कानपुर के बर्रा में रिटायर्ड फौजी रामबाबू राजपूत (55) ने रविवार को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बेटे ने बताया कि वह कुछ दिनों से अवसाद में थे। परिजनों ने बंदूक की सफाई के दौरान गोली चलने की बात कही है, जबकि पुलिस को आत्महत्या का शक है। मामले की जांच जारी है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपनी अमेरिका यात्रा के सातवें दिन न्यू जर्सी में स्थित विश्व प्रसिद्ध BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति के इस महान केंद्र पर BAPS के संतों द्वारा मुख्यमंत्री का भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। ALSO READ: भूपेंद्र पटेल की वर्ल्ड बैंक संग बड़ी बैठक, GIFT City से AI तक पर चर्चा; वॉलमार्ट के साथ MSME को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर मंथन
पूज्य ब्रह्मविहारीदास स्वामी ने किया स्वागत
अक्षरधाम परिसर में मुख्यमंत्री पटेल के आगमन पर पूज्य ब्रह्मविहारीदास स्वामी ने उनका अभिनंदन किया और उन्हें माला पहनाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। इस यात्रा के दौरान आध्यात्मिक वातावरण के बीच संस्कृति और संस्कारों के आदान-प्रदान के भावपूर्ण क्षण देखने को मिले।
अक्षरधाम परिसर और मानव सेवा का अनुभव
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अक्षरधाम परिसर के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया और भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं तथा मानव सेवा के कार्यों को करीब से देखा। विदेशी धरती पर भारतीय मूल्यों और विरासत को जीवंत रखने के प्रयासों पर उन्होंने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भारतीय संस्कृति की पहचान को बनाए रखने में गुजराती और पूरे भारतीय समुदाय की भूमिका बेहद सराहनीय है। ALSO READ: गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, विदेश में पढ़ाई के लिए अब 10 लाख रुपये तक आय वालों को मिलेगा लोन
BAPS संतों के साथ संवाद और सांस्कृतिक महत्व
परिसर का भ्रमण करने के बाद मुख्यमंत्री ने BAPS के संतों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि BAPS अक्षरधाम जैसी संस्थाएं विदेशों में भी भारतीय विरासत, सनातन संस्कृति और सेवा भाव के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्त्वपूर्ण और भगीरथ कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को दिए गए निःशुल्क बस यात्रा के समय में वृद्धि की है।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अब यह निःशुल्क यात्रा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक की जा सकेगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ फ्री यात्रा कर सकेंगी। रक्षाबंधन पर बहनें सुरक्षित और आसानी से अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए परिवहन, पुलिस, प्रशासन व संबंधित विभाग मिलकर सारी व्यवस्था सुनिश्चित करें। त्योहारों के मद्देनजर शहरों, एक्सप्रेसवे, हाईवे व प्रमुख मार्गों पर पेट्रोलिंग तेज की जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षाबंधन के मद्देनजर रविवार को परिवहन निगम/विभाग, नगर विकास, पुलिस, यातायात आदि विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन पर प्रदेश में सुगम, सुरक्षित, व्यवस्थित परिवहन एवं यातायात व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में माताओं, बहनों और बेटियों के आवागमन को देखते हुए परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय से सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ले। रक्षाबंधन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की 900 से अधिक बसों में भी यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निजी बसों, ऑटो और टैक्सी चालकों के भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन 28 अगस्त को है और 25 अगस्त की सुबह से 29 अगस्त की रात तक आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवधि रहेगी। 26 अगस्त को अवकाश होने के कारण लंबी दूरी और अंतरजनपदीय यात्राओं में वृद्धि की संभावना है। प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं एवं एक सहयात्री के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है। इसके साथ अतिरिक्त बसों के संचालन की भी तैयारी की गई है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में 25 अगस्त तक बस, टैक्सी और ऑटो-टेम्पो यूनियनों के साथ समन्वय बैठक की जाए। निर्धारित किराया ही लिया जाए, ओवरलोडिंग न हो, यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और यात्री सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रक्षाबंधन के दौरान संचालित होने वाली टैक्सी और ई-रिक्शा के चालकों का आवश्यक सत्यापन कराया जाए। केवल सत्यापित और सक्षम चालकों से ही वाहनों का संचालन कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर विशेष यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए। मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल-मिर्जापुर और गोरखपुर जैसे स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जाए। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बाजारों तथा शहरों के प्रवेश और निकास मार्गों पर यातायात दबाव को देखते हुए पहले से कार्ययोजना तैयार रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान बस स्टेशनों पर सीसीटीवी, पेयजल, साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहे। वहीं उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओऱ से रक्षाबंधन पर फर्स्ट एड की अलग से व्यवस्था भी बस स्टेशनों पर की जाए। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, अधिक किराया वसूली तथा अन्य अनियमितताओं के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई के निर्देश दिए। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, नशे में वाहन चलाने तथा मालवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों में यात्रियों के अनधिकृत परिवहन पर सख्ती की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन ऑवर का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। राहत एवं बचाव केंद्रों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाए, ताकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकटतम राहत एवं बचाव केंद्र, ट्रॉमा केयर और एंबुलेंस तक तत्काल पहुंच बनाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने परिवहन व्यवस्था को नागरिक सुविधा से सीधे जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित, सरल और तकनीक आधारित बनाया जाए। रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों की यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि त्योहार के दौरान किसी यात्री को अनावश्यक परेशानी न हो।

उत्तर प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान केवल पोषण सामग्री के वितरण तक सीमित नहीं है। टेक होम राशन (टीएचआर) योजना के जरिए बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं की अलग-अलग पोषण जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार कर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना के तहत शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, संपूर्ण मातृ आहार, आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण जैसे सात उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें ऊर्जा, प्रोटीन, आयरन समेत जरूरी पोषक तत्व शामिल किए गए हैं। इससे लाभार्थियों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुरूप पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
बच्चों में नाटेपन की दर में लगातार गिरावट आई है। वर्ष 2015-16 में यह दर 46.3 प्रतिशत थी, जो 2019-21 में घटकर 39.7 प्रतिशत हो गई। वहीं अब में यह आंकड़ा 31.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा अल्पवजन और दुबलापन जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषण के साथ निगरानी और जागरूकता
टीएचआर योजना की व्यवस्था को आंगनबाड़ी सेवाओं से जोड़ा गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लाभार्थियों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ बच्चों का वजन मापने, उनके विकास की निगरानी करने और गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी परामर्श देने का काम करती हैं। परिवारों को संतुलित आहार और पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी निभाई जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल पोषण सामग्री पहुंचाना नहीं, बल्कि लाभार्थियों की जरूरत को समझकर उन्हें लगातार पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराना है।
4 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार, गांवों में मजबूत हुई आर्थिक भागीदारी
टेक होम राशन योजना को महिला सशक्तीकरण से जोड़ना इसकी अहम विशेषता है। उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। वर्तमान में 4,000 से अधिक महिलाएं इन उत्पादन इकाइयों से जुड़कर रोजगार प्राप्त कर रही हैं। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आय का अवसर मिला है और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को भी विस्तार मिला है। पोषण उत्पाद तैयार करने से लेकर उनकी आपूर्ति व्यवस्था तक महिलाओं की भागीदारी ने योजना को आजीविका और पोषण, दोनों से जोड़ दिया है।
