प्रधान के बाद अब गडकरी निशाने पर! 100% शुद्ध पेट्रोल के लिए ‘E20 जनता पार्टी’ मैदान में

EJP digital campaign

EJP digital campaign: केन्द्र की नरेन्द्र मोदी नीत सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर मंतर से कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन तो खत्म हो गया, लेकिन अब केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ मोर्चा खुल गया है। अब देश में E20 जनता पार्टी (EJP) ने भी दस्तक दे दी है। यह पार्टी पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का विरोध कर रही है। E20 जनता पार्टी कोई राजनीतिक दल नहीं है। यह भारत में नागरिकों और वाहन मालिकों द्वारा शुरू किया गया एक डिजिटल कैंपेन (नागरिक आंदोलन) है।

E20 जनता पार्टी ने पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की नीति (E20) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने सरकार से पेट्रोल पंपों पर 100% शुद्ध पेट्रोल (बिना एथनॉल वाला) का विकल्प भी उपलब्ध कराने की मांग की है। इतना ही नहीं पार्टी ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का इस्तीफा भी मांगा है। खास बात यह है कि इस कैंपेन को कॉकरोच जनता पार्टी ने भी समर्थन‍ किया है। 
 

51000 से ज्यादा फॉलोअर्स

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसके 51000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे किसी तरह की सब्सिडी, मुफ्त ईंधन या एथनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल को पूरी तरह बंद करने की मांग नहीं कर रहे हैं। इस मुहिम को ट्रांसपोर्टरों का भी बड़ा समर्थन मिल रहा है। 'दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन' ने E20 पेट्रोल के विरोध में 4 अगस्त को संसद मार्च निकालने का ऐलान किया है।

 

पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की वजह से गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है। गाड़ियों की देखभाल का खर्च बढ़ गया है और खासकर पुरानी गाड़ियों के इंजन की परफॉर्मेंस पर बुरा असर पड़ रहा है।

क्या हैं ईजेपी की प्रमुख मांगें?

  • इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल का विकल्प : समूह की सबसे बड़ी मांग यह है कि पेट्रोल पंपों पर E20 (20% इथेनॉल मिलावटी पेट्रोल) के साथ-साथ ग्राहकों को 100% प्योर पेट्रोल खरीदने की भी आजादी मिले।
  • पारदर्शिता और सही डेटा : गाड़ियों के माइलेज में कमी, इंजन में जंग या खराबी और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने जैसी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए मांग की जा रही है कि सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग के असर और माइलेज पर इंडिपेंडेंट स्टडीज के डेटा सार्वजनिक करे।
  • विकल्प की मांग, विरोध नहीं : ग्रुप का कहना है कि वे इथेनॉल ब्लेंडिंग को पूरी तरह बंद करने या किसी सब्सिडी की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि सिर्फ उपभोक्ता के अधिकार की मांग कर रहे हैं ताकि वाहन मालिक अपने व्हीकल मैनुअल और जरूरत के हिसाब से ईंधन चुन सकें।

मुलायम सिंह यादव का सपना था सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान, भाजपा ने पूरा किया : मुख्यमंत्री योगी

 

 

  • इटावा, जसवंतनगर व भरथना विधानसभा क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, सीएम योगी ने 604 करोड़ रुपए की 128 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास
  • इटावा भय और पहचान के संकट से मुक्त, विकास-विश्वास का नया प्रतीक बना: मुख्यमंत्री योगी 
  • 2017 से पहले अपराध, माफिया व परिवारवाद ने प्रदेश की पहचान बिगाड़ी,  अब यूपी उत्सव और विकास का प्रदेश: मुख्यमंत्री
  • हर जिले में मेडिकल कॉलेज, और निवेश से बदली पहचान, गरीबों तक योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव पहुंच रहा: मुख्यमंत्री
  • योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा, सीएम योगी बोले- पहले प्रदेश में सैफई सिंडिकेट का कब्जा था

 

इटावा, 26 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैफई मेडिकल संस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद अखिलेश यादव उसे आगे नहीं बढ़ा सके। भाजपा सरकार ने 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक पूरा कराया, जबकि 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक भी बनवाया, जिससे संस्थान तेजी से विकसित हो रहा है। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इटावा, जसवंतनगर एवं भरथना विधानसभा क्षेत्र में 604 करोड रुपए की 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम योगी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

 

