा हुआ मुस्लिम धार्मिक स्थल है।

 

इतिहासकारों के अनुसार, 13वीं और 14वीं शताब्दी के दौरान अलाउद्दीन खिलजी और बाद में महमूद खिलजी जैसे मुस्लिम शासकों के आक्रमणों के दौरान इस मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया और इसके कुछ हिस्सों को मस्जिद के रूप में तब्दील कर दिया गया। परिसर के खंभों और दीवारों पर आज भी प्राचीन नक्काशी, संस्कृत के श्लोक और हिंदू कलाकृतियों के अवशेष साफ दिखाई देते हैं, जिसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद है। वहीं, देवी सरस्वती की मूल प्रतिमा वर्तमान में लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी हुई है।

 

कांग्रेस की साइक्लोथॉन रैली शुरू, इंदौर से जाएगी भोपाल, गांधी प्रतिमा के सामने कचरा फैलाया, लगा 2 हजार का स्पॉट फाइन

Congress cyclothon

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इंदौर से सोमवार सुबह साइक्लोथॉन की शुरुआत की। यह यात्रा नीट-यूजी और सीबीएसई परीक्षा में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक तथा बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर निकाली जा रही है। इसमें बडी संख्‍या में साइकिल चलाने वाले लोग शामिल हुए हैं। इंदौर से चलकर यह पूरी यात्रा भोपाल जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत इंदौर से भोपाल तक साइकिल यात्रा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह यात्रा दो दिन में भोपाल पहुंचेगी। हालांकि यात्रा की शुरुआत में इंदौर में कांग्रेस को फाइन जमा करना पडा। दरअसल, कांग्रेस की साइक्लोथॉन यात्रा के दौरान गांधी प्रतिमा के सामने कचरा फैला दिया गया था।

भाजपा प्रवक्ता जेपी मूलचंदानी ने इसकी शिकायत इंदौर नगर निगम अधिकारियों को की। सोशल मीडिया पर कचरा फैले होने का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। इसके बाद एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी रवि दांगी के नाम 2,000 रुपए का स्पॉट फाइन किया गया।

देवास, सीहोर और भोपाल से जुड़ेंगे लोग : बता दें कि इस यात्रा की शुरुआत में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र और युवा शामिल हुए, जबकि रास्ते में देवास, सीहोर और भोपाल जिले से भी लोग इस अभियान से जुड़ेंगे। देवास में जीतू पटवारी ने कहा- हमारी मांग है कि हर पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच हो। हर पेपर लीक के पीछे बीजेपी के ही माफिया क्यों होते हैं? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। पटवारी ने आगे कहा कि, राहुल गांधी ने छात्रों की आवाज और देश के भविष्य की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। युवाओं और छात्रों की उसी आवाज के समर्थन में यह यात्रा निकाली जा रही है। हालांकि, यह मगरमच्छ की मोटी चमड़ी वाली सरकार है, इस पर शायद असर न पड़े, लेकिन जनता पर जरूर पड़ेगा और जनता बदलाव लाएगी। हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी।

2 हजार रुपए का स्पॉट फाइन: इंदौर में कांग्रेस की साइक्लोथॉन यात्रा के दौरान गांधी प्रतिमा के सामने कचरा फैलाने के मामले में नगर निगम ने कार्रवाई की है। भाजपा प्रवक्ता जेपी मूलचंदानी ने इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी रवि दांगी के नाम 2,000 रुपए का स्पॉट फाइन किया गया।

होर्मुज में ईरानी हमले में भारतीय की मौत, नाराज भारत ने लिया बड़ा एक्शन

strait of hormuz

होर्मुज स्ट्रेट में ओमान की खाड़ी के पास ईरानी हमले में यूएई के 2 तेल टैंकरों पर हुए हमलों में 1 भारतीय नागरिक की मौत पर भारत ने कड़ी नाराजगी जताई। विदेश मंत्रालय ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों को लेकर ईरानी राजनयिकों को तलब किया। ALSO READ: हार्मुज स्ट्रेट में UAE के 2 तेल टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमला, 1 भारतीय की मौत; अमेरिका ने नाकेबंदी का किया ऐलान

 

भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजनयिकों के समक्ष मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए इन लोगों से स्पष्टीकरण मांगा है। भारत के समन किए जाने के बाद ईरानी राजनयिक विदेश मंत्रालय पहुंचे। इनमें ईरान के डिप्टी चीफ मिशन (DCM) मोहम्मद जवाद हुसैनी भी शामिल थे। बैठक में भारतीय अधिकारियों ने ईरान के सामने समुद्र में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

 

जहाजों पर हमले में सबसे ज्यादा भारतीय क्यों होते हैं हताहत?