गुणवत्ता व साफ-सफाई को लेकर सख्त निर्देश
बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर शासन ने सम्बंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। भोजन की गुणवत्ता उच्च स्तर की होना अनिवार्य है। खाना बनाने से पहले खाद्य सामग्री की अच्छी तरह सफाई और हरी सब्जियों को दो से तीन बार पानी से धोना सुनिश्चित किया जाए। बच्चों को परोसने से पहले हर दिन कम से कम दो वयस्कों द्वारा भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। स्वच्छता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
9 साल में बदला पोषण अभियान का स्वरूप
पिछले 9 वर्षों में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के द्वारा उत्तर प्रदेश में पोषण सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। डिजिटल निगरानी, पारदर्शी वितरण व्यवस्था और महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी के साथ पोषण अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश हुई है। टीएचआर मॉडल में एक ओर बच्चों और माताओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने पर जोर है, तो दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता का रास्ता तैयार किया गया है। योगी सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाते हुए प्रत्येक पात्र परिवार तक बेहतर पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं पहुंचाना है।
बारिश के मौसम में प्रकृति कई ऐसे नजारे दिखाती है, जिन्हें देखकर आंखें ठहर जाती हैं। मध्य प्रदेश के बांद्राभान संगम पर इन दिनों नर्मदा और तवा नदी का ऐसा ही अनोखा रूप देखने को मिल रहा है। यहां दो नदियां एक-दूसरे से मिलती हैं, लेकिन संगम से पहले दोनों का पानी अलग-अलग रंग में नजर आता है। एक तरफ नदी का पानी मटमैला दिखाई देता है, तो दूसरी ओर नदी का पानी नीला नजर आता है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे एक ही जगह पर दो अलग रंगों की नदियां बह रही हों।
मानसून के दौरान बारिश का असर नदियों के पानी पर साफ दिखाई देता है। बारिश के साथ मिट्टी, रेत और दूसरी चीजें बहकर नदी में पहुंचती हैं, जिससे पानी का रंग बदल जाता है। इसी वजह से बांद्राभान संगम का यह दृश्य इन दिनों और भी खास दिखाई दे रहा है। दोनों नदियों के अलग रंगों वाला पानी लोगों को अपनी ओर खींच रहा है और यह जगह फोटोग्राफी के लिए भी बेहद अट्रैक्टिव बन गई है।

नर्मदा का बदला रंग
मानसून में तेज बारिश के कारण आसपास की मिट्टी और गाद पानी के साथ नर्मदा नदी में पहुंचती है। इसी वजह से नर्मदा का पानी इस समय मटमैला या भूरा नजर आता है। संगम के पास पहुंचने पर यह रंग साफ दिखाई देता है और दूर से देखने पर पानी की अलग धारा आसानी से पहचानी जा सकती है।नर्मदा के ठीक दूसरी तरफ तवा नदी का पानी अपेक्षाकृत साफ और नीला नजर आता है। दोनों नदियों के पानी के रंग में इतना फर्क दिखाई देता है कि संगम का दृश्य पहली नजर में ही लोगों का ध्यान खींच लेता है। नीले और मटमैले पानी का यह मेल इस जगह को और खास बना देता है।

मानसून का असर
बारिश का असर नदियों पर कई तरह से पड़ता है। तेज बारिश के दौरान नदी में मिट्टी, गाद और छोटे कण पहुंचने से पानी का रंग बदल सकता है। अलग-अलग जगहों से आने वाले पानी की वजह से दो नदियों के रंग में भी अंतर दिखाई दे सकता है। बांद्राभान में मानसून के दौरान यही बदलाव इस अनोखे नजारे की वजह बन रहा है।
खूबसूरत संगम
बांद्राभान संगम का अलग-अलग रंगों वाला पानी देखने के साथ-साथ तस्वीरें लेने के लिए भी अट्रैक्टिव लगता है। एक फ्रेम में मटमैली नर्मदा और नीली तवा नदी का नजर आना इस जगह की खासियत है। मानसून के बादल, हरियाली और नदियों का यह नजारा मिलकर इसे नेचर और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए खास बना देते हैं।
बांद्राभान संगम का यह नजारा मानसून के दिनों में और भी खास हो जाता है। नर्मदा और तवा के पानी का अलग रंग दूर से ही लोगों का ध्यान खींचता है। प्रकृति का यह खूबसूरत रूप बताता है कि बारिश के मौसम में नदियों का रंग और अंदाज किस तरह बदल जाता है।

परिषदीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत वर्षों से बच्चों के लिए भोजन बनाने वाली रसोइया बहनों के लिए यह सप्ताह किसी त्योहार से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मानदेय में प्रतिमाह एक हजार रुपये की बढ़ोतरी और परिवार सहित पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की घोषणा से प्रदेशभर की रसोइयों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोमवार को लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में सीएम योगी ने इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली रसोइयों को सम्मानित भी किया। जिलों में इसका सजीव प्रसारण किया गया।
मेहनत को मिला सम्मान, बढ़ा हौसला
सहारनपुर के पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय जाटोवाला की रसोइया रीता देवी ने कहा कि यह वृद्धि उनके श्रम और समर्पण के प्रति योगी सरकार द्वारा दिए जा रहे सम्मान को दर्शाती है। इस निर्णय से सभी रसोइया बहनों का उत्साह और मनोबल बढ़ा है। जिले की अन्य रसोइयों ने भी इसे सरकार की समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने की नीति का हिस्सा बताया।
सजीव प्रसारण देख झूम उठीं रसोइयां
आदमगढ़ में लखनऊ के मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण आजमगढ़ के नेहरू हॉल में देखा गया, जहां सैकड़ों रसोइयां जुटीं। जैसे ही पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की घोषणा हुई, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने कहा कि नौनिहालों का पोषण संभालने वाली रसोइयों के स्वास्थ्य की चिंता करना सरकार का दायित्व था, जबकि बीएसए राजीव पाठक ने बताया कि अब रसोइयों को इलाज के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।
घर के बजट को मिली राहत
मेरठ के खानपुर जूनियर हाईस्कूल की रसोइया विमलेश ने कहा कि मानदेय बढ़ने से घर के खर्च में राहत मिलेगी। परिवार के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलना उनके लिए बड़ी राहत है, क्योंकि अब बीमारी के समय पैसों की चिंता कम होगी।
मुख्यमंत्री ने हमारी मेहनत को समझा
आगरा के प्राथमिक विद्यालय नगला डिठवार की रसोइया आशा देवी ने खुशी जताते हुए कहा कि बढ़े हुए मानदेय और पांच लाख के कैशलेस इलाज से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी ने उनकी मेहनत और जरूरतों को समझा है, जिसके लिए वे हृदय से आभार व्यक्त करती हैं।
कर्ज के डर से मिली मुक्ति
मुरादाबाद के प्राथमिक विद्यालय मिलक नगरिया जट में बीते 10-12 वर्षों से कार्यरत रसोइया सूरजमुखी, जो चार बच्चों के परिवार का भरण-पोषण करती हैं, ने कहा कि मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी से घर का बजट संभालने में मदद मिलेगी। सबसे बड़ी राहत पांच लाख रुपये के कैशलेस इलाज से मिली है, जिससे अब गंभीर बीमारी में कर्ज में डूबने का डर नहीं रहेगा।
रक्षाबंधन का बड़ा तोहफा
वाराणसी के ग्राम लेढ़ूपुर, विकासखंड चिरईगांव की रसोइया संतरा देवी ने कहा कि योगी सरकार ने रक्षाबंधन पर रसोइया बहनों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने बताया कि पहले बीमार होने पर इलाज के लिए कई बार सोचना पड़ता था, लेकिन अब परिवार के इलाज की चिंता कम होगी और महिलाओं को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला है।
अब समय पर हो सकेगा इलाज
सोनभद्र के प्राथमिक विद्यालय दुरावलखुर्द, घोरावल की रसोइया अमरावती देवी ने कहा कि पैसों की तंगी के चलते पहले तबियत खराब होने पर भी दर्द दबाकर काम करना पड़ता था। अब बिना पैसे के इलाज मिलने से समय रहते डॉक्टर को दिखाया जा सकेगा और जान बचाई जा सकेगी।
सम्मान पाकर खिले चेहरे
कानपुर के प्राथमिक विद्यालय दूल, कल्याणपुर की रसोइया मंजू ने बताया कि पहले दो हजार रुपये मानदेय में घर का खर्च चलाना मुश्किल होता था। मानदेय बढ़ने से राहत तो मिलेगी ही, लेकिन सबसे ज्यादा खुशी पांच लाख रुपये के हेल्थ कार्ड की है, क्योंकि अब बीमारी में कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। इस तरह प्रदेशभर की रसोइया बहनों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए इस निर्णय को अपने परिवार की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
Iran-US War Update: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब उस मोड़ पर पहुंच गया है, जिसका असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रह सकता। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके खिलाफ कथित ‘आर्थिक युद्ध’ जारी रखा, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) समेत फारस की खाड़ी से तेल का निर्यात पूरी तरह रोक सकता है। ईरान की इस धमकी ने दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सवाल यह है कि अगर Hormuz से तेल की आवाजाही वास्तव में रुकती है तो इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया के पेट्रोल, डीजल, LPG और दूसरे ईंधनों की कीमतों पर कितना पड़ेगा?
