पहले भी विवादों में रहे बाबा बागेश्वर के भाई शालिग्राम गर्ग, जानिए अब क्या है नया विवाद

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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन पर छतरपुर जिले के कौड़ा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक घटना में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार यह विवाद जमीन के एक पुराने मामले को लेकर बढ़ा। इसके बाद दो पक्षों के बीच झड़प हो गई। आरोप है कि इस दौरान फायरिंग, मारपीट और हमला हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

घटना के बाद छतरपुर पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। पुलिस ने इलाके को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार घायलों, प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। पुलिस की फॉरेंसिक टीम भी मामले से जुड़े सबूत जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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पहले भी विवादों में रह चुके हैं शालिग्राम गर्ग

शालिग्राम गर्ग इससे पहले भी कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। उनके खिलाफ पहले भी पुलिस कार्रवाई और आरोपों से जुड़े मामले सामने आए थे। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा मामले की जांच स्वतंत्र रूप से की जा रही है।

बागेश्वर धाम की ओर से आधिकारिक बयान नहीं

इस पूरे मामले पर अभी तक बागेश्वर धाम की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इससे पहले बाबा बागेश्वर कई मौकों पर कह चुके हैं कि उनके रिश्तेदारों से जुड़े किसी भी कानूनी मामले में कानून अपना काम करेगा।

कौनसे विवाद जुड़े रहे

शादी समारोह में लहराई थी पिस्टल

शालिग्राम पहली बार बड़े विवाद में तब आए थे जब फरवरी 2023 में छतरपुर के गढ़ा गांव में एक दलित परिवार की शादी के दौरान हंगामे का मामला सामने आया था। आरोप था कि उन्होंने शादी समारोह में पिस्टल लहराई, लोगों को धमकाया और गाली-गलौज की। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। वीडियो में उनके हाथ में सिगरेट और हथियार दिखाई देने का दावा किया गया था। मामले में एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।

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टोल प्लाजा पर हुआ विवाद

अप्रैल 2024 में शालिग्राम गर्ग का नाम फिर सुर्खियों में आया। सागर जिले के मुगवारी टोल प्लाजा पर टोल शुल्क को लेकर टोलकर्मियों और उनके बीच विवाद हो गया था। आरोप लगाया गया कि टोल मांगने पर उन्होंने अपने साथियों के साथ टोलकर्मियों के साथ मारपीट की। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने शालिग्राम समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह घटना भी काफी चर्चा में रही थी।

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धीरेंद्र शास्त्री से संबंध खत्म करने का दावा

दिसंबर 2024 में शालिग्राम गर्ग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने कहा था कि उनके व्यक्तिगत मामलों को बागेश्वर धाम या पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से न जोड़ा जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि उनका और धीरेंद्र शास्त्री का अब कोई संबंध नहीं है तथा इसकी जानकारी कोर्ट में भी दी जा चुकी है।

गुजरात में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और AI होगा नियंत्रित

Gujarat Social Media Regulation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का समर्थन किया था। इस कदम से प्रेरित होकर गुजरात सरकार ने भी राज्य के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए सोशल मीडिया और एआई (AI) टेक्नोलॉजी के उपयोग को सीमित करने के लिए एक नीति का प्रारंभिक ड्राफ्ट (मसौदा) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मानसिक स्वास्थ्य और सोचने की क्षमता पर असर की चिंता

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, छात्रों में बढ़ता स्क्रीन टाइम और टेक्नोलॉजी पर अत्यधिक निर्भरता उनके मानसिक और शैक्षणिक विकास को नुकसान पहुँचा रही है। सोशल मीडिया के कारण बच्चों के व्यवहार और एकाग्रता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जबकि एआई-आधारित टूल्स के अत्यधिक उपयोग से छात्रों की स्वतंत्र रूप से सोचने, तर्क करने और कठिन समस्याओं को हल करने की मौलिक क्षमता कमजोर हो रही है।

