JioFinance से अब सिर्फ 24 रुपए से भरें ITR, साथ में मिलेगा JioPoints का फायदा

JioFinance has launched tax planning and income tax return filing services

– स्वयं और एक्सपर्ट-असिस्टेड दोनों विकल्प उपलब्ध

– फाइलिंग फीस पर 25 फीसदी तक JioPoints का लाभ

– टैक्सदाताओं की सभी जानकारी पूरी तरह रहेगी सुरक्षित 

Income Tax Return Filing Service : टैक्स फाइलिंग सीजन के बीच जियोफाइनेंस (JioFinance) ने अपने ग्राहकों के लिए टैक्स प्लानिंग और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग सेवा दोबारा शुरू कर दी है। इस बार कंपनी ने टैक्स फाइलिंग को और किफायती बनाने के साथ-साथ JioPoints रिवॉर्ड्स का लाभ भी जोड़ा है। अब ग्राहक सिर्फ 24 रुपए से अपनी ITR फाइल कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार, उपयोगकर्ताओं को उनकी फाइलिंग फीस का 25 प्रतिशत तक JioPoints के रूप में रिवॉर्ड मिलेगा। इन पॉइंट्स को ऐप के जरिए विभिन्न ब्रांड वाउचर, शॉपिंग ऑफर्स और पार्टनर डील्स में रिडीम किया जा सकेगा।

 

जियोफाइनेंस ने यह सेवा TaxBuddy के साथ साझेदारी में शुरू की है, जो आयकर विभाग का पंजीकृत ई-रिटर्न इंटरमीडियरी (ERI) है। इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को टैक्स प्लानिंग, ITR फाइलिंग, टैक्स बचत के विकल्प, अलग-अलग टैक्स रिजीम की तुलना और रिफंड स्टेटस ट्रैक करने जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

 

कंपनी का कहना है कि टैक्सदाताओं की सभी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। डेटा केवल ITR फाइलिंग के उद्देश्य से TaxBuddy के सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड सिस्टम में प्रोसेस किया जाएगा और जियोफाइनेंस किसी भी चरण में इस डेटा का उपयोग अन्य किसी उद्देश्य के लिए नहीं करेगा।

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जियो फाइनेंस प्लेटफॉर्म एंड सर्विस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरभे एस. शर्मा ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य जटिल वित्तीय प्रक्रियाओं को आसान और सभी के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि कम कीमत, सुरक्षित प्लेटफॉर्म और JioPoints रिवॉर्ड्स के साथ टैक्स फाइलिंग का अनुभव पहले से अधिक सरल और लाभदायक बनाया गया है।

 

वहीं TaxBuddy के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि यह साझेदारी देशभर के लोगों को सुरक्षित, सरल और भरोसेमंद तरीके से ITR फाइल करने में मदद करेगी।

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जियोफाइनेंस ऐप पर अलग-अलग आय वर्ग और जरूरतों के अनुसार DIY (खुद से फाइलिंग) और एक्सपर्ट-असिस्टेड दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। DIY प्लान की शुरुआती कीमत 24 रुपए है, जबकि टैक्स विशेषज्ञ की सहायता वाली सेवाएं 649 रुपए से शुरू होती हैं।

ममता बनर्जी को महाझटका! TMC के 12 और बैंक खाते सील, अब तक 1000 करोड़ रुपए लॉक

TMC bank accounts sealed: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा भूचाल आ चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) का शिकंजा ऐसा कसा है कि पार्टी पूरी तरह लाचार नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने टीएमसी के 12 और बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया। कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली मामूली राहत के अगले ही दिन हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब तक टीएमसी के कुल 15 बैंक खाते सील हो चुके हैं, जिनमें करीब 1,000 करोड़ रुपये फंसे होने का अनुमान है।

सरकारी और प्राइवेट बैंकों पर एक्शन

पुलिस के आला अफसरों के मुताबिक, जिन 12 नए खातों पर रोक लगाई गई है, वे अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट बैंकों में फैले हुए हैं। पुलिस ने इन खातों को खोलने वालों की पूरी कुंडली और पिछले सभी लेन-देन (ट्रांजैक्शन हिस्ट्री) का ब्योरा बैंकों से तलब किया है। ALSO READ: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ED ने फ्रीज किए 440 करोड़, क्या होगा TMC पर इसका असर

इससे पहले गुरुवार को ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी को HDFC बैंक के तीन खातों से रोजमर्रा के दफ्तर के खर्चे, स्टाफ की सैलरी और कानूनी लड़ाई के लिए सीमित लेन-देन की इजाजत दी थी। इसके लिए रिटायर्ड जस्टिस सुब्रत तालुकदार को विशेष अधिकारी भी नियुक्त किया गया था। लेकिन पुलिस की इस नई कार्रवाई ने हाई कोर्ट से मिली राहत को पूरी तरह बेअसर कर दिया है।  ALSO READ: ममता बनर्जी ने संभाली TMC की कमान, बागी नेताओं को दी चुनौती, बोलीं- मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा…

