मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को मिली रफ्तार, यूपी के गांवों तक पहुंच रही बस सेवा

Chief Minister's Village Transport Scheme gives momentum to rural areas in UP

– योगी सरकार ने 56 जिलों में 215 बसों का संचालन किया शुरू, योजना का तेजी से बढ़ रहा दायरा

– गांव से तहसील व जिला मुख्यालय तक आसान हुआ सफर, 4 महीने से कम समय में बड़ी उपलब्धि

– प्रयागराज में सबसे अधिक 43 बसें, अन्य जिलों में भी बढ़ाया जा रहा संचालन

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशवासियों की सहूलियत के लिए योजनाएं बनने से लेकर लागू होने तक की कार्यवाही तेजी से पूरी हो रही है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना इसका बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। मार्च 2026 में योगी सरकार की कैबिनेट बैठक के दौरान इस योजना को मंजूरी मिली थी। चार महीने से भी कम समय में यूपी के 75 में से 56 जिलों को ग्रामीण मार्गों पर बस सेवा से जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही प्रदेश के हर गांव को बस सेवा से जोड़ने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। 

 

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के माध्यम से उन गांवों और ग्रामीण मार्गों को बस सेवा से जोड़ा जा रहा है, जहां अब तक नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना का उद्देश्य प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को परिवहन सुविधा से जोड़ते हुए ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय तक सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है। साथ ही निजी बस संचालकों के सहयोग से उन मार्गों पर भी परिवहन सेवा शुरू की जा रही है, जहां उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसें सीमित संख्या में संचालित होती हैं।

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56 जिलों में 215 बसों का संचालन

परिवहन विभाग के मुताबिक योजना के तहत अब तक 1,012 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 858 आवेदनों का चयन किया जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश के 56 जनपदों में 215 मिनी बसों का संचालन शुरू हो चुका है, जिससे काफी संख्या में ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। सरकार व विभाग चरणबद्ध तरीके से योजना का विस्तार कर रहे हैं, ताकि प्रदेश के अंतिम गांव तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा पहुंच सके।

 

बस संचालन की जिलेवार स्थिति

योजना के अंतर्गत सबसे अधिक प्रयागराज में 43 बसों का संचालन शुरू हुआ है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर में 27, झांसी में 19, मथुरा में 18, जौनपुर में 7, हापुड़ में 6, बांदा में 5, एटा में 5, मऊ में 4, जालौन में 4 व बलिया में 3 बसों का संचालन शुरू हो गया है। अन्य जिलों में भी बसों की संख्या तेजी से बढ़ाई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है।

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ग्रामीण स्तर पर रोजगार का जरिया

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। इन मिनी बसों के संचालन में आवेदक समेत बस ड्राइवर, कंडक्टर को क्षेत्रीय आधार पर प्राथमिकता दी जा रही है। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार भी मिलना शुरू हुआ है।

Chief Minister's Village Transport Scheme gives momentum to rural areas in UP

एनसीआर क्षेत्र में सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसों को ही अनुमति

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 15 से 28 सीटों वाली डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक मिनी बसों का संचालन किया जाना है। इसमें अधिकतम 8 वर्ष पुरानी बसों को ही शामिल किए जा सकेगा। बसों के मॉडल और पंजीकरण वर्ष में एक वर्ष से अधिक का अंतर नहीं होगा।

बस संचालन की अनुमति पहले 10 वर्षों के लिए होगी, जिसे बाद में 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। डीजल बसों की अधिकतम आयु 10 वर्ष, सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों की 15 वर्ष तय की गई है। एनसीआर क्षेत्र में केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे।

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बस संचालन के लिए परमिट लेने में छूट

इस योजना के तहत प्राप्त सभी आवेदनों की जांच और पात्र आवेदकों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति कर रही है। इस समिति में मुख्य विकास अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शामिल हैं। 

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योजना के सुचारु संचालन, निगरानी और रखरखाव की जिम्मेदारी क्षेत्रीय प्रबंधकों को सौंपी गई है। वे हर महीने योजना की प्रगति की रिपोर्ट मंडलायुक्त को देंगे, ताकि कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके। सरकार ने योजना को आसान और प्रभावी बनाने के लिए बस संचालन के लिए परमिट लेने की अनिवार्यता से भी छूट प्रदान की है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवा जल्द शुरू हो सके।

क्‍या अनशन खत्‍म करेंगे सोनम वांगचुक, अस्पताल में ही चलेगा इलाज, अनशन को लेकर क्‍या बोली पत्‍नी?