नियमों के कार्यान्वयन में चुनौतियां 

सरकार के लिए ये दिशानिर्देश तैयार करना जितना आवश्यक है, ज़मीनी स्तर पर इनका कार्यान्वयन करना उतना ही चुनौतीपूर्ण है। विशेष रूप से जब बच्चे घर के माहौल में या किसी व्यक्तिगत मोबाइल या अन्य डिवाइस पर सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हों, तब यह ट्रैक करना मुश्किल है कि उसका उपयोग बच्चा कर रहा है या कोई वयस्क। इसलिए, इन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार वर्तमान में बहुत गंभीरता से विचार कर रही है।

मुफ्त राशन से मजबूत हो रही गरीबों की खाद्य सुरक्षा, योगी सरकार ने बदली यूपी की PDS व्यवस्था

yogi adityanath in rampur

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में गरीब कल्याण और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत प्रदेश सरकार करोड़ों जरूरतमंद परिवारों तक हर महीने मुफ्त राशन पहुंचाकर उनके जीवन को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। पारदर्शी व्यवस्था, तकनीक आधारित निगरानी और समयबद्ध वितरण के कारण उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यापक स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित हो रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़े भी इस व्यवस्था की व्यापकता को दर्शाते हैं।

 

आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के प्रयागराज जिले में सबसे अधिक 42.10 लाख से अधिक लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसके बाद जौनपुर में 34.93 लाख से अधिक, सीतापुर में 34.05 से अधिक लाख, आजमगढ़ में 33.41 लाख से अधिक, बरेली में 31.69 लाख से अधिक, हरदोई में 31.32 लाख से अधिक, लखीमपुर खीरी में 31.18 लाख से अधिक, गोरखपुर में 31.03 लाख से अधिक, आगरा में 30.68 लाख से अधिक तथा लखनऊ में 30.10 लाख से अधिक लाभार्थियों तक नियमित रूप से खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। इन दस जिलों में ही तीन करोड़ से अधिक लोग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं, जो प्रदेश में खाद्य सुरक्षा के मजबूत नेटवर्क को दर्शाता है।

 

लाभार्थियों तक समय पर पहुंच रहा खाद्यान्न

 

योगी सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़कर इसे अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया है। ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाइन निगरानी, डिजिटल रिकॉर्ड और नियमित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं ने राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाई है। इससे पात्र लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंच रहा है और वितरण व्यवस्था में जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है। यही कारण है कि राशन वितरण प्रणाली पर आम लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।

 

राशन वितरण व्यवस्था मजबूत

 

प्रदेश सरकार की नीतियों का केंद्र गरीब, श्रमिक, किसान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार हैं। खाद्य सुरक्षा को सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए योगी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी पात्र परिवार को खाद्यान्न के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

 

बिना भेदभाव मिल रहा योजना का लाभ

 

खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट मंशा है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार भूखा न रहे और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकार की योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के पहुंचे। इसी उद्देश्य से राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर पात्र लाभार्थी को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो, जिससे गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा मजबूत हो और उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता एवं सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। 

योगी सरकार ने बदली सरकारी विद्यालयों की तस्वीर, कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से मिली नई पहचान

Yogi government has transformed face of government schools

– योगी सरकार के ऑपरेशन कायाकल्प से 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों का हुआ कायाकल्प, संतृप्तिकरण 36 प्रतिशत से बढ़कर 96.30 के पार

-प्रोजेक्ट अलंकार से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लास और अन्य आधुनिक सुविधाओं का हुआ व्यापक विस्तार

– योगी सरकार के प्रयासों से स्मार्ट स्कूल, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय और पीएम श्री विद्यालय बन रहे गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के नए केंद्र

– बालिका शिक्षा, एफएलएन आधारित शिक्षक प्रशिक्षण और तकनीक आधारित शिक्षण को मिली नई गति, सरकारी विद्यालयों में मजबूत हो रहा सीखने का माहौल

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सरकारी विद्यालयी शिक्षा में व्यापक बदलाव दिखाई दे रहा है। सरकार ने केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग में ऑपरेशन कायाकल्प और माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से विद्यालयों का स्वरूप बदला है। पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, अतिरिक्त कक्ष, डिजिटल संसाधन और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं ने सरकारी विद्यालयों में नया शैक्षणिक वातावरण तैयार किया है।

 

ऑपरेशन कायाकल्प ने परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अंतर्गत 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया जा चुका है। वर्ष 2017-18 में जहां विद्यालयों का संतृप्तिकरण 36 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर 96.30 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। बच्चों के लिए 3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की कार्यवाही तेजी से चल रही है।

