भारी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल?

Stock market recovers after sharp fall, how will it fare next week

Share Market Weekly Review : अमेरिका-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। 3 दिन बाजार हरे निशान में तो 2 दिन लाल निशान में रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 194 अंकों की गिरावट आई तो निफ्टी भी 62 अंक नीचे हुआ। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह?

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 521 अंकों की तेजी के साथ 78285 पर बंद हुआ तो निफ्टी 159 अंक बढ़कर 24430 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 104 अंक गिरकर 78181 पर बंद हुआ। निफ्टी 32 अंकों की गिरावट के साथ 24399 पर पहुंच गया।

 

बुधवार को सेंसेक्स 1677 अंक गिरकर 76504 पर जा पहुंचा। निफ्टी 517 अंकों की गिरावट के साथ 23882 पर बंद हुआ। गुरुवार को सेंसेक्स 238 अंक बढ़कर 76742 पर पहुंच गया तो निफ्टी 81 अंकों की बढ़त के 23963 पर बंद हुआ। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 828 अंक बढ़कर 77569 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 244 अंकों के उछाल के साथ 24207 पर जा पहुंचा।

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

शेयर बाजार में इस हफ्ते निवेशकों ने मंगलवार को जमकर बिकवाली की तो सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार को जमकर खरीदारी हुई। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ने निवेशकों को सर्तक किया तो ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ भारत के एफटीए साइन होने संबंधी खबरों ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया। ब्लू चिप कंपनियों में निवेशकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई। कंपनियों के Q1 नतीजों की शुरुआत, FII-DII फ्लो, वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर-रुपया और मानसून जैसे कई कारकों के संयुक्त प्रभाव ने शेयर बाजार को प्रभावित किया। 

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

यदि कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, कमजोर कॉरपोरेट नतीजे, वैश्विक अनिश्चितता, कच्चे तेल में तेज उछाल या विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

 

अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन, फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेत और बॉन्ड यील्ड में बदलाव भारतीय बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे। ब्रेंट क्रूड की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर ऊर्जा, ऑटो, एविएशन और आईटी शेयरों की चाल निर्भर करेगी।

 

SBI फंड्स का 11693 करोड़ का IPO

देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट का 11693 करोड़ रुपए का IPO 14 जुलाई से निवेशकों के लिए खुलेगा। आप इसमें 16 जुलाई तक बोली लगा सकेंगे। एंकर इन्वेस्टर्स को इस आईपीओ में सोमवार, 13 जुलाई को बोली लगाने का मौका मिलेगा। आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट 18 जुलाई को तय होगा और कंपनी के शेयर 21 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। इसके एक शेयर का फेस वैल्यू 1 रुपया है। इसका प्राइस बैंड 545 से 574 रुपए तय किया गया है।

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

अयोध्या ​राम मंदिर में नई समस्या! 23 कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा

Ram Mandir donation counting staff resignation: ​अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा और दान चोरी प्रकरण के बाद से नित नए खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब राम मंदिर के भीतर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने 9 जुलाई को सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

​क्यों दिया कर्मचारियों ने इस्तीफा?

​इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों के सामने एक अजीबोगरीब संकट खड़ा हो गया है। मंदिर के सूत्रों के मुताबिक दानपात्रों में अचानक 10 और 20 रुपए के नोटों की संख्या अत्यधिक बढ़ गई है। इसके विपरीत, 500 रुपए के नोटों की संख्या में भारी गिरावट आई है। दरअसल, छोटे नोटों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उनकी गिनती करने और गड्डियां बनाने में कर्मचारियों को पहले से कहीं ज्यादा समय और कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जिससे परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। ALSO READ: अयोध्या आहत है… रामलला के घर 'लूट' ने आस्था को घायल किया, सरयू किनारे गूंज रहा एक ही सवाल— 'अब न्याय कब?'

