बांग्लादेश में हिंदू परिवार की निर्मम हत्या, बंद घर में मिले 4 शव, इस बात से नाराज थे आरोपी

बांग्लादेश में हिंदू परिवार की निर्मम हत्या, बंद घर में मिले 4 शव, इस बात से नाराज थे आरोपी

Murder of four members of a Hindu family in Bangladesh

Murder of a Hindu family in Bangladesh : बांग्लादेश के रंगपुर में याबा नशे का विरोध करने पर हिंदू परिवार के एक रिटायर्ड शिक्षक समेत परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवार के चारों लोगों के शव शनिवार रात बंद घर से मिले थे। इस मामले में पुलिस ने 2 संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है, जो कि रिश्‍ते में चचेरे भाई हैं। लेकिन मृतक के भाई ने सही जांच कर असली अपराधियों के पकड़ने की मांग की है। मामले में पुलिस ने खुलासा किया कि हत्या के बाद दोनों आरोपी करीब 6 घंटे घर में ही रहे। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

बांग्लादेश के रंगपुर में याबा नशे का विरोध करने पर हिंदू परिवार के एक रिटायर्ड शिक्षक समेत परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवार के चारों लोगों के शव शनिवार रात बंद घर से मिले थे। इस मामले में पुलिस ने 2 संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है, जो कि रिश्‍ते में चचेरे भाई हैं। लेकिन मृतक के भाई ने सही जांच कर असली अपराधियों के पकड़ने की मांग की है।

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मामले में पुलिस ने खुलासा किया कि हत्या के बाद दोनों आरोपी करीब 6 घंटे घर में ही रहे। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। याबा एक बेहद नशीला पदार्थ है, जिसमें मुख्य रूप से मेथामफेटामाइन और कैफीन होता है। बांग्लादेश में इसके इस्तेमाल और तस्करी को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। खबरों के मुताबिक, रिटायर्ड शिक्षक ने अपने घर की छत पर 2 युवकों को याबा का सेवन करते देखा था।

उन्होंने दोनों को ऐसा करने से रोका। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद दोनों संदिग्ध घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस हमले में चारों की मौत हो गई। आरोपियों को डर था कि रिटायर्ड शिक्षक उन्हें पहचान लेंगे, इसलिए उन्होंने उनका गला दबा दिया। इस बीच आवाज सुनकर शिक्षक की पत्नी भी ऊपर पहुंचीं तो आरोपियों ने उनका भी गला दबा दिया और इसके बाद उनकी बेटी और 12 साल के बेटे की भी हत्या कर दी।

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पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध करीब 6 घंटे तक घर के अंदर ही रहे। इस दौरान दोनों ने खजूर और खीरा खाया और घर में नहाया। इसके बाद वे वहां से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, परिवार का किसी अन्य व्यक्ति के साथ कोई पुराना विवाद या दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में नशे का विरोध ही वारदात की मुख्य वजह मानी जा रही है। रंगपुर की इस घटना ने बांग्लादेश में नशीले पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे CM मोहन यादव, की अतिवृष्टि-राहत कार्यों की समीक्षा, जानें क्या दिए निर्देश?

दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे CM मोहन यादव, की अतिवृष्टि-राहत कार्यों की समीक्षा, जानें क्या दिए निर्देश?

Chief Minister Dr Mohan Yadav reviewed relief operations

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की रीवा संभाग-शहडोल संभाग-जबलपुर के प्रशासन के साथ अहम बैठक

– मुख्‍यमंत्री ने किसी भी स्थिति में बीमारी को फैलने से रोकने के निर्देश

– प्रदेश के मुखिया ने किया जल भराव वाले इलाकों का निरीक्षण
Chief Minister Dr Mohan Yadav :
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 अगस्त को नई दिल्ली से रीवा पहुंचे। उन्होंने यहां रीवा संभाग-शहडोल संभाग-जबलपुर के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों के साथ अतिवृष्टि और चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जहां अभी भी बाढ़ का पानी है, वहां राहत कैंप अच्छी तरह से संचालित किए जाएं। राहत कैंपों में समुचित मात्रा में खाद्य सामग्री, पीने के पानी एवं चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि लोगों का खाने-पीने का सामान, घर इत्यादि नष्ट हो गए हों उन्हें तत्काल आरबीसी 6 (4) के तहत सहायता उपलब्ध कराएं। इसके अलावा उन्होंने रीवा के गुलाब नगर में जल भराव का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि शिविरों में साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

