Lalithaa Jewellery IPO Listing: 66 गुना आईपीओ भरने के बाद शेयर 32% प्रीमियम पर लिस्ट, धांसू एंट्री के बाद और भागा ऊपर

Lalithaa Jewellery Mart IPO Listing: दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों की ज्वैलरी रिटेल कंपनी ललिता ज्लैवरी मार्ट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और इसे ओवरऑल 66 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹201 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹265.30 और NSE पर ₹265.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 32% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹273.80 (Lalithaa Jewellery Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 36.22% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹19 के डिस्काउंट पर मिला है।

Lalithaa Jewellery IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ललिता ज्वैलरी का ₹1,700 करोड़ का आईपीओ 17-19 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 66.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 153.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 78.17 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.51 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 9.10 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 2,48,75,621 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर किरण कुमार जैन को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,033.23 करोड़ 10 नए स्टोर्स के सेटअप और बाकी आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Lalithaa Jewellery Mart के बारे में

ललिता ज्वैलरी का कारोबार दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूती से फैला हुआ है। यह सोने, चांदी, हीरे इत्यादि के गहने बनाती है। ललिता ज्वैलरी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 67% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹1,009.82 करोड़ और टोटल इनकम 22% के सीएजीआर से ₹25,039.80 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,679.74 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

राम मंदिर चंदे में ‘चोरी’ की खबर करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय पहुंचे SC, गाजियाबाद में रोड-रेज की FIR का मामला

पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर अभिषेक उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंन गाजियाबाद में ‘रोड-रेज’ (सड़क पर झगड़े) की एक कथित घटना को लेकर अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी है। उपाध्याय ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान के प्रबंधन में चोरी और गड़बड़ी के आरोपों की रिपोर्ट सबसे पहले करने वालों में से एक थे।

उपाध्याय का आरोप है कि यह मामला झूठे और मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है और इसका मकसद उनकी स्वतंत्र खोजी पत्रकारिता के लिए उन्हें परेशान करना है। उन्होंने FIR को रद्द करने और गिरफ्तारी व अन्य कठोर कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने अनुरोध किया है कि मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस के अलावा किसी अन्य एजेंसी, जैसे CBI या दिल्ली पुलिस को सौंपी जाए।

यह FIR 18 अगस्त को इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार, शिप्रा मॉल के पास एक बलेनो कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ड्राइवर ने उसे गाली दी और धमकी दी और कार के संबंध में उपाध्याय का नाम लिया।

उपाध्याय ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि 18 अगस्त को अपनी बेटी के स्कूल से लौटते समय, शिप्रा मॉल के पास एक मोटरसाइकिल सवार उनकी कार के पास आया और हंगामा किया। उनके अनुसार, कोई टक्कर या हाथापाई नहीं हुई थी और वह उस जगह से चले गए क्योंकि उनकी बेटी उनके साथ थी।

उन्होंने मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। जबकि FIR में ‘स्प्लेंडर’ का जिक्र है। उनका दावा है कि शिकायत में दिया गया नंबर किसी दूसरी मोटरसाइकिल का है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मी उस जगह के पास की दुकानों पर गए और दुकानदारों पर CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट करने या न देने का दबाव डाला।

पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें पूरी FIR नहीं दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘यूथ बार एसोसिएशन’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार FIR को पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया था।

उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया है कि 20 अगस्त की देर रात पुलिसकर्मी उनके गाजियाबाद स्थित घर पर आए थे। उनके अनुसार, रात करीब 10:20 बजे, जब वे दिल्ली में थे, उनकी पत्नी ने उन्हें बताया कि आठ या नौ पुलिसकर्मी घर पर आए हैं। याचिका में यह संख्या लगभग एक दर्जन बताई गई है और कहा गया है कि उस समय उनकी पत्नी और दो बेटियां घर पर मौजूद थीं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस टीम में कोई महिला अधिकारी शामिल नहीं थी।

