Bank Holiday: आज 16 जुलाई, गुरुवार को कई राज्यों में बंद हैं बैंक, घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI के छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday on Thursday 16 July 2026: अगर आज गुरुवार, 16 जुलाई को आप बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने के लिए शाखा जाने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, आज देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में रथ यात्रा, कांग (रथयात्रा) और हरेला त्योहार के कारण बैंकों में छुट्टी घोषित की गई है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि यह छुट्टी पूरे देश में लागू नहीं है, बल्कि केवल कुछ विशेष राज्यों और शहरों में ही सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहेंगे। देश के बाकी सभी हिस्सों में बैंकों में सामान्य रूप से कामकाज जारी रहेगा।

आज किन शहरों और राज्यों में बंद रहेंगे बैंक?

आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज 16 जुलाई को इन राज्यों और उनके प्रमुख सर्कलों (जैसे- भुवनेश्वर, देहरादून और इंफाल) में बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहेंगी:

ओडिशा (भुवनेश्वर): पवित्र जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा (Ratha Yatra) उत्सव के कारण आज पूरे राज्य में बैंकों में सार्वजनिक अवकाश है।

उत्तराखंड (देहरादून): लोक पर्व ‘हरेला’ (Harela) के पावन अवसर पर आज राज्य के सभी बैंकों में छुट्टी रहेगी।

मणिपुर (इंफाल): पारंपरिक कांग रथयात्रा (Kang Rathajatra) उत्सव के चलते आज यहां भी बैंकों में कामकाज नहीं होगा।

बाकी राज्यों में क्या है स्थिति?

ऊपर बताए गए तीन राज्यों (ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर) को छोड़कर उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत देश के अन्य सभी राज्यों में आज बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले हुए हैं। अगर आप इन राज्यों में रहते हैं, तो बिना किसी हिचकिचाहट के बैंक जाकर अपने काम निपटा सकते हैं।

घर बैठे निपटाएं काम, चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

भले ही आपके शहर या राज्य में आज बैंक की शाखाएं बंद हों, लेकिन आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। तकनीकी युग में बैंक बंद होने के बावजूद यूपीआई, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम (ATM) सेवाएं 24 घंटे काम करती हैं।

9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में बनाई मजबूत पहचान : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi stated that over past nine years Uttar Pradesh has established strong identity among country's leading economies

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून का राज स्थापित होने से निवेश और विकास को मिली नई रफ्तार 

– सपा सरकार पर सीएम का तीखा हमला, बोले- सरकारी खजाने की हुई लूट और विकास रहा अधूरा

– यूपी में तीसरी बार बनेगी एनडीए की सरकार, भाजपा के नेतृत्व में लगेगी हैट्रिक

– उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई, सवा तीन करोड़ लोगों को मिला रोजगार

– नौ सालों में दंगा, कर्फ्यू और माफिया संस्कृति से मुक्त हुआ उत्तर प्रदेश

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नौ वर्षों के कार्यों, कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, कृषि, निवेश और बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने में सफल रही है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान, सुरक्षा और विकास के संकट से जूझ रहा था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में राज्य ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। कहा कि यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट होगी। एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी। मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ में 'आज तक' न्यूज चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'पंचायत आज तक उत्तर प्रदेश' को संबोधित कर रहे थे। 
 

सीएम ने कहा कि 9 वर्षों की कार्यपद्धति और रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने है। जनता जनार्दन फैसला करने को तैयार है। 2003 से 2017 तक सपा और अन्य सरकारों की कार्यपद्धतियां भी सबके सामने है। हम लोगों ने पीएम मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में विकसित भारत को आगे बढ़ाने का काम किया।

डबल इंजन सरकार का लाभ हमने लिया है। इसमें यूपी सफल हुआ है। विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को केवल डबल इंजन की भाजपा की सरकार ही पूरा कर सकती है। गत वर्ष एक रिकॉर्ड टूटा था, इस बार एक नया टूटने वाला है। यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट करेगी। भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

 

सपा सरकार में लूटा गया सरकारी खजाना

सीएम ने कहा कि सपा का विकास का मॉडल होता तो यूपी कबका डूब गया होता। सैफई खानदान यूपी को तबाह कर रहा था, उसका नमूना जेपीएनआईसी बिल्डिंग है। सपा ने जेपीएनआईसी को बनाने के लिए 200 करोड़ का डीपीआर बनाया था, लेकिन 800 करोड़ रुपए खर्च हो जाने के बाद भी अधूरा है। आदि गंगा की मान्यता वाली गोमती के रिवर फ्रंट के नाम पर 166 करोड़ रुपए का डीपीआर किया था लेकिन 1400 करोड़ रुपए खर्च हो गए। साथ ही कार्य भी अधूरा है। सपा सरकार में केवल सरकारी खजाना लूटा जा रहा था।

 

सीएम ने कहा कि 2016 दिसंबर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का तत्कालीन मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया। इसके बाद 15,200 करोड़ की लागत तय की गई। सरकार बदलने के बाद मई 2017 में उसकी समीक्षा की तो जमीन ही न होने का पता चला। इसमें बड़ी बेइमानी का पता चला तो टेंडर को रद्द किया गया। दो वर्ष जमीन खरीदने में लगे। 2018 में हमारे पास 90 प्रतिशत जमीन आ गई। इसके बाद 15,200 करोड़ का टेंडर मात्र 11,800 करोड़ रुपए का हो गया। इसी बजट में सपा सरकार से बेहतर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया गया। 

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सीएम ने कहा कि यूपी की एक्साइस पॉलिसी में भी डैकती डाली जाती थी। पहले मात्र 12 हजार करोड़ रुपए की एक्साइस ड्यूटी आती थी। हमारी सरकार के लिए कठिन था, लेकिन पॉलिसी की बदल दी। आज पांच गुना ज्यादा 63,000 करोड़ रुपए एक्साइस ड्यूटी के रूप में सरकार को मिल रहे हैं।

 

