विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


भोपाल। मध्यप्रदेश में सांदीपिनि विद्यालय प्रदेश में शिक्षा के नए मंदिर के तौर पर स्थापित हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कटनी में सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज विद्यार्थी विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति सभी के प्रति मैत्री और कल्याण का भाव रखने का संदेश देती है। कृष्ण-सुदामा का प्रसंग भी हमें मैत्री के भाव को पूर्ण गरिमा और आत्मीयता के साथ निभाने का संदेश देता है। यह प्रसंग हमें अमीर-गरीब का भेद मिटाकर समरसता का संदेश भी देता है। भगवान कृष्ण का शिक्षा के लिए सांदीपनि आश्रम उज्जैन आगमन और शिक्षा ग्रहण कर उनका 64 कलाओं 14 विद्याओं में पारंगत होना हमें शिक्षा का महत्व बताता है।

राज्य सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दे रही हैं। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय सर्वसुविधा युक्त गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का माध्यम बन रहे है। इसी का परिणाम है कि विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं।

शासकीय शालाओं में बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें और साइकिलें प्रदान की जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और अगर कोई विद्यार्थी स्कूल में टॉप करता है तो उसे स्कूटी दी जा रही है। राज्य में गुरुपूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं, इसीलिए विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के लिए कुलगुरु संबोधन की परंपरा शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्रवासियों को झिंझरी और बहोरीबंद सांदीपनि विद्यालयों की सौगात दी। झिंझरी का सांदीपनि विद्यालय 38 करोड़ 61 लाख रुपए तथा बहोरीबंद का सांदीपनि विद्यालय 35 करोड़ 63 लाख रुपए से अधिक लागत से बनकर तैयार हुआ। यहां उपलब्ध सुविधाएं गुरुकुल की गरिमा और डिजिटल युग की दक्षता का समन्वय प्रस्तुत करती हैं।

Top News 18 July: सोनम वांगचुक के अनशन पर एक्शन, अंतरिक्ष में PM मोदी का ‘वंदे मातरम’ पोस्टकार्ड

top news 18 july

Top News 18 July : दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। ईरान पर अमेरिका के हमले जारी। वंदे मातरम लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा भारत। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं। लॉर्ड्स में रविवार को रोहित शर्मा का आखिरी वनडे नहीं। 18 जुलाई की खास खबरें : 

 

सोनम वांगचुक के अनशन पर बड़ा एक्शन

जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी। वे अब वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी अनशन स्थल खाली करने को कहा है। ALSO READ: अनशन से बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई

 

ईरान में अमेरिकी हमले जारी

ईरान में 7वें दिन भी अमेरिकी हमले जारी हैं। अमेरिकी सेना ने कार्रवाई और हवाई हमलों के दौरान ईरान में पुलों और पानी के प्लांट पर बम बरसाए हैं। अमेरिकी सेना की कार्रवाई होर्मुज में गतिरोध को लेकर ट्रंप की धमकी के बाद हो रही है।

 

वंदे मातरम लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा भारत

प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस 18 जुलाई को विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वंदे मातरम' लिखा हाथ से लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा। यह भारत के पहले निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट की टेस्ट उड़ान होगी, जिसमें कई टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन और विशेष पेलोड भी शामिल हैं।

 

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा नहीं

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रियों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बंद रहेगा। उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से कहा कि वे इस उपाय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पहले से ही जरूरी इंतजाम कर लें।

 

लॉर्ड्स में रोहित शर्मा का आखिरी वनडे नहीं

बीसीसीआ के सचिव देवजीत सैकिया ने उन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि इंग्लैंड के खिलाफ रविवार को लॉर्ड्स में खेला जाने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा के करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है। उन्होंने कहा- रोहित भारतीय वनडे टीम के नियमित सदस्य हैं और जब तक वह टीम की योजनाओं का हिस्सा रहेंगे, तब तक देश का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।

बांग्लादेशी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों मांगा जा रहा है?

protest in bangladesh on exams in flood

प्रभाकर मणि तिवारी

भारत में नीट समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच पड़ोसी बांग्लादेश में भी नाराज छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ALSO READ: चैट जीपीटी के ज्यादा इस्तेमाल से दिमाग कमजोर होने का डर

 

भारत में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग में दिल्ली में अनशन और धरना जारी है। इसमें जाने-माने पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी हिस्सा ले रहे हैं। अब बीते चार-पांच दिनों से बांग्लादेश में छात्रों की नाराजगी लगातार तेज हो रही है। नाराज छात्र देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री डॉ। एएनएम एहसानुल हक मिलन के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं।

 

क्यों फूटा बांग्लादेश के छात्रों में गुस्सा?

बांग्लादेश में छात्रों की नाराजगी की नाराजगी की वजह से भयावह बाढ़ के बीच हायर सेकेंडरी बोर्ड की परीक्षाएं जारी रखने का सरकार का फैसला है। ये परीक्षाएं बीती दो जुलाई से शुरू हुई थीं, लेकिन बीते सप्ताह से बाढ़ की हालत और बिगड़ी है।

 

देश फिलहाल साल की सबसे भयावह बाढ़ से जूझ रहा है। इसकी वजह से अब तक कम से 54 लोगों की मौत हो चुकी है और दस लाख से ज्यादा लोग फंस गए हैं। कई इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए हैं।

 

छात्रों ने पहले लगातार होने वाली भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार से परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की थी। उनकी दलील थी कि मौसम की वजह से ज्यादातर छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में बड़ी परेशानी हो रही है। कइयों के मकान डूब गए हैं। लेकिन सरकार ने आगे मौसम में सुधार का दावा करते हुए परीक्षाओं को जारी रखने का फैसला किया। इससे छात्रों की नाराजगी भड़क उठी।

