UPTET 2026 Result: रिजल्ट से हैं नाखुश, तो 10 सितंबर तक आधिकारिक वेबसाइट पर कर सकते हैं आवेदन

UPTET 2026 Result: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (UPTET) 2026 रिजल्ट के खिलाफ आपत्तियों के बारे में एक नोटिस जारी किया है। यूपीटीईटी रिजल्ट 2026 2, 3 और 4 जुलाई, 2026 को हुई परीक्षा के बाद 26 अगस्त को घोषित किया गया था। जिन उम्मीदवारों को अपने रिजल्ट को लेकर कोई चिंता या शिकायत है, वे आयोग को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रिप्रेजेंटेशन भेज सकते हैं।

आयोग ने इस संबंध में एक नोटिस 3 सितंबर को जारी किया है। आयोग के इस ताजा नोटिस के मुताबिक, उम्मीदवारों को 10 सितंबर, 2026 को या उससे पहले अपने रिप्रेजेंटेशन ईमेल से भेजने होंगे। आयोग ने यह भी साफ किया है कि ऑफलाइन मोड से जमा किए गए रिप्रेजेंटेशन अब उसके ऑफिस में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

यूपीटीईटी 2026 रिप्रेजेंटेशन कैसे जमा करें?

जो उम्मीदवार अपने यूपीटीईटी 2026 रिजल्ट के खिलाफ आपत्ति या शिकायत उठाना चाहते हैं, उन्हें 10 सितंबर तक upesscprayagraj@gmail.com पर अपने रिप्रेजेंटेशन भेजने होंगे। आयोग ने उम्मीदवारों को खास तौर पर निर्देश दिया है कि वे अपने रिप्रेजेंटेशन जमा करते समय नोटिस में बताई गई गाइडलाइंस का पालन करें।

यूपीईएसएससी ने कहा कि कैंडिडेट अपने रिजल्ट से जुड़ी अपील और शिकायतें देने के लिए खुद उसके ऑफिस आ रहे थे। इसे देखते हुए, आयोग ने तुरंत ऑफलाइन रिप्रेजेंटेशन लेना बंद कर दिया है। इसस पहले आयोग ने कहा था कि परीक्षार्थियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, अगर जरूरत पड़ी तो यूपीटीईटी रिजल्ट में बदलाव किया जा सकता है। अब उसने मामले की जांच के लिए पांच मेंबर की कमेटी बनाने का फैसला किया है।

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ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना हुआ आसान, यहां जानिए थोड़ी-थोड़ी सेविंग्स से कैसे कर सकते हैं सोने में बड़ा निवेश

ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना पहले कभी इतना आसान नहीं था। आप थोड़ी-थोड़ी बचत से भी गोल्ड में अब बड़ा निवेश कर सकते हैं। कई बड़ी गोल्ड ज्वेलरी कंपनियों ने फिनटेक से समझौते किए हैं। इससे कम इनकम वाले परिवारों के लिए भी ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी खरीदना आसान हो गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

पेटीएम ने कैरेटलेन से मिलाया है हाथ

कैरेटलेन ने Paytm से हाथ मिलाया है। इससे पेटीएम के यूजर्स डिजिटल गोल्ड में अपने छोटे-छोटे निवेश का इस्तेमाल कैरेटलेन से ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं। इसे एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझा जा सकता है। मान लीजिए आपने पेटीएम के जरिए डिजिटल गोल्ड में धीरे-धीरे करके कुल 6,000 रुपये का निवेश किया है। आपको कैरेटलेन की कोई 8,000 रुपये की ज्वेलरी पसंद है तो 6,000 रुपये का पेमेंट आपके डिजिटल गोल्ड में निवेश से हो जाएगा। बाकी 2,000 रुपये का पेमेंट आप यूपीआई, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए कर सकते हैं।

कैरेटलोन गोल्ड ज्वेलरी की होम डिलीवरी भी करेगी

अगर आप कैरेटलेन से गोल्ड ज्वेलरी की होम डिलीवरी चाहते हैं तो यह सुविधा भी उपलब्ध है। कई शहरों में कैरेटलेन की यह सुविधा उपलब्ध है। कंपनी आपकी गोल्ड ज्वेलरी की पैकिंग और शिपमेंट करेगी। आप पेटीएम ऐप पर ऑर्डर कनफर्मेशन, ट्रैकिंग और पर्चेज डिटेल्स देख सकते हैं। इसका मतलब है कि यह पूरा प्रोसेस ट्रांसपेरेंट है। पेटीएम के यूजर्स इस तरह अपनी छोटी-छोटी सेविंग्स का इस्तेमाल अपनी पसंद की ब्रांडेड ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं।