विपक्ष ने राम मंदिर के विरोध में अधिवक्ता खड़े किए

सीएम ने कहा कि 2017 से पहले जब यूपी में सुरक्षा नहीं थी तो त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था, उपद्रव शुरू हो जाता है। आज हर समुदाय का पर्व व त्योहार शांतिपूर्ण ढ़ंग से पूरा हो रहा है। जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई, वह आस्था की बात कर रहे हैं। साथ ही पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई। देश के उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल कर रहे थे कि भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण हुए ही नहीं। राम मंदिर के विरोध में अपने अधिवक्ता खड़े किए। जिन लोगों ने देश के खजाने को लूटा और पहचान का संकट खड़ा किया, आज उनको अयोध्या की चोरी दिख रही है लेकिन अपनी डकैती नहीं दिखती। 

 

अयोध्या चढ़ावा मामले में की गई कार्रवाई, हिंदू आस्था पर प्रहार करना न्याय संगत नहीं

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की घटना निश्चित ही सभी रामभक्तों को आहत करती है। वह एक इंडिपेंडेंट ट्रस्ट है, जिसमें सरकार को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही ट्रस्ट ने कार्रवाई शुरू की, जो लोग चोरी करते हुए पकड़े गए उनकी व सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई। नैतिक आधार पर भी दो इस्तीफे हुए, लेकिन उसके नाम पर अयोध्या को, श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करना अथवा हिंदू आस्था पर प्रहार करना, ये न्याय संगत नहीं है।

यूपी में जब यह आस्था के केंद्र देश के लिए मॉडल बन रहे और यूपी पहचान में आगे बढ़ रहा हैं तो सपा को पीड़ा हो सकती है। आस्था के केंद्रों से अर्थव्यवस्था को गति मिली है। इससे फूल बेचने वाले, रिक्शा चलाने वाले, होटल व टैक्सी संचालकों की भी आर्थिक स्थिति सुधरी। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान एक नाविक ने 30 करोड़ रुपए की कमाई की थी, लेकिन ये उनको अच्छा नहीं लगाता है।

 

दोनों युवराजों को चांदी के चम्मच से खाने की आदत

सीएम ने कहा कि समृद्धि केवल दो खानदानों ने अपने नाम पर पेटेंट करा लिया है। ये एक गरीब की पीड़ा को नहीं समझ सकते। दोनों राजकुमारों ने जहां जन्म लिया है, वहां चांदी के चम्मच से खाने की आदत रही है। देर से सोकर उठने की आदत रही है। गर्मी, बरसात की पीड़ा कैसी होती है, इन्हें नहीं पता है। दोनों फीफा कप का आनंद लेने ऑस्ट्रेलिया और टूरिस्ट वीजा पर यूएस की यात्रा पर गए हैं। ये किसके पैसे से विदेश की यात्रा कर रहे हैं। यहां समाज को बांटने का काम करते है, लेकिन जनता सारी करतूतों को जानती है।

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मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम नहीं आई

सीएम ने कहा कि मुझे एक लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में काम करने से पहले एक सांसद के रूप में उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्र से देश की संसद में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ था। विभिन्न मुद्दों के लिए जूझता था और संसद में उठाने का प्रयास करता था। कभी-कभी निराशा भी होती थी। लगता था कि बीमारी व भूख से मरना, माफिया के सामने लोगों का नतमस्तक होना, बिजली व सामान्य जनसुविधाओं के लिए लोगों को तरसना, युवाओं के सामने पहचान का संकट, किसानों की आत्महत्या उत्तर प्रदेश की नियति बन गई है। पीड़ा के साथ लगता था कि क्या इन समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है।

जब पार्टी ने मुझे शासन-सत्ता का संचालन करने का अवसर दिया और अब उसके सकारात्मक परिणाम को देखता हूं। ऐसा नहीं की मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम आई हो। मेरे साथ कोई भी व्यक्ति नहीं आया। गोरखपुर से पांच बार से सांसद रहा, वहां से भी एक व्यक्ति नहीं आया। जो टीम लखनऊ में मुझे मिली, उन्हीं के साथ काम करने का प्रयास किया। उसके परिणाम सबके सामने है। 

 

सीएम ने कहा कि यूपी को इन 9 वर्षों में पहचान के संकट से उबारा है। यूपी की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। महिला कर्मचारियों की उपस्थिति तीन गुना बढ़ी है। बीमारू राज्य की श्रेणी में रहने वाला उत्तर प्रदेश 9 वर्षों में देश के टॉप तीन अर्थव्य़वस्था के रूप में स्थापित हुआ है। ऐसे कौन से कारण थे, जो यूपी में नहीं हो सकते थे।

 

2014 के पहले भी थी एक डबल इंजन सरकार 

सीएम ने कहा कि 2014 के पहले भी एक प्रकार की डबल इंजन की सरकार थी। केंद्र में कांग्रेस व यूपीए की सरकार थी और यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। दोनों मिलकर काम कर रहे थे लेकिन जनता में विश्वास नहीं था। इन दोनों की स्थिति एक तरफ कुआं और खाई जैसी थी। आज ये लोग जो उपदेश देते हैं, वह 2014 से पहले अंगीकार किया होता तो हाशिए पर नहीं गए होते।

 

यूपी का नौजवान अपनी पहचान छिपाता था, उसे नौकरी नहीं मिलती थी। उसने आवेदन किया तो योग्यता के बाद भी वो चयनित नहीं होता था। क्योंकि नौकरी पर कुछ चंद जनपदों और लोगों का कब्जा था। 2017 के पहले सुरक्षा की स्थिति बदलहाल थी, बेटी और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। सत्ता के समानांतर माफियाओं की सरकारें चलती थीं। मीडिया, आम आदमी, व्यापारी, बेटी, उद्यमी कोई भी सुरक्षित नहीं था। व्यापारी और आम नागरिक भी घर से निकलता था तो ईश्वर से प्रार्थना करता था कि मुझे शाम को वापस परिवार का मुंह देखने का अवसर मिले।

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माफियाओं के साथ आज भी उन लोगों की सहानुभूति

