Bangkok Pub Fire: थाईलैंड के पब में भीषण आग से 27 लोगों की मौत, 60 घायल

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थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सोमवार तड़के एक पब में भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में करीब 60 लोगों के घायल होने की खबर है। दमकलकर्मियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ALSO READ: US-Iran War: अमेरिका ने दूसरे दिन भी ईरान के 6 राज्यों में की बमबारी, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ा तनाव

 

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उत्तरी बैंकॉक स्थित पब के मुख्य द्वार से ऊंची लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। लोग जान बचाने के लिए बाहर भागते नजर आए। आग लगने के दौरान कुछ पीड़ितों ने पब के शौचालयों में शरण ली थी, और मारे गए लोगों में से कई के शव इन्हीं शौचालयों में पाए गए हैं।

 

आग बुझने के बाद सामने आई तस्वीरों में पब का अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह तबाह नजर आया। यहां जली हुई मेज और कुर्सियां राख से ढकी हुई थीं। बचावकर्मी घटनास्थल की तलाशी ले रहे थे।

क्या बोले थाईलैंड के पीएम?

अधिकारियों को आधी रात को बैंकॉक के उत्तरी हिस्से में स्थित ना लादप्राओ पब में आग लगने की सूचना मिली थी। बाद में घटनास्थल पर पहुंचे थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने बताया कि 27 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। ALSO READ: चीन में बाढ़ ने मचाई तबाही, सड़कों पर तैरने लगे सैकड़ों सांप, वीडियो देख चौंक जाएंगे आप

 

क्या है पब में परफॉर्म कर रहे म्यूजिशियन का दावा?

पब में परफॉर्म कर रहे एक म्यूजिशियन ने उन्हें बताया कि बिजली जाने से पहले स्टेज के पास लगे सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलते देखा था। फिर एक धमाके की आवाज सुनाई थी और तेजी से पूरी जगह घना धुआं भर गया। 

 

US-Iran War: अमेरिका ने दूसरे दिन भी ईरान के 6 राज्यों में की बमबारी, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ा तनाव

The AI ​​image features the flags of Israel and the United States on one side, and the flag of Iran on the other, with soldiers and tanks engaged in battle in the background.

अमेरिका ने ईरान पर फिर बड़ा हमला करते हुए 6 राज्यों में भीषण बमबारी की। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरी दिन भी ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। अमेरिका और ईरान दोनों ही हार्मुुज स्ट्रेट पर अपना दावा कर रहे हैं। ALSO READ: Iran-US Conflict : ईरान का जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर हमला करने का दावा, UAE, बहरीन और कतर में भी मिसाइल अलर्ट

 

सेंटकॉम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के बलों ने ईरान के खिलाफ और हमले शुरू कर दिए। इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को लगातार कमजोर करना है। कमांडर इन चीफ ट्रंप ने ईरानी बलों को जवाबदेह ठहराने के लिए इन हमलों के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से वैध रूप से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए खुला है। अमेरिकी सेनाएं वहां तैनात हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं कि ईरान की अनुचित आक्रामकता, उत्पीड़न, धमकियों और मनमानी घोषणाओं के बावजूद नौवहन की स्वतंत्रता बनी रहे। ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण नहीं है। इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।

 

ईरान की चेतावनी

इस बीच ईरानी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अपनी जमीन या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए करने की अनुमति देता है, तो ऐसे हमलों के स्रोत को ईरानी सशस्त्र बल आत्मरक्षा के तहत 'वैध सैन्य लक्ष्य' मान सकते हैं।

 

मंत्रालय ने मस्कट में हुई वार्ता के नतीजों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को भी पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि बातचीत का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन से जुड़े इंतजाम थे।  ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव तथा सुरक्षा परिषद से अमेरिकी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की। ALSO READ: Strait of Hormuz Crisis : तेल-गैस की सप्लाई पर फिर खतरा, होर्मुज किया बंद तो ईरान पर टूट पड़ा अमेरिका, कंटेनर जहाज पर भी हमला

 

संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम क्षेत्र और दुनिया दोनों के लिए गंभीर परिणाम लेकर आ सकते हैं।

कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। ब्रेट क्रूड 79.19 डॉलर प्रति बैरल तो WTI क्रूड की कीमत 74.43 डॉलर प्रति बैरल हुई। इंडियन बास्केट में कच्चा तेल 74.37 डॉलर प्रति बैरल था।