 

कितने बड़े स्तर पर हो रहा है विरोध प्रदर्शन

नाराज छात्रों ने शिक्षा में राजनीति के दखल का विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग में राजधानी ढाका समेत विभिन्न शहरों में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। करीब 19 हजार छात्रों ने सोमवार को होने वाली परीक्षा में भी हिस्सा नहीं लिया।

 

विरोध-प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री की एक टिप्पणी ने छात्रों की नाराजगी की आग में घी डालने का काम किया। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों को 'ब्रायलर मुर्गी' करार दे दिया। उसके बाद आंदोलन और तेज हो गया। राजधानी ढाका में हजारों छात्र संसद भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगह पुलिस के साथ भी उनकी भिड़ंत हुई। पुलिस उनको तितर-बितर कर रही है। लेकिन कुछ देर बाद ही छात्र दोबारा वहां जुट रहे हैं। देश में कई हाईवे की भी नाकेबंदी की गई है।

 

विरोध प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने नाम नहीं छापने की शर्त पर डीडब्ल्यू से कहा, “कई छात्रों को कमर तक पानी और कीचड़ में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना पड़ रहा है। सैकड़ों छात्र नाव से वहां तक पहुंच रहे हैं। जलभराव और बाढ़ के कारण सैकड़ों छात्र समय पर परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कुछ छात्रों के लिए तो परीक्षा केंद्र तक पहुंचना संभव ही नहीं है। ऐसे में हमारे पास शांतिपूर्ण आंदोलन के सिवा कोई चारा नहीं बचा है। शिक्षा मंत्री को फौरन इस्तीफा दे देना चाहिए।” ALSO READ: टैक्स चोरी रोक कर अरबों यूरो कमाना चाहती है जर्मन सरकार

 

छात्रों को अभिभावकों से मिल रहा है पूरा समर्थन

इस आंदोलन को छात्रों के अभिभावकों का भी समर्थन मिल रहा है। एक छात्र के अभिभावक अमीनुल हक डीडब्ल्यू से कहते हैं, “मौजूदा स्थिति में जान-माल की रक्षा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है। लेकिन सरकार को परीक्षा की पड़ी है। जान बची तो परीक्षा तो बाद में भी हो सकती है।”

 

संसद भवन के सामने छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने पहुंची एक छात्र की मां शमीमा खातून (बदला हुआ नाम) डीडब्ल्यू से कहती हैं, “बाढ़ की मौजूदा परिस्थिति में परीक्षा आयोजित करने का फैसला गले से नीचे नहीं उतरता। ऊपर से छात्रों की मांग पर विचार करने की बजाय शिक्षा मंत्री उनको 'ब्रायलर मुर्गी 'कह रहे हैं। सोमवार को करीब 19 हजार छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?” 

 

उनका कहना था, “मैं एक मां के तौर पर छात्रों की मांग का समर्थन करती हूं। यह उनके भविष्य का सवाल है।”  ALSO READ: एआई प्रेमियों से बिछड़ने के गम में डूबे चीन के यूजर

 

बांग्लादेश की संसद में भी गूंजा छात्र आंदोलन का मामला

छात्रों के इस आंदोलन का मुद्दा संसद में भी उठ चुका है। निर्दलीय सांसद रूमीन फरहाना ने संसद में शिक्षा मंत्री से सवाल किया कि आखिर मौजूदा परिस्थिति में परीक्षाएं क्यों नहीं टाली जा रही हैं? इस पर मंत्री का जवाब था कि मौसम विभाग ने सोमवार को बारिश नहीं होने की भविष्यवाणी की थी। मौसम बेहतर रहने के पूर्वानुमान के कारण ही उस दिन देश भर के 27 सौ केंद्रों में परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया गया था। लेकिन उस दिन भारी बारिश के कारण कई इलाके नए सिरे से डूब गए थे।

 

छात्रों के तेज होते आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री ने बुधवार को अपनी टिप्पणी के लिए संसद में माफी मांग ली है। लेकिन इससे परिस्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। शिक्षा मंत्री का कहना था, “सरकार सोमवार को भारी बारिश और विभिन्न इलाकों में जलभराव के बावजूद आयोजित तीन परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करने पर विचार कर रही है।”

 

चटगांव गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल की एक वरिष्ठ शिक्षिका फातिमा अख्तर (बदला हुआ नाम) डीडब्ल्यू से कहती हैं, “पूरा जिला बाढ़ में डूबा है। परीक्षा लायक हालात ही नहीं हैं। ऐसे में परीक्षा के आयोजन और उसे जारी रखने का फैसला सही नहीं था। छात्राओं को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में बड़ी परेशानी हो रही है। कई छात्राएं तो चाह कर भी नहीं पहुंच सकती। कई शहरी इलाकों में भी पानी और कीचड़ भरा है। साथ ही लगातार भारी बारिश हो रही है।”

 

बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार रिजवान अहमद डीडब्ल्यू से कहते हैं, “शिक्षा मंत्री के फैसले और टिप्पणी ने छात्रों की नाराजगी भड़का दी है। अब छात्र उनके इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं और वो इस्तीफा नहीं देने पर। ऐसे में फिलहाल गतिरोध टूटने के आसार कम ही हैं।”

LIVE: सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती, जंतर मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटाया, क्या बोली दिल्ली पुलिस?