भारत दुनिया में समुद्री कर्मियों की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में है। हजारों भारतीय अधिकारी, इंजीनियर और क्रू सदस्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं। दुनिया के तेल और गैस का बड़ा हिस्सा हार्मुज स्ट्रेट से गुजरता है। यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और इराक से निकलने वाले तेल टैंकरों पर बड़ी संख्या में भारतीय क्रू तैनात रहते हैं। ऐसे में जहाज किसी भी देश का हो जहाज पर मौजूद चालक दल कई देशों के नागरिकों का मिश्रण होता है। यदि भारतीय अधिक संख्या में क्रू में हैं, तो उनके प्रभावित होने की संभावना भी अधिक रहती है।
 

हमले पर क्या बोला UAE?

संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि ओमान के जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी लेन में मोम्बासा और बाहिया नामक टैंकरों को निशाना बनाया गया। इस हमले के परिणामस्वरूप टैंकर मोम्बासा के चालक दल के एक भारतीय सदस्य की जान चली गई और 8 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में 6 भारतीय नागरिक और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।

 

मिसाइल हमलों से दोनों कमर्शियल जहाजों में आग लग गई, जिससे इन जहाजों पर लदे सामान में आग लग गई। हालांकि इमरजेंसी टीमों ने आग पर काबू पा लिया। अबू धाबी ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी कि वह जवाबी कार्रवाई करने और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी प्रोटोकॉल लागू करने का अधिकार रखता है। 

रूह कंपा देगा इंदौर का ये हत्‍याकांड, पत्नी को तड़पाकर मारा, नए कपड़े पहने, तिलक लगाया, ऑनलाइन मंगाया था 7 लेयर कट चाकू

urmila saini indore murder

इंदौर की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी (38) हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पति ने पत्‍नी को बेरहमी से तड़पाकर मारा था। इतना ही नहीं, हत्‍या के बाद वो नहाया था, तिलक लगाया, साफ कपडे पहने। इसके बाद वो बच्‍चों के स्कूल पहुंचा, स्‍कूल में बच्‍चों से मुलाकात कर बेटी को मां का नेकलेस, घर की चाबी, एटीएम कार्ड दिया। इसके बाद उसने बच्‍चों से कहा कि छुट्टी के बाद वे मौसी के घर चले जाएं। यह कहकर वो फरार हो गया।

दरअसल, इंदौर की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्‍या के मामले में पुलिस जांच में रोजाना कोई न कोई चौंकाने वाला खुलासा सामने आ रहा है। बता दें कि मृतक उर्मिला की बेटी प्रेक्षा के बयानों और पुलिस पड़ताल में आरोपी पिता अखिलेश सैनी की जो दरिंदगी सामने आई है, वह रोंगटे खड़े करने वाली है।

बालों में तेल लगाया तिलक लगाया और : पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पति अखिलेश सैनी के चेहरे पर अपने किए की शिकन तक नहीं थी। उसने खून से सने कपड़े घर के पास ही एक चेंबर में फेंक दिए। नहाकर साफ कपड़े पहने। बालों में तेल और तिलक भी लगाया। इसके बाद वह अपने बच्चों प्रेक्षा और अव्यक्त के स्कूल गया था। स्‍कूल में उसने बेटी को मां का नेकलेस, घर की चाबी, एटीएम कार्ड दिया और फरार हो गया।

इसलिए TV की आवाज 100 तक बढा दी : बेटी प्रेक्षा के मुताबिक जब वह और उसका छोटा भाई स्कूल से घर पहुंचे तो घर का दरवाजा खुला हुआ था। टीवी की आवाज असामान्य रूप से तेज थी। आरोपी ने टीवी की वॉल्यूम 100 पर कर दी थी, ताकि जब वह उर्मिला पर हमला करे तो उनकी मदद की पुकार पड़ोसियों तक न पहुंच सके। अंदर पहले ही कमरे में उर्मिला रक्तरंजित हालत में मृत पड़ी थीं।

मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगाया था : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अखिलेश सैनी ने पहले से ही हथियार जुटा रखे थे। घर से एक ऐसा मेडिकल नाइफ बॉक्स मिला है, जिसका इस्तेमाल बड़े ऑपरेशन या डिलीवरी के दौरान गहरे चीरे लगाने के लिए किया जाता है। परिवार का दावा है कि आरोपी ने 7 लेयर कट लगाने वाला विशेष मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगवाया था। कत्ल में इसी का इस्तेमाल किया। हालांकि पुलिस फिलहाल इस सामग्री की जांच कर रही है।

