टोरंटो स्ट्रीट फेस्टिवल के पास गोलीबारी, 2 लोगों की मौत, कई घायल, हमलावर की तलाश जारी

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कनाडा के टोरंटो शहर में एक स्ट्रीट फेस्टिवल के पास हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। घटना शनिवार को साल्सा ऑन सेंट क्लेयर (Salsa on St. Clair) फेस्टिवल के पास हुई। पुलिस ने शुरुआती जानकारी में इलाके में सक्रिय हमलावर (Active Shooter) की चेतावनी जारी की थी। टोरंटो पुलिस मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध की तलाश जारी है।बाद में अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया है।

पांच लोग गोलियों से घायल मिले

टोरंटो पुलिस के मुताबिक, सेंट क्लेयर एवेन्यू वेस्ट और अर्लिंगटन एवेन्यू के चौराहे के पास पांच लोग गोली लगने से घायल अवस्था में मिले। यह स्थान उसी इलाके में है, जहां लैटिन संस्कृति पर आधारित Salsa on St. Clair Festival आयोजित किया जा रहा था। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे तत्काल घटनास्थल से दूर रहें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

 

टोरंटो पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,

“कृपया तुरंत इस क्षेत्र से दूर रहें और पुलिस के सभी निर्देशों का पालन करें।” बाद में पुलिस ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया है। हमलावर की पहचान नहीं, जांच जारी

 

पुलिस ने बताया कि फिलहाल संदिग्ध हमलावर या गिरफ्तारी को लेकर कोई विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

 

ओंटारियो के प्रीमियर ने जताया दुख

 

ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह इस “बेमतलब हिंसा” से बेहद दुखी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि इस गोलीबारी में दो लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए। उन्होंने पीड़ितों, उनके परिवारों और प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

कुछ हफ्ते पहले मॉन्ट्रियल में भी हुई थी गोलीबारी

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ सप्ताह पहले ही कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में भी गोलीबारी की घटना हुई थी। उस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत दो लोगों की मौत हुई थी। बाद में पुलिस ने हमलावर को मार गिराया था।

चीन के मिसाइल परीक्षण से किन देशों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी

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इसी महीने चीनी नौसेना ने दक्षिण प्रशांत महासागर में एक मिसाइल का परीक्षण किया। चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एक परमाणु पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में मिसाइल दागी, जिसमें नकली हथियार (डमी वॉरहेड) लगा हुआ था। प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों ने इस परीक्षण की तुरंत कड़ी आलोचना की। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि चीन का यह परीक्षण क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति को अस्थिर करने वाला है। जापान ने चीन से अपने कदमों पर फिर से विचार करने के लिए कहा।

 

न्यूजीलैंड ने साफ कहा है कि वह नहीं चाहता कि चीन दक्षिण प्रशांत महासागर को अपनी मिसाइलों का टेस्टिंग ग्राउंड यानी परीक्षण क्षेत्र बनाए। वेलिंगटन में वहां के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा, “दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में चीन द्वारा परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइलों के परीक्षणों को लेकर हम बेहद चिंतित हैं।”

 

शीत युद्ध के दौरान, अमेरिका ने दक्षिण प्रशांत महासागर के बिकिनी एटोल के आसपास कई परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था, जो आज मार्शल आइलैंड्स का हिस्सा है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही, प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर अमेरिका का पूरी तरह से दबदबा रहा है। 

 

चीन के मिसाइल परीक्षण को लेकर क्या जानकारी सामने आई

चीन की बढ़ती सैन्य ताकत अब अमेरिका के इसी पुराने दबदबे को चुनौती दे रही है. हालांकि, चीनी सरकारी मीडिया ने इस परीक्षण के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी है, लेकिन वहां के राष्ट्रवादी मिलिट्री एक्सपर्ट्स चीनी सोशल मीडिया पर लगातार अंदाजा लगा रहे हैं कि यह मिसाइल कितनी ज्यादा ताकतवर रही होगी। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) नेवल मिलिट्री एकेडमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट के रिसर्चर लेफ्टिनेंट कर्नल झांग जुनशे ने लिखा, “यह जुलांग (जेएल)-3 सीरीज की ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है जिसे पनडुब्बी से लॉन्च किया जाता है।” जुलांग-3 का मतलब है, ‘जायंट वेव-3' यानी विशाल लहर-3. इसे अभी भी विकसित किया जा रहा है. ऐसा कहा जाता है कि इस मिसाइल की अधिकतम रेंज (मारक क्षमता) 12,000 किलोमीटर है और यह अपने साथ एक से ज्यादा परमाणु हथियार ले जा सकती है. अब तक, 2018 और 2019 के बीच इसके तीन सफल परीक्षणों की खबरें आ चुकी हैं. झांग ने अपने ब्लॉग में लिखा, “इस मिसाइल का निशाना मोर्चे पर लड़ रहे सैनिक नहीं हैं, बल्कि कमांड सेंटर, सैन्य ठिकाने या बिजली और ऊर्जा से जुड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रणनीतिक ठिकाने हैं।”