 

इस पूरे विवाद की जड़ें हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों और पार्टी के भीतर मचे घमासान से जुड़ी हैं। विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद टीएमसी के भीतर अंतर्कलह चरम पर पहुंच गई। ममता बनर्जी के ही बागी विधायकों और सीनियर नेताओं ने बैंक प्रशासन से लिखित शिकायत कर दी कि संगठन में भारी विवाद है, इसलिए खातों से लेन-देन रोका जाए।

 

साइबर क्राइम सेल में FIR : बागी नेताओं ने बिधाननगर पुलिस के साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि इन खातों में जमा भारी-भरकम रकम के सोर्स (पूंजी का जरिया) संदिग्ध हैं। इस शिकायत के अगले ही दिन पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

क्या है पूरा मामला?

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत इन खातों को अटैच किया है। यह पूरी कार्रवाई एक प्राइवेट एविएशन कंपनी से जुड़े 160 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। यह पूरा स्कैम एक 'एम्ब्रेयर बिजनेस जेट' और एक 'अगस्ता हेलीकॉप्टर' की रहस्यमयी खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ है। टीएमसी ने शुक्रवार को दोबारा कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया और ईडी के इस फ्रीजिंग ऑर्डर को चुनौती दी है। पार्टी के सीनियर वकील किशोर दत्ता ने जस्टिस कृष्णा राव की अदालत से तुरंत सुनवाई की गुहार लगाई, जिस पर अब अदालत सोमवार को फैसला करेगी।

 

My Youth-My Pride Conclave: युवा शक्ति पर सीएम डॉ. मोहन यादव का फोकस, कहा-आपके सपनों के लिए हर मदद के लिए तैयार है सरकार

इंदौर में हुई 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026'

सीएम डॉ. मोहन ने साइकिल रैली को दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बदल दी गरीबों की जिंदगी

भोपाल। 'आज का कार्यक्रम अनूठा है। मध्यप्रदेश की सरकार युवाओं के भविष्य के लिए, आने वाले कल के लिए, युवाओं के सपनों के लिए हर मदद के लिए तैयार है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश और मध्यप्रदेश सबसे युवा प्रदेश है। युवा शक्ति अवसरों का लाभ उठाए। प्रदेश सरकार युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है।' यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में कही। सीएम डॉ. मोहन यादव ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026' को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में युवाओं ने सीएम डॉ. यादव को विकसित एवं प्रगतिशील मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए “युवा संकल्प पत्र” का प्रारूप भी सौंपा। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युवा शक्ति हमारे महापुरुषों से प्रेरणा लेकर अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता से देश और समाज में अलग पहचान बनाए। राज्य सरकार होम स्टे तैयार करने के लिए युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजगार परक उद्योग स्थापित करने पर प्रत्येक श्रमिक के वेतन में सरकार 5000 रुपए की सहायता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राहवीर योजना की शुरुआत की है। मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सड़क हादसे के घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार की राशि दी जा रही है। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों को कठिन समय में पीएमश्री एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराई जा रही है।

 

युवाओं के साथ सहभागिता जरूरी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, मदनलाल ढींगरा जैसे वीरों ने भारत माता की सेवा करते हुए स्वयं को बलिदान कर दिया। झाबुआ जिले के भाभरा में जन्मे चंद्रशेखर आजाद ने जिंदा रहते हुए अंग्रेजों को हाथ तक नहीं लगाने दिया। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा ने ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि देश के मशहूर उद्योगपति अंबानी ने पेट्रोल पंप पर नौकरी करते हुए संघर्ष किया और अपना व्यवसाय स्थापित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करोड़ों देशवासियों के जीरो बैलेंस बैंक खाते खुलवाए, लेकिन उनके पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री, जो देश के बड़े अर्थशास्त्री भी रहे, उन्हें पता नहीं था कि जीरो बैलेंस पर भी खाता खुलता है। इंदौर शहर को नर्मदा जल मिल रहा है। प्रदेश में केन-बेतवा लिंक और पीकेसी परियोजनाओं पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष 2027 युवा शक्ति को समर्पित रहेगा। बेहतर भविष्य के लिए युवाओं की सहभागिता आवश्यक है। किसी भी प्रदेश की चुनी हुई सरकार को जन भावना के साथ चलना चाहिए।

 

युवा हमारा भविष्य-प्रमुख सचिव उद्योग विभाग राघवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनियाभर में अपने झंडे गाड़ रहा है। आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजाद बाइक रैली को झंडी दिखाई है, जो अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली तक जाएगी। 'माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026' में पांच अलग-अलग विषयों पर युवाओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। युवा शक्ति हमारा भविष्य है, जो विकसित भारत @2047 के संकल्प को सिद्ध करेंगे। कार्यक्रम में आभार चाय सु्ट्टा बार के को-फाउंडर अनुभव दुबे ने व्यक्त किया। 