पोस्टमॉर्टम में सामने आई हैवानियत : रिश्तेदारों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने उर्मिला के सिर पर पहला भारी वार किया, ताकि वे शारीरिक रूप से असहाय हो जाए। मौत हो जाने के बाद भी आरोपी नहीं रुका, शव का जबड़ा और चार दांत टूटे हुए थे। गर्दन कटी हुई थी। पूरे चेहरे को चाकुओं से गोद दिया गया था।

सीसीटीवी कैमरों से बचकर भागा : आरोपी अखिलेश सैनी ने बहुत सोच समझकर इस हत्‍या को अंजाम दिया था। फरार होने के दौरान वह रेलवे स्टेशन और सरवटे बस स्टैंड के पास सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया, लेकिन उसके बाद वह किसी भी कैमरे में नजर नहीं आया। वो लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। फिलहाल, पुलिस की 4 टीमें सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपी अखिलेश सैनी की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।

अब पिता को तड़पा-तड़पाकर मारो : इस पूरे मामले में अपनी मां को खो चुके बच्‍चों का बुरा हाल है। बच्‍चों ने पिता के लिए सख्‍त सजा की मांग की है। बेटी प्रेक्षा ने कहा है कि जालिम पिता ने मां को तड़पा-तड़पाकर मारा था। उसे भी वही दर्द मिलना चाहिए। बता दें कि इंदौर की डाककुंज कॉलोनी के ग्राउंड फ्लोर स्थित सरकारी आवास में शनिवार को डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की 11 जुलाई शनिवार को उनके पति अखिलेश सैनी ने बेरहमी से हत्‍या कर दी थी। वो उर्मिला पर लगातार शक करता था। उर्मिला ने भोपाल के निशातपुरा थाने में मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन हर बार आरोपी के परिजन समझौता करा देते थे। हालांकि पुलिस की जांच जारी है।

PM मोदी से मिलना चाहते हैं अरविंद केजरीवाल, पत्र लिखकर आखिर क्‍यों मांगा समय?

Arvind Kejriwal wants to meet Prime Minister Narendra Modi

Arvind Kejriwal News : E-20 पेट्रोल को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्‍होंने अपने पत्र में मांग की है कि E-20 और सामान्य पेट्रोल, दोनों का विकल्प उपलब्ध कराया जाए और E-20 पेट्रोल सस्ता किया जाए। पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का समय भी मांगा है, ताकि वे जनता के अनुभवों और तकनीकी समस्याओं को विस्तार से बता सकें। E20 पेट्रोल को लेकर बढ़ते विवाद के बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज 'स्टॉप E20 पेट्रोल' अभियान भी शुरू किया।

 

PM मोदी से इसलिए मिलना चाहते हैं केजरीवाल

E-20 पेट्रोल को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्‍होंने अपने पत्र में मांग की है कि E-20 और सामान्य पेट्रोल, दोनों का विकल्प उपलब्ध कराया जाए और E-20 पेट्रोल सस्ता किया जाए। पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का समय भी मांगा है, ताकि वे जनता के अनुभवों और तकनीकी समस्याओं को विस्तार से बता सकें।

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केजरीवाल ने लोगों से की यह अपील

उन्होंने कहा, मैं जनता के बीच गया हूं और उनकी समस्याएं सुनी हैं। साथ ही केजरीवाल ने लोगों से E-20 से जुड़ी समस्याओं के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील भी की है। केजरीवाल ने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की और कहा कि वह जंतर-मंतर जाकर उनसे मुलाकात करेंगे।

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वाहन के माइलेज को लेकर की यह मांग

केजरीवाल ने संसद के मानसून सत्र में INDIA गठबंधन के साथ E-20, NEET और अन्य मुद्दों पर संसद से सड़क तक लड़ाई लड़ने की बात भी कही। केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में लोग ई20 पेट्रोल से नाराज हैं। वाहन मालिकों का कहना है कि ई20 भरने के बाद माइलेज काफी कम हो गया है और इंजन के पार्ट्स खराब हो रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि माइलेज कम होने के कारण वाहन के दाम भी कम होने चाहिए।

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केजरीवाल ने शुरू किया 'स्टॉप E20 पेट्रोल' अभियान

E20 पेट्रोल को लेकर बढ़ते विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज 'स्टॉप E20 पेट्रोल' अभियान भी शुरू किया। उन्होंने कहा कि लोग StopE20petrol.com पर जाकर हस्ताक्षर करके सरकार से अपील और शिकायत कर सकते हैं।

