UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! 2000 रुपए से ऊपर के बिजनेस पेमेंट पर लग सकता है MDR चार्ज, जानिए किस पर पड़ेगा असर

MDR Charges on UPI payment

सरकार ने संसद में ऐसा बिल पेश किया है जिससे 2000 रुपए से ऊपर के UPI बिजनेस ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.4% तक MDR चार्ज लगाने का रास्ता खुल सकता है। यह चार्ज व्यक्ति से व्यक्ति के ट्रांसफर पर यह लागू नहीं होगा। प्रस्तावित चार्ज केवल दुकानदारों और व्यापारियों पर लागू होगा, ग्राहकों की जेब से पैसे नहीं कटेंगे। ALSO READ: योगी सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा तोहफा, 2,023 रुपए करोड़ का प्रावधान, 5 मंडलों में खुलेंगे आयुष मेडिकल कॉलेज

 

निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया बिल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर एमडीआर लगाने के प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव रखा है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

 

क्या है MDR? 

एमडीआर वह फीस है जो मर्चेंट यानी दुकानदार डिजिटल पेमेंट की सुविधा के लिए बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को देते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक एमडीआर फ्रेमवर्क को रेगुलेट करता है। जनवरी 2020 से सरकार ने डिजिटल पेमेंट को तेजी से अपनाने के लिए यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो एमडीआर जरूरी कर दिया है। ALSO READ: Dabur के शहद, घी और तेल पर बड़ा एक्शन! FSSAI ने ‘100%’ दावे वाले कई प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी

 

बड़े व्यापारियों के लिए मुफ्त नहीं रहेगा UPI

यूपीआई भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जहां हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन होते हैं। ऐसे में सिस्टम को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने के लिए सरकार और रेगुलेटर्स नए विकल्प तलाश रहे हैं। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम यूजर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बड़े व्यापारियों के लिए यूपीआई पेमेंट मुफ्त नहीं रहेगा।

 

95 फीसदी लेनदेन पर नहीं लगेगा MDR?

दावा किया जा रहा है कि 2000 की सीमा कुल यूपीआई लेनदेन का सिर्फ 5 फीसदी कवर करेगी, लेकिन इन लेनदेन का मूल्य कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का 65 फीसदी है। रोजमर्रा की खरीदारी जैसे दूध, सब्जी, किराना या ऑटो-टैक्सी के भुगतान पर इसका असर नहीं पड़ेगा। जुलाई में 23.7 अरब यूपीआई लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.9 लाख करोड़ रुपए रही। कहा जा रहा है कि अगर लागू भी हुआ तो 95 फीसदी लेनदेन पर एमडीआर नहीं लगेगा। इसके अलावा, सभी बिजनेस इस फीस को ग्राहकों पर नहीं डालेंगे, जो बहुत छोटी राशि होगी।

योगी सरकार में भर्ती प्रक्रिया को मिली रफ्तार, यूपीएसएसएससी ने जारी किया परीक्षा कैलेंडर

  • सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को मिलेगी बड़ी सुविधा
  • दिसंबर 2026 तक होंगी विभिन्न मुख्य परीक्षाएं
  • विशेष परिस्थितियों में परीक्षा/साक्षात्कार की तारीखों में हो सकता है परिवर्तन- आयोग

 

लखनऊ 3 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों को पारदर्शी, समयबद्ध और व्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाली विभिन्न भर्ती परीक्षाओं एवं साक्षात्कारों का कैलेंडर जारी कर दिया है। आयोग के परीक्षा नियंत्रक की ओर से बताया गया कि विशेष परिस्थितियों में आयोग द्वारा परीक्षा/साक्षात्कार की तिथियों में परिवर्तन किया जा सकता है। 

 

प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी मुख्य परीक्षा (प्रा.अ. प.-2025)/07 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 9 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक प्रस्तावित है। सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) मुख्य परीक्षा (प्रा.अ. प.-2025)/08 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 23 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक प्रस्तावित है। अनुदेशक फिटर, अनुदेशक ड्राफ्ट्समैन (मैकेनिकल) तथा अनुदेशक इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम मेंटिनेंस पदों हेतु साक्षात्कार माह अगस्त, 2026 में प्रस्तावित हैं।