‘द हिंदू’ ने यह भी रिपोर्ट किया कि 19 अगस्त को उपाध्याय ने एक IAS अधिकारी के खिलाफ आरोपों से जुड़ी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। यह मामला 2023 में खरीदे गए करोड़ों रुपये मूल्य के दो कृषि भूखंडों और उन पर स्कूल के निर्माण से संबंधित था। उन्होंने आरोप लगाया कि धमकाने और परेशान करने से संबंधित प्रावधानों के तहत उनके YouTube वीडियो को लगभग आधे घंटे के भीतर हटा दिया गया था, लेकिन कानूनी चुनौती के बाद 20 अगस्त को उसे बहाल कर दिया गया।

उपाध्याय ने पुलिस की इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार पर अपनी रिपोर्टिंग से जोड़ा है। उनके YouTube चैनल पर लोक निर्माण विभाग, अवैध खनन, परीक्षा में अनियमितताओं, राज्य राजस्व विभाग और राम मंदिर दान विवाद से जुड़ी रिपोर्टें दिखाई गई हैं।

‘द वायर’ से बात करते हुए उपाध्याय ने कहा, “मैंने 7 जून को राम मंदिर में चोरी की खबर ब्रेक की थी, तब से मेरे खिलाफ ऐसी शिकायतें और FIR दर्ज होना एक आम बात हो गई है। मैं उनके भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर रहा हूं, यही उनकी समस्या है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया, “हिंदू-मुस्लिम राजनीति की आड़ में उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।”

अपनी याचिका में उपाध्याय ने कहा कि उन्हें “जल्द गिरफ्तारी और शारीरिक नुकसान” की आशंका है और दावा किया कि “राज्य तंत्र द्वारा भेजे गए गुंडों” से उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे सुरक्षित रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट नहीं जा पा रहे हैं।

उन्होंने FIR रद्द करने, गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा और इसके विकल्प के तौर पर एक स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे किसी भी कानूनी जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। उपाध्याय को इससे पहले 2024 में लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के सिलसिले में पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था, जो उनकी रिपोर्टिंग के बाद दर्ज की गई थी। ‘द वायर’ के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 4 अक्टूबर 2024 को आदेश दिया था कि उस मामले में उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए।

ईरान होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलेगा, संसद की मंजूरी:रियाल और पसंद की करेंसी में पेमेंट लेगा; बदले में सुरक्षा और इंश्योरेंस देगा

ईरान की संसद ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल यानी फीस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जिन देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी, उनसे समुद्री सेवाओं के बदले शुल्क लिया जाएगा। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता हसन काशकवी के मुताबिक, फीस के बदले समुद्री सेवाएं, सुरक्षा और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा पर्यावरण संबंधी सेवाएं और खास परिस्थितियों में ईंधन भी दिया जाएगा भुगतान ईरानी रियाल या ईरान की पसंद की किसी दूसरी करेंसी में किया जा सकेगा। खबर अपडेट हो रही है…

ईरान होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलेगा, संसद की मंजूरी:रियाल और पसंद की करेंसी में पेमेंट लेगा; बदले में सुरक्षा और इंश्योरेंस देगा