सीएम ने कहा कि उद्यमी निवेश नहीं करना चाहता था। न सरकार की नीति थी और न नीयत थी। अराजकता चरम पर थी, माफिया के सामने सरकारें नाक रगड़ती हुई दिखाई देती थी। आज भी उनके भाषण सुनते होंगे, वे बोलते हैं कि सत्ता में आ गए तो जांच कराएंगे कि माफिया मारे क्यों जा रहे हैं। आज भी उन लोगों की सहानुभूति उन माफिया और उनके गुर्गों के प्रति है, जो जेल में है या जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं। उनकी सहानुभूति आज भी यूपी के नागरिकों के प्रति नहीं दिखती है।

 

23 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच ले जाएं

सीएम ने कहा कि 2003 से 2026 के 23 वर्षों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर जनता के बीच लेकर जाइए। पहले पांच साल मुलायम सिंह के, अगले पांच साल मायावती के व अगले पांच वर्ष अखिलेश के और पिछले 9 वर्षों के हमारे कार्यकाल के, जनता से उनकी संतुष्टि के बारे में पूछिए। आपको स्वर्गीय राजीव गांधी का वह वाक्य याद आज जाएगा जिसमें निराश होकर कहा था कि हम 100 रुपए भेजते है, लेकिन नीचे 15 रुपए ही पहुंचता है। आखिर 85 रुपए कौन खा जा रहा था।

ये किसी छात्र-छात्रा की छात्रवृत्ति, युवा की नौकरी, बुर्जुग-निराश्रित महिला की पेंशन, गरीब का अनाज, बहन-बेटी के लिए बनने वाले शौचालय का पैसा था। जिस 85 प्रतिशत पैसे पर पिछली सरकारें डकैती डालने का काम करती थीं। आज डीबीटी के माध्यम से 100 रुपए दिल्ली या लखनऊ से भेजने पर सीधे लाभार्थी के खाते में जाता है। सभी तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंच रहा है। सीएम योगी ने कहा कि संकल्प और इच्छाशक्ति के दम पर देश की सबसे बड़ी आबादी का राज्य दंगा मुक्त, उपद्रव मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और अपनी परांपरागत पहचान से युक्त हो सकता है, यह यूपी ने पिछले 9 वर्षों में करके दिखाया है।

 

अब इंसेफेलाइटिस से मौतें नहीं होतीं

सीएम ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हर वर्ष इसी सीजन में इंसेफेलाइटिस से मौतें होती थीं। हर परिवार सशंकित रहता था कि पता नहीं कौन सा बच्चा इसकी चपेट में आ जाए। हर वर्ष 1200 से 1500 मौतें होती थीं। आज इंसेफेलाइटिस से होनी वाली मौतें शून्य पर पहुंच चुकी हैं। भूख से मौतें अलग से होते थीं, आज उन्हें 100 प्रतिशत सैचुरेट कर चुके हैं। उन्हें जमीन के पट्टे मिले, उनका आवास बना, आयुष्मान कार्ड, रसोई गैस के सिलेंडर और रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

 

परंपरागत उद्यम फिर जीवित हुए

सीएम ने कहा कि परंपरागत उद्यम फिर से जीवित हो चुके हैं, जिन्हों कभी यूपी को पहचान दिलाई थी। आजादी के तत्काल बाद 1950 में देश की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान 14 प्रतिशत था, जो 2017 से पहले घटकर मात्र 7 प्रतिशत के आस-पास रह गया था। यूपी अवनति की ओर था। तब अन्नदाता को पानी, बीज, बिजली नहीं मिलती थी। किसान खेत में जाने से डरता था। वहीं पैदावार फसल का दाम किसानों को नहीं मिलता था, क्योंकि इसका फायदा बिचौलिए उठाते थे। कृषि यूपी का आधार है लेकिन सरकार के स्तर पर कोई प्रोत्साहन नहीं था।

मैन्युफैक्चरिंग पावर जब परंपरागत उद्यम के साथ जुड़ती है, तब अर्थव्यवस्था को तेज करती है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए हमारे पास एमएसएमई का बेहतरीन नेटर्वक था लेकिन पिछली सरकारों के इंस्पेक्टर राज ने उसे तबाह कर दिया था। लोग विभागीय उत्पीड़न के शिकार होते थे। उस समय उद्यमी, कारीगर बन गया और किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया था। ऐसे में यूपी की अर्थव्यवस्था को डूबना ही था।

 

कृषि विकास दर को 18 प्रतिशत तक पहुंचाया

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। अमेरिका-ईरान व रूस-यूक्रेन का युद्ध चल रहा है, उर्वरक की कमी स्वाभाविक रूप से हो जानी चाहिए थी, लेकिन यूपी में किसान को फर्टिलाइजर, बीज, कीटनाशक समय पर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के अंदर 10 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने 24 लाख हेक्टेयर जमीन को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में अप्रूव हुई सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को यूपी में डबल इंजन की सरकार ने पूरा कराया। उन्होंने बुंदेलखंड की अर्जुन सहायक परियोजना का भी जिक्र किया। बताया कि पहले महोबा के किसानों को प्रति बीघा 5 हजार रुपए मिलता था, आज उन्हीं अन्नदाता किसानों को 50 हजार रुपए मिल रहा है। उन्होंने बाणसागर परियोजना की सफलता की भी चर्चा की।

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बिचौलियों को हटाकर किसानों को दिलाया फायदा

सीएम ने कहा कि यूपी के किसानों को 10 घंटे बिजली खेती के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही बिजली उनके लिए मुफ्त है। प्रदेश में 16 लाख प्राइवेट ट्यूबवेल हैं, सबकी बिजली मुफ्त कर दी गई है। 2017 में 10 वर्ष का गन्ना मूल्य का भुगतान बाकी था। गन्ना किसानों को अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। 300 से 400 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना का दाम किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम ने कहा कि आज 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। 105 चीनी मिलें ऐसी हैं, जहां से 4 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को हो रहा है।

शेष में प्रयास किया जा रहा है कि वह 15 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर दें। आज किसान की किसी भी उपज को बिचौलियों की जगह उन्हीं से सरकार द्वारा खरीदा जा रहा है। अगर बाजार में अच्छा दाम है तो किसान स्वतंत्र रूप से वहां बेच सकता है। अगर बाजार में उचित दाम नहीं मिल रहा है तो एमएसपी में लागत के डेढ़ गुना दाम पर सरकार किसान से खरीदेगी और फिर उसे अपने स्तर पर बाजार तक पहुंचाने का काम करेगी।

