अमेरिका में Google की भारतीय मूल की पूर्व कार्यकारी की हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार

Former Google executive of Indian origin shot dead in US

अमेरिका में जॉर्जिया के कॉब काउंटी में भारतीय मूल की अमेरिकी महिला और गूगल की पूर्व कार्यकारी शीतल व्रजेसियन की उनके पति ने गोली मारकर हत्या कर दी। पीड़िता की पहचान 57 वर्षीय शीतल व्रज़ेसियन के रूप में हुई है। खबरों के अनुसार, लॉरेल क्रीक ट्रेल में इस जोड़े के घर पर हुई गोलीबारी में व्रज़ेसियन का बेटा जेसन घायल हो गया। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और उनकी जान बच गई। पुलिस ने आरोपी की पहचान शीतल के पति, 56 वर्षीय किर्क बी. व्रेज़ियन (स्मिर्ना निवासी) के रूप में की है। पुलिस ने हत्‍या के आरोप में शीतल के पति को गिरफ्तार कर लिया है।

अमेरिका में जॉर्जिया के कॉब काउंटी में भारतीय मूल की अमेरिकी महिला और गूगल की पूर्व कार्यकारी शीतल व्रजेसियन की उनके पति ने गोली मारकर हत्या कर दी। पीड़िता की पहचान 57 वर्षीय शीतल व्रज़ेसियन के रूप में हुई है। खबरों के अनुसार, लॉरेल क्रीक ट्रेल में इस जोड़े के घर पर हुई गोलीबारी में व्रज़ेसियन का बेटा जेसन घायल हो गया। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और उनकी जान बच गई।

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पुलिस ने आरोपी की पहचान शीतल के पति, 56 वर्षीय किर्क बी. व्रेज़ियन (स्मिर्ना निवासी) के रूप में की है। पुलिस ने हत्‍या के आरोप में शीतल के पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई को रात 8 बजे से कुछ ही समय पहले गोलीबारी की सूचना मिलने पर अधिकारी व्रेज़ियन के घर पहुंचे थे। जांचकर्ताओं ने कहा कि गोलीबारी घरेलू विवाद के कारण हुई, हालांकि घटना के सटीक कारणों की अभी भी जांच जारी है।

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शीतल मूल रूप से इंग्लैंड, भारत और घाना में पली-बढ़ी थीं। उनके पास तकनीकी क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव था और वह गूगल से पहले होम डिपो (Home Depot) के ई-कॉमर्स व्यवसाय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी थीं। अपनी मृत्यु के समय शीतल व्रज़ेसियन गो टू फूड्स में एक तकनीकी लीडर के रूप में कार्यरत थीं।

योगी सरकार का हरित महाअभियान, शिक्षा विभाग के संस्थानों में रोपे 43 लाख पौधे

Yogi government's massive green drive, 4.3 million saplings planted at Education Department institutions

– बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में हुआ व्यापक पौधारोपण

– बेसिक शिक्षा विभाग में 12 लाख, माध्यमिक शिक्षा विभाग में 11 लाख तथा उच्च शिक्षा विभाग में 20 लाख पौधे रोपे गए

– पौधारोपण के साथ संरक्षण का भी लिया गया संकल्प, नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने पर रहा विशेष जोर

– हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी से मिली नई मजबूती

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित 35 करोड़ पौधारोपण महाअभियान-2026 में शिक्षा विभाग ने भी उल्लेखनीय भागीदारी निभाई। अभियान के अंतर्गत बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के संस्थानों में संयुक्त रूप से 43 लाख पौधे रोपे गए। प्रदेशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में एक साथ चले पौधारोपण अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सरकार का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सतत विकास के संस्कार विकसित करना भी है। 

 

हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को मिली नई ऊर्जा

35 करोड़ पौधारोपण महाअभियान में शिक्षा विभागों की सक्रिय भागीदारी ने हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की। विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालयों तक एक साथ हुए पौधारोपण ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाया। लाखों विद्यार्थियों की सहभागिता ने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया। इसके साथ ही प्रकृति संरक्षण, हरित विकास और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया।

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राज्य मुख्यालय पर भी दिखा उत्साह

'एक पेड़ मां के नाम' थीम के अंतर्गत राज्य मुख्यालय पर भी पौधारोपण महाअभियान उत्साहपूर्वक मनाया गया। शिविर कार्यालय, 18 पार्क रोड, लखनऊ में माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल, अपर राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) वी.के. पांडेय, वृक्षारोपण अभियान की विभागीय नोडल अधिकारी रीटा जोशी सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधारोपण किया।