 

माना जा रहा है कि ‘जायंट वेव-3' मिसाइल को टाइप 094 जिन-क्लास की परमाणु पनडुब्बी से लॉन्च किया गया था। 120 नाविकों के पूरे क्रू वाली यह 135 मीटर लंबी पनडुब्बी कम से कम 70 दिनों तक लगातार पानी के अंदर रह सकती है। फिलहाल, चीनी नौसेना के पास ऐसी छह पनडुब्बियां सेवा में हैं।

 

झांग ने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस परीक्षण के लिए मॉडिफाइड की गई किसी पनडुब्बी का इस्तेमाल किया गया हो।

 

वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ‘न्यूक्लियर थ्रेट इनिशिएटिव' के मुताबिक, जिन-क्लास पनडुब्बियों के अलावा चीन के पास परमाणु ऊर्जा से चलने वाली अन्य 59 हमलावर पनडुब्बियां हैं. अपने बचाव के लिए डर पैदा कर रहा चीन

झांग ने आगे कहा कि इस हथियार का मुख्य मकसद बड़े स्तर पर डर पैदा करना है, ताकि दुश्मन हमला करने की हिम्मत न कर सके. उन्होंने लिखा, “भले ही चीन के बाकी सभी सैन्य हथियार पूरी तरह से तबाह या बेकार हो जाएं, फिर भी चीनी पनडुब्बी परमाणु पलटवार करने में पूरी तरह सक्षम होगी।”

 

सितंबर 2024 की शुरुआत में ही, चीन ने अपनी मुख्य भूमि से दक्षिण प्रशांत महासागर की तरफ एक इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल लॉन्च की थी, जिसमें डमी वॉरहेड लगा था। खबरों के मुताबिक, यह मिसाइल फ्रेंच पोलिनेशिया में पहले से तय किए गए एक इलाके में जाकर गिरी थी। उस समय, पिछले 40 से भी ज्यादा सालों में चीन का यह पहला ऐसा परीक्षण था, जहां उसने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इतनी लंबी दूरी की मिसाइल दागी थी. साल 2024 की तरह ही, चीन ने इस हफ्ते भी यह दावा किया कि सभी पड़ोसी देशों को इस परीक्षण के बारे में पहले से ही जानकारी दे दी गई थी और यह सैन्य अभ्यास किसी खास देश या निशाने को लक्ष्य बनाकर नहीं किया गया था. हालांकि, चीन प्रशांत क्षेत्र में बदलाव लाना चाहता है. अपने घर के ठीक बाहर अमेरिका और उसके सहयोगियों की भारी सैन्य मौजूदगी बीजिंग के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

 

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) यह पक्का करना चाहती है कि अगर कोई उस पर पहला सैन्य हमला करे, तो वह उसका तगड़ा जवाब दे सके और वैसा ही पलटवार करे जो बीजिंग की नजरों में उचित जवाबी कार्रवाई हो। इसके साथ ही, परमाणु ताकत होने के नाते चीन ने यह वादा भी किया है कि वह कभी भी अपनी तरफ से पहला परमाणु हमला नहीं करेगा।

 

बर्लिन स्थित थिंक टैंक ‘श्टिफटुंग विसेनशाफ्ट उंड पोलीटिक (एसडब्ल्यूपी)' के एशिया रिसर्च ग्रुप के प्रमुख फेलिक्स हाइडुक ने 2024 में लिखा था, “चीन अभी कई स्तरों पर अमेरिका के नेतृत्व वाले क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को जोरदार तरीके से चुनौती दे रहा है.”।

 

उस समय जर्मन सेना प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सेना के नेतृत्व में एक अभ्यास में हिस्सा ले रही थी. जुलाई और अगस्त 2024 में पांच हफ्तों तक, 29 देशों ने 40 युद्धपोतों के साथ पर्ल हार्बर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे के आस-पास अभ्यास किया था।

 

बढ़ रही चिंता

हाइडुक ने 2024 में लिखा था कि बीजिंग का मकसद एक ऐसी वैकल्पिक क्षेत्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देकर अपना रणनीतिक लक्ष्य हासिल करना है, जो ‘एशियाई लोगों द्वारा और एशिया के लोगों के लिए' हो और जिसकी कमान चीन के हाथ में हो. इसके साथ ही, वह अमेरिका के नेतृत्व वाली मौजूदा व्यवस्था को ‘शीत युद्ध का अवशेष' बताता है.