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1.30 लाख से अधिक विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित किए जा चुके हैं। हजारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित हैं। इसके साथ ही 4.50 लाख से अधिक शिक्षकों को एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) आधारित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इससे प्रारंभिक कक्षाओं में भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं को सुदृढ़ करने में मदद मिली है।

 

विद्यालयों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल शुरू की हैं। प्रदेश के 75 जिलों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से 141 विद्यालयों के लिए भूमि चयन पूरा हो चुका है। इसके साथ 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश में 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं।

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इन्हें चरणबद्ध रूप से कक्षा 6 से 12 तक उच्चीकृत किया जा रहा है। जिन विकास खंडों में केजीबीवी नहीं हैं, वहां नए आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है। इससे बेटियों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा।

 

प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रदेश में 29,216 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 2,460 राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज शामिल हैं। सरकार ने 41 नए राजकीय इंटर कॉलेज तथा 215 राजकीय हाईस्कूल का निर्माण पूरा कराया है। 60 नए राजकीय इंटर कॉलेजों को स्वीकृति प्रदान की गई है तथा 280 नए विद्यालय संचालित किए गए हैं।

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2,383 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों और 590 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया गया है। विद्यार्थियों के लिए 778 आईसीटी लैब और 1,236 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। इससे सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को नई मजबूती मिली है।

 

प्रदेश के 1,722 पीएम श्री विद्यालयों में 1,565 बेसिक शिक्षा विभाग तथा 157 माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आधुनिक शिक्षण संसाधन, नवाचार आधारित शिक्षण, कौशल विकास और समग्र शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है। इससे सरकारी विद्यालय गुणवत्तापूर्ण और भविष्य उन्मुख शिक्षा के नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।

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महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का कहना है कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करने के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का वातावरण देना है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार ने विद्यालयों की पहचान बदल दी है।

आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, प्रशिक्षित शिक्षकों, आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर सीखने के अवसर मिल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बनाना है, ताकि प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सके।

PoK के रावलकोट में पाकिस्तानी सेना की बर्बरता, मुनीर ने पाकिस्तानी क्रिकेटर को ही गोलियों से भून डाला

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बढ़ती हिंसा ने एक बार फिर पाकिस्तान की सेना और सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित फायरिंग के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।  इस गोलीकांड में मुनीर फौज ने एक पाकिस्तानी क्रिकेटर को गोलियों से भून डाला। अब PoK में ऐसा बवाल मचना तय माना जा रहा है। 

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इसे संभालना पाकिस्तानी सेना के बस की बात नहीं होगी। इस घटना के बाद पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व और वहां की सैन्य व्यवस्था को लेकर भी आलोचनाएं तेज हो गई हैं।  रिपोर्टों के अनुसार PoJK के रावलाकोट स्थित मटियालमीरा बस टर्मिनल पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे लोगों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की।

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धोखे से बुलाया, अंधाधुंध फा‍यरिंग में मौत

आरोप है कि सुरक्षा बलों की फायरिंग में युवा क्रिकेटर वाजिद हयात (Wajid Hayat) की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। वाजिद हयात की मौत के बाद PoJK के कई इलाकों में पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की मांगों और समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। PoK के लोगों को समझौते का झांसा देकर बुलाया और फिर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं।

पोषण आहार का काम अब महिला बाल विकास विभाग के जिम्मे, जानें मोहन कैबिनेट के अहम फैसले

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले लिए।कैबिनेट ने टेक-होम राशन के उत्पादन एवं प्रदाय की व्यवस्था मध्यप्रदेश राज्य आजीविका फोरम से वापस लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया है। तात्कालिक रूप से अंतरिम व्यवस्था के रूप में स्व सहायता समूह से पूरक पोषण आहार प्रदाय के लिए विभाग को अधिकृत किया गया है। अन्तरिम व्यवस्था तत्काल प्रारंभ किए जाने के साथ ही भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने एवं नवीन निर्देश अनुसार व्यवस्था स्थापित होने तक के लिए टेक होम राशन की व्यवस्था, अल्प कालीन निविदा के माध्यम से किए जाने के लिए विभाग को अधिकृत किया गया है। भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने के बाद विभाग स्थायी व्यवस्था स्थापित करेगा।

