Bajaj Chetak और TVS iQube को मिलेगी कड़ी टक्कर, Ather 29 अगस्त को लॉन्च करेगा सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर

auther scooter

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता Ather Energy ने पुष्टि की है कि वह 29 अगस्त को बेंगलुरु में आयोजित Ather Community Day के चौथे संस्करण के दौरान अपना पहला मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश करेगी। कंपनी का यह नया स्कूटर किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही Ather एक बिल्कुल नए EL प्लेटफॉर्म की भी शुरुआत करेगी, जिस पर भविष्य में कंपनी के कई नए मॉडल विकसित किए जाएंगे।

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नए EL प्लेटफॉर्म पर तैयार होगा स्कूटर

Ather का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी के मॉड्यूलर EL प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाला पहला मॉडल होगा। कंपनी के अनुसार, इस नए प्लेटफॉर्म को बेहतर स्केलेबिलिटी, बहुउद्देशीय उपयोग और अधिक कुशल मैन्युफैक्चरिंग को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

टेस्टिंग के दौरान दिखा नया स्कूटर

 

आधिकारिक लॉन्च से पहले इस स्कूटर के प्रोटोटाइप, जिसे फिलहाल EL01 माना जा रहा है, भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान देखे गए हैं। स्पाई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि Ather इस बार ज्यादा प्रैक्टिकल और फैमिली-फ्रेंडली डिजाइन पर फोकस कर रही है।

 

Ather 450X की तुलना में नए स्कूटर में लंबा व्हीलबेस, चौड़ी सीट और बड़ा फ्लोरबोर्ड मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, प्रोडक्शन मॉडल का डिजाइन उस नियर-प्रोडक्शन कॉन्सेप्ट से काफी मिलता-जुलता हो सकता है जिसे कंपनी पहले प्रदर्शित कर चुकी है।

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मिल सकते हैं ये फीचर्स

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए स्कूटर में हैंडलबार-माउंटेड हेडलैंप और फ्रंट एप्रन पर चौड़ी LED DRL देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, फ्रंट में 14-इंच का बड़ा व्हील और रियर में 12-इंच का व्हील दिया जा सकता है।

 

EL प्लेटफॉर्म को 2 kWh से 5 kWh तक के बैटरी पैक को सपोर्ट करने के लिए तैयार किया गया है। स्कूटर में स्विंगआर्म-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर मिलने की संभावना है। वहीं सस्पेंशन के लिए फ्रंट में टेलीस्कोपिक फोर्क और रियर में सिंगल शॉक एब्जॉर्बर दिया जा सकता है। ब्रेकिंग सिस्टम में फ्रंट डिस्क ब्रेक और रियर ड्रम ब्रेक मिलने की उम्मीद है।

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Bajaj Chetak और TVS iQube को देगा टक्कर

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लॉन्च के बाद Ather का यह नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी के पोर्टफोलियो में Rizta से नीचे पोजिशन किया जाएगा। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Bajaj Chetak और TVS iQube जैसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा।

‘आपने देश की अंतरात्मा जगा दी, अब अनशन खत्म कीजिए’— शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील

shashi tharoor appeals to sonam wangchuk

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने 18 दिन से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्होंने देश की अंतरात्मा जगा दी। ALSO READ: सोनम वांगचुक के अनशन पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस; कल तक मांगा जवाब

थरूर ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के नाम एक खुला पत्र लिखते हुए कहा कि मैं आज आपको एक राजनेता या सांसद के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में संबोधित कर रहा हूं जो भारतीय युवाओं की वर्तमान पीढ़ी के साथ हो रहे अन्याय से बेहद आहत है।

 

मैं आज आपको एक राजनेता या सांसद के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में संबोधित कर रहा हूं जो भारतीय युवाओं की वर्तमान पीढ़ी के साथ हो रहे अन्याय से बेहद आहत है।

 

उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक व्यक्तिगत मामला है। मेरा जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। मेरे पिता समाचार पत्र में एक वेतनभोगी कर्मचारी थे और मेरी मां एक गृहणी थीं, जिन्हें एक ही आय में तीन बच्चों को पढ़ाना-लिखाना था। हमारे जैसे परिवार के लिए, 'योग्यता' (मेरिट) कोई नारा नहीं थी। स्कॉलरशिप, निष्पक्ष परीक्षाएं, ईमानदारी से आने वाले परिणाम — यही एकमात्र जरिया थे जिससे एक वेतन पर तीन बच्चों के सपनों को पूरा किया जा सकता था।