‘एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होगा’
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहन रेजाई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अगर आर्थिक युद्ध जारी रहता है तो होर्मुज के रास्ते या फारस की खाड़ी के किसी अन्य हिस्से से एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होगा।
रेजाई ने केवल अमेरिका को ही चेतावनी नहीं दी, बल्कि उन देशों को भी निशाने पर लिया जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक अभियान में शामिल होते हैं या उसका समर्थन करते हैं। उनके मुताबिक, ईरान ऐसे किसी भी देश की भागीदारी या समर्थन को युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखेगा।
अमेरिका करने जा रहा है बड़ा आर्थिक हमला
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका उसके खिलाफ नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी कर रहा है। न्यूज एजेंसी Reuters के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। इसमें ईरान और उसके साथ व्यापार करने वाले देशों को निशाना बनाने वाली नई आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया जा सकता है।
Financial Times में लिखे एक लेख में बेसेंट ने आने वाले कदमों को किसी विरोधी के खिलाफ अब तक की गई सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई बताया है। अमेरिका ने अभी इन संभावित प्रतिबंधों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। लेकिन संकेत दिया है कि ईरान के साथ आर्थिक और वित्तीय संबंध बनाए रखने वाले देशों पर भी दबाव डाला जा सकता है।
चीन को भी अमेरिका की चेतावनी
अमेरिका ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को लेकर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। Reuters के अनुसार, बेसेंट ने चीन से भी अमेरिका के साथ सहयोग करने का आग्रह किया है। यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन की ऊर्जा जरूरतों में खाड़ी क्षेत्र की बड़ी भूमिका है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपने तेल आयात का करीब आधा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से प्राप्त करता है।
चीन ने हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों की नीति पर आपत्ति जताई है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि प्रतिबंध और दबाव समस्या के समाधान में मदद नहीं करते और कूटनीति का रास्ता अपनाने की जरूरत है। ईरान के नेताओं ने अमेरिकी दबाव के खिलाफ बयानबाजी तेज कर दी है।
ईरानी सेना यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने अमेरिकी आर्थिक दबाव को लेकर कहा कि यह सैन्य मोर्चे पर अमेरिका की कथित हार की स्वीकारोक्ति है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए युद्ध और प्रतिबंध कोई नई चीज नहीं हैं। ईरान करीब दो दशकों से प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।
होर्मुज पर क्यों टिकी है पूरी दुनिया की नजर?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रूट्स में से एक है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और गैस के लिए यह प्रमुख समुद्री रास्ता है। इसलिए यहां किसी भी बड़े सैन्य या राजनीतिक संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
Reuters के मुताबिक, ईरान पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण आर्थिक दबाव में है। इसके अलावा हालिया हमलों के कारण उसके बुनियादी ढांचे को नुकसान, व्यापार में बाधा, उत्पादन में कमी और पुनर्निर्माण की लागत का दबाव भी बढ़ा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के पास अब भी पर्याप्त मिसाइल और ड्रोन क्षमता मौजूद है, जिससे वह खाड़ी के पड़ोसी देशों को निशाना बना सकता है। होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह संकट?
