
भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट Vikram-1 का श्रीहरिकोटा से सफल प्रक्षेपण हुआ। स्काईरूट एयरोस्पेस के इस ऐतिहासिक मिशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा संदेश भी अंतरिक्ष भेजा गया। ALSO READ: इतिहास रचने को तैयार Vikram-1: PM मोदी का हाथ से लिखा 'वंदे मातरम' पोस्टकार्ड भी जाएगा अंतरिक्ष
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने विक्रम-1 के लॉन्च का लाइव प्रसारण देखा। पीएम मोदी ने भी वैज्ञानिकों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।
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Skyroot Aerospace has successfully launched Vikram-1 into orbit around Earth on their maiden launch attempt!
Mission Aagaman is ACCOMPLISHED
Congrats to @SkyrootA and @isro!#Skyroot | #Vikram1 pic.twitter.com/z7Ugl3jTMF
— ISRO Spaceflight (@ISROSpaceflight) July 18, 2026
हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा बनाया गया विक्रम-1, तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल से चलता है। यह चार चरणों वाला रॉकेट त्वरित और ऑन-डिमांड लॉन्च सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस मिशन में ले जाए जाने वाले खास पेलोड में पीएम मोदी का हाथ से लिखा संदेश भी शामिल है। इसके साथ ही, कंपनी की टीम, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और दुनिया भर के शुभचिंतकों के हाथ से लिखे नोट भी इसमें शामिल होंगे।
स्कायरूट की टीम से पीएम मोदी ने की बात
पीएम मोदी ने भी स्कायरूट की टीम को फोन कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा का नया पढ़ाव करार दिया। उन्होंने कहा कि अभी ये शुरुआत है… और आगे जाना है। देश के युवाओं में कुछ नया करने का जज्बा है।
क्या है विक्रम 1 की विशेषता
- विक्रम 1 भारत का पहला कमर्शियल लॉन्च व्हीकल है।
- इसका नाम भारतीय अंतरिक्ष प्रोग्राम के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर विक्रम-1 रखा गया है।
- विक्रम-1 सैटेलाइट को 'लो अर्थ ऑर्बिट' में ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- इसकी पेलोड क्षमता 350 किलोग्राम है। यह 260 किलोग्राम वजन वाले सैटेलाइट को 'सन सिंक्रोनस ऑर्बिट' में ले जा सकता है।
- यह सैटेलाइट को पृथ्वी की सतह से 500 किलोमीटर की ऊंचाई तक अंतरिक्ष में ले जा सकता है।