 

आशुलिपिक मुख्य परीक्षा (प्रा.अ. प.-2022)/08 एवं आशुलिपिक मुख्य परीक्षा (प्रा.अ. प.-2023)/13 की हिन्दी आशुलेखन व टंकण परीक्षा 1 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। आबकारी सिपाही मुख्य परीक्षा (प्रा.अ. प.-2025)/09 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 20 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक तथा भेषजिक (आयुर्वेदिक) मुख्य परीक्षा (प्रा.अ. प.-2023)/01 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 20 सितंबर 2026 को अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक प्रस्तावित है।

 

वन रक्षक व वन्य जीव रक्षक मुख्य परीक्षा (प्रा.अ. प.-2025)/13 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 27 सितंबर को पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला (संयुक्त वर्ग) मुख्य परीक्षा प्रा.अ. प.-2025)/16 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 27 सितंबर को अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक प्रस्तावित है। अनुदेशक मैकेनिक (डीजल इंजन) एवं अनुदेशक टर्नर पदों हेतु साक्षात्कार माह सितम्बर, 2026 में प्रस्तावित हैं।

 

प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2026 माह अक्टूबर, 2026 में प्रस्तावित है। अनुदेशक मशीनिस्ट पद हेतु साक्षात्कार माह अक्टूबर, 2026 में प्रस्तावित है। प्लाटून कमाण्डर/ब्लाक आर्गनाइजर मुख्य परीक्षा प्रा.अ. प.-2025)/11 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 22 नवंबर 2026 पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक तथा हवलदार प्रशिक्षक मुख्य परीक्षा प्रा.अ. प.-2025)/12 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 22 नवंबर 2026 को अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक प्रस्तावित है। गन्ना पर्यवेक्षक मुख्य परीक्षा प्रा.अ. प.-2025)/14 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 29 नवंबर 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक तथा मोहर्रिर मुख्य परीक्षा प्रा.अ. प.-2021)/07 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 29 नवंबर को अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक प्रस्तावित है।

 

लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार मुख्य परीक्षा प्रा.अ. प.-2025)/15 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 20 दिसंबर 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक तथा विधान भवन रक्षक एवं विधान भवन अग्निरक्षक मुख्य परीक्षा प्रा.अ. प.-2025)/10 की लिखित (मुख्य) परीक्षा 20 दिसंबर 2026 को अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक प्रस्तावित है। कनिष्ठ सहायक मुख्य परीक्षा प्रा.अ. प.-2023)/12 की टंकण परीक्षा माह दिसंबर, 2026 में प्रस्तावित है।

UPSSSC PET 2026 Registration: आज से शुरू हुआ पीईटी 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन, जानें कैसे कर सकते हैं आवेदन

UPSSSC PET 2026 Registration: उत्त प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने स्टेट-लेवल स्क्रीनिंग परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। ग्रुप सी पदों पर नियुक्ति के इच्छुक उम्मीदवार 3 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। प्रीलिमिनरी एलिजिबिलिटी टेस्ट (PET) उत्तर प्रदेश में अलग-अलग ग्रुप सी पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी क्वालिफाइंग परीक्षा है। इनमें लेखपाल, जूनियर असिस्टेंट, VDO, स्टेनोग्राफर, असिस्टेंट अकाउंटेंट और कई दूसरे पद शामिल हैं। कैंडिडेट को आवेदन फॉर्म भरने से पहले एक बार पंजीकरण (OTR) पूरा करना चाहिए।

यूपीएसएसएससी पीईटी 2026 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

  • अप्लाई करने से पहले कैंडिडेट को ये एलिजिबिलिटी शर्तें पूरी करनी होंगी:
  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10 पास होना चाहिए।
  • कक्षा 12, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या उससे ज्यादा वाले उम्मीदवार भी योग्य हैं।
  • 1 जुलाई, 2026 को कम से कम उम्र 18 साल होनी चाहिए। ज्यादा से ज्यादा उम्र 40 साल होनी चाहिए।
  • आरक्षित कैटेगरी के लिए उम्र में छूट उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के हिसाब से मिलेगी।