रामभक्तों के विश्वास को पहुंची ठेस

​इस पूरे बदलाव से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि दान चोरी की इस घटिया और तुच्छ घटना ने देश-दुनिया के रामभक्तों को कितना गहरा आघात पहुंचाया है। भक्तों का भरोसा इस कदर डगमगाया है कि उन्होंने मंदिर में बड़ा कैश (500 के नोट) चढ़ाना बंद या बेहद कम कर दिया है।​

अयोध्या के अन्य मंदिरों पर भी बुरा असर

चढ़ावा चोरी की घटना का असर सिर्फ राम जन्मभूमि मंदिर तक ही सीमित नहीं है। इसका सीधा और बड़ा असर अयोध्या के अन्य छोटे-बड़े मंदिरों के चढ़ावे और दान पर भी देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं के बीच उपजे अविश्वास के कारण पूरी धर्मनगरी के मंदिरों की दान व्यवस्था प्रभावित हुई है। ALSO READ: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या घटी, अयोध्या की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

नृपेन्द्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे

दूसरी ओर, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा अपने दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले प्रभु रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन किए और इसके बाद मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में दान पात्रों से हुई चढ़ावा चोरी की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और कलंक' बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।

Ayodhya News

​​निर्माण समिति की महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर निर्माण की प्रगति और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके तहत निम्नलिखित लक्ष्य तय किए गए हैं। राम मंदिर के सभी प्रमुख निर्माण कार्यों को 30 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य है। हुतात्मा स्मारक का निर्माण जुलाई के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। शेष 4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का काम 30 सितंबर तक पूरा होगा। इसके साथ ही मंदिर का भव्य ऑडिटोरियम दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। ALSO READ: अयोध्या कांड में जीजा-साले निकले महाचोर, दान चोरी में अब होगी ED और IT की एंट्री

अखंड ज्योति और राम कथा संग्रहालय

पुराने मंदिर स्मारक का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जहां अब चौबीसों घंटे अखंड ज्योति जलाने की विशेष तैयारी की जा रही है। ​राम कथा संग्रहालय की 20 गैलरियों की स्टोरीलाइन पूरी तरह तैयार हो चुकी है।

 

​नए सीईओ की नियुक्ति : मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत व पारदर्शी बनाने के लिए एक पूर्णकालिक सीईओ (CEO) की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी सिफारिशों के आधार पर ट्रस्ट अंतिम फैसला लेगा।

उत्‍तर प्रदेश में मरीजों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण इलाज, योगी सरकार की पहल पर साचीज ने चलाया अभियान

Patients in Uttar Pradesh will receive quality treatment

– अवैध वसूली और अपकोडिंग पर जीरो टॉलरेंस, बार-बार उल्लंघन करने वाले अस्पताल निलंबित

– आयुष्मान के मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल

– आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर सख्ती, दोषी अस्पतालों पर 1.16 करोड़ का जुर्माना

– एनएबीएच से मान्यता प्राप्त 800 अस्पतालों को दिया गया डिजिटल प्रशिक्षण

Chief Minister Yogi Adityanath : योगी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में साचीज द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में विशेष गुणवत्ता सुधार अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

 

800 अस्पतालों को दिया गया प्रशिक्षण 

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त प्रदेश के 800 अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया गया है। यह प्रशिक्षण राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान लखनऊ द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान अस्पतालों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

साथ ही अस्पतालों की तकनीकी समस्याओं और शिकायतों का भी मौके पर समाधान किया गया, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता में सुधार हो सके। वहीं भारत सरकार द्वारा एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पतालों को गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है।

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इसी व्यवस्था के तहत साचीज अस्पतालों को गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना से जुड़े प्रत्येक अस्पताल में मरीजों को सुरक्षित, मानक आधारित और सम्मानजनक उपचार मिल सके।

 

गड़बड़ी पर अस्पतालों पर लगाया गया 1.16 करोड़ का जुर्माना

इसके साथ ही साचीज ने अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। योजना के तहत अवैध नकद वसूली, अपकोडिंग या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति लागू की जा रही है। साचीज की सीईओ ने बताया कि जिन अस्पतालों के खिलाफ जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है।

चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ऐसे अस्पतालों पर लगभग 1.16 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसमें से लगभग 60 लाख रुपए की वसूली भी की जा चुकी है। शेष राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अस्पतालों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, जो अस्पताल बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन्हें योजना से निलंबित भी किया जा रहा है।