थरूर ने कहा कि मैंने मुंबई और कोलकाता में स्कूल की पढ़ाई की, यहाँ दिल्ली में कॉलेज की पढ़ाई की, यूनिवर्सिटी टॉप की और आईआईएम (IIM) में दाखिला पाया — लेकिन इसके बजाय मैंने स्कॉलरशिप पर अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाने का फैसला किया। मुझे कुछ भी विरासत में नहीं मिला था; सब कुछ कड़ी मेहनत और हां, परीक्षाओं के बल पर कमाया गया था। इसलिए मैं जानता हूं कि एक निष्पक्ष और योग्यता-आधारित व्यवस्था ही निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के युवाओं के लिए आगे बढ़ने की एकमात्र सीढ़ी है। ALSO READ: 18 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत गंभीर, 8.5 किलो वजन घटा; अनशन खत्म कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा मामला

 

पत्र में उन्होंने कहा कि जब वह सीढ़ी टूट जाती है (पेपर लीक होते हैं, परीक्षाएं रद्द होती हैं, भरोसा टूटता है) तो अमीर और ताकतवर लोगों के बच्चों को नुकसान नहीं होता। उनके पास दूसरी सीढ़ियाँ होती हैं। धोखा आपके सपनों और आपके परिवारों के बलिदानों के साथ (और दुखद रूप से, कुछ घरों में युवाओं की कीमती जानों के साथ) होता है।

 

कांग्रेस सांसद ने कहा कि जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए युवाओं और पूरे भारत में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद करने वाले साथियों: यह देश आपकी आवाज सुन रहा है। आपका गुस्सा कोई अनुशासनहीनता नहीं है — यह उस पीढ़ी की पीड़ा है जिसने सब कुछ सही किया और फिर भी जिसे धोखा मिला। आप अकेले नहीं हैं।

 

और चुपचाप देख रहे करोड़ों युवा भारतीयों से मैं कहना चाहता हूं: आपकी पीढ़ी कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसे सिर्फ 'मैनेज' किया जाए। आप भारत के भविष्य का जवाब हैं। उम्मीद मत खोइए। यह सीढ़ी फिर से बनाई जाएगी — आपके द्वारा, और आपके साथ खड़े हर भारतीय द्वारा।

 

उन्होंने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि आपने देश की अंतरात्मा को जगा दिया है; अनशन का मकसद भी यही होता है। आने वाले लंबे रास्ते के लिए भारत को आपकी आवाज की जरूरत है।

 

कांग्रेस नेता ने कहा कि सोमवार से संसद का सत्र फिर से शुरू हो रहा है, ऐसे में हमारे पास हमारे लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच पर छात्रों के मुद्दों को उठाने का अवसर होगा। इस समस्या का समाधान वहीं होना चाहिए, न कि आमरण अनशन के जरिए। कृपया मेरी प्रार्थना स्वीकार करें।

 

थरूर ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि आप आगे बढ़ें और उस संवाद की शुरुआत करें जो हमारा लोकतंत्र अपने युवा नागरिकों का कर्जदार है। यह कमजोरी नहीं है; यह एक कुशल नेतृत्व और दूरदर्शिता है।

सोनम वांगचुक के अनशन पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस; कल तक मांगा जवाब

sonam wangchuk hunger strike

जंतर-मंतर पर 18 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर कल तक जवाब मांगा है। याचिका में मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने और अनशन समाप्त कराने की मांग की गई है।

सोनम वांगचुक के अनशन के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हु्ई। उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर मामले में कल तक जवाब देने को कहा। सोनम वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर 18 दिन से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। ALSO READ: 18 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत गंभीर, 8.5 किलो वजन घटा; अनशन खत्म कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा मामला

 

क्यों दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला?

