कोचिंग विवाद में खान सर को बड़ी राहत, 2 बॉर्डगार्ड और 3 कर्मचारियों को भी जमानत

bail to khan sir from patna civil court

पटना सिविल कोर्ट ने सोमवार को कोचिंग विवाद में फैसल खान उर्फ खान सर (Khan Sir) को अग्रीम जमानत दे दी। बेऊर जेल में बंद उनके दोनों बॉडीगार्ड और 3 कर्मचारियों को भी जमानत मिल गई है। ALSO READ: 1100 पेंशन लेने पहुंचे बुजुर्ग के खाते में अचानक आ गए 759 करोड़ रुपये! बैंक में मची खलबली, जानें क्या है पूरा सच

 

गौरतलब है कि खान सर की जमानत याचिका पर कोर्ट में पहले ही सुनवाई पूरी हो गई थी। कोर्ट की ओर से फैसले को सुरक्षित रख लिया गया था। 10 जुलाई को जज की अनुपस्थिति के कारण 13 जुलाई के लिए सुनवाई टल गई थी। आज कोर्ट की ओर से खान सर और उनके दोनों बॉडीगार्डों के लिए राहत भरा फैसला आया।

 

क्या है कोचिंग विवाद का मामला?

जून 2026 में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर रात में हमले की खबर आई थी। खान सर की ओर से कहा गया था कि कुछ लोगों ने उनके कोचिंग सेंटर पर हमला किया है। खान सर की टीम की ओर से इस मामले एफआईआर दर्ज करा दी गई। पुलिस ने जांच के बाद खान सर के दोनों बॉडीगार्ड को गिरफ्तार कर लिया। ALSO READ: मास्क पहनकर आम यात्री बने मंत्री, कंडक्टर ने छुट्टे न होने पर उतारा; ड्राइवर-कंडक्टर सस्पेंड

 

पुलिस पुछताछ में दोनों बॉडीगार्ड ने स्वीकार किया था कि खान सर के कहने पर ही उन लोगों ने गोली चलाई थी। खान सर के बॉडीगार्ड जेल भेजे गए। ज्ञान बिंदू कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को भी जेल जाना पड़ा। रौशन आनंद जब जेल में थे तो उनके भाई की नेपाल में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई।

टेक सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा एमपी, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- हमने जो संकल्प लिए, उन्हें पूरा किया

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को होटल ताज लेक फ्रंट में 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0:जीसीसी- डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर' का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत में राज्य जीसीसी, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के विकास पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। सीएम डॉ. यादव ने 20 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण भी किया। इसके अलावा समारोह में इंडिया लीड फॉर गूगल प्ले और एमपीएसईडीसी के बीच महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया गया। 

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश करवटें बदल रहा है। वो समय गुजर गया, जिसकी वजह से भारत की संभावनाओं पर तुषारापात होता था। आज बदलते दौर में भारत अपनी क्षमता-योग्यता-बुद्धिमत्ता-प्रतिभाशीलता के बलबूते पर सबकुछ करके दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि हम खराब समय को कब तक कोसते रहेंगे। अब समय समझने और आगे बढ़ने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को 12 वर्ष पूर्ण हो गए हैं। यह समय ज्यादा नहीं होता। इस कार्यकाल में भारत की पहचान सबसे तेज गति से बढ़ने वाले देश के रूप में बनी है। 

 

लगातार आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश-सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान भी पहले केवल एग्रीकल्चर, माइनिंग और फॉरेस्ट थी, लेकिन अब डिफेंस से लेकर ड्रोन, साइंस टेक से लेकर रिन्युएबल एनर्जी, इंडस्ट्री कॉरिडोर से लेकर फ्यूचर गोइंग सेक्टर तक एमपी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि ग्रोथ कॉन्क्लेव तीसरे संस्करण तक पहुंच गया है। पिछले दो वर्षों में हमने जो संकल्प लिए, उन्हें पूरा किया। दो संस्करणों में हमें 46 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 22 नए औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण हुआ और  4 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया।

ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट 2025 से लेकर आज तक टेक सेक्टर में 12 हजार करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इससे हमारी काम करने की गति और आत्मविश्वास झलकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की वजह से भी भोपाल पहचाना जाता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण दिया था। इसी तरह हमारे प्रधानमंत्री मोदी भी दुनिया के सामने राष्ट्र भाषा को गौरवांवित करते हैं। हमें वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से आगे बढ़ना है। दुनिया का सबसे युवा देश और सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत है। इसमें अपार संभावनाएं हैं।

