यूपी में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना हमारी प्राथमिकता : गडकरी

up national highway projects: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है और इसके माध्यम से निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार को नई गति मिलेगी।

 

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनकर उभरा है। इसलिए राज्य में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिताओं के स्थानांतरण तथा अन्य विभागीय औपचारिकताओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए सभी परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।

राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति

बैठक में चेयरमैन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। इस अवधि में लगभग 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन किया गया, जबकि लगभग 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच 606 किलोमीटर नई परियोजनाएं स्वीकृत हुईं तथा 1,010 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण पूरा किया गया।

 

प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर लगभग 1.94 लाख करोड़ रुपये व्यय किए गए, जिनमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 23,445 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। यह भी बताया गया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स, ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए रॉयल्टी मुक्त मिट्टी की व्यवस्था, रिंग रोड एवं बाईपास परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण लागत में राज्य सरकार की भागीदारी तथा सरकारी भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराने जैसे निर्णयों से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय तेजी आई है। केंद्रीय मंत्री ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रभावी समन्वय का सकारात्मक परिणाम परियोजनाओं की प्रगति में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

 

बैठक में प्रदेश की प्रमुख निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि लगभग 13,980 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही मथुरा-बरेली-सितारगंज चार लेन परियोजना, लगभग 5,904 करोड़ रुपये की आगरा-अलीगढ़ चार लेन परियोजना, आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड, नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, जेवर को जोड़ने वाली छह लेन संपर्क परियोजना तथा मुरादाबाद-काशीपुर चार एवं छह लेन परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। इनके पूरा होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।

वृक्षों के प्रत्यारोपण पर जोर

समीक्षा के दौरान बरेली बाईपास में वृक्षों की कटान के विषय पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वृक्षों को काटने के बजाय आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनका प्रत्यारोपण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है।

अयोध्या रिंग रोड की प्रगति की समीक्षा

बैठक में पूर्वी, मध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने वाली परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सोनौली-गोरखपुर चार लेन परियोजना, गाजीपुर-बलिया-बिहार सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज सदर्न रिंग रोड तथा प्रयागराज-जौनपुर-आजमगढ़-दोहरीघाट राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। इनके पूरा होने से भारत-नेपाल सीमा, बौद्ध पर्यटन सर्किट, पूर्वांचल तथा बिहार के साथ संपर्क सुदृढ़ होगा, जबकि व्यापार, पर्यटन और माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी। इसी क्रम में अयोध्या रिंग रोड की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि इससे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक निर्बाध संपर्क उपलब्ध होगा और शहर में यातायात का दबाव भी कम होगा।

 

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि रामवन गमन मार्ग, राम जानकी मार्ग तथा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से अयोध्या, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशांबी, जनकपुर (नेपाल) तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध होगा। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं केवल सड़क संपर्क को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी।

 

बैठक में भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या-गोंडा तथा रीवा-रांची चार लेन राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित लगभग 742 किलोमीटर लंबे चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी कॉरिडोर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क को नई दिशा देगा तथा औद्योगिक विकास, निवेश, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

 

बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि देवा-फतेहपुर चार लेन परियोजना, वृंदावन बाईपास, कसया-पनियहवा राष्ट्रीय राजमार्ग, हड़िया चौराहा-करमैनी घाट मार्ग, कोदरकूट-बेला चौक मार्ग, कर्नलगंज एवं पश्चिमी गोंडा बाईपास तथा कानपुर में रामादेवी से गोल चौराहा तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर सहित अनेक परियोजनाओं की प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

योगी के निर्देश, समयसीमा में पूरी हों परियोजनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिताओं के स्थानांतरण तथा अन्य विभागीय औपचारिकताओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समयसीमा में प्रारंभ और पूर्ण हो सके। बैठक में बताया गया कि लगभग 267 किलोमीटर लंबाई की 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं निविदा की प्रक्रिया में हैं, जबकि तीन अन्य परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

 