 

युवाओं ने कही ये बात –कार्यक्रम में कशिश आहूजा-संकल्प सिंह चौहान ने शिक्षा-कौशल विकास, अमीक अमानी ने खेल क्षेत्र में संकल्प पत्र का वाचन किया। डॉ. महक भंडारी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आभा आईडी के माध्यम से सभी रिपोर्ट्स अब मोबाइल पर डिजिटल फॉर्म में उपलब्ध हैं। हमारे युवा स्वास्थ्य कर्मी वॉलेंटियर्स बनकर सिंहस्थ के आयोजन में सहयोग प्रदान करें। सानिया जसवानी ने बताया कि प्रदेश की युवा शक्ति ऊर्जा से भरी हुई है। नवाचार को लेकर आगे बढ़ेंगे। समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के संकल्प में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। लखन पाटीदार-जितेंद्र पाटीदार ने कहा कि प्राकृतिक खेती से हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार बन रहे हैं। हमारे युवा प्राकृतिक खेती कर अपना ब्रांड बनाएं और डिजिटल मार्केटिंग से उपज को बेचकर आय कमाएं। अब ग्रामीण हाट बाजारों में प्राकृतिक खेती के उत्पाद नजर आने लगे हैं। उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पॉलीहाउस लगाने की सुविधा मिलती है। इससे युवा संरक्षित खेती को अपना सकते हैं। इससे मौसम की विपरीत परिस्थितियों में भी अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है।

जो युवाओं का रोजगार खा गए, वे अयोध्या-मथुरा-काशी के बारे में क्या सोचते : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party over issue of employment

– कुशीनगर को दी 525 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री योगी ने किया 464 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

– मंदिरों के नाम पर आने वाला पैसा सपा शासन में कब्रस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च होता था

– इंसेफेलाइटिस पर किया प्रभावी नियंत्रण, मुसहर परिवारों को जोड़ा समाज की मुख्यधारा से

– शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी

– कनेक्टिविटी पर जोर, कुशीनगर एयरपोर्ट जल्द जुड़ेगा जेवर और गया से

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग नौजवानों का रोजगार छीनने का पाप करते थे, वे अयोध्या, मथुरा व काशी के बारे में कैसे सोच सकते थे। ये लोग मंदिरों के नाम पर आने वाले पैसे को हजम कर जाते थे। मंदिरों पर कब्जा करवाते थे। आज उन्हीं मंदिरों का पुनरुद्धार हो रहा है, सौंदर्यीकरण हो रहा है। मंदिरों का पैसा कब्रस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च करने वाले लोगों का विकास पर बात करना शोभा नहीं देता।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कुशीनगर में 525 करोड़ रुपए की लागत से 464 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं रामकोला, हाटा और कुशीनगर विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने बुजुर्गों को सम्मानित करने के साथ ही लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, चेक व स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। 

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इंसेफेलाइटिस पर किया निर्णायक नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले कुशीनगर इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार), पिछड़ेपन और पलायन जैसी गंभीर समस्याओं के लिए जाना जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार की प्रभावी रणनीति और निरंतर प्रयासों से इस चुनौती पर निर्णायक नियंत्रण स्थापित किया गया है। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, स्वच्छता, टीकाकरण और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इंसेफेलाइटिस के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।

 

मुसहर परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग वर्षों तक गरीबों के नाम पर राजनीति करते रहे, उन्होंने मुसहर समाज जैसे वंचित वर्गों को मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा। वर्तमान सरकार ने ऐसे परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। मुसहर परिवारों को पक्के आवास, भूमि के पट्टे, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड, निःशुल्क राशन, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन तथा बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे उनमें सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्र भारत के समान अधिकार प्राप्त नागरिक होने का आत्मविश्वास पैदा हुआ है।

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शिक्षकों व कर्मचारियों को बड़ा सुरक्षा कवच

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में गुंडागर्दी व दंगाइयों के लिए कोई स्थान नहीं है। उत्तर प्रदेश आज दंगा मुक्त राज्य के रूप में स्थापित हुआ है- नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में अब सब चंगा। दुर्गा पूजा, रामनवमी, जन्माष्टमी, होली सहित सभी प्रमुख त्योहार विभिन्न समुदायों द्वारा शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जा रहे हैं।

सरकार ने शिक्षा से जुड़े कर्मियों का सामाजिक सुरक्षा कवच मजबूत किया है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन सबको एक्सिडेंटल इंश्योरेंस कवर भी दिया गया है।

 

जेवर और गया से जुड़ेगा कुशीनगर एयरपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर को कनेक्टिविटी, पर्यटन, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जेवर व गया से जोड़ने की तैयारी चल रही है।