मध्यप्रदेश में स्पेन, कनाडा, यूके, जापान, दक्षिण कोरिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के माध्यम से अब तक 28 हजार 200 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है। आज बार्सिलोना (स्पेन) के सबमर ग्रुप ने अपने संकल्प को दोहराया है और 1 गीगा बाइट के डाटा सेंटर स्थापित करने के लिए निवेश कर रही है। मध्यप्रदेश सरकार एआई, डाटा सेंटर और सेमीकंडकर सहित सभी छोटे और बड़े उद्योगों के विकास के लिए सदैव तत्पर है। मध्यप्रदेश डीप टेक पार्क और डाटा सेंटर सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। एआई से लेकर टेक्नोलॉजी सेक्टर के विकास के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है।

 

भारी निवेश करने जा रहीं कंपनियां-मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस में प्रदेश को अभूतपूर्व निवेश मिला। इसमें 10 लाख करोड़ निवेश धरातल पर उतर चुका है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 इसी औद्योगिक निवेश यात्रा का एक पड़ाव है। आज मध्यप्रदेश में जीसीसी, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के विकास के लिए निवेश और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हो रही है। डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब तक 12 हजार करोड़ से अधिक निवेश धरातल पर आ चुका है और आगे भी इस पर काम हो रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में अलग-अलग दिग्गज टेक कंपनियां 40 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने जा रही हैं।

 

सीएम के सहयोग से मजबूत हुआ विश्वास-प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का आयोजन महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में जीसीसी, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के विकास पर चर्चा होगी और पॉलिसी में आवश्यक बदलाव भी करेंगे। सबमर बार्सिलोना के सीईओ पैट्रिक स्मिथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में सबमर ग्रुप का निवेश भारत के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। हमारी कंपनी लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप के लिए संभावनाएं तलाश रही थी और मध्यप्रदेश इसके लिए सबसे बेहतर है। इस महत्वपूर्ण साझेदारी से डेटा सेंटर और एआई टेक्नोलॉजी के विकास पर काम करेंगे। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। एआई न केवल अर्थव्यवस्था के लिए अहम है, बल्कि यह टेक्नोलॉजी सेक्टर में भविष्य का लीडर बनेगा। मध्यप्रदेश सरकार और यहां के मुख्यमंत्री के सहयोग से हमारा विश्वास मजबूत हुआ है।

 

एमपी में बने प्रोडक्ट दुनियाभर में जाएंगे-सिद्धार्थ रेड्डी ने कहा कि पहली एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में डेटा सेंटर, दूसरी में सेमीकंडक्टर पॉलिसी और तीसरी में जीसीसी, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में डिजिट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। पारस सेमीकंडक्टर के सीईओ संतोष कुमार ने कहा कि सेमीकंडक्टर डिजिटल इकोनॉमी की रीढ़ है। डिजिटल सेक्टर में सेमीकंडक्टर न्यू ऑयल के समान है। पारस सेमीकंडक्टर मध्यप्रदेश में 6000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। हम यहां केवल निवेश ही नहीं करेंगे, बल्कि एक डिजिटल इंडस्ट्री के निर्माण के लिए इकोसिस्टम विकसित करने में भी सहयोग करेंगे। मध्यप्रदेश में बने सेमीकंडक्टर पूरी दुनिया में सप्लाई होंगे। शिवानंद कोटेश्वर ने कहा कि देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में टेक इंडस्ट्री के विकास के लिए मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। टेक कंपनियों के लिए पर्याप्त मात्रा में कुशल कामगार उपलब्ध हैं।

 

सीएम ने की ये प्रमुख घोषणाएं-

– इंदौर आईटी कॉरीडोर में 3 लाख वर्ग फीट क्षेत्र के अत्याधुनिक आईटी पार्क का विकास किया जाएगा। इससे जीसीसी, डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सेक्टर की कंपनियों को वर्ल्ड क्लास फेसिलिटी उपलब्ध कराएगा।   

– सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस- इस क्षेत्र में कौशल विकास एवं उद्योग क्षमता के विकास को प्रोत्साहित करेगा। 