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Latest News Today Live Updates in Hindi : जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर से हटाया गया। पल पल की जानकारी…

 

तबीयत बिगड़ने के बाद जंतर मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

-दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर मंतर को खाली कराने की अपील की।

-जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाए जाने के बाद, वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को हटाया गया।

-कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके का दावा, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।

-जंतर मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम। भारी पुलिस बल तैनात।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार और सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह पर, उन्हें आवश्यक चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है।
 

पोस्ट में कहा गया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिससे थोड़ा हंगामा हुआ, हालांकि पुलिस ने अत्यधिक संयम बरता और इस प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्वक इस स्थान को खाली कर दें।

अनशन से बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई

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Sonam Wangchuk news in hindi : जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी। ALSO READ: Who is Neha Bora : कौन हैं नेहा बोरा? CJP प्रोटेस्ट के बाद क्यों हैं चर्चा में, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो

 

डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने की वजह से सोनम वांगचुक का वजन लगातार घट रहा था। आज सुबह दिल्ली पुलिस की एक टीम जंतर मंतर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई।

 

सतीश लांबा ने बताया कि शुक्रवार को उनका वजन 56.55 किलोग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 350 ग्राम कम हुआ है। उनका ब्लड प्रेशर 108/68, ब्लड शुगर 70 एमजी/डीएल और हार्ट रेट 72 बीट प्रति मिनट दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि शरीर में हल्का डिहाइड्रेशन है। पहले शरीर की चर्बी कम हुई, उसके बाद मांसपेशियां प्रभावित होने लगीं और अब लंबे समय तक अनशन जारी रहने पर शरीर के अन्य अंगों पर भी असर पड़ने की आशंका है। ALSO READ: राहुल गांधी के 'धुरंधर' पवन खेड़ा पहुंचे सोनम वांगचुक से मिलने, मोदी सरकार पर साधा निशाना

 

शुक्रवार को हुआ था सोनम वांगचुक पर हमला!

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर हमला किया गया। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा- जंतर-मंतर पर गुंडों ने सोनम सर पर हमला करने की कोशिश की। उन पर कोई वस्तु फेंकी गई, लेकिन सौभाग्य से उन्हें चोट नहीं आई। 

 

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक नीट परीक्षा मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे थे। उन्हें कांग्रेस, सपा, एनसीपी एसपी, आदमी पार्टी समेत की विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा था।

UCC पर CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, बोले- MP में एक शादी वालों को ही मिलेगा कानूनी अधिकार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की जोरदार वकालत करते हुए बड़ा बयान दिया है। कटनी में एक स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अब केवल एक शादी करने वाले लोगों को ही कानूनी रूप से रहने का अधिकार मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में तीन तलाक का दौर समाप्त हो चुका है और अब सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए।

 

 हिंदू और मुस्लिम के लिए अलग-अलग कानून क्यों?”

 

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब राम एक ही विवाह करते हैं तो रहीम को तीन-चार विवाह की अनुमति क्यों होनी चाहिए? मुस्लिम महिलाएं भी हमारी बहनें हैं। अब मध्य प्रदेश में केवल एक विवाह करने वालों को ही कानूनी रूप से रहने का अधिकार मिलेगा।”

तीन तलाक पर सख्त टिप्पणी

सीएम यादव ने कहा कि “यदि कोई 'तलाक, तलाक, तलाक' कहेगा तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। तीन तलाक का युग खत्म हो चुका है। सभी को केवल एक विवाह का अधिकार है। हम सभी भारत माता की संतान हैं, ऐसे में भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं उठता।”

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UCC लागू करने की दोहराई प्रतिबद्धता

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह ऐसे मुद्दों को हिंदू-मुस्लिम नजरिए से देखती है, जबकि राज्य सरकार सभी नागरिकों के लिए समान कानून की पक्षधर है। यह पिछले दो दिनों में दूसरी बार है जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सार्वजनिक मंच से UCC लागू करने की बात दोहराई है।

UCC समिति ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट

गौरतलब है कि हाल ही में सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने मध्य प्रदेश सरकार को UCC पर अपनी रिपोर्ट सौंपी है। समिति ने राज्यभर में सभी धर्मों, विभिन्न वर्गों और राजनीतिक दलों के लोगों से चर्चा की तथा 10 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव प्राप्त किए। रिपोर्ट में आदिवासी समुदाय को UCC के दायरे से बाहर रखने की सिफारिश की गई है।

जल्द लागू होगी समान नागरिक संहिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में हमारी सरकार एक देश, एक विधान, एक प्रधान और एक निशान के संकल्प को पूरा करेगी। सभी धर्मों के लोगों के लिए एक समान कानून लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए उच्चस्तरीय समिति ने प्रदेशभर के करीब 10 लाख लोगों से सुझाव लिए। लगभग 76 प्रतिशत मुस्लिम बहनों ने यूसीसी के पक्ष में अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन के सुगम आवागमन के लिए 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा' की शुरुआत कर रही है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के नए प्रतिमान स्थापित करते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों को जोड़ने के लिए प्रदेश के सभी जिलों और विकासखंडों में भव्य सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। जहां बच्चों को सर्व सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।

सीएम डॉ. यादव बोले- विकास की नई ऊंचाइयां छूएगा राज्य

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 जुलाई को पंजाब के जालंधर छावनी रेलवे स्टेशन से देश के 20 राज्यों में विकसित किए गए 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इनमें मध्यप्रदेश के पुर्नविकसित टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो के प्रवेश द्वार तरिचर, हरपालपुर, सांची, अशोकनगर, बालाघाट, ब्यौहारी, छिंदवाड़ा, जुन्नारदेव, नैनपुर जंक्शन, विदिशा, शिवपुरी और भिंड कुल 13 अमृत भारत रेलवे स्टेशन शामिल हैं।

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन से अमृत भारत स्टेशनों के लोकार्पण कार्यक्रम में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को 13 अमृत भारत स्टेशन के रूप में ऐतिहासिक सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त कर कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