 

इस रणनीति के तहत, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को फिर से हथियारों से लैस करना, द्विपक्षीय सुरक्षा साझेदारियों का विस्तार करना और दक्षिण चीन सागर के बड़े हिस्सों का सैन्यीकरण करना शामिल है. इन तमाम वजहों से, दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में भी सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक ‘लोवी इंस्टीट्यूट' के सैम रोगेवीन और डेविड वैलेंस ने जून 2026 के एक अध्ययन में लिखा है, “ऑस्ट्रेलिया पर लंबी दूरी से हमला करने के लिए पीएलए (चीनी सेना) की मिसाइल फोर्स चीन का सबसे असरदार हथियार है. अगर इस क्षेत्र में कोई बड़ा युद्ध या टकराव होता है, तो उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में मौजूद तमाम सैन्य ठिकाने चीनी सेना के निशाने पर होंगे।”

 

अभी पिछले महीने ही, ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं को सार्वजनिक रूप से मौजूद स्रोतों में ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि अगर चीन अपनी मुख्य भूमि से कोई मिसाइल दागता है, तो वह ऑस्ट्रेलिया के मुख्य भूभाग तक पहुंच सकती है. ऑस्ट्रेलिया के बड़े शहर पूर्वी तट पर स्थित हैं। सोमवार को दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में पनडुब्बी से किए गए मिसाइल परीक्षण के बाद स्थिति निश्चित रूप से बदल गई है.

 

तुर्की की राजधानी अंकारा में हुए शिखर सम्मेलन से इतर, महासचिव मार्क रुटे ने कहा कि यह परीक्षण नाटो के लिए भी एक संदेश था। उन्होंने कहा, “यह इस बात का एक और सबूत है कि हमें किसी मुगालते में नहीं रहना चाहिए… और हम हैं भी नहीं।”

Strait of Hormuz Crisis : तेल-गैस की सप्लाई पर फिर खतरा, होर्मुज किया बंद तो ईरान पर टूट पड़ा अमेरिका, कंटेनर जहाज पर भी हमला

iran stops pakistan ship in hormuz

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को “अगली सूचना तक बंद” करने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह इस सप्ताह ईरान के खिलाफ तीसरे दौर की सैन्य कार्रवाई है। अमेरिका का आरोप है कि IRGC बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर हमला किया।

 

कंटेनर जहाज में लगी आग, एक क्रू मेंबर लापता

CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि जहाज पर हुए हमले के बाद उसमें भीषण आग लग गई और इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा। घटना के बाद जहाज अपनी यात्रा जारी रखने की स्थिति में नहीं है। अमेरिका के मुताबिक हमले के बाद एक नागरिक क्रू मेंबर लापता है, जिसकी तलाश जारी है। अमेरिका बोला- ईरान को पहले भी चेतावनी दी थी CENTCOM ने कहा कि ईरान को पहले भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समझौतों का पालन करने का अवसर दिया गया था, लेकिन उसने फिर से व्यावसायिक जहाजों पर हमला किया।

 

बयान में कहा गया कि अमेरिका नागरिक नाविकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान की सैन्य क्षमताओं को निशाना बना रहा है। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर की जा रही है। दक्षिणी ईरान में कई धमाके

 

इस बीच ईरान की Mehr News Agency के अनुसार क़ेश्म द्वीप (Qeshm Island) पर कई विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं। सरकारी प्रसारक IRIB ने बताया कि बंदर अब्बास में तीन और सिरिक में दो विस्फोट हुए हैं, जिससे दक्षिणी ईरान में नए सैन्य हमलों की आशंका जताई जा रही है।

IRGC ने किया होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का ऐलान

 

इससे पहले IRGC ने घोषणा की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अगली सूचना तक बंद रखा जाएगा। IRGC के बयान के अनुसार, जब तक अमेरिका पश्चिम एशिया में अपने “हस्तक्षेप” को समाप्त नहीं करता, तब तक किसी भी जहाज को इस समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

IRGC ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस स्थिति का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी नई सैन्य कार्रवाई के बहाने के रूप में किया गया, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा और क्षेत्र में मौजूद दुश्मन के अतिरिक्त सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। संगठन ने कहा कि इस संकट से उत्पन्न किसी भी परिणाम की जिम्मेदारी अमेरिका, इजराइल और उन देशों की होगी, जहां से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाए जाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर किया जोरदार प्रहार, बोले- रामभक्तों के खून से सना है सपा का इतिहास