ईरान-अमेरिका तनाव का असर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और LPG का आयात करता है। ऐसे में अगर होर्मुज के जरिए तेल की आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
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इसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल, LPG, CNG और परिवहन लागत पर पड़ सकता है। खासकर LPG के मामले में भारत के लिए आयात और अंतरराष्ट्रीय कीमतें महत्वपूर्ण हैं। यही वजह है कि होर्मुज में बढ़ता तनाव भारत के लिए केवल विदेश नीति या सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि आम आदमी की रसोई और वाहन के खर्च से भी जुड़ा हुआ मामला है।
Market news : कच्चे तेल में नरमी से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट सुधरे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 70 प्वाइंट की बढ़त दिख रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 680 करोड़ की नेट खरीदारी देखने को मिली है। नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े कम हुए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
21 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में मार्केट पिछले सेशन की जबरदस्त रिकवरी को आगे नहीं बढ़ा पाए और सपाट बंद हुए। मेटल,PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में बढ़त का असर ऑटो,IT,मीडिया और फार्मा शेयरों में बिकवाली से खत्म हो गया। मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बावजूद,मार्केट बढ़त के साथ खुला लेकिन उस बढ़त को बनाए नहीं रख पाया और पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और दुनिया भर में बनी अनिश्चितताओं के बीच इन्वेस्टर्स सतर्क नजर आए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 3.11 अंक बढ़कर 77,540.83 पर और निफ्टी 20.15 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 24,252 पर बंद हुआ।
ईरान के खिलाफ आर्थिक D-Day का एलान, ईरान की तेल निर्यात थामने की चेतावनी
वेस्ट एशिया में अब आर-पार की लड़ाई दिख रही है। अमरिका ने ईरान के खिलाफ सबसे बड़ी इकोनॉमिक स्ट्राइक शुरू कर दी है। US के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के खिलाफ वॉर अब आखिरी चरण में है। ईरान का भी पलटवार हुआ है। उसने कहा कि ये प्रतिबंध एक्ट ऑफ वॉर की कटेगरी में आते हैं। अमेरिका का साथ देने वाले देशो को भी निशाना बनाते हुए एक्सपोर्ट ठप करेंगे।
कच्चे तेल में मामूली नरमी, $91 के नीचे, सोना 4600 डॉलर के पार
वेस्ट एशिया तनाव बढ़ने के बावजूद कच्चे तेल में नरमी है। यह 91 डॉलर के नीचे है। इधर सोना-चांदी चमके हैं। सोना 4600 डॉलर के पार चला गया है। 10 साल की US बॉन्ड यील्ड भी 4.7 के अहम लेवल के ऊपर है। हलांकि डॉलर इंडेक्स 99 डॉलर के नीचे है।
अमेरिकी बाजारों में रही बढ़त, निक्केई और कॉस्पी में दबाव
शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी दिखी। डाओ जोंस में 500 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया। नैस्डैक और S&P में भी हल्की बढ़त रही। वहीं एशिया में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। कॉस्पी में करीब 1.25 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निक्केई फ्लैट कारोबार कर रहा है।
एशियाई करेंसी
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज़्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त देख रही है। इसमें इंडोनेशियाई रुपिया सबसे आगे है, जिसमें 0.305% की बढ़त हुई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन (0.216%),ताइवान डॉलर (0.154%),थाई बाहत (0.141%),चीनी रेनमिनबी (0.051%),जापानी येन (0.044%) और मलेशियन रिंगित (0.017%)का नंबर है। सिंगापुर डॉलर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि फिलीपींस पेसो में डॉलर के मुकाबले 0.092% की गिरावट आई है।
लेंसकार्ट और मीशो में बड़ी ब्लॉक डील संभव