जेन डायमंड की यह स्कीम सोने में निवेश को आसान बनाती है

Zen Diamond India ने My Gold Multiplier Plan शुरू किया है। इसके जरिए ग्राहक हर महीने के कंट्रिब्यूशन से 999 फाइन हॉलमार्किंग गोल्ड ज्वेलरी खरीद सकते हैं। कंपनी के एमडी नील सोनावाला ने बताया कि इस स्कीम की मैच्योरिटी पर ग्राहक अपने निवेश का इस्तेमाल गोल्ड ज्वेलरी खरीदने के लिए कर सकते हैं। कंपनी की तरफ से उन्हें सोने का 30 फीसदी रिवॉर्ड के रूप में भी मिलेगा। इतना ही नहीं ग्राहक अपने खुद के 24-कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल भी रिडेम्प्शन के समय कर सकते हैं।

इंस्टाओन ईएमआई प्रोग्राम का भी उठा सकते हैं फायदा

जेन डायमंड ने इंस्टाओन ईएमआई प्रोग्राम भी शुरू किया है। कंपनी का कहना है कि यह जीरो-कॉस्ट, जीरो-डाउनपेमेंट और जीरो इंटरेस्ट ईएमआई ऑप्शन है। ग्राहक को कंपनी के स्टोर पर हर 90,000 के खर् पर 1 ग्राम गोल्ड कॉइन भी मिलता है। कैरेटलेन और जेन डायमंड की ईजी गोल्ड ज्वेलरी पर्चेज स्कीम ग्राहक को छोटी सेविंग्स से ब्रांडेड गोल्ड ज्वेलरी में निवेश का मौका देती हैं।

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स्कीम का फायदा उठाने से पहले ये बातें जरूर जान लें

एक बात ग्राहक को ध्यान में रखने की जरूरत है कि ऐसी स्कीमें आरबीआई के रेगुलेशन के तहत नहीं आती हैं। इसका मतलब है कि अगर कंपनी से आपका किसी तरह का विवाद होता है तो आप उसकी शिकायत आरबीआई में नहीं कर सकते। हालांकि, आम तौर पर ऐसा नहीं होता है।

Teacher’s Day 2026: ‘आदर्श बाल विद्यालय’ से ‘एस्पिरेंट्स’ तक, ओटीटी की 10 ऐसी सीरीज जो बताती हैं बेहतरीन शिक्षक सिर्फ क्लासरूम में नहीं होते

Teacher’s Day 2026: टीचर्स डे अब सिर्फ ब्लैकबोर्ड और रिपोर्ट कार्ड तक सीमित नहीं रह गया है। हमें कई यादगार शिक्षक और मार्गदर्शक म्यूजिक स्कूल, कोचिंग सेंटर, कोर्टरूम, गांवों और जिंदगी के मुश्किल दौर में भी मिले हैं। ये किरदार सिर्फ हमें कोई विषय नहीं सिखाते, बल्कि हमारी जिंदगी को आकार देते हैं, हमारी सोच को चुनौती देते हैं और ऐसी सीख देते हैं जो फिल्म या सीरीज खत्म होने के बाद भी हमारे साथ रहती है।

इस टीचर्स डे पर नजर डालते हैं ओटीटी के उन टाइटल्स पर, जिनमें मेंटर्स, गाइड्स और ऐसे किरदार नजर आते हैं जो अनोखे अंदाज में शिक्षक की भूमिका निभाते हैं।

1. जगमे संगीतथम् (प्राइम वीडियो)

‘जगमे संगीत’ संगीत के जरिए गुरु और शिष्य के बीच के हमेशा बने रहने वाले रिश्ते को दिखाता है। वैकुंठपुरम की पृष्ठभूमि में बनी यह सीरीज शास्त्रीय परंपराओं को दिखाती है। इसमें शास्त्री (प्रकाश राज) अपने पोते का मार्गदर्शन करते हैं, जिसका किरदार अक्षय लगुसानी ने निभाया है। यह कहानी बताती है कि एक गुरु और शिष्य का रिश्ता सिर्फ प्रतिभा तक सीमित नहीं होता, बल्कि अनुशासन, विरासत और भरोसे पर भी टिका होता है।

2. बंदिश बैंडिट्स (प्राइम वीडियो)

‘बंदिश बैंडिट्स’ की कहानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक कला को पहुंचाने के बारे में है। पंडित राधेमोहन राठौड़ (नसीरुद्दीन शाह) की कड़ी ट्रेनिंग से लेकर राधे (ऋत्विक भौमिक) के अपनी खुद की पहचान और आवाज तलाशने तक, यह सीरीज खूबसूरती से दिखाती है कि अच्छे शिक्षक हमें हमारी क्षमता पहचानने के लिए प्रेरित करते हैं।