इस अवसर पर शिविर कार्यालय परिसर में हरसिंगार, नाग चंपा, एरिका पाम और सहजन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। वहीं निशातगंज स्थित एससीईआरटी परिसर में निदेशक गणेश कुमार तथा संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने पौधारोपण किया। इस अवसर पर एससीईआरटी के अनेक अधिकारियों एवं प्रवक्ताओं ने भी पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इसी प्रकार उच्च शिक्षा विभाग के निदेशालय, विश्वविद्यालयों, राजकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी महाविद्यालयों सहित अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भी अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूती प्रदान की।

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परिषदीय विद्यालयों, केजीबीवी और ब्लॉक संसाधन केंद्रों में रोपे गए 12 लाख पौधे

बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 12 लाख पौधे रोपे गए। परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी), ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी), संकुलों तथा अन्य शैक्षणिक परिसरों में व्यापक पौधारोपण किया गया।

शिक्षकों, विद्यार्थियों, स्कूल प्रबंधन समितियों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय ने अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। विद्यार्थियों को जैव विविधता, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व की जानकारी दी गई तथा रोपे गए पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। 

 

नोडल अधिकारी ने झांसी में पौधारोपण कार्यक्रमों का स्थलीय निरीक्षण किया

राज्य स्तर पर भी बेसिक शिक्षा विभाग ने अभियान की सतत निगरानी की। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं वृक्षारोपण महाअभियान-2026 की नोडल अधिकारी मोनिका रानी ने झांसी जनपद में पौधारोपण कार्यक्रमों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने भगवन्तपुर वन ब्लॉक स्थित 'नंदन वन' पौधारोपण का निरीक्षण किया।

वह कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, टपरियन (बबीना) परिसर में कराए गए पौधारोपण तथा अन्य स्थलों का निरीक्षण कर पौधों के संरक्षण एवं अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण भी किया और अधिकारियों को रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने तथा जनभागीदारी को और मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए।

 

राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में रोपे गए 11 लाख पौधे

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 11 लाख पौधे रोपे गए। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, मान्यता प्राप्त वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय एवं सहायता प्राप्त व्यावसायिक विद्यालयों तथा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसरों में व्यापक पौधारोपण किया गया।

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विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही रोपे गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया गया।

 

विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोपे गए सर्वाधिक 20 लाख पौधे

उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सर्वाधिक 20 लाख पौधे रोपे गए। प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। परिसरों को हरित बनाने के साथ रोपे गए पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का स्थायी अभियान बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

CM यादव मोहन ने लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर किए 1835 करोड़, भिंड को दी 322.29 करोड़ की सौगात

Chief Minister Mohan Yadav transferred Rs 1835 crore to accounts of Ladli Behnas

– 1.25 करोड़ से ज्यादा बहनों को मिली लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त

– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 56 विकास कार्यों का भूमिपूजन, लोकार्पण

– मध्यप्रदेश में इसी महीने लागू होगी समान नागरिक संहिता

– भिंड जिले के लहार में हुआ कार्यक्रम का आयोजन

Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए 12 जुलाई का दिन बेहद खास रहा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1835 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। उन्होंने यह राशि भिंड जिले के लहार से भेजी। इसके अलावा यहां आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भिंड जिले को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 322.29 करोड़ के 56 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर भिंड को 4 सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिलेगी और लहार के कॉलेज में पीजी कोर्स शुरू किया जाएगा। 

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भिंड का यह क्षेत्र वह क्षेत्र है, जहां पांडवों ने लाक्षागृह कांड से अपना जीवन बचाया था। मैं भिंड की इस धरती को प्रणाम करता हूं। भिंड के लोग जुझारू लोग हैं। हमारी पार्टी कमल की पार्टी है। भिंड जिला खास है। डॉक्टर के रूप में कहीं भगवान हनुमान विराजे हैं, तो भिंड में विराजे हैं। भगवान राम के अनन्य सेवक हनुमान जी राम-रावण के युद्ध के समय भी थे और 5 हजार साल पहले महाभारत में अर्जुन के रथ के ऊपर धर्म की ध्वजा फहरा रहे थे। जहां भी अधर्म होगा, वहां वे धर्म की ध्वजा लेकर खड़े रहते हैं। वे जीवनभर हमारा मार्गदर्शन करते हैं।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब हम बात करते हैं तो कांग्रेसियों की छाती पर सांप लोट जाते हैं। वो हाय रे-हाय रे चिल्लाने लगते हैं। उनको हमारे देवी-देवताओं में भी वोट का नफा-नुकसान दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां रसखान जैसे भक्त भी हुए हैं, लेकिन कांग्रेस केवल हिंदू धर्म को बदनाम करती है। 