ईरान की संसद ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल यानी फीस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जिन देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी, उनसे समुद्री सेवाओं के बदले शुल्क लिया जाएगा। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता हसन काशकवी के मुताबिक, फीस के बदले समुद्री सेवाएं, सुरक्षा और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा पर्यावरण संबंधी सेवाएं और खास परिस्थितियों में ईंधन भी दिया जाएगा भुगतान ईरानी रियाल या ईरान की पसंद की किसी दूसरी करेंसी में किया जा सकेगा। अमेरिकी वित्त मंत्री बोले- ईरान के खिलाफ आर्थिक जंग शुरू अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन अब ईरान के खिलाफ आर्थिक जंग के आखिरी दौर में पहुंच गया है। बेसेंट के मुताबिक अमेरिका का मकसद ईरान की कमाई के बड़े रास्ते बंद करना है। बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अपनी सभी सरकारी एजेंसियों और अधिकारों का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने इस अभियान को ‘इकोनॉमिक डी-डे’ बताया। इससे पहले ट्रम्प ने इसे किसी विरोधी देश के खिलाफ सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई बताया था और दूसरे देशों से ईरान को अलग-थलग करने में साथ देने की अपील की थी। ईरान की खाड़ी देशों को चेतावनी- अमेरिका का साथ दिया तो दुश्मन मानेंगे ईरान ने अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई में साथ देने वाले खाड़ी देशों को चेतावनी दी है। ईरान के नए राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा कि जो देश ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने में अमेरिका का साथ देगा, उसे दुश्मन माना जाएगा।। होर्मुज को अमेरिका का इलाका बता चुके हैं ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प होर्मुज स्ट्रेट को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी नया अमेरिकी इलाका बता चुके हैं। 18 अगस्त को उन्होंने पहली बार होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने रविवार को दोबारा ऐसी तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज को अमेरिकी इलाके के तौर पर दिखाया गया। जंग के बाद दो रास्तों में बंटा होर्मुज जंग शुरू होने से पहले होर्मुज को एक ही समुद्री रास्ता माना जाता था। जहाज तय रास्ते से गुजरते थे। उनका रास्ता बंदरगाह, जहाज के समझौते और सुरक्षा को देखकर तय होता था। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद यहां दो अलग रास्तों की बात होने लगी। ईरानी रास्ता: यह होर्मुज के उत्तरी हिस्से में ईरान के तट के पास है। यह लारक और किश्म द्वीपों के करीब से गुजरता है और ईरान के बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों तक जाता है। ओमानी रास्ता: यह होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में ओमान के करीब है और ईरान के तट से दूर है। अमेरिका इसी रास्ते से जहाजों को गुजरने पर जोर देता है। अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा में चलने वाले कई कॉमर्शियल जहाज भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा:ईरान की नेवी और एयरफोर्स खत्म, उसके पास सिर्फ कुछ मिसाइल और ड्रोन बचे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

बेटे से डोसा ऑर्डर करने को कहा; रिटायर्ड फौजी ने गोली मारकर खुदकुशी की, जबड़ा और भेजा उड़ा

कानपुर के बर्रा में रिटायर्ड फौजी रामबाबू राजपूत (55) ने रविवार को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बेटे ने बताया कि वह कुछ दिनों से अवसाद में थे। परिजनों ने बंदूक की सफाई के दौरान गोली चलने की बात कही है, जबकि पुलिस को आत्महत्या का शक है। मामले की जांच जारी है।

भूपेंद्र पटेल का अमेरिका दौरा: न्यू जर्सी में विश्व प्रसिद्ध BAPS स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के किए दर्शन

भूपेंद्र पटेल का अमेरिका दौरा: न्यू जर्सी में विश्व प्रसिद्ध BAPS स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के किए दर्शन

bhupendra patel in Swami narayan temple

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपनी अमेरिका यात्रा के सातवें दिन न्यू जर्सी में स्थित विश्व प्रसिद्ध BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति के इस महान केंद्र पर BAPS के संतों द्वारा मुख्यमंत्री का भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। ALSO READ: भूपेंद्र पटेल की वर्ल्ड बैंक संग बड़ी बैठक, GIFT City से AI तक पर चर्चा; वॉलमार्ट के साथ MSME को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर मंथन

 

पूज्य ब्रह्मविहारीदास स्वामी ने किया स्वागत 

अक्षरधाम परिसर में मुख्यमंत्री पटेल के आगमन पर पूज्य ब्रह्मविहारीदास स्वामी ने उनका अभिनंदन किया और उन्हें माला पहनाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। इस यात्रा के दौरान आध्यात्मिक वातावरण के बीच संस्कृति और संस्कारों के आदान-प्रदान के भावपूर्ण क्षण देखने को मिले।

 