3. कोटा फैक्ट्री (नेटफ्लिक्स)

बहुत कम शोज ने शिक्षक की भूमिका को ‘कोटा फैक्ट्री’ जितने अलग अंदाज में दिखाया है। जीतू भैया सिर्फ फिजिक्स के शिक्षक नहीं हैं, बल्कि छात्रों के मेंटर, काउंसलर और भावनात्मक सहारे भी हैं। वह छात्रों को उनकी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर में आगे बढ़ने में मदद करते हैं।

4. एस्पिरेंट्स (प्राइम वीडियो)

यूपीएससी की तैयारी सिर्फ परीक्षा देने तक सीमित नहीं है और ‘एस्पिरेंट्स’ हमें यही याद दिलाता है। संदीप भैया, अभिलाष के ऐसे मेंटर बन जाते हैं, जिसकी उन्होंने खुद भी उम्मीद नहीं की थी। इस पूरी कहानी में मेंटर और एक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र का रिश्ता दिखाता है कि मुश्किल रास्ते पर साथ चलने वाले लोगों से हमें मार्गदर्शन के साथ-साथ कई बार मतभेद और टकराव भी मिलते हैं।

5. रॉकेट बॉयज (सोनीलिव)

कुछ शिक्षक सिर्फ एक क्लासरूम को प्रभावित करते हैं, जबकि कुछ पूरे देश को आकार देते हैं। ‘रॉकेट बॉयज़’ होमी भाभा और विक्रम साराभाई के जरिए वैज्ञानिक मार्गदर्शन की कहानी दिखाता है। यह बताता है कि कैसे सोच, जिज्ञासा और नेतृत्व की भावना आने वाली पीढ़ियों के इनोवेटर्स को प्रेरित कर सकती है।

6. क्रिमिनल जस्टिस: अ फैमिली मैटर (जियोहॉटस्टार)

माधव मिश्रा भले ही एक वकील हैं, लेकिन हर केस उनके लिए सहानुभूति, न्याय और इंसानियत की एक नई सीख लेकर आता है। शो में शिवानी को मेंटर करने के दौरान माधव का किरदार साबित करता है कि जिंदगी की सबसे मुश्किल परिस्थितियां ही कई बार हमारी सबसे बड़ी शिक्षक बन जाती हैं।

7. मिथ्या (ज़ी5)

‘मिथ्या’ में हुमा कुरैशी और अवंतिका दसानी के किरदारों के बीच एक प्रोफेसर और छात्रा का रिश्ता दिखाया गया है, जो आगे चलकर एक अप्रत्याशित मोड़ लेता है। यह साइकोलॉजिकल थ्रिलर दिखाती है कि ताकत, प्रभाव और मार्गदर्शन का रिश्ता किस तरह खतरनाक स्थिति में बदल सकता है। यही वजह है कि यह ओटीटी पर शिक्षक और छात्र के रिश्ते की सबसे अलग कहानियों में से एक है।

8. आदर्श बाल विद्यालय (प्राइम वीडियो)

हाल के समय में बहुत कम शोज ने स्कूल की जिंदगी को ‘आदर्श बाल विद्यालय’ जितनी गर्मजोशी और सच्चाई से दिखाया है। इसके शिक्षक और छात्र हमें याद दिलाते हैं कि शिक्षा सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि दयालुता, आत्मविश्वास और एक-दूसरे का साथ देना भी उतना ही जरूरी है। इस कहानी में प्रधानाचार्य ज्ञानेश्वर त्रिपाठी और छात्रों का रिश्ता खास तौर पर देखने लायक है।

9. हाफ सीए (प्राइम वीडियो)

बड़े होने के दौरान हमें ऐसे मेंटर्स की जरूरत होती है जो किताबों से आगे जाकर हमारी परेशानियों को समझ सकें। ‘हाफ सीए’ उन युवाओं की कहानी है जो चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी कर रहे हैं और पढ़ाई, उम्मीदों और खुद पर होने वाले संदेह के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं। यह उन शिक्षकों और मार्गदर्शकों की अहमियत को दिखाता है जो इस सफर को थोड़ा आसान बना देते हैं।

10. 13th: सम लेसन्स आरंट टॉट इन क्लासरूम्स (सोनीलिव)

यह प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री साबित करती है कि शिक्षा सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं है। ‘13th सम लेसन्स आरंट टॉट इन क्लासरूम्स’ दर्शकों को इतिहास, व्यवस्था और समाज पर सवाल उठाने के लिए प्रेरित करती है। यही वजह है कि टीचर्स डे पर देखने के लिए यह एक सोचने पर मजबूर करने वाली डॉक्यूमेंट्री है।