 

डूब मरना चाहिए कांग्रेस को

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। उनके नेतृत्व में भारत की शक्ति बढ़ी है, मान-सम्मान बढ़ा है। आज दुनिया में भारत को बहुत सम्मान से देखा जा रहा है। भिंड का जवान एक तरफ सीमा पर जान की बाजी लगाता है, तो दूसरी तरफ किसान खेत में मेहनत करके अपनी पहचान बनाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का वो जमाना गया, जब बहनों की डोली पर डकैत डाका डाला करते थे। आज हमारी बहन-बेटियां निर्भीकता से स्कूल-कॉलेज जा रही हैं, ये बदलते दौर का प्रदेश है। हमारी बहनें सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बेशर्मी से बोलते हैं कि लाड़ली बहनों को पैसे मत दो, वो इन रुपयों से शराब पीती हैं। कांग्रेस अध्यक्ष को डूब मरना चाहिए। ये माता-बहनों का अपमान है। ये हमारी देवी संस्कृति का अपमान है। हमारे यहां माताओं-बहनों को इस नजर से देखा भी नहीं जाता, लेकिन कांग्रेस की नीति और नीयत सदैव इसी भावना की रहती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में बहनों को फूटी कौड़ी नहीं दी। एक हजार रुपए से शुरू होने वाली योजना आज 1500 रुपए तक पहुंच गई है। जबसे यह योजना शुरू हुई है, तब से 51 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में डाल चुकी है। 

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पैसे का महत्व बहनों से पूछें कांग्रेसी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के परिवार ने गरीबी नहीं देखी, बहनों के कष्ट में वो कभी शामिल नहीं हुए। किसी लाड़ली बहना के परिवार में जाकर कांग्रेसी पूछें कि पैसे का क्या महत्व होता है। 100 रुपए का भी क्या महत्व होता है ये हमारी बहनों से पूछो। माताएं-बहनें तो घरों के लिए दुर्गा-सरस्वती-लक्ष्मी होती हैं। बच्चे मां के हिस्से का भी खाना खा जाते हैं, इस पर भी मां को खुशी होती है और उसकी आत्मा आशीर्वाद देती है।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि माताएं-बहनें हमारे घर की शोभा हैं। ये घर की रीढ़ होती हैं। उनके बगैर घर सीमेंट-कांक्रीट का जंगल हो जाएगा। हमारे कन्हैया भी जब तक राधा नहीं बोलो, श्री राम जब तक सीता न बोलो, महादेव जब तक पार्वती न बोलो, तब तक आशीर्वाद नहीं देते। इसलिए हमने कई बार कहा है कि लाड़ली बहनों के लिए जो बन पड़ेगा, वो सब करेंगे।

 

सबके लिए कानून एक सा होना चाहिए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय आ रहा है जब कांग्रेस की धरती डोल रही है। देश का भूगोल बदल रहा है। कुछ समय पहले कांग्रेसियों ने, 'लड़की हूं-लड़ सकती हूं' कहने वाली कांग्रेस की बड़ी नेता ने लोकसभा में बहनों की आशा की कुठाराघात किया। जब लोकसभा में 33 फीसदी आरक्षण का मामला आया तो उस बड़ी नेता और पप्पू भैया ने विरोधी दलों को मिलाकर बहनों के हक पर डाका डाला।

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उन्होंने कहा कि स्प्रिंग को जितना दबाओगे वह छोड़ते ही उतनी ताकत से उछलती है। उनके कर्मों की वजह से हमें बंगाल-असम में आशीर्वाद मिला। बीजेपी-एनडीए की ताकत बढ़ती गई। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हम सांदीपनि विद्यालयों की सौगात देने जा रहे हैं। भारत में एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान होना चाहिए। हिंदू-मुस्लिम-ईसाई का कानून अलग-अलग नहीं हो सकता। किसी को दो-तीन-चार शादियों का हक न हो।