Will Sonam Wangchuk end his hunger strike

Sonam Wangchuk News : पिछले 22 दिनों से भूख हड़ताल पर डटे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन कल यानी सोमवार को खत्म हो सकता है। खबरों के अनुसार, सोनम की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि यदि राजनीतिक दल उनसे मिलकर मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाने का आश्वासन देते हैं, तो वह अनशन समाप्त कर देंगे। वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने उन्हें तत्काल सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश देने से इनकार कर दिया।

 

पिछले 22 दिनों से भूख हड़ताल पर डटे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन कल यानी सोमवार को खत्म हो सकता है। खबरों के अनुसार, सोनम की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि यदि राजनीतिक दल उनसे मिलकर मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाने का आश्वासन देते हैं, तो वह अनशन समाप्त कर देंगे।

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स्वास्थ्य में हुआ मामूली सुधार

वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने उन्हें तत्काल सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश देने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार वांगचुक के स्वास्थ्य में मामूली सुधार हुआ है और सभी जरूरी स्वास्थ्‍य मानक स्थिर हैं, लेकिन लंबे उपवास के कारण उन्हें अभी भी 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, सोनम वांगचुक की मेडिकल कंडीशन को देखते हुए उन्हें सफदरजंग हॉस्पिटल में शिफ्ट करना मनमाना नहीं कहा जा सकता। यह देखा गया है कि वांगचुक के खिलाफ कोई ज़बरदस्ती नहीं की जा रही है। उनके शरीर की आज़ादी का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। सोनम वांगचुक को मेडिकल स्टाफ के साथ सहयोग करना चाहिए।

 

पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक

दिल्ली के जंतर-मंतर से पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल उठाकर ले गई है। उनके मेडिकल चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उन्हें दवाइयां लेने और तरल पदार्थ नसों के जरिए लेने की सलाह दी, लेकिन सोनम वांगचुक ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा है कि वह न ही दवाइयां लेंगे और न ही नसों के जरिए तरल पदार्थ।

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सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग वाली याचिका पर उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि वे उन्हें इसलिए लाए क्योंकि उनकी सेहत बिगड़ रही थी और उन्हें इसकी बहुत चिंता थी, लेकिन ये दावे गलत हैं। सबसे पहली बात उनकी सेहत बिल्कुल भी नहीं बिगड़ रही थी। 

 

संसद तक मार्च को लेकर क्‍या बोली पुलिस?

कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च की खबरों पर नई दिल्ली के डीसीपी ने कहा कि सीजेपी द्वारा 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च की खबरों को देखते हुए यह साफ तौर पर स्पष्ट किया जाता है कि दिल्ली पुलिस को ऐसी अनुमति के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है और न ही ऐसी कोई अनुमति दी गई है। पूरे नई दिल्ली में धारा 163 बीएनएसएस के तहत निषेधाज्ञा लागू है। 

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ग़ौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी और उनके समर्थन में 21 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की है।

इमरान खान की बहन के बयान से मचा बवाल, साइबर एजेंसी ने भेजा समन, मामले का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से क्‍या है कनेक्‍शन?

Uproar in Pakistan over statement by Imran Khan's sister Noreen Niazi

tatement by Imran Khan's sister Noreen Niazi : पिछले साल मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नौरीन नियाजी के बयान ने बवाल खड़ा कर दिया है। खबरों के अनुसार, बयान के बाद नौरीन नियाजी के खिलाफ पाकिस्तान की एंटी साइबर क्राइम ब्रांच (NCCIA) ने शनिवार को उनके बयान को आपत्तिजनक मानते हुए समन जारी किया है। एजेंसी ने उन्हें 20 जुलाई (सोमवार) को इस्लामाबाद स्थित कार्यालय में पेश होने का नोटिस जारी किया है।

 

NCCIA ने बयान पर जताई आपत्ति

पिछले साल मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नौरीन नियाजी के बयान ने बवाल खड़ा कर दिया है। खबरों के अनुसार, बयान के बाद नौरीन नियाजी के खिलाफ पाकिस्तान की एंटी साइबर क्राइम ब्रांच (NCCIA) ने शनिवार को उनके बयान को आपत्तिजनक मानते हुए समन जारी किया है। एजेंसी ने उन्हें 20 जुलाई (सोमवार) को इस्लामाबाद स्थित कार्यालय में पेश होने का नोटिस जारी किया है। 