इस टीचर्स डे पर ये कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि सबसे प्रभावशाली शिक्षक हमेशा ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े नहीं होते। कई बार वे मेंटर, माता-पिता, दोस्त, प्रोफेशनल्स या खुद जिंदगी होती है, जो हमें ऐसी सीख देकर जाती है जो हमेशा हमारे साथ रहती है।

UPSC NDA 2 Admit Card 2026: आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें एनडीए 2 का एडमिट कार्ड, 13 सितंबर को आयोजित होगी परीक्षा

UPSC NDA 2 Admit Card 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) 2 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। यूपीएससी एनडीए 2 2026 के पंजीकृत उम्मीदवार अपने लॉगइन क्रेडेंशियल की मदद से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर अपने एडमिट कार्ड चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपीएससी एनडीए 2 परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवार ध्यान दें कि एडमिट कार्ड एक जरूरी डॉक्यूमेंट है जिसे उन्हें परीक्षा के दिन साथ रखना होगा। एडमिट कार्ड के बिना, किसी भी कैंडिडेट को परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी जाएगी। उम्मीदवारों यूपीएससी एनडीए 2 परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसका प्रिंटआउट लेना होगा। एग्जाम अथॉरिटी एडमिट कार्ड की डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं करेगी। एनडीए 2 एडमिट कार्ड प्राप्त करने के लिए, उम्मीदवारों को लॉगिन पोर्टल पर दिए गए फील्ड में अपनी पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि डालनी होगी। यूपीएससी एनडीए परीक्षा साल में दो बार आयोजित कराता है। एनडीए 2 परीक्षा 2026, 13 सितंबर को होगी।

यूपीएससी एनडीए 2 एडमिट कार्ड 2026: जरूरी जानकारी

यूपीएससी एनडीए 2 एडमिट कार्ड में उम्मीदवारों के बारे में जरूरी जानकारी होती है, जिसमें उनका नाम, रोल नंबर, जन्म की तारीख, कैटेगरी, एग्जाम सेंटर का पता, एग्जाम की तारीख और समय, फोटो, सिग्नेचर और जेंडर शामिल हैं। कैंडिडेट्स को एडमिट कार्ड पर दी गई सभी जानकारी को ध्यान से चेक करना चाहिए। किसी भी तरह की गड़बड़ी या गलती होने पर, उन्हें तुरंत संबंधित अथॉरिटी से संपर्क करना चाहिए और एग्जाम के दिन से पहले उसे ठीक करवाना चाहिए।

यूपीएससी एनडीए 2 एडमिट कार्ड 2026: जरूरी निर्देश

कैंडिडेट्स को नीचे दी गई जरूरी गाइडलाइंस देखनी चाहिए:

आखिरी समय में देरी या भ्रम से बचने के लिए उम्मीदवारों को हर सत्र शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुच जाना चाहिए।

गेट बंद होने के बाद किसी भी हालत में एग्जाम की जगह पर देर से एंट्री की इजाजत नहीं होगी।

एग्जाम हॉल में मोबाइल फ़ोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और इसी तरह के गैजेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम ले जाने की इजाजत नहीं है।

बैन चीजें रखने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है या आगे की परीक्षाओं से बैन किया जा सकता है। कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा की जगह पर कीमती या महंगी चीजें न ले जाएं।

एडमिट कार्ड के साथ, कैंडिडेट्स को जरूरी चीजें जैसे एक वैलिड फोटो ID प्रूफ, एक पासपोर्ट-साइज फोटो और एक काला बॉलपॉइंट पेन ले जाना होगा।

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योगी सरकार 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक चलाएगी अनुरक्षण माह

योगी सरकार 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक चलाएगी अनुरक्षण माह

 

 

 

 

 

 

उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को और मजबूत, भरोसेमंद एवं चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए योगी सरकार ने आगामी नवरात्र, दशहरा और दीपावली को देखते हुए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की ओर से 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक अनुरक्षण माह मनाया जाएगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उप्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं।

 

डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु के दौरान अधिक तापमान, बढ़े हुऐ विद्युत भार, वर्षा, आंधी- तूफान तथा अन्य कारणों से वितरण तंत्र के विभिन्न उपकरणों पर अधिक दबाव पड़ा है। इसके कारण कई क्षेत्रों में वितरण परिवर्तकों, फीडरों, 33 केवी एवं 11 केवी लाइनों, एलटी लाइनों तथा अन्य उपकरणों में खराबियां हुई हैं और विद्युत आपूर्ति में बार-बार व्यवधान की स्थिति उत्पन्न हुई है। 

 

15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक अनुरक्षण माह

 

