
गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ के बीच राहत और बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने वलसाड में लोगों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों के साहस की खुलकर सराहना की है।
गुजरात में मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर वलसाड, वापी, उमरगाम और आसपास के इलाकों में देखने को मिला है, जहाँ कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। इस मुश्किल हालात के बीच राज्य सरकार ने व्यापक राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 42,158 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व पुनर्वास का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
पुलिस के साहस को उपमुख्यमंत्री की सलामी
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बाढ़ के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने वाले गुजरात पुलिस के जवानों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर वलसाड का एक वीडियो शेयर करते हुए पुलिस निरीक्षक (PI) गोहिल समेत पूरी टीम के साहस और हिम्मत को दाद दी।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि वलसाड बाढ़ के दौरान लोगों को बाहर निकालने, बच्चों को बचाने और समुदायों को सुरक्षित रखने में पुलिस ने उत्कृष्ट कार्य किया है। कोई भी यूनिफॉर्म इस हिम्मत को माप नहीं सकती। हमारी ढाल बनने के लिए PI गोहिल सहित पूरी पुलिस टीम का आभार।
Gujarat Police risked their own lives in the Valsad floods to pull people out, carry children, and keep communities safe.
No uniform can measure this courage. Thank you PI Gohil for being our shield.#ProudOfGujaratPolice #Valsad #FloodRescue pic.twitter.com/EszMKyDUEp
— Harsh Sanghavi (@sanghaviharsh) July 25, 2026
गांधीनगर में इमरजेंसी बैठक और राहत-पुनर्वास कार्यों की समीक्षा
स्थिति गंभीर होने पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) में देर शाम एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और राहत कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्य सचिव एम.के. दास, अपर मुख्य सचिव (राजस्व) डॉ. जयंती रवि और राहत आयुक्त गौरव मकवाना समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दक्षिण गुजरात में बारिश का जोर कम होने के बाद अब राज्य सरकार का ध्यान बचाव कार्यों से हटकर प्रभावित जिलों में राहत, पुनर्वास और नुकसान के आकलन पर केंद्रित हो गया है।
बाढ़ के कारण 308 मवेशियों की मौत
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्रभावित परिवारों को तत्काल नकद सहायता (कैश डोल्स) देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही घरेलू सामान के नुकसान के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण पूरे गुजरात में कुल 308 मवेशियों (पशुओं) की मौत दर्ज की गई है। प्रशासन द्वारा संवेदनशील इलाकों से 42,158 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