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नए विमान उपलब्ध होने के बाद यहां से हवाई सेवाओं का विस्तार होगा। खड्डा क्षेत्र में नारायणी नदी पर लगभग 800 करोड़ रुपए की लागत से नए सेतु का निर्माण कराया गया है, जबकि रामकोला-कसया मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी जल्द मंजूर किया जाएगा।

 

मंदिरों के सौंदर्यीकरण एवं पुनरुद्धार का कार्य जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए कुशीनगर में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जहां इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश शुरू होंगे। केला उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए टिश्यू कल्चर लैब की आधारशिला रखी गई है। निवेश और रोजगार अब केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि पूर्वांचल के कुशीनगर और गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में भी ये तेजी से बढ़ रहे हैं।

सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मंदिरों के सौंदर्यीकरण व पुनरुद्धार का कार्य कराया जा रहा है। कुशीनगर में रामाभार स्तूप के निकट बौद्ध घाट तथा हिरण्यवती नदी के किनारे पर्यटक सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।

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बचपन सुरक्षित तो देश का भविष्य भी सुरक्षित

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दो वरिष्ठ कार्यकर्ताओं 110  वर्षीय राम विलास भगत व 104  वर्षीय राम प्रसाद साहनी को सम्मानित करते हुए कहा कि इन लोगों ने एक विचारधारा, मूल्यों और सिद्धांतों के साथ जुड़े रहकर अपना पूरा जीवन समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने दो बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया और कहा कि डबल इंजन सरकार ने इनके भविष्य को सुरक्षित किया है। आज बचपन सुरक्षित होगा तो कल देश का भविष्य भी सुरक्षित होगा।

 

लाभार्थियों को मिले प्रमाण पत्र, चेक व स्वीकृति पत्र 

आशा देवी (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चेक)

संजू (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चेक)

लालती देवी, सुनैना देवी, किरन उपाध्याय, परमावती देवी, सेहरुन्निसा (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चेक)

राजू प्रजापति (कृषि यंत्र के लिए चाबी)

सूरज कुमार यादव (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत चेक)

नर्वदा देवी (सिलाई मशीन) 

रंजना देवी (प्रशस्ति पत्र) 

फनीश तिवारी (किसान क्रेडिट कार्ड चेक) 

अखिलेश सिंह (किसान क्रेडिट कार्ड चेक)

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इस अवसर पर मंत्री दारा सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, विधायक पीएन पाठक, मोहन वर्मा, विनय प्रकाश गौड़, विवेकानंद पाण्डेय, मनीष जायसवाल, डॉ. असीम कुमार राय, सुरेंद्र कुशवाहा, विधान परिषद सदस्य डॉ. रतनपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फूलबदन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, ब्लॉक प्रमुख विशाल सिंह आदि मौजूद रहे।

मोजतबा ने कसम खाई, ‘दुश्मनों’ से बदला लेंगे, ट्रंप बोले- ईरान को मिटाने के लिए 1000 मिसाइलें तैयार

Middle East tensions

Middle East tensions: मिडिल ईस्ट बारूद के ढेर पर बैठ चुका है और कभी भी महाविनाश का बटन दब सकता है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता और पूर्व सुप्रीमो अली खामेनेई के जनाजे पर पूरी दुनिया के सामने इजराइल और अमेरिका को तबाह करने की खूनी कसम खाई है। इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस धमकी पर ऐसा पलटवार किया है जिससे पूरी दुनिया कांप उठी है। ट्रंप ने एलान कर दिया है कि ईरान को मिटाने के लिए अमेरिका की '1000 मिसाइलें' पूरी तरह तैयार हैं।

 

दरअसल, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता के अंतिम संस्कार के मौके पर एक ऐसा लिखित संदेश जारी किया है, जिसने वैश्विक राजनीति में तहलका मचा दिया है। मोजतबा ने अपने टेलीग्राम अकाउंट पर सीधे शब्दों में कहा कि हम अपराधी और बदनाम हत्यारों से अपने शहीद नेता (पिता) और दोनों युद्धों के सभी शहीदों के खून का कतरा-कतरा बदला लेने का वादा करते हैं। यह पूरे देश की मांग है और यह होकर रहेगा। ALSO READ: क्या ईरान रच रहा है ट्रंप की हत्या की साजिश? इजराइली खुफिया रिपोर्ट का दावा

लाखों आंखों में आंसू और दिल में आक्रोश

इस महातनाव के बीच, ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई को गुरुवार देर रात मशहद शहर के पवित्र 'इमाम रजा दरगाह' में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उनके बड़े बेटे की अगुवाई में लाखों की उमड़ी भीड़ ने रोते-बिलखते जनाजे की नमाज पढ़ी। ईरान और इराक के 5 शहरों में 6 दिनों तक चला यह शोक अब खत्म हो चुका है, लेकिन इस शोक सभा से उठी बदले की चिंगारी अब किसी भी वक्त भीषण विश्वयुद्ध का रूप ले सकती है। 