उन्होंने कहा कि 75 अमृत भारत स्टेशनों का एक साथ शुभारंभ भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और विकसित भारत के संकल्प की ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुर्नविकसित टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन क्षेत्र के विकास, पर्यटन और जनसुविधाओं का नया केंद्र बनेगा। नए अमृत भारत स्टेशन मध्यप्रदेश को नई पहचान, नया सम्मान और विकास की नई दिशा देंगे। हमारे लिए ये स्टेशन समृद्ध और गौरवशाली विरासत का प्रतिबंब हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q1 FY27 नतीजे, 3.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा रेवेन्यू, जियो-रिटेल ने दिखाया दम

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। रिलायंस का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 24.5 फीसदी बढ़कर 3,40,257 करोड़ रुपए पहुंच गया। कंपनी के सभी प्रमुख कारोबारों—जियो, रिटेल, O2C और न्यू एनर्जी—से बेहतर प्रदर्शन को इसका सहारा मिला।

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रिलायंस का EBITDA और मुनाफा बढ़ा

 

Q1 FY27 में रिलायंस का कंसोलिडेटेड EBITDA 10.1 फीसदी बढ़कर 54,067 करोड़ रुपए रहा। इसमें जियो और O2C कारोबार का बड़ा योगदान रहा। वहीं कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट और एसोसिएट्स व जॉइंट वेंचर्स में हिस्सेदारी से जुड़ा लाभ 6.1 फीसदी बढ़कर 23,196 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी का कुल कर्ज भी थोड़ा कम हुआ है। 30 जून 2026 तक रिलायंस का कंसोलिडेटेड नेट डेट 1,22,914 करोड़ रुपए रहा, जो मार्च 2026 में 1,24,717 करोड़ रुपए था।

 

Jio True5G ने पकड़ी रफ्तार, 28.5 करोड़ ग्राहक जुड़े

 

रिलायंस जियो ने टेलीकॉम सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ और बढ़ाई है। जून 2026 तक जियो के कुल ग्राहक बढ़कर 53.33 करोड़ पहुंच गए। इस तिमाही में कंपनी ने 89 लाख नए ग्राहक जोड़े। Jio True5G का ग्राहक आधार बढ़कर करीब 28.5 करोड़ हो गया है। पिछले एक साल में जियो के 5G ग्राहकों में 7.3 करोड़ की वृद्धि हुई है।

 

कंपनी के मुताबिक, जियो नेटवर्क पर अब 5G डेटा ट्रैफिक 4G डेटा ट्रैफिक से करीब 1.5 गुना ज्यादा हो गया है। वहीं प्रति ग्राहक औसत डेटा खपत बढ़कर 43.7GB प्रति माह पहुंच गई है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस तिमाही में रिकॉर्ड EBITDA दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 15.1 फीसदी बढ़कर 20,865 करोड़ रुपए रहा। जियो का नेट प्रॉफिट भी 9.2 फीसदी बढ़कर 7,764 करोड़ रुपए पहुंच गया।

 

जियो एयरफाइबर और ब्रॉडबैंड में भी बढ़त

जून 2026 तक जियो के फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या बढ़कर 2.86 करोड़ हो गई है। पिछले 12 महीनों में करीब 86 लाख नए ग्राहक जुड़े हैं। जियो का ब्रॉडबैंड मार्केट शेयर 43 फीसदी से अधिक हो गया है। वहीं जियो एयरफाइबर का ग्राहक आधार 1.40 करोड़ से ज्यादा पहुंच गया है।

 

रिलायंस रिटेल का प्रदर्शन भी मजबूत

 

रिलायंस रिटेल ने Q1 FY27 में 90,408 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 7.4 फीसदी ज्यादा है। कंपनी के स्टोर नेटवर्क की संख्या बढ़कर 20,169 स्टोर हो गई है। तिमाही के दौरान रिलायंस रिटेल में कुल 56.8 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जो पिछले साल के मुकाबले 46 फीसदी ज्यादा हैं। रजिस्टर्ड ग्राहक आधार भी बढ़कर 39.6 करोड़ पहुंच गया।

JioHotstar ने बनाया रिकॉर्ड

 

रिलायंस के मीडिया कारोबार JioStar ने पहली तिमाही में 10,946 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दर्ज किया। JioHotstar के मंथली एक्टिव यूजर्स (MAUs) बढ़कर रिकॉर्ड 53 करोड़ पहुंच गए। IPL 2026 की डिजिटल और टीवी प्लेटफॉर्म पर संयुक्त पहुंच 1.2 अरब दर्शकों तक पहुंची। जियोस्टार टीवी एंटरटेनमेंट में 34 फीसदी व्यूअरशिप हिस्सेदारी के साथ आगे रहा।

O2C कारोबार का शानदार प्रदर्शन

रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार का रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। Q1 FY27 में O2C सेगमेंट का रेवेन्यू 30.4 फीसदी बढ़कर 2,01,806 करोड़ रुपए रहा। इस कारोबार का EBITDA भी सालाना आधार पर 17.2 फीसदी बढ़कर 17,010 करोड़ रुपए पहुंच गया।

बिजनौर में CM योगी का बड़ा हमला, बोले- गुंडा-माफियाराज चाहने वालों को जिन्ना पसंद, हमें गन्ना पसंद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री बिजनौर आने से बचते थे और इसे अपशकुन मानते थे। दरअसल, वह स्वयं अपशकुन थे, इसलिए बिजनौर उन्हें स्वीकार नहीं करता था। जिस धरती पर भगवान श्रीकृष्ण महात्मा विदुर के घर साग खाने आए हों और जहां मां गंगा का पावन सानिध्य प्राप्त होता हो, उस पवित्र भूमि पर आने से कोई कैसे मना कर सकता है।