– भोपाल में 4 लाख वर्ग फीट क्षेत्र का बड़ा आईटी पार्क बनेगा। यहां टेक कंपनियों को प्लग एंड प्ले के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्री पार्क में भी 5 एकड़ क्षेत्र में प्लग एंड प्ले फैसिलिटी तैयार की जाएगी।

CBSE 10th Second Board Result 2026: जल्द जारी होने वाला है सीबीएसई 10वीं का दूसरा बोर्ड रिजल्ट, इस डायरेक्ट लिंक से करें चेक

CBSE Class 10th Phase 2 Result 2026 Live Updates: क्या आज खत्म होगा इंतजार? सीबीएसई 10वीं के दूसरे बोर्ड रिजल्ट (Phase II) को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है और छात्र इंटरनेट पर लगातार एक ही सवाल पूछ रहे हैं— “रिजल्ट कब आएगा?”

 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की गई देश की पहली 'सेकंड बोर्ड परीक्षा' (Phase 2) के परिणाम अब किसी भी वक्त घोषित किए जा सकते हैं। 15 मई से 21 मई 2026 के बीच हुई इस परीक्षा में करीब 6.68 लाख छात्र शामिल हुए थे, जो पिछले 50 दिनों से अपने फाइनल स्कोरकार्ड का इंतजार कर रहे हैं।

अफवाहों से बचें : “आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें”

सोशल मीडिया और कई अनधिकृत वेबसाइटों पर परिणाम जारी होने को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी भ्रामक खबर पर भरोसा न करें। CBSE ने अभी तक परिणाम जारी करने की सटीक तारीख और समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

 

परिणाम घोषित होने पर सबसे पहले आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया जाएगा। इसलिए किसी भी अपडेट के लिए केवल बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट्स पर ही भरोसा करें।

इन आधिकारिक वेबसाइट्स पर ही दिखेगा रिजल्ट:

• cbse.gov.in

• cbseresults.nic.in

• results.cbse.nic.in

सोशल मीडिया पर छाए 'रिजल्ट मीम्स' और छात्रों की एंग्जायटी

परीक्षा खत्म हुए डेढ़ महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। ऐसे में देरी के चलते छात्रों में उत्सुकता और चिंता (Anxiety) दोनों बढ़ रही है। एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर छात्र मजेदार मीम्स शेयर कर अपना दर्द बयां कर रहे हैं। कोई लिख रहा है, “रिश्तेदारों के फोन आने शुरू हो गए हैं, बस रिजल्ट का लिंक एक्टिवेट मत करना”, तो कोई लिख रहा है “50 दिन हो गए, अब तो सब्र का बांध टूट रहा है”।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहली बार है जब दो-बोर्ड परीक्षा प्रणाली लागू हुई है, इसलिए कॉपियों के मूल्यांकन और 'बेस्ट मार्क्स पॉलिसी' को कंपाइल करने में थोड़ा अतिरिक्त समय लग रहा है।

क्या है बेस्ट मार्क्स पॉलिसी (Better Marks Policy)?

सीबीएसई की इस नई व्यवस्था के तहत यदि कोई छात्र अपनी पहली बोर्ड परीक्षा (जिसका परिणाम 15 अप्रैल 2026 को आया था) के अंकों को सुधारने के लिए इस दूसरी परीक्षा में बैठा है, तो दोनों परीक्षाओं में से जिस भी परीक्षा में उसके अधिक नंबर होंगे, वही उसके फाइनल रिजल्ट में जोड़े जाएंगे। यानी दूसरी परीक्षा में कम नंबर आने पर भी पुराना (बेहतर) स्कोर सुरक्षित रहेगा।

ऑनलाइन रिजल्ट कैसे चेक करें? (Step-by-Step Guide)

जैसे ही बोर्ड द्वारा रिजल्ट का लिंक लाइव किया जाएगा, आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपनी प्रोविजनल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं:

• स्टेप 1: सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक परिणाम वेबसाइट results.cbse.nic.in या cbseresults.nic.in पर जाएं।

• स्टेप 2: होमपेज पर “Secondary School Examination (Phase II) Result 2026” के लिंक पर क्लिक करें।

• स्टेप 3: अब आपके एडमिट कार्ड में दिए गए विवरण जैसे— Roll Number (रोल नंबर), School Number (स्कूल नंबर) और Admit Card ID दर्ज करें।

• स्टेप 4: जानकारी भरने के बाद 'Submit' बटन पर क्लिक करें।

• स्टेप 5: आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। इसे डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।

अन्य वैकल्पिक तरीके (Alternative Options)

अगर भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट स्लो हो जाती है, तो आप इन तरीकों से भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं:

1. DigiLocker App / UMANG App : अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करके डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करें।

2. IVRS (फोन कॉल द्वारा) : दिल्ली के छात्र 24300699 पर और देश के अन्य हिस्सों के छात्र 011-24300699 पर कॉल करके भी अपना स्कोर जान सकते हैं।

पास होने के लिए कितने अंक जरूरी हैं?