पूरा ईरान तबाह कर देंगे

ईरान के इस तेवर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को रोंगटे खड़े कर देने वाली चेतावनी दी। ट्रंप ने लिखा कि 1000 मिसाइलें लॉक : हमारी एक हजार मिसाइलें तैयार हैं और उनका निशाना सीधे ईरान पर है। अगर ईरान ने अपनी धमकी पर अमल करने की जुर्रत भी की, तो उसके तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार पर फिर किया दावा! खुद को बताया 'असली' हकदार

सभ्यता मिटाने की चेतावनी

ट्रंप ने अरबी में ईश्वर का नाम लेते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के सभी क्षेत्रों को पूरी तरह नष्ट कर देगी। यह विवाद तब और गहरा गया जब अमेरिकी अधिकारियों ने मांग की कि ईरान 'होर्मुज स्ट्रेट' (Hormuz Strait) को जहाजों के लिए सुरक्षित रखने का सार्वजनिक एलान करे, लेकिन तेहरान ने इस रणनीतिक रास्ते पर अपना कंट्रोल छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। अमेरिका लगातार ईरान पर हवाई हमले कर रहा है।

… तो ईरान पर परमाणु बम गिरा देना

ट्रंप का दावा है कि ईरान उनकी हत्या करवाना चाहता है। हाल ही में 'न्यूयॉर्क पोस्ट' को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने खुद इस बात का सनसनीखेज खुलासा किया था। उन्होंने कहा कि मैंने अमेरिकी सेना को स्पष्ट और गुप्त निर्देश दे रखे हैं कि यदि ईरान उनकी हत्या करने में कामयाब रहता है, तो ईरान पर ऐसा खूनी हमला किया जाए जैसा इतिहास में कभी न देखा गया हो। यदि मेरी हत्या होती है तो ईरान पर परमाणु बम गिरा देना। ट्रंप ने कहा कि मैं काफी समय से ईरान की हिट लिस्ट में नंबर-1 पर हूं। उम्मीद है अगर मैं नहीं रहा, तो आप लोग मुझे याद करेंगे।

वियतनाम में दर्दनाक हादसा, भारतीयों से भरी नाव पलटी, 15 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Boat carrying Indian tourists capsizes in Vietnam

Vietnam Boat Incident case : वियतनाम में एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दरअसल यह हादसा वियतनाम घूमने गए भारतीय पर्यटकों के साथ हुआ है। खबरों के अनुसार, वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास आज कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट (नाव) पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि हादसे में 21 लोगों को बचा लिया है, इनमें से 2 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

 

वियतनाम में एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दरअसल यह हादसा वियतनाम घूमने गए भारतीय पर्यटकों के साथ हुआ है। खबरों के अनुसार, वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास आज कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट (नाव) पलट गई।

 

नाव में सवार थे 32 भारतीय और 4 क्रू मेंबर 

इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि हादसे में 21 लोगों को बचा लिया है, इनमें से 2 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय दूतावास ने घटना के बारे में जानकारी के लिए हेल्पलाइन जारी की है। 

 

कैसेे हुआ हादसा?

खबरों के अनुसार, नाव होन मे रुट आइलैंड से एन थोई पोर्ट जा रही थी, तभी समुद्र में लगभग 400 मीटर (440 गज) की दूरी पर वह पलट गई। उस समय समुद्र में हालात खराब थे और इलाके में ऊंची लहरें उठ रही थीं। भारतीय दूतावास ने कहा, जानकारी और मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी में भारत के कॉन्सुलेट जनरल और हनोई में दूतावास में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।

 

भारतीय दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन

हादसे में मरने वालों की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम से इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414। हनोई वाले दूसरे कंट्रोल रूम से इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है: +84 91 308 9165। भारतीय मिशन ने कहा कि वे किसी भी तरह की मदद और सवालों के लिए उपलब्ध हैं। 

फिलहाल घटना से जुड़ी सभी जानकारी स्थानीय अधिकारियों से जुटाई जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सीमा सुरक्षा बल, नौसेना, तटरक्षक बल और अन्य बचाव एजेंसियां भी मौके पर पहुंचीं हैं। गौरतलब है कि भारत से हर साल वियतनाम घूमने जाने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 

मुख्यमंत्री योगी करेंगे पौधारोपण महायज्ञ का शुभारंभ, गोरखपुर में लगाए जाएंगे 55 लाख से ज्‍यादा पौधे

Chief Minister Yogi Adityanath will launch Gorakhpur plantation mega drive

– रविवार सुबह लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे पौधे लगाएंगे मुख्यमंत्री योगी