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नौरीन नियाजी के इस दावे से मचा बवाल

नौरीन नियाजी ने अपने बयान में दावा किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह पस्त कर दिया था। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व की हालत इतनी खराब हो गई थी कि भारत के लगातार हमलों के बाद वो मदद मांगने के लिए अंतरराष्ट्रीय ताकतों के पास गए। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के सामने कुछ शर्तें रखकर बात करने को तैयार हो गए।

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आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ पर लगाया यह आरोप

नौरीन ने कहा कि इतना सबकुछ हो जाने के बाद भी पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ झूठी जीत की कहानियां गढ़कर पाकिस्तानी अवाम को गुमराह कर रहे हैं। नौरीन ने बिना कोई सबूत दिए दावा किया कि भारत ने इसराइल के कहने पर संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाया क्योंकि पाकिस्तान इसराइल को मान्यता देने वाला था।

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'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर पहले भी हो चुके हैं दावे

नौरीन नियाजी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के कुछ अन्य राजनीतिक नेताओं की ओर से भी 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर अलग-अलग दावे किए जा चुके हैं। हालांकि इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें संबंधित नेताओं के व्यक्तिगत राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है।

मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने किया वॉकआउट, जानिए क्यों मचा हंगामा?

All party meeting ahead of monsoon session of Parliament

All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।

 

विपक्षी दलों ने जताया कड़ा विरोध 

संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।

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महुआ मोइत्रा ने की यह मांग

विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए। 

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इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।

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विपक्षी नेताओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।

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बैठक को लेकर क्‍या बोले किरेन रिजिजू? 

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।

यूपी में जीवन को दांव पर लगाकर आमजन की सुरक्षा करने वाले कार्मिक सम्मानित

Chief Minister Yogi honored personnel from SDRF, PAC and Fire Services

Chief Minister Yogi Adityanath : अपना जीवन दांव पर लगाकर आमजन की सुरक्षा करने वाले एसडीआरएफ, पीएसी व अग्निशमन सेवा के कार्मिकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए धनराशि की कमी नहीं है। आपदा क्षेत्र में प्रशंसनीय कार्य करने वाले 8 कार्मिकों को सम्मानित किया गया है। आने वाले समय में सभी विभागों को भी इससे जोड़ेंगे। इसके अलावा जान बचाने वाले नाविकों, मानव-वन्य जीव संघर्ष में जीवन बचाने वाले के बारे में भी सोचना है।

 

मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिला सम्मान

सुभाष चंद्र मुख्य आरक्षी, 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल वाराणसी 

(अयोध्या में सरयू नदी में फंसे श्रद्धालुओं की जान बचाई) 

 

शैलेंद्र कुमार आरक्षी, 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल वाराणसी

(लखनऊ में हुए अग्निकांड के दौरान बहुमंजिला भवन में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला) 

 

लालचंद्र यादव (डी दल) टीम प्रभारी (निरीक्षक), राज्य आपदा मोचन बल उत्तर प्रदेश  (आपदा प्रबंधन अभियानों में टीम का साहसिक नेतृत्व) 

 

नर्वदेश्वर (डी दल) प्लाटून कमांडर, राज्य आपदा मोचन बल उत्तर प्रदेश  

(जीरो ग्राउंड ऑपरेशन के दौरान टीम प्रभारी की रणनीतियों को धरातल पर लागू किया) 

Chief Minister Yogi honored personnel from SDRF, PAC and Fire Services

महेंद्र यादव व रामजग कुमार मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 32वीं वाहिनी पीएसी 

(प्रयागराज के अरैल घाट पर यमुना में डूब रही बच्ची को रेस्क्यू कर सुरक्षित बचाया)  

 

योगेंद्र प्रसाद चौरसिया अग्निशमन अधिकारी, अग्निशमन विभाग 

(नोएडा की गारमेंट कंपनी में लगी आग को सूझबूझ से फैलने से रोका) 

 