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जहां बाढ़ का पानी उतर गया है, वहां शासकीय अमले को भेजें, लोगों को खाने-पीने की किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पीने के पानी की शुद्धता के लिए सभी जल स्रोतों एवं हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर इत्यादि से क्लोरिनेशन कराएं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी गांव में और नगरी क्षेत्र के वार्डों में जहां बाढ़ का प्रकोप रहा है वहां विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करें।

महामारी फैलने से बचाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुखार एवं सर्दी जुकाम के मरीज को भी गंभीरता से लिया जाए, किसी तरह की महामारी की स्थिति निर्मित ना हो। जिन गांवों में अति वर्षा से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई हो, उसे तत्काल बहाल करें।

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पशु चिकित्सा विभाग को भी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जानवरों के इलाज में भेजें, किसी तरह की महामारी नहीं फैलनी चाहिए और यदि पशुओं की मृत्यु हुई हो तो उनका वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोजल करें। उन्होंने कहा कि गौशालाओं इत्यादि में पशुओं के खाने-पीने एवं चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।

फील्ड में उतरें अधिकारी-कर्मचारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि यदि फसल क्षति की सूचना हो तो वहां तत्काल सर्वे कराएं। यदि बुवाई वगैरा प्रारंभिक अवस्था में हो तो उसके नष्ट होने पर बीज इत्यादि की व्यवस्था करें। राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग इत्यादि के अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके कार्य स्थल-फील्ड में रहना सुनिश्चित करवाएं। इनके दल बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में भेजें। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सभी नगरी निकायों एवं गांव में साफ सफाई का एक विशेष अभियान प्रारंभ करें ताकि किसी तरह की बीमारी न फैले।

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जनता का रखा जाएगा पूरा ध्यान

समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि आज रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित कर नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं एवं सहायता उपलब्ध कराई गई। बीते दो दिनों से वर्षा थमने के बाद अधिकांश नागरिक राहत शिविरों से अपने घरों को लौट चुके हैं।

अतिवृष्टि के दौरान जिन नागरिकों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा जहां जनहानि एवं पशुहानि हुई है, उन्हें नियमानुसार सरकार की ओर से मुआवजा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि 24 से 27 अगस्त 2026 के बीच जिन जिलों में वर्षा चक्र सक्रिय होने की संभावना है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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वहीं इस वर्ष प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 20% कम वर्षा हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों को प्रोत्साहित करने तथा किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बदलती मौसम परिस्थितियों के बीच नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

स्वाइन फ्लू को लेकर ICMR का बड़ा बयान, देश में नहीं मिला कोई नया वेरिएंट, जानिए कहां बढ़ रहे H1N1 के मरीज?

स्वाइन फ्लू को लेकर ICMR का बड़ा बयान, देश में नहीं मिला कोई नया वेरिएंट, जानिए कहां बढ़ रहे H1N1 के मरीज?