बैठक में केंद्रीय सड़क निधि (सीआरआईएफ) के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं तथा राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) द्वारा प्रस्तावित वृंदावन और प्रयागराज रोपवे परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राज्य की दीर्घकालिक सड़क अवसंरचना आवश्यकताओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे गए। प्रयागराज में नैनी पुल के समानांतर नए पुल के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाले राज्य मार्गों के पुनर्स्थापन के लिए स्थायी नीति बनाने तथा प्रस्तावित नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को उत्तर से दक्षिण तक उच्च क्षमता वाले सड़क नेटवर्क से जोड़ना आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश और संतुलित क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन प्रस्तावों की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार करने का आश्वासन दिया।

 

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार, दो लेन अथवा दो लेन से कम क्षमता वाले मार्गों को चरणबद्ध ढंग से उन्नत करने, राजधानी लखनऊ से पूर्ण चार लेन संपर्क से वंचित जनपदों को जोड़ने तथा 33 जिला मुख्यालयों के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों को चार लेन में विकसित करने के प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही मुरादाबाद, अलीगढ़, देवीपाटन, झांसी, मिर्जापुर और सहारनपुर में रिंग रोड तथा फर्रुखाबाद, श्रावस्ती और महराजगंज में बाईपास निर्माण के प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाली सड़क सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने पर चर्चा

बैठक में सड़क अवसंरचना परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग, अंतरराज्यीय सीमाओं पर आधुनिक एवं आकर्षक प्रवेश द्वार विकसित करने तथा सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में सुरक्षित अभिकल्प, ब्लैक स्पॉट के वैज्ञानिक सुधार, आधुनिक संकेतक व्यवस्था तथा सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के साथ दुर्घटना में कमी लाने के उपायों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को नई गति देगा। बेहतर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश में निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं समयबद्ध ढंग से पूरी होंगी और उत्तर प्रदेश आधुनिक, सुरक्षित तथा विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

रूस ने ईरान की मदद के लिए भेजा प्रलयंकारी विमान Tu-214PU, ट्रंप की रूस को चुनौती, क्या बढ़ेगा युद्ध का दायरा?

doomsday plane tu-214pu tehran deployment

doomsday plane tu-214pu tehran deployment: क्या ईरान और अमेरिका के युद्ध में रूस की भी एंट्री हो गई है? दरअसल, पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच एक बेहद ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सीधे निर्देश पर रूस का सबसे सुरक्षित और एलीट एयरक्राफ्ट Tu-214PU ईरान की राजधानी तेहरान पहुंच चुका है। दूसरी ओर, ट्रंप ने इसे बहुत हलके में लिया है। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने रूस को ही चुनौती दे डाली। 

 

वैश्विक सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ इसे मॉस्को द्वारा तेहरान को दिया गया एक बेहद मजबूत और सीधा रणनीतिक समर्थन मान रहे हैं। इंटरनेट और रक्षा गलियारों में इस विमान को रूस का 'प्रलयंकारी विमान' (Doomsday Plane) या 'उड़ता हुआ कमांड पोस्ट' भी कहा जा रहा है। ALSO READ: 'अगर मेरी हत्या हुई तो ईरान पर बम गिरा देना', ट्रंप का दावा; मैं लंबे समय से ईरान की हिट लिस्ट में हूं

क्या हैं इस विमान की खूबियां?

टुपोलेव डिजाइन ब्यूरो द्वारा तैयार किया गया Tu-214PU कोई आम यात्री या लड़ाकू विमान नहीं है। यह मूल रूप से एक कमर्शियल विमान का बेहद एडवांस और अपग्रेड किया गया मिलिट्री वेरिएंट है, जो संकट या परमाणु युद्ध की स्थिति में रूस के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के लिए 'हवाई कंट्रोल रूम' का काम करता है।

 

यह विमान हवा में रहते हुए भी पूरे देश की सेना, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और परमाणु हथियारों को ऑपरेट और कंट्रोल करने की क्षमता रखता है। इसमें अत्याधुनिक एन्क्रिप्टेड लिंक्स और सैटेलाइट कम्युनिकेशन (जैम-प्रूफ उपकरण) लगे हैं। दुश्मन की सेना इसके सिग्नलों को न तो हैक कर सकती है और न ही ब्लॉक कर सकती है। ALSO READ: फिर भड़केगी महायुद्ध की आग? ट्रंप का बड़ा एलान- ईरान के साथ समझौता खत्म, रातभर बरसे बम