सपा पर तीखा हमला करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास कार्य पहले भी हो सकते थे, लेकिन उसके लिए इच्छाशक्ति और समय चाहिए था। बबुआ तो दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे, 5 बजे जिम चले जाते थे और 7 बजे महफिल जम जाती थी। जनता और विकास के लिए समय कहां था। यही कारण था कि प्रदेश और इटावा लंबे समय तक पहचान के संकट से जूझते रहे। पहले इटावा के युवाओं के सामने पहचान का संकट था, लेकिन अब प्रदेश और देश में उन्हें वही सम्मान मिलता है जो उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को प्राप्त होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने इटावा की पहचान बदलने का काम किया है। 

 

प्रदेश अब उत्सव, विकास और निवेश का केंद्र बन गया

 

मुख्यमंत्री ने कहा 2017 से पहले इटावा सहित पूरे प्रदेश में अपराध, भय और अराजकता का माहौल था। लोग इस क्षेत्र से गुजरने तक से डरते थे। उस समय प्रदेश में निवेश नहीं आता था क्योंकि लोग अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित रहते थे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई और संगठित अपराध तथा माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई। भाजपा ने जो कहा, उसे करके दिखाया। पहले प्रदेश के हर जिले में माफिया सक्रिय थे और उत्तर प्रदेश की पहचान दंगा, कर्फ्यू, अराजकता और संगठित अपराध से जुड़ गई थी। इससे युवाओं, किसानों, कारीगरों और आम नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। अब वही प्रदेश बदल चुका है। उत्तर प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया नहीं बल्कि वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट- वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट- वन क्यूज़ीन की पहचान बनी है। आज उत्तर प्रदेश में न दंगा है, न कर्फ्यू, न उपद्रव और न ही संगठित अपराध का बोलबाला है। प्रदेश अब उत्सव, विकास और निवेश का केंद्र बन गया है। आज उत्तर प्रदेश का नागरिक जहां भी जाता है, उसे सम्मान मिलता है और प्रदेश की नई पहचान देशभर में स्थापित हुई है।

 

योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेताओं ने जमीन पर काम करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति ने पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। उनके अनुसार नौकरी से लेकर विकास योजनाओं तक पर एक सिंडिकेट का कब्जा हो गया था, जिससे युवाओं, किसानों और श्रमिकों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया। इसी कारण उत्तर प्रदेश को लंबे समय तक बीमारू राज्य कहा जाता रहा। आज उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। पहले विकास के लिए धन तो उपलब्ध था, लेकिन भ्रष्टाचार और बिचौलियों के कारण सड़क, पुल, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य विकास परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाती थीं। गरीबों के राशन और सरकारी योजनाओं का लाभ भी बीच में ही हड़प लिया जाता था। अब सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। गरीबों को मुफ्त राशन मिल रहा है और आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। हाल ही में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

 

पहले प्रदेश में सैफई सिंडिकेट का कब्जा था

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गरीब बीमारी और भूख से जूझता रहता था, जबकि आज सरकार बिना किसी भेदभाव के उसके जीवन को सुरक्षित बनाने का काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उत्तर प्रदेश को देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाना है। पहले प्रदेश में सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और नौकरियां योग्यता नहीं बल्कि सिफारिश और पैसे के आधार पर मिलती थीं। आज प्रदेश में पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्तियां दी जा रही हैं जब वह नियुक्ति पत्र वितरित करते हैं और इटावा का कोई नौजवान अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर चयनित होकर नियुक्ति पत्र प्राप्त करता है, तो उन्हें बेहद खुशी होती है। वह युवाओं से पूछते हैं कि क्या किसी सिफारिश की जरूरत पड़ी थी, जिस पर जवाब मिलता है कि नियुक्ति केवल योग्यता के आधार पर मिली है। आज उत्तर प्रदेश की मेरिट सूची में इटावा के युवा भी स्थान बना रहे हैं और अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर रहे हैं, जबकि 2017 से पहले यह संभव नहीं था।

 