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उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को विकल्प दे और उनकी चिंताओं का सम्मान करे। पिछले दिनों उन्होंने इसकी घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की परेशानियों को नज़रअंदाज़ कर रही है और उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है।

आगरा के फ्रिज में बर्फ से बनी शिवलिंग जैसी आकृति, वीडियो वायरल; श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी

agra : himling in freeze

अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर ही। मात्र 12 दिनों में ही पौने तीन लाख का आंकड़ा पार कर एक नया रिकार्ड बनाया है। इस बीच आगरा से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक घर के फ्रिज के अंदर जमी बर्फ की आकृति शिवलिंग जैसी दिखाई दे रही है। इसके बाद से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। लोग आकृति की पूजा-अर्चना, जलाभिषेक के साथ ही चढ़ावा भी चढ़ा रहे हैं।

 

आगरा के खेरिया मोड़ स्थित नगला भुजा क्षेत्र का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो के अनुसार, घर के फ्रिज में जमी बर्फ ने शिवलिंग जैसी आकृति का रूप ले लिया। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अमरनाथ में बाबा बर्फानी की बर्फ पिघल चुकी है, लेकिन यहां भोलेनाथ प्रकट हो गए हैं। अब लोग यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वीडियो में एक महिला ने दावा किया कि बर्फ से बनी आकृति पर 'ॐ' का निशान भी बना हुआ है।

 

फ्रीज में हिमलिंग बनने की जानकारी लगते ही आसपास के लोग वहां पहुंचने लगे और देखते ही देखते श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। पूरा इलाका हर हर महादेव के नारों से गूंज उठा। लोग इस आकृति को बाबा बर्फानी से जोड़ रहे हैं।

 

कई श्रद्धालुओं ने इसे भगवान शिव का चमत्कार मानते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी, जबकि कुछ लोग इसे प्राकृतिक घटना बता रहे हैं। इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

 

आंध्र प्रदेश में कोरोना से 2 मौतें, 8 नए मरीज मिले; किस वैरिएंट से फैला संक्रमण?

corona cases in Andhra Pradesh

Corona in Andhra Pradesh : आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडप्पा और अन्नमय्या जिलों में कोरोना संक्रमण से जुड़ी दो मौतों की पुष्टि से हड़कंप मच गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग तुरंत सक्रिय हो गया। दोनों जिलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अभियान चलाया गया, जिसमें 8 नए सक्रिय मरीज मिले। कोरोना के किस वैरिएंट से संक्रमण फैल रहा है, इसकी पहचान की जा रही है।

 

डॉक्टरों के अनुसार, इन सभी मरीजों की हालत स्थिर है। इनमें किसी में भी गंभीर लक्षण नहीं हैं और सभी होम आइसोलेशन में रहकर स्वस्थ हो रहे हैं। ALSO READ: भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती

 

गौरतलब है कि साल 2019 से 2022 के बीच कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। इस महामारी में लाखों लोगों की जान गई और दुनिया भर के देशों ने इसे नियंत्रित करने के लिए व्यापक प्रयास किए। हालांकि, कोरोना वायरस के नए-नए वैरिएंट समय-समय पर सामने आते रहे हैं।

 

वैरिएंट की पहचान के लिए पुणे भेजे गए सैंपल

वाईएसआर कडप्पा और अन्नमय्या जिलों में मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी है। एहतियात के तौर पर सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किए गए हैं।

 

संक्रमित मरीजों के सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संक्रमण किस वैरिएंट के कारण हुआ है। शुरुआती संकेतों के अनुसार, यह वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) से मिलता-जुलता हो सकता है।

 

क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस के नए वैरिएंट का समय-समय पर सामने आना सामान्य प्रक्रिया है। इसलिए लोगों को घबराने की बजाय सावधानी बरतनी चाहिए।

 

 विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जब तक स्वास्थ्य विभाग किसी नए वैरिएंट को लेकर आधिकारिक पुष्टि न करे, तब तक अफवाहों से बचें और सामान्य एहतियाती उपाय अपनाते रहें।

 

इन सावधानियों का पालन करें

  • भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय मास्क जरूर पहनें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
  • हाथों को नियमित रूप से साफ करें या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
  • तेज सर्दी, बुखार, खांसी या अन्य लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

Weather Update : उत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून हुआ कमजोर, दिल्ली-NCR में बढ़ी गर्मी, यहां हो रही मूसलाधार बारिश

Southwest monsoon weakens in North India, heat rises in Delhi-NCR, while torrential rain lashes this region