ICMR's major statement on swine flu

ICMR's major statement on swine flu : देश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के किसी नए और खतरनाक वेरिएंट के फैलने की आशंका के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति स्पष्ट की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत में H1N1 का कोई नया वेरिएंट सामने नहीं आया है। फिलहाल देश में फैल रहा इन्फ्लूएंजा-A यानी H1N1 pdm09 वायरस पहले से मौजूद स्ट्रेन का ही हिस्सा है। स्वाइन फ्लू की अफवाहों के बीच आईसीएमआर की यह रिपोर्ट देश के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि यह वायरस साल 2025 से ही देश में बना हुआ है, इसलिए किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है।

 

देश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के किसी नए और खतरनाक वेरिएंट के फैलने की आशंका के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति स्पष्ट की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत में H1N1 का कोई नया वेरिएंट सामने नहीं आया है। फिलहाल देश में फैल रहा इन्फ्लूएंजा-A यानी H1N1 pdm09 वायरस पहले से मौजूद स्ट्रेन का ही हिस्सा है।

 

स्वाइन फ्लू की अफवाहों के बीच आईसीएमआर की यह रिपोर्ट देश के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि यह वायरस साल 2025 से ही देश में बना हुआ है, इसलिए किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है।

 

वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान वायरस मौसमी फ्लू वैक्सीन में शामिल वायरस से मेल खाता है। लेकिन बच्चों और बुजुर्गों में लक्षण बिगड़ने पर थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इन लोगों में बीमारी की वजह से परेशानी थोड़ी बढ़ सकती है। अगर किसी के लक्षण 3-4 दिन में ठीक न हों, या सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कत होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। H1N1 के लक्षण आम मौसमी फ्लू जैसे हो सकते हैं। इनमें बुखार, खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान शामिल हैं।

 

यहां बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले

दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में इन्फ्लूएंजा ए के 2392 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1,777 मामले एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के हैं। मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि अस्पतालों में इलाज के लिए डॉक्टर, बेड और दवाइयां पर्याप्त हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर रख रहा है।

 

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं। अब तक 38 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 25 मरीज रायपुर के हैं। रायपुर में मिले मरीजों में आधे से अधिक अभी एक्टिव हैं। इसके अलावा बिलासपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, बस्तर, बेमेतरा और रायगढ़ में भी मरीज मिले हैं। इसे लेकर अब स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है।

 

मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उज्जैन में एच-1एन-1 संक्रमण से ग्रस्त महिला की मौत के बाद अब प्रदेशभर से स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आने लगे हैं। बीते 5 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो इंदौर और उज्जैन में स्वाइन फ्लू के 4 मामले सामने आए थे, जबकि सिर्फ शनिवार को ही अलग-अलग शहरों से 3 संकर्मितों की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू (H1N1) एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो सांस के जरिए, खांसने या छींकने से फैलती है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और थकान शामिल हैं। सही समय पर आराम, तरल पदार्थों के सेवन और डॉक्टर की सलाह से यह ठीक हो जाता है।

पूर्वी यूपी की विरासत और झरनों से रूबरू होंगे 80 बाइकर्स, ‘द राइडिंग चैप्टर्स-2’ में दिखेगा उत्तर प्रदेश का नया अंदाज

पूर्वी यूपी की विरासत और झरनों से रूबरू होंगे 80 बाइकर्स, ‘द राइडिंग चैप्टर्स-2’ में दिखेगा उत्तर प्रदेश का नया अंदाज

bike riders

बौद्ध विरासत के केंद्र सारनाथ, ऐतिहासिक चुनारगढ़ और मानसून में अपनी रंगत में नजर आने वाले देवदरी व राजदरी जलप्रपात अब एडवेंचर टूरिज्म के नए आकर्षण के रूप में उभरेंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन ने इन स्थलों को जोड़ते हुए युवाओं और बाइकिंग के शौकीनों के लिए खास वीकेंड यात्रा तैयार की है। शनिवार को 'द राइडिंग चैप्टर्स' के दूसरे संस्करण के तहत 80 बाइक सवार लखनऊ से दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान के जरिए पर्यटन विभाग का प्रयास प्रदेश के उन समृद्ध लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित (अल्पज्ञात) स्थलों को नई पहचान दिलाना है, जो अब तक मुख्यधारा के पर्यटन सर्किट का हिस्सा नहीं बन सके हैं।

 

उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने सुबह 8 बजे 1090 चौराहे से दो दिवसीय बाइक यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान लखनऊ के मुख्य विकास अधिकारी प्रफुल्ल कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। बाइकर्स का दल सुल्तानपुर और जौनपुर होते हुए बौद्ध स्थली सारनाथ पहुंचेगा। इसके बाद चुनार की ओर बढ़ेगा। इस तरह यह यात्रा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को करीब से जानने-समझने का अवसर भी देगी।

 

गंगा किनारे इतिहास का प्रहरी चुनारगढ़

गंगा नदी के किनारे बसा ऐतिहासिक चुनारगढ़ इस यात्रा का अहम पड़ाव है। शेरशाह सूरी से लेकर मुगल और ब्रिटिश शासनकाल तक के दौर का साक्षी रहा यह किला  विशाल पत्थर की दीवारों, सामरिक महत्व और गंगा तट पर बसे भव्य स्वरूप के लिए जाना जाता है। स्वयं में इतिहास की कई परतों को समेटे चुनारगढ़ आज भी पूर्वी उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत का अहम प्रतीक है, जहां पर्यटन की संभावनाओं को और विस्तार देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

 

'बेहतर कनेक्टिविटी से नए पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान'

यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित यात्रा का माहौल पर्यटन के नए और अल्पज्ञात स्थलों तक पहुंच को आसान बना रहा है। उन्होंने कहा कि 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' के माध्यम से युवाओं को रोमांच और प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए ऐसे पर्यटन स्थलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो अब तक सामान्य यात्रा कार्यक्रमों से बाहर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से युवाओं को उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से इतर इतिहास, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच से जुड़े अनदेखे अनुभवों को जानने और समझने का अवसर मिलेगा।

 

आस्था से एडवेंचर तक

रात्रि विश्राम के बाद रविवार को बाइकर्स काशी आनंदम से अगले पड़ाव के लिए रवाना होंगे। यहां से दल शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगा, जहां दर्शन-गंगा आरती के बाद यात्रा देवदरी और राजदरी वाटरफॉल की ओर बढ़ेगी। घने जंगलों व हरियाली के बीच स्थित देवदरी और राजदरी जलप्रपात मानसून में पूरे उफान पर रहते हैं। ऐसे में यात्रा का दूसरा दिन बाइकिंग के रोमांच के साथ प्रकृति और एडवेंचर टूरिज्म का विशेष अनुभव कराएगा।

 

..ताकि पर्यटन मानचित्र पर दिखें अल्पज्ञात स्थल 

'द राइडिंग चैप्टर्स' का पहला संस्करण इस माह के शुरुआत में लखनऊ से कालिंजर किले तक आयोजित किया गया था। पहली बाइक यात्रा को मिली सफलता के बाद शनिवार को इसके दूसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाई गई। ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत पर्यटन विभाग सुनियोजित सड़क यात्राओं के जरिए प्रदेश की विरासत और अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों को पर्यटकों से रूबरू कराते हुए इन्हें प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर लाने की पहल कर रहा है।

राष्ट्रगान के बीच कार्यक्रम से चले गए यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, सामने आया वीडियो

राष्ट्रगान के बीच कार्यक्रम से चले गए यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, सामने आया वीडियो

उत्तरप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि शनिवार को उन्नाव में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान के बीच महाना वहां से चले गए। कार्यक्रम में पहुंचने पर पुलिस ने प्रोटोकॉल के तहत उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया था। इसके तुरंत बाद राष्ट्रगान शुरू हुआ।

 

बताया जा रहा है कि राष्ट्रगान के दौरान सतीश महाना ने सलामी दी, फिर हाथ जोड़कर मंच के पीछे की ओर चले गए। इसके बाद कुछ दूरी पर खड़े उनके समर्थक भी उनके पास पहुंचे और पैर छूने लगे। इसके बाद महाना अपनी कार में बैठे और कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए।

स्कूल के कार्यक्रम में पहुंचे थे महाना

 