पहले मंदिरों की जगह कब्रिस्तान की बाउंड्री पर खर्च होता था पैसा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भी सरकारी धन उपलब्ध था, लेकिन मंदिरों के सुंदरीकरण पर खर्च नहीं होता था। वह धन कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने में खर्च किया जाता था। 2017 से पहले समाजवादी सरकार को लोगों की आस्था की चिंता नहीं थी। उस समय कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जाता था, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन रोके जाते थे, रामनवमी की शोभायात्राओं पर रोक लगाई जाती थी और दुर्गा पूजा के पंडालों को भी नहीं लगने दिया जाता था। पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में न कोई दंगा हुआ, न उपद्रव, न अराजकता और न ही गुंडागर्दी। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बेटियां और व्यापारी दोनों असुरक्षित थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संभ्रांत परिवार अपनी बेटियों को रिश्तेदारों या छात्रावास में भेजने को मजबूर थे। आज बेटियां अपने घर से सुरक्षित स्कूल और कॉलेज जा रही हैं तथा व्यापारी भी भयमुक्त होकर अपना कारोबार कर रहे हैं। सरकार की स्पष्ट नीति है कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए केवल दो ही स्थान हैं-जेल या जहन्नुम। तीसरी कोई जगह नहीं होगी।

 

सैफई सिंडिकेट के कारण बदनाम था इटावा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैफई सिंडिकेट कभी कानून व्यवस्था की ऐसी घोषणा नहीं कर सकता था क्योंकि गुंडे उन्हीं के साथ जुड़े हुए थे। उस समय लोगों में कहावत चल पड़ी थी कि “देख सपाई, बिटिया घबराई। इटावा और मैनपुरी की छवि भी प्रभावित होती थी। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और इटावा को वही सम्मान प्राप्त है जो लखनऊ और प्रयागराज जैसे शहरों को मिलता है। भाजपा सरकार इटावा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से 604 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी जा रही है। जनता ने भाजपा पर विश्वास जताया है और सरकार उसी विश्वास का विकास के माध्यम से ऋण उतार रही है।

 

जल जीवन मिशन से जुड़ेंगे 2.33 लाख परिवार

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत 540 गांवों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है। चौथे चरण में 2 लाख 33 हजार परिवारों को हर घर नल योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के माध्यम से इटावा की सीधी कनेक्टिविटी बुंदेलखंड से हो चुकी है। भरथना और ताखा में औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना में इटावा भी शामिल है। इसके लिए जिले में 108 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। 296 करोड़ रुपये की लागत से इटावा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग-92 पर चंबल नदी पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। 344 करोड़ रुपये की लागत से इटावा-कन्नौज एनएच-91ए का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि 228 करोड़ रुपये की लागत से इटावा से करी मार्ग पर एनएच-92 का निर्माण पूरा हो चुका है। कानपुर-टुंडला रेल सेक्शन पर दो लेन के रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण, यमुना नदी पर अतिरिक्त सेतु पहुंच मार्ग, इटावा में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे फ्लाईओवर और बाईपास, भरथना बाईपास का निर्माण, बकेवर-लखनऊ मार्ग का सुदृढ़ीकरण तथा लायन सफारी बाईपास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

 

2017 से पहले नौकरी निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी हो जाती थी सक्रिय

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने 90 करोड़ रुपये की लागत से पैरामेडिकल आवासीय भवन के निर्माण को भी मंजूरी दी है। ये सभी परियोजनाएं इटावा के समग्र विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रदेश में पहले भी विकास कार्य हो सकते थे, लेकिन उसके लिए समय और इच्छाशक्ति की जरूरत थी। पहले जनता और विकास के लिए समय नहीं था, यही कारण था कि उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। वर्ष 2017 से पहले नौकरी निकलती थी तो चाचा-भतीजे की जोड़ी सक्रिय हो जाती थी। मेरिट के आधार पर नियुक्तियां नहीं होती थीं, जिसके कारण अदालतों को रोक लगानी पड़ती थी और नौजवान रोजगार से वंचित रह जाते थे। हर जिले में गुंडे और माफिया पैदा कर दिए गए थे। सैंड माफिया, लैंड माफिया, कैटल माफिया और फॉरेस्ट माफिया ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा था। आज उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त, गुंडा मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और उपद्रव मुक्त बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। जो प्रदेश पहले हर पैमाने पर सबसे पीछे था, वह आज हर क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। इस विकास यात्रा में जितनी भूमिका कानपुर और लखनऊ की है, उतनी ही इटावा और मैनपुरी की भी है।

 

गरीब, किसान, महिला और युवा सरकार की प्राथमिकता

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी जिले या क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं करती। उनके लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों का समान विकास जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया जिसमें गरीब, किसान, महिला और युवा को देश की चार प्रमुख जातियां बताया गया है। हर युवा को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री स्टार्टअप योजना, स्टैंडअप योजना, डिजिटल इंडिया, मिशन रोजगार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लखनऊ और गोरखपुर के युवाओं के लिए जो नियम हैं, वही इटावा और मैनपुरी के युवाओं पर भी समान रूप से लागू होते हैं।