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party and Congress

– भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क सहित करीब 758 करोड़ रुपए की लागत वाले 24 विकास कार्यों का मुख्यमंत्री योगी ने किया लोकार्पण व शिलान्यास

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस ने किया भगवान श्रीराम को मिथक व काल्पनिक साबित करने का कुत्सित प्रयास

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब भी मौका मिला, कांग्रेस व सपा ने भारतीय मानबिंदुओं पर कुठाराघात किया

– मुख्यमंत्री ने कहा, समाज को बांटने की साजिश रचकर विकास प्रक्रिया बाधित करती हैं सपा व कांग्रेस

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की राजनीति पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि जब भी मौका मिला, कांग्रेस और सपा ने भारतीय मानबिंदुओं पर कुठाराघात किया है। सपा का इतिहास रामभक्तों के खून से सना हुआ है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार में रहते सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर भगवान श्रीराम को मिथक और काल्पनिक साबित करने का कुत्सित प्रयास किया। ये दोनों पार्टियां जाति के नाम पर समाज को बांटने की साजिश रचकर विकास प्रक्रिया को बाधित करती हैं। इनसे आमजन को सतर्क रहना होगा।  

 

मुख्यमंत्री योगी शनिवार शाम गोरखपुर में भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क सहित करीब 758 करोड़ रुपए की 24 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 697 करोड़ 49 हजार रुपए की लागत वाली 5 सड़कों का लोकार्पण और सड़क निर्माण एवं पर्यटन विकास से जुड़े 60 करोड़ 63 लाख 96 हजार रुपए की लागत वाले 19 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। ये सभी कार्य पिपराइच विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हैं। 

 

भटहट में फोरलेन सड़क का लोकार्पण करने के बाद बांसस्थान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता। समाज को जाति और वर्ग के नाम पर बांटने की साजिश विकास प्रक्रिया में बाधक बनती है। यही कार्य कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारें करती थीं, इसलिए उनसे विकास नहीं होता था। इन पार्टियों की सरकार में विकास की बजाय हिंदुओं का अपमान होता था।

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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उसने सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र देकर भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को मिथक और काल्पनिक बताया था। कांग्रेस शुरुआत से ही हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ करती रही है। भगवान सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को बुलाया गया, तब इसका विरोध कांग्रेस ने ही किया था। कांग्रेस के साथ सपा को भी कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सपा के बारे में तो कहना ही क्या, सपा का इतिहास रामभक्तों के खून से सना है।’ 

 

विरासत और विकास के विजन को पचा नहीं पा रहीं सपा-कांग्रेस

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा की सरकारों ने भारत की आस्था को अपमानित किया है। उनकी सरकारों में दंगे होते थे, पर्व-त्योहार प्रतिबंधित किए जाते थे।  कांवड़ यात्रा रोकी जाती थी। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा की डबल इंजन सरकार विरासत के संरक्षण और विकास के विजन के साथ आगे बढ़ रही है तो इसे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पचा नहीं पा रही हैं। 

 

विकास ही अच्छे वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य का आधार

मुख्यमंत्री ने लोगों को विकास प्रक्रिया की महत्ता समझाते हुए कहा कि विकास ही अच्छे वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने लोगों को विकास के लिए एकजुट रहने की सीख देते हुए कहा कि यदि हम जातियों में बंटे तो इसकी कीमत वर्तमान और भावी पीढ़ी को चुकानी पड़ेगी। 

 

जब अच्छे लोग चुने जाते हैं तो बनता है खुशहाली का रास्ता 

विकास कार्यों की सौगात मिलने पर जनता को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब अच्छे लोग चुने जाते हैं तो परिणाम भी अच्छे आते हैं। अच्छे परिणाम से खुशहाली का रास्ता बनता है। आपने गोरखपुर में अच्छे ब्लॉक प्रमुख, अच्छे विधायक और अच्छा सांसद चुना तो विकास का सिलसिला निरंतर आगे बढ़ रहा है। 

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जितनी अच्छी कनेक्टिविटी, विकास की स्पीड उतनी ही तेज 

मुख्यमंत्री ने रोड कनेक्टिविटी को विकास के लिए अपरिहार्य बताते हुए कहा कि जितनी अच्छी कनेक्टिविटी होगी, विकास की स्पीड उतनी ही तेज होगी। जब प्रगति तेजी से होगी तो व्यक्ति, समाज और देश की समृद्धि होगी। समृद्धि से ही खुशहाली आएगी। 

 

2017 के पहले न विकास और न जनता को योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश और गोरखपुर में न तो विकास कार्य हो रहे थे और न ही जनता को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा था। तब यहां इंसेफेलाइटिस की बीमारी थी, पलायन और पिछड़ापन था। कमजोर, गरीब, महिला, किसान, नौजवान किसी तक शासन की योजना की पहुंच नहीं थी। जबकि अब डबल इंजन सरकार में तीव्रता से विकास हो रहा है और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी को मिल रहा है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में विरासत और विकास का बेहतर समन्वय हो रहा है।