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उन्होंने बताया कि साचीज केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि ऐसे अस्पतालों का मजबूत नेटवर्क तैयार करने पर ध्यान दे रहा है जो गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित सेवाओं के मानकों पर खरे उतरें। इसी दिशा में केंद्र सरकार के अस्पतालों को भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे प्रदेश के लाभार्थियों को और अधिक विशेषज्ञ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

क्या युवाओं का डिग्री से मोहभंग हो गया? पहली बार घटा UG कॉलेजों में एडमिशन; हैरान कर देगी वजह!

higher education trends India

AISHE report higher education trends India: भारत में हर साल लाखों युवा कॉलेज लाइफ और एक अदद अदभुत करियर का सपना लेकर ग्रेजुएशन (UG) में एडमिशन लेते हैं। लेकिन हाल ही में आए सरकारी आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) की नई रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। देश के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हुआ है जब ग्रेजुएशन कोर्सेज में छात्रों का नामांकन (Enrollment) बढ़ने के बजाय घट गया है।

आखिर ऐसा क्या हुआ कि युवा अब कॉलेज की डिग्री से दूरी बना रहे हैं? क्या यह रोजगार का संकट है, नीतियों में बदलाव या फिर युवाओं की बढ़ती निराशा? आइए शिक्षा विशेषज्ञों के हवाले से इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझते हैं।

AISHE सर्वे के आंकड़े क्या कहते हैं?
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी वर्ष 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट (जो देश के 64,000 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों के डेटा पर आधारित है) के मुताबिक:

higher education trends India


एडमिशन घटने के 4 सबसे बड़े कारण: विशेषज्ञों का विश्लेषण

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सुखदेव थोराट और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर फुरकान क़मर ने इस बदलाव के पीछे कई गंभीर नीतिगत और सामाजिक कारणों को रेखांकित किया है:

higher education trends India

क्या सीयूईटी (CUET) भी है ज़िम्मेदार?

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए लागू की गई कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) प्रक्रिया ने भी एडमिशन के ढर्रे को बदला है। इस जटिल प्रवेश परीक्षा के कारण ग्रामीण इलाकों और विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए बड़े विश्वविद्यालयों में दाखिला पाना पहले के मुकाबले अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।

यह बदलाव अच्छा है या बुरा?

UG नामांकन में आई यह गिरावट भारतीय उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए एक वेक-अप कॉल (चेतावनी) है। यदि छात्र कौशल विकास (Skill Development) की तरफ जा रहे हैं तो यह एक हद तक सही हो सकता है, लेकिन अगर वे गरीबी, महंगी फीस या निराशा के कारण पढ़ाई छोड़ रहे हैं, तो यह देश के भविष्य के लिए चिंता का विषय है। सरकार और नीति निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उच्च शिक्षा हर वर्ग के लिए सस्ती हो और सबसे महत्वपूर्ण—इसे रोजगारपरक बनाया जाए।

जयशंकर से लेकर निर्मला सीतारमण तक…मंत्रियों के बच्चे पढ़ रहे विदेश में! भारत में पेपर लीक का कोहराम, सोशल मीडिया पर फूटा छात्रों का गुस्सा!

Paper Leak in India

NEET Paper Leak: देश में इस वक्त नौकरियों की कमी, प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी, NEET पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। छात्र सड़कों पर हैं और अपनी ढहती शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। लेकिन इसी बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसने इस जलते हुए विवाद में घी का काम किया है।

एक हालिया मीडिया विश्लेषण में यह खुलासा हुआ है कि जहां देश का आम छात्र एक अदद परीक्षा के समय पर होने और उसका रिजल्ट आने का इंतजार कर रहा है, वहीं देश की नीतियां बनाने वाले केंद्रीय मंत्रियों के बच्चे विदेशों के टॉप विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं।

इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है: क्या हमारे नेताओं को खुद भारत की शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है?

आंकड़े जो चौंकाते हैं : कैबिनेट मंत्रियों के 15 बच्चे विदेश में!