 


विरासत को सम्मान, बेटियों को मिली सुरक्षा

 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने अन्नदाता किसानों के कर्ज माफ किए तो उसका लाभ पूरे प्रदेश के किसानों को समान रूप से मिला। किसान सम्मान निधि का लाभ भी सभी पात्र लघु एवं सीमांत किसानों तक पहुंचाया गया। सरकार ने निजी नलकूप धारक किसानों को राहत देने के लिए नीति बनाई और प्रदेश के 16 लाख किसानों को पूरी तरह मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई। सरकार जब नीति के आधार पर काम करती है तो उसका लाभ हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचता है। वर्तमान सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सम्मान देने का काम किया है। शहीद सैनिकों के स्मारकों का संरक्षण हो, काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, नैमिषारण्य का विकास अथवा मथुरा-वृंदावन के लिए नई विकास योजना-सभी कार्य बिना किसी भेदभाव के किए जा रहे हैं। पहले पर्व-त्योहारों पर रोक लगाई जाती थी, युवाओं के रोजगार में डकैती पड़ती थी, किसान बदहाल थे, कारीगर बेरोजगार थे और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती थीं। आज डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में प्रदेश सुरक्षित और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

 

समाजवादियों ने महापुरुषों का अपमान किया

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इटावा बेहतर कनेक्टिविटी के कारण एक बड़ा जंक्शन बनकर उभर रहा है और इसका लाभ क्षेत्र को मिलना चाहिए। इसके लिए डबल इंजन सरकार को और ताकत देने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वर्तमान को बेहतर बनाने और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य उज्ज्वल करने के लिए सैफई सिंडिकेट से मुक्त होकर विकास की प्रक्रिया से जुड़ें और प्रदेश की विरासत का सम्मान करें। समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया तक को नहीं छोड़ा और दलित महापुरुषों का भी अपमान किया। संत रविदास के नाम पर बने जनपद का नाम बदल दिया गया तथा बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम भी हटा दिया था। उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर किया। साथ ही औरैया में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया गया तथा काशी विश्वनाथ धाम में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की गई।

 

सीएम योगी लाभार्थियों को चाबी, कार्ड व प्रमाण पत्र आदि वितरित किए 

 

-संध्या पाल (ट्रैक्टर की चाबी)

 

-रीना देवी (मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड)

 

-रूबी (थर्मल प्रिंटर)

 

-नीलू, रानी देवी (128 स्वयं सहायता समूह के लिए 1.92 करोड़ रुपए का चेक)

 

-निखिल कुमार (बाल सेवा योजना के तहत चेक) 

 

-सुजाता (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चाबी)

 

-रितु ( सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत चेक) 

 

-शेख मोहम्मद शुभानुल हक (एक जनपद एक उत्पाद के तहत 60 लाख का चेक)

 

-जावित्री (विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत टूल किट)

 

-फूल सिंह (मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद के 56 हजार का अनुदान)

 

-केश कुमारी ( दिव्यांग योजना के तहत 2.57 लाख का चेक) 

 

 

इस अवसर पर मंत्री बेबी रानी मौर्य, विधायक सरिता भदौरिया, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, विधान परिषद सदस्य प्रांशु दत्त द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य मानवेंद्र सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शिव महेश दुबे, जिला प्रभारी कमलावती देवी, जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता अन्नू, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. राम शंकर कठेरिया, पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य, पूर्व सांसद प्रेम दास कठेरिया, पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया, पूर्व विधायक के.के राज आदि मौजूद रहे।

धर्मेंद्र प्रधान पर पोस्ट से BJP में बवाल! अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता राहर घिरीं, पार्टी नेताओं ने जताई नाराजगी

archita sachin rahar with aparajita sarangi

ओडिशा से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी भी बेटी अर्चिता सचिन राहर के जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी प्रोटेस्ट और सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन करने पर घिर गई है। अर्चिता ने भी सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान को आड़े हाथों लिया था। इस पोस्ट को लेकर ओडिशा के भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी है। ALSO READ: 'बेटी के बयान से दुखी हूं, लेकिन पिता को दोष नहीं दे सकते'— केशव महंता के बचाव में बोले हिमंत बिस्वा सरमा

 