सोनम वांगचुक का अनशन खत्म कराने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक पीआईएल दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि सोनम वांगचुक के लिए मेडिकल सहायता की व्यवस्था की जाए और जबरन खाना खिलाकर उनका अनशन खत्म किया जाए। याचिका में कहा गया है कि अगर सोनम वांगचुक मर गए तो यह देश और दुनिया के लिए बेहद शर्मनाक बात होगी।

 

राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर इस याचिका में कहा गया है कि उनका साढ़े 8 किलो वजन घट चुका है। ऐसे में 2 दिन के अंदर उनकी मौत हो सकती है।

दिग्गजों की अपील का असर नहीं

वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक के समर्थन में अनशन पर बैठे हैं। अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव समेत कई दिग्गजों द्वारा अनशन समाप्त करने की अपील का उन पर कोई असर नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि मई में हुई परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्र प्रभावित हुए। ALSO READ: सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्‍या अब तोड़ेंगे अनशन?

 

मामले पर क्या बोली सीजेपी?

सीजेपी ने भी सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि युवाओं न्याय मिलने तक संघर्ष जारी है, सोनम वांगचुक सर अपनी मांग पर अड़े हैं, पर इस गूंगी बाहरी सरकार को कुछ नहीं सुनाई दे रहा है, ऐसा क्यों?
 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका शरीर लगातार कमजोर हो रहा है, मांसपेशियों में दर्द है और उनका वजन 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उनका ब्लड प्रेशर 109/70 दर्ज किया गया है।

कल का मौसम : अगले 12 घंटों में बदलेगा इन 22 राज्यों का मिजाज! IMD ने जारी किया भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

Weather conditions in these 22 states set to change over next 12 hours, IMD issues alert for heavy rain   and thunderstorms

देशभर में मॉनसून एक बार फिर से बेहद आक्रामक रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दोपहर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए अगले 12 से 24 घंटों के भीतर देश के 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी कल यानी 16 जुलाई को किसी जरूरी काम या यात्रा के लिए घर से बाहर निकलने वाले हैं, तो पहले अपने शहर और राज्य के मौसम का हाल जरूर जान लें।

 

बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हुआ नया सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय हो गया है। सैटेलाइट तस्वीरों से साफ दिख रहा है कि समंदर से भारत के मैदानी इलाकों की तरफ बादलों का एक विशाल 'व्हाइट जोन' तेजी से बढ़ रहा है।

 

इस सिस्टम के कारण मॉनसून की ट्रफ लाइन (Monsoon Trough) अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिससे मध्य, उत्तर और पश्चिमी भारत में भारी नमी वाली हवाएं टकरा रही हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 12 घंटों के भीतर इन हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

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किन 22 राज्यों में है भारी बारिश की चेतावनी?

IMD द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनी के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान भारत के तीन बड़े हिस्सों में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है :

 

1. उत्तर और मध्य भारत (North & Central India)

दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश : दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद सहित पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में कल सुबह से ही रुक-रुक कर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

 

मध्य प्रदेश और राजस्थान : एमपी के पूर्वी हिस्सों (जैसे जबलपुर, रीवा) और राजस्थान के दक्षिणी जिलों (जैसे उदयपुर, कोटा) में भारी से अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहाँ कुछ इलाकों में 120mm तक बारिश दर्ज की जा सकती है।

 

पंजाब और हरियाणा : इन राज्यों के तराई वाले इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश की उम्मीद है।

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2. पश्चिमी और तटीय क्षेत्र (West & Coastal Regions)

महाराष्ट्र और मुंबई : कोंकण और मुंबई के तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और निचले इलाकों में जलजमाव (Waterlogging) की आशंका जताई गई है। मछुआरों को अगले दो दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

 

गुजरात और गोवा : गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में मानसून की सक्रियता बढ़ने से भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है।

 

3. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत (East & Northeast India)

ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार : नए मौसमी सिस्टम का सबसे पहला असर ओडिशा और बंगाल के तटीय जिलों पर दिखेगा। यहां आज रात से ही मूसलाधार बारिश शुरू होने का अनुमान है।

 

असम और मेघालय : पूर्वोत्तर के इन राज्यों में पहाड़ी इलाकों पर भूस्खलन (Landslide) की चेतावनी जारी की गई है।

 

IMD की एडवायज़री : भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें, बिजली के खंभों के पास खड़े न हों और यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय ट्रैफिक व वेदर अपडेट्स की जांच अवश्य कर लें।

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आपके शहर में कल कैसा रहेगा तापमान?

बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली-NCR में अधिकतम तापमान गिरकर 31°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे जा सकता है, जिससे मौसम खुशनुमा बना रहेगा।

 

मौसम की पल-पल की लाइव रिपोर्ट और अपने जिले के सटीक पूर्वानुमान के लिए हमारे साथ बने रहें।

गोलीबारी में पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के भाई शालिग्राम पर FIR, क्या बोले ‘पर्ची वाले’ बाबा

Dhirendra Krishna Shastri on Shaligram Garg: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। शलिग्राम पर आरोप है कि उसने जमीन विवाद को लेकर मोतीलाल कुशवाहा नामक किसान पर फायरिंग की। कुशवाहा को कान में गोली लगी है। इस बीच, धीरेन्द्र शास्त्री ने एक वीडियो में इस पूरे विवाद से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार और भाई से कोई भी लेना-देना नहीं है। इस तरह का बयान वे पहले भी दे चुके हैं। 

क्या कहा धीरेन्द्र शास्त्री ने?

पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने भाई से जुड़े विवाद पर स्पष्ट कहा कि उनका भाई शालिग्राम और अपने परिवार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व ही मेरा परिवार है। मैं सनातन धर्म, समाज और देश के लिए जीता हूं। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। यदि भाई दोषी पाया जाता है तो उसे कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए। उन्होंने मीडिया और जनता से अनुरोध करते हुए कहा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि मुझे हर घटना से न जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि वे तीन साल पहले भी कह चुके हैं कि उनका परिवार और भाई से कोई लेना-देना नहीं है। ALSO READ: पहले भी विवादों में रहे बाबा बागेश्वर के भाई शालिग्राम गर्ग, जानिए अब क्या है नया विवाद

क्या है पूरा मामला?

यह घटना मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में राजनगर थाना क्षेत्र के कौड़ा गांव की है, जहां जमीन विवाद को लेकर मोतीलाल कुशवाहा नामक किसान पर फायरिंग करने और मारपीट करने के आरोप में शालिग्राम गर्ग और अन्य के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उसे कान में गोली लगी है। रिपोर्ट के अनुसार यह विवाद जमीन के एक पुराने मामले को लेकर बढ़ा। इसके बाद दो पक्षों के बीच झड़प हो गई। आरोप है कि इस दौरान फायरिंग, मारपीट और हमला हुआ, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद छतरपुर पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार घायलों, प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं शालिग्राम

हालांकि धीरेन्द्र शास्त्री के भाई शालिग्राम से जुड़ा यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले फरवरी 2023 में छतरपुर के गढ़ा गांव में एक दलित परिवार की शादी के दौरान हंगामे का मामला सामने आया था। आरोप था कि उन्होंने शादी समारोह में पिस्टल लहराई, लोगों को धमकाया और गाली-गलौज की। घटना के वीडियो उस समय सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।

2024 में सागर जिले के मुगवारी टोल प्लाजा पर टोल शुल्क को लेकर टोलकर्मियों और उनके बीच विवाद हो गया था। आरोप लगाया गया कि टोल मांगने पर उन्होंने अपने साथियों के साथ टोलकर्मियों के साथ मारपीट की। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने शालिग्राम समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

अहमदाबाद से 3 नाबालिग इंदौर आए, कंडक्टर ले गया थाने, पुलिस ने सुरक्षित घर भेजा

minors kids

अहमदाबाद से बस में सवार होकर 3 नाबालिग बच्चे इंदौर आ गए। वे जैसे ही बस से उतरकर भागने लगे तो कंडक्टर ने पकड़ा। बस यात्रियों से पूछताछ की तो किसी भी जानकारी नहीं दी। इस पर कंडक्टर ने बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया वे गलती से खाली बस देखकर उसमें बैठ गए थे।