यह मामला उन्नाव के पूरन नगर स्थित एक स्कूल का बताया जा रहा है। सतीश महाना यहां प्रधानाचार्य परिषद के अधिवेशन और शैक्षिक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने पहुंचे थे। घटना का वीडियो रविवार को सामने आया, जिसके बाद इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, कार्यक्रम के आयोजकों ने दैनिक भास्कर से बातचीत में दावा किया कि जहां सतीश महाना मौजूद थे, वहां से राष्ट्रगान बजने की जगह काफी दूर थी।

 

आयोजकों के इस स्पष्टीकरण के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और आयोजकों के बयान के आधार पर मामले को लेकर चर्चा जारी है।

ट्रंप को झटका, 75 देशों पर वीजा प्रतिबंध के फैसले पर रोक

ट्रंप को झटका, 75 देशों पर वीजा प्रतिबंध के फैसले पर रोक

donald trump

अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने ट्रंप की उस वीजा नीति को रद्द कर दिया है, जिसके तहत 75 देशों के नागरिकों को वीजा दिए जाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिबंध लगा दिया था। ये प्रतिबंध इन देशों के उन नागरिकों के लिए थे, जो अमेरिका में स्थायी रूप से बसने के लिए वीजा चाहते थे।

 

सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क की जज जेनेट वर्गास ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि यह नीति कानून के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने कानूनी अधिकारों से आगे जाकर इस नीति को जारी किया था।

 

होर्मुज का बैकअप प्लान तैयार करने के लिए बेचैन खाड़ी देश

 

अमेरिका में यह नीति जनवरी में लागू हुई थी। इसके तहत 75 देशों के नागरिकों के लिए अप्रवासी वीजा आवेदनों की प्रक्रिया निलंबित कर दी गई थी। इस सूची में अफगानिस्तान, ब्राजील, मिस्र, ईरान और इराक जैसे देश शामिल थे। नाइजीरिया, सोमालिया, थाईलैंड और यमन भी सूची में थे।

 

सिर्फ देश का नाम देख रोका गया वीजा

नीति लागू होने के समय विदेश मंत्रालय ने उसका बचाव किया था। विभाग ने कहा था कि यह कदम अमेरिकी संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा था, इस फैसले का उद्देश्य यह है कि उच्च जोखिम वाले देशों के अप्रवासी अमेरिका में कल्याणकारी योजनाओं का गलत उपयोग न करें। विभाग ने यह भी कहा था कि ऐसे लोग सार्वजनिक सुविधाओं पर बोझ न बनें।

 

हालांकि जज जेनेट वर्गास ने आदेश पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि कंसुलर अधिकारियों को सिर्फ आवेदनकर्ता की पैदाइश का देश देखकर ऐसा आदेश नहीं देना चाहिए। कोर्ट के फैसले के अनुसार, अधिकारियों को केवल आवेदक की राष्ट्रीयता के आधार पर वीजा अस्वीकार करने को कहा गया था। ऐसा तब भी करने को कहा गया था जब अधिकारी आवेदक को अन्य सभी पैमानों पर योग्य मान चुके हों।

ऊंची अदालत में फैसले को चुनौती दे सकती है सरकार

शुक्रवार के फैसले में अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए और कहा कि केवल इस नीति के आधार पर किसी को वीजा ना देने के फैसले को निरस्त माना जाएगा। यह फैसला ट्रंप प्रशासन के लिए झटका माना जा रहा है। हालांकि, सरकार के पास फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प मौजूद है।

 

डॉनल्ड ट्रंप ने चुनाव अभियान में कड़े आप्रवासन कदमों का वादा किया था. उन्होंने अवैध प्रवासियों के बड़े पैमाने पर निष्कासन की बात कही थी। व्हाइट हाउस में वापसी के बाद ट्रंप प्रशासन ने इस दिशा में कई कदम उठाए है। इन कदमों का उद्देश्य अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकालने की प्रक्रिया तेज करना है। प्रशासन सीमा पार से अवैध प्रवेश को भी कम करना चाहता है।