आज किसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना समेत हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खेती में जो विकास दर बढ़ी है, उस विकास दर के पीछे डबल इंजन सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का परिणाम देखने को मिल रहा है।

 

सीएम ने कहा कि पहले एमएसएमई दम तोड़ चुका था, कारीगर पलायन कर चुके थे, अब वह फिर से प्रगति कर रहे हैं। देश में सबसे ज्यादा 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी संचालित कर रहा है। सरकार हर यूनिट को 5 लाख रुपए की सामाजिक बीमा का कवर भी उपलब्ध करा रही है। सवा तीन करोड़ रुपए इसके साथ रोजगार से जुड़ चुके हैं। 

 

सुशासन के लक्ष्य प्राप्ति के लिए कानून का राज जरूरी

सीएम ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कानून का राज स्थापित कर दीजिए। सुरक्षा का बेहतरीन माहौल दे दीजिए। अपने आप सुशासन के लक्ष्य प्राप्त होते दिखाई देंगे। यूपी सरकार ने प्रभावी ढ़ग से इसे बढ़ाने का काम किया। आज यह सुनना अच्छा लगता है, जब कहा जाता है कि यूपी के मॉडल को सुरक्षा के मायने में अन्य राज्यों ने स्वीकार किया है। 

 

हर योजना में शीर्ष पर यूपी

सीएम ने कहा कि पहले दिल्ली में सरकारी योजनाओं को लागू करने में टॉप राज्यों की सूची देखता था। यूपी का कहीं पता नहीं होता था, वह बाटम 3 में दिखता था। तब सरकारों की मानसिकता भी ऐसी ही थी। पिछले 12 वर्षों में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में 100 से ज्यादा जनकल्याण की स्कीमें निकली हैं। आज हर एक स्कीम में यूपी का नाम टॉप में आता है। यूपी में योजना की सफलता का मतलब है कि वह देश के अंदर सफल हो गई। साथ ही दुनिया के लिए मॉडल बन गई। सीएम ने कहा कि आज गरीब को मकान, शौचालय मिला है। हर गरीब को सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं, जिसके लिए दशकों से लालायित था। अब कोई शिकायत लेकर नहीं आता। 

 

ई-पॉस मशीन से आई पारदर्शिता

सीएम ने कहा कि पूर्वी जनपदों में 2017 से पहले भूख से मौत होती थी। इस सरकार ने ई-पॉश मशीनें लगाईं। आज के दिन 16 करोड़ लोगों को यूपी में मुफ्त राशन दिया जा रहा है। ई-पॉस मशीन से 80 हजार उचित मूल्य की दुकानों को जोड़ा गया है। किसी गांव में उचित मूल्य की दुकान में थोड़ी भी घटतौली होने पर अलर्ट आ जाता है, जिसके बाद टीम फौरन छापा मारकर कार्रवाई करती है।

 

यूपी में बिजली खपत 35 हजार मेगावाट तक पहुंची

सीएम ने कहा कि यूपी के सभी 75 जनपदों में सामान्य रूप से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। 2017 के पहले पीक आवर में कुल बिजली आपूर्ति 15-16 हजार मेगावाट ही होती थी, आज आपूर्ति 33 से 35 हजार मेगावाट हो रही है। ये यूपी की नई स्थिति है।

 

यूपी में 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव

सीएम ने कहा कि यूपी ने 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी बनाई गईं हैं, जिससे निवेश बढ़ा है। 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 15 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और 7.50 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी चल रही है। ये नया यूपी है, जिसके तहत 65 लाख युवाओं को नौकरी दी गई है।

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सीएम ने कहा कि देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अच्छी सड़कें यूपी में मिलेंगी। देश के एक्सप्रेसवे में 60 प्रतिशत यूपी का योगदान है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट यूपी में हैं। 2017 से पहले यूपी में केवल दो एयरपोर्ट संचालित थे, आज 17 हैं। इनमें पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। जिसमें पीएम मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम भी शामिल है। इसके पास 14 हजार एकड़ जमीन है, देश में किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है। नए एयरक्राफ्ट आने पर सभी एयरपोर्ट से हवाई सुविधा और बढ़ेगी। प्रदेश सरकार पांच नए एयरपोर्ट पर भी काम कर रही है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि पहले कोई सोचता भी नहीं था कि आजमगढ़ में एयरपोर्ट होगा, लेकिन यह भी संभव हुआ। श्रावस्ती, अलीगढ़, मुरादाबाद, सोनभद्र में कोई एयरपोर्ट की कल्पना नहीं करता था, लेकिन वहां भी सपना पूरा किया गया। दिल्ली से मेरठ के बीच 12 लेन का एक्सप्रेसवे भी बन चुका है और रैपिड रेल भी आ चुकी है। देश की पहली इनलैंड वाटरवे वाराणसी-हल्दिया के बीच संचालित हो रही है। साथ ही यूपी के अंदर सबसे ज्यादा सात सिटी में मेट्रो सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।

Bank Holiday: कल से अगले 2 दिन तक बैंकों पर लगेगा ताला! घर से निकलने से पहले देख लें ये छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday Alert: अगर आपको अगले दो दिनों में बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। कल और परसों यानी 16 और 17 जुलाई 2026 को देश के कुछ राज्यों में बैंकों में कामकाज नहीं होगा।

हालांकि, आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह छुट्टियां पूरे देश में नहीं हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, ये छुट्टियां केवल चुनिंदा राज्यों में ही लागू रहेंगी। आइए जानते हैं कि इन दो दिनों में किन राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं और इसकी वजह क्या है।

16 जुलाई, गुरुवार को कहां बंद रहेंगे बैंक?

16 जुलाई, गुरुवार को देश के दो राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष दिवस के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी:

उत्तराखंड: इस दिन उत्तराखंड में हरेला (Harela) पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। इस कारण राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक बंद रहेंगे।

मेघालय: मेघालय में यू तिरोत सिंह डे (U Tirot Sing Day) के अवसर पर बैंकों में छुट्टी घोषित की गई है।

अन्य राज्य: इन दो राज्यों को छोड़कर देश के बाकी सभी राज्यों में बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे और काम सुचारू रूप से चलेगा।

17 जुलाई, शुक्रवार को कहां रहेगी छुट्टी?