अशोक कुमार फायरमैन, अग्निशमन विभाग 

(अलीगंज, लखनऊ में हुए अग्निकांड में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, स्वयं घायल होने के बावजूद अदम्य साहस का परिचय दिया)। 

कश्‍मीर में कई जगह फटे बादल, पुंछ और राजौरी में बारिश का कहर, 16 लोगों की मौत, दर्जनभर लापता

Cloudbursts at multiple locations in Kashmir, Rain wreaks havoc in Poonch and Rajouri

Jammu & Kashmir Weather Update News : जम्‍मू कश्‍मीर में बादलों ने जबरदस्‍त कहर बरपाया है। कई जगह भारी बारिश और बादलों के फटने के कारण 16 से अधिक जानें चली गई हैं। दर्जनभर अभी लापता हैं। पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 16 हो गई, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं, बचाव दल प्रतिकूल मौसम से जूझते हुए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में 250 वाहन बह गए

सबसे ज्यादा नुकसान सुरनकोट में हुआ है, जहां एक ही परिवार के 8 सदस्यों समेत 9 लोगों की जान चली गई है। 2 साल के बच्चे का शव बरामद किया गया है। हवेली में एक व्यक्ति की मौत हुई है और कई लापता हैं। राजौरी में भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। पुंछ के हवेली इलाके में खराब मौसम के कारण सात घर क्षतिग्रस्त हो गए। राजौरी में भी भारी बारिश के बाद धारहाल नदी का जलस्तर बढ़ गया है। न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में पानी भरने से 200 से 250 वाहन बह गए हैं।

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सुरनकोट और पुंछ जिले में सबसे ज्यादा तबाही

सुरनकोट और पुंछ जिले के अन्य हिस्सों में सबसे ज्यादा तबाही दर्ज की गई, जहां भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और मकान गिरने से भारी जानमाल का नुकसान हुआ। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा बचाव और राहत अभियान दिन भर जारी रहे।

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मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं और लापता लोगों की तलाश, फंसे हुए निवासियों को निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के प्रयास जारी हैं।

Cloudbursts at multiple locations in Kashmir, Rain wreaks havoc in Poonch and Rajouri

अधिकारियों ने बताया कि रविवार तड़के सुरनकोट के लोअर मुर्रा में भूस्खलन से एक घर दब गया, जिससे पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। बचाव दल ने कुछ शव बरामद किए, जबकि मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश जारी है।

अलग-अलग घटनाओं में, लगातार बारिश के कारण घर गिरने से कई लोगों की जान चली गई, जबकि एक नाबालिग लड़की उफनती नदी में डूब गई। पुंछ और राजौरी जिलों में बाढ़ग्रस्त नदियों और नालों से शव भी बरामद किए गए।

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भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर

राजौरी में रातभर हुई भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे भीषण बाढ़ आ गई। निचले इलाकों में पानी भर गया और सैकड़ों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया और सड़कों व सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया, जिससे दर्जनों वाहन बह गए या डूब गए।

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गृहमंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायजा लिया

इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत कर हालात की विस्‍तार से जानकारी हासिल की। गृहमंत्री अमित शाह ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

हर नागरिक को है विश्वास, संकट में साथ खड़ी है सरकार : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi inaugurated State Disaster Management Authority headquarters building

– मुख्यमंत्री योगी ने किया उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मुख्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण 

– मुख्यमंत्री ने बहराइच में मगरमच्छ की चपेट में आने से बच्चे की मौत पर जताया दुख

– मुख्यमंत्री की जनमानस से अपील- घटना का वीडियो बनाने के बजाय बचाव पर दें ध्यान

– मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) मुख्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। यह भवन 200 करोड़ से अधिक की लागत से बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण की वेबसाइट का भी शुभारंभ किया और यहां लगाई गई प्रदर्शनी व भवन का अवलोकन कर कार्यों के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हर आपदा से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश को ऐसा राज्य बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक यह विश्वास लेकर जीवन जी सके कि संकट की खड़ी में सरकार के साथ वह भी तैयार है। यह नागरिक व राष्ट्रीय कर्तव्य का हिस्सा होना चाहिए। सीएम ने उम्मीद जताई कि यह केंद्र हर नागरिक के मन में नए विश्वास का जागरण करेगा। 

 

सतर्कता, तैयारी व जागरूकता आपदा में जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर पर ला सकती है