– लिंक एक्सप्रेसवे के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) और ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री का पौधारोपण करेंगे मुख्यमंत्री योगी

– कुल 27 विभागों के सामंजस्य से गोरखपुर में लगाए जाएंगे 55 लाख 28 हजार 600 पौधे

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार (12 जुलाई) को गोरखपुर से, प्रदेशव्यापी पौधारोपण महायज्ञ – 2026 का शुभारंभ करेंगे। रविवार सुबह वह गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाएंगे। इस अवसर पर जनसभा कर वह प्रदेशवासियों को पौधारोपण महायज्ञ में जिम्मेदारीपूर्वक हिस्सेदारी करने का आह्वान करेंगे। पौधारोपण महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी मौजूद रहेंगे। महाभियान के जरिये प्रदेश सरकार ने इस बार 35 करोड़ पौधारोपण करने का लक्ष्य तय किया है।

 

मुख्यमंत्री, लिंक एक्सप्रेसवे के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल और बरगद) का पौधा लगाकर पौधारोपण महायज्ञ – 2026 का शुभारंभ करेंगे। जबकि ताल रिंग रोड के किनारे वह मौलश्री का पौधारोपण करेंगे। मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में इस बार राज्यभर में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है।

इसे लेकर वन विभाग के संयोजन में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस लक्ष्य में गोरखपुर को 55 लाख 28 हजार 600 पौधारोपण की जिम्मेदारी मिली है। कुल 27 विभागों के सामंजस्य से होने वाले पौधारोपण महाभियान में सबसे बड़ा लक्ष्य वन विभाग के पास है।

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गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी शुभम सिंह के अनुसार गोरखपुर जिले को मिले लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी पौधशालाओं में गुणवत्तायुक्त पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। पौधों के बेहतर विकास एवं उत्तरजीविता के लिए चिन्हित रोपण स्थलों पर एडवांस सॉयल वर्क के अंतर्गत गड्ढा खुदाई, टॉप सॉयल की व्यवस्था, पौधारोपण स्थलों का विकास, पौध संरक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं तथा अन्य तैयारियां पहले से पूर्ण हैं।

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गोरखपुर के इन विभागों को मिला एक लाख से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य

विभाग               लक्ष्य 

वन विभाग-          1937000

ग्राम विकास  विभाग-   1861000

कृषि विभाग-         576000

उद्यान विभाग-      285000

पर्यावरण विभाग-         238000

पंचायती राज विभाग-   202000

राजस्व विभाग-        143000

क्या है अमरनाथ हिमलिंग के पिघलने का राज? क्या कहते हैं पर्यावरणविद

What is secret behind melting of Amarnath ice lingam, What do environmentalists say

Baba Amarnath Yatra : हर बार रक्षा बंधन से पहले ही भक्तों के सांसों की गर्मी से तेजी से पिघलता अमरनाथ यात्रा का प्रतीक हिमलिंग एक बार फिर विवाद का मुद्दा बन चुका है। अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने इसके पिघलने की प्रक्रिया से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है, पर कश्मीर के पर्यावरणविद इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने की अनुमति देने से ऐसा हुआ है।

 

पिछले कई सालों से जिस तेजी से हिमलिंग पिघल रहा है उसे रोकने की खातिर किए जाने वाले उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। दरअसल गुफा में क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से हिमलिंग को नुक्सान पहुंच रहा है, क्योंकि लाखों भक्तों की गर्म सांसों को हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है। श्राइन बोर्ड के अधिकारी अप्रत्यक्ष तौर पर भक्तों की सांसों की थ्यूरी को मानते हैं, पर प्रत्यक्ष तौर पर वे इसे कुदरती प्रक्रिया करार देते थे।

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श्राइन बोर्ड के अधिकारी कहते थे कि ग्लोबल वार्मिंग भी इसे प्रभावित कर रही है। वे इससे इंकार करते थे कि गुफा में क्षमता से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वर्ष 1996 के अमरनाथ हादसे के बाद नितिन सेनगुप्ता कमेटी को आधार बना सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिदिन 15 हजार से अधिक को यात्रा में शिरकत करने से रोक दिया था पर इस बार तो 8 दिनों में 2 लाख अर्थात प्रतिदिन 25 हजार के हिसाब से श्रद्धालु गुफा में पहुंच चुके हैं।

 

इस पर पर्यावरणविद खफा हैं। वे कहते हैं कि यात्रियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि न सिर्फ हिमलिंग को पिघलाने में अहम भूमिका निभा रही है, यात्रा मार्ग के पहाड़ों के पर्यावरण को भी जबरदस्त क्षति पहुंचा रही है पर श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं की संख्या को कम करने को राजी नहीं दिखता है।