जर्मनी: 23 सालों में सबसे जानलेवा रहा जून का महीना

germany heat

आयुष यादव 

जर्मनी में इस साल जून के महीने में डूबने से 99 लोगों की मौत हुई है। 2003 के बाद किसी एक महीने में जान गंवाने वालों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। मरने वालों में युवाओं और पुरुषों की संख्या सबसे ज्यादा है। ALSO READ: जर्मनी में गर्मी की वजह से इस साल 5,100 लोगों की मौत

 

जर्मनी में गर्मी से बचने के लिए नदियों और झीलों का रुख करने वालों के लिए डराने वाली खबर है। जर्मन लाइफ सेविंग एसोसिएशन (डीएलआरजी) ने रविवार को बताया कि हीटवेव के दौरान जून में डूबने से कम से कम 99 लोगों की जान चली गई। पिछली बार जून के महीने में नहाते समय इतनी मौतें 2003 की भयंकर गर्मी के दौरान हुई थीं, तब 107 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

 

डीएलआरजी दुनिया का सबसे बड़ा पानी में बचाव करने वाला संगठन है, जिसके करीब 6।30 लाख सदस्य हैं। कई जर्मन राज्यों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने के साथ ही लाइफगार्ड्स ने लोगों से पानी में छिपे खतरों को हल्के में ना लेने की अपील की है। संस्था की अध्यक्ष ऊटे फोग्ट ने इस बढ़ते आंकड़े पर चिंता जताते हुए कहा, “तैराकी के सीजन की यह दुखद शुरुआत चिंता का विषय है। इससे यह डर पैदा हो गया है कि गर्मियों में आने वाली हीटवेव पानी में और भी कई जानें ले सकती हैं।” ALSO READ: चीन के मिसाइल परीक्षण से किन देशों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी

 

जान गंवाने वालों में युवा और पुरुष सबसे ज्यादा

आंकड़े बताते हैं कि पानी में डूबने वालों में ज्यादातर पुरुष हैं। फोग्ट ने बताया, “जून में मरने वालों में 90 प्रतिशत से ज्यादा पुरुष थे। वहीं जान गंवाने वाले युवाओं में तो सभी पुरुष ही थे। इसलिए हम खासतौर पर लड़कों और पुरुषों से अपील करते हैं कि वे अपनी क्षमताओं का सही अंदाजा लगाएं और जोखिम भरे काम करने से बचें।”

 

उन्होंने आगे कहा, “किसी झील में तैरने पर कोई इनाम नहीं मिलने वाला है, लेकिन आप अपनी जान जरूर गंवा सकते हैं।” संस्था के मुताबिक, 2025 में भी डूबने वाले हर पांच में से चार पीड़ित पुरुष ही थे।

 

जून में मरने वालों में 40 लोगों की उम्र 30 साल से कम थी, जबकि 35 लोग 50 साल से ऊपर के थे। ALSO READ: खमेनेई के बाद ईरान: कितनी बदल जाएगी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था

 

हादसों की असली वजह क्या है?

जून में सबसे ज्यादा जानलेवा हादसे झीलों और नदियों में हुए। स्विमिंग पूल, नहरों और समुद्र में मरने वालों की संख्या कम रही। डीएलआरजी के बचावकर्ताओं के मुताबिक, इन हादसों का एक तय पैटर्न दिखता है।

 

बहुत से लोग पानी के बहाव और पानी में कूदते समय तापमान के अचानक बदलने जैसे खतरों का सही अंदाजा नहीं लगा पाए। इसके अलावा, कई लोगों को ठीक से तैरना नहीं आता था। अति आत्मविश्वास, बहुत उथले या गंदे पानी में छलांग लगाना और पानी में मेडिकल इमरजेंसी जैसी वजहों से भी लोगों की जान गई। ALSO READ: ब्रिटेन का शाही परिवार कहां से और कैसे धन कमाता है

 

किस राज्य में कितने हादसे?