बताया जा रहा है कि बाद में कंडक्टर ने सूझबूझ दिखाकर बच्चों को ऑटो रिक्शा से द्वारकापुरी थाने पहुंचाया। बताते हैं बच्चे अहमदाबाद के गीता मंदिर बस स्टैंड से बैठे थे। ये बस भाभर से चली थी। बच्चों में एक 9 साल का व दूसरा 5 साल का बालक और 5 साल की एक बालिका है। बालिका ने बताया, वह वाडीनाथ चौक अहमदाबाद के रहने वाले हैं। गुजरात के किसी गणेशगंज गांव जाने के लिए बस में बैठे थे, लेकिन बस से इंदौर तक आ गए। पुलिस व कंडक्टर की मदद से बच्चों को सुरक्षित रख उनके क्षेत्र के थानों में संपर्क कर जानकारियां भेजी हैं।

बताते हैं देर रात पुलिस ने तीनों बच्चों को परिजन के हवाले कर दिया है। वे उन्हें लेकर चले गए हैं। बच्चों ने अपने नाम आराधना, भारत और बाबू बताए। ये बच्चे बाड़ीनाथ चौक के रहने वाले हैं। ये गणेशगंज गांव जाने के लिए गलत बस में सवार हो गए। बाद में बच्चों को परिजन तक पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का 65वें वर्ष में मंगल प्रवेश, अदालज त्रिमंदिर में किए दर्शन, PM मोदी ने दी दीर्घायु की शुभकामनाएं

Prime Minister Modi extended birthday wishes to Gujarat Chief Minister Bhupendra Patel

Chief Minister Bhupendra Patel : गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आज अपने जीवन के 64 वर्ष पूरे कर 65वें वर्ष में कदम रख लिया है। राज्य के मुखिया के रूप में अपनी व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने अपने जन्मदिन की शुरुआत आध्यात्मिकता के साथ की। इस विशेष अवसर पर वे गांधीनगर के पास स्थित अदालज त्रिमंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान के दर्शन कर शीश झुकाया और आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊन्‍हें  शुभकामनाएं दी।

 

गुजरात के विकास के लिए प्रार्थना और नेताओं की शुभकामनाएं

जन्मदिन के मौके पर त्रिमंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रभु के चरणों में शीश नवाकर गुजरात की प्रगति, सुख और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने राज्य के विकास की गति को और तेज करने के संकल्प के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश और राज्य के कई शीर्ष राजनीतिक नेताओं और गणमान्य हस्तियों ने उन्हें सोशल मीडिया और फोन के माध्यम से बधाई संदेश भेजे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीं दीर्घायु की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए लिखा, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत बधाई। वे गुजरात को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में सबसे आगे रहकर नेतृत्व कर रहे हैं। मैं ईश्वर से उनकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं।

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अनुशासन, सादगी और सौम्य व्यक्तित्व का संगम

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल अपनी लोकप्रियता के साथ-साथ बेहद अनुशासित और सादगीपसंद स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर होने के बावजूद बिना किसी तड़क-भड़क के, बेहद शांत तरीके से मंदिर जाकर जन्मदिन मनाना और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करना, उनके सौम्य और सरल व्यक्तित्व का एक बेहतरीन उदाहरण है। उनकी यही सादगी उन्हें आम जनता का पसंदीदा नेता बनाती है।

 

शुरुआती जीवन और इंजीनियरिंग से बिल्डर तक का सफर

भूपेंद्र पटेल का जन्म 15 जुलाई 1962 को अहमदाबाद के एक सामान्य परिवार में हुआ था। उन्होंने अहमदाबाद से ही अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की और इसके बाद सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की डिग्री हासिल की। सक्रिय राजनीति में पूरी तरह से कदम रखने से पहले, वे पेशे से एक सफल बिल्डर थे और निर्माण (Construction) व्यवसाय से जुड़े हुए थे।

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कॉर्पोरेटर से सीधे गुजरात के 17वें मुख्यमंत्री तक

उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत स्थानीय स्वशासन (नगर निकाय) से की थी, जिसमें उन्होंने अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

इसके बाद साल 2017 में वे भाजपा के टिकट पर घाटलोडिया सीट से रिकॉर्ड मतों से विधानसभा चुनाव जीते। साल 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के इस्तीफे के बाद पार्टी ने उनकी सादगी और प्रशासनिक सूझबूझ पर भरोसा जताते हुए उन्हें गुजरात के 17वें  मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान सौंपी थी।