17 जुलाई, शुक्रवार को भी एक राज्य में बैंक हॉलिडे रहने वाला है:

मेघालय: यू तिरोत सिंह डे के अवसर पर लगातार दूसरे दिन भी मेघालय में बैंक बंद रहेंगे।

अन्य राज्य: मेघालय को छोड़कर भारत के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक खुले रहेंगे, जिससे आम जनता को कोई परेशानी नहीं होगी।

क्या ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाओं पर पड़ेगा असर?

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों की सहूलियत के लिए डिजिटल सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। यूपीआई पेमेंट सेवाएं बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी। मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग के जरिए आप आसानी से फंड ट्रांसफर कर सकेंगे। पैसे निकालने या जमा करने के लिए एटीएम (ATM) और डिजिटल डिपॉजिट मशीनें हमेशा की तरह काम करेंगी।

UPSC Recruitment 2026: यूपीएससी का ये आवेदन फॉर्म भर कर साकार कर सकते हैं सरकारी नौकरी का सपना, 31 जुलाई 241 पदों के लिए करें ऑनलाइन अप्लाई

UPSC Recruitment 2026: सरकारी नौकरी का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए ये खबर अहम हो सकती है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने ऐसे सभी युवाओं के लिए ग्रुप ए और ग्रुप बी के 241 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती प्रक्रिया में असिस्टेंट सॉइल केमिस्ट, प्रॉसिक्यूटर, अलग-अलग फील्ड में स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ-साथ अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में कई और पद शामिल हैं।

इचछुक और योग्य उम्मीदवार यूपीएससी के ऑनलाइन रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन (ORA) पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 है। उम्मीदवार 1 अगस्त, 2026 तक अपने जमा किया हुए आवेदन का प्रिंट ले सकते हैं। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अप्लाई करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें और यह सुनिश्चित कर लें कि वे पद के हिसाब से योग्यता जरूरतों को पूरा करते हैं।

यूपीएससी भर्ती 2026 के लिए कैसे करें आवेदन?

कैंडिडेट इन स्टेप्स को फॉलो करके ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं:

  • upsc.gov.in पर यूपीएससी ऑनलाइन रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन (ORA) पोर्टल पर जाएं।
  • अगर पहले से रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें।
  • अपने रजिस्टर्ड क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • विज्ञापन संख्या 08/2026 के तहत अपनी पसंद का पद चुनें।
  • आवेदन फॉर्म में जरूरी निजी, शैक्षिक और अनुभव की जानकारी भरें।
  • जरूरी दस्तावेज बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें।
  • अगर लागू हो, तो एप्लीकेशन फीस भरें।
  • डिटेल्स देखें और एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें।
  • आगे के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करके प्रिंट कर लें।
  • उम्मीदवारों को 31 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरा करनी होगी।

यूपीएससी भर्ती 2026: योग्यता नियम

कैंडिडेट्स को संबंधित पदों के लिए तय योग्यता शर्तों को पूरा करना होगा। मुख्य जरूरतें ये हैं :

  • असिस्टेंट सॉइल केमिस्ट एप्लीकेंट्स के पास जरूरी स्पेशलाइज़ेशन के साथ एग्रीकल्चर/एग्रीकल्चरल केमिस्ट्री में मास्टर डिग्री होनी चाहिए।
  • कई पदों के लिए काम से संबंधित अनुभव जरूरी है।
  • कानून से जुड़े पदों के लिए लॉ डिग्री के साथ निर्धारित अनुभव जरूरी है।
  • चिकित्सा पदों के लिए एमबीबीएस, पोस्टग्रेजुएट मेडिकल क्वालिफिकेशन और संबंधित टीचिंग/प्रोफेशनल एक्सपीरियंस जरूरी है।

उम्र सीमा

पोस्ट और कैटेगरी के हिसाब से उम्र सीमा अलग-अलग होती है। भारत सरकार के नियमों के अनुसार, आरक्षित श्रेणी के लिए उम्र में छूट है। आवेदन करने से पहले, कैंडिडेट को पद के हिसाब से योग्यता की विस्तृत जरूरतों के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन देख लेना चाहिए।

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भारत के बारे में विदेशी ब्रोकरेज फर्मों के सुर बदले, कहा-जल्द बाजार में लौटने वाली है रौनक

विदेशी ब्रोकरेज फर्मों के सुर भारतीय शेयर बाजारों पर बदल गए हैं। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में टेंशन फिर से बढ़ने से बाजार में तेज गिरावट के बावजूद निवेशकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों पर हायर इनपुट कॉस्ट्स और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता का असर पड़ सकता है। लेकिन, कॉर्पोरेट अर्निंग्स में रिकवरी की संभावनाओं पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा है।

मीडियम टर्म में बाजार की संभावनाओं पर असर नहीं

मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि भारतीय बाजार में आई गिरावट की वजह साइक्लिकल है, न कि स्ट्रक्चरल। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि मीडियम टर्म में भारतीय शेयर बाजार की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है। उसने इसकी कई वजहें बताई हैं। जैसे ग्रोथ मोमेंटम में इम्प्रूवमेंट है। इकोनॉमी की सेहत अच्छी है। भारतीय बाजार को लेकर ब्रोकरेज फर्मों की राय बदलने की बड़ी वजह यह है कि डिमांड को लेकर उनकी चिंता कम हुई है।

जून तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद

जेफरीज को जून तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ बीती 13 तिमाहियों में सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है। इसमें बढ़ती इकोनॉमिक एक्टिविटी और हायर नॉमिनल जीडीपी का हाथ है। ऑयल एंड गैस और मेटल्स को छोड़ कंपनियों की अर्निंग्स साल दर साल आधार पर करीब 12 फीसदी बढ़ने की उम्मीद। फिलिप कैपिटल ने भी ऑयल एंड गैस को छोड़ निफ्टी कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ 15 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है।