जर्मनी के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य, नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया में जून में सबसे ज्यादा 22 मौतें दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह संख्या 12 थी। दूसरे नंबर पर बवेरिया रहा, जहां 21 लोगों की मौत हुई। पिछले साल यहां 22 मौतें हुई थीं। इसके बाद बाडेन-वुर्टेमबर्ग में 13 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 2025 में यहां केवल 7 मौतें हुई थीं।

Top News 13 July: US ने ईरान पर फिर बरसाए बम, 80 डॉलर के करीब पहुंचा कच्चा तेल, दिल्ली में EV सब्सिडी नियम बदले

US attacks Iran

Top News 13 July : अमेरिका और ईरान भीषण जंग जारी। कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर के करीब पहुंची। बैंकॉक के पब में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में ईवी वाहनों पर सब्सिडी नियमों में बड़ा बदलाव। निक सिनर ने लगातार दूसरी बार विंबलडन का पुरुष एकल खिताब जीता। 13 जुलाई की बड़ी खबरें : 

 

ईरान पर US ने फिर की बमबारी

अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर सैन्य हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और वाणिज्यिक नौवहन को निशाना बनाने की ईरानी क्षमता को कमजोर करना है। ईरान ने भी स्ट्रेट ऑफ हार्मुज बंद करने का दावा किया।

 

कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। ब्रेट क्रूड 79.19 डॉलर प्रति बैरल तो WTI क्रूड की कीमत 74.43 डॉलर प्रति बैरल हुई। इंडियन बास्केट में कच्चा तेल 74.37 डॉलर प्रति बैरल था।

 

बैंकॉक के पब में भीषण आग, 27 की मौत

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सोमवार तड़के एक पब में भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। दमकलकर्मियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उत्तरी बैंकॉक स्थित पब के मुख्य द्वार से ऊंची लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। लोग जान बचाने के लिए बाहर भागते नजर आए।

 

सब्सिडी के लिए EV में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम जरूरी

दिल्ली में सब्सिडी केवल उन्हीं इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी, जिनमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगा होगा। दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 के परिचालन प्रावधानों में इस तकनीक को अनिवार्य किया गया है। यह व्यवस्था इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (यात्री) और इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर मालवाहक (एन-1 श्रेणी) पर लागू होगी।

 

सिनर ने लगातार दूसरी बार जीता विंबलडन

दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर ने लगातार दूसरी बार विंबलडन का पुरुष एकल खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को खेले गए फाइनल में उन्होंने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराकर अपने करियर का पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता।

योगी सरकार ने जनसहभागिता से रचा नया इतिहास, 1 दिन में रोपे 35.27 करोड़ से अधिक पौधे

Yogi government created history through public participation

– राज्यपाल ने जनभवन, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य झांसी, ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में किया पौधारोपण

– राजधानी से लेकर प्रदेश के गांव-गांव तक रोपे गए पौधे, वन विभाग के नेतृत्व में सभी विभागों ने लगाए पौधे

– https://pmsupfd.org/plantingprogress.html पर अपडेट होती रही पल-पल की रिपोर्ट 

– उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ के लक्ष्य से 27,89,926 पौधे अधिक लगाए गए

– प्रदेश के सभी 75 जिलों और 18 मंडलों में चला वृहद पौधारोपण अभियान

– प्रदेश के अन्य जनपदों में सरकार के मंत्रियों ने रोपे पौधे

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने रविवार को नया इतिहास रच दिया। 'एक पेड़ मां के नाम' थीम के अंतर्गत वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 में पूरे प्रदेश में शाम छह बजकर 12 मिनट तक एक दिन (12 जुलाई, रविवार) में 35,27,89,926 पौधारोपण हुए। यह सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्य 35 करोड़ से 27.89 लाख से अधिक है। 

 

मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर से किया शुभारंभ, 2 स्थानों पर लगाए पौधे 

माफिया के प्रति कठोर और बच्चों के लिए कोमलहृदय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। दुनियाभर में बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को कम करने के प्रयास को कम करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते वर्षों की भांति इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर अभियान को शीर्ष प्राथमिकता दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत मुख्यमंत्री की मंशा को ध्यान में रखते हुए रविवार को प्रदेश में व्यापक स्तर पर 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' चलाया गया।

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इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे रोपे। वहीं आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे मौलिश्री का पौधा लगाया। कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद व वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना गोरखपुर के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

राज्यपाल ने जनभवन, केशव प्रसाद मौर्य ने झांसी व ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में लगाया पौधा