आगामी नवरात्र, दशहरा, दीपावली एवं अन्य पर्वों के दौरान उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। इस उद्देश्य से ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु के दौरान वितरण तंत्र में उत्पन्न कमियों को दूर करने, बार-बार होने वाली खराबियों एवं फीडर ट्रिपिंग को खत्म करने तथा वितरण तंत्र को आगामी पर्वों के लिए तैयार करने के लिए 15 सितम्बर से 14 अक्टूबर तक की अवधि को अनुरक्षण माह के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है।

 

खराबियों का होगा स्थायी समाधान, ट्रिपिंग पर लगेगी रोक

 

अनुरक्षण माह का उद्देश्य वितरण तंत्र में मौजूद वास्तवित कमियों को दूर करना है तथा विद्युत व्यवधान, फीडर ट्रिपिंग एवं परिवर्तक क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं में वास्तविक कमी लायी जा सके। अनुरक्षण माह के दौरान सभी 33/11 केवी उपकेंद्रों, शक्ति परिवर्तकों और वितरण परिवर्तकों की गहन जांच, साफ सफाई और मरम्मत का कार्य किया जाएगा। साथ ही जहां-जहां बार-बार खराबी आ रही है, वहां उसके मूल कारण को खोजकर उसका स्थायी समाधान किया जाएगा। जर्जर तारों, ढीले संयोजनों और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदला जाएगा। प्रत्येक परिवर्तक पर उसकी क्षमता के अनुसार उचित मानक के सुरक्षा तार लगाए जाएंगे और जुगाड़ से लगाए गए तारों को हटाया जाएगा।

 

पेड़ों की डालियों की सघन छंटाई युद्ध स्तर पर

 

बिजली लाइनों के आस-पास उगी पेड़ों की डालियों की सघन छंटाई युद्ध स्तर पर कराई जाएगी, क्योंकि अक्सर यही डालियां आंधी में लाइनों से टकराकर आपूर्ति बाधित करती हैं। इसके साथ ही पोषकों के मापक यंत्रों की जांच भी की जाएगी। ताकि आपूर्ति की विश्वसनीयता को सही ढंग से परखा जा सके। इसको लेकर यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि सभी खंड दस सितंबर तक अपने-अपने क्षेत्र की कार्य योजना तैयार कर लें और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से कर ली जाए ताकि कार्य में कोई रुकावट न आए। त्योहारों के दिनों में बिजली बंद करने से बचा जाएगा और बंदी इस प्रकार नियोजित की जाएगी कि उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो।

     

वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में जाकर उपकेंद्रों का अचानक करेंगे निरीक्षण 

 

अभियान की गंभीरता को देखते हुए निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में जाकर उपकेंद्रों का अचानक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण वाले उपकेंद्रों की सूची पहले से जारी नहीं की जाएगी ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। कार्यों का सत्यापन 21 से 27 अक्टूबर के बीच निगम और मुख्यालय स्तर से कराया जाएगा। अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान को पूरी निष्ठा एवं परीश्रम के साथ सफल बनाने का आह्वान किया है।

यूपीपीईटी-2026: अब अभ्यर्थी 7 सितंबर तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

यूपीपीईटी-2026: अब अभ्यर्थी 7 सितंबर तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

UP PET 2026: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपी एसएसएससी) ने प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2026 (पीईटी-2026) के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग ने पीईटी-2026 के लिए पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर से बढ़ाकर 7 सितंबर 2026 कर दी है। इस संबंध में आयोग की ओर से सूचना जारी कर दी गई है।

 

आयोग द्वारा जारी पत्र के अनुसार प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2026 (पीईटी-2026) का विज्ञापन 1 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया गया था। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। पहले पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर 2026 निर्धारित की गई थी। अब आयोग ने अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर देते हुए इस अंतिम तिथि को 7 सितंबर 2026 तक विस्तारित कर दिया है।

7 सितंबर तक जमा कर सकेंगे शुल्क और आवेदन

नई व्यवस्था के अनुसार पीईटी-2026 में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी अब 7 सितंबर 2026 तक पंजीकरण कर सकते हैं, निर्धारित आवेदन शुल्क जमा कर सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट कर सकते हैं। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं। आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद अभ्यर्थियों को अपना आवेदन समय रहते पूरा करने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है।

आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 8 सितंबर

आयोग ने स्पष्ट किया है कि शुल्क समायोजन एवं आवेदन पत्र में संशोधन की अंतिम तिथि 8 सितंबर 2026 ही रहेगी। यानी अभ्यर्थियों को आवेदन सबमिट करने के बाद यदि निर्धारित प्रावधानों के तहत किसी प्रकार का संशोधन करना है तो उसके लिए 8 सितंबर तक का समय रहेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन की नई समय सीमा का ध्यान रखते हुए प्रक्रिया पूरी करें और अंतिम समय का इंतजार न करें।