पीईटी भर्ती का पहला स्टेज है। इसलिए, पीईटी स्कोर की वैलिडिटी के दौरान यूपीएसएसएससी द्वारा घोषित किए गए पोस्ट-स्पेसिफिक मुख्य परीक्षाओं के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट्स को इसे क्वालिफाई करना होगा।

यूपीएसएसएससी पीईटी 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें?

  • ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं।
  • वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें।
  • रजिस्टर्ड क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • PET 2026 एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • ज़रूरी फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें।
  • एप्लीकेशन फीस पे करें।
  • फॉर्म सबमिट करें।
  • भविष्य के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करके सेव कर लें।

एग्जाम पैटर्न

  • परीक्षा में 100 मल्टीपल क्वेश्च्न पूछे जाएंगे।
  • पेपर हल करने के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा।
  • पेपर 100 नंबर का होगा।
  • हर गलत जवाब पर 1/4 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी।

क्वेश्चन इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान, सामान्य विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी, रीजनिंग, करेंट अफेयर्स और जनरल अवेयरनेस जैसे सब्जेक्ट्स से पूछे जाएंगे।

आवेदन शुल्क

जनरल और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 185 रुपये और एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए 95 रुपये है। पीडब्लूडी कैंडिडेट्स को 25 रुपये की ऑनलाइन प्रोसेसिंग फीस पे करनी होगी।

DRDO Apprentice Recruitment 2026: अप्रेंटिस भर्ती के लिए डीआरडीओ में आवेदन शुरू, जानें अप्लाई करने की लास्ट डेट और स्टाइपेंड की डिटेल

DRDO Apprentice Recruitment 2026: अप्रेंटिस भर्ती के लिए डीआरडीओ में आवेदन शुरू, जानें अप्लाई करने की लास्ट डेट और स्टाइपेंड की डिटेल

DRDO Apprentice Recruitment 2026: रक्षा अनुसंधान क्षेत्र में काम करने वाली डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL) ने आईटीआई, डिप्लोमा और ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 21 अगस्त, 2026 तक बताए गए फॉर्मेट में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार, अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण रक्षा मंत्रालय के तहत सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL), तिमारपुर, दिल्ली में आयोजित की जाएगी। ट्रेनिंग का समय 12 महीने का होगा, और चुने गए उम्मीदवारों को लागू नियमों के अनुसार स्टाइपेंड मिलेगा।

डीआरडीओ अप्रेंटिस भर्ती 2026: पदों का विवरण

डीआरडीओ अप्रेंटिस भर्ती अभियान के तहत आईटीटाई अप्रेंटिस, डिप्लोमा अप्रेंटिस और ग्रेजुएट अप्रेंटिस की तीन श्रेणियों में उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसमें शामिल हैं

आईटीआई अप्रेंटिस – पदों की संख्या अलग-अलग ट्रेड के अनुसार तय की जाएगी।

डिप्लोमा अप्रेंटिस – 41 वैकेंसी

ग्रेजुएट अप्रेंटिस : विभिन्न विषयों में भर्ती की जाएगी।

डीआरडीओ ने स्पष्ट किया है कि लैबोरेटरी की जरूरतों के आधार पर अप्रेंटिसशिप पोजीशन की संख्या बदल सकती है।

शैक्षिक योग्यता

आईटीआई अप्रेंटिस : कैंडिडेट्स ने कक्षा 10 पास की हो और नीचे दिए गए किसी भी ट्रेड में आईटीआई में फर्स्ट डिवीजन हासिल की हो :

  • फिटर
  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक
  • इलेक्ट्रीशियन
  • कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA)
  • मशीनिस्ट
  • कारपेंटर

डिप्लोमा अप्रेंटिस : कैंडिडेट्स के पास इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन या कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिवीजन डिप्लोमा होना चाहिए, साथ ही क्लास 10 फर्स्ट डिवीज़न में होनी चाहिए।