मणिपुर में सुरक्षाबलों के कैंप पर हमला, भीड़ ने कई गाड़ियों में लगाई आग

Attack on security force camp in Manipur

Attack on security force camp : मणिपुर के सेनापति जिले के एक इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा मंगलवार को तलाशी अभियान चलाए जाने के कुछ घंटों बाद ही भीड़ ने सुरक्षाबलों के कैंप पर पथराव किया, असम राइफल्स के शिविर में तोड़फोड़ की और सुरक्षाकर्मियों की 3 गाड़ियों में आग लगा दी। हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई। इसके अलावा 2 ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई।

 

मणिपुर के सेनापति जिले के एक इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा मंगलवार को तलाशी अभियान चलाए जाने के कुछ घंटों बाद ही भीड़ ने सुरक्षाबलों के कैंप पर पथराव किया, असम राइफल्स के शिविर में तोड़फोड़ की और सुरक्षाकर्मियों की 3 गाड़ियों में आग लगा दी। हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई।

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इसके अलावा 2 ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई। खबरों के अनुसार, ओकलांग के मकुइलॉन्गडी इलाके में हथियारबंद काडरों की मौजूदगी की विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद असम राइफल्स ने इलाके में गश्त और तलाशी अभियान शुरू किया था।

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अभियान के दौरान असम राइफल्स की टुकड़ियां मकुइलॉन्गडी और ओकलांग गांवों की ओर बढ़ीं लेकिन उन्हें वहां के निवासियों ने रोक दिया। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। स्थिति को नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों की मदद के लिए सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को तुरंत तैनात किया गया है।

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खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला था कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे थे। इसे संघर्षविराम (सीजफायर) के नियमों का उल्लंघन माना गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। 

रूसी तेल पर ट्रंप सरकार का बड़ा यू-टर्न! 500% की जगह 100% टैरिफ का प्रस्ताव, भारत समेत 5 देशों को मिल सकती है राहत

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रूसी तेल की खरीद पर 500 फीसदी टैरिफ पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार यू-टर्न लेती नजर आ रही है। US सीनेट में पेश एक बिल में ऐसे देशों पर पहले प्रस्तावित अधिकतम 500% टैरिफ को घटाकर 100% करने का प्रस्ताव दिया गया है। भारत, चीन समेत 5 देशों को रूसी गैस आयात पर विशेष छूट मिलेगी। ALSO READ: Donald Trump : ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, होर्मुज पर 20% शुल्क का फैसला वापस, अब खाड़ी देशों से करेंगे अरबों डॉलर के निवेश सौदे

 

अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों ने रूस के खिलाफ एक सख्त आर्थिक प्रतिबंध विधेयक पेश किया है, जिसका सीधा असर भारत पर भी पड़ सकता है। नए संशोधित मसौदे के तहत रूस से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खरीद जारी रखने वाले देशों पर अधिकतम 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है।

 

इन 5 देशों पर पड़ेगा असर

यूक्रेन युद्ध के लिए रूस की आर्थिक ताकत को कमजोर करने के उद्देश्य से लाए गए इस विधेयक के दायरे में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे शीर्ष पांच तेल खरीदार देशों को रखा गया है। बिल पास होने से इन 5 देशों को बड़ी राहत मिल सकती है। ALSO READ: Strait of Hormuz : ईरान को ट्रंप की चेतावनी, अमेरिका बनेगा 'हॉर्मुज का गार्जियन', मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ा तनाव

 

2025 में कही गई थी 500 फीसदी टैरिफ की बात

गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पेश किए गए मूल प्रस्ताव में रूसी ईंधन खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत का एकमुश्त भारी टैरिफ लगाने की बात कही गई थी। ट्रंप सरकार ने इसमें बड़ा बदलाव करते हुए शीर्ष पांच खरीदारों के लिए अधिकतम 100 प्रतिशत तक टैक्स सीमित कर दिया है।

 

नए विधेयक में उन देशों के लिए एक विशेष छूट का प्रावधान भी जोड़ा गया है जो रूस के कुल प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम हिस्सा आयात करते हैं और अपनी इस निर्भरता को कम करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रहे हैं। इससे जापान, फ्रांस, हंगरी और बेल्जियम जैसे देशों को अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे से बाहर रखा जा सकता है।