आज बिजनौर विकास की नई पहचान बन चुका है। जनपद में हाईवे, रेलवे, मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है। अब विकास का पैमाना लखनऊ नहीं, बल्कि जनता द्वारा चुने गए सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि तय करते हैं। बिजनौर की समृद्धि, किसानों की मेहनत, युवाओं की ऊर्जा, व्यापारियों के नवाचार और नगीना के कारीगरों की उद्यमशीलता जनपद को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को बिजनौर एवं चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों में 1003 करोड रुपए से अधिक लागत की 76 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इसके साथ ही सीएम योगी ने विभिन्न लाभार्थियों को चेक/प्रमाण पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम स्थल में प्रदर्शनी का अवलोकन करने के दौरान सीएम ने दो खिलाड़ियों को मेडल भी दिए।

 

हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है

मुख्यमंत्री  ने कहा कि जिन लोगों को दंगायुक्त, गुंडायुक्त और माफियाराज वाला बिजनौर चाहिए था, वे बांटने वाले लोग हैं, जिन्हें जिन्ना पसंद हैं। हमें जिन्ना नहीं, हमें गन्ना पसंद है। इसी सोच के साथ सरकार ने गन्ना किसानों का मूल्य बढ़ाया है और प्रदेश को अपराध, दंगा, कर्फ्यू व माफिया से मुक्त बनाया है। पहले की सरकारें अपराध व उपद्रव पर नियंत्रण नहीं कर पाती थीं, इसलिए कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों पर रोक लगा दी जाती थी। अब कानून-व्यवस्था मजबूत होने के कारण ये सभी धार्मिक आयोजन धूमधाम से संपन्न हो रहे हैं। आज प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं, व्यापारी निर्भय होकर कारोबार कर रहे हैं और किसान बिना डर के अपने खेतों में जा रहे हैं। बिजनौर का तेजी से हो रहा विकास जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का परिणाम है। सांसद और विधायक लगातार लखनऊ और दिल्ली में जनपद की विकास योजनाओं की पैरवी करते हैं, जिसके चलते विकास कार्य तेजी से जमीन पर उतर रहे हैं।

 

नर्सिंग की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा

सीएम ने कहा कि बिजनौर के समग्र विकास के लिए डबल इंजन की सरकार जरूरी थी और प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में यह विकास धरातल पर दिखाई दे रहा है। सरकार गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर से होकर हरिद्वार तक जोड़ने की दिशा में काम करेगी। मेडिकल कॉलेज के बाद अब नर्सिंग कॉलेज की आधारशिला भी रख दी गई है, जिससे स्वास्थ्य शिक्षा को नई गति मिलेगी। अब बिजनौर की बेटियों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा। नर्सिंग क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी दी जा सकती है, इसलिए यह संस्थान जिले की बेटियों के लिए नए रोजगार और बेहतर भविष्य का माध्यम बनेगा।

 

अब माफिया व अपराध मुक्त है बिजनौर 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो विकास कार्य आज हो रहे हैं, वे 2017 से पहले भी हो सकते थे, लेकिन उस समय इच्छाशक्ति का अभाव था। जनप्रतिनिधियों ने मुझसे कहा था कि गन्ना मूल्य 400 रुपये तक हो जाए तो अच्छा रहेगा। मैंने कहा, चिंता मत करिए, हम 400 रुपये ही कर देंगे। 2017 से पहले गन्ना किसानों को 10-10 वर्षों तक भुगतान नहीं मिलता था, नई गन्ना किस्में उपलब्ध नहीं कराई जाती थीं, किसान परेशान था, नौजवान पलायन कर रहा था और व्यापारी भय के साये में जीने को मजबूर थे। वर्ष 2016 में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए के एक डिप्टी एसपी और उनकी पत्नी की बिजनौर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जो उस समय की कानून-व्यवस्था की स्थिति दर्शाता है। उस दौर में माफिया व अपराधियों का बोलबाला था, जबकि आज सरकार के संकल्प के अनुरूप बिजनौर माफिया व अपराध से मुक्त होकर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

 

समाज को बांटने वालों से सावधान रहें

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर देश विभाजन का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक खामियाजा विस्थापित सिख व हिंदू परिवारों को उठाना पड़ा। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं व दलितों पर हो रहे अत्याचारों का भी उल्लेख किया। सीएम ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और योगेंद्र नाथ मंडल का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने देश-समाज के हित में काम किया, जबकि योगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान चले गए और बाद में उन्हें लौटना भी पड़ा। आज भी कुछ लोग नाम बाबा साहब का लेकर काम योगेंद्र नाथ मंडल वाला कर रहे हैं। कुछ राजनीतिक दल जाति के नाम पर समाज को बांटने और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी प्रवृत्तियों से सतर्क रहने की जरूरत है। इन लोगों के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है। डबल इंजन सरकार ने किसानों की कर्जमाफी, कृषक दुर्घटना बीमा, गरीबों को आवास और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है।

 

पहले 100 में 85 रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते थे, अब पूरा पैसा सीधे बैंक खाते में

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले केंद्र से भेजा गया धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। पूर्व प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पहले 100 रुपये भेजने पर केवल 15 रुपये ही जरूरतमंद तक पहुंचते थे, जबकि बाकी पैसा बीच में ही खा लिया जाता था। यही लोग आज सपा व कांग्रेस के रूप में जनता के सामने हैं। पहले गरीबों के राशन, किसानों, छात्रवृत्ति, आवास, पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं का पैसा बीच में ही गायब हो जाता था, लेकिन अब डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं का पैसा एक क्लिक पर सीधे खातों में पहुंच रहा है। साथ ही राशन वितरण की भी डिजिटल निगरानी की जा रही है और गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई होती है।

 

विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं

सीएम ने दोहराया कि प्रदेश सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। जनप्रतिनिधियों से सड़कों, पुल व फ्लाईओवर की जरूरतों के मुताबिक प्रस्ताव मांगे गए हैं। उन्होंने मंच से विधायक शुचि चौधरी की फ्लाईओवर की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि प्रस्ताव मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य हर गांव को बेहतर सड़क संपर्क देना, किसानों के चेहरे पर खुशहाली लाना और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। अब बिजनौर के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को भी पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। जिले के युवा अपना उद्यम भी स्थापित कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को 'बीमारू राज्य' से देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में पहुंचाने का काम किया है।

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निम्न लाभार्थियों को चेक/प्रमाण पत्र व स्वीकृत पत्र वितरित किए।

 

अनुष्का सिसौदिया (नियुक्ति पत्र)

नैना (कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत कार्ड)

शिखा रानी (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक)

हरबीर सिंह (कस्टम हायरिंग योजना के तहत सेंटर की चाभी) 

जानी देवी (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत पत्र)

अनुज कुमार गुप्ता (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत 50 हजार रुपये का चेक)

मोनिका (आंगनवाड़ी कार्यकत्री नियुक्ति पत्र)

अनीता देवी (नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत नंदनी कृषक समृद्धि योजना के लिए 21 लाख रुपये से अधिक का चेक)

करतार सिंह (मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख रुपये का चेक)

निशा (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना के तहत 4.5 लाख रुपये का चेक)

मीनू (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)

सुशीला, रिंकी (राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 11 करोड़ रुपये का चेक)

संजो देवी (दुघर्टना राहत के तहत 38 लाख का चेक)

गौरव कुमार (पंचायत कल्याण कोष योजना के तहत 10 लाख का चेक)

रिचा अग्रवाल (प्रशस्ति पत्र)

 

इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद चंदन चौहान, विधान परिषद सदस्य डॉ. हरी सिंह ढिल्लों,  अशोक कटारिया, डॉक्टर जयपाल सिंह व्यस्त, विधायक सुचि चौधरी, अशोक कुमार राणा, ओम कुमार, कुंवर सुशांत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी शाकेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिला अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, प्रदेश मंत्री दीप माला संतोषी, क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष ओमपाल कश्यप, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष इंदिरा सिंह आदि मौजूद रहे।

Jio True5G का जलवा जारी, 28.5 करोड़ ग्राहकों के साथ 5G मार्केट में और मजबूत हुई पकड़

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जियो ने 5G और डिजिटल कनेक्टिविटी के दम पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है। रिलायंस के तिमाही नतीजों में इसकी तस्वीर और साफ हो गई। जियो का कुल ग्राहक आधार बढ़कर 53.33 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि जियो True5G का सब्सक्राइबर बेस जून 2026 तक 28.5 करोड़ के आंकड़े को छू गया। पिछले 12 महीनों में जियो के 5G ग्राहकों की संख्या में 7.3 करोड़ की तेज बढ़ोतरी हुई है।

 

सिर्फ 5G ग्राहकों की संख्या ही नहीं बढ़ी, जियो के नेटवर्क पर 5G डेटा ट्रैफिक अब 4G डेटा ट्रैफिक का करीब 1.5 गुना हो चुका है। नतीजों में कुछ और दिलचस्प आंकड़े भी सामने आए। जियो नेटवर्क पर प्रति ग्राहक डेटा खपत 43.7 GB प्रति माह रही, जबकि तिमाही के दौरान कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 बिलियन GB तक पहुंच गया। यह संकेत देता है कि भारत में अगली पीढ़ी के मोबाइल नेटवर्क पर जियो की पकड़ तेजी से गहरी हो रही है।

 

मोबाइल कनेक्शन्स के मोर्चे पर भी जियो की रफ्तार बनी रही। तिमाही के दौरान जियो का नेट सब्सक्राइबर एडिशन 89 लाख रहा। जून ’26 तक कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ तक पहुंच गया। ग्राहक संख्या में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है, जब कंपनी 5G नेटवर्क पर उपयोग और डेटा खपत, दोनों मोर्चों पर मजबूत रफ्तार दिखा रही है।

 

फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में भी जियो की स्थिति मजबूत हुई है। जून 2026 तक कुल फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स 2.86 करोड़ रहे। पिछले 12 महीनों में करीब 86 लाख नए एडिशन हुए, जिससे जियो का मार्केट शेयर 43% से अधिक हो गया। जियो एयरफाइबर का कुल सब्सक्राइबर बेस 1.4 करोड़ से अधिक रहा और इसने पिछले 12 महीनों में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड एडिशन में 75% से अधिक योगदान दिया।

 

जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशनल प्रदर्शन भी मजबूत रहा। पहली तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का रिकॉर्ड EBITDA Y-o-Y आधार पर 15.1% बढ़कर ₹20,865 करोड़ रहा। रिकॉर्ड EBITDA मार्जिन 53.3% दर्ज किया गया। इसी दौरान जियो का नेट प्रॉफिट Y-o-Y आधार पर 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।

 

मोबाइल 5G, डेटा खपत और होम ब्रॉडबैंड, तीनों मोर्चों पर बढ़त यह दिखाती है कि जियो केवल ग्राहक संख्या में ही नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी की डिजिटल कनेक्टिविटी के वास्तविक इस्तेमाल में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि रिलायंस ने FY27 की मजबूत शुरुआत की है। सभी कारोबारों ने मज़बूत ऑपरेटिंग परफ़ॉर्मेंस किया है। हमारे अलग-अलग तरह के बिज़नेस पोर्टफ़ोलियो ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है, वह भी ऐसी तिमाही में जब भू-राजनीतिक तनाव जारी रहे और कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रहा। 

 

इस तिमाही में डिजिटल सर्विसेज़ बिज़नेस की ग्रोथ की रफ़्तार बनी रही। मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सर्विसेज़ में जियो का प्रदर्शन शानदार रहा, जिससे सालाना आधार पर कमाई में 15% की अच्छी ग्रोथ हुई। तिमाही के दौरान जियो  प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने SEBI के पास अपना DRHP फ़ाइल किया, जो इसकी पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाला IPO जियो के सफ़र में एक अहम पड़ाव होगा और निवेशकों को भारत की डिजिटल ग्रोथ स्टोरी में शामिल होने का मौका देगा। 