 

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि में बदलाव किया गया है। पीईटी-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया, आवेदन शुल्क, चयन का आधार, निर्धारित शर्तें एवं अन्य दिशा-निर्देश वही रहेंगे, जो आयोग द्वारा पूर्व में जारी विज्ञापन में प्रकाशित किए गए हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को पीईटी-2026 के मूल विज्ञापन में दिए गए सभी नियमों और निर्देशों के अनुसार ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

Heavy Rain Alert: कहीं भारी बारिश तो कहीं लैंडस्लाइड का खतरा! IMD ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Weather Alert: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज होने वाली है, जिससे आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, पूर्वी भारत में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, वहीं पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पंजाब के ऊपर चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो रहा है, वहीं ओडिशा के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने से आसपास के इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण कई राज्यों में बादल छाए रहने और अलग-अलग जगहों पर बारिश होने के आसार हैं

आईएमडी ने आज दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत 16 राज्यों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में भारी बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बारिश से भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी मानने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

मानसून की सक्रियता के चलते देश के कई राज्यों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 30 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भी बारिश के कारण परेशानी बढ़ सकती है। वहीं झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में भी कई जगहों पर जोरदार बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को जलभराव और अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली में मौसम एक बार फिर बदलता हुआ नजर आ सकता है। राजधानी के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लोगों को बारिश और तेज हवा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में 30 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चल सकती है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

योगी सरकार का यूपी पर्यटन को मजबूत करने का नया प्लान, अब एक साथ करें काशी, प्रयागराज और अयोध्या के दर्शन

योगी सरकार का यूपी पर्यटन को मजबूत करने का नया प्लान, अब एक साथ करें काशी, प्रयागराज और अयोध्या के दर्शन

​​UP Tourism Spiritual Triangle

​​UP Tourism Spiritual Triangle: उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक एवं पर्यटन विभाग ने 'विजिट माय स्टेट' अभियान के तहत श्रद्धालुओं के लिए 4 रात और 5 दिन का विशेष 'स्पिरिचुअल ट्रायंगल' (Spiritual Triangle) टूर पैकेज लॉन्च किया है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पैकेज प्रदेश के तीन प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों—वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या—को एक धार्मिक पथ से जोड़ता है। आगामी तीज-त्योहारों के मद्देनजर शुरू की गई इस पहल से श्रद्धालुओं की तीर्थयात्रा अधिक सुगम, सुविधाजनक और यादगार बनेगी।

  • पूर्व की स्थिति : तब अयोध्या में हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू घाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को टूर पैकेज का हिस्सा बनाया जाता था, हालांकि तब राम मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हुआ था और दर्शन की व्यवस्था वर्तमान जैसी भव्य नहीं थी। 
  • वर्तमान पैकेज ('स्पिरिचुअल ट्रायंगल') : अब राम मंदिर के निर्माण के बाद पर्यटन विभाग ने इसे नए रूप में 'स्पिरिचुअल ट्रायंगल' (Spiritual Triangle) टूर पैकेज के तौर पर लॉन्च किया है, जिसमें राम मंदिर के वीआईपी दर्शन को मुख्य आकर्षण के रूप में जोड़ा गया है। 

​यात्रा का पूरा शेड्यूल

  • ​पहला दिन (काशी आगमन) : संकट मोचन मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर और अस्सी घाट का भ्रमण। शाम को गंगा में नौका विहार और विश्व प्रसिद्ध भव्य गंगा आरती के दर्शन।
  • ​दूसरा दिन (काशी एवं सारनाथ) : श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन, अन्नपूर्णा मंदिर और काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना। इसके बाद सारनाथ में धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप, बोधि वृक्ष, अशोक स्तंभ संग्रहालय और बीएचयू (BHU) का भ्रमण।
  • ​तीसरा दिन (प्रयागराज) : प्रयागराज आगमन पर पवित्र संगम में स्नान, आनंद भवन और लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन।
  • ​चौथा दिन (अयोध्या धाम) : अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल और श्री राम जन्मभूमि मंदिर में वीआईपी दर्शन। शाम को सरयू घाट पर भव्य आरती में सहभागिता।
  • ​पांचवां दिन : यात्रा का समापन।

पैकेज की दरें और सुविधाएं

वाहन के अनुसार प्रति व्यक्ति शुल्क:

  • ​सेडान कार : न्यूनतम 4 यात्रियों के समूह के लिए प्रति व्यक्ति शुल्क ₹14,400 है।
  • ​इनोवा क्रिस्टा : न्यूनतम 6 यात्रियों के समूह के लिए प्रति व्यक्ति शुल्क ₹13,000 है।

