क्या E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान हो सकता है, आयोग के फैसले से शुरू हुई नई बहस

देशभर में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दिए जाने के बीच छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। इसने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दावे, कार कंपनियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस E20 पेट्रोल को लेकर वायरल हो रहे वीडियो के बीच नई बहस शुरू कर दी है। दरअसल, रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक कार निर्माता कंपनी को ग्राहक की नई कार बदलकर देने या फिर उसकी 20.50 लाख रुपए की पूरी कीमत लौटाने का आदेश दिया है।

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आयोग ने माना कि वाहन का इंजन E20 पेट्रोल के अनुकूल (Compatible) नहीं था, जिसके कारण इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा। यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और इसकी उपयुक्तता को लेकर बहस जारी है।

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कंपनी और डीलर दोनों को ठहराया जिम्मेदार

उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में कहा कि वाहन निर्माता और डीलर दोनों सेवा में कमी (Deficiency in Service) के दोषी हैं। आयोग ने निर्देश दिया कि यदि कंपनी ग्राहक को नई कार उपलब्ध नहीं कराती है, तो उसे 20.50 लाख रुपये की पूरी खरीद राशि लौटानी होगी। इसके अलावा 

 

  • 1 लाख रुपए मानसिक उत्पीड़न (Mental Harassment) के मुआवजे के रूप में।
  • 10 हजार रुपए मुकदमे के खर्च (Litigation Cost) के रूप में भी देने होंगे।

 

इस तरह कंपनी की कुल देनदारी करीब 21.60 लाख रुपए होगी। आयोग ने आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करने को कहा है। तय समय में आदेश का पालन नहीं होने पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

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क्या है E20 पेट्रोल विवाद?

भारत सरकार ने कच्चे तेल के आयात को कम करने और प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को बढ़ावा दिया है। हालांकि, इस फैसले के बाद कई उपभोक्ताओं और विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि: पुराने वाहनों में माइलेज कम हो सकता है।
 

अरविंद केजरीवाल ने भी उठाए थे सवाल

 

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर E20 पेट्रोल को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि जिन वाहनों को एथेनॉल मिश्रित ईंधन के लिए डिजाइन नहीं किया गया है, उनमें-

 

  • माइलेज घट सकता है।
  • इंजन जल्दी खराब हो सकता है।
  • वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

उन्होंने सरकार से पेट्रोल पंपों पर Pure Petrol का विकल्प उपलब्ध कराने और E20 पेट्रोल की कीमत कम करने की मांग भी की थी।

केंद्र सरकार ने क्या दिया तर्क

10 जुलाई को केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि पूरे देश में Pure Petrol, E10 और E20 जैसे अलग-अलग ग्रेड का पेट्रोल उपलब्ध कराना व्यावहारिक रूप से काफी कठिन होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, E20 लागू करने से पहले वाहन निर्माताओं से व्यापक चर्चा की गई थी और वाहनों की अनुकूलता, इंजन प्रदर्शन, उत्सर्जन (Emission) और ईंधन दक्षता (Fuel Efficiency) का मूल्यांकन किया गया था।

उपभोक्ताओं के लिए क्यों अहम है फैसला?

रायपुर उपभोक्ता आयोग का यह फैसला ऐसे समय आया है जब देशभर में E20 पेट्रोल का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे में यह आदेश भविष्य में उन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा सकता है, जिनके वाहन E20 ईंधन के उपयोग से प्रभावित होने का दावा करते हैं।

दतिया उपचुनाव में समर्थकों से बोले नरोत्तम मिश्रा, किसी की हिम्मत नहीं मेरे कार्यकर्ता का नुकसान करें दें?