निवेशकों को जून तिमाही से आगे देखने की सलाह

ब्रोकरेज फर्मों ने निवेशकों को जून तिमाही से आगे देखने की सलाह दी है। कई स्ट्रेटेजिस्ट्स का कहना है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में मार्केट का फोकस अर्निंग्स मोमेंटम पर बढ़ेगा। यूपीएस ने कहा है कि पश्चिम एशिया में फिर से टेंशन बढ़ने का असर भारत में मध्यम अवधि के निवेश पर नहीं पड़ेगा।

इन सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद

ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों को फाइनेंशियल्स स्टॉक्स का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। इसकी वजह अच्छी क्रेडिट ग्रोथ और मजबूत बैलेंसशीट है। इंडस्ट्रियल और कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा। मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि इनवेस्टमेंट से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने से शेयरों बाजार के प्रदर्शन में इम्प्रूवमेंट आएगा। जेपी मॉर्गन ने कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी स्टॉक्स को अपनी पसंद बताया।

इन सेक्टर की अर्निंग्स ग्रोथ ज्यादा रह सकती है

फिलिप कैपिटल ने जून तिमाही में एनबीएफसी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, डिफेंस और ऑर्गेनाइज्ड रिटेल की अर्निंग्स ग्रोथ सबसे ज्यादा रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, ऑयल एंड गैस, सीमेंट, हेल्थकेयर और मेटल्स का प्रदर्शन कमजोर रह सकता है। कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे पेश करने शुरू कर दिए हैं। टीसीएस ने 9 जुलाई को अपने नतीजे पेश किए।

UPTET 2026: upessc.up.gov.in से डाउनलोड करें यूपीटीईटी की प्रोविजनल आंसर की, 14 जुलाई तक दर्ज कराएं आपत्ति

UPTET 2026: 2 से 4 जुलाई के बीच राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 दे चुके परीक्षार्थियों के लिए अहम अपडेट है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने यूपीटीईटी 2026 की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। इस परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://upessc.up.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, अगर इस पर कोई आपत्ति है तो वह 14 जुलाई तक चुनौती दे सकते हैं।

आंसर की आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित ऑनलाइन लिंक के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। अभ्यर्थियों को इसे डाउनलोड करने के लिए अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि से लॉगिन करना होगा। बता दें, इस साल यानी 2026 में यूपीटीईटी का आयोजन पहली बार यूपीईएसएससी ने किया था। यह परीक्षा चार साल के लंबे अंतराल के बाद 2 और 3 जुलाई को दो शिफ्ट में और 4 जुलाई को सिंगल शिफ्ट में आयोजित की गई थी। इसे पूरे प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 केंद्रों पर शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सकुशल ढंग से संपन्न कराया गया।

अभ्यर्थी मास्टर सेट की प्रोविजनल आंसर-की पर 14 जुलाई तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति दर्ज करने संबंधी दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। ऑनलाइन लिंक के अलावा अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त आपत्ति पर आयोग द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।

आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया क्या है?

  • आयोग ने आपत्ति दर्ज करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
  • अभ्यर्थियों को आयोग के पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।
  • लॉगिन के लिए अनुक्रमांक और जन्मतिथि का उपयोग करना होगा।
  • संबंधित प्रश्न के खिलाफ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करनी होगी।
  • आयोग की वेबसाइट पर इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।

एआई बेस्ड कैमरों से निगरानी

इस परीक्षा के लिए 19 लाख से अधिक आवेदन हुए थे। परीक्षा में टेक्नोलॉजी और एआई युक्त कैमरे का भरपूर इस्तेमाल किया गया। एआई कैमरे से कई जगह फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। तीन दिन में यूपी टीईटी परीक्षा में कुल 44 फर्जी परीक्षार्थी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए।

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UP Homeguard Admit Card: यूपी होमगार्ड भर्ती के लिए पीएसटी और दस्तावेज सत्यापन 13 जुलाई से होगा शुरू, इससे पहले यहां से एडमिट कार्ड कर लें डाउनलोड

UP Homeguard Admit Card: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण के करीब पहुंच गई है। इस चरण में लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PST) और दस्तावेज सत्यापन (document verification) किया जाता है। इन दोनों चरणों की शुरुआत 13 जुलाई से होनी है। इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने होमगार्ड भर्ती के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवार यूपी होमगार्ड पीएसटी डीवी एडमिट कार्ड ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। हॉल टिकट डाउनलोड करने के लिए अभ्यर्थियों को लॉग इन डिटेल दर्ज करनी होगी।

यूपीपीआरपीबी के नोटिफिकेशन के मुताबिक, होमगार्ड पदों के लिए शारीरिक मानक परीक्षण एवं दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया 13 जुलाई से शुरू होकर 6 अगस्त 2026 तक संपन्न होगी। इस भर्ती के जरिये राज्यभर में होमगार्ड के 41,424 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। डीवी पीएसटी के लिए 107221 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। फाइनल लिस्ट डीवी पीएसटी के बाद जारी की जाएगी।

यूपी होमगार्ड डीवी पीएसटी एडमिट कार्ड 2026 कैसे करें डाउनलोड

  • यूपी होमगार्ड डीवी पीएसटी एडमिट कार्ड 2026 डाउनलोड करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
  • वेबसाइट के होम पेज पर आपको एडमिट कार्ड के एक्टिव लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद उम्मीदवारों को लॉग इन क्रेडेंशियल (रजिस्ट्रेशन नंबर, डेट ऑफ बर्थ) दर्ज करके सबमिट करना होगा।
  • जानकारी सबमिट होते ही स्क्रीन पर एडमिट कार्ड ओपन हो जाएगा जहां से आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

महिला-पुरुष उम्मीदवारों के पीएसटी मानक

पुरुष अभ्यर्थियों के लिए क्या हैं शारीरिक मानक?