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लेकिन वह हिमलिंग के संरक्षण की योजनाओं पर अमल करने का इच्छुक जरूर दिखता है। श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं की संख्या को कम करने की बजाय यात्रा को सारा साल चलाने के पक्ष में भी समर्थन जुटाने में जुटा हुआ है जिसके लिए अब सड़क तैयार की जा चुकी है तो गंडोला भी लगाने की तैयारी हो रही है।

 

यात्रा शुरू होने के बाद भक्तों के अलावा गुफा के आसपास बड़ी तादाद में सुरक्षाकर्मी भी मौजूद हैं। भारी भीड़ की वजह से अमरनाथ गुफा के आसपास का तापमान और बहुत बढ़ गया है, हालांकि श्राइन बोर्ड ने दावा किया था कि पिछले दो-तीन साल में उन्होंने कुछ ऐसे उपाय किए हैं, जिससे गुफा का तापमान न बढ़े।

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जब 28 जून को बाबा बर्फानी ने पहली बार दर्शन दिए थे तब शिवलिंग का आकार करीब 10 से 12 फुट का था और धीरे-धीरे वह अब पूरी तरह से गायब हो चुका है। ये पहला मौका नहीं है जब बाबा बर्फानी पहली बार अपने भक्तों से रुठे हों, इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है।

 

कब-कब अंतर्ध्यान हुए हैं बाबा बर्फानी

2013 में 16 फुट से बाबा बर्फानी 7 फुट के ही रह गए।

2012 में शिवलिंग का आकार 22 फुट से घटकर 12 फुट हो गया था।

2011 में 16 फुट के बाबा बर्फानी ने दर्शन दिए थे, जो महज 5 दिनों में 4 फुट तक पिघल गए थे।

2010 में 12 फुट के शिवलिंग का आकार पिघलकर पहले 6 फुट हुआ और बाद में 3 फुट हो गया था।

पृथ्वी के नीचे छिपी दुनिया का बड़ा खुलासा! भारतीय उपमहाद्वीप जितना विशाल भूभाग मिला

Zealandia AI

The map is not to scale.
धरती पर 7 महाद्वीप हैं। ज़ीलैंडिया (Zealandia) को दुनिया का आठवां महाद्वीप (8th Continent) कहा जाता है। यह प्रशांत महासागर के अंदर डूबा हुआ एक विशाल भूभाग है, जो ऑस्ट्रेलिया के पूर्व में स्थित है। कहते हैं कि लगभग 49 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला यह महाद्वीप ऑस्ट्रेलिया के आकार का लगभग दो-तिहाई है और इसका क्षेत्रफल भारतीय उपमहाद्वीप के बराबर है। 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' के एक हालिया लेख ने इस अद्भुत भूवैज्ञानिक खोज में फिर से दिलचस्पी जगा दी है। चलिए जानते हैं इस महाद्वीप की मुख्य बातें। 

 

94% हिस्सा पानी के नीचे: ज़ीलैंडिया का लगभग 94 प्रतिशत हिस्सा प्रशांत महासागर के गहरे पानी में डूबा हुआ है।
 

दिखने वाला हिस्सा: इस महाद्वीप का केवल 6 प्रतिशत हिस्सा ही पानी के बाहर दिखाई देता है, जिसे आज हम न्यूजीलैंड और न्यू कैलेडोनिया (New Caledonia) द्वीपों के नाम से जानते हैं।

 

आकार (Size): इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 49 लाख वर्ग किलोमीटर है। यह आकार में भारत से भी बड़ा है और ग्रीनलैंड से लगभग दोगुना है, हालांकि यह दुनिया का सबसे छोटा महाद्वीप है।

 


यह समुद्र का तल क्यों नहीं है?: वैज्ञानिकों ने पाया कि इसकी बनावट आम समुद्री चट्टानों जैसी नहीं है। इसकी क्रस्ट (धरती की ऊपरी परत) काफी मोटी है और यह महाद्वीपीय ग्रेनाइट चट्टानों से बना है, जो इसे समुद्र के तल से अलग कर एक वास्तविक महाद्वीप बनाती है।

 

इतिहास: लगभग 8.5 करोड़ साल पहले, ज़ीलैंडिया महाद्वीप 'गोंडवानालैंड' (Gondwana) नाम के एक विशाल प्राचीन महाद्वीप का हिस्सा था। जब गोंडवानालैंड टूटा, तो यह हिस्सा अलग हो गया और टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने व खिंचाव के कारण यह धीरे-धीरे पतला होकर समुद्र में डूब गया।

 

वैज्ञानिकों का मानना है कि ज़ीलैंडिया का नक्शा पूरी तरह तैयार होने से पृथ्वी के इतिहास, प्राचीन जीवों के विकास और टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल को समझने में बहुत मदद मिलेगी।

क्या कैलाश विजयवर्गीय को पता था, नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटेगा?