सांसद भारत सिंह कुशवाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा दतिया में साधेंगे जातीय समीकरण, भाजपा ने सौंपी अहम जिम्मेदारी

दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के लिए भाजपा ने अब जतीय समीकरण साधना शुरु कर दिया है। दतिया विधानसभा सीट पर कुल 3 लाख 56 हजार 651 मतदाता हैं। इनमें 1 लाख 88 हजार 959 पुरुष और 1 लाख 67 हजार 692 महिला मतदाता शामिल हैं। दतिया में चुनावी मुकाबले में ओबीसी और अनुसूचित जाति (एसी) के मतदाता ही निर्णायक भूमिका निभाएंगे। ऐसे में इन दोनों वर्गों को साधने के लिए अब भाजपा ने अपने दो बड़े नेताओं को चुनावी मैदान में उतार दिया है। 

 

ओबीसी वर्ग को साधने, सांसद भारत सिंह कुशवाह को सौंपी कमान-दतिया विधानसभा में ओबीसी मतदाताओं की संख्या करीब 90 हजार के आसपास है। इसमें कुशवाह, यादव, लोधी और बघेल समाज का खासा प्रभाव है। ऐसे में ओबीसी वर्ग को साधने के लिए भाजपा ने अपने ओबीसी वर्ग के बड़े चेहरे ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह को चुनावी मैदान में उतारा है। ग्वालियर-चंबल के अनुभव के नाते पूर्व मंत्री और सांसद भारत सिंह कुशवाह को पार्टी अब चुनाव संचालन समिति की कमान भी सौंपने जा रही है। 

 

दो बार ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक रहे और वर्तमान में सांसद भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर-चंबल अंचल की जमीनी राजनीति और सांगठनिक ढांचे को बहुत बारीकी से समझते हैं। दतिया और आसपास के क्षेत्रों में कुशवाह और अन्य ओबीसी मतदाताओं में भारत सिंह कुशवाह की तगड़ी पकड़ है। भारत सिंह को आगे कर भाजपा पिछड़े वर्ग के वोटों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं दतिया उपचुनाव में भाजपा का फोकस भितरघात को रोकना है। नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने के बाद भाजपा को भितरघात की आंशका है इसलिए भारत सिंह कुशवाह को चुनाव संचालन समिति की जिम्मेदारी सौंप कर पार्टी  पूरी चुनावी मशीनरी, बूथ मैनेजमेंट और जनसंपर्क अभियानों को अनुशासित तरीके से संचालित कर सकता है।

 

एससी वर्ग के लिए डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा को जिम्मेदारी- पार्टी ने अपने एससी वर्ग के बड़े  चेहरे और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को दतिया के मोर्चे पर तैनात किया गया है। देवड़ा को आगे रखकर पार्टी अनुसूचित जाति वर्ग को साधेगी। वहीं,  डिप्टी सीएम देवड़ा जहां सरकार और प्रशासन के स्तर पर कमान संभालकर डैमेज कंट्रोल कर रहे हैं। वहीं वह अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के बीच पार्टी के प्रभाव को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

दरअसल, अजा वर्ग में सबसे बड़ी आबादी अहिरवार और जाटव समाज की है। परंपरागत रूप से इस वर्ग का झुकाव कांग्रेस की तरफ रहा है। भाजपा अपनी पैठ मजबूत तो कर ही रही है, साथ में आजाद समाज पार्टी की एंट्री से चुनाव कुछ हद तक त्रिकोणीय मुकाबले की तरफ बढ़ भी सकता है।विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति मतदाताओं की संख्या करीब 60 हजार है। इनमें  अहिरवार समुदाय के मतदाता 30 हजार से अधिक बताए जाते हैं। इसके अलावा खटीक, जाटव, कोरी और वाल्मीकि समाज के मतदाताओं की भी अच्छी संख्या है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस वर्ग का झुकाव परंपरागत रूप से कांग्रेस की ओर माना जाता रहा है। ऐसे में भाजपा के लिए इस वोट बैंक में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।