 

किसी को दुविधा नहीं, अब लोगों के घर तक विकास की दस्तक

मुख्यमंत्री ने पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के पिछड़े हिस्से में गिने जाने वाले बांसस्थान को फोरलेन कनेक्टिविटी से जोड़े जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब इस क्षेत्र के लोगों के मन में कोई दुविधा नहीं है। यहां हर चेहरे पर खुशहाली दिख रही है।

इस क्षेत्र के लोगों के घर तक विकास कार्यों की दस्तक हो रही है। मुख्यमंत्री ने पिपराइच विधानसभा क्षेत्र की उपलब्धियों में चीनी मिल, आयुष विश्वविद्यालय, निर्माणाधीन गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन सड़क आदि का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास की यह गति, आर्थिक प्रगति को भी बढ़ाने में सहायक होगी। 

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फोरलेन कनेक्टिविटी से बढ़ेंगी रोजगार की संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरलेन सड़कें उन स्थानों पर भी बन रही हैं, जहां के बारे में कोई सोचता भी नहीं था। भटहट-बांसस्थान के बाद बालापार-टिकरिया मार्ग, चिउटहां-कोनी मार्ग भी फोरलेन हो रहा है। फोरलेन की कनेक्टिविटी से विकास तेज होगा और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग भाजपा सरकार के विकास अभियान से जुड़े रहेंगे। 

 

मोदी-योगी के नाम पर वोट विकास की गारंटी: रविकिशन

समारोह को संबोधित करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मोदी जी और योगी जी के नाम पर दिया गया वोट विकास की गारंटी है। यह बात जनता भी जानती है, इसलिए वह बार-बार भाजपा की ही सरकार चाहती है। यह मोदी जी और योगी जी के नाम पर दिए गए वोट की ही ताकत है कि जो मार्ग पूर्व की सरकार में चलने लायक नहीं था, अब वह फोरलेन सड़क के रूप में चमक उठा है।

सांसद ने मुख्यमंत्री योगी को निस्वार्थ संत व सनातन रक्षक बताते हुए कहा कि जनता की सेवा के प्रति उनके अथक परिश्रम और समर्पण के आगे विरोधी उनका मुकाबला नहीं कर सकते। रवि किशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व, कर्मठता और कार्यशैली पर एक आल्हा भी सुनाया। 

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मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में उपलब्धियों के शिखर छू रहा पिपराइच विस क्षेत्र : महेंद्रपाल

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र निरंतर चौमुखी विकास की उपलब्धियों के शिखर पर पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने बीते नौ सालों में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र को 5000 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी हैं।

 

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण संस्था के उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, ब्लॉक प्रमुख रेखा सिंह, वंदना सिंह, जनार्दन जायसवाल, पिपराइच नगर पंचायत के चेयरमैन संजय मद्धेशिया, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गजेंद्र प्रताप सिंह, आनंद शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री योगी ने किया सम्मानित

समारोह के मंच से मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, प्रतीकात्मक चेक, लैपटॉप आदि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थी रंजीत कुमार शर्मा व इंदु पासवान को टूलकिट, मुख्यमंत्री युवा योजना की लाभार्थी रूपकला को सिलाई सेंटर के लिए 2 लाख रुपए के ऋण का चेक सौंपा।

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इसी तरह उन्होंने ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के लाभार्थी कृष्णा प्रजापति को रेडीमेड गारमेंट उद्यम के लिए 10 लाख रुपए, श्रम विभाग की तरफ से संचालित मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के लाभार्थी इंदल निषाद व राहुल कुमार को 56-56 हजार रुपए, निर्माण कामगार दिव्यांगता सहायता योजना के लाभार्थी स्वर्गीय हरिलाल के आश्रित विजय कुमार को 2 लाख 25 हजार रुपए का चेक वितरित किया।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की लाभार्थी अंजना पासवान व साक्षी गौड़ को मुख्यमंत्री के हाथों लैपटॉप, स्वयं सहायता समूह की लाभार्थियों विद्यावती व शोभा को समूह संचालन के लिए 1 करोड़ 2 लाख 30 हजार रुपए के ऋण फंड का चेक, विद्युत सखियों किरन मौर्या, ज्ञानमती व निरंजली देवी को थर्मल प्रिंटर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के लाभार्थी रमाशंकर को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 4 लाख रुपए और अशोक कुमार को स्ट्रॉ रीपर (भूसा मशीन) के लिए 75 हजार रुपए की अनुदान राशि का प्रमाण पत्र प्रदान किया।