दतिया विधाानसभा उपचुनाव में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के जबरदस्त बवाल और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई का मामला गुरुवार को फिर गर्मा गया। दतिया भाजपा कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए  नरोत्तम मिश्रा ने मंच से ही पुलिस की कार्रवाई  को लेकर एसपी के चेतावनी दे डाली। भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मंच से नरोत्तम मिश्रा ने दतिया एसपी को कोट करते हुए कहा कि एसपी साहब, किसी की हिम्मत नहीं कि मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे. मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं।

 

दतिया के पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि यह जो माइक से सारी रिकॉर्डिंग हो रही है, इसे पुलिस वाले ध्यान से सुनें और खासकर एसपी साहब सुनें। मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूँ, मैं सब याद रखता हूं। अपने भाषण में पूर्व मंत्री ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि चक्काजाम खुलवाना पुलिस की जिम्मेदारी थी, लेकिन आंसू गैस के गोले कार्यालय पर क्यों दागे गए? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या कार्यालय की बिल्डिंग को सड़क पर रख दिया गया था? मिश्रा ने चेतावनी भरे लहजे में स्पष्ट किया कि वे इस पूरे घटनाक्रम को भूले नहीं हैं और 3 तारीख के  बाद  इसका हिसाब रखा जाएगा। वहीं अपने समर्थकों पर दर्ज एफआईआर पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोई कार्यकर्ता जेल नहीं जाएगा। अगर जेल जाना होगा तो खुद नरोत्तम मिश्रा जेल जाएगा।  

 

पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के समर्थन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने  कहा आशुतोष तिवारी में उनका टिकट काटने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि  लोग कहने लगे कि आशुतोष ने टिकट काट दिया। उनकी क्षमता है टिकट काटने की? टिकट काटने वाले कोई और है, वहां हमें बात करनी है, हम करेंगे। उस दिन आप लोगों की आंखों में आंसू देखकर मैं भी भावुक हो गया था। कुछ लोग कह रहे है कि भाजपा से बदला लेना है, अरे भाई. बदला भाजपा से नहीं कांग्रेस से लेना है। हर हाल में आशुतोष तिवारी को जितान है।

नाना पटवारी के साथियों ने कबूला, 20 से 100 रुपए मिलता है क्रिकेट सट्टे में कमीशन, चार लोगों पर FIR

Nana patwari

कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी की मुश्‍किलें बढती जा रही हैं। उनके साथियों ने पुलिस के सामने कुछ मामलों में कबूल किया है। बता दें कि वहीं दूसरी तरफ जीतू पटवारी नीट पेपर लीक और अन्‍य मामलों के खिलाफ सायकल यात्रा पर हैं।

दरअसल, एमडी ड्रग्स के मामले में आरोपी नाना पटवारी और उसके साथी सुमित मंत्री से बुधवार देर रात तक राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने पूछताछ की गई थी। जांच में सामने आया कि नाना के साथी ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट ऑल पैनल पर क्रिकेट सट्टे के कमीशन एजेंट थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें प्रत्येक लेनदेन पर कमीशन मिलता था।

जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नाना के चार साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल इस प्रकरण में नाना पटवारी का नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया है। पुलिस के अनुसार जांच में संजय कौशल, मनीष जादौन, दिनेश उर्फ लल्ला चौहान, प्रीतेश त्रिपाठी सहित अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है। इन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का नेटवर्क संचालित करने और बेटिंग आईडी उपलब्ध कराने का आरोप है।

कितना कमीशन मिलता है : जांच में सामने आया कि कृष्णा नगर निवासी संजय कौशल ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट ऑल पैनल पर क्रिकेट सट्टे का कमीशन एजेंट था। प्रत्येक लेन देन पर उसे 20 से 100 रुपए तक कमीशन मिलता था। पूछताछ में संजय ने पुलिस को बताया कि सच्चिदानंद नगर (महू नाका) निवासी मनीष पमनानी उसे ऑलपैन एक्स और ग्रेडटेक्स डॉट कॉम की बेटिंग लिंक उपलब्ध कराता था। ये लिंक वॉट्सऐप के जरिए भेजी जाती थीं, जिन पर 5 हजार रुपए या उससे अधिक बैलेंस वाली बेटिंग आईडी मिल जाती थी।

सोनम, सिया के बाद अब समि‍ता! इश्क में अंधी महिला अधिकारी ने 4 लाख की सुपारी देकर कराया पति का कत्ल