भोपाल। दतिया उपचुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद अब मध्यप्रदेश भाजपा के अंदरूनी सियासत गर्मा गई है। उपचुनाव में दतिया से अपनी उम्मीदवारी तक मानकर चल रहे है नरोत्तम मिश्रा जहां पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में जुटे थे, वहीं उन्होंने 13 जुलाई को नामांकन पत्र भरने की तैयारी कर ली थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि कैसे अचानक नरोत्तम मिश्रा का टिकट कट गया और क्या इसकी जानकारी पार्टी के बड़े  नेताओं को पहले से थी।  

 

इन चर्चाओं के बीच प्रदेश के दिग्गज नेता और मोहन सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का 2 जुलाई को भाजपा दफ्तर में दतिया विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी को लेकर दिया गया बयान, अब सुर्खियों में है। दरअसल दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद 2 जुलाई को कैलाश विजयवर्गीय पार्टी दफ्तर पहुंचे थे तब मीडिया ने दतिया नरोत्तम मिश्रा की उम्मीदवारी को लेकर सवाल पूछा था तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा था कि “यह कहना अभी जल्दबाजी होगा”। उस वक्त कैलाश विजयर्गीय के बयान को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया था लेकिन अब जब दतिया से नरोत्तम मिश्रा का टिकट कट गया है तो उनके बयान के मायने तलाशे जा रहे है। 

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नरोत्तम मिश्रा समर्थकों की नाराजगी छोटी बात-वहीं अब दतिया से नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने नरोत्तम मिश्रा और उनके समर्थकों  की नाराजगी को छोटी बात बताते हुए कहा कि वह पार्टी की जीत के लिए काम करेंगे और आशुतोष तिवारी भारी बहुमत से जीतेंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा के अंदर पूरी तरह लोकतंत्र है. बीजेपी का कार्यकर्ता इतना अनुशासित है कि पार्टी का निर्णय आने के बाद सभी उसे स्वीकार करते हैं। आशुतोष तिवारी भारी मतों से चुनाव जीतेंगे। यह हमारे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। पार्टी हर निर्णय पूरी सोच-समझ और व्यापक विचार-विमर्श के बाद लेती है। हम डंके की चोट पर चुनाव जीतेंगे।

 

वहीं नरोत्तम मिश्रा के उपचुनाव लड़ने की तैयारी पर उन्होंने कहा कि तैयारी तो बहुत लोग करते हैं, मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं और हजारों लोग टिकट की तैयारी करते हैं, लेकिन अंततः पार्टी का निर्णय ही सर्वोपरि होता है, सभी कार्यकर्ता उसका पालन करते हैं। 

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वहीं नरोत्तम मिश्रा भी पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम करेंगे. मैं उन्हें बहुत अच्छे से जानता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि वे पार्टी के फैसले को समझेंगे और उसका सम्मान करेंगे। जहां तक टिकट बदलने की बात है, एक बार उम्मीदवार घोषित होने के बाद बीजेपी की कभी ऐसी परंपरा नहीं रही कि टिकट बदला जाए। इसलिए मुझे नहीं लगता कि टिकट में कोई बदलाव होगा. आशुतोष तिवारी भी हमारे बहुत अच्छे और समर्पित कार्यकर्ता हैं।

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दतिया में डैमेज कंट्रोल की कोशिश में पार्टी-दतिया विधानसभा उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों के विरोध और हंगामे के बीचपार्टी अब डैमेज कंट्रोल मोड में नजर आ रही है। पार्टी नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि संगठन में सब कुछ सामान्य है और सभी नेता पार्टी के फैसले के साथ खड़े हैं।  उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया कि दतिया उपचुनाव को लेकर लिया गया निर्णय भारतीय जनता पार्टी का सामूहिक निर्णय है, जिसे सभी को शिरोधार्य करना होगा।

 

जगदीश देवड़ा ने कहा कि भाजपा में संगठन सर्वोपरि है और पार्टी द्वारा लिया गया हर निर्णय सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए मान्य होता है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता पूर्ण निष्ठा के साथ संगठन के निर्णय का पालन करेंगे। डॉ. नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक कद का उल्लेख करते हुए देवड़ा ने कहा कि वे भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। उन्होंने संगठन और सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है तथा संगठन की कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हैं।

 

वहीं टिकट कटने पर नरोत्तम समर्थकों की नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं किसी प्रकार की छोटी-बड़ी नाराजगी है तो उसका समाधान पार्टी स्तर पर आपसी संवाद के माध्यम से कर लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं बनने दी जाएगी, जिससे संगठन प्रभावित हो। देवड़ा ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी में उम्मीदवार की घोषणा जरूर होती है, लेकिन चुनाव किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरी पार्टी का होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि दतिया उपचुनाव में भाजपा के सभी नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता पारिवारिक भावना तथा पूर्ण एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे और पूरा संगठन मिलकर पार्टी की प्रचंड विजय सुनिश्चित करेगा।