सीबीएसई के नियमों के अनुसार, कक्षा 10वीं के छात्रों को पास होने के लिए थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों को मिलाकर प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इस बार बोर्ड दोनों परीक्षाओं के अंकों का मिलान करके छात्रों को एक ही 'कंबाइंड' फाइनल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट जारी करेगा। अंतिम अपडेट के लिए पेज को रीफ्रेश करते रहें!

दतिया उपचुनाव: भाजपा-कांग्रेस के सामने भीतरघात रोकने की बड़ी चुनौती, डैमेजट कंट्रोल में जुटे सियासी दिग्गज

भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में इस बार मुकाबला केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं है, बल्कि दोनों दलों के लिए अपने-अपने असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को साधना भी सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। दतिया उपचुनाव ने दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह पर दांव लगाया है।  टिकट वितरण के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों में खुलकर अंसतोष की सुर सुनाई दे रहे है, ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल पूरी ताकत से  साथ डैमेज कंट्रोल में जुट गए  है। 

 

भाजपा में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से भीतरघात की बड़ी आंशका- दतिया उपचुनाव में भाजपा में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों ने जिस तरह बवाल काटा और जिस तरह से  समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है, उससे चुनाव में भाजपा के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल डॉ. नरोत्तम मिश्रा 15 साल तक दतिया से विधायक रहे है और दतिया भाजपा जिला संगठन पर उनका एकाधिकार रहा। संगठन से लेकर बूथ स्तर तक उनका मजबूत नेटवर्क माना जाता है।

दतिया विधानसभा के मंडल अध्यक्ष से लेकर बूथ कमेटी में नरोत्तम मिश्रा के समर्थक ही हावी है। ऐसे में यदि उनके समर्थक पूरी सक्रियता से चुनाव प्रचार में नहीं उतरते या साइलेंट रहकर काम करते हैं, तो भाजपा के लिए यह नुकसानदेह साबित हो सकता है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चुनाव को एकजुटता के साथ लड़ा जाए, ताकि भीतरघात की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके।

 

यहीं कारण है कि नरोत्तम मिश्रा को मानने के लिए पार्टी के बड़े नेता पूरी ताकत से जुटे हुए है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री निवास पर नरोत्तम मिश्रा के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल की हुई बैठक को डैमेज कंट्रोल की ही रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा पार्टी कार्यकर्ताओं की नारजगी को क्रिया की प्रतिक्रिया बताते हुए सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे है। वहीं रविवाार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की अगुवाई में दतिया जिले की भाजपा संगठनात्मक बैठक हुई, जिसमें दिग्गज नेताओं ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एकजुटता का मंत्र दिया। 

कांग्रेस में डैमेज कंट्रोल में जुटे पटवारी-दिग्विजय-वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद टिकट के दावेदार रहे अवधेश नायक की नाराजगी  खुलकर सामने आ गई है। रविवार को अवधेश नायक के निर्दलीय चुनाव में उतरने के बयान ने कांग्रेस के बड़े नेताओं के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। अवधेश नायक के इस बयान के बाद जीतू पटवारी और कांग्रेस के बड़े  नेता तुरंत अवधेश नायक के निवास पर पहुंचे और उनके साथ बंद कमरे में बैठक की।  

 

वहीं 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया से  चुनाव जीतने वाले पूर्व विधायक राजेंद्र भारती अपने बेटे या पत्नी में से किसी एक को  टिकट दिलवाने की पुरजोर कोशिश कर रहे थे, ऐसे में अब घनश्याम सिंह के टिकट के बाद उनके समर्थकों में अंसतोष की बातें सामने आ रही है। राजेंद्र भारती  को मानने के लिए  भी जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह उनके घर पहुंचे और तीनों ही नेताओं की बंद कमरे में बैठक हुई। 