परमाणु रोधी सुरक्षा कवच

इस विमान को परमाणु विस्फोट से निकलने वाली खतरनाक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) को भी झेलने के लिए अपग्रेड किया गया है, जिससे भारी तबाही के बीच भी इसके इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम ठप नहीं होते। इसमें दो शक्तिशाली 'एवियाडविगेटल PS-90A टर्बोफैन इंजन' लगे हैं। यह विमान 850 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से उड़ सकता है और इसकी कुल रेंज 6500 से 7000 किलोमीटर तक है। इस विमान का संचालन रूस का 'रोसिया स्पेशल फ्लाइट स्क्वाड्रन' करता है, जिसका मुख्य काम आपातकाल में रूस के राष्ट्रपति कार्यालय (क्रेमलिन) के शीर्ष नेताओं को सुरक्षित रखना है।

युद्ध पर क्या होगा इसका असर?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस एलीट एयरक्राफ्ट की तेहरान में तैनाती के बेहद गंभीर सैन्य मायने हैं। इस विमान के जरिए रूस अपने रडार और सैटेलाइट्स से मिलने वाला डेटा सीधे ईरान के साथ साझा कर सकता है। इससे ईरानी सेना को अमेरिकी या इजराइली लड़ाकू विमानों और मिसाइलों की मूवमेंट को लाइव ट्रैक करने में मदद मिलेगी। यदि अमेरिकी हमलों में ईरान का जमीनी संचार तंत्र ध्वस्त होता है, तो यह विमान ईरानी हाई कमांड को हवा से ही सुरक्षित कम्युनिकेशन और युद्ध संचालन की सुविधा दे सकता है।

अमेरिका को सीधी चेतावनी

पुतिन का यह कदम अमेरिका और इजराइल के लिए एक कड़ा संदेश है कि यदि ईरान पर कोई बड़ा संकट आता है, तो रूस मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगा। जहां अब तक यह लड़ाई मुख्य रूप से अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान तक सीमित थी, वहीं रूस जैसी परमाणु महाशक्ति के इस सीधे दखल से जंग का दायरा बढ़ने और इसके वैश्विक युद्ध में बदलने की आशंका गहरा गई है।

 

यह तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार साइट्स, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर फाइटर जेट्स, युद्धपोतों और सी-ड्रोन के जरिए बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका का उद्देश्य हॉर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा करना है।

ईरान ने किए जवाबी हमले

इसके जवाब में, ईरान ने भी पलटवार करते हुए कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और ओमान में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। ईरान ने अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन और नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस बेहद संवेदनशील मोड़ पर रूस के 'डूम्सडे प्लेन' की एंट्री ने पूरे मिडिल ईस्ट की भू-राजनीति में खलबली मचा दी है।

क्या कहा अमेरिका ने?

रूस द्वारा तेहरान में अपने 'प्रलयंकारी विमान' को तैनात करने और ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा करने की खबरों पर अमेरिकी प्रशासन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से बेहद सख्त और बेबाक प्रतिक्रिया आई है। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि रूस के इस रणनीतिक कदम से उसके सैन्य अभियानों पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा रूस उन्हें (ईरान को) जितनी चाहे उतनी जानकारी या मदद दे सकता है, लेकिन वह मदद उनके कुछ खास काम नहीं आने वाली। ईरान इस समय हमारे हमलों से पूरी तरह घिर चुका है। हमारी सैन्य ताकत के आगे इस समय खुद रूस भी आ जाए, तो वह भी टिक नहीं पाएगा। अमेरिका के पास दुनिया की सबसे महान सेना है।

दतिया उपचुनाव में सीएम डॉ. मोहन यादव ने भरी हुंकार, कहा विकास का पर्याय है बीजेपी, कांग्रेस को केवल वोट से मतलब