अर्चिता ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जश्न मनाते हुए पोस्ट किया। उसने यह भी लिखा कि उसके ऊपर पोस्ट डिलीट करने का बहुत दबाव है लेकिन वह ऐसा नहीं करेगी। हालांकि अब अर्चिता का अकाउंट डीएक्टिवेट हो गया है।

 

अर्चिता ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक पोस्ट में राष्ट्रीय ध्वज की पृष्ठभूमि में धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर पोस्ट की। उसने लिखा कि नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरण को लेकर छात्रों के व्यापक विरोध-प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। दूसरी ओर, उनकी मां अपराजिता सारंगी समेत राज्य के भाजपा नेताओं ने प्रधान के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।

 

अर्चिता ने कहा- नहीं हटाएंगी पोस्ट

सूत्रों ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यालय से फोन आने के बाद सांसद ने अपनी बेटी से यह पोस्ट हटाने को कहा था, लेकिन पोस्ट नहीं हटाई गई। अर्चिता ने बाद में एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'और डीपी (धर्मेंद्र प्रधान) के पीए (निजी सचिव) के लिए, जो निश्चित रूप से मेरी मां को संदेश भेजकर मुझसे पिछली स्टोरी हटाने के लिए कहेंगे (ऐसा पहले भी हो चुका है), परेशान मत होइए। मैं इसे नहीं हटाऊंगी। जय जगन्नाथ। जय हिंद।' ALSO READ: 'शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार'— सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

 

बेटी के बाद अपराजिता सारंगी का पोस्ट

बेटी के अपने रुख पर अडिग रहने के बाद अपराजिता सारंगी ने एक्स पर लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया। नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देना बहुत साहस की बात है। इस कठिन समय में मैं उनके साथ हूं। आने वाले दिनों के लिए उन्हें मेरी शुभकामनाएं। भगवान जगन्नाथ उन पर अपनी कृपा बनाए रखें।

 

भाजपा में क्यों है नाराजगी?

भाजपा नेता जगन्नाथ प्रधान ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान इस मिट्टी के सपूत हैं। उनके इस्तीफे से हमें गहरा दुख पहुंचा है। ओडिशा के लोगों ने बिहार की बेटी (अपराजिता सारंगी) का स्वागत किया और उन्हें दो बार सांसद बनाया। अपराजिता सारंगी को अपने परिवार के सदस्यों को कंट्रोल में रखना चाहिए। उनकी बेटी द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए उन्हें ओडिशा के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। एक शिक्षित व्यक्ति होने के नाते सांसद की बेटी को धर्मेंद्र प्रधान जैसे नेता के खिलाफ इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए, जिन्होंने ओडिशा और देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

 

भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा एक परिवार है और जब कोई सदस्य मुश्किल में होता है तो सभी को उसके साथ खड़ा होना चाहिए। सारंगी की बेटी का पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के खिलाफ इस तरह का रुख अनुशासित पार्टी भाजपा में स्वीकार्य नहीं है।

वलसाड बाढ़ में रक्षक बनी गुजरात पुलिस, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने वीडियो शेयर कर की तारीफ

gujarat flood

गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ के बीच राहत और बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने वलसाड में लोगों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों के साहस की खुलकर सराहना की है।

 

गुजरात में मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर वलसाड, वापी, उमरगाम और आसपास के इलाकों में देखने को मिला है, जहाँ कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। इस मुश्किल हालात के बीच राज्य सरकार ने व्यापक राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 42,158 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व पुनर्वास का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।

 

पुलिस के साहस को उपमुख्यमंत्री की सलामी

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बाढ़ के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने वाले गुजरात पुलिस के जवानों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर वलसाड का एक वीडियो शेयर करते हुए पुलिस निरीक्षक (PI) गोहिल समेत पूरी टीम के साहस और हिम्मत को दाद दी।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि वलसाड बाढ़ के दौरान लोगों को बाहर निकालने, बच्चों को बचाने और समुदायों को सुरक्षित रखने में पुलिस ने उत्कृष्ट कार्य किया है। कोई भी यूनिफॉर्म इस हिम्मत को माप नहीं सकती। हमारी ढाल बनने के लिए PI गोहिल सहित पूरी पुलिस टीम का आभार।