 

पैकेज में शामिल सुविधाएं:

  • ​वातानुकूलित (AC) वाहन से संपूर्ण यात्रा
  • ​4 रात का एसी आवास (डबल शेयरिंग बेसिस)
  • ​प्रतिदिन का नाश्ता (Breakfast)
  • ​प्रमुख स्थलों पर नौका विहार और गाइड की सुविधा
  • ​काशी विश्वनाथ और राम मंदिर में वीआईपी दर्शन

​(नोट: दोपहर और रात के भोजन का खर्च यात्रियों को स्वयं वहन करना होगा।)

​बुकिंग एवं संपर्क सूत्र

​'स्पिरिचुअल ट्रायंगल' टूर पैकेज की बुकिंग और अन्य विस्तृत जानकारी के लिए यूपीएसटीडीसी (UPSTDC) के निम्नलिखित मोबाइल नंबरों (9149099890 | 7985816467) पर संपर्क कर सकते हैं।

 

Ashoka Buildcon को RVNL से मिला ₹602 करोड़ का प्रोजेक्ट, अब 31 अगस्त को रहेगी शेयरों पर नजर

Ashoka Buildcon Shares: दिग्गज सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी अशोक बिल्डकॉन को रेलव विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से ₹602.16 करोड़ (जीएसटी मिलाकर) का एक कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इसकी जानकारी आज 29 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में दी है। ऐसे में अशोका बिल्डकॉन के शेयरों पर इसका असर सोमवार 31 अगस्त को मार्केट खुलने पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.22% की गिरावट के साथ ₹112.70 पर बंद हुआ है। एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 4 नवंबर 2025 को यह एक साल के निचले स्तर ₹214.35 पर था जिससे 4 महीने में यह 52.88% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹101.00 पर आ गया था।

कैसा ऑर्डर मिला है Ashoka Buildcon को RVNL से?

अशोक बिल्डकॉन को रेल विकास निगम लिमिटेड से उत्तराखंड में बन रही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन की चार सुरंगों के लिए ₹602.16 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर प्रोजेक्ट के E-4 पैकेज के तहत आने वाली सुरंगों T-13, T-14, T-15 और T-16 से जुड़ा है। इसके तहत कंपनी को सुरंगों के लिए जरूरी इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करना है। इनमें सब-स्टेशन, हाई-टेंशन और लो-टेंशन केबल, डीजल जनरेटर सेट, लाइटिंग, यूपीएस सिस्टम, वेंटिलेशन और फायर-फाइटिंग सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी को 30 महीने के भीतर यह कॉन्ट्रैक्ट पूरा करना है। इसके अलावा कंपनी को रेल विकास निगम के पास ₹25.51 करोड़ की परफॉरमेंस बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी। इसमें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड दो साल है यानी काम पूरा होने के बाद दो साल तक तय शर्तों के अनुसार किसी कमी या खराबी की जिम्मेदारी कंपनी की रहेगी।

ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का

इस महीने की शुरुआत में अशोक बिल्डकॉन ने आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी से महाराष्ट्र में एक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने की बात कही थी। इस प्रोजेक्ट में सालाना लगभग ₹126.5 करोड़ का ट्रांसमिशन चार्जेज है। इस प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र के भंडारा जिले में सकोली सबस्टेशन बनाया जाएगा। इस कंपनी को 24 महीने के भीतर काम पूरा करना है और इसके बाद 35 वर्षों तक O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) का काम संभालना है।

इससे पहले जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक ₹15,251 करोड़ था। इसमें तिमाही के बाद मिले ₹451 करोड़ के ऑर्डर शामिल नहीं हैं। ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का था, जिसमें रोड ईपीसी ₹6,783 करोड़ और रोड एचएएम ₹1,519 करोड़ है और कुल मिलाकर ये ऑर्डर बुक का करीब 54.5% हिस्सा हैं। रेलवे के ₹1,346 करोड़ के ऑर्डर्स को मिलाकर सड़क और रेलवे कंपनी का ऑर्डर बुक का करीब 63% हिस्सा हैं। ऑर्डर बुक में ₹5,066 करोड़ यानी 33.2% हिस्सा पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन तो ₹536 करोड़ यानी 3.5% हिस्सा बिल्डिंग ईपीसी की है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारत में बनाओ, दुनिया भर में बेचो! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी कंपनियों को दिया बड़ा ऑफर, GIFT City का भी जिक्र, समझिए पूरी तैयारी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल निवेशकों और कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस के साथ-साथ टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सेंटर स्टैबलिश करने का ओपन ऑफर दिया है। अमेरिका की छह दिन की यात्रा पर गईं वित्त मंत्री ने शिकागो में टॉप इन्वेस्टर्स और बिजनेस लीडर के साथ एक हाई लेवल बिजनेस राउंडटेबल में यह बात कही। उन्होंने ग्लोबल पार्टनर्स से अपील की कि वे भारत की विशाल प्रतिभा और अवसरों का फायदा उठाते हुए देश में कोडेवलपमेंट और कोप्रोडक्शन करें। इससे सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रोडक्ट्स और कैपेसिटी को डेवलप करें।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के सहयोग से आयोजित इस बैठक में वित्त मंत्री ने भारत की व्यापक आर्थिक वृद्धि, देश में चल रहे रिफॉर्म्स की स्पीड और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को लेकर डिटेल में बात की है।