एक मीडिया रिपोर्ट के सार्वजनिक आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, मोदी सरकार के कार्यकाल (2014 के बाद) में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले मंत्रियों के 21 बच्चों (आयु वर्ग 18 से 35 वर्ष) में से 15 बच्चों ने विदेशी विश्वविद्यालयों से डिग्री हासिल की है या वर्तमान में वहां पढ़ रहे हैं। केवल एक बच्चे ने भारत में अपनी उच्च शिक्षा पूरी की, जबकि बाकी के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आइए देखते हैं इस लिस्ट में देश के कौन-से रसूखदार मंत्रियों के परिवारों के नाम शामिल हैं:

Paper Leak in India

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यालय की सफाई : इस विवाद के बीच शिक्षा मंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी नैमिषा पहले भारत की ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में एलएलबी की छात्रा थीं। बाद में उन्हें एक एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत एक वर्ष के लिए अमेरिका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से एलएलएम करने का मौका मिला।

पैसा है तो विदेश चले गए,  हमारा क्या?” – शिक्षा कार्यकर्ताओं का तीखा हमला

इस मुद्दे पर शिक्षा कार्यकर्ताओं और आम जनता ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। कर्नाटक के प्रसिद्ध शिक्षा कार्यकर्ता निरंजनाराध्य वीपी का कहना है:

“यह सिर्फ पर्सनल चॉइस (व्यक्तिगत पसंद) का मामला नहीं है। यह देश की शिक्षा प्रणाली पर भरोसे का सवाल है। जिन नेताओं के पास पैसा और संसाधन हैं, वे अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए विदेश भेज देते हैं। लेकिन उन करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय भारतीय छात्रों का क्या, जो इसी सिस्टम में पिसने को मजबूर हैं?”

वहीं बिहार के शिक्षा कार्यकर्ता अनिल कुमार राय का मानना है कि लगातार होने वाले पेपर लीक, भर्ती घोटालों और रोजगार की अनिश्चितता ने छात्रों का मनोबल तोड़ दिया है। जब देश की पूरी परीक्षा प्रणाली ही संदिग्ध नजर आने लगे, तो सक्षम परिवार अपने बच्चों को दलदल से निकालने के लिए विदेश का रुख करने लगते हैं।

विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में भारी उछाल

आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि भारत के युवा अब देश से बाहर जाने को मजबूर हैं:

Paper Leak in India

सबसे बड़ा सवाल : क्या खोखले हैं 'विश्वगुरु' बनाने के दावे?

यह बहस इस बात पर नहीं है कि किसी को विदेश में पढ़ने का अधिकार है या नहीं। लोकतांत्रिक देश में हर किसी को अपनी मर्जी से पढ़ने की आजादी है। लेकिन सवाल यह है कि जो नीति-निर्माता मंचों से भारत की शिक्षा व्यवस्था को 'विश्वस्तरीय' और देश को 'विश्वगुरु' बनाने के दावे करते हैं, वे खुद अपने बच्चों के लिए भारतीय संस्थानों को सुरक्षित या योग्य क्यों नहीं मानते?

जब तक देश के सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों की हालत नहीं सुधरेगी, पेपर लीक जैसे माफियाओं पर लगाम नहीं कसी जाएगी, तब तक भारत का टैलेंट ऐसे ही विदेशों में पलायन करता रहेगा।

दतिया से टिकट कटने के बाद छलका नरोत्तम मिश्रा का दर्द, कहा पार्टी फोरम पर रखूंगा बात, समर्थकों से भी की अपील

भोपाल। बीजेपी के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटने और उसके बाद उनके समर्थकों के जमकर बवाल के बाद अब पहली बार नरोत्तम मिश्रा का रिएक्शन सामने आया है। डबरा में मीडिया से बात करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह पार्टी का निर्णय है। वहीं उन्होंने दतिया में कार्यकर्ताओं के सड़क जाम और आत्मदाह की कोशिश की घटनाओं पर कहा कि मैं सभी कार्यकर्ताओं से निवेदन करूंगा कि सोशल मीडिया पर पार्टी कार्यकर्ताओं के पेट्रोल और मिट्टी का तेल डालते हुए जो वीडियो सोशल मीडिया पर दिखाए गए, वह ऐसा कोई काम नहीं करें और न मार्ग अवरूद्ध करें, पार्टी फोरम पर अपने तरीके से अपनी बात रखी जाती है इस तरह से व्यक्त नहीं की जाती है।