अक्षरधाम परिसर और मानव सेवा का अनुभव 

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अक्षरधाम परिसर के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया और भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं तथा मानव सेवा के कार्यों को करीब से देखा। विदेशी धरती पर भारतीय मूल्यों और विरासत को जीवंत रखने के प्रयासों पर उन्होंने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भारतीय संस्कृति की पहचान को बनाए रखने में गुजराती और पूरे भारतीय समुदाय की भूमिका बेहद सराहनीय है। ALSO READ: गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, विदेश में पढ़ाई के लिए अब 10 लाख रुपये तक आय वालों को मिलेगा लोन

 

BAPS संतों के साथ संवाद और सांस्कृतिक महत्व

परिसर का भ्रमण करने के बाद मुख्यमंत्री ने BAPS के संतों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि BAPS अक्षरधाम जैसी संस्थाएं विदेशों में भी भारतीय विरासत, सनातन संस्कृति और सेवा भाव के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्त्वपूर्ण और भगीरथ कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर दी बड़ी सौगात, 27 की सुबह 6 बजे से 29 मध्यरात्रि तक निःशुल्क यात्राएं कर सकेंगी महिलाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर दी बड़ी सौगात, 27 की सुबह 6 बजे से 29 मध्यरात्रि तक निःशुल्क यात्राएं कर सकेंगी महिलाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को दिए गए निःशुल्क बस यात्रा के समय में वृद्धि की है।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अब यह निःशुल्क यात्रा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक की जा सकेगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ फ्री यात्रा कर सकेंगी। रक्षाबंधन पर बहनें सुरक्षित और आसानी से अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए परिवहन, पुलिस, प्रशासन व संबंधित विभाग मिलकर सारी व्यवस्था सुनिश्चित करें। त्योहारों के मद्देनजर शहरों, एक्सप्रेसवे, हाईवे व प्रमुख मार्गों पर पेट्रोलिंग तेज की जाए।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षाबंधन के मद्देनजर रविवार को परिवहन निगम/विभाग, नगर विकास, पुलिस, यातायात आदि विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन पर प्रदेश में सुगम, सुरक्षित, व्यवस्थित परिवहन एवं यातायात व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में माताओं, बहनों और बेटियों के आवागमन को देखते हुए परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय से सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ले। रक्षाबंधन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की 900 से अधिक बसों में भी यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निजी बसों, ऑटो और टैक्सी चालकों के भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के निर्देश दिए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन 28 अगस्त को है और 25 अगस्त की सुबह से 29 अगस्त की रात तक आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवधि रहेगी। 26 अगस्त को अवकाश होने के कारण लंबी दूरी और अंतरजनपदीय यात्राओं में वृद्धि की संभावना है। प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं एवं एक सहयात्री के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है। इसके साथ अतिरिक्त बसों के संचालन की भी तैयारी की गई है। 

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में 25 अगस्त तक बस, टैक्सी और ऑटो-टेम्पो यूनियनों के साथ समन्वय बैठक की जाए। निर्धारित किराया ही लिया जाए, ओवरलोडिंग न हो, यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और यात्री सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रक्षाबंधन के दौरान संचालित होने वाली टैक्सी और ई-रिक्शा के चालकों का आवश्यक सत्यापन कराया जाए।  केवल सत्यापित और सक्षम चालकों से ही वाहनों का संचालन कराया जाए। 

 

मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर विशेष यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए। मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल-मिर्जापुर और गोरखपुर जैसे स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जाए। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बाजारों तथा शहरों के प्रवेश और निकास मार्गों पर यातायात दबाव को देखते हुए पहले से कार्ययोजना तैयार रखी जाए। 

 

मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान बस स्टेशनों पर सीसीटीवी, पेयजल, साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहे। वहीं उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओऱ से रक्षाबंधन पर फर्स्ट एड की अलग से व्यवस्था भी बस स्टेशनों पर की जाए। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, अधिक किराया वसूली तथा अन्य अनियमितताओं के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई के निर्देश दिए। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, नशे में वाहन चलाने तथा मालवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों में यात्रियों के अनधिकृत परिवहन पर सख्ती की जाए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन ऑवर का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। राहत एवं बचाव केंद्रों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाए, ताकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकटतम राहत एवं बचाव केंद्र, ट्रॉमा केयर और एंबुलेंस तक तत्काल पहुंच बनाई जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने परिवहन व्यवस्था को नागरिक सुविधा से सीधे जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित, सरल और तकनीक आधारित बनाया जाए। रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों की यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि त्योहार के दौरान किसी यात्री को अनावश्यक परेशानी न हो।

पोषण की नई ताकत बना यूपी का टेक होम राशन, बच्चों की सेहत से महिलाओं की आत्मनिर्भरता तक दिखा असर

पोषण की नई ताकत बना यूपी का टेक होम राशन, बच्चों की सेहत से महिलाओं की आत्मनिर्भरता तक दिखा असर

उत्तर प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान केवल पोषण सामग्री के वितरण तक सीमित नहीं है। टेक होम राशन (टीएचआर) योजना के जरिए बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं की अलग-अलग पोषण जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार कर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना के तहत शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, संपूर्ण मातृ आहार, आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण जैसे सात उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें ऊर्जा, प्रोटीन, आयरन समेत जरूरी पोषक तत्व शामिल किए गए हैं। इससे लाभार्थियों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुरूप पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

 

बच्चों में नाटेपन की दर में लगातार गिरावट आई है। वर्ष 2015-16 में यह दर 46.3 प्रतिशत थी, जो 2019-21 में घटकर 39.7 प्रतिशत हो गई। वहीं अब में यह आंकड़ा 31.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा अल्पवजन और दुबलापन जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। 
 

आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषण के साथ निगरानी और जागरूकता

 

टीएचआर योजना की व्यवस्था को आंगनबाड़ी सेवाओं से जोड़ा गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लाभार्थियों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ बच्चों का वजन मापने, उनके विकास की निगरानी करने और गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी परामर्श देने का काम करती हैं। परिवारों को संतुलित आहार और पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी निभाई जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल पोषण सामग्री पहुंचाना नहीं, बल्कि लाभार्थियों की जरूरत को समझकर उन्हें लगातार पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराना है।

 

4 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार, गांवों में मजबूत हुई आर्थिक भागीदारी

 

टेक होम राशन योजना को महिला सशक्तीकरण से जोड़ना इसकी अहम विशेषता है। उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। वर्तमान में 4,000 से अधिक महिलाएं इन उत्पादन इकाइयों से जुड़कर रोजगार प्राप्त कर रही हैं। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आय का अवसर मिला है और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को भी विस्तार मिला है। पोषण उत्पाद तैयार करने से लेकर उनकी आपूर्ति व्यवस्था तक महिलाओं की भागीदारी ने योजना को आजीविका और पोषण, दोनों से जोड़ दिया है।

 

गुणवत्ता व साफ-सफाई को लेकर सख्त निर्देश

 

बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर शासन ने सम्बंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। भोजन की गुणवत्ता उच्च स्तर की होना अनिवार्य है। खाना बनाने से पहले खाद्य सामग्री की अच्छी तरह सफाई और हरी सब्जियों को दो से तीन बार पानी से धोना सुनिश्चित किया जाए। बच्चों को परोसने से पहले हर दिन कम से कम दो वयस्कों द्वारा भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।  स्वच्छता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

 

9 साल में बदला पोषण अभियान का स्वरूप

 

पिछले 9 वर्षों में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के द्वारा उत्तर प्रदेश में पोषण सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। डिजिटल निगरानी, पारदर्शी वितरण व्यवस्था और महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी के साथ पोषण अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश हुई है। टीएचआर मॉडल में एक ओर बच्चों और माताओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने पर जोर है, तो दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता का रास्ता तैयार किया गया है। योगी सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाते हुए प्रत्येक पात्र परिवार तक बेहतर पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं पहुंचाना है।