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 जुलाई को दतिया में उप-चुनाव के मद्देनजर हुंकार भरी। उन्होंने पहले वहां से बीजेपी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का नामांकन भरवाया, उसके बाद जनसभा और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा आज का यह अभियान विजय अभियान है। हमारी पार्टी के लिए यह चुनाव राजा और रंक का है। कांग्रेस और उसकी मानसिकता जमीन पर टिकने वाली नहीं होती। उन्हें जमीन का होश नहीं और सारा आसमान खरीदने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी लगातार आगे बढ़ रही है। देश के 80 फीसदी हिस्से से कांग्रेस लापता हो चुकी है। भाजपा के आगे कांग्रेस का अता-पता नहीं लगता। लेकिन, रस्सी जल गई पर बल नहीं गया। इस दौरान मंच पर उनके साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रत्याशी आशुतोष तिवारी, पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा उपस्थित थे। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो नाटक कांग्रेस के बडे नेता के नाना ने किया, नानी ने किया, माता-पिता ने किया, वही नाटक ये बड़े नेता करते हैं। केवल जनता को बेवकूफ बनाते हैं। कांग्रेस 1956 में पहली बार राज्य की सत्ता में आई। तब से लेकर साल 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रुपये साल थी। बीजेपी के शासनकाल में दतिया कहां से कहां पहुंच गया। यहां हुआ विकास भाजपा की ही देन है। कांग्रेस के शासनकाल में पहले डाकू और फिर नक्सली खून की नदियां बहाते थे। इस पर भी कांग्रेस के लोगों को शर्म नहीं आती थी। कांग्रेस केवल वोट बैंक की राजनीति करती है, उसे जनता से कोई मतलब नहीं । उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाल सलाम को भी आखिरी सलाम कह दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सारे क्षेत्रों में विकास हो रहा है। उनके नेतृत्व में आज प्रति व्यक्ति आय 159 हजार आय हो गई है। पहले रात को बिजली नहीं मिलती थी, आज दिन में बिजली मिल रही है। 

दतिया के विकास में कोई कमी नहीं होगी- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिल्ली के भाग से छीका नहीं टूटता। पू्र्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बैठे रहें उम्मीद हैं। यहां पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं है, बस हमारी पार्टी है भारतीय जनता पार्टी। उसके लिए चुनाव चिन्ह भगवान बराबर है। चुनाव के वक्त हमारा हर कार्यकर्ता प्रत्याशी होता है। उन्होंने कहा कि दतियावासी 100 करोड़ रुपये का भी काम बताएंगे, तो वो भी हम करने के लिए तैयार हैं।  हमारे पास काम की कमी होने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश-प्रदेश आगे बढ़ रहा है।  गुना-शिवपुरी में करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट का भूमि-पूजन हुआ है। आज प्रदेश को 40 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन एक अलग दौर में पहुंच गया।  इसके अलावा भी देश के सभी तीर्थ कहां से कहां पहुंच गए। हमारी सरकार ने कहा है कि जहां-जहां भगवान श्री राम और श्री कृष्ण के चरण पड़े, उस हर स्थान को तीर्थ बनाएंगे। 

 

यूसीसी पर बात नहीं कर पा रही कांग्रेस-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक राष्ट्रगान-एक निशान है, तो अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए। आज कांग्रेस समान नागरिक संहिता पर चर्चा करने को भी तैयार नहीं है। उनकी राजनीति विकास के बजाय जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने की रही है। 55 साल में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। कांग्रेस की परंपरा है कि वह नेताओं के करीबियों-रिश्तेदारों को टिकट दे देती है। यह परंपरा उसे ही मुबारक। हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं को लेकर चलती है। हमारी पार्टी राजा-महाराजा की पार्टी नहीं है। यह सनातन संस्कृति की पार्टी है। हम सब मिलकर यहां विजय हासिल करेंगे। दुश्मन चालाक है, वह आंख में धूल झोंकने की कोशिश करेगा, लेकिन हम ये होने नहीं देंगे।

CM योगी ने कहा- अपराधियों के लिए UP में जगह नहीं, सख्त एक्शन लें

cm yogi adityanath janta darshan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए हर फरियादी से मुलाकात की, उनकी शिकायत सुनी और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। अवैध कब्जे से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने पर ऐसे मामलों की सख्ती से जांचकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें। धमकी के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं है, पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करे।

अपराध व अवैध कब्जे से जुड़े मामलों की विवेचना में की जाए शीघ्रता

मुख्यमंत्री योगी के समक्ष अवैध कब्जे से जुड़े मामले आए। पीड़ितों ने आरोपियों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने फरियादियों के प्रार्थना पत्र लेकर शासन के अधिकारियों को प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। अवैध कब्जा करने व धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। साथ ही अपराध व कब्जे से जुड़े मामलों की विवेचना में तेजी कर पीड़ितों को समय पर न्याय और दोषियों को दंड दिलाया जाए। 