Weather Update News : उत्तर भारत में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में किसी मजबूत मौसमी सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र) के सक्रिय न होने के कारण मानसूनी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिससे उत्तर भारत में बारिश की कमी दर्ज की गई है। हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में उमसभरी गर्मी से लोग परेशान हैं। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और वहां मूसलाधार बारिश हो रही है। इस बीच मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, तेलंगाना, सिक्किम, असम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-एनसीआर में उमसभरी गर्मी से लोग परेशान

उत्तर भारत में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में किसी मजबूत मौसमी सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र) के सक्रिय न होने के कारण मानसूनी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिससे उत्तर भारत में बारिश की कमी दर्ज की गई है। हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में उमसभरी गर्मी से लोग परेशान हैं।

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अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों और पश्चिम-मध्य तथा दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश कम रहने की संभावना है। दूसरी ओर, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 14 से 15 जुलाई के बीच हीटवेव की आशंका है। साथ ही ओडिशा, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गर्म और उमसभरा मौसम बने रहने का अनुमान है।

यहां हो रही मूसलाधार बारिश

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में नया वेदर सिस्टम बनने जा रहा है। इसके प्रभाव से मध्य और पूर्वी भारत में 15-16 जुलाई के बाद एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और वहां मूसलाधार बारिश हो रही है।

इन राज्‍योंं में बारिश का अलर्ट

इस बीच मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, तेलंगाना, सिक्किम, असम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इंदौर में आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और मौसम मुख्यत: साफ रहेगा हालांकि शाम या रात में हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ने की भी संभावना है।

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इंदौर में आज का अधिकतम तापमान लगभग 34° C और न्यूनतम तापमान 24° C के आसपास रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों में इंदौर में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। राजस्थान में फिलहाल 14 जुलाई को मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग ने कोई बारिश का अलर्ट नहीं जारी किया है, लेकिन पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।

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मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 14 से 17 जुलाई तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है। 18 और 19 जुलाई को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 14 से 17 जुलाई तक कई स्थानों पर बारिश होगी। झारखंड में 14 से 17 जुलाई तक भारी बारिश होगी।

त्योहारों में महंगे हवाई टिकट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से 2 हफ्ते में मांगे नए एयरफेयर नियम

supreme court on air fare

त्योहारों और छुट्टियों के दौरान एयरलाइंस कंपनियों द्वारा बढ़ाए जाने वाले हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2 हफ्तों के भीतर नए एयरफेयर नियम सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। ALSO READ: हार्मुज स्ट्रेट में UAE के 2 तेल टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमला, 1 भारतीय की मौत; अमेरिका ने नाकेबंदी का किया ऐलान

 

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान जब केंद्र ने बताया कि हवाई किराया कंट्रोल करने के नियम तैयार हैं और इन्हें 30 दिन में संसद में पेश किया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नियम संसद में पेश हों या न हो, लेकिन सरकार को अगले 2 हफ्तों के भीतर इसकी एक कॉपी 'सीलबंद लिफाफे' में कोर्ट में जमा करनी होगी।

 

क्या थी याचिकाकर्ता की मांग?

सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन ने एयरलाइंस कंपनियों की ओर से टिकटों के दामों में उतार-चढ़ाव और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई थी।

याचिका में किराए की अधिकतम सीमा तय करने, यात्रियों के मुफ्त चेक इन सामान का वजन दोबारा 25 किलोग्राम करने जैसी मांगें भी की गई हैं। उन्होंने देश में एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर बनाने की मांग की थी, जो एयरलाइनों के किराए और एक्स्ट्रा चार्जेस पर निगरानी रखे। ALSO READ: SBI Funds Management IPO खुला: 11,693 करोड़ के इश्यू पर दांव लगाने से पहले जानें GMP, प्राइस बैंड और लिस्टिंग डेट

 

किरायों में भारी उछाल यात्रियों का शोषण

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बेंच से कहा- हवाई किराया 300% तक बढ़ जाता है। इस पर बेंच ने मजाक में कहा- वकीलों की फीस भी कई बार 400% तक बढ़ जाती है, अब क्या किया जाए। कोर्ट ने त्योहारों और छुट्टियों के दौरान किरायों में भारी उछाल को यात्रियों का शोषण करार दिया था। ALSO READ: 900 साल पुरानी मूर्ति का रहस्य सुलझा, सरस्वतीजी की समझी जाने वाली मूर्ति निकली देवी गायत्री की दुर्लभ प्रतिमा

कोर्ट ने केंद्र और डीजीसीए से इस पर विचार के लिए कहा था। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि 'भारतीय वायुयान कानून, 2024' लागू हो चुका है। उसके आधार पर नए नियम बनाए जा रहे हैं।