लेंसकार्ट में आज 2800 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। 4% डिस्कउंट पर 635 रुपये फ्लोर प्राइस तय की गई है। इसके साथ मीशो में भी करीब 957 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। इसके लिए 4 फीसदी तक के डिस्काउंट पर 197 रुपये के करीब फ्लोर प्राइस तय है। दोनों में बड़े निवेशक हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
शुरू हुई मोबाइल PLI 2.0 स्कीम, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
डिक्सन और अंबर जैसी कंपनियों पर आज फोकस रखें। सरकार ने मोबाइल PLI 2.0 स्कीम का नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार 62500 करोड़ रुपये के इंसेंटिव देगी। यह स्कीम एक अप्रैल 2026 से ही लागू होगी और वित्त वर्ष 2031 तक चलेगी। इसके तहत सरकार 5% तक के इंसेंटिव देगीएफआईआई और
डीआईआई फंड फ्लो
21 अगस्त को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार नौवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,124 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार दूसरे सेशन में भी नेट सेलर बने रहे और ₹543 करोड़ के शेयर बेचे।
GIFT Nifty Indicator: लगातार दो हफ़्तों की गिरावट के बाद, सोमवार को इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के मामूली बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। हालांकि, बाज़ार का मूड सतर्क रहेगा क्योंकि निवेशक ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए जा सकने वाले प्रतिबंधों के बारे में और जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं।
सुबह 8:30 बजे (IST) GIFT निफ्टी फ़्यूचर्स 24,378 पॉइंट्स पर था, जो बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स के लिए अच्छी शुरुआत का संकेत देता है; यह इंडेक्स शुक्रवार को 24,252 पर बंद हुआ था।
पिछले सेशन में घरेलू इक्विटी इंडेक्स फ्लैट बंद हुए थे, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 24,300 के लेवल से नीचे बंद हुआ था। सेंसेक्स 3.11 पॉइंट या 0.00% बढ़कर 77,540.83 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 20.15 पॉइंट या 0.08% गिरकर 24,252 पर बंद हुआ।
ग्लोबल संकेत
एशियाई बाज़ार ज़्यादातर स्थिर रहे क्योंकि निवेशक ईरान पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों और इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले Nvidia के नतीजों का इंतज़ार कर रहे थे। इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने इस महीने भारतीय इक्विटी में खरीदारी तेज़ कर दी है। अगस्त में अब तक उन्होंने 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है, क्योंकि बेहतर तिमाही नतीजों, स्थिर रुपये और बाज़ार की बेहतर संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, “FPIs को भारतीय बाज़ार की ओर वापस लाने वाले कारक ये हैं: Q1 नतीजों में दिखी कमाई में बढ़ोतरी, ‘चिप ट्रेड’ से FPIs का बाहर निकलना, रुपये में स्थिरता और व्यापक बाज़ार की कंपनियों की शानदार ग्रोथ की संभावनाएँ।”
यह निवेश तब आया है जब FPIs ने जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह लगातार चार महीनों की भारी बिकवाली के बाद एक बड़ा बदलाव है और भारतीय इक्विटी में फिर से भरोसा बढ़ने का संकेत है।
इंडेक्स पर किन लेवल पर दें ध्यान
Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाज़ार सावधानी के साथ हफ़्ते की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रिस्क लेने की इच्छा को कम कर रही हैं। कच्चे तेल की कीमतें मज़बूत बनी हुई हैं। WTI $86 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है क्योंकि बाज़ार ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की तैयारी कर रहे हैं, जबकि पहले से ही लंबे समय से जियोपॉलिटिकल तनाव चल रहा है। GIFT Nifty फ्यूचर्स के शुरुआती संकेत – जो Nifty की पिछली क्लोजिंग 24,252 के मुकाबले 24,300–24,350 की रेंज में ट्रेड कर रहे हैं – घरेलू इक्विटी के लिए काफी हद तक सपाट या थोड़ी बढ़त वाली शुरुआत का संकेत देते हैं।