बिल्डर के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे लोग

गाजियाबाद, मेरठ व नोएडा से जुड़े एक बिल्डर की शिकायत भी 'जनता दर्शन' के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंची। पीड़ितों ने बताया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट कई लोगों को रजिस्ट्री कर दिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और कहा कि जांच में बिल्डर के दोषी मिलने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाए।

चलती ट्रेन में पूजा का वायरल वीडियो: रेलवे ने बताया पूरा सच, 3 लाख में बुक था लग्जरी सैलून कोच; जानिए क्या हैं नियम

worship in train

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन दिनों चलती ट्रेन में पूजा का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुजारी ट्रेन के अंदर भगवान की मूर्ति के सामने अभिषेक और पूजा करते नजर आ रहे हैं। इसे देखकर कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या ट्रेन में इस तरह पूजा करना नियमों के खिलाफ है और क्या इससे यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ा? ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन

 

रेलवे ने इस पर जानकारी देते हुए कहा कि कोच को नियमों के तहत बुक किया गया था। इससे किसी यात्री की सुरक्षा या ट्रेन के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे पुजारी उसी बुक किए गए सैलून कार में पूजा कर रहे थे। इससे किसी अन्य यात्री या ट्रेन के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।

 

3 लाख में बुक किया था सैलून

नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक, यह सैलून कार 8 जुलाई 2026 को IRCTC के जरिए कमर्शियल बुकिंग के तहत रिजर्व किया गया था। इसके लिए पार्टी ने 3,08,580 रुपए एडवांस जमा किए थे। यह सैलून कोच 10 जुलाई को नई दिल्ली (NDLS) से मुंबई (BDTS) जाने वाली ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस में एक तरफ की यात्रा के लिए जोड़ा गया था। ALSO READ: 'स्पर्मागेडन' का सच : क्या सच में खत्म हो रही है पुरुषों की प्रजनन क्षमता? जानिए वैज्ञानिकों का हैरान करने वाला दावा

 

गौरतलब है कि सैलून कोच रेलवे का लग्जरी डिब्बा होता है, जिसे आम लोग भी बुक कर सकते हैं। इसमें बेडरूम, बाथरूम, किचन और बैठने की सुविधाएं मिलती हैं। शादी, पारिवारिक यात्रा, धार्मिक कार्यक्रम, ग्रुप टूर या किसी खास मौके के लिए लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। किराया यात्रा की दूरी और अवधि के अनुसार तय होता है। अगर आप छोटे ग्रुप के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो पूरा कोच करने की बजाय सैलून कार भी बुक करा सकते हैं। आम तौर पर 3 रात और 4 दिन की यात्रा के लिए इसकी लागत करीब 1.7 लाख से 2 लाख रुपए के बीच हो सकती है।

 

इससे पहले चलती ट्रेन के सैलून कोच में सुहागरात की सजावट का वीडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए रेलवे ने एक टीटीई को सस्पेंड कर दिया था।

तमिलनाडु में गो-हत्या पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हाई कोर्ट के पूर्ण प्रतिबंध वाले आदेश पर लगाई रोक

Supreme Court on cow slaughter

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को राज्य में गो-हत्या रोकने के लिए मद्रास हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश पर रोक लगा दी है। राज्य में अब गो-हत्या पर हाई कोर्ट के आदेश की वजह से बकरीद के समय लगा प्रतिबंध हट गया है। ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन

 

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के फैसले के प्रभाव पर रोक लगाने का आदेश दिया।

 

विजय सरकार ने दी थी हाईकोर्ट के फैसले को  चुनौती

तमिलनाडु की सी जोसेफ विजय सरकार ने प्रदेश में गाय और बछड़े की हत्या पर पूरी तरह से बैन लगाने के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस केस में तमिलनाडु सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की थी। ALSO READ: भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती

 

क्या थी सिंंघवी की दलील?

सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हाई कोर्ट का आदेश तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट,1958 का विरोधाभासी है। इसके तहत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट के आधार पर 10 साल से ज्यादा उम्र की वह गाय, जो कि काम में इस्तेमाल या बच्चा देने लायक नहीं हैं, उनकी हत्या की अनुमति है। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि मौजूदा कानून पशुओं के वध को नियंत्रित करते हैं, लेकिन वे इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान नहीं करते।

 

गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद 27 मई, 2027 को तमिलनाडु में गो-हत्या पर पूर्ण पाबंदी वाला आदेश जारी किया था। अपने आदेश में मद्रास हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों को भी शामिल किया था, जिसमें कहा गया था कि बकरीद के लिए गाय की कुर्बानी आवश्यक नहीं है।

अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन

ayodhya ram mandir ceo

ayodhya ram mandir ceo: ​अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए जल्द ही एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति होने जा रही है। शनिवार को दिल्ली में संपन्न हुई चयन समिति (Search Committee) की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग चुकी है। इस प्रतिष्ठित पद के लिए पात्रता, नियम और योग्यताएं तय कर दी गई हैं। इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई 2026 तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। ​ट्रस्ट की योजना है कि एक महीने के भीतर इस पद के लिए योग्य उम्मीदवार का चयन हो जाए। हालांकि माना जा रहा है कि किसी रिटायर्ड आईएएस और आईपीएस अधिकारी को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। 

चयन कमेटी की बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?

​विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के CEO पद के लिए गठित सर्च कमेटी की पहली बैठक में देश की जानी-मानी हस्तियों ने दिशा-निर्देश तय किए। इस बैठक में मुख्य रूप से सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और ​श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावड़े मौजूद थे।  ALSO READ: अयोध्या ​राम मंदिर में नई समस्या! 23 कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा

 

​CEO पद के लिए अनिवार्य योग्यताएं और शर्तें

​कमेटी द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार, इस पद पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का ग्रेजुएट होने के साथ ही प्रशासन (Administration) या वित्त (Finance) के क्षेत्र में कम से कम 20 वर्ष का लंबा अनुभव होना जरूरी है। जिन उम्मीदवारों के पास पहले से किसी बड़े मंदिर प्रबंधन (Temple Management) का अनुभव है, उन्हें चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। इस पद के लिए आवेदक का हिन्दू होना आवश्यक है। अर्थात दूसरे धर्म का व्यक्ति इस पद के लिए आवेदन नहीं कर सकता। 

 

जानकारी के मुतमाबिक CEO की शुरुआती नियुक्ति 3 वर्ष के लिए की जाएगी। चयनित व्यक्ति को अनिवार्य रूप से अयोध्या में रहकर ही अपनी सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। चयन प्रक्रिया और आगे के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए समिति ने एक सचिव नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है। इस पद के लिए शुरुआत में दो-तीन रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों के नाम सुर्खियों में आए थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों में से ही सीईओ का चयन किया जाएगा। ALSO READ: अयोध्या आहत है… रामलला के घर 'लूट' ने आस्था को घायल किया, सरयू किनारे गूंज रहा एक ही सवाल— 'अब न्याय कब?'

​छवि सुधारने की बड़ी कवायद

​सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों राम मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी की कुछ घटनाओं ने ट्रस्ट की छवि को प्रभावित किया था। अब भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद मंदिर की साख को पूरी तरह स्वच्छ और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। इसी कड़ी में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर 22 जुलाई को होने वाली आगामी बैठक में कई और बड़े बदलावों पर भी चर्चा होना तय है।

​CEO के समक्ष होंगी बड़ी चुनौतियां

​राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का सफर आसान नहीं रहने वाला है। हालिया विवादों के बाद अब इस पद पर बैठे व्यक्ति पर विश्व के करोड़ों सनातनियों का अटूट विश्वास, आस्था और उम्मीदें टिकी होंगी। मंदिर के सीईओ को करोड़ों रुपए के चढ़ावे, चंदे और मंदिर के भारी-भरकम बजट का पारदर्शी प्रबंधन करना होगा साथ ही सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखना होगा। प्रतिदिन आने वाले विशिष्ट अतिथियों के दौरे को सुचारू रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी भी सीईओ की ही होगी। 