 

मुख्यमंत्री ने विकास प्रदर्शनी का किया अवलोकन, बच्चों का कराया अन्नप्राशन 

मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की तरफ से लगाए गए स्टालों पर जाकर संबंधित विभाग की उपलब्धियों की जानकारी ली और उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग के स्टाल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को प्यार, आशीर्वाद के साथ उपहार प्रदान किए। 

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बांसस्थान में वामंत माता मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया दर्शन-पूजन

जनसभा को संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांसस्थान स्थित वामंत माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने माता की आराधना कर लोक मंगल और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा, मध्यप्रदेश सरकार देगी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर अवॉर्ड

Chief Minister Dr Mohan Yadav's major announcement regarding digital content creators

– मुख्यमंत्री यादव ने जनजागरूकता के लिए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के योगदान को सराहा

– इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'मध्यप्रदेश युवा कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ किया संवाद

Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'मध्यप्रदेश युवा कॉन्क्लेव-2026' में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ परस्पर संवाद किया। उन्होंने युवाओं के उत्थान और जनजागरूकता के लिए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के योगदान को सराहा। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के डिजिटल इंफ्ल्यूएंसर्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 'डिजिटल कंटेंट अवॉर्ड' प्रदान किए जाने की घोषणा भी की।

 

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सकारात्मक सोच, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के साथ काम करने वाले युवा आज समाज में परिवर्तन के सशक्त वाहक बन रहे हैं और उनके योगदान को सम्मानित किया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम में इंदौर, उज्जैन, धार सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों के अनेक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्ल्यूएंसर्स ने भाग लिया।

उत्कृष्ट कार्यों का होगा सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से समाज निर्माण, सकारात्मक परिवर्तन और जनजागरूकता में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म समाज को दिशा देने का एक प्रभावी माध्यम बन चुके हैं।

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नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को स्वर दे रहा आज का युवा

संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल कंटेंट नहीं बना रहा, बल्कि विचारों को दिशा दे रहा है, समाज को जोड़ रहा है और नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को स्वर दे रहा है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक और जिम्मेदार डिजिटल कंटेंट के माध्यम से युवा समाज में रचनात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। प्रदेश सरकार डिजिटल क्षेत्र में नवाचार, रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण डिजिटल कंटेंट को मिलेगा बढ़ावा 

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से डिजिटल क्रिएटर्स के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने के लिए 'डिजिटल कंटेंट क्रिएटर अवॉर्ड' की शुरुआत की जाएगी, जिससे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण डिजिटल कंटेंट को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने उनके साथ अपने अनुभव भी साझा किए।

दतिया से कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को बनाया अपना उम्मीदवार, बीजेपी के आशुतोष तिवारी से होगा मुकाबला

Congress has fielded Ghanshyam Singh as its candidate from Datia

Datia Assembly By-election : कांग्रेस ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। घनश्याम सिंह का सीधा मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी से होगा। कांग्रेस की ओर से घनश्याम के उम्मीदवार बनाए जाने से दतिया का चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।पार्टी ने एक ऐसे चेहरे पर दांव लगाया है, जिसका क्षेत्र में लंबा राजनीतिक अनुभव और संगठन पर मजबूत पकड़ मानी जाती है।

दतिया राजघराने से आने वाले घनश्याम सिंह 2 बार 1993 और 2003 में दतिया विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। 2023 का विधानसभा चुनाव उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सेवढ़ा विधानसभा सीट से लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। घनश्याम सिंह की ग्रामीण इलाकों में मजबूत पकड़ और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं से संपर्क उनके पक्ष में गई है।

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कुंवर घनश्याम सिंह का राजनीतिक जीवन कई दशकों पुराना है। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और दतिया क्षेत्र की राजनीति में उनका प्रभाव रहा है। वे पहले भी विधायक रह चुके हैं तथा संगठन और जनसंपर्क के कारण कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। विभिन्न जनआंदोलनों और स्थानीय मुद्दों को लेकर भी वे लगातार सक्रिय रहे हैं।

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दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस में कई नामों पर चर्चा चल रही थी। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के परिवार, अवधेश नायक और अन्य नेताओं के नाम भी सामने आए, लेकिन अंततः पार्टी नेतृत्व ने अनुभवी चेहरे के रूप में घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया। इससे कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि वह इस सीट पर मजबूत और संतुलित उम्मीदवार के साथ चुनाव लड़ना चाहती है।