आज Bank Nifty के आउटलुक पर, Enrich Money के CEO पोनमुडी आर का मानना है कि Bank Nifty का टेक्निकल सेटअप तुलनात्मक रूप से मज़बूत रहने की उम्मीद है, और इंडेक्स में लगातार मज़बूती दिख रही है। हालांकि, व्यापक स्ट्रक्चर एक रेंज में ही बना हुआ है, और इंडेक्स को ऊंचे लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। टेक्निकल नज़रिए से, 57,800–58,000 का ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस वाला एरिया बना हुआ है। 58,000 के ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के लेवल की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।
नीचे की तरफ, 57,400–57,300 तुरंत सपोर्ट ज़ोन बना हुआ है, और उसके बाद 57,100–57,000 का मज़बूत एरिया है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए इन लेवल के ऊपर बने रहना ज़रूरी होगा, जबकि 57,000 के नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर फिर से बिकवाली का दबाव बन सकता है और निकट अवधि का टेक्निकल रुझान कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, Bank Nifty के लिए निकट अवधि का आउटलुक सावधानी के साथ सकारात्मक बना हुआ है, जिसमें 58,000 तुरंत ब्रेकआउट ट्रिगर के रूप में और 57,000 मुख्य डाउनसाइड सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
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Top News 24 August : IMD का 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, H1N1 वायरस पर ICMR का बड़ा बयान, अमरावती में महिला अस्पताल के NICU में लगी आग में 3 मासूमों की मौत हो गई। बांग्लादेश के रंगपुर में हिंदू परिवार के 4 लोगों की हत्या। केरल की लिज बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया। 24 अगस्त की बड़ी खबरें :
20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत में भले ही मानसून कुछ कमजोर पड़ गया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड मूसलाधार बारिश कहर बरपा रही है। मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में ज्यादातर नदियां उफान पर हैं और बाढ़ से हाल बेहाल है। मौसम विभाग के अनुसार, देश के लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले 4-5 दिन बारिश हो सकती है।
H1N1 वायरस पर ICMR का बड़ा बयान
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा कि H1N1 वायरस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में फैल रहा स्वाइन फ्लू वायरस कोई नया वेरिएंट नहीं है। यह 2025 से ही देश में मौजूद है और लगातार निगरानी में है। ALSO READ: H1N1 Strain : क्या देश में आ गया कोई नया खतरनाक वायरस? ICMR के इस बड़े खुलासे ने दूर किया सबका डर!
अमरावती महिला अस्पताल के NICU में लगी आग
महाराष्ट्र के अमरावती में जिला महिला अस्पताल के अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित NICU में अचानक धमाका हुआ। इसके बाद वार्ड में आग और धुआं फैल गया। हादसे में तीन नवजातों की मौत हो गई। छह नवजातों को सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया।
बांग्लादेश में हिंदू परिवार की निर्मम हत्या
बांग्लादेश के रंगपुर में याबा नशे का विरोध करने पर हिंदू परिवार के एक रिटायर्ड शिक्षक समेत परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवार के चारों लोगों के शव शनिवार रात बंद घर से मिले थे। इस मामले में पुलिस ने 2 संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है, जो कि रिश्ते में चचेरे भाई हैं। ALSO READ: बांग्लादेश में हिंदू परिवार की निर्मम हत्या, बंद घर में मिले 4 शव, इस बात से नाराज थे आरोपी
केरल की लिज बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया
केरल की कैजिया लिज मैजो ने मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का खिताब जीत लिया। मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 की विजेता मनिका विश्वकर्मा ने 19 वर्षीय लिज को क्राउन पहनाया। तमिलनाडु की वैष्णवी फर्स्ट रनर अप और गुजरात की अनुश्री सतवालेकर सेकंड रनर अप रहीं।