गांधीनगर में इमरजेंसी बैठक और राहत-पुनर्वास कार्यों की समीक्षा

स्थिति गंभीर होने पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) में देर शाम एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और राहत कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्य सचिव एम.के. दास, अपर मुख्य सचिव (राजस्व) डॉ. जयंती रवि और राहत आयुक्त गौरव मकवाना समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दक्षिण गुजरात में बारिश का जोर कम होने के बाद अब राज्य सरकार का ध्यान बचाव कार्यों से हटकर प्रभावित जिलों में राहत, पुनर्वास और नुकसान के आकलन पर केंद्रित हो गया है।

 

बाढ़ के कारण 308 मवेशियों की मौत

बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्रभावित परिवारों को तत्काल नकद सहायता (कैश डोल्स) देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही घरेलू सामान के नुकसान के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण पूरे गुजरात में कुल 308 मवेशियों (पशुओं) की मौत दर्ज की गई है। प्रशासन द्वारा संवेदनशील इलाकों से 42,158 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

‘शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार’— सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

Supreme Court on cjp protest

छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है। CJI सूर्यकांत की बेंच ने पुलिस की कथित ज्यादती पर सवाल उठाते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शनों के लिए एक समान प्रोटोकॉल बनाने की जरूरत बताई। ALSO READ: 'बेटी के बयान से दुखी हूं, लेकिन पिता को दोष नहीं दे सकते'— केशव महंता के बचाव में बोले हिमंत बिस्वा सरमा

CJI सूर्यकांत ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार संविधान में है। शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार पूरी तरह से गारंटीकृत है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता। सिर्फ इसलिए कि आंदोलन हो रहा है, पुलिस की ज्यादती को सही नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपों पर भी चिंता जताई।

 

पुलिस को चोट पहुंचना भी उतनी ही चिंता की बात

जब एक वकील ने बेकाबू भीड़ द्वारा पुलिसकर्मियों के घायल होने और उनके परिवारों पर हमले की घटनाओं का ज़िक्र किया, तो जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा, 'पुलिस को चोट पहुंचना भी उतनी ही चिंता की बात है। हम राज्य से जवाब मांग सकते हैं कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए? ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?

 

शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट के लिए हो प्रोटोकॉल

CJI ने कहा कि देश भर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के लिए एक प्रोटोकॉल होना चाहिए। जब कोई शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करना चाहता है, तो एक प्रोटोकॉल होना चाहिए। उसके लिए उचित जगह होनी चाहिए। इस मामले में कोई बाधा नहीं है। लेकिन अगर कोई असामाजिक तत्व है, तो उससे निपटा जा सकता है। 

 

कोर्ट ने आगे कहा कि इस मुद्दे के लिए पूरे देश में एक जैसा नजरिया अपनाने की ज़रूरत है और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी गाइडलाइंस बनाने की बात कही। इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।

‘बेटी के बयान से दुखी हूं, लेकिन पिता को दोष नहीं दे सकते’— केशव महंता के बचाव में बोले हिमंत बिस्वा सरमा

himanta biswa sarma supports assam minister keshav mahanta

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मंत्री केशव महंता की बेटी के पीएम मोदी पर दिए बयान से उन्हें दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा हर वयस्क व्यक्ति अपनी अलग राजनीतिक सोच रख सकता है। बच्चों के विचारों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। ALSO READ: प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान

 

उन्होंने मंत्री का बचाव करते हुए कहा कि मेरा भाई भी हमेशा मेरी बात नहीं मानता। मेरे बच्चे भी मेरी कई बातें नहीं मानते। जरूरी नहीं कि बच्चों की राजनीतिक विचारधारा उनके माता-पिता जैसी ही हो। प्रधानमंत्री मोदी के बारे में उनकी बेटी ने जो कहा, उससे मुझे दुख हुआ। जब मैं उससे मिलूंगा तो इस विषय पर बात करूंगा।

 

असम सीएम ने कहा कि किसी वयस्क बेटे या बेटी के विचारों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर मेरा बेटा कल वकील बनता है और किसी ऐसे व्यक्ति का केस लड़ता है जिसे मैं पसंद नहीं करता, तो उसके लिए मुझे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?