‘स्पर्मागेडन’ का सच : क्या सच में खत्म हो रही है पुरुषों की प्रजनन क्षमता? जानिए वैज्ञानिकों का हैरान करने वाला दावा

male fertility crisis

Male Fertility Crisis Facts: क्या दुनिया सच में एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है, जहां पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Fertility) हमेशा के लिए गंभीर संकट में पड़ जाएगी? हाल के वर्षों में सामने आए कई वैज्ञानिक अध्ययनों ने इस सवाल को दुनिया भर में बहस का विषय बना दिया है। इंटरनेट पर इसे स्पर्मागेडन” (Spermaggedon) का नाम दिया जा रहा है, जिससे आम लोगों में चिंता बढ़ गई है।

कुछ वैज्ञानिकों का दावा है कि पिछले 50 वर्षों में पुरुषों में औसत टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर लगभग आधा रह गया है। हालांकि, इस निष्कर्ष पर पूरी साइंटिफिक कम्युनिटी एकमत नहीं है। आइए जानते हैं इस विवाद और इसके पीछे के असली सच को।

क्या है 'स्पर्मागेडन' और क्यों मचा है हड़कंप?

येल विश्वविद्यालय से जुड़े प्रोफेसर हगाई लेविन और उनकी टीम के एक अध्ययन के बाद यह बहस तेज हुई। इस स्टडी में दावा किया गया था कि दुनिया भर में पुरुषों के शुक्राणुओं (Sperm Count) की संख्या तेजी से घट रही है।

  • अस्तित्व का संकट: कुछ विशेषज्ञों और अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. केनेडी जूनियर ने भी घटती शुक्राणु संख्या को मानव जाति के लिए “अस्तित्व का संकट” बताया है।
  • टेस्टोस्टेरोन में गिरावट: रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दशकों में पुरुषों के मुख्य सेक्स हार्मोन यानी टेस्टोस्टेरोन में करीब 50% की गिरावट देखी गई है।

क्या सभी वैज्ञानिक इस दावे से सहमत हैं?

नहीं! यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के एंड्रोलॉजी विशेषज्ञ प्रोफेसर एलन पेसी का कहना है कि उपलब्ध आंकड़े इतने स्पष्ट नहीं हैं कि वैश्विक स्तर पर शुक्राणुओं की संख्या में लगातार गिरावट का दावा किया जा सके। उनकी टीम के हालिया विश्लेषण के मुताबिक, शुक्राणुओं की कुल संख्या में बड़ी गिरावट के पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं, हालांकि शुक्राणुओं की गुणवत्ता (Quality) में कुछ कमी जरूर आई है।

इन 4 विलेन के कारण घट रही है पुरुषों की फर्टिलिटी

विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुष प्रजनन क्षमता का सीधा संबंध उनके समग्र स्वास्थ्य (Overall Health) से है। मुख्य रूप से निम्नलिखित कारणों को इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है:

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भविष्य की उम्मीद: एआई (AI) और आधुनिक तकनीक

अगर संकट है, तो विज्ञान के पास इसके समाधान भी हैं। आने वाले सालों में पुरुष बांझपन के इलाज के लिए कई क्रांतिकारी तकनीकें आ रही हैं:

  • AI तकनीक: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की मदद से सबसे स्वस्थ और एक्टिव शुक्राणु को चुनने की तकनीक पर काम चल रहा है।
  • माइक्रोफ्लूडिक्स: इसके जरिए बेहद सटीक और उन्नत जांच प्रणालियां विकसित की जा रही हैं।
  • लैब-ग्रोन स्पर्म: प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से शुक्राणु विकसित करने पर भी शोध जारी है।

डरने की नहीं, संभलने की है जरूरत

वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि 'स्पर्मागेडन' जैसी अधूरी खबरों से पैनिक (घबराहट) फैलाने की जरूरत नहीं है। पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए आज भी सबसे प्रभावी कदम बेहद आसान हैं:

Male Fertility Crisis

भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती

corona virus and jaan kumar shanu

महाराष्‍ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में एक बार फिर कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। मशहूर सिंगर कुमार सानू के बेटे जान को कोरोना संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई राज्यों में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय भी अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। ALSO READ: 'अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा…' मनमोहन सिंह को लेकर SY कुरैशी की नई किताब में बड़ा खुलासा

 