ग्रेजुएट अप्रेंटिस : एप्लिकेंट्स के पास नीचे दिए गए किसी भी ट्रेड में फर्स्ट डिवीजन होनी चाहिए:

  • फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स या कंप्यूटर साइंस में बीएससी
  • बीए या बीकॉम
  • किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूशन से इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, वीएलएसआई या केमिकल इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक

योग्यता मानदंड

जिन कैंडिडेट्स ने 2022, 2023, 2024, 2025 या 2026 में अपनी क्वालिफाइंग डिग्री या डिप्लोमा पूरा किया है, वे आवेदन करने के लिए योग्य हैं। 2022 से पहले पास हुए उम्मीदवार आवेदन न करें। सिर्फ वे कैंडिडेट ही अप्लाई कर सकते हैं जिन्होंने रेगुलर स्टूडेंट के तौर पर अपना क्वालिफाइंग कोर्स पूरा किया है।

डिप्लोमा और ग्रेजुएट अप्रेंटिस एप्लीकेंट को नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा, जबकि ITI कैंडिडेट को अप्लाई करने से पहले अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। SC, ST, OBC, PwD, और EWS कैंडिडेट्स के लिए रिजर्वेशन अप्रेंटिस एक्ट, 1961, अप्रेंटिसशिप रूल्स, 1992, और अप्रेंटिसशिप (अमेंडमेंट) रूल्स, 2015 के प्रोविज़न के अनुसार दिया जाएगा।

अप्लाई कैसे करें

कैंडिडेट्स को सही तरीके से भरा हुआ एप्लीकेशन फॉर्म सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की सेल्फ-अटेस्टेड कॉपी के साथ पोस्ट से इस पते पर भेजना होगा:

डायरेक्टर, SSPL

कृपया ध्यान दें: HRD

सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL)

डीआरडीओ, लखनऊ रोड, तिमारपुर, दिल्ली – 110054

एप्लीकेशन 21 अगस्त, 2026 को या उससे पहले लेबोरेटरी में पहुंच जाना चाहिए।

जरूरी बातें

  • अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग 12 महीने की होगी।
  • ऑफर लेटर सहित सभी कम्युनिकेशन सिर्फ ईमेल से भेजे जाएंगे।

चुने हुए कैंडिडेट्स को जॉइनिंग के बाद पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट जमा करना होगा। अप्रेंटिसशिप पूरी होने से डीआरडीओ या एसएसपीएल में नौकरी की गारंटी नहीं मिलती। एसएसपीएल के पास बिना कोई कारण बताए अप्रेंटिसशिप की पोस्ट की संख्या बढ़ाने या घटाने या रिक्रूटमेंट प्रोसेस को कैंसिल करने का अधिकार है।

UPSC CMS 2026 Exam Pattern: मेडिकल अफसर बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा कल, परीक्षा से पहले समझ लें मार्किंग स्कीम

‘UPI नहीं अब केवल कैश चलेगा’, लड़की ने शेयर की पूरी कहानी; लोग क्या बोले?

UPI को लेकर एक लड़की ने अपनी बात रखी है। उसने बताया कि कैसे यूपीआई के इस्तेमाल करो बंद करके उसे अपने बजट को संभालने में मदद मिली है। अब वह ज्यादातर समय कैश से ही पेमेंट करने की कोशिश करती है।

आप आसानी से सेट कर सकते हैं ऑटोपे और रेकरिंग यूपीआई मैनडेट, यहां जानिए पूरा प्रोसेस

ज्यादातर सब्सक्रिप्शंस के लिए हर महीने पेमेंट करना जरूरी होता है। कई यूटिलिटी सर्विसेज का भी पेमेंट हर महीने करना पड़ता है। मोबाइल बिल, इलेक्ट्रिसिटी बिल, ओटीसी सब्सक्रिप्शंस, इंश्योरेंस प्रीमियम, क्रेडिट कार्ड पेमेंट इसके उदाहरण हैं। आज की व्यस्तता भरी जिंदगी में किसी के लिए सभी सब्सक्रिप्शन का पेमेंट और उसकी ड्यू डेट याद रखना मुमकिन नहीं है। समय पर बिल का पेमेंट नहीं होने पर सर्विसेज बंद हो सकती हैं, जिससे आपको दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