 

अदालत के ताजा फैसले ने जनवरी में लागू हुई अमेरिकी आप्रवासन नीति को अवैध ठहरा दिया है। साथ ही, विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि सरकार चाहे तो अब इस आदेश को उच्च अदालत में चुनौती दे सकती है। 

NEW US Territory, होर्मुज पर ट्रंप का दावा, अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

NEW US Territory, होर्मुज पर ट्रंप का दावा, अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर होर्मुज जलडमरूमध्य की एक तस्वीर साझा की, जिसमें इसे “NEW US Territory” यानी “नया अमेरिकी क्षेत्र” बताया गया है। ट्रंप के इस कदम से ईरान के साथ बढ़े तनाव के बीच रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग को लेकर अमेरिकी बयानबाजी और तीखी हो गई है।

 

ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। ट्रंप ने इससे पहले 18 अगस्त को भी यही तस्वीर साझा की थी। इससे पहले 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में एक पुलिस अकादमी में भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वह जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का क्षेत्र घोषित कर सकते हैं।

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ईरान ने ट्रंप के दावे पर किया पलटवार

 

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहन रेजाई ने होर्मुज पर ट्रंप के दावे का जवाब देते हुए कहा कि जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने में अमेरिका की असमर्थता और उस पर अपना अधिकार जताने के दावे के बीच बड़ा विरोधाभास है। रेजाई ने कहा कि फारस की खाड़ी में एक नए ‘पोस्ट-अमेरिकन ऑर्डर’ का स्वागत है। उन्होंने अमेरिकी दबाव के खिलाफ पड़ोसी देशों को भी चेतावनी दी है।

 

ईरान पर नए और कड़े प्रतिबंधों की तैयारी

 

ट्रंप की ताजा पोस्ट ऐसे समय आई है जब अमेरिका ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक टकराव के और गहराने की आशंका है। ईरान ने प्रस्तावित प्रतिबंधों की निंदा की है। उसका कहना है कि नए प्रतिबंध उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकते हैं और उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदारों को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें चीन सबसे अहम है, जो ईरानी तेल का प्रमुख खरीदार बना हुआ है।

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अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने इन प्रतिबंधों को “इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध” बताया है। बेसेंट ने चीन से भी ईरान के तेल निर्यात को लेकर अमेरिका के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है।

 

ईरान ने अमेरिकी दबाव को खारिज किया

 

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि यह अमेरिकी अधिकार क्षेत्र को उसकी सीमाओं से बाहर लागू करने की कोशिश है। बघाई ने कहा कि इस तरह के द्वितीयक प्रतिबंधों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है। वहीं, मोहन रेजाई ने पड़ोसी देशों को अमेरिका के आर्थिक अभियान में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिका के आर्थिक युद्ध का हिस्सा बनेंगे, उन्हें ईरान दुश्मन के रूप में देखेगा।

 

होर्मुज जलडमरूमध्य बना टकराव का केंद्र

 

होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। ईरान का कहना है कि यह समुद्री मार्ग बंद है और उसने बिना अनुमति तेल टैंकरों के प्रवेश को लेकर कार्रवाई की चेतावनी दी है। होर्मुज में आवाजाही बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। फिलहाल केवल कुछ ही कमोडिटी जहाज इस जलमार्ग से गुजर पाए हैं, जबकि बड़े कच्चे तेल के टैंकर और LNG जहाज काफी हद तक यहां से दूर हैं।

weather update : कमजोर पड़ा मानसून, अगले 2 हफ्ते बारिश को तरसेंगे कई इलाके, IMD ने जताई बड़ी चिंता, बढ़ सकता है फसलों पर संकट

weather update : कमजोर पड़ा मानसून, अगले 2 हफ्ते बारिश को तरसेंगे कई इलाके, IMD ने जताई बड़ी चिंता, बढ़ सकता है फसलों पर संकट