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रायः आपदा व जनधन की व्यापक हानि के बाद हम लोग सक्रिय होते हैं औऱ संवेदना व्यक्त करते हैं लेकिन आपदा के प्रति पहले से सतर्कता, तैयारी व जागरूकता जनधन की हानि को न्यूनतम स्तर पर ला सकती है। दैनिक जीवन, स्कूली पाठ्यक्रम व परिवार में संवाद के जरिए इसके बचाव के बारे में बताने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय स्कूल व परिवारों में चर्चा होती थी कि आग, भूकंप, बाढ़ के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इन घटनाओं में असामान्य आचरण नुकसान पहुंचाता है, लेकिन जागरूकता के जरिए इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए तो जनधन की हानि को नियंत्रित किया जा सकता है। 

 

घटनाओं को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति खतरनाक 

मुख्यमंत्री ने घटनाओं को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति को खतरनाक बताया। उन्होंने प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। जिन आपदा मित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है, उन्हें इस भर्ती में प्राथमिकता देंगे। होमगार्ड को भी आपदा मित्र का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाएगा। यह फर्स्ट रिस्पांडर हैं।

सरकार इन्हें अच्छी सुविधा, मानदेय, पांच लाख रुपए की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, घटना-दुर्घटना होने पर परिजनों को लगभग 35-40 लाख रुपए तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपए अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराती है। सीएम ने उम्मीद जताई कि सुविधाएं बोझ नहीं बननी चाहिए, बल्कि अपनी सेवा का बेहतर उपयोग समाज के लिए करना चाहिए। 

 

सीएम का जागरूकता पर रहा जोर 

सीएम ने कहा कि सामान्य व्यक्ति को भी जागरूकता के जरिए आपदा में राहत उपलब्ध करा सकें। जब आपदा न रहे, तब भी खुद की ट्रेनिंग के साथ ही स्कूलों-कॉलेजों के छात्रों/शिक्षकों व अवकाश के दिनों में जनपद स्तर पर प्रधानाचार्यों का सम्मेलन कर आपदा की सावधानियों से अवगत कराएंगे तो यह देश की बड़ी सेवा होगी। 

Chief Minister Yogi inaugurated State Disaster Management Authority headquarters building

सीएम ने मगरमच्छ की चपेट में आने से बच्चे की मौत पर जताया दुख 

सीएम ने बाढ़, आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि, अग्निकांड, भवन के धराशायी होने संबंधी प्राकृतिक व भौतिक आपदा की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसने मानव-वन्य जीव द्वंद्व को भी आपदा की श्रेणी में रखकर राहत देने का कार्य किया। सीएम ने दो दिन पहले बहराइच में हुई घटना पर दुख जताया।

कहा कि 12 साल के बच्चे को मगरमच्छ ने निगल लिया। सभी लोग मगरमच्छ वाले संवेदनशील क्षेत्र के साथ ही यह भी जानते हैं कि वे पूरे जीवन में चार-पांच किमी. के दायरे में ही रहता है। ऐसे में जीव-जंतु से जबर्दस्ती खिलवाड़ न करें। सीएम ने दुख जताया कि ऐसी घटना के समय लोग वीडियो बनाते रहते हैं, लेकिन बचाव पर ध्यान नहीं देते। 

 

4000 से अधिक लोग मानव-वन्य जीव द्वंद्व, 5000 लोग अन्य प्राकृतिक आपदा की चपेट में आए

सीएम ने बताया कि बिजनौर में दो वर्ष में 80 लैपर्ड रेस्क्यू किए गए हैं। यह गन्ने के खेत में अधिक पाए जा रहे हैं। लोगों ने उसे शुगर लैपर्ड नाम दिया है। जागरूक न होने पर लोग उसकी चपेट में आ जाएंगे। सीएम ने टाइगर व लैपर्ड के स्वभाव का अंतर बताते हुए कहा कि उसके खतरे वाले क्षेत्र को चिह्नित करके लोगों को अवगत कराएंगे तो बड़ी जनहानि रोकी जा सकती है। यूपी में 4000 से अधिक लोग मानव-वन्य जीव द्वंद्व, 5000 लोग अन्य प्राकृतिक आपदा की चपेट में आए हैं। 

 

सीएम ने आकाशीय बिजली से बचाव के तरीके भी बताए 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशीय बिजली की घटना में भी जान बचाई जा सकती है। इसके लिए उन्होंने तकनीक पर जोर दिया, कहा कि इसका उपयोग करके डेढ़-दो घंटे पहले भी बता सकते हैं कि कि किस एरिया में आकाशीय बिजली गिरने वाली है।

उन्होंने कहा कि 40 साल पहले तकनीक नहीं थी, फिर भी बताया जाता था कि बादल नजदीक हों और लगता हो कि आपस में घने व विशेष रंग के हैं तो सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ऐसे में खुले स्थान या पेड़ के न खड़ा होना है और न ही लोहे या कोई धातु की वस्तु लेकर चलना है, बल्कि पक्के भवन के नीचे शरण लेनी है। 

 

एक ही घंटे में यूपी में हुई 111 मौत का दर्द भी झलका

सीएम के संबोधन में पिछले दिनों यूपी में एक ही एक घंटे में हुई 111 मौत का दर्द भी झलका। उन्होंने बताया कि फतेहपुर, प्रयागराज, कौशांबी, मीरजापुर, भदोही, जौनपुर, आजमगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर आदि जनपदों में कुल मिलाकर 111 लोगों की मौत हुई थी।

प्राधिकरण की बैठक में चिंता व नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा था कि इन मौतों को न्यूनतम करने में सहायता की जा सकती है। उन्होंने अर्ली वार्निंग सिस्टम को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया था। बैठक के ठीक तीसरे दिन एनडीआरएफ/एफडीआरएफ व राष्ट्रीय/राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने समन्वय से उस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।  

 

अर्ली वार्निंग सिस्टम के कारण सहारनपुर में रोकी गई बड़ी जन-धनहानि

मुख्यमंत्री ने सहारनपुर में शिवालिक पहाड़ियों में रात में अचानक आई बारिश की घटना का भी वृतांत बताया। कहा कि उस समय शाकुंभरी मंदिर में हजारों लोग जागरण व भंडारा कार्यक्रम में थे। ऊपर से देखते ही देखते चार-पांच फुट पानी तेजी से नदियों में बढ़ गया, लेकिन इससे पहले अलर्ट आते ही प्रशासन ने सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। यदि इन लोगों को हटाया नहीं गया होता तो सैकड़ों जानें जा सकती थीं, लेकिन अर्ली वार्निंग सिस्टम के कारण मोबाइल घनघनाने लगे और सभी लोग जागरूक हो गए, जिससे बड़ी जन-धनहानि रोकी गई।  

 

आपदा प्रबंधन से जुड़े बेहतरीन संस्थानों से समन्वय आवश्यक

सीएम ने कहा कि प्राधिकरण आपदा प्रबंधन से जुड़े बेहतरीन संस्थानों से समन्वय और एमओयू करे। हर तबके के लोगों को प्रशिक्षण से जोड़े। मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म के जरिए भी जागरूकता फैलाए और सावधानी/सतर्कता के बारे में बताएं।

मुख्यमंत्री ने जनपद, तहसील, थाना, विकास खंड, नगर निकायों में भी मॉकड्रिल को बढ़ाने पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि सभी 17 नगर निगम एसडीएमए के उपकेंद्र के रूप में आपदा प्रबंधन के कार्यक्रम को बढ़ाएं। लगभग पांच लाख की आबादी वाली 200 से अधिक नगर पालिका परिषद में भी पहुंचें। 

 

सीएम ने विभिन्न तकनीकों को प्रभावी बनाने पर दिया जोर 

सीएम ने कहा कि आने वाले समय में तकनीक डे-वन डिजास्टर मैनेजमेंट को कैसे प्रभावी बनाने के लिए सेटेलाइट व रिमोट सेंसिंग मॉनीटरिंग, एआई पर आधारित रिस्क मैपिंग, प्रीडेक्टिव एनालिटिक्स आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, मोबाइल बेस्ड सिटीजन अलर्ट सिस्टम, जीआईएस आधारित डिसिजन मेकिंग एंड डिजिटल कंट्रोल रूम, ड्रोन आधारित सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का और अधिक इंटीग्रेट यूज बताया। 

 

इस अवसर पर वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, राजस्व राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर, महापौर सुषमा खर्कवाल, सरोजिनी नगर क्षेत्र के विधायक राजेश्वर सिंह, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा आदि मौजूद रहे।

Gujarat : दक्षिण गुजरात में मानसून का कहर, सूरत शहर पानी-पानी; पॉश इलाकों में भी जलभराव

rain update 8 july

दक्षिण गुजरात में मानसून की शुरुआत के साथ ही बारिश ने जोरदार दस्तक दी है। सूरत शहर में सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। निचले इलाकों के अलावा पॉश सोसायटियों और मुख्य सड़कों पर भी बारिश का पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

 

सूरत के उमरा गांव, पीपलोद और वेसू जैसे इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं अडाजण, रांदेर और जहांगीरपुरा इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। लंबे समय से जारी उमस और गर्मी के बाद हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

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श्याम मंदिर और VIP रोड पर घुटनों तक पानी

मूसलाधार बारिश के कारण सूरत की कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। श्याम मंदिर क्षेत्र और VIP रोड पर घुटनों तक पानी भरने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन पानी में बंद हो गए, जिसके चलते ट्रैफिक जाम की स्थिति भी देखने को मिली।

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BRTS कॉरिडोर में पानी भरने से बस सेवा प्रभावित

सूरत की महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन सेवा BRTS कॉरिडोर में भी बारिश का पानी भर गया। इसके कारण बस सेवा प्रभावित हुई। जलभराव के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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वेसू में भगवान महावीर कॉलेज के पास जलभराव

वेसू स्थित भगवान महावीर कॉलेज के आसपास भी पानी भर जाने से छात्रों और स्टाफ को परेशानी हुई। लगातार बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित रहा। भारी बारिश के बाद शहर में प्रशासन की प्री-मानसून तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

Ayodhya Ram Mandir Donation Row : श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी पर PM मोदी से क्या बोले राहुल गांधी

rahul gandhi

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने की मांग की है। दोनों नेताओं ने कहा कि करोड़ों रुपए का दान श्रद्धा और विश्वास के साथ देने वाले लाखों श्रद्धालु खुद को 'ठगा हुआ' महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को “अस्वीकार्य” बताया और जवाबदेही तय करने की मांग की।

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स्वतंत्र जांच की मांग

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संयुक्त पत्र में कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों, नकद दान, सोना, चांदी और अन्य चढ़ावे के प्रबंधन की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। दोनों नेताओं ने मांग की कि जांच रिपोर्ट और ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को यह जानकारी मिल सके कि उनके द्वारा दिया गया दान किस प्रकार उपयोग किया गया।

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ट्रस्ट के गठन पर भी उठाए सवाल

पत्र में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन ट्रस्ट के सभी सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के कई सदस्यों का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उनसे जुड़े संगठनों से है। साथ ही ट्रस्ट के पूर्व महासचिव का भी उल्लेख करते हुए सवाल उठाए गए।

जयराम रमेश ने भी साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से चुप्पी तोड़ने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर पत्र साझा करते हुए कहा कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित “चंदा चोरी” मामले में प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए।

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क्या है पूरा मामला?

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

Bharat Mata Controversy : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, कहा- शास्त्रों में नहीं है भारत माता का उल्लेख, अयोध्या में RSS पर निशाना

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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के एक बयान से नई बहस शुरू हो गई है। उन्होंने ‘भारत माता’ की अवधारणा को लेकर कहा कि इसका उल्लेख शास्त्रों में नहीं मिलता और यह संघ (RSS) की कल्पना है। शंकराचार्य के इस बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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‘भारत माता’ की अवधारणा पर उठाए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन परंपरा और शास्त्रों में जिन देवी-देवताओं का वर्णन मिलता है, उनमें ‘भारत माता’ का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘भारत माता’ की कल्पना आधुनिक समय में विकसित हुई है और इसका शास्त्रीय आधार नहीं है।

संतों के स्थानों पर भारत माता की तस्वीरों को लेकर सवाल

शंकराचार्य ने संतों के आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर भगवान श्रीराम और तिरंगे से बड़ी ‘भारत माता’ की तस्वीरें लगाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर देवी-देवताओं की परंपरागत मान्यता और स्थान का ध्यान रखा जाना चाहिए।

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RSS पर साधा निशाना

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने कार्यालयों में भगवान श्रीराम की तस्वीर नहीं लगाते, वे अयोध्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में प्रतिक्रिया आने की संभावना है।