ऊंचाई

सामान्य, ओबीसी और एससी वर्ग : न्यूनतम 168 सेंटीमीटर

एसटी वर्ग : न्यूनतम 160 सेंटीमीटर

सीने का माप

सामान्य, ओबीसी और एससी वर्ग : बिना फुलाए 79 सेमी, फुलाने पर 84 सेमी

एसटी वर्ग : बिना फुलाए 77 सेमी, फुलाने पर 82 सेमी

सभी पुरुष अभ्यर्थियों के लिए कम से कम 6 सेंटीमीटर का सीना फुलाव अनिवार्य है।

महिला अभ्यर्थियों के लिए ये नियम हैं

  • महिला उम्मीदवारों के लिए निर्धारित शारीरिक मानक इस प्रकार हैं।
  • सामान्य, ओबीसी और एससी वर्ग : न्यूनतम ऊंचाई 152 सेंटीमीटर
  • एसटी वर्ग : न्यूनतम ऊंचाई 147 सेंटीमीटर
  • सभी महिला अभ्यर्थियों का न्यूनतम वजन 40 किलोग्राम होना जरूरी है।
  • निर्धारित ऊंचाई और वजन के मानकों को पूरा करने वाली अभ्यर्थी ही अगले चरण के लिए पात्र मानी जाएंगी।

दौड़ में पूरी करनी होंगी ये शर्तें

  • शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को निर्धारित समय में दौड़ पूरी करनी होगी।
  • पुरुष अभ्यर्थियों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 28 मिनट में पूरी करनी होगी।
  • महिला अभ्यर्थियों को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 16 मिनट में पूरी करनी होगी।
  • निर्धारित समय के भीतर दौड़ पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।

UPESSC Result 2026: यूपी 624 लेक्चरर भर्ती 2022 का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जारी, सेकेंडरी स्कूलों को अब मिल सकेंगे 18 विषयों के टीचर

UPESSC Result 2026: यूपी 624 लेक्चरर भर्ती 2022 का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जारी, सेकेंडरी स्कूलों को अब मिल सकेंगे 18 विषयों के टीचर

UPESSC Result 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने सरकारी मदद वाले सेकेंडरी स्कूलों में 18 विषयों में 624 लेक्चरर की नियुक्ति के लिए आयोजित प्रवक्ता भर्ती 2022 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। उम्मीदवार अपने रोल नंबर और जन्मतिथि की मदद से आयोग के पोर्टल पर अपना परिणाम देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपीईएसएससी के अध्यक्ष प्रशांत कुमार के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी की गई है। प्रवक्ता भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 9 और 10 मई को हुई थी, जबकि सफल कैंडिडेट्स के इंटरव्यू 15 जून से 27 जून के बीच हुए थे। यह भर्ती विज्ञापन संख्या-02/2022 के तहत आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा, अभिलेख सत्यापन और साक्षात्कार की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम चयन सूची जारी की गई है।

आयोग ने विषयवार और श्रेणीवार चयन सूची आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है। उम्मीदवार कट-ऑफ अंक और चयन प्रक्रिया से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारी भी ऑनलाइन देख सकते हैं। आयोग ने उम्मीदवारों को भर्ती पोर्टल के जरिए एक हफ्ते के लिए अपने निजी स्कोर देखने की सुविधा दी है। इसके बाद प्राप्तांकों से संबंधित कोई जानकारी सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के तहत उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।

रिजल्ट घोषित होने के बाद, स्कूल अलॉट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुमार ने कहा कि स्कूलों का आवंटन उम्मीदवारों द्वारा ऑनलाइन जमा की गई संस्थान प्राथमिकता, घोषित चयन पैनल के आधार पर और उत्तर प्रदेश सेकेंडरी एजुकेशन सर्विस सिलेक्शन बोर्ड रूल्स, 1998 के नियमों के अनुसार किया जाएगा। अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://upessc.up.gov.in/ पर लॉगिन कर अपने स्कोरकार्ड देख सकेंगे।

भर्ती फिजिक्स, बायोलॉजी, होम साइंस, हिस्ट्री, एजुकेशन, इंग्लिश, एग्रीकल्चर, कॉमर्स, सोशियोलॉजी, पॉलिटिकल साइंस, मैथमेटिक्स, इकोनॉमिक्स, संस्कृत, साइकोलॉजी, केमिस्ट्री, जियोग्राफी, हिंदी और फाइन आर्ट्स सहित 18 सब्जेक्ट्स के लिए की गई थी। चुने गए कैंडिडेट्स की सब्जेक्ट-वाइज और कैटेगरी-वाइज डिटेल्स यूपीईएसएससी की वेबसाइट पर मौजूद हैं।

UPSSSC Cane Supervisor 2026: यूपी में इस विभाग में कृषि डिग्री धारकों के लिए सरकारी नौकरी का मौका, आज से शुरू हुआ आवेदन

UPSSSC Forest Guard Recruitment: यूपी में फॉरेस्ट गार्ड के 708 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, 12वीं और पीईटी क्वालिफाई कर सकते हैं आवेदन

UPSSSC Forest Guard Recruitment: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फॉरेस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड मुख्य परीक्षा (PET-2025)/13 के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया है। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए नोटिफिकेशन 23 अप्रैल, 2026 को जारी किया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 708 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 जून, 2026 से शुरू हो गया है और 20 जुलाई, 2026 तक चलेगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 जरूरी तारीखें

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए परीक्षा से जुड़ी जरूरी तारीखें नीचे दी गई हैं :

नोटिफिकेशन जारी : 23 अप्रैल, 2026

रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तारीख : 30 जून, 2026

रजिस्ट्रेशन बंद होने की तारीख : 20 जुलाई, 2026

फीस जमा करने के लिए रजिस्ट्रेशन बंद होने की तारीख : 27 जुलाई, 2026

एडमिट कार्ड की तारीख : TBA

एग्जाम की तारीख : TBA

रिजल्ट की तारीख : TBA

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

  • आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • कैंडिडेट्स को अपना PET-2025 रजिस्ट्रेशन नंबर और एक OTP इस्तेमाल करना होगा जो कैंडिडेट के मोबाइल नंबर या ईमेल ID पर भेजा जाएगा।
  • पंजीकरण के दौरान इस्तेमाल की निजी जानकारियों की मदद से पोर्टल पर लॉग इन करें।
  • अपनी शैक्षिक योग्यता डालें और अपनी फोटो, सिग्नेचर की स्पष्ट स्कैन फोटो अपलोड करें।
  • सबमिट करने से पहले फॉर्म को ध्यान से देख लें।
  • जारी रखें पर क्लिक करें, दूसरी जरूरी डिटेल्स भरें और एप्लीकेशन सबमिट करें।

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 आवेदन शुल्क

यूपीएसएसएससी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 के लिए पंजीकरण तब तक पूरा नहीं होगा जब तक उम्मीदवार आवेदन शुल्क का भुगतान नहीं करते। आवेदन शुल्क क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग से अदा कर सकते हैं।

अनरिजर्व्ड (जनरल) Rs. 25

OBC Rs. 25

SC Rs. 25

ST Rs. 25

कौन कर सकता है आवेदन?