 

उन्होंने कहा कि केशव महंता इस समय ऐसी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, जिसमें उन्हें राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करनी है। ऐसे समय में उन पर मानसिक दबाव डालने से किसी का भला नहीं होगा।

 

गौरतलब है कि असम गण परिषद के वरिष्‍ठ नेता केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता भी गुवाहाटी में पेेेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए छात्र प्रदर्शन में शामिल हुई थी। प्रदर्शन के दौरान दिबिसा ने कथित तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की थी।

LIVE: लोकसभा में पेश होगा पेपर लीक संशोधन बिल, पेलेट गन पर हंगामे के आसार

paper leak amendment bill in parliament

Latest News Today Live Updates in Hindi : मोदी सरकार आज दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेपर लीक संशोधन बिल पेश करेगी। संसद में विपक्ष आज युवाओं पर पेलेट गन चलाने हंगामा कर सकता है। पल पल की जानकारी…

झारखंड में भी पेपर लीक पर तेज हुई सियासत, JPSC समेत आधा दर्जन परीक्षाओं में धांधली का आरोप। भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांगा इस्तीफा।

-केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह आज दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेपर लीक संशोधन बिल पेश करेंगे। 

-विपक्ष का सवाल- क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? 

-सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “विपक्ष एक है। अभी INDIA गठबंधन के सभी नेता बैठक करेंगे। यह संघर्ष बड़ा है। भाजपा जब से सत्ता में आई है तभी से इन्होंने शिक्षा को चौपट कर दिया है… मैं युवाओं के मनोबल और चेतना को बधाई देना चाहता हूं…”

-लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद में विपक्षी नेताओं की बैठक के लिए पहुंचे।

-बिहार के सीवान में एके 47 से फायरिंग करने वाला SIT जवान अभिषेक पटेल निलंबित।

Weather Update : हिमाचल में बादल फटा; असम में 68 मौतें, गुजरात में सेना का रेस्क्यू, IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

weather update 27 july : rain, flood, imd alert

असम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है तो गुजरात में भारी बारिश के कारण भारी तबाही हुई। सेना राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ALSO READ: Top News 27 July: संसद में पेपर लीक संशोधन बिल, सोनम वांगचुक होंगे डिस्चार्ज, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

 

असम में 68 की मौत

असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक 68 लोगों की मौत हो गई। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को फोन कर हालात की जानकारी ली। सोनोवाल बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर हैं।

 

गुजरात ने सेना ने संभाली कमान

गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद कई इलाकों में भीषण जलभराव की स्थिति बन गई है। विशेष रूप से अहमदाबाद जिले के बावला और सानंद क्षेत्र में जलजमाव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। राज्य में वर्षाजन्य हादसों में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें से 29 मौतें वलसाड और नवसारी जिलों में हुई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर बारिश के बाद के हालात की विस्तृत समीक्षा की। चर्चा के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने और जल निकासी का काम तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। है। 

 

हिमाचल में फटे बादल

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में शनिवार रात बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। इससे मयाड़ घाटी के सात गांवों का संपर्क टूट गया। भूस्खलन की वजह से राज्य में करीब 135 सड़कें बंद कर दी गई है। प्रदेश में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड से 15 लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने 5 जिलों में 28 से 31 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है।

 

IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भारी बारिश के साथ ही तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

 

ओडिशा में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार को और गहरा होकर डिप्रेशन में बदल गया है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 29 जुलाई तक सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

 

CM भूपेंद्र पटेल ने दी श्रद्धांजलि, जानिए ‘मिसाइल मैन’ डॉ. कलाम के जीवन की 10 प्रेरक और प्रेरणादायक बातें

APJ Abdul Kalam Death Anniversary

APJ Abdul Kalam Death Anniversary: गुजरात के मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को पूर्व राष्‍ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कलाम जी के उच्च आदर्श, सादगी और प्रगतिशील विचारधारा देशवासियों के लिए हमेशा मार्गदर्शक बने रहेंगे।

 

भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक, भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण वंदन। विज्ञान क्षेत्र में अद्वितीय योगदान और अथक परिश्रम से उन्होंने देश के विज्ञान और रक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाई पर पहुंचाया और “मिसाइल मैन” के रूप में ख्याति प्राप्त की। युवा पीढ़ी के प्रेरणास्रोत ऐसे कलाम जी के उच्च आदर्श, सादगी और प्रगतिशील विचारधारा देशवासियों के लिए हमेशा मार्गदर्शक बने रहेंगे।

 

डॉ. कलाम के जीवन की 10 खास बातें : 

1. भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जाने-माने वैज्ञानिक और अभियंता के रूप में विख्यात रहे डॉ. अब्दुल कलाम का जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम् के एक गांव में 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था। उनका पूरा नाम 'अबुल पक्कीर जैनुलआबेदीन अब्दुल कलाम' था। 

 