भारत को सिर्फ एक बाजार नहीं, ग्लोबल प्लेटफॉर्म समझें

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में निवेश का अवसर किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह अपने विशाल पैमाने, विकास दर, इंजीनियरिंग प्रतिभा, आधुनिक बुनियादी ढांचे और पिछले एक दशक में हुए सुधारों से काफी व्यापक इंपैक्ट रखता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से आग्रह किया कि वे भारत को सिर्फ एक कंज्यूमर मार्केट के रूप में न देखें बल्कि इसे दुनिया के लिए मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने एक मजबूत प्लेटफॉर्म के रूप में देखें।

इस बैठक का मैं एजेंडा भारत में निर्माण करें — भारत के लिए और दुनिया के लिए (Manufacture in India — for India and for the world) था। इसमें एआई, डिजिटल, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड प्रोसेसिंग, डिफेंस और हाई एंड टेक्नोलॉजी में अवसरों पर चर्चा हुई।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और AI में नए मौके

वित्त मंत्री ने बताया कि भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) जैसे यूपीआई, डिजिलॉकर, ओएनडीसी और इंडिया स्टैक ने आबादी के स्तर पर कई बड़े और सफल प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि अब अगला बड़ा अवसर एआई, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे हाई वैल्लूर बिजनेस तैयार करने में है। भारत में बनाए गए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तेजी से ग्लोबल इनोवेशन के सेंटर बनते जा रहे हैं।

गिफ्ट सिटी तेजी से बन रहा इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर

पीटीआई के मुताबिक वित्त मंत्री ने गुजरात की गिफ्ट सिटी (GIFT City) का खास जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के रूप में तेजी से उभर रहा है। जून 2026 तक गिफ्ट सिटी में 1250 से अधिक रजिस्टर्ड संस्थाएं काम कर रही हैं। सीतारमण ने बताया कि गिफ्ट सिटी बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, रीइंश्योरेंस, एयरक्राफ्ट एंड शिप लीजिंग, सस्टेनेबल फाइनेंस और दूसरी क्रॉस बॉर्डर फाइनेंशियल सर्विसेज में काफी संभावनाएं देता है। उन्होंने ग्लोबल इंस्टीट्यूशन से आग्रह किया वो भी इसे भारत के फाइनेंशियल इकोसिस्टम में एंट्री के गेटवे के रूप में इस्तेमाल करें।

ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत न सिर्फ एक बड़े बाजार के रूप में स्केल देता है, बल्कि एक लॉन्गटर्म इनवेस्टमेंट और ऑपरेशनल प्लेटफ़ॉर्म भी ऑफर करता है। उत्पादन-जुड़े प्रोत्साहन (PLI) जैसी टारगेटेड नीतिगत पॉलिसी स्कीम के जरिए अब भारत का ध्यान सिर्फ पार्ट्स को असेंबल करने तक सीमित नहीं है बल्कि कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और हाई एंड टेक्नोलॉजी तैयार करने पर भी है। क

इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, एग्रीकल्चर और डिफेंस सेक्टर पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि देश में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर्स, रेलवे का मॉडर्नाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और हाई-स्पीड रेल सहित इंफ्रास्ट्रक्चर का काफी तेजी विस्तार हो रहा है। ये सब मिलकर लॉन्गटर्म इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टमेंट के मौके बना रहे हैं। नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) इनमें हिस्सेदारी लेने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स को एक कमर्शियल प्लेटफॉर्म दे रहा है।

भारत का एग्रीकल्चर बेस, बढ़ती इनकम और बदलता कंजंशन पैटर्न फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमेशन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और कोल्ड चेन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही हैं। रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘iDEX’ जैसी पहलों के माध्यम से भारत ड्रोन, ऑटोनोमस सिस्टम और हाई एंड टेक्नोलॉजी में तेजी से कैपेसिटी बिल्डिंग कर रहा है।

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके बाद न्यूयॉर्क का दौरा भी करेंगी।