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नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में उनके समर्थकों का शुक्रवार शाम से जबरदस्त हंगामा जारी है। गुस्साएं भाजपा कार्यकर्ताओं पुलिस पर पथराव कर दिया और पुलिस को कार्यकर्ताओं को काबू में करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा। वहीं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं को दतिया भाजपा दफ्तर में नजरबंद कर दिया गया है।

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वहीं आज नाराज कार्यकर्ताओं को मानने पहुंचें दतिया के चुनाव प्रभारी अभय प्रताप यादव के सामने नरोत्तम मिश्रा ने जमकर नारेबाजी करते हुए पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी मुर्दाबाद के नारे लगाए। मीडिया से बात करते हुए अभय प्रताप यादव ने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावना को लेकर पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा हो रही है। 


दरअसल नरोत्तम मिश्रा दतिया उपचुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुके थे और उन्होंने अपना नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। ऐसे में टिकट कटने के बाद अब नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थक गहरे सदमें है। दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं से मिलकर नरोत्तम मिश्रा पूरी स्थिति से पार्टी हाईकमान को अवगत करा सकते है। 

 

Weather Update: 15 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड-हिमाचल में 400+ सड़कें बंद, सहारनपुर में भारी बारिश से कब्रें क्षतिग्रस्त

rain update 11 july

Weather Update 11 July: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भारी बारिश की वजह से मुर्दे कब्रों से बाहर आ गए और पानी में बह गए। उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से 400 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने आज 15 राज्यों में आंधी-बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इधर सैटेलाइट इमेज में राजस्थान और गुजरात से बादल नदारद है। ALSO READ: Weather Update : दिल्‍ली समेत कई राज्‍यों में बारिश का अलर्ट, कैसा है मुंबई का हाल? जानें देशभर का मौसम

 

सहारनपुर में भारी बारिश से हाहाकार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में भारी बारिश से हाहाकार मच गया। सैय्यद माजरा गांव के कब्रिस्तान में तेज बारिश और मिट्टी कटाव के कारण कई कब्रें क्षतिग्रस्त हो गईं। कुछ शव कब्रों से बाहर आ गए और पानी के बहाव में दिखाई देने लगे। इससे हड़कंप म‍च गया। बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान पहुंचे और स्थानीय समाजसेवियों की मदद से बाहर आए शवों को पूरे सम्मान के साथ दोबारा सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

 

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, असम, आंध्र प्रदेश और केरल में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

सैटेलाइट तस्वीरों ने बढ़ाई चिंता

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश को कवर कर चुका है, लेकिन मौसम विभाग की ताजा सैटेलाइट तस्वीरें चिंताजनक संकेत दे रही हैं। फिलहाल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में मानसून काफी सक्रिय है और इन क्षेत्रों में घने बादल छाए हुए हैं। गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में बादलों की गतिविधि कमजोर बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना कम रह सकती है। ALSO READ: Super Typhoon Bavi : सुपर टाइफून 'बावी' का असर भारत तक, चीन-ताइवान-जापान में हाई अलर्ट, देश के कई राज्यों में भी घट सकती है बारिश

 

सुपर टाइफून 'बावी' का भारत पर असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलीपींस के पास प्रशांत महासागर में बना सुपर टाइफून 'बावी' तेजी से ताइवान और चीन की ओर बढ़ रहा है। हालांकि यह तूफान भारत से करीब 3,000 से 4,000 किलोमीटर दूर है, लेकिन इसका प्रभाव बंगाल की खाड़ी तक महसूस किया जा रहा है।

AI का नया कारनामा! मास्को में दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने की शादी, रोबोट डॉग लाया ब्रेस्लेट्स

marriage of robots

रूस की राजधानी मास्को में पुश्किन लाइब्रेरी में AI आधारित दो ह्यूमनॉइड रोबोट रॉबर्ट और मटिल्डा का अनोखा विवाह समारोह आयोजित हुआ। दोनों ने AI डायलॉग के जरिए शपथ ली, ब्रेसलेट बदले और आधिकारिक तौर पर 'रोबोट कपल' घोषित किए गए। ALSO READ: WHO की डरावनी रिपोर्ट : दुनिया की 92% आबादी पर कैंसर का खतरा, जानें पुरुषों-महिलाओं में कौन सा कैंसर है सबसे आम