2. उनके पिता ऊंची सोच वाले व्यक्ति थे लेकिन अधिक पढ़े-लिखे तो नहीं थे। वे मछुआरों को बोट किराए पर देकर घर चलाते थे। उनके परिवार में 5 भाई और 5 बहनें थीं। डॉ. कलाम का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। 

 

3. डॉ. कलाम का बचपन में ही आत्मनिर्भर बनने की तरफ यह पहला कदम था, जिसमें वे रामेश्वरम के रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर जाकर समाचार पत्र एकत्र करके रामेश्वरम की सड़कों पर दौड़-दौड़कर उसका वितरण करते थे। 

 

4. कलाम ने अपनी आरंभिक शिक्षा रामेश्वरम् में पूरी की तथा सेंट जोसेफ कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री करके मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। 

 

5. अब्दुल कलाम वह व्यक्ति थे जो बनना तो पायलट चाहते थे लेकिन किन्हीं कारणों से पायलट नहीं बन पाए। फिर हार नहीं मानते हुए जीवन ने उनके सामने जो रखा उन्होंने उसे ही स्वीकार कर साकार कर दिखाया। उनका मानना था कि जीवन में कुछ भी यदि आप पाना चाहते हैं तो आपका बुलंद हौसला ही आपके काम आएगा। 

 

6. डॉ. कलाम प्रथम ऐसे प्रथम राष्ट्रपति रहे, जो वैज्ञानिक थे और अविवाहित भी। उन्होंने 2002 में देश के सर्वोच्च पद यानी 11वें राष्ट्रपति पद शपथ ली तथा भारत के हर वैज्ञानिक का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया। 

 

7. इतना ही नहीं डॉक्टर अब्दुल कलाम 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण, 1997 में भारत रत्न से सम्मानित हुए। 

 

8. उनकी पुस्तकें इंडिया 2020, विंग्स ऑफ फायर, इग्नाइटेड माइंड, माय जर्नी आदि काफी प्रेरक हैं। डॉ. कलाम के जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करने वाली दो महिलाएं थीं- एक उनकी और दूसरी प्रसिद्ध गायिका एम.एस. सुब्बलक्ष्मी। इनकी सरलता, सादगी, कर्मठता, स्नेह से वे सदा प्रभावित रहे।

 

9. अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम को विद्यार्थियों के प्रति विशेष प्रेम था, जिसे देखकर संयुक्त राष्ट्र ने उनके जन्मदिन को 'विद्यार्थी दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया। 

 

10. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का आईआईटी गुवाहटी में संबोधन के दौरान 27 जुलाई 2015 को कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। मिसाइल मैन के नाम से मशहूर रहे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की नौवीं पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।

Top News 27 July: संसद में पेपर लीक संशोधन बिल, सोनम वांगचुक होंगे डिस्चार्ज, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

top news 27 july Photo : AI Generated

Top News 27 July : संसद में आज पेश होगा पेपर लीक संशोधन बिल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में एक्शन में पुलिस। सोनम वांगचुक को आज अस्पताल से छुट्टी मिलेगी। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को दिलाया पहला गोल्ड। 27 जुलाई की बड़ी खबरें :
 

संसद में पेपर लीक संशोधन बिल

मोदी सरकार आज दोपहर 12 बजे संसद में पेपर लीक संशोधन बिल पेश करेगी। कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन खत्म होने के बाद संसद में सोमवार से विपक्ष युवाओं पर लाठीचार्ज के सवाल पर गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाएगा। विपक्ष आज राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को भी सदन में उठा सकता है।

 

सोनम वांगचुक को मिलेगी अस्पताल से छुट्टी

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को आज मेदांता अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। वह लद्दाख रवाना होने से पहले महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राजघाट जाएंगे। नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वांगचुक ने किया था 26 दिन का अनशन। 

 

पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में एक्शन में पुलिस

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक, भड़काऊ पोस्ट और वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किए गए ऐसे कंटेंट की पहचान कर संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं और उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। 

 

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

असम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है गुजरात में भारी बारिश के कारण भारी तबाही हुई। सेना राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

मीराबाई चानू ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड

राष्ट्रमंडल खेल 2026 के चौथे दिन भारत ने ग्लास्को में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। मीराबाई चानू ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड, भारोत्तोलक राजा मुथुपांडी और ऋषिकांता सिंह ने जीता रजत पदक। भारत के जादूमणि सिंह ने पाकिस्तान के मुक्केबाज सुमामा रेहमान को पुरुष 55 किग्रा के राउंड ऑफ 16 में हराया।