पूर्व विधायक राजेंद्र भारती और वरिष्ठ नेता अवधेश नायक के समर्थकों में असंतोष की चर्चाएं हैं। दोनों नेताओं का अपने-अपने क्षेत्रों और समाज में प्रभाव माना जाता है। यदि यह नाराजगी चुनाव तक बनी रहती है तो कांग्रेस को भी भीतरघात या कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार संवाद और बैठकें कर असंतुष्ट नेताओं को मनाने की कोशिश में जुटे हैं।

 

दतिया विधानसभा चुनाव के पिछले चुनाव नतीजों को देखते तो जीत-हार का अंतर बहुत ही कम रहता है। ऐसे में खुला विरोध जितना नुकसान नहीं पहुंचाता, उससे अधिक असर साइलेंट वोटिंग, कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता और अंदरूनी असंतोष डाल सकता है। यही कारण है कि दोनों दलों का पूरा फोकस अब केवल चुनाव प्रचार पर नहीं, बल्कि संगठन को एकजुट रखने पर भी है।

 

1100 पेंशन लेने पहुंचे बुजुर्ग के खाते में अचानक आ गए 759 करोड़ रुपये! बैंक में मची खलबली, जानें क्या है पूरा सच

samastipur pensioner bank account 759 crore balance

सोचा था 1100 रुपए की बुढ़ापा पेंशन निकालेंगे, लेकिन जैसे ही पासबुक प्रिंट हुई, अकाउंटेंट के हाथ-पांव फूल गए… बिहार के समस्तीपुर जिले के सरायरंजन से एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसने बैंक अधिकारियों से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। यहाँ एक बुजुर्ग अपनी वृद्धापेंशन के महज 1100 रुपए निकालने के लिए बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पहुंचे थे। लेकिन जब उनके खाते का बैलेंस चेक किया गया, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर जो आंकड़ा चमका, उसने सबको सन्न कर दिया। बुजुर्ग के खाते में एक-दो लाख नहीं, बल्कि पूरे 759 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दिख रही थी।

 

“पैर तले जमीन खिसक गई” — बुजुर्ग और परिजनों का ग्राउंड स्टेटमेंट

इस चौंकाने वाली घटना के बाद जब पीड़ित बुजुर्ग और उनके बेटे से बात की गई, तो उनकी आंखों में हैरानी और डर साफ दिखाई दे रहा था। ALSO READ: मास्क पहनकर आम यात्री बने मंत्री, कंडक्टर ने छुट्टे न होने पर उतारा; ड्राइवर-कंडक्टर सस्पेंड

 

बुजुर्ग के बेटे ने बताया:

“हम तो हर महीने की तरह इस बार भी बाबूजी की पेंशन के 1100 रुपए लेने गए थे। जब अकाउंटेंट ने अंगूठा लगवाकर बैलेंस चेक किया, तो वह अपनी कुर्सी से उछल पड़ा। उसने पासबुक पर जो नंबर प्रिंट किया, उसे हम पढ़ भी नहीं पा रहे थे। हमें लगा कि कहीं कोई बड़ी मुसीबत न आ जाए, इसलिए हम तुरंत घबराकर घर लौट आए और गांव वालों को बताया।” जैसे ही यह खबर सरायरंजन इलाके में फैली, बुजुर्ग के घर पर लोगों का तांता लग गया। हर कोई यह देखने के लिए बेताब था कि आखिर एक झटके में कोई पेंशनभोगी अरबपति कैसे बन गया।

 

क्या सच में बुजुर्ग बन गए अरबपति? जानिए बैंक का आधिकारिक पक्ष

इस पूरे मामले पर जब संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधक (Branch Manager) और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्थिति को स्पष्ट किया। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, यह कोई जादुई लॉटरी या किसी के द्वारा ट्रांसफर किया गया पैसा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर एक तकनीकी गड़बड़ी (Technical Glitch) या सर्वर एरर का मामला है।

  • पैसे पर लगा होल्ड: बैंक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग के खाते से किसी भी तरह के लेन-देन (Withdrawal) पर पूरी तरह से रोक लगा दी है और खाते को 'होल्ड' पर डाल दिया है।
  • अधिकारियों का बयान: “कई बार सरकारी फंड ट्रांसफर या बैंक के मुख्य सर्वर (Core Banking System) को अपडेट करते समय तकनीकी कोडिंग एरर के कारण इस तरह के डमी या गलत आंकड़े रिफ्लेक्ट होने लगते हैं। हमारी आईटी टीम इस समस्या को ठीक करने में जुटी है। यह पैसा किसी व्यक्ति का नहीं है और इसे जल्द ही सिस्टम से हटा दिया जाएगा।”

 

क्या पहले भी हुए हैं ऐसे मामले?