हर महीने तय तारीख को बैंक अकाउंट से पैसा अपने आप कट जाएगा

इस समस्या का आसान समाधान ऑटोपे और रेकरिंग यूपीआई मैनडेट है। रेकरिंग पेमेंट के लिए यूपीआई मैनडेट सेट करना मुश्किल नहीं है। इससे सर्विस बंद होने या लेट पेमेंट पर पेनाल्टी लगने का खतरा नहीं रह जाएगा। हर बिल का पेमेंट तय तारीख को अपने आप आपके बैंक अकाउंट से हो जाएगा। ज्यादातर पेमेंट ऐप पर यह सुविधा उपलब्ध है। अगर यूजर के स्मार्टफोन में पेमेंट ऐप नहीं है तो इसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।

ऑटोपे मैनडेट सेट करने के लिए किसी डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं

खास बात यह है कि ऑटोपे सेट करने के लिए किसी तरह के डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है। यूजर को प्री-नोटिफिकेशन भी आता है। यह पेमेंट की तय तारीख से कम से कम 24 घंटे पहले आता है। इससे यूजर को पता चल जाता है कि उसके बैंक अकाउंट से बिल का पेमेंट होने वाला है। आजकल ज्यादा ओटीटी प्लेटफॉर्म सब्सक्रिप्शन लेते ही ऑटोपे पर जोर देते हैं।

ज्यादातर यूपीआई पेमेंट में होती हे ऑटोपे सेट करने की सुविधा

आप अपने स्मार्टफोन पर यूपीआई पेमेंट ऐप के जिरए ऑटोपे सेट कर सकते हैं। मान लीजिए आप गूगल पे ऐप का इस्तेमाल करते है। आपको स्क्रीन के दाहिने में सबसे ऊपर लगे अपने प्रोफाइल पिक्कचर पर टैप करना होगा। उसके बाद आपको ऑटोपे बटन पर क्लिक करना होगा। यहां आप अलग-अलग सर्विसेज के लिए मैनडेट सलेक्ट कर सकते हैं। आपको पेंडिंग सेक्शन में जाकर एक्सेप्ट बटन पर क्लिक करना होगा। आखिर में आपको यूपीआई पिन डालना होगा। इसके बाद आपका ऑटोपे सेट हो जाएगा।

यूपीआई पेमेंट ऐप में ऑटोपे मैनडेट सेट करने के हैं कई फायदे

फोनपे सहित दूसरे यूपीआई पेमेंट ऐप पर भी इसी तरीके से ऑटोपे सेट किया जा सकता है। एक बार सेट हो जाने पर किसी बिल या सर्विस का पेमेंट आपके बैंक अकाउंट से तय तारीख को अपने आप हो जाएगा। पहले सिर्फ बैंक के जरिए ऑटोपे की सुविधा मिलती थी। लेकिन, अब यूपीआई के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध हो गई है। यूपीआई पेमेंट ऐप ज्यादातर लोग इस्तेमाल करते हैं। इससे ऑटोपे सेट करना और भी आसान हो गया है।

UPSC CMS 2026 Exam Pattern: मेडिकल अफसर बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा कल, परीक्षा से पहले समझ लें मार्किंग स्कीम

UPSC CMS 2026 Exam Pattern: मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यूपीएससी सीएमएस परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह परीक्षा कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज (CMS) की है, जिसे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) आयोजित करता है। इस साल यह परीक्षा कल यानी 02 अगस्त 2026 को पहले से निर्धारित परीक्षा केंद्रों में होगी। इसमें अंतिम रूप से सफल उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के हॉस्पिटल में सीधे क्लास-1 मेडिकल ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किया जाता है। इससे रेलवे, एमसीडी और केंद्र सरकार के विभिन्न स्वास्थ्य विभागों में नौकरी का अवसर मिलता है।