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने ‘वृक्षारोपण महायज्ञ’ के तहत जनभवन में सफेद चंदन का पौधा रोपित किया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने झांसी तथा ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में पौधारोपण किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना शाहजहांपुर, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जालौन, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही देवरिया, कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने मुरादाबाद, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने बागपत में पौधारोपण किया। वहीं प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों ने भी अलग-अलग जिलों में पौधे रोपित किये। 

Yogi government created history through public participation

प्लांटेशन मॉनिटरिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर पर मिला रियल टाइम अपडेट 

रविवार को हुए 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के अंतर्गत वन, रक्षा, रेलवे, ग्राम पंचायत एवं सामुदायिक भूमि, एक्सप्रेस वे, सड़क, नहर, रेल पटरी के किनारे, विकास प्रधिकरण, औद्योगिक परिसर, चिकित्सा संस्थान, शिक्षण संस्थान की भूमि, अन्य राजकीय भूमि, कृषकों की निजी भूमि, नागरिकों द्वारा निजी परिसर में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया है। सबसे अहम बात अभियान को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए वन विभाग की तरफ से एंड्रायड आधारित प्लांटेशन मॉनिटरिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर पर रीयल टाइम अपडेट मिला।

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मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश था कि पिछली सरकारों की तरह पौधारोपण अभियान केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित ना रहे, बल्कि इसे लेकर पूरी पारदर्शिता और पौधों की प्रभावी मॉनीटरिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। यही कारण रहा कि इस साल भी पौधों की जियो टैगिंग की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। साथ ही वन विभाग ने भी टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया है। https://pmsupfd.org/plantingprogress.html पर पल-पल की रिपोर्ट अपडेट होती रही। 

 

वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 (टाइमलाइन) 

सुबह 8 बजे- 1,01,99,947

9 बजे- 4,57,13,395

10 बजे- 8,75,92,099

11 बजे- 13,05,37,796 

12 बजे- 16,59,88,118 

दोपहर 1 बजे-  19,73,60,273

2 बजे- 21,63,97,977

3 बजे- 25,29,98,772 

शाम 4 बजे- 29,61,57,431

5 बजे- 32,10,14,959

6 बजकर 12 मिनट (फाइनल रिपोर्ट)- 35,27,89,926

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विश्व पर्यावरण दिवस पर भी लगाए गए थे 5 करोड़ से अधिक पौधे 

विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत 5 करोड़ से अधिक पौधारोपण किए गए थे। विश्व पर्यावरण दिवस पर 5,01,46,441 पौधे लगाए गए थे, जबकि 12 जुलाई को 35,27,89,926 पौधारोपण हुए। इन दोनों दिन में कुल 40,29,36,367 पौधे उत्तर प्रदेश में लगाए गए।

TMC पर लड़ाई हुई तेज, ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा, बोले- हम हैं असली टीएमसी, कोर्ट का दिखाया आदेश

Ritabrata Banerjee's major claim regarding Trinamool Congress in Bengal

West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।

 

चुनाव आयोग को भेजी जाएगी आदेश की प्रति

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के बाद गठित समिति ही तृणमूल कांग्रेस की वैध इकाई है। ऋतब्रत ने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति मिलते ही उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।

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फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि अदालत ने उनके गुट को ही असली तृणमूल के रूप में मान्यता दी है। इस समिति के अध्यक्ष अरूप राय हैं। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

ऋतब्रत ने पार्टी फंड को लेकर भी किया यह दावा

ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि अदालत के आदेश के अनुसार पार्टी के बैंक खातों, फंड, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों के उपयोग का अधिकार भी केवल उनकी समिति को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अरूप राय के नेतृत्व वाली समिति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के नाम पर पार्टी फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। तृणमूल भवन को लेकर भी ऋतब्रत ने अपना दावा दोहराया।

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ऋतब्रत बनर्जी ने की जिला अध्यक्षों की नियुक्ति

उन्होंने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल भवन का उपयोग केवल उनकी समिति के सदस्य ही कर सकेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति या समूह पार्टी कार्यालयों का इस्तेमाल करने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने अपने गुट के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने इसकी घोषणा शनिवार को की।

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उन्होंने पूर्व टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को बीरभूम जिले का अध्यक्ष बनाया है। अनुब्रत मंडल पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना पहचाना नाम है। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी बताया जाता है। साथ ही वह बीरभूम के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। ममता की पार्टी की बगावत से निकले नए गुट में उन्होंने भी औपचारिकतापूर्ण तरीके से शामिल होने की प्रक्रिया पूरी की है।