यह कोई पहली बार नहीं है जब बिहार या देश के किसी हिस्से में ऐसा 'चमत्कार' हुआ हो। इससे पहले भी खगड़िया और कटिहार जिलों में छात्रों और आम लोगों के खातों में करोड़ों रुपये आने के मामले सामने आ चुके हैं, जो बाद में बैंकिंग सॉफ्टवेयर की खामी (System Bug) साबित हुए थे। ALSO READ: TMC पर लड़ाई हुई तेज, ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा, बोले- हम हैं असली टीएमसी, कोर्ट का दिखाया आदेश
 

नसीहत: बैंक एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कभी भी आपके खाते में ऐसी कोई अज्ञात या भारी-भरकम राशि दिखाई दे, तो भूलकर भी उसे निकालने या खर्च करने की कोशिश न करें। ऐसा करना कानूनी तौर पर अपराध है। तुरंत इसकी सूचना अपनी नजदीकी बैंक शाखा को दें।

‘अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा…’ मनमोहन सिंह को लेकर SY कुरैशी की नई किताब में बड़ा खुलासा

SY Quresh on manmohan singh

10 साल तक भारत के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने 2012 में तत्कालीन चुनाव आयुक्त एस. वाई कुरैशी से कहा था- मैं आत्महत्या कर लूंगा। इस बात का खुलासा अब मुख्य चुनाव आयुक्त एस. वाई कुरैशी की किताब India and I: A Hundred Memories, Not a Memoir में किया गया है। कुरैशी की यह किताब कुछ दिनों में मार्केट में आने वाली है।

 

कुरैशी के अनुसार, जनवरी 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान तत्कालीन कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने एक चुनावी सभा में कहा था कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो नौकरियों में मुसलमानों के लिए आरक्षण 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

 

इसके बाद भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। पार्टी का कहना था कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किसी नई योजना या घोषणा की अनुमति नहीं है। कुरैशी लिखते हैं कि इस मामले में आयोग ने चार दिन तक सुनवाई की। कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा की ओर से अरुण जेटली ने दलीलें पेश कीं। अंत में चुनाव आयोग ने सलमान खुर्शीद को फटकार लगाई।

 

इसी दौरान कुरैशी ने अपने वार्षिक ईद मिलन समारोह में तत्कालीन प्रधानमंत्री के प्रेस सचिव हरीश खरे से अपनी नाराजगी का जिक्र किया। खरे ने पूछा कि क्या यह बात प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जाए। कुरैशी ने सहमति जताई। अगले ही दिन प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें फोन आया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह स्वयं लाइन पर आए और कहा, 'कुरैशी जी, क्या मैं आपसे तुरंत मिल सकता हूं?'

मनमोहन से मिले कुरैशी

उन्होंने बताया कि पीएम से हुई इस बातचीत के बाद शाम 7 बजे मुलाकात तय हुई। कुरैशी प्रधानमंत्री आवास पहुंचे, जहां मनमोहन सिंह उनका इंतजार कर रहे थे। कुरैशी के कमरे में दाखिल होते ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बेहद व्यथित होकर कहा कि हरीश ने मुझे बताया कि आपने क्या कहा। अगर आप ऐसा सोचते हैं, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।

 

चुनाव आयोग को भारत का गौरव बताते थे मनमोहन

कुरैशी लिखते हैं कि वे यह सुनकर अवाक रह गए क्योंकि उनकी शिकायत कुछ मंत्रियों के व्यवहार को लेकर थी, स्वयं प्रधानमंत्री को लेकर नहीं। उन्होंने बताया कि मनमोहन सिंह चुनाव आयोग को हमेशा भारत का गौरव बताते थे। उन्हें यह विचार भी असहनीय लगा कि कोई उनकी नीयत पर संदेह करे। कुछ देर बाद स्थिति सामान्य होने पर मनमोहन सिंह ने कहा कि मुझे इस बारे में बिल्कुल जानकारी नहीं थी। अगर मुझे पता होता, तो मैं उन लोगों को फटकार लगाता। भविष्य में यदि आपको कुछ कहना हो, तो सीधे मुझे फोन करिए।