सिंगर जान कोरोना की चपेट में

फेमस सिंगर कुमार सानू के बेटे और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट जान कुमार को कोविड19 की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जान ने एक तस्वीर शेयर की और हेल्थ अपडेट शेयर किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, 'चीन से आया मेरा दोस्त… कोविड को सलाम करो।' जान ने अस्पताल में भर्ती होने और अपने कपड़ों पर भी चुटकी ली। उन्होंने लिखा, 'आज का लुक – मेरे पसंदीदा डिजाइनर कोकिलाबेन अस्पताल का है। यहां मैं वुहान वाले कोविड की वजह से एडमिट हुआ हूं।'

 

यूपी में भी मिला कोरोना मरीज

उत्तर प्रदेश में भी कोरोना का एक मामला सामने आया है। 27 वर्षीय युवक को सांस लेने में तकलीफ के बाद वाराणसी के बीएचयू में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, हर माह 1 या 2 कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। ALSO READ: मास्क पहनकर आम यात्री बने मंत्री, कंडक्टर ने छुट्टे न होने पर उतारा; ड्राइवर-कंडक्टर सस्पेंड

 

आंध्र में कोरोना के 8 एक्टिव केसेस

हाल ही में आंध्र प्रदेश से भी कोरोना वायरस के नए मामलों की जानकारी सामने आई है। यहां 8 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। वहीं, 2 लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर हैं।

 

गौरतलब है कि कोरोना का सबसे पहला मामला दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर में आया था। 30 जनवरी 2020 को भारत में कोविड-19 का पहला मरीज मिला था। अभी तक कोरोना वायरस के हजारों वैरिएंट सामने आ चुके हैं। इनमें से अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और ओमिक्रॉन आदि सभी वैरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्पेशल कैटिगरी में रखा है।

उत्तराखंड और हिमाचल मे भारी बारिश की चेतावनी, तटीय आंध्रप्रदेश में हीटवेव की आशंका

weather update: भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय बेहद अजीब और असमान व्यवहार कर रहा है। वर्तमान में पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्य भारी से अत्यंत भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे हैं, जबकि देश के कुछ हिस्सों में अभी भी मानसून की भारी कमी बनी हुई है। दूसरी ओर, मौसम विभाग उत्तराखंड और हिमाचल मे भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 

पूर्वी और उत्तर-पूर्व भारत में हालात गंभीर

पूर्वी और उत्तर-पूर्व भारत का क्षेत्र वर्तमान में मानसून की सबसे भारी मार झेल रहा है। IMD ने असम, मेघालय, बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्व (असम, मेघालय, अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा) में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं।

 

दूसरी ओर, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले 2-3 दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार और सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा चरम पर है।

पहाड़ों पर आफत, मैदानों में उमस

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका है। उफनती नदियों और नालों के कारण फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और भूस्खलन का हाई रिस्क है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को संवेदनशील रास्तों पर न जाने की सलाह दी है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की चेनाब घाटी, जम्मू डिवीजन और पीर पंजाल क्षेत्र में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश का अनुमान है। यहां भी फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है।

 

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि, पिछले दिनों हुई बारिश के चलते शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या बनी रह सकती है। हवा में नमी का स्तर ऊंचा होने से उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी की है।

 

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में केवल हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता कम होने से अभी भी पानी की पर्याप्त कमी देखी जा रही है।  पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट बारिश तो हो सकती है, लेकिन बड़े हिस्से में सूखा-जैसी स्थिति बनी हुई है। वहीं, गुजरात (सूरत और आसपास के क्षेत्र) में पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ के बाद स्थिति धीरे-धीरे संभल रही है, लेकिन व्यापक स्तर पर नुकसान दर्ज किया गया है।

दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में हीट वेव की आशंका

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल: जहां केरल और कर्नाटक के तटीय हिस्से पिछले दिनों हुई भारी बारिश के प्रभाव से उबर रहे हैं, वहीं तटीय आंध्र प्रदेश में मानसून के बीच भी 'हीट वेव' (लू) चलने की आशंका जताई गई है। दक्षिण के अधिकांश आंतरिक हिस्सों में मौसम गर्म और बेहद आर्द्र (Humid) बना रहेगा, हालांकि शाम के समय तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाली बौछारें गिर सकती हैं।