CM योगी बोले- यूपी की जनशक्ति का जीवंत संकल्प बन गया ‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’ का सनातन मंत्र

Chief Minister Yogi extended his best wishes on the success of mega plantation drive

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ की सफलता पर नागरिकों, वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों, शासन, प्रशासन समेत सभी को शुभकामनाएं दीं। उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के प्रति भी आभार जताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि 'माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:' का सनातन मंत्र आज उत्तर प्रदेश की जनशक्ति का जीवंत संकल्प बन गया है।

 

‘नए भारत’ के ‘नए उत्तर प्रदेश’ ने जोड़ दिया नया स्वर्णिम अध्याय

मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रेरक आह्वान 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत 'नए भारत' के 'नए उत्तर प्रदेश' ने एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण के इतिहास में नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, धरती माता के प्रति श्रद्धा और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारे उत्तरदायित्व का विराट लोक यज्ञ है।

मुख्यमंत्री ने सभी का किया अभिनंदन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ को जनांदोलन का स्वरूप प्रदान करने वाले सभी सम्मानित नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं, सामाजिक/धार्मिक संगठनों तथा उत्तर प्रदेश सरकार के सभी समर्पित कार्मिकों का हृदय से अभिनंदन भी किया।

यूपी में गन्ना समितियों के विद्यालयों के शिक्षक प्रशिक्षण लेकर छात्रों का करेंगे कौशल विकास

Teachers from sugarcane society schools in UP will undergo training to foster skill development among students

– योगी सरकार विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देकर बनाना चाहती है सक्षम

– 13 से 15 जुलाई के बीच लखनऊ में आयोजित होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

– यूपी के 8 प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों के 40 शिक्षक प्रतिभाग करेंगे

Uttar Pradesh news : योगी सरकार में विद्यार्थियों के रोजगारपरक शिक्षा व कौशल विकास पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी विभाग ने सहकारी गन्ना समितियों के माध्यम से संचालित विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता व विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा देने की पहल शुरू की है। इसके लिए वाधवानी फाउंडेशन की सहयोगी संस्था स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क (एसडीएन) के सहयोग से प्रदेश के चयनित शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

 

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान, लखनऊ में आयोजित होगा। इसमें प्रदेश के 8 प्रमुख गन्ना उत्पादक जिलों बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बलरामपुर और बस्ती से चयनित 40 शिक्षक प्रतिभाग करेंगे।

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उत्तर प्रदेश गन्ना एवं चीनी आयुक्त मिनिस्ती एस. के मुताबिक प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक कौशल, रोजगारपरक शिक्षा और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है, ताकि वे अपने-अपने शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को नई तकनीकों और रोजगारपरक कौशल से जोड़ सकें। इससे छात्रों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने में सहायता मिलेगी।

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भविष्य की प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए तैयार करने का लक्ष्य

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक सहकारी गन्ना समितियों के सहयोग से संचालित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक दक्षता विकसित कर उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।


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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन, भारत ने रखा 1 दिन का राष्‍ट्रीय शोक, PM मोदी ने जताया दुख

Former Emir of Qatar Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani passes away

Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani : कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार को यानी आज 74 साल की उम्र में निधन हो गया। इसकी घोषणा कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था 'अमीरी दीवान' ने की है। 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है।

 

कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार को यानी आज 74 साल की उम्र में निधन हो गया। इसकी घोषणा कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था 'अमीरी दीवान' ने की है। 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम (भारत) कतर के फादर अमीर, शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम हासिल किए।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ था। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे लिखा, मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हमद, कतर के मौजूदा अमीर के पिता थे। संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के कतर जाने की संभावना है। वे भारत सरकार की ओर से कतर सरकार को शोक संवेदना प्रकट करेंगे। शेख हमद ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उन्हें देश के आधुनिक विकास का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है।

 

उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान और प्रभाव काफी बढ़ा। उन्होंने 2013 में सत्ता छोड़ दी और अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सत्ता सौंप दी जो उस समय 33 साल के थे।

यूपी में महुआ-श्रीअन्न के जरिए बड़ा कारोबार खड़ा कर रहीं आदिवासी बेटियां

Tribal women in UP are building major business around Mahua and Shree Anna

– कभी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे सोनभद्र और आसपास के लोग बन रहे आत्मनिर्भर