 

इसके बाद मनमोहन सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग सिर्फ भारत का गौरव नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। अगर हम इसे खो देते हैं तो हम सब कुछ खो देंगे।

LIVE: बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी गिरफ्तार

Badrinath Temple Donation Theft : accused arrested from dehradun

Latest News Today Live Updates in Hindi : उत्तराखंड पुलिस ने बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। पल पल की जानकारी…

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन के बाद भारत ने एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। ब्रेट क्रूड 79.19 डॉलर प्रति बैरल तो WTI क्रूड की कीमत 74.43 डॉलर प्रति बैरल हुई। इंडियन बास्केट में कच्चा तेल 74.37 डॉलर प्रति बैरल था।

बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस आरोपी तक पहुंच गई है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।

सुरमयी गीतों के साथ स्व. ओमप्रकाश शर्मा जी को दी गई भावभीनी पुष्पांजलि

om prakash sharma

इंदौर। “संगीत की शाम आपके नाम” ग्रुप के तत्वावधान में स्व. श्री ओमप्रकाश शर्मा जी की पावन स्मृति में एक भव्य और भावपूर्ण संगीतमयी संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों और संगीत प्रेमियों ने सुरों के माध्यम से उन्हें भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान गायकों ने हिंदी सिनेमा के दिग्गज फनकारों—किशोर कुमार, मुकेश, लता मंगेशकर, उषा मंगेशकर और येशुदास—के सदाबहार गीतों की ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

 

अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस गरिमापूर्ण आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय कामले, श्री श्री गौड़ ब्राह्मण समाज पेड़ी के अध्यक्ष श्री संजय व्यास, समाज के अध्यक्ष श्री शैलेंद्र जोशी एवं ग्रुप के एडमिन व कार्यक्रम प्रभारी श्री प्रदीप नाईक विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने स्व. ओमप्रकाश शर्मा जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

 

सुरों की महफिल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

  1. संगीतमयी महफ़िल में एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुतियां हुईं, जिन्होंने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया:
  2. श्री शैलेंद्र जोशी (अध्यक्ष, श्री श्री गौड़ ब्राह्मण समाज) ने अपनी मखमली आवाज में “बहुत खूबसूरत गजल लिख रहा हूं, तुम्हें देख कर गीत लिख रहा हूं…” गाकर महफिल में रुमानियत बिखेर दी।
  3. श्री गणेश कुमार व्यास (बड़वानी) ने मुकेश जी का प्रसिद्ध गीत “इतनी नाज़ुक न बनो…” बेहद सुरीले अंदाज में गाकर खूब वाहवाही लूटी।
  4. श्रीमती ऊषा छाया ने शास्त्रीय अंदाज में “नैनो में बदरा छाए…” गीत की शानदार प्रस्तुति दी, जिसे सुन श्रोता भावविभोर हो गए।
  5. कार्यक्रम के आयोजक, युवा समाजसेवी एवं ब्रह्मलीन ओमप्रकाश शर्मा जी के सुपुत्र श्री शीनू शर्मा ने किशोर दा का सदाबहार गीत “चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना…” गाकर समां बांध दिया, जिसे सुनकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।

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मंच संचालन एवं आभार प्रदर्शन

मंच संचालन: कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती संध्या जोशी ने किया।

आभार प्रदर्शन: श्री शीनू शर्मा ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, गायकों और संगीत प्रेमियों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं “संगीत की शाम आपके नाम” ग्रुप के एडमिन प्रदीप नाईक व मंजू जोशी जी ने भी सभी का आभार व्यक्त किया।

पर्यावरण संरक्षण की मिसाल: 35 स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपकर अहमदाबाद ने स्थापित किया वैश्विक कीर्तिमान

AMC tree plantation drive

पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अहमदाबाद के भाड़ज इलाके में आयोजित एक महा-अभियान के तहत, महज एक घंटे के भीतर मियावाकी पद्धति से 3 लाख 61 हजार से अधिक पौधे लगाकर 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' (Guinness World Record) स्थापित किया गया है। लगभग 91,006 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान शहर के पर्यावरणीय विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

 