चीन में बाढ़ ने मचाई तबाही, सड़कों पर तैरने लगे सैकड़ों सांप, वीडियो देख चौंक जाएंगे आप

video of snakes in China following floods is going viral rapidly

China flood news : चीन के ग्वांग्शी प्रांत में पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से भीषण बाढ़ आ गई। चीन के कई इलाकों में हो रही भीषण बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस बीच सांपों को लेकर भी दहशत फैल गई। दरअसल एक बांध टूटने से पानी के तेज प्रवाह में एक फार्म से करीब 900 सांपों का झुंड बाहर निकलकर भागने लगा। इन भागते सांपों का रौंगटे खड़े करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आप भी चौंक जाएंगे। ग्रामीणों को आगाह किया कि अगर उन्हें अपने घरों में कोई सांप मिले तो वे उसे हाथ से पकड़ने की कोशिश न करें।

 

सड़कों पर तैरने लगा सांपों का झुंड

चीन के ग्वांग्शी प्रांत में पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से भीषण बाढ़ आ गई। चीन के कई इलाकों में हो रही भीषण बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस बीच सांपों को लेकर भी दहशत फैल गई। दरअसल एक बांध टूटने से पानी के तेज प्रवाह में एक फार्म से करीब 900 सांपों का झुंड बाहर निकलकर भागने लगा।

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तेजी से वायरल हो रहा सांपों का वीडियो

इन भागते सांपों का रौंगटे खड़े करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आप भी चौंक जाएंगे। खबरों के मुताबिक, सामने आए एक बाढ़ के वीडियो में लोग कमर तक भरे पानी में लाठियां लेकर सांपों को पकड़ने की कोशिश करते दिखाई दिए। चीन के कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है।

 

62 नदियों का बढ़ा जल स्तर

सबसे ज्यादा बारिश शहर के बाहरी इलाके पिंगगू जिले के एक बाजार क्षेत्र में हुई, जहां 164 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। बीजिंग में 36,279 परिवारों के कुल 95657 लोगों को एहतियात के तौर पर दूसरी जगह शिफ्ट किया जा चुका है। चीन में भारी बारिश की वजह से देशभर की 62 नदियों का जलस्तर बाढ़ चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है।

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प्रशासन ने लोगों को किया आगाह

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए अधिकारियों ने खतरे की स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। फिलहाल बीजिंग और अन्य प्रभावित इलाकों में हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और मौसम से जुड़ी हर चेतावनी पर नजर बनाए रखें। ग्रामीणों को आगाह किया कि अगर उन्हें अपने घरों में कोई सांप मिले तो वे उसे हाथ से पकड़ने की कोशिश न करें।

राम मंदिर ट्रस्ट में अंतरर्कलह, नृपेंद्र मिश्रा बोले- मुझे बैठक में नहीं बुलाया, धर्म सेना प्रमुख का पलटवार- ट्रस्ट नहीं ये गिरोह है

Ayodhya Ram Mandir Conflict: अयोध्या राम मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के आंतरिक तालमेल को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। जब मीडिया ने उनसे आगामी 22 जुलाई को दिल्ली में होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक के बारे में सवाल किया, तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा कि मुझे इस बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

 

​नृपेंद्र मिश्रा ने बेहद तल्ख अंदाज में अपनी अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि मुझे इस बैठक के बारे में न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही मुझे इसमें बुलाया गया है। मैं मंदिर की व्यवस्थाओं से संबंधित काम नहीं देखता हूं। ​गौरतलब है कि इससे पहले नृपेंद्र मिश्रा ने दिल्ली में राम मंदिर से जुड़े मामलों में 'रामधन गमन' को “डकैती” करार दिया था। उनके इस बयान के बाद से ही ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर सवाल उठने लगे थे। ALSO READ: अयोध्या ​राम मंदिर में नई समस्या! 23 कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा

संतोष दूबे का तीखा हमला

नृपेंद्र मिश्रा के इस ताजा बयान के बाद विवाद और गहरा गया है। धर्म सेना के प्रमुख संतोष दूबे ने ट्रस्ट और निर्माण समिति पर सीधा और तीखा हमला बोला है। संतोष दूबे ने कहा कि ​ट्रस्ट में बैठे लोग अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह भाग रहे हैं। अगर ट्रस्ट और निर्माण समिति के पदाधिकारियों के बयानों को मिलाकर देखा जाए, तो यह राम मंदिर का ट्रस्ट नहीं बल्कि एक 'गिरोह' (गैंग) नजर आता है। इस गिरोह के लोग अब आपस में ही 'गैंगवार' में उलझे हुए हैं। ALSO READ: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या घटी, अयोध्या की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