 

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी। राज्य सरकार ने शहरों के कायाकल्प के लिए नगरीय अधोसंरचना विकास मद में 8 हजार 445 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की। इसके साथ ही कैबिनेट ने किसानों के हित में मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कुण्डलिया परियोजना को निरंतर रखने जैसे कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई।

 

जारी रहेगी कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना-कैबिनेट ने राजगढ़ में जल संसाधन विभाग की कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना को 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 245 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। राजगढ़ जिले में निर्मित यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से राजगढ़ और आगर-मालवा जिले के 1,39,600 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

 

मूंग उपार्जन के लिए अहम फैसला-कैबिनेट ने रबी वर्ष 2023-24 विपणन वर्ष 2024-25 में भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम अन्तर्गत लक्ष्य से अधिक उपार्जित मूंग के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया है। निर्णय अनुसार पंजाब नेशनल बैंक से ली गई साख सीमा में 19 जुलाई 2026 से 18 जनवरी 2027 तक 6 माह की अवधि के लिए शेष राशि 396 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति और भारतीय स्टेट बैंक से ली गई साख सीमा में 3 जुलाई 2026 से 2 जुलाई 2027 तक 1 वर्ष की अवधि के लिए शेष राशि 1,191 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई जाएगी।

 

नगरीय क्षेत्रो में अधोसंरचना विकास के लिए 8 हजार 445 करोड़ रुपये की स्वीकृति

कैबिनेट ने वाणिज्य कर विभाग के तहत पालिका अधिनियम अंतर्गत पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के अधिभार से प्राप्त राशि का निधि में अंतरण से संबंधित योजना के आगामी 5 वर्षों तक संचालन के लिए 8 हजार 445 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। पालिका अधिनियम अंतर्गत मुदांक शुल्क के साथ मप्र नगर पलिका-नगर निगम अतिरिक्त शुल्क के रूप में उद्ग्रहीत की गई राशि को नगरीय विकास विभाग को अंतरित किया जाता है। इस राशि का उपयोग नगर निगम, नगर पलिका तथा नगर परिषद द्वारा नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा ऐसी परियोजनाओं के लिए निकायों द्वारा लिए गये ऋण पुनर्भुगतान के लिए किया जाता है।

 

वाणिज्यिक कर विभाग के कार्यालय संचालन के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति

कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित तीन स्थापना योजनाओ को आगामी 5 वर्षों की अवधि यानि वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए कुल राशि 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार मुख्यालय संचालन के लिए 60 करोड़ 81 लाख रुपये जिला कार्यालय संचालन के लिए 434 करोड़ 81 लाख रुपये और परिक्षेत्रीय कार्यालय के संचालन के लिए 25 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। इन योजनाओं के तहत कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, कार्यालय व्यय, व्यावसायिक सेवाओं का भुगतान और मशीन-फर्नीचर-वाहनों का संधारण किया जाता है।

PoK में विरोध प्रदर्शन पर MEA का बड़ा बयान, Hormuz और Pakistan को लेकर क्या है भारत का प्लान

भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि ये प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी प्रशासन का सीधा परिणाम हैं।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि स्थानीय लोगों की जायज शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान सरकार प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।

 

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चल रहे प्रदर्शन पाकिस्तान के दशकों पुराने शोषण, मौलिक अधिकारों के हनन और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी शासन का परिणाम हैं। स्थानीय लोगों की वास्तविक समस्याओं को दूर करने के बजाय पाकिस्तान ने पुलिस की बर्बरता का सहारा लिया है। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और कृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराएगा।”

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PoK भारत का अभिन्न हिस्सा

 

भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत लगातार पाकिस्तान पर इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन और उनके अधिकारों के दमन का आरोप लगाता रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी जताई चिंता

विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। MEA ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

 

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हाल ही में दो वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत पर भारत ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

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खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीयों की मौत

सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 28 फरवरी 2026 से अब तक खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं।

 

शेख हसीना की वापसी पर भारत का जवाब

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। यदि प्रत्यर्पण (Extradition) से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो उसका निपटारा कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

 

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर क्या बोला भारत?

भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

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निज्जर हत्याकांड पर भी भारत की प्रतिक्रिया

कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड से जोड़ने पर भारत ने कहा कि RCMP की टिप्पणियां हाल ही में सार्वजनिक हुए अमेरिकी अभियोग (US Indictment) के अनुरूप हैं। भारत आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

20 साल बाद तस्लीमा नसरीन आएंगी कोलकाता, गर्माई बंगाल की राजनीति, इस बड़े मंच पर आएंगी नजर

Bangladeshi writer Taslima Nasreen to visit Kolkata

Bangladeshi writer Taslima Nasreen : मशहूर और विवादित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 20 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर कोलकाता वापस आ रही हैं। खबरों के अनुसार, लेखिका तस्लीमा की इस वापसी से बंगाल की राजनी‍ति भी गर्मा गई है। इस बीच लेखिका तस्लीमा 1 अगस्त को धर्मनिरपेक्ष और कट्टरता विरोधी संगठनों द्वारा आयोजित किए जा रहे एक कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन कोलकाता स्थित रवींद्र ऑडिटोरियम में रखा गया है। खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद इस आयोजन को अभिव्यक्ति की आजादी और धर्मनिरपेक्षता से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

1 अगस्त को कोलकाता में होगा कार्यक्रम

मशहूर और विवादित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 20 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर कोलकाता वापस आ रही हैं। खबरों के अनुसार, लेखिका तस्लीमा की इस वापसी से बंगाल की राजनी‍ति भी गर्मा गई है। इस बीच लेखिका तस्लीमा 1 अगस्त को धर्मनिरपेक्ष और कट्टरता विरोधी संगठनों द्वारा आयोजित किए जा रहे एक कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन कोलकाता स्थित रवींद्र ऑडिटोरियम में रखा गया है।

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कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी 

खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद इस आयोजन को अभिव्यक्ति की आजादी और धर्मनिरपेक्षता से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम के आयोजक का कहना है कि यह असल में उनके 20 साल बाद शहर आने का जश्न मनाने का कार्यक्रम होगा।

 

कार्यक्रम में कविता पाठ करने की उम्मीद

लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके बताया कि वह 1 अगस्त को कोलकाता में होंगी और रवींद्र सदन में कट्टरपंथ-विरोधी साहित्यिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी, जहां उनके कविता पाठ करने की उम्मीद है। भाजपा के लिए तस्लीमा नसरीन की वापसी सिर्फ एक लेखिका का लौटना नहीं है, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश है। उस समय तस्लीमा नसरीन ने कहा था कि उन्‍हें सिर्फ शांति से साहित्य उत्सवों और पुस्तक मेलों में शामिल होने की अनुमति मिलनी चाहिए।

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संसद में हुई थी तस्लीमा नसरीन की वापसी की मांग

2007 में वामपंथी सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर तस्लीमा नसरीन को बाहर भेजा था, वहीं अब भाजपा सरकार उन्हें धार्मिक उग्रवाद के खिलाफ एक प्रतीक के रूप में पेश कर रही है। पिछले साल भाजपा के राज्यसभा सांसद और बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने संसद में केंद्र सरकार से तस्लीमा की वापसी का रास्ता साफ करने की मांग की थी। बंगाली भाषी होने के कारण तस्लीमा नसरीन इस कोलकाता शहर को अपना दूसरा घर मानती हैं।

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इस कारण थीं कोलकाता से बाहर

साल 2007 में तस्लीमा की रचनाओं को लेकर हिंसा फैल गई थी। यही कारण रहा कि तस्लीमा को लेफ्ट और टीएमसी ने कोलकाता आने की अनुमति नहीं दी। बांग्लादेश में जन्मीं तस्लीमा नसरीन ने बांग्ला भाषा में 40 से अधिक किताबें लिखी हैं। यह आयोजन अहम है, क्योंकि तसलीमा नसरीन कट्टरपंथियों के निशाने पर रही हैं। उनकी पर्याप्त सुरक्षा करना भी राज्य सरकार और पुलिस की चिंता होगी।