भारत में मानसून अब उस समय कमजोर पड़ता नजर आ रहा है, जब इस मौसम में बारिश अपने चरम पर होनी चाहिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कम से कम दो सप्ताह यानी 2 सितंबर तक देशभर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। शनिवार तक देश में कुल बारिश लंबी अवधि के औसत से 14 फीसदी कम दर्ज की गई थी और आने वाले दिनों में यह कमी और बढ़ सकती है।

 

IMD के 20 अगस्त के विस्तारित अवधि पूर्वानुमान (Extended Range Forecast) के मुताबिक, मानसून ट्रफ के मध्य भारत की ओर बढ़ने के बजाय लगातार हिमालय की तलहटी के पास बने रहने की संभावना है। इसका सीधा असर देश के उन हिस्सों पर पड़ सकता है, जहां अगस्त में कृषि के लिए महत्वपूर्ण बारिश की जरूरत होती है।

 

हिमालय और पूर्वोत्तर में भारी बारिश, मध्य भारत में संकट

 

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दोनों सप्ताह देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, हिमालयी क्षेत्र तथा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, प्रायद्वीपीय भारत में अगले सप्ताह भी बारिश की स्थिति कमजोर रहने का अनुमान है।

 

अगले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तरी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

 

स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया के मुताबिक, मानसून ट्रफ का हिमालयी क्षेत्र में केंद्रित रहना देश के बाकी हिस्सों में बारिश को प्रभावित करेगा। उनके अनुसार, ट्रफ के कम से कम एक सप्ताह तक हिमालय की तलहटी में बने रहने की संभावना है।

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मध्य भारत में बारिश की कमी बढ़ा सकती है कृषि की चिंता

 

मानसून ट्रफ का दक्षिण की ओर मध्य भारत में नहीं आना बड़ी चिंता का कारण है। अगस्त के दौरान मध्य भारत में यही ट्रफ आमतौर पर सबसे अधिक और कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण बारिश कराता है। ऐसे में जिन क्षेत्रों को बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होने का खतरा बढ़ गया है।

 

एक्सपर्ट्‍स के अनुसार मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और गुजरात के वर्षा आधारित इलाकों में 2026 का मानसून अनियमित रहा है। वर्तमान में बारिश की कमी करीब 14 फीसदी है और अगस्त के बाकी दिनों में कमजोर बारिश के साथ यह घाटा 15 फीसदी से अधिक हो सकता है। अरहर (तूर), सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों पर निगरानी और उपज के आकलन की जरूरत बताई है।  मानसून में आगे भी कमी रहने से आने वाले दिनों में खाद्य महंगाई बढ़ने का दबाव बन सकता है।

 

वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियां भी स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। रूस-यूक्रेन क्षेत्र से कार्गो आपूर्ति में बाधा के कारण लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याएं पहले से बनी हुई हैं। ऐसे में कमजोर मानसून के बीच सरकार के लिए मजबूत सप्लाई चेन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

 

अल नीनो भी बढ़ा रहा चिंता

 

इस साल मानसून के कमजोर प्रदर्शन से जुड़ा अल नीनोभी लगातार मजबूत हो रहा है। ब्रिटेन के Met Office ने शुक्रवार को कहा कि यह घटना एक सदी से अधिक समय में सबसे शक्तिशाली अल नीनो बनने की दिशा में बढ़ रही है। प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस से अधिक ऊपर जाने का अनुमान है। इसका वैश्विक मौसम पर व्यापक असर पड़ सकता है और 2027 के दुनिया के सबसे गर्म वर्ष बनने की संभावना भी बढ़ सकती है।

यमुना के बाढ़ क्षेत्र को पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने के सभी आरोपों से आर्ट ऑफ लिविंग मुक्त, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय के एक महत्त्वपूर्ण एवं निर्णायक निर्णय के साथ आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिष्ठित 2016 वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल को लेकर लगभग एक दशक से चले आ रहे मीडिया ट्रायल और निराधार आरोपों का पटाक्षेप हो गया है। न्यायालय ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के पूर्व निर्णय को निरस्त करते हुए उससे संबंधित सभी परिणामी अंतरिम कार्रवाइयों को भी समाप्त कर दिया है।