 

रिलायंस रिटेल ने इस तिमाही में दमदार ग्रोथ दिखाई है और सभी कंज़म्पशन फ़ॉर्मेट और चैनलों में अच्छा परफॉर्मेंस किया है। हमारी ओमनी-चैनल मौजूदगी लाखों भारतीय ग्राहकों को सेवा दे रही है और मुझे भरोसा है कि यह भारत की लॉन्ग-टर्म कंज़म्पशन ग्रोथ का फ़ायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

 

कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स बिज़नेस तेज़ी से बढ़ रहा है और FMCG ब्रांड्स का पोर्टफ़ोलियो भारतीय ग्राहकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। RCPL का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में दो गुना से ज़्यादा हो गया है।

 

O2C बिज़नेस ने तिमाही के दौरान दमदार प्रदर्शन किया, जिसमें ऑल-टाइम हाई मिडिल डिस्टिलेट क्रैक्स और बेहतर डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल डेल्टाज़ का योगदान रहा। यह कामयाबी मुश्किल ग्लोबल एनर्जी मार्केट और सप्लाय चेन में रुकावटों के बावजूद मिली। हमारी टीमों ने ऑपरेशनल-एजिलिटी के साथ इस मुश्किल माहौल का सामना किया और घरेलू बाज़ार में ज़रूरी ईंधन और मटीरियल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की।

 

इस तिमाही में, मूडीज़ रेटिंग्स ने हमारे विदेशी मुद्रा डेट इश्युएंस को “Baa1” में अपग्रेड किया, जो हमारे कैश फ़्लो और वित्तीय स्थिति की मज़बूती को दिखाता है।

 

मुझे अपने बिज़नेस की मज़बूती और अपने लोगों के प्रतिभा व प्रतिबद्धता पर पूरा भरोसा है। FY27 की शुरुआत मुझे आने वाले साल के बारे में नई उम्मीद देती है, क्योंकि हम नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने और जियो IPO के ज़रिए वैल्यू अनलॉक करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

जहां हर मिनट उफनता था 25 हजार लीटर पानी, जानें कैसे बनी वो टनल, सीएम डॉ. यादव ने करीब से देखा ड्रीम प्रोजेक्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश का इंजीनियरिंग मार्वल यानी चमत्कार 'स्लीमनाबाद टनल' करीब-करीब तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जुलाई को कटनी जिले में इसका निरीक्षण किया। यह टनल सीएम डॉ. मोहन यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस टनल से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस तरह पूरे विंध्य-महाकौशल क्षेत्र की खेती की तस्वीर और तकदीर ही बदल जाएगी। 

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 8 घंटे की तीन शिफ्ट में टनल बनाने के लिए काम शुरू किया गया। वर्ष 2015 तक कुल 1406 मीटर टनल बोरिंग होने से इसकी गति बढ़ाने की आवश्यकता थी। लेकिन वर्ष 2016 से टनल के अपस्ट्रीम छोर से जर्मनी से लाई गई आधुनिक मशीन से खुदाई की गई। इसके बाद इंजीनियर, टेक्नीशियन और मजदूर सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार की चुनौतियां बढ़ती चली गईं। टनल निर्माण के लिए लंबा संघर्ष रहा है और अब वर्ष 2026 में सफलता मिली है। जब वर्ष 2023 में राज्य में नई सरकार बनी तो ठेकेदार ने हाथ खड़े कर दिए थे। मशीनें पुरानी हो गईं थीं और एक मशीन से खुदाई जारी रही। टनल तैयार होने के बाद अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम में लगभग ढाई लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। 

 

विज्ञान का चमत्कार है यह टनल-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र हर प्रकार के संसाधनों से परिपूर्ण है, लेकिन कुछ स्थानों पर पानी की कमी की चुनौती सामने आती है। यह टनल कटनी, रीवा और सतना सहित 5 जिलों के लिए अमृतधारा बनेगी। नर्मदा नदी तो खंभात की खाड़ी में जाकर मिलती है, लेकिन यह विज्ञान का चत्मकार ही है कि अब मां नर्मदा इस ऐतिहासिक टनल के माध्यम से गंगा बेसिन में सोन नदी के आसपास के अंचल में भी हरियाली लाएगी। किसानों और क्षेत्र के व्यापारियों के लिए यह टनल एक वरदान की तरह है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह परियोजना भविष्य में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में केस स्टडी सिद्ध होगी। भीषण से भीषण भूकंप आने पर भी टनल 100 साल तक सुरक्षित रहेगी। कई स्थानों पर टनल की गहराई जमीन से नीचे 120 फीट तक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टनल परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए 1600 करोड़ रुपए की राशि में केंद्र सरकार ने लगभग 275 करोड़ की राशि प्रदान की है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते आज यह चुनौतिपूर्ण टनल परियोजना पूरी होने की ओर बढ़ रही है। 

बढ़ेगा सिंचाई का रकबा-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय ऐसा भी आया जब लगा कि टनल तैयार होने का असंभव जैसा है। लेकिन जब संकल्प बड़ा होता है और पवित्र मन से कार्य किया जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। राज्य सरकार ने बार-बार कठिन चट्टानों की चुनौतियां आने के बावजूद नर्मदा टनल को पूरा करने के संकल्प के साथ काम करती रही। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से चित्रकूट का यह क्षेत्र, विंध्य की वैली के 5 जिलों- रीवा, सतना, मैहर, पन्ना और कटनी के कुल ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ेगा। लोगों के लिए पेयजल का समस्या का समाधान होगा। कई स्थानों पर इसमें बिजली भी बनाए जाएगी। यह परियोजना राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के संकल्प की पूर्ति में निर्णायक भूमिका निभाएगी। राज्य में एक समय पर सिंचाई का रकबा केवल साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों में यह रकबा बढ़ाकर 44 लाख हेक्टेयर हुआ, जो पिछले ढाई साल में बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है। 