अयोध्या की आड़ में देश की अस्मिता और आस्था पर हो रहा प्रहार : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted opposition over Ayodhya Shri Ram Janmabhoomi Temple

– गरीबों के हक पर डकैती डालने और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास करने वाले बना रहे हिंदू धामों को निशाना

– रिपब्लिक भारत चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'ऊंचाइयों पर यूपी' में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गिनाईं 9 वर्षों की उपलब्धियां

– यूपी को मिले 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, सवा तीन करोड़ युवाओं को एमएसएमई में मिला रोजगार

– 'बीमारू' मानसिकता से उबरकर 9 वर्षों में तीन गुना हुई प्रदेश की अर्थव्यवस्था

– पहले बेटी और व्यापारी असुरक्षित थे, आज यूपी निवेशकों की पहली पसंद

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है, वे देश की अस्मिता व आस्था पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मामले में ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। नैतिक आधार पर इस्तीफे भी हुए हैं। लेकिन इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आड़ में जो लोग आस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं, हिंदू धामों पर प्रहार कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जो गरीबों के हक पर डकैती डालते थे और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास करते थे। सीएम ने जनता से राष्ट्रीय मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी ताकतों से सजग रहने की अपील की।  

 

मुख्यमंत्री मंगलवार को लखनऊ में 'रिपब्लिक भारत' न्यूज़ चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'ऊंचाइयों पर यूपी' को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पिछले 9 वर्षों से अधिक समय के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में आए युगांतकारी परिवर्तनों और उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार के दृढ़ संकल्प से आज उत्तर प्रदेश 'बीमारू' राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।  

 

बेटियों को यूपी से बाहर भेज देते थे लोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में 2017 से पहले हर तीसरे दिन दंगा होता था, महीनों तक कर्फ्यू रहता था। बेटी व व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। 35 से ज्यादा ऐसे जनपद थे, जहां लोगों ने बेटी को यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदार के घर भेजकर पढ़ाई कराई। अन्य लोग बेटियों की सुरक्षा के लिए उन्हें स्कूल भेजना ही बंद कर देते थे। व्यापारी को पता नहीं होता था कि घर लौट पाएगा या नहीं। किसान अपने खेत में जाने से डरता था।

 

विस्फोटों से जुड़ता था यूपी का नाम

सीएम ने कहा कि उस वक्त देश में कहीं विस्फोट होता था, तो यूपी का नाम जुड़ता था। पिछली सरकारों में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था। माफियाओं के सामने सरकारें नतमस्तक होकर नाक रगड़ती थीं। नई पीढ़ी को यह जानकारी देने की आवश्यकता है। लेकिन, पिछले 9 वर्षों में हमारी पहचान दंगा, कर्फ्यू और उपद्रवमुक्त उत्तर प्रदेश के रूप में बनी है। उत्तर प्रदेश में अब बेटी, व्यापारी समेत हर व्यक्ति सुरक्षित है।

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यूपी को मिले 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का वातावरण नहीं बना होता तो कोई निवेशक यूपी में नहीं आता। हमने 2017 अक्टूबर में इन्वेस्टर समिट की योजना बनाई और इसके लिए पॉलिसी तैयार की। नतीजा यह कि यूपी को 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिसमें 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतारे जा चुके हैं।

2017 के पहले लखनऊ की चिकनकारी, फिरोजाबाद का ग्लास, मुरादाबाद का पीतल, मेरठ का स्पोर्ट्स, भदोही का कालीन व बनारस का साड़ी उद्योग दम तोड़ रहा था। उद्यमियों व कारोबारियों के पास घर बैठने के सिवा कोई चारा नहीं था।

डबल इंजन सरकार बनी तो हमने ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के रूप में इनकी ब्रांडिंग की। 75 जिलों के 79 उत्पादों को जीआई टैग के साथ जोड़ा गया है। ओडीओपी के तहत वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी में कार्यरत हैं, जिनमें सवा तीन करोड़ युवाओं को रोजगार मिला है। यूपी आज 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक के ओडीओपी उत्पाद निर्यात कर रहा है।

 