Katihar Murder Case: बिहार के कटिहार से जो दास्तान निकलकर सामने आई है, उसने न सिर्फ कानून के रखवालों को हिलाकर रख दिया है, बल्कि रिश्तों पर से इंसान का भरोसा उठा दिया है। यह कहानी है— अंधे इश्क, सरकारी रुतबे, बेवफाई और एक बेगुनाह पति के बेरहम कत्ल की है। 

 

सुपौल में तैनात 'एमवीआई' (मोटर यान निरीक्षक) समिता कुमारी के पास रुतबा था, पैसा था और समाज में इज्जत थी। लेकिन इस रसूखदार मैडम के दिल के भीतर एक ऐसा राज दफन था, जिसकी भनक उसके पति देव कुमार गुंजन को भी नहीं थी। समिता का दिल नालंदा में बिजली विभाग के ग्रेड-वन टेक्नीशियन अजीत कुमार पर आ चुका था। मगर इस इश्क के बीच सबसे बड़ा रोड़ा था समिता का पति देव, जो कि जमुई में पदस्थापित था और अपनी पत्नी से बेपनाह मोहब्बत करता था। समिता और अजीत के लिए देव कुमार अब एक ऐसा कांटा बन चुका था, जिसे रास्ते से हटाए बिना उनके मिलन की अधूरी हसरत पूरी नहीं हो सकती थी। ALSO READ: केतन की हत्या से पहले सिया ने की केस स्‍टडी, वारदात के पहले पढ़ी थी इंदौर के राजा रघुवंशी हत्‍याकांड की खबरें

पति की जान की कीमत 4 लाख 

इश्क में अंधी हो चुकी मेमसाब और उसके टेक्नीशियन प्रेमी ने मिलकर एक ऐसी खौफनाक साजिश रची, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। समिता ने पति की जान की कीमत लगाई—पूरे 4 लाख रुपए। इस खूनी खेल को अंजाम देने के लिए हायर किया गया जहानाबाद के घोसी थाने का एक पुराना हिस्ट्रीशीटर और शार्प शूटर राजू कुमार, जो हाल ही में मर्डर के केस में जमानत पर बाहर आया था।

11 जून की वह काली रात…

देव कुमार गुंजन अपनी पत्नी समिता से मिलने के लिए बड़ी उम्मीदों और प्यार के साथ 'जनसाधारण एक्सप्रेस' में सवार हुआ। ट्रेन अपनी रफ्तार से दौड़ रही थी, लेकिन देव कुमार इस बात से बिल्कुल अनजान था कि उसकी मौत भी उसी ट्रेन में सफर कर रही है। जैसे ही ट्रेन मानसी रेल थाना क्षेत्र के बदलाघाट के पास पहुंची, बोगी में अचानक चीख-पुकार मच गई। शूटर राजू कुमार ने तमंचा निकाला और चलती ट्रेन में देव कुमार को गोलियों से भून डाला। खून से लथपथ देव कुमार ने वहीं दम तोड़ दिया। ALSO READ: क्या शादीशुदा थी सिया गोयल? केतन अग्रवाल हत्याकांड में वॉट्सऐप चैट से खुला बड़ा राज

मगरमच्छ के आंसू और…. 

वारदात के बाद शातिर समिता ने फौरन एक लाचार और बेकसूर विधवा का मुखौटा पहन लिया। वह पुलिस के सामने छाती पीट-पीटकर रोने लगी। शुरुआत में पुलिस को भी लगा कि यह चलती ट्रेन में हुई डकैती की वारदात है। लेकिन कहते हैं न कि मुजरिम चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। कटिहार के रेल एसपी हरिशंकर कुमार और उनकी टीम को मैडम की ओवर-एक्टिंग और बयानों में झोल नजर आ गया।

मोबाइल ने उगल दिया 'काली रातों' का सच!

मामले की तह तक जाने के लिए रेल पुलिस ने स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। जब पुलिस ने समिता कुमारी का मोबाइल जब्त कर उसके 'कॉल डिटेल रिकॉर्ड' (CDR) और मोबाइल लोकेशन को खंगाला, तो पुलिस की आंखें फटी रह गईं। घटना के वक्त और उससे पहले, समिता के फोन से उसके प्रेमी अजीत और शूटर राजू के बीच लगातार रहस्यमयी और कोड-वर्ड्स में बातचीत हो रही थी। जब तकनीकी साक्ष्य सामने रखे गए, तो 'कातिल हसीना' का सारा नकाब उतर गया। ALSO READ: केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

सलाखों के पीछे पहुंचे गुनाहगार

पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे प्रेमी अजीत कुमार टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और कहा कि उसी ने समिता के साथ मिलकर इस खूनी ताने-बाने को बुना था। पुलिस ने शूटर राजू को भी दबोच लिया है। समिता कुमारी अब कानून के शिकंजे में है। जिस मांग के सिंदूर को उसने 4 लाख रुपए की सुपारी देकर मिटा दिया, अब उसी गुनाह की सजा काटने वह सलाखों के पीछे पहुंच चुकी है।

TTD : राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच तिरुपति में दान का नया रिकॉर्ड, 1 दिन में आए 96.98 करोड़ रुपए, आखिर क्यों उमड़े लाखों श्रद्धालु

अभी अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावे और चंदे) में हेराफेरी का मामले में गिरफ्तारी और जांच का मामला गर्माया हुआ है। इस बीच तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को नई डोनर (दाता) नीति लागू होने से ठीक एक दिन पहले रिकॉर्ड 96.98 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ। मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नए नियम लागू होने से पहले विभिन्न ट्रस्टों में दान दिया, जिसके चलते एक ही दिन में दान का नया रिकॉर्ड बन गया।

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TTD के अनुसार, मंगलवार को कुल 2,460 श्रद्धालुओं ने दान किया। इनमें 2,354 लोगों ने ऑनलाइन और 106 लोगों ने ऑफलाइन योगदान दिया।

किसने कितना किया दान?

TTD के आंकड़ों के अनुसार-

 

  • 1,212 श्रद्धालुओं ने 1 लाख से 10 लाख रुपये के बीच दान दिया।
  • 1,246 श्रद्धालुओं ने 10 लाख से 25 लाख रुपये तक का योगदान किया।
  • वहीं दो श्रद्धालुओं ने 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक का दान दिया।
  • क्यों बढ़ा दान का आंकड़ा?

 

TTD बोर्ड ने हाल ही में नई डोनर पॉलिसी को मंजूरी दी है। इसके तहत भविष्य में दान देने वाले श्रद्धालुओं को मिलने वाली कुछ विशेष सुविधाओं (Donor Privileges) में बदलाव किया गया है। यह नई नीति मंगलवार आधी रात से लागू हो गई। TTD का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की सुविधा बेहतर बनाना और दानदाताओं के प्रबंधन में पारदर्शिता एवं समानता सुनिश्चित करना है।

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पुराने दानदाताओं पर नहीं पड़ेगा असर

TTD के अध्यक्ष बी.आर. नायडू ने स्पष्ट किया कि नई नीति केवल भविष्य में किए जाने वाले दान पर लागू होगी। पहले से पंजीकृत दानदाताओं और संस्थानों को पहले की तरह सभी सुविधाएं मिलती रहेंगी। उन्होंने बताया कि 26 जून तक TTD के विभिन्न ट्रस्टों और योजनाओं में 1,97,888 पंजीकृत दानदाता थे। लगभग 1.50 लाख दानदाताओं ने 1 लाख रुपए का योगदान दिया है।

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22,000 से अधिक दानदाताओं ने 10 लाख रुपए या उससे अधिक दान किया है। पिछले चार महीनों में 10 लाख रुपये दान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 3,000 की बढ़ोतरी हुई है। आम श्रद्धालुओं को मिलेगा फायदा TTD  के मुताबिक  संशोधित डोनर पॉलिसी के तहत कुछ विशेष सुविधाओं में कटौती की गई है, ताकि आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और मंदिर व्यवस्था को अधिक संतुलित बनाया जा सके।

MoU मानो तभी खुलेगा Hormuz Strait, दुनिया के सबसे बड़े समुद्री रास्ते के लिए ईरान की नई शर्त

donald trump

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर ईरान ने नया रुख अपनाया है। ईरान ने साफ कहा है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग को दोबारा पूरी तरह खोलने के लिए अमेरिका को पहले समझौता ज्ञापन (MoU) की शर्तों का पालन करना होगा और ईरान के नियमों को स्वीकार करना होगा। तेहरान का कहना है कि इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को सामान्य रूप से संचालित करने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

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होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर असर

अमेरिका-ईरान टकराव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही एक बार फिर प्रभावित हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में सिर्फ 10 जहाज इस समुद्री मार्ग से गुजर पाए, जिनमें अधिकांश ईरानी तेल टैंकर शामिल हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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ईरानी सेना ने क्या कहा?

ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का एकमात्र रास्ता यही है कि अमेरिका इस्लामाबाद बैठक में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का सम्मान करे, अपनी कथित शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बंद करे और ईरान को अपने कानून लागू करने दे। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण ईरान की राष्ट्रीय और सार्वजनिक मांग है, जिस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

ईरानी संसद अध्यक्ष का भी कड़ा संदेश

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा सीधे तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रशासन में ईरान की भूमिका से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि तेहरान किसी भी बाहरी ताकत को अपनी शर्तें ईरान पर थोपने की अनुमति नहीं देगा।
 

गालिबाफ ने आरोप लगाया कि अमेरिका हर अवसर पर अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि चाहे युद्ध हो या कूटनीतिक वार्ता, ईरान अपने राष्ट्रीय हितों, सुरक्षा और दीर्घकालिक रणनीति को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेगा।

वैश्विक बाजार की नजर होर्मुज पर

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, शिपिंग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है।

बंगाल की खाड़ी में भयावह हादसा, समुद्र में पलटीं 2 नाव, 500 से ज्‍यादा लोगों की मौत

Big Incident occurred at sea in Bay of Bengal near coast of Myanmar

Big boat Incident in Bay of Bengal : बंगाल की खाड़ी में म्यांमार के तट के पास भयावह हादसा हो गया। खबरों के अनुसार, यहां 500 से ज्‍यादा लोगों से भरी 2 नावें समुद्र में डूब गईं। इन दोनों नावों में अधिकांश रोहिंग्या समुदाय के लोग सवार थे, जिनका अब तक पता नहीं चला है। इस हादसे के बाद समुद्र में चीख-पुकार मच गई। आशंका जताई जा रही है कि इस हादसे में 500 से अधिक लोगों की जान चली गई। हालांकि अभी तक मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ये नावें म्‍यांमार के गृहयुद्ध से जूझ रहे रखाइन प्रांत से जून महीने के आखिरी दिनों में रवाना हुई थीं।

 

नावों में सवार थे रोहिंग्या समुदाय के लोग 

बंगाल की खाड़ी में म्यांमार के तट के पास भयावह हादसा हो गया। खबरों के अनुसार, यहां 500 से ज्‍यादा लोगों से भरी 2 नावें समुद्र में डूब गईं। इन दोनों नावों में अधिकांश रोहिंग्या समुदाय के लोग सवार थे, जिनका अब तक पता नहीं चला है। इस हादसे के बाद समुद्र में चीख-पुकार मच गई। आशंका जताई जा रही है कि इस हादसे में 500 से अधिक लोगों की जान चली गई।

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मृतकों की संख्या की नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि 

हालांकि अभी तक मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर (UNHCR) और इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) ने अपने बयान में इस बात का जिक्र किया है कि हाल ही में पूरे इलाके में हुई भारी बारिश और बाढ़ की वजह से ऐसी यात्राएं और भी ज्‍यादा जोखिम भरी हो गई होंगी।

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हादसों को लेकर क्‍या बोला संयुक्‍त राष्‍ट्र?

संयुक्‍त राष्‍ट्र ने चेतावनी दी है कि यह दुनिया के सबसे बड़े समुद्री हादसों में शामिल हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने म्यांमार के तट के पास हुए इस बड़े समुद्री हादसे को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन और यूएनएचसीआर ने कहा वे इतने ज्‍यादा लोगों के मारे जाने से बहुत चिंतित हैं। खबरों के मुताबिक, ये नावें म्‍यांमार के गृहयुद्ध से जूझ रहे रखाइन प्रांत से जून महीने के आखिरी दिनों में रवाना हुई थीं। 

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म्‍यांमार में कैद हैं कई रोहिंग्‍या

बांग्‍लादेश में करीब 12 लाख रोहिंग्‍या मुस्लिम शरणार्थी रहते हैं। म्‍यांमार में कई रोहिंग्‍याओं को कैद में रखा गया है। रोहिंग्या समुदाय के लोग वर्षों से संघर्ष और खराब हालात के कारण म्यांमार छोड़ने को मजबूर हैं। बेहतर और सुरक्षित जीवन की तलाश में वे अक्सर छोटी और कमजोर नावों के जरिए मलेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।

ISRO में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों के इस्तीफों से हलचल, सरकार ने सख्त किए नियम, Gaganyaan Mission से जुड़े कर्मियों पर विशेष फोकस

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में हाल के महीनों में 100 से अधिक वैज्ञानिकों के इस्तीफा देने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विशेष रूप से गगनयान (Gaganyaan) और अन्य महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के स्वैच्छिक इस्तीफे (Resignation) और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

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100 से 120 वैज्ञानिकों के इस्तीफे की रिपोर्ट

हालांकि अंतरिक्ष विभाग ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफा देने वाले वैज्ञानिकों की संख्या जारी नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के महीनों में 100 से 120 वैज्ञानिकों ने ISRO छोड़ने का फैसला किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु स्थित यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर (URSC) से करीब 80 वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दिया। तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) से लगभग 20 वैज्ञानिकों के जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों का कहना है कि इस्तीफों की संख्या 100 से अधिक होकर 120 तक पहुंच सकती है।

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सरकार ने जारी किया नया निर्देश

14 जुलाई को जारी एक आंतरिक ज्ञापन (Internal Memorandum), जिसे India Today ने एक्सेस किया है, के अनुसार केंद्र सरकार ने ISRO के सभी केंद्रों को निर्देश दिया है कि गगनयान और अन्य महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े ग्रुप 'A' वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारियों के इस्तीफे या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन सीधे स्वीकार न किए जाएं। अब ऐसे सभी मामलों को अंतिम निर्णय के लिए अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) के पास भेजा जाएगा।

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क्यों अहम है यह फैसला?

भारत का गगनयान मिशन देश का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है और इसे ISRO की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गिना जाता है। ऐसे में अनुभवी वैज्ञानिकों के बड़े पैमाने पर संगठन छोड़ने की खबरों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से अब महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफों पर केंद्रीय स्तर पर फैसला लिया जाएगा।

Stock Market : मामूली बढ़त में रहा Sensex, मुनाफावसूली से टूटा Nifty, उतार-चढ़ाव भरा कारोबार

Stock market closes flat after fluctuating trading session

Share Market Update News : वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स मात्र 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77186.87 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी भी सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24072.75 के स्तर पर रहा। इससे पहले यानी बुधवार को कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 130.49 अंक चढ़कर 77185.43 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 26.45 अंक बढ़कर 24078.50 के स्तर पर पहुंच गया।

 

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स मात्र 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77186.87 के स्तर पर बंद हुआ।

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जबकि एनएसई का निफ्टी भी सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24072.75 के स्तर पर रहा। मुनाफावसूली के कारण बिकवाली के दबाव में रहने वाले प्रमुख शेयरों में एटरनल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक शामिल रहे।

मुनाफा कमाने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo), एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टेक महिंद्रा प्रमुख रहे। इस बीच दक्षिण कोरिया का कोस्पी रिकॉर्ड 6.37 प्रतिशत तक टूट गया। इसके अलावा जापान का निक्की और चीन का शंघाई कंपोजिट भी गिरावट में रहे।

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इससे पहले यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 130.49 अंक यानी 0.16 फीसदी चढ़कर 77185.43 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 26.45 अंक यानी 0.11 फीसदी बढ़कर 24078.50 के स्तर पर पहुंच गया। मिडकैप शेयरों में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

कहां खो गया उर्मिला का कातिल, जमीन खा गई या आसमान निगल गया, 10 हजार का इनाम, पुलिस अब भी खाली हाथ

urmila saini indore murder

इंदौर में डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में पांच दिन बाद भी मुख्य आरोपी और मृतका के पति अखिलेश सैनी का कोई सुराग नहीं मिला है। पता नहीं चल रहा कि उसे जमीन निगल गई कि आसमान खा गया। पुलिस की 4 से ज्‍यादा टीमें अलग-अलग जगहों पर उसकी तलाश में जुटी हैं। आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।

11 जुलाई को बेरहमी से मारा था: 11 जुलाई को डाककुंज कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में 38 वर्षीय पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उनके दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। स्कूल से लौटने पर बच्चों ने घर के अंदर मां का खून से लथपथ शव देखा। वारदात के बाद से उर्मिला का पति अखिलेश सैनी फरार है।

जांच अधिकारियों के मुताबिक अखिलेश ने पूरी वारदात पहले से योजना बनाकर की। पुलिस का मानना है कि उसे यह जानकारी थी कि जांच में मोबाइल फोन सबसे अहम सुराग होता है। इसी वजह से वह अपने दोनों मोबाइल फोन घर पर छोड़कर फरार हुआ, जिससे उसकी लोकेशन और संपर्कों का पता नहीं चल पा रहा है।

पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने फरारी के दौरान नई सिम खरीदी होगी, लेकिन अभी तक इसका कोई सबूत नहीं मिला है। बैंक खाते, यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों से भी उसकी कोई गतिविधि सामने नहीं आई है।

जांच में पता चला है कि आरोपी बच्चों को दोपहिया वाहन की चाबी देने के बाद ऐसे रास्ते से निकला, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। बाद में उसके फुटेज इंदौर रेलवे स्टेशन पर मिले। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि उसने दिल्ली जाने के लिए ट्रेन का टिकट बुक कराया था, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया। इसके बाद वह सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र की ओर जाता दिखाई दिया।

मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगाया था : पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अखिलेश सैनी ने पहले से ही हथियार जुटा रखे थे। घर से एक ऐसा मेडिकल नाइफ बॉक्स मिला है, जिसका इस्तेमाल बड़े ऑपरेशन या डिलीवरी के दौरान गहरे चीरे लगाने के लिए किया जाता है। परिवार का दावा है कि आरोपी ने 7 लेयर कट लगाने वाला विशेष मेडिकल चाकू ऑनलाइन मंगवाया था। कत्ल में इसी का इस्तेमाल किया। हालांकि पुलिस फिलहाल इस सामग्री की जांच कर रही है।

पोस्टमॉर्टम में सामने आई हैवानियत : रिश्तेदारों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने उर्मिला के सिर पर पहला भारी वार किया, ताकि वे शारीरिक रूप से असहाय हो जाए। मौत हो जाने के बाद भी आरोपी नहीं रुका, शव का जबड़ा और चार दांत टूटे हुए थे। गर्दन कटी हुई थी। पूरे चेहरे को चाकुओं से गोद दिया गया था।

पिता को तड़पा-तड़पाकर मारो : इस पूरे मामले में अपनी मां को खो चुके बच्‍चों का बुरा हाल है। बच्‍चों ने पिता के लिए सख्‍त सजा की मांग की है। बेटी प्रेक्षा ने कहा है कि जालिम पिता ने मां को तड़पा-तड़पाकर मारा था। उसे भी वही दर्द मिलना चाहिए। बता दें कि इंदौर की डाककुंज कॉलोनी के ग्राउंड फ्लोर स्थित सरकारी आवास में शनिवार को डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की 11 जुलाई शनिवार को उनके पति अखिलेश सैनी ने बेरहमी से हत्‍या कर दी थी। वो उर्मिला पर लगातार शक करता था। उर्मिला ने भोपाल के निशातपुरा थाने में मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन हर बार आरोपी के परिजन समझौता करा देते थे। हालांकि पुलिस की जांच जारी है।