 

रॉबर्ट को एक ऑफिस कर्मचारी और ब्लॉगर की तरह तैयार किया गया है, जबकि मटिल्डा का डिजाइन एक बैले डांसर से प्रेरित है। समारोह के दौरान दोनों रोबोट ने AI की मदद से तैयार किए गए डायलॉग के जरिए शादी की शपथ ली।

 

अंगूठी की जगह दोनों ने एक-दूसरे को एक रोबोट डॉग द्वारा लाए गए ब्रेसलेट पहनाए। समारोह की संचालिका ने इसके बाद दोनों को 'रोबोट पति-पत्नी' घोषित कर दिया। रॉबर्ट और मटिल्डश को इससे पहले सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) 2026 में भी दिखाया गया था। ALSO READ: 7,100mAh बैटरी, Snapdragon 8 Gen 5 और 144Hz डिस्प्ले Motorola Edge 70 Max लॉन्च से पहले सामने आए बड़े फीचर्स

 

हालांकि ह्यूमनॉइड रोबोट्स की यह शादी कानूनी रूप से वैध नहीं है। इसका उद्देश्य ऑर्टिफिशिल इंटेलिजेंस और उन्नत रोबोटिक तकनीक के प्रति लोगों की दिलचस्पी को बढ़ाना था।

LIVE: स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि नौसेना में शामिल

INS Mahendragiri

Latest News Today Live Updates in Hindi : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि को शामिल किया। पल पल की जानकारी…

दतिया में राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया। वे इस बात का विरोध कर रहे थे कि BJP ने उन्हें आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिया। इस घटना में लोगों के घायल होने की खबर है। ALSO READ: दतिया में बीजेपी ने क्यों काटा नरोत्तम मिश्रा का टिकट, बवाल कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, टियर गैस का प्रयोग

 

राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने कहा, 'चढ़ावे की चोरी… अपने आप में शर्म की बात है। राम मंदिर में ऐसी घटना का होना हमारे लिए सिर्फ अफसोस की बात नहीं है। हमें इससे शर्मिंदगी भी महसूस हो रही है। यह सिस्टम से जुड़ा मामला है। मुझे पूरा भरोसा है कि सिस्टम में सुधार होगा और ऐसी घटनाएँ दोबारा नहीं होंगी।'

-विशाखापट्टनम नेवल डॉकयार्ड में INS महेंद्रगिरि के कमीशनिंग समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। 

-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि को शामिल किया।

-महेंद्रगिरि में उन्नत स्टील्थ विशेषताएं, रडार से बचने की क्षमता और उच्च स्तर का ऑटोमेशन शामिल है। यह युद्धपोत आधुनिक स्वदेशी हथियारों, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों से लैस है।

Gujarat TAT-HS Exam Date: उच्चतर माध्यमिक शिक्षक बनने का इंतजार खत्म, 2 अगस्त को होगी परीक्षा; जल्द आएंगे एडमिट कार्ड

Gujarat TAT HS Exam Date 2026

गुजरात के उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य परीक्षा बोर्ड द्वारा TAT-HS (Teacher Aptitude Test – Higher Secondary) की मुख्य परीक्षा की तारीख आधिकारिक तौर पर घोषित कर दी गई है। यह परीक्षा आगामी 2 अगस्त को आयोजित की जाएगी।

 

कक्षा 11 और 12 में शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है। लंबे समय से इंतजार कर रहे हजारों उम्मीदवारों में परीक्षा की तारीख घोषित होने से भारी उत्साह देखा जा रहा है। अब परीक्षा की सटीक तारीख सामने आने से उम्मीदवार अधिक गहन और सटीक योजना के साथ अपनी पढ़ाई की तैयारी कर सकेंगे।

 

राज्य परीक्षा बोर्ड द्वारा जल्द ही परीक्षा से जुड़ी अन्य सभी महत्वपूर्ण जानकारियां, जैसे कि हॉल टिकट (एडमिट कार्ड), परीक्षा केंद्र और परीक्षा से संबंधित जरूरी निर्देश भी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। इसलिए सभी उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा बोर्ड की आधिकारिक घोषणाओं और अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें।