जर्मनी: 23 सालों में सबसे जानलेवा रहा जून का महीना

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आयुष यादव 

जर्मनी में इस साल जून के महीने में डूबने से 99 लोगों की मौत हुई है। 2003 के बाद किसी एक महीने में जान गंवाने वालों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। मरने वालों में युवाओं और पुरुषों की संख्या सबसे ज्यादा है। ALSO READ: जर्मनी में गर्मी की वजह से इस साल 5,100 लोगों की मौत

 

जर्मनी में गर्मी से बचने के लिए नदियों और झीलों का रुख करने वालों के लिए डराने वाली खबर है। जर्मन लाइफ सेविंग एसोसिएशन (डीएलआरजी) ने रविवार को बताया कि हीटवेव के दौरान जून में डूबने से कम से कम 99 लोगों की जान चली गई। पिछली बार जून के महीने में नहाते समय इतनी मौतें 2003 की भयंकर गर्मी के दौरान हुई थीं, तब 107 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

 

डीएलआरजी दुनिया का सबसे बड़ा पानी में बचाव करने वाला संगठन है, जिसके करीब 6।30 लाख सदस्य हैं। कई जर्मन राज्यों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने के साथ ही लाइफगार्ड्स ने लोगों से पानी में छिपे खतरों को हल्के में ना लेने की अपील की है। संस्था की अध्यक्ष ऊटे फोग्ट ने इस बढ़ते आंकड़े पर चिंता जताते हुए कहा, “तैराकी के सीजन की यह दुखद शुरुआत चिंता का विषय है। इससे यह डर पैदा हो गया है कि गर्मियों में आने वाली हीटवेव पानी में और भी कई जानें ले सकती हैं।” ALSO READ: चीन के मिसाइल परीक्षण से किन देशों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी

 

जान गंवाने वालों में युवा और पुरुष सबसे ज्यादा

आंकड़े बताते हैं कि पानी में डूबने वालों में ज्यादातर पुरुष हैं। फोग्ट ने बताया, “जून में मरने वालों में 90 प्रतिशत से ज्यादा पुरुष थे। वहीं जान गंवाने वाले युवाओं में तो सभी पुरुष ही थे। इसलिए हम खासतौर पर लड़कों और पुरुषों से अपील करते हैं कि वे अपनी क्षमताओं का सही अंदाजा लगाएं और जोखिम भरे काम करने से बचें।”

 

उन्होंने आगे कहा, “किसी झील में तैरने पर कोई इनाम नहीं मिलने वाला है, लेकिन आप अपनी जान जरूर गंवा सकते हैं।” संस्था के मुताबिक, 2025 में भी डूबने वाले हर पांच में से चार पीड़ित पुरुष ही थे।

 

जून में मरने वालों में 40 लोगों की उम्र 30 साल से कम थी, जबकि 35 लोग 50 साल से ऊपर के थे। ALSO READ: खमेनेई के बाद ईरान: कितनी बदल जाएगी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था

 

हादसों की असली वजह क्या है?

जून में सबसे ज्यादा जानलेवा हादसे झीलों और नदियों में हुए। स्विमिंग पूल, नहरों और समुद्र में मरने वालों की संख्या कम रही। डीएलआरजी के बचावकर्ताओं के मुताबिक, इन हादसों का एक तय पैटर्न दिखता है।

 

बहुत से लोग पानी के बहाव और पानी में कूदते समय तापमान के अचानक बदलने जैसे खतरों का सही अंदाजा नहीं लगा पाए। इसके अलावा, कई लोगों को ठीक से तैरना नहीं आता था। अति आत्मविश्वास, बहुत उथले या गंदे पानी में छलांग लगाना और पानी में मेडिकल इमरजेंसी जैसी वजहों से भी लोगों की जान गई। ALSO READ: ब्रिटेन का शाही परिवार कहां से और कैसे धन कमाता है

 

किस राज्य में कितने हादसे?

जर्मनी के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य, नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया में जून में सबसे ज्यादा 22 मौतें दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह संख्या 12 थी। दूसरे नंबर पर बवेरिया रहा, जहां 21 लोगों की मौत हुई। पिछले साल यहां 22 मौतें हुई थीं। इसके बाद बाडेन-वुर्टेमबर्ग में 13 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 2025 में यहां केवल 7 मौतें हुई थीं।