यह ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री तथा गांधीनगर लोकसभा के सांसद अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, शहरी विकास मंत्री, अहमदाबाद के मेयर, मुख्य सचिव और म्युनिसिपल कमिश्नर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित थे। उत्तर-पश्चिम जोन के थलतेज वार्ड में गोता-गोधवी कैनाल के पास स्थित इस स्थल पर सभी गणमान्य लोगों ने खुद पौधा लगाकर अपना अमूल्य योगदान दिया।

25 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की सक्रिय जनभागीदारी

इस महा-अभियान की भव्य सफलता के पीछे एक अनुकरणीय जनभागीदारी रही। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए AMC के सभी विभागों के कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल बोर्ड, BAPS संस्था, CREDAI, पुलिस स्टाफ, NCC के छात्र और विभिन्न शैक्षणिक व सामाजिक संगठनों (NGOs) ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 25,000 से अधिक उत्साही स्वयंसेवकों और पर्यावरण-प्रेमी नागरिकों ने एक साथ मिलकर श्रमदान किया और इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग अभियान को हकीकत में बदला।

 

मियावाकी पद्धति और 35 स्थानीय प्रजातियों का बेहतरीन समन्वय

इस वृक्षारोपण अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जापानी 'मियावाकी पद्धति' का उपयोग किया गया है, जो बहुत कम समय में घने जंगल तैयार करने के लिए जानी जाती है। इसके तहत पर्यावरण के अनुकूल करीब 35 स्थानीय (Indigenous) प्रजातियों के पौधे रोपे गए हैं। ये स्वदेशी पेड़ भविष्य में जैव विविधता के संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी, कार्बन सोखने, तापमान नियंत्रण और शहर के ग्रीन कवर को बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

सतत शहरी विकास और वैश्विक स्तर पर मिली नई पहचान

अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित यह वैश्विक रिकॉर्ड केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सौंपने के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। इस अभियान के जरिए अहमदाबाद ने वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपनी एक मजबूत और नई पहचान बनाई है। जनभागीदारी और प्रशासन के इस बेहतरीन तालमेल से लिया गया यह कदम अहमदाबाद को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और सतत (Sustainable) शहर बनाने की दिशा में आगे ले जाएगा।

 

मास्क पहनकर आम यात्री बने मंत्री, कंडक्टर ने छुट्टे न होने पर उतारा; ड्राइवर-कंडक्टर सस्पेंड

Karnataka minister Byrathi Suresh Conducted a surprise field inspection on BMTC buses

कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने मास्क पहनकर बेंगलुरु की 10 BMTC बसों में औचक निरीक्षण किया। एक बस में कंडक्टर ने छुट्टे पैसे न होने पर उन्हें उतरने को कहा। शिकायत सही मिलने पर संबंधित ड्राइवर और कंडक्टर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। ALSO READ: TMC पर लड़ाई हुई तेज, ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा, बोले- हम हैं असली टीएमसी, कोर्ट का दिखाया आदेश

 

बीएमटीसी बसों में आम लोग रोज जिस नरक को झेलते हैं, उसे खुद राज्य के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने अपनी आंखों से देखा। मंत्री जी कोई गाड़ियों के काफिले या सुरक्षाकर्मियों के साथ नहीं निकले थे। वे चेहरे पर मास्क लगाकर, आम सवारी बनकर चुपचाप एक के बाद एक 10 बसों में चढ़ गए।

 

मंत्री जब नागाशेट्टीहल्ली जाने वाली एक बस में सवार हुए। तो उन्होंने जेब से 100 रुपए का नोट निकाला और कंडक्टर से 2 टिकट मांगे। इस पर कंडक्टर ने जो किया, वह बंगलूरू के बस यात्रियों की रोज की कहानी है।

कंडक्टर ने अपना बैग हिलाया और अकड़ कर बोला, 'छुट्टे पैसे नहीं हैं। अगर छुट्टे पैसे नहीं हैं, तो बस से नीचे उतर जाओ।' कंडक्टर को अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वह धौंस दिखा रहा है, वही उसका सबसे बड़ा बॉस है।

 

रात के सन्नाटे में दो घंटे तक चले इस ड्रामें ने सरकारी दावों की हवा निकाल कर रख दी। बस में मंत्री जी के साथ ही बदसलूकी हो गई। इसके बाद विभाग में हड़कंप मचना ही था। ऑन द स्पॉट एक्शन हुआ और लापरवाह कर्मचारियों पर गाज गिर गई।