– सीएम योगी के नेतृत्व में महिलाओं के जीवन में आ रहा बड़ा बदलाव

– रागी मिलेट लड्डू, अलसी के लड्डू समेत तैयार हो रहे कई पौष्टिक उत्पाद

– जहां कभी विकास की रफ्तार धीमी थी, वहीं आज साकार हो रहे सपने

Chief Minister Yogi Adityanath : कभी विकास और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझने वाला सोनभद्र और आसपास का क्षेत्र अब महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण उद्यमिता की नई पहचान बन गया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार से सटे इस इलाके में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी आदिवासी महिलाएं आज महुआ-श्रीअन्न (मिलेट्स) के जरिए सफल कारोबार कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और श्रीअन्न को बढ़ावा देने की नीति ने इस बदलाव को नई गति दी है।

 

जिन गांवों में कभी विकास की रफ्तार धीमी थी, वहां अब आर्थिक स्थिति हो रही मजबूत

सोनभद्र की मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने बताया कि पूर्व में सोनभद्र जिला और आसपास का क्षेत्र लंबे समय तक विकास की अनेक चुनौतियों से जूझता रहा। सीमित रोजगार के अवसर और बुनियादी सुविधाओं की कमी यहां की प्रमुख समस्याएं थीं। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की बेहतर पहुंच ने हालात बदले हैं।

आज यही क्षेत्र ग्रामीण उद्यमिता और महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रहा है। जिन गांवों में कभी विकास की रफ्तार धीमी थी, वहां अब महिलाओं के बनाए उत्पाद बाजार तक पहुंच रहे हैं और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

 

श्रीअन्न बना जनजातीय महिलाओं की आर्थिक ताकत

योगी सरकार की पहल से श्रीअन्न अब केवल खेती का उत्पाद नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन चुका है। स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग, पैकेजिंग और विपणन की सुविधाएं मिलने से महिलाएं रागी मिलेट लड्डू, अलसी के लड्डू, मिलेट कुकीज, मिलेट बिस्किट, मिलेट नमकीन समेत कई पौष्टिक उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों की बढ़ती मांग ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाए हैं।

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घोरावल की महिलाओं ने बनाई सफलता की नई मिसाल

सोनभद्र के विकास खंड घोरावल स्थित दुर्गा स्वयं सहायता समूह की 15 से अधिक महिलाएं मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद तैयार कर रही हैं। ये महिलाएं हर महीने लगभग 40 से 50 हजार रुपए के उत्पादों की बिक्री करती हैं। इससे प्रत्येक महिला को सालाना करीब एक लाख रुपए तक की अतिरिक्त आय हो रही है। यह समूह आज आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुका है।

 

म्योरपुर विकास खंड की महिलाओं ने महुआ और सांवा को बनाया रोजगार का माध्यम

सोनभद्र के आदिवासी बहुल म्योरपुर विकास खंड के लिलासी गांव की सुनीता देवी बताती हैं कि खुशबू आजीविका स्वयं सहायता समूह इस बदलाव का बड़ा उदाहरण है। इसी समूह की सदस्य सुनीता कहती हैं कि उनके समूह की 14 महिलाएं महुआ के लड्डू और सांवा जैसे पारंपरिक एवं पौष्टिक उत्पाद तैयार कर रही हैं।

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इन उत्पादों की मांग अब स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रही, बल्कि दूसरे क्षेत्रों से भी ऑर्डर मिलने लगे हैं। इससे महिलाओं की आय लगातार बढ़ रही है और वे आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। प्रियंका, संगीता, जिरमन, सोनकुंवर, पुष्मतिया, मलावती, हीरामनी और रीना आदि महिलाएं भी समूह से जुड़ी हैं और बदलते परिदृश्य का उदाहरण बन रही हैं।

 

ग्रामीण आजीविका मिशन बना महिला सशक्तीकरण का आधार

सोनभद्र की मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को केवल आर्थिक गतिविधियों से नहीं जोड़ा जा रहा, बल्कि उन्हें स्वरोजगार, कौशल विकास और समूह आधारित उद्यम के लिए भी तैयार किया जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि जिन जनजातीय क्षेत्रों को कभी विकास की मुख्यधारा से दूर माना जाता था, वहीं की महिलाएं आज अपने उत्पादों के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रही हैं।