उन्होंने कहा कि इसी महीने समान नागरिक संहिता लागू करेंगे। मध्यप्रदेश उन बड़े राज्यों में से होगा, जिसका कानून सबको समानता का अधिकार देगा। इसमें मुस्लिम बहनों की भी जिंदगी बेहतर होगी। हमारी समिति पूरे प्रदेश में घूमी। उसके पास यूसीसी के लिए दस लाख से ज्यादा सुझाव आए। इन सुझावों में मुस्लिम बहनों के भी सुझाव आए। उन्होंने कहा कि भैया ये कानून जल्दी लागू करो। इस कानून से हमारी जिंदगी सुरक्षित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद कि उन्होंने तीन तलाक का कानून भी समाप्त कराया। 

 

सभी वर्गों का विकास कर रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम किसानों की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। जब से हमारी सरकार आई है, हमने किसानों से अन्न खरीदा। कांग्रेस के शासनकाल में 55 साल में गेहूं का भाव 400 रुपए भी नहीं बढ़ा। जबकि, हमारी सरकार के 20 कार्यकाल में हम गेहूं 2625 रुपए क्विंटल खरीद रहे हैं। आप गौशाला संचालित करेंगे, तो सरकार आपकी सहायता करेगी। हम दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को नंबर-1 बनाएंगे।

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कांग्रेस के शासनकाल में सरकारी बसें बंद हो गई थीं, लेकिन हमारी सरकार इसी महीने इसे दोबारा शुरू कर रही है। गुना में दो हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट, ढाई हजार करोड़ का प्लांट शिवपुरी में। यहां से मिसाइल जाएगी और पाकिस्तान का कोई कोना नहीं बचेगा।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सब वर्गों के लिए काम कर रही है। मध्यप्रदेश देश में बेरोजगारी की दर सबसे कम है। राज्य में वृंदावन गांव और गीता भवन बनाए जाएंगे। कांग्रेस को यह बात भी समझ नहीं आ रही। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विदेशी मेहमानों को गीता भेंट करते हैं। जहां-जहां श्रीराम-श्री कृष्ण के चरण पड़े, वहां-वहां तीर्थ स्थान बनाने वाले हैं।

स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण उद्यम तक : उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रहीं महिलाएं

Women are giving new strength to Uttar Pradesh's economy

– वाराणसी की रीना सिंह की कहानी बनी प्रेरक मिसाल, महिला नेतृत्व वाले उद्यम से 200 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार

– योगी सरकार की नीतियों से महिला उद्यमिता बनी ग्रामीण विकास की नई पहचान, बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था

– एक करोड़ महिलाओं का मजबूत आर्थिक नेटवर्क, गांवों में बढ़ रहा मूल्य संवर्धन और रोजगार

Chief Minister Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण केवल एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि आर्थिक परिवर्तन का मजबूत आधार बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लगातार लाखों ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि आज महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के जरिए न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

 

एक करोड़ महिलाएं करीब 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं

वर्तमान में उत्तर प्रदेश की लगभग एक करोड़ महिलाएं करीब 10 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों ने महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें व्यवसाय स्थापित करने, वित्तीय सहायता प्राप्त करने, कौशल विकास प्रशिक्षण लेने और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का अवसर भी प्रदान किया है।

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वाराणसी की रीना सिंह बनीं प्रेरक मिसाल 

वाराणसी की रीना सिंह इस परिवर्तन की प्रेरक मिसाल हैं। पति के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए उन्होंने 11 महिलाओं के साथ मिलकर महादेव स्वयं सहायता समूह की शुरुआत की। छोटे स्तर पर आरंभ हुआ यह प्रयास आज हल्दी, धनिया और दालों के प्रसंस्करण के सफल उद्यम में बदल चुका है। इस महिला-नेतृत्व वाले कारोबार का वार्षिक कारोबार 80 लाख रुपए से अधिक है और इससे 200 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार एवं आजीविका के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

 

स्थानीय स्तर पर सृजित हो रहे रोजगार के अवसर 

प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाएं कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, डेयरी, खाद्य उत्पाद निर्माण, सिलाई, हस्तशिल्प और ग्रामीण मार्ट संचालन जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। अब वे केवल कच्चा माल बेचने तक सीमित नहीं हैं बल्कि पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के माध्यम से अपने उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर रही हैं। इससे गांवों में आय बढ़ रही है, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं और पलायन में भी कमी आ रही है।

 

योगी सरकार की महिला सशक्तीकरण केंद्रित नीतियां

महिला उद्यमिता को और अधिक मजबूती देने के लिए डिजिटल तकनीक, आधुनिक उपकरण, कौशल प्रशिक्षण, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तथा बड़े बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। योगी सरकार की महिला सशक्तीकरण केंद्रित नीतियां इस दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