शैक्षिक योग्यता : उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या उत्तर प्रदेश के स्टेट बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है।

अन्य योगयता : काम का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत टेरिटोरियल आर्मी में कम से कम 2 साल काम किया हो, या नेशनल कैडेट कोर (NCC) से ‘B’ सर्टिफिकेट हो, या केंद्र या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त किसी संस्था से कंप्यूटर एप्लीकेशन में सर्टिफिकेट लिया हो, या किसी खेल में राज्य का प्रतिनिधित्व किया हो।

उम्र सीमा : 1 जुलाई, 2026 तक कम से कम उम्र 18 साल और ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 40 साल होनी चाहिए। सरकारी नियमों के अनुसार उम्र में छूट दी जाएगी।

IBPS PO Recruitment 2026: पीओ, मैनेजमेंट ट्रेनी, स्पेशलिस्ट ऑफिसर के 6715 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, जानें आवेदन फीस और अन्य डीटेल

PF, क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट फीस, Aadhaar अपडेट, LPG रेट, ITR डेडलाइन… 1 जुलाई से बदल गईं ये चीजें

Rules Changing From July 1 2026:  1 जुलाई से देश में कई जरूरी फाइनेंशियल और और नीतिगत बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर इनकम टैक्स, सैलरीड क्लास, पेंशन पाने वालों, बैंक कस्टमर और विदेश यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ने जा रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और पासपोर्ट फीस से लेकर ईपीएफओ सेवाओं, आधार नियमों और क्रेडिट कार्ड के फायदों में कई बड़े अपडेट किए गए हैं। आइए आपको इन बड़े बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं ताकि आप किसी तरह की असुविधा से बचें और बजट को बेहतर तरीके से प्लान कर पाएं।

1- कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ सस्ता, घरेलू दाम स्थिर

सरकार ने 1 जुलाई से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की है। इससे होटलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है। इस कटौती के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3113.50 से घटकर ₹2930 हो गई है। हालांकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह कटौती 2026 की पहली छमाही के दौरान कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में हुई कई तेज वृद्धियों के बाद आई है।

2- FY 2025-26 के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन

करदाताओं को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरने वाले व्यक्तिगत करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। ऐसे करदाता जो ITR-3 और ITR-4 दाखिल करते हैं और जिन पर टैक्स ऑडिट की आवश्यकता लागू नहीं होती है, उनके पास अपना रिटर्न जमा करने के लिए 31 अगस्त 2026 तक का समय है। तय समय-सीमा चूकने पर जुर्माना लग सकता है, टैक्स रिजीम को चुनने पर रोक लग सकती है और नुकसान को आगेल कैरी फॉरवर्ड करने की सर्विस से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

3- EPFO 3.0: UPI आधारित पीएफ विड्रॉल की सुगबुगाहट

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बहुप्रतीक्षित EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया जा रहा है। इसके तहत ईपीएफ सब्सक्राइबर्स को यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से तुरंत पैसे निकालने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

4- पासपोर्ट फीस में हुआ भारी इजाफा

सरकार ने पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करके पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बदलाव किया है। ये बदलाव भी 1 जुलाई से प्रभावी हो गया है। अब 36 पन्नों के नए सामान्य पासपोर्ट की फीस 1500 से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है। इसी कैटेगरी में तत्काल शुल्क को 3500 से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया है। 60 पन्नों के पासपोर्ट और खोए या कटे-फटे पासपोर्ट को बदलने की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। वरिष्ठ नागरिकों और 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नए आवेदनों पर 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी।

5- आधार (Aadhaar) में ईमेल अपडेट करना हुआ फ्री

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधिकारिक आधार मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीकृत ईमेल पते को अपडेट करने पर लगने वाले ₹75 के शुल्क को माफ कर दिया है। यह मुफ्त सुविधा 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।

6- मिस-सेलिंग पर RBI की सख्ती, टेलीमार्केटिंग का समय तय

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों द्वारा वित्तीय उत्पादों की गलत तरीके से बिक्री को रोकने और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम पेश किए हैं। अगर किसी ग्राहक को उचित सहमति के बिना या भ्रामक तरीकों से उत्पाद बेचे जाते हैं तो वे रिफंड और मुआवजे के हकदार होंगे। बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे टेलीमार्केटिंग और प्रमोशनल कॉल्स को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही सीमित रखें।

7- HDFC बैंक ने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड और लाउंज नियमों को बदला

एचडीएफसी बैंक ने अपने रेगेलिया गोल्ड और डाइनर्स क्लब प्रिविलेज क्रेडिट कार्ड के लिए रिवॉर्ड पॉइंट स्ट्रक्चर और ट्रैवल बेनिफिट्स में बदलाव किया है। रिवॉर्ड कैलकुलेशन से जुड़े बदलाव पहले ही लागू किए जा चुके हैं जबकि एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस से जुड़ी संशोधित शर्तें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। नए नियमों के मुताबिक रेगेलिया गोल्ड कार्डधारकों को कॉम्प्लीमेंट्री डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस का लाभ उठाने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60000 रुपये खर्च करने होंगे।

8- SBI कार्ड ने लगाई रिवॉर्ड पॉइंट्स पर कैपिंग

एसबीआई कार्ड ने अपने दो वेरिएंट्स PhonePe SBI Card Purple और PhonePe SBI Card Select Black के नियमों में बदलाव की घोषणा की है। 1 जुलाई से प्रभावी नियमों के तहत कंपनी ग्राहकों द्वारा कमाए जाने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स पर मंथली कैप लगाएगी। इंश्योरेंस से जुड़े खर्चों और अन्य श्रेणियों के खर्चों के लिए अलग-अलग सीमाएं लागू होंगी। ऑनलाइन लेनदेन पर मिलने वाले अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स को भी कम कर दिया गया है।