यूपीएससी सीएमएस 2026 परीक्षा परीक्षा 2 चरणों में होती है। कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा (500 अंक) और पर्सनालिटी टेस्ट/इंटरव्यू (100 अंक) के होते हैं। इसकी लिखित परीक्षा में 2 पेपर होते हैं जो एक ही दिन आयोजित किए जाते हैं और दोनों की अवधि 2-2 घंटे होती है। फाइनल मेरिट लिस्ट लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के कुल 600 अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। यूपीएससी सीएमएस 2026 परीक्षा देने जाने से पहले परीक्षार्थियों को परीक्षा का मार्किें पैटर्न और परीक्षा पैटर्न समझ लेना चाहिए, ताकि उन्हें बाद में किसी तरह की दिक्कत न हो।

यूपीएससी सीएमएस परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम

पेपर-1 (250 अंक) में कुल 120 ऑब्जेक्टिव (MCQ) प्रश्न होते हैं, जिनमें 96 सवाल जनरल मेडिसिन और 24 सवाल पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) से पूछे जाते हैं।

पेपर-2 (250 अंक) में भी 120 प्रश्न होते हैं। इन्हें सर्जरी, गायनिकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स और कम्युनिटी मेडिसिन/PSM में बराबर-बराबर (40-40 सवाल) बांटा गया है।

मार्किंग स्कीम : परीक्षार्थियों को हर गलत जवाब पर एक-तिहाई (1/3rd या 0.33) अंक की निगेटिव मार्किंग का सामना करना होगा। वहीं, बिना हल किए छोड़ दिए गए सवालों पर कोई पेनल्टी नहीं लगती।

यूपीएससी सीएमएस परीक्षा आखिरी दिन की तैयारी

यूपीएससी सीएमएस परीक्षा परीक्षा से एक दिन पहले अब कोई भी नया टॉपिक पढ़ने या समझने का वक्त नहीं है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि

नया कुछ न पढ़ें : आखिरी समय में कोई भी नई थ्योरी या टॉपिक पढ़ने की गलती न करें। इससे कन्फ्यूजन बढ़ेगा।

क्विक रिवीजन : आपने जो शॉर्ट नोट्स या फॉर्मूले बनाए हैं, बस उन्हें ही सरसरी नजर से देखें।

पूरी नींद लें : रात को कम से कम 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें, जिससे एग्जाम हॉल में दिमाग तेजी से काम करे।

परीक्षा केंद्र के लिए जरूरी गाइडलाइंस

  • यूपीएससी सीएमएस परीक्षा हॉल में की गई एक छोटी सी गलती भी करियर पर भारी पड़ सकती है। इसलिए परीक्षा केंद्र के सभी नियम-कायदे समझना जरूरी है :
  • अपने e-Admit Card का प्रिंटआउट और एक ओरिजिनल फोटो आईडी (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) साथ रखना न भूलें।
  • गेट बंद होने के तय समय से कम से कम 30 से 45 मिनट पहले सेंटर पहुंचें। देर से पहुंचने पर किसी भी हाल में एंट्री नहीं मिलेगी।
  • मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाना सख्त मना है।
  • यूपीएससी सीएमएस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होती है। इसलिए जिन सवालों पर भरोसा हो, उन्हें पहले करें। तुक्का मारने से बचें, गलत जवाब से नंबर कट सकते हैं। टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखें, हर सेक्शन को तय समय में पूरा करें।

IBPS Clerk Recruitment 2026: आईबीपीएस क्लर्क भर्ती आज से शुरू, 11 बैंकों में 11,000 से ज्यादा पदों में लगेगी नौकरी

यूपी को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा UP इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026