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उद्योग, निवेश और आधारभूत संरचना के साथ-साथ महिलाओं द्वारा संचालित ग्रामीण उद्यम आज उत्तर प्रदेश के समावेशी और सतत विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं। यही सशक्त महिलाएं विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान कर रही हैं।

मानसून सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, इन विधेयकों पर रहेगी नजर, विपक्ष भी कर रहा घेरने की तैयारी

Government calls all party meeting ahead of Monsoon Session

Monsoon Session of Parliament : सरकार ने संसद का मानसून सत्र सत्र शुरू होने से पहले यानी 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। खबरों के अनुसार, यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। इस बैठक में सरकार अपने विधायी एजेंडे की जानकारी देगी। इस बार का मानसून सत्र हंगामेदार रहने वाला है। जहां विपक्ष नीट परीक्षा लीक और दलों को तोड़ने के मुद्दों को उठा सकता है। वहीं सरकार अपने अहम विधेयक पास कराने की कोशिश करेगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा।

 

सरकार ने संसद का मानसून सत्र सत्र शुरू होने से पहले यानी 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। खबरों के अनुसार, यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। इस बैठक में सरकार अपने विधायी एजेंडे की जानकारी देगी। इस बार का मानसून सत्र हंगामेदार रहने वाला है। जहां विपक्ष नीट परीक्षा लीक और दलों को तोड़ने के मुद्दों को उठा सकता है। वहीं सरकार अपने अहम विधेयक पास कराने की कोशिश करेगी।

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कब से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र?

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। सरकार इस सत्र में कई अहम विधेयक ला सकती है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा उस नए विधेयक की है, जो महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण से जुड़ा है। पिछला संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका था।

 

इन मुद्दों को उठा सकता है विपक्ष

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से NEET-UG पेपर लीक का मामला और ऑपरेशन सिंदूर में हुई हताहतों को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणियों का मुद्दा उठाए जाने की संभावना है। कांग्रेस ने इस संबंध में रक्षामंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है।

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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा मामले, नीट पेपर लीक, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरेगा। राजद सांसद ने कहा कि विपक्ष 'एक देश, एक चुनाव', परिसीमन और ऐसे ही दूसरे कदमों का भी पुरजोर विरोध करेगा। 

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हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद देश की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। भाजपा के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ एनडीए पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत होकर उभरा है, जबकि विपक्ष के कई दलों में अंदरुनी मतभेद खुलकर सामने आए हैं।

ओमान के पास भारतीयों से भरे जहाज पर हमला, 10 सुरक्षित, 1 अब भी लापता, भारत ने क्या कहा

attack on ship

भारत ने रविवार को ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि अब तक 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।

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विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि भारत ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज GFS Galaxy पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है। मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर मौजूद 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक के लापता होने की सूचना है।

 

भारत ने क्षेत्र में नागरिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने पर भी गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्री व्यापारिक जहाजों और नागरिक अवसंरचना पर इस तरह के हमलों को तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

कमर्शियल शिपिंग पर लगातार हो रहे हमले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने चिंता जताते हुए कहा कि हम तनाव को तुरंत कम करने और डिप्लोमैटिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को खत्म करने की अपनी मांग दोहराते हैं ताकि इस इलाके में शांति और स्थिरता लौट सके। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान में हमारी एम्बेसी स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और चल रहे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में ओमानी अधिकारियों के साथ लगातार कोऑर्डिनेट कर रही है। हम ओमानी अधिकारियों को उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद देते हैं।

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सरकार ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लापता भारतीय नागरिक का पता लगाने के लिए संबंधित देशों और एजेंसियों के साथ संपर्क में है। साथ ही, प्रभावित भारतीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

CM Yogi Adityanath : आयुष विश्वविद्यालय में नए छात्रावासों का उद्घाटन, महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में हुआ नामकरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम प्रदेश के प्रथम महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय में नवनिर्मित बालक और बालिका छात्रावास का उद्घाटन किया। बालक छात्रावास का नामकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में हुआ है जबकि बालिका छात्रावास राप्ती नामाकृत है। छात्रावास के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने दोनों छात्रावासों के आवंटी चिकित्सक विद्यार्थियों को उनके कमरों की चाबी भी सौंपी। मुख्यमंत्री ने आयुष विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का भी निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए इसे शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 

भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क का भटहट मोड़ पर लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने बालक और बालिका छात्रावास का उद्घाटन किया। छात्रावास का भ्रमण कर उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खिड़कियों पर जाली लगवाने, साफ सफाई की उत्कृष्ट व्यवस्था करने तथा मेस में गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने छात्रावास के आवंटी एमडी आयुर्वेद के विद्यार्थियों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने आयुर्वेद की उच्च शिक्षा को बेहतरीन अवसर बताते हुए विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। 

 

छात्रावास का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय परिसर में बन रहे ऑडिटोरियम के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने उन्हें अद्यतन प्रगति से अवगत कराया। ऑडिटोरियम के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था से निर्माण कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखते हुए जल्द से जल्द इसे पूर्ण कर लिया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। आयुष विश्वविद्यालय में छात्रावास के उद्घाटन  अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के रामचंद्र रेड्डी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। 

 

उल्लेखनीय है कि आयुष विश्वविद्यालय, सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। उन्होंने इस विश्वविद्यालय का शिलान्यास 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों और लोकार्पण 1 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के कर कमलों से कराया था।

Monsoon Alert : 15 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट, 70 Kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; IMD ने अपनी चेतावनी में क्या कहा

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उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुंबई समेत कई राज्यों में बारिश से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 12 जुलाई को अगले 10 घंटे के दौरान देश के 15 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है।

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मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कुछ क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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इन 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

 

IMD ने बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम और त्रिपुरा में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बिजली गिरने, तेज हवाओं और जलभराव जैसी स्थिति को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट जारी

हिमाचल प्रदेश के शिमला और आसपास के जिलों में IMD ने मध्यम से भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक शिमला में तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम और 20 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम स्तर के आसपास रहने की संभावना है। फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है।

Gujarat : अमित शाह एक दिवसीय अहमदाबाद दौरे पर, ‘मिशन फाइव मिलियन ट्री’ अभियान का करेंगे शुभारंभ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज एक दिवसीय दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं और अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके दौरे के दौरान शहर में वृक्षारोपण और विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

अमित शाह अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के महत्वाकांक्षी 'मिशन फाइव मिलियन ट्री' अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस अभियान के तहत शहर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर अहमदाबाद को अधिक हरित और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

 

इसके अलावा वे साइंस सिटी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद घाटलोडिया क्षेत्र में आयोजित सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे। वेजलपुर विधानसभा क्षेत्र के बोपल में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी उनकी उपस्थिति रहेगी।

 

अपने दौरे के दौरान अमित शाह नारणपुरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस प्रकार वे अहमदाबाद में कुल चार अलग-अलग स्थानों पर आयोजित विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

 

केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी कार्यक्रम स्थलों पर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

Iran-US Conflict : ईरान का जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर हमला करने का दावा, UAE, बहरीन और कतर में भी मिसाइल अलर्ट

अमेरिका द्वारा ईरान पर ताजा सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला कर वहां मौजूद कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ड्रोन हैंगर को नष्ट कर दिया। ईरान का यह दावा ऐसे समय आया है जब उसने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की घोषणा की थी और चेतावनी दी थी कि यदि उस पर और हमले हुए तो क्षेत्र में मौजूद “दुश्मन के अतिरिक्त सैन्य ठिकानों” को भी निशाना बनाया जाएगा।

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UAE, बहरीन और कतर में भी मिसाइल अलर्ट

इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और कतर के अधिकारियों ने भी संभावित हमलों के संकेत दिए हैं। अबू धाबी के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान की ओर से आए मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई कर रही है। वहीं बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि देश में सायरन बजाए गए हैं और लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

दोहा में धमाकों की आवाजें, लोगों को घरों में रहने की सलाह

कतर की राजधानी दोहा में भी कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सरकार ने लोगों के मोबाइल फोन पर सुरक्षा अलर्ट भेजकर उन्हें घरों और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी। आसमान में मिसाइल इंटरसेप्शन भी देखे गए। बाद में कतर सरकार ने दावा किया कि उसकी सशस्त्र सेनाओं ने मिसाइल हमले को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।

अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ा तनाव

यह घटनाक्रम अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए सैन्य हमलों के बाद सामने आया है। अमेरिका ने यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर कथित हमले और समुद्री मार्ग बंद करने की ईरानी घोषणा के जवाब में की थी। अब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ती जा रही है।