निर्णय का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पक्ष यह है कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से माना कि अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों से यह सिद्ध होता है कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल से यमुना के बाढ़ क्षेत्र को किसी प्रकार की पर्यावरणीय क्षति नहीं हुई थी।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा जमा की गई 5 करोड़ की राशि उसे पूर्णतः वापस की जानी चाहिए। इस राशि को अनुचित रूप से ‘जुर्माना’ के रूप में प्रचारित किया गया था, जिसका उद्देश्य संस्था की प्रतिष्ठा को धूमिल करना था।

2016 का वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल एक ऐतिहासिक वैश्विक आयोजन था, जिसमें 155 से अधिक देशों की सहभागिता रही और लगभग 35 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से इसमें सम्मिलित हुए। इस विराट आयोजन की अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. सी. लाहोटी ने की थी। संयुक्त राष्ट्र के छठे महासचिव दिवंगत डॉ. बुतरस बुतरस-घाली भी इस आयोजन के सह-अध्यक्ष बनने वाले थे, किंतु दुर्भाग्यवश आयोजन से एक माह पूर्व ही उनका निधन हो गया।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पश्चात आर्ट ऑफ लिविंग के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा: “निहित स्वार्थों से प्रेरित कुछ लोगों द्वारा उस संस्था पर निराधार आरोप लगाने का यह दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद प्रयास अब पूरी तरह उजागर हो गया है, जो स्वयं लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के संवर्धन के लिए समर्पित भाव से कार्य करती आ रही है।”

कॉकरोच मैन अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR, बिना इजाजत के सरकारी स्कूल में घुसने और धमकाने का आरोप

कॉकरोच मैन अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR, बिना इजाजत के सरकारी स्कूल में घुसने और धमकाने का आरोप

abhijeet dipke at jantar mantar

कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) बनाकर और फिर जंतर-मंतर पर आंदोलन कर के चर्चा में आए अभिजीत दिपके के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दीपके पर सरकारी स्कूल में बिना अनुमति के घुसने, सरकारी काम में बाधा डालने और धमकाने का आरोप लगा है। इसके बाद उन पर यह एफआईआर दर्ज हुई है। यह एफआईआर लातूर पुलिस ने दर्ज की है।

क्‍यों हुई एफआईआर : सरकारी स्‍कूल में बिना अनुमति के घुसने, काम में बाधा डालने और शिक्षकों को धमकाने के आरोप में महाराष्ट्र के लातूर जिले की पुलिस ने कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके और अन्य लोगों के खिलाफ कथित यह एफआईआर दर्ज की गई है।

किसने दर्ज करवाई शिकायत : यह एफआईआर जिला परिषद उर्दू स्कूल की 53 वर्षीय शिक्षिका सैयद शमशादबानो खैरात अली की शिकायत पर औसा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।  दिपके CJP के चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत मध्य महाराष्ट्र के लातूर जिले के स्कूलों का दौरा कर वहां की समस्याओं को सामने ला रहे हैं।

शिकायत के अनुसार, कथित घटना मुंबई से 500 किलोमीटर से अधिक दूर औसा के पास जावली स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल में हुई। आरोप है कि दिपके और उनके सहयोगी बिना अनुमति स्कूल में घुस गए, छात्रों के बीच बैठ गए और उनसे कई सवाल पूछे। इससे पढ़ाई और सरकारी काम में बाधा पहुंची।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि CJP नेता ने इस दौरान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया. शिकायत के मुताबिक, दिपके ने यह दावा कर स्कूल को बदनाम किया कि उनके दौरे के दौरान दूसरे स्कूल के छात्रों को लाकर कक्षाओं में बैठाया गया था। उन पर शिक्षकों को निलंबित करवाने की धमकी देने का भी आरोप है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 329(3), 351(2) और 356(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।