राज्य बीमारू नहीं, बीमार थी मानसिकता

सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों में पिछड़ापन, अव्यवस्था, दंगे, गुंडागर्दी, कर्फ्यू, बेरोजगारी ही यूपी की पहचान बन चुकी थी। खामियाजा बेरोजगारी के रूप में युवाओं को भुगतना पड़ता था। सरकार बनाने के बाद हमने पहली कैबिनेट बैठक में अन्नदाता किसानों को राहत देने का निर्णय किया, लेकिन खजाना खाली था। बैंकर फोन नहीं उठा रहे थे।

तत्कालीन वित्त सचिव तबीयत खराब होने की बात कहकर कार्यभार से मुक्त करने के लिए कह रहे थे। लेकिन, हमने ठोस फैसले करने शुरू किए तो परिणाम सामने आने शुरू हो गए। वास्तव में यूपी बीमारू नहीं था, बीमार वो मानसिकता थी जो 2017 से पहले शासन कर रही थी। इसी मानसिकता ने किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर किया था। युवाओं के सामने पहचान का संकट और हर व्यक्ति में असुरक्षा का भाव पैदा किया था।

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आज यूपी का बजट 9 लाख करोड़ से अधिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के बजट को 3 लाख करोड़ से बढ़कर 9 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। 2016-17 में यूपी की कुल जीएसडीपी 12 लाख करोड़ रुपए थी, जो अब 36 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। तब प्रति व्यक्ति आय महज 43 हजार रुपए थी, जो अब 1.20 लाख रुपए से अधिक है। उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल केवल 12 प्रतिशत था, आज वह 38 प्रतिशत से अधिक है। बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है। यह तस्वीर नए उत्तर प्रदेश को पेश करती है।

 

यूपी ने रची विकास की महागाथा

सीएम ने कहा कि अब देश के कुल एक्सप्रेसवे में 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे व देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेसवे भी प्रारंभ हो चुका है। सोमवार से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू हुआ है।

अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी हो या जिला मुख्यालय, सभी फोरलेन से जुड़े हैं। देश का पहला इनलैंड वॉटरवे, रैपिड रेल व रोपवे के साथ जल्द ही जुड़ने वाला वाराणसी शहर भी यूपी में है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट व मेट्रो का संचलान यूपी में हो रहा है। रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क भी यूपी के पास है। ये सब 9 वर्ष पहले सिर्फ सपना था।

 

गन्ना, चीनी व एथेनॉल उत्पादन में नंबर-1 यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले यूपी सरकार ने आम महोत्सव आयोजित किया, जिसमें हजारों टन आम निर्यात किया गया। दुनियाभर के लोग यूपी का आम खरीदने के लिए लाइन में खड़े थे। 2014 से पहले किसान सुविधाओं के अभाव में आत्महत्या करने के लिए मजबूर था।

2007 से 2017 के बीच यूपी की 29 चीनी मिलें बंद हुईं या बेच दी गईं। 3-3 करोड़ में बेची जाने वाली चीनी मिलों की जमीन ही सैकड़ों करोड़ रुपए की थी। हमारी सरकार ने 2017 से अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपए गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों के खातों में किया है। 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। देश के अंदर गन्ना, चीनी व एथेनॉल उत्पादन में यूपी नंबर-1 है।

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24 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा

सीएम ने कहा कि यूपी में पिछले 9 वर्ष में 24 लाख हेक्टेयर लैंड को सिंचाई सुविधा दी गई है। बाणसागर परियोजना दशकों से लंबित थी, जिसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत पूरा किया। 2.5 लाख हेक्टेयर लैंड को इससे सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई। बुंदेलखंड में अर्जुन सहायक परियोजना दशकों से लंबित थी, जिसे पूरा करवाया गया।

सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को योजना आयोग ने 1970 के दशक में स्वीकृत किया था। 1977 में इसकी आधारशिला रखी गई, लेकिन यह कभी पूरी नहीं हो पाई। तब इस पर कुल 100 करोड़ खर्च होने थे, लेकिन समय पर कार्य न होने के कारण 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करने पड़े। किसान को 10 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश समृद्ध होगा।

 

9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी

सीएम योगी ने कहा कि 9 लाख से अधिक युवाओं को प्रदेश में सरकारी नौकरी दी गई। अकेले यूपी पुलिस में 2 लाख 25 हजार से अधिक भर्तियां की गईं। यूपी पुलिस में 2017 के पहले केवल 10 हजार महिला पुलिसकार्मिक थीं, जिनकी संख्या अब 45 हजार हो गई है।