UP International Trade Show 2026

UP International Trade Show 2026: उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का चौथा संस्करण आगामी 25 से 29 सितम्बर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, नवाचार, उत्पादों और निर्यात सामर्थ्य को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने पिछले तीन संस्करणों में प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और उद्योगों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनाया है। अब यह आयोजन केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के विजन को आगे बढ़ाने वाला वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश यानी 'अनलिमिटेड पोटेंशियल' का प्रदेश है और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इस सामर्थ्य को अनुभव करने का सबसे प्रभावी मंच है। उन्होंने निर्देश दिए कि देश और विदेश में इस आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक, खरीदार और आगंतुक इसमें सहभागी बनें। 

ट्रेड शो की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष ट्रेड शो की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ: इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट्स' रखी गई है। आयोजन में 2400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.50 लाख से अधिक पंजीकृत बी2बी खरीदारों, 4.50 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों तथा 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 4000 से अधिक एमओयू, ₹3200 करोड़ से अधिक प्रस्तावित एमओयू मूल्य और ₹13,500 करोड़ से अधिक बिजनेस इंक्वायरी होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर, ओमान, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया और रूस सहित अन्य देशों के साथ भी सक्रिय संवाद स्थापित कर उनकी अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

 

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस बार ओडीओपी, ओडीओसी, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पर्यटन एवं फिल्म, अक्षय ऊर्जा, ऑटो एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं स्वास्थ्य, कौशल विकास, नागरिक उड्डयन, वित्तीय सेवाएं, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, खादी, वस्त्र, चमड़ा, फर्नीचर तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश की विविध औद्योगिक एवं आर्थिक क्षमता एक ही मंच पर प्रदर्शित होगी। 

नॉलेज सेशन को उपयोगी बनाया जाए

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नॉलेज सेशन को उद्योग जगत, निवेशकों और उद्यमियों के लिए उपयोगी बनाया जाए। इन सत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर अपराध, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, बैंकिंग एवं वित्त, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नई श्रम संहिताएं, खाद्य प्रसंस्करण नीति, सड़क सुरक्षा, ई-कॉमर्स, वैश्विक मुक्त व्यापार समझौते, एमएसएमई तथा अन्य समकालीन विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा आयोजित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी इस आयोजन की पहचान बने। इसके लिए सभी दिनों में शास्त्रीय संगीत, कथक, लोकनृत्य, लोकगायन, भजन, ग़ज़ल तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आकर्षक आयोजन किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले अतिथि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का भी अनुभव कर सकें। 

विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ समन्वय

बैठक में यह भी बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने के लिए विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ व्यापक समन्वय किया गया है। विभिन्न देशों के खरीदारों से लगातार संपर्क स्थापित किया जा रहा है तथा बायर-सेलर बैठकों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों को नए वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो के दौरान उद्यमी मित्रों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा स्थानीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि आगंतुकों, खरीदारों और उद्यमियों को बेहतर सुविधा एवं सहयोग उपलब्ध कराया जा सके। 

 

बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर ने कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, वीआईपी आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था तथा आमजन की सुविधा के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। वहीं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आयोजन स्थल पर विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं की प्रगति से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों की सुविधा के लिए ईवी बसों का संचालन भी सुनिश्चित किया जाए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश अनुकूल वातावरण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रभावी परिचायक बनकर उभरे।

औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रदेश को कौशल विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 27 मई को अभिरुचि आमंत्रण (ईओआई) जारी किया गया था, जिसमें बीवीजी समूह, टीसीएस और हीरानंदानी समूह ने रुचि दिखाई है।

अधिकारियों की टीम टाटा आईआईएस केंद्रों का अध्ययन कर चुकी है, जबकि टीसीएस ने योजना के तकनीकी भागीदार के रूप में सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की है। अब तक 19 जनपदों में लगभग 1320 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है तथा प्रथम चरण में एमएसएमई, यूपीसीडा, जीएनआईडीए, यीडा, यूपीईडा, बीडा और गीडा के माध्यम से 17 केंद्र विकसित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत नौ क्षेत्रीय हब एंड स्पोक मॉडल विकसित करते हुए प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा 80 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध ढंग से कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

UP Police Constable 2025 Result: पुलिस कांस्टेबल का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर हुआ घोषित, यहां देखें कैटेगरीवाइज कटऑफ