​चोरी पकड़े जाने का डर

यह जो आपसी खींचतान और आक्रोश दिखाई दे रहा है, यह कोई धर्म का काम नहीं है। मुमकिन है कि ट्रस्ट के लोगों ने जो वित्तीय गड़बड़ियां की हैं, वे अब सामने आ रही हैं, जिसके चलते ये लोग झुंझलाहट और गुस्से में हैं। दूबे ने सीधे नृपेंद्र मिश्रा को घेरते हुए आरोप लगाया कि मिश्रा जी निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं। मंदिर निर्माण में 40% का कमीशन लेने की बात सामने आई है। उन्हें जनता को जवाब देना चाहिए कि इस खेल में उनका हिस्सा कितना बना? इन लोगों ने मिलकर राम के नाम पर आए धन की खुली लूट की है। इनकी आने वाली पीढ़ियां दुनिया को क्या मुंह दिखाएंगी कि उन्होंने प्रभु श्रीराम के धन की चोरी की थी?

गांव के होनहारों को अफसर बनाने के लिए योगी सरकार का मेगा प्लान

UP High Tech Digital Library Scheme: ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रांतीय सिविल सेवा और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए गांवों में ही आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहले चरण में प्रदेश के 32 जिलों की ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की गई हैं, जहां छात्र-छात्राओं को ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट और डिजिटल क्विज सहित लगभग 20 हजार डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इससे गांवों के युवाओं को बेहतर तैयारी के लिए शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

चार लाख रुपए की लागत से तैयार हो रही हाईटेक लाइब्रेरी

पहले चरण में 11,350 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर लगभग चार लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इनमें करीब दो लाख रुपए की पुस्तकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 1.30 लाख रुपए के आईटी उपकरण और लगभग 70 हजार रुपए के अत्याधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराए गए हैं। इन लाइब्रेरियों को इस तरह विकसित किया गया है कि छात्र पारंपरिक पुस्तकों के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से भी पढ़ाई कर सकें।

ई-बुक्स, वीडियो और क्विज से होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी में छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 हजार से भी अधिक डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो सामग्री और इंटरैक्टिव क्विज शामिल हैं। योगी सरकार का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाना है, ताकि वे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

10,406 ग्राम पंचायतों में पुस्तकें, 9,372 में आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध

योजना के तहत अब तक 10,406 ग्राम पंचायतों की लाइब्रेरियों में पुस्तकें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। वहीं 9,372 ग्राम पंचायतों में छात्रों के लिए अत्याधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही लाइब्रेरियों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल सुविधाओं से भी जोड़ा जा रहा है।

ग्राम प्रधान और सचिव करेंगे संचालन, अधिकारी रखेंगे निगरानी

पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। इनका संचालन ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की देखरेख में होगा, जबकि संबंधित सहायक अधिकारी नियमित रूप से इनकी निगरानी करेंगे। उनका कहना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

इन 32 जिलों में पुस्तकों एवं फर्नीचर की 100 प्रतिशत की जा चुकी आपूर्ति

अयोध्या, प्रयागराज, गोरखपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, आगरा, कानपुर देहात, गौतम बुद्ध नगर, बांदा, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, देवरिया, हरदोई, शामली, एटा, सहारनपुर, फिरोजाबाद, कौशांबी, प्रतापगढ़, वाराणसी, ललितपुर, अमरोहा, कासगंज, इटावा, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, श्रावस्ती, रामपुर, लखीमपुर खीरी, जौनपुर, संभल, उन्नाव।

जनसेवा सर्वोपरि, प्रतिकूल मौसम में भी CM योगी ने किया जनता दर्शन

 

CM Yogi Janta Darshan Gorakhpur: ‘जनसेवा सर्वोपरि’ के ध्येय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद जन समस्याओं के निस्तारण के निस्तारण के लिए ‘जनता दर्शन’ किया। बारिश में दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनीं। समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए कहा, ‘घबराइए मत, हर समस्या का समाधान कराया जाएगा, सरकार सबकी भरपूर मदद करेगी।’

 

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं। साथ ही गरीबों की भूमि पर कब्जा करने वाले दबंगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

लोगों तक खुद पहुंचे सीएम योगी

बारिश के चलते, मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए शनिवार सुबह जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 250 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा जानीं। उन्हें आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। 

 

जनता दर्शन में कुछ महिलाओं ने पट्टीदारों द्वारा तो कुछ ने दबंगों द्वारा उनकी जमीन कब्जा करने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पारिवारिक जमीनी विवादों की स्थिति में पैमाइश व अन्य जांच कराने के बाद निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

 

हर बार की तरह शनिवार को भी जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी।

गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में मुख्यमंत्री ने की गोसेवा

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम योगी ने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। उन्होंने गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाकर उन पर स्नेह बरसाया।