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16 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त राशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में वेलफेयर स्कीम के जरिए 16 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है। 1.6 करोड़ परिवार ऐसे हैं, जिनको निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन या फिर दिव्यांगजन पेंशन के माध्यम से 12 हजार रुपए सालाना पेंशन की सुविधा का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। 25 लाख से अधिक महिलाओं-बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ दिया जा रहा है।

5 लाख से अधिक माताओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत योजना का सुविधा दी जा रही है। 6 लाख से अधिक बालिकाओं की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शादी कराई गई है। अब पिता इस बात के लिए चिंतित नहीं होता है कि बेटी बड़ी हो गई है तो उसकी शादी के लिए पैसा कहां से आएगा।

अब वैष्‍णो देवी चढ़ावे में घोटाला! 550 करोड़ की चांदी के गबन का आरोप

Vaishno Devi Temple Scam

Vaishno Devi Temple Scam: अयोध्या के राम मंदिर घोटाले का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है, इसी बीच वैष्णो देव से भी चढ़ावे में घोटाले की खबर सामने आई है। जम्मू की एक अदालत ने जम्मू कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच से उन आरोपों के सिलसिले में पूरा रिकार्ड मांगा है, जिनमें कहा गया है कि श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए लगभग 20 टन चांदी के चढ़ावे (जिसकी कीमत अनुमानित 550 करोड़ रुपए थी) में या तो मिलावट की गई, उसे बदला गया या उसका गबन किया गया। अदालत ने जांच अधिकारी को 29 जुलाई को केस के रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।

 

यह आदेश उन आरोपों के बीच आया है, जिनमें कहा गया है कि जब श्राइन बोर्ड ने जमा किए गए चढ़ावे को सरकारी टकसाल (मिंट) में भेजा, तो मेटलर्जिकल टेस्ट में पता चला कि खेप का केवल पांच प्रतिशत हिस्सा ही असली चांदी थी, जबकि बाकी सामग्री में मुख्य रूप से कैडमियम और लोहा था। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत में दायर शिकायत में कहा गया है कि इससे इसकी अनुमानित कीमत लगभग 550 करोड़ रुपए से घटकर लगभग 30 करोड़ रुपए रह गई।

किसने दायर की याचिका?

यह कार्यवाही जम्मू के वकील दीपक शर्मा द्वारा दायर एक याचिका से शुरू हुई है, जिसमें उन्होंने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, गबन, मिलावट, चांदी के चढ़ावे को बदलने और आधिकारिक रिकार्ड में हेरफेर का आरोप लगाया है। शिकायत में चढ़ावे में जहरीले कैडमियम की मौजूदगी के बारे में भी चिंता जताई गई है।

 

चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होकर, क्राइम ब्रांच ने एक स्टेटस रिपोर्ट सौंपी जिसमें कहा गया कि शिकायत को आवश्यक कार्रवाई के लिए श्रीनगर स्थित क्राइम हेडक्वार्टर और बाद में जम्मू स्थित जोनल पुलिस हेडक्वार्टर को भेज दिया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि केवल शिकायत को आगे भेजने से एफआईआर दर्ज करने की कानूनी बाध्यता पूरी नहीं होती, खासकर तब जब संज्ञेय अपराधों का पता चला हो।

कोर्ट के जांच अधिकारी को निर्देश

अदालत ने अब क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को अगली सुनवाई की तारीख पर शिकायत से संबंधित पूरे रिकार्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। अदालत में दायर आपत्तियों में, शर्मा ने तर्क दिया कि 9 मई और 13 मई, 2026 को क्राइम ब्रांच में शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई और न ही जांच का कोई ठोस कदम उठाया गया।

 

उन्होंने तर्क दिया कि स्टेटस रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि क्या कोई प्रारंभिक जांच शुरू की गई थी, क्या रिकार्ड जब्त किए गए थे, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे गए थे, गवाहों से पूछताछ की गई थी या फोरेंसिक जांच की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, रिपोर्ट में दिखाई गई एकमात्र कार्रवाई विभिन्न पुलिस कार्यालयों के बीच शिकायत का आदान-प्रदान थी।