 

किसान कल्याण वर्ष में बड़ी सौगात-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में टनल परियोजना किसानों के लिए बड़ी सौगात है। आगामी तीन माह में रबी की फसल के लिए किसानों को 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो जाएगा।  इस टनल परियोजना में एक ओर जहां नीचे नर्मदा नदी बहेगी, तो दूसरी ओर ऊपर से कटनी नदी प्रवाहित होगी। यह टनल परियोजना बुंदेलखंड और बघेलखंड के लिए बड़ी सौगात है, जो जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति करेगी। चुनौतिपूर्ण परिस्थितियों में सिंचाई विभाग ने सराहनीय कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के अपील की है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन न बेचें। यह क्षेत्र भविष्य में पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ेगा। इस क्षेत्र से पलायन रुकेगा और आर्थिक रूप से समृद्धि आएगी। हमारी सरकार किसान कल्याण वर्ष में बड़े-बड़े संकल्प पूरा करते हुए आगे बढ़ रही है।      

 

टीम ने किया इतनी खतरनाक चुनौतियों का सामना-गौरतलब है कि इस टनल की लंबाई 11.952 किलोमीटर है। यह विंध्य पर्वतमाला के अंदर से नर्मदा के पानी को गुरुत्वाकर्षण के आधार पर सोन नदी तक लाएगी। इस तरह यह पानी सोन नदी के कछार तक पहुंचेगा। इस टनल के निर्माण के चमत्कार इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि, तकनीकी रूप से विंध्य की 40 मीटर ऊंची रिज लाइन को भेदना असंभव था। इसके लिए जमीन से करीब 30 मीटर नीचे काम शुरू किया गया। इस दौरान काम कर रहे इंजीनियरों को मार्बल-लाइमस्टोन की कठोरता, डोलोमाइट की दृढ़ता और पानी में घुली चूने की विशालकाय भूमिगत गुफाओं ने कड़ी चुनौती दी। इतना ही नहीं, टनल के अंदर प्रति मिनट 25 हजार लीटर तक पानी उफन रहा था, उसका रिसाव हो रहा था और वहां की मिट्टी अचानक धंसने वाली मिट्टी थी। हैरानी की बात यह है कि इस काम में लगाई गई अमेरिकी मशीन भी टूट गई थी। उसके टूटने के बाद अत्याधुनिक जर्मन हेरेनकनेक्ट मशीन लाई गई और विशेष टेम ग्राउटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया। टीम ने इस टनल को इस तरह तैयार किया कि घनी आबादी, नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक के ठीक नीचे से गुजरने के बाद भी किसी को कहीं कुछ नुकसान नहीं हुआ। 

 

कब हुआ कॉन्ट्रैक्ट-कितनी है लागत-इस टनल का जिम्मा हैदराबाद की निर्माण एजेंसी मेसर्स पटेल-एसईडब्ल्यू (संयुक्त उपक्रम) को सौंपा गया था। इसका कॉन्ट्रैक्ट वर्ष 2008 हुआ। उस वक्त इसकी शुरुआती लागत 799 करोड़ रुपये आंकी गई थी। लेकिन, जब काम शुरू हुआ तो खतरनाक जमीनी चुनौतियों, जानलेवा जल रिसाव को रोकने के लिए किए गए विशेष प्रयास और लेटेस्ट तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ा। इस वजह से इस टनल की लागत बढ़ गई। अभी तक इस पर 1610.47 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। आज इस पूरे अनुबंध का 96.66 प्रतिशत काम हो चुका है। परियोजना के तहत आने वाली 12.135 किलोमीटर लंबी ओपन कट नहर और 11.952 किलोमीटर लंबी मुख्य टनल का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। 

 

विंध्य और महाकौशल के 5 जिलों में समृद्धि-इस टनल की खास बात यह है कि 10.14 मीटर व्यास वाली इस टनल से लाखों क्यूसेक नर्मदा का पानी बिना किसी बिजली या भारी पंपों के केवल ग्रेविटी के सहारे बहेगा। बरगी दायीं तट मुख्य नहर के माध्यम से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना जिलों के लगभग 1450 गांवों की 2 लाख 45 हजार हैक्टेयर भूमि हमेशा के लिए सिंचित हो जाएगी। टनल के क्रियाशील होते ही इसके सीधे कमांड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कटनी जिले की 21 हजार 823 हैक्टेयर, मैहर जिले की 54 हजार 227 हैक्टेयर, सतना जिले की 1 लाख 4 हजार 970 हैक्टेयर, रीवा जिले की 3 हजार 532 हैक्टेयर और पन्ना जिले की 448 हैक्टेयर सूखी भूमि को हरा-भरा जीवन मिल जाएगा।

 

क्या है सरकार का रोडमैप?-टनल के बाद के सभी आठ ग्रुपों का काम इस समय पूरी ताकत से चल रहा है। मार्च 2026 तक ही 44 हजार 160 हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता को धरातल पर उतार दिया गया है। इससे किसान लाभांवित हो रहे हैं। राज्य सरकार के रोडमैप के मुताबिक इस साल दिसंबर तक 87 हजार 433 हेक्टेयर और दिसंबर 2027 तक कुल 1 लाख 54 हजार 693 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाएगी। इस तरह 5 जिलों कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के 1.85 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। खास बात यह भी है कि इस टनल से जल संसाधन विभाग की 30 हजार 307 हेक्टेयर क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए भी पानी दिया जाएगा।