UP Police Constable 2025 Result: उत्तर प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल उम्मीदवार बेसब्री से लिखित परीक्षा परिणाम घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। इस परीक्षा का आयोजन 8, 9 और 10 जून को किया गया था। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके परिणाम और अंतिम उत्तर कुंजी देख सकते हैं। इस परीक्षा में 76,184 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। सफल उम्मीदवार 17 अगस्त से प्रस्तावित डीवी और पीएसटी में हिस्सा लेंगे। इन परीक्षार्थियों की पीईटी सितंबर 2026 में आयोजित होगी। अभ्यर्थी बोर्ड की

21 लाख से अधिक युवाओं ने दी थी 32679 पदों के लिए परीक्षा

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 लिखित परीक्षा में 32679 पदों के लिए 21 लाख से अधिक युवा शामिल हुए थे। कुल विज्ञापित पदों के सापेक्ष लगभग 2.33 गुना (कुल 76,184 अभ्यर्थी) को डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और शारीरिक मानक परीक्षण (DV/PST) के लिए बुलाया गया है।

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 कटऑफ

श्रेणीवार नॉर्मलाइज्ड कट-ऑफ अंक (Normalized Cut-off Marks)

अनारक्षित (Unreserved) वर्ग कटऑफ – 258.03661

महिला श्रेणी – 255.84346

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) वर्ग कटऑफ – 251.63020

महिला श्रेणी – 249.27083

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) वर्ग कटऑफ – 247.93434

महिला श्रेणी – 247.35926

अनुसूचित जाति (SC) वर्ग कटऑफ – 239.34407

महिला श्रेणी – 236.31995

अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग कटऑफ – 220.10639

महिला श्रेणी – 211.47988

न्यूनतम अंक (Qualifying Marks):

अनारक्षित (Unreserved): 30%

ईडब्ल्यूएस (EWS): 25%

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 25%

अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (SC/ST): 20%

यूं चेक करें यूपी पुलिस कांस्टेबल रिजल्ट

  • यूपीपीआरपीबी की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर उपलब्ध “UP Police Constable Result 2026 / Merit List” लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर / रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज कर सबमिट करें।
  • आपका रिजल्ट और मेरिट लिस्ट स्क्रीन पर आ जाएगी।
  • इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंट आउट निकाल लें।
  • अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे फर्जी खबरों से सावधान रहें और रिजल्ट से जुड़ी सटीक
  • जानकारी के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही भरोसा करें।

आगे की चयन प्रक्रिया

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV): सफल उम्मीदवारों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और श्रेणी प्रमाण पत्रों की जांच की जाएगी।

शारीरिक मानक परीक्षण (PST): इसमें पुरुषों के लिए न्यूनतम लंबाई 168 सेमी (सामान्य/ओबीसी/एससी) तथा सीने का फुलाव कम से कम 5 सेमी होना आवश्यक है। महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 152 सेमी (सामान्य/ओबीसी/एससी) और वजन कम से कम 40 किग्रा होना अनिवार्य है।

शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET): शारीरिक परीक्षा केवल क्वालिफाइंग नेचर की होगी। इसमें पुरुष अभ्यर्थियों को 25 मिनट में 4.8 किलोमीटर और महिला अभ्यर्थियों को 14 मिनट में 2.4 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। यह प्रक्रिया अगस्त माह से शुरू होने की संभावना है।

HAL Recruitment 2026: एचएएल में मैनेजमेंट ट्रेनी के बंपर पदों पर भर्ती का मौका, जानें आवेदन शुल्क, योग्यता सहित अन्य डिटेल

UP Board Improvement Exam 2026: यूपी बोर्ड डाक विभाग को दे सकता है परीक्षा कॉपियों की सुरक्षा का जिम्मा, कंपार्टमेंट परीक्षा में लॉन्च किया पायलट प्रोजेक्ट

UP Board Improvement Exam 2026: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराने के साथ-साथ आयोजक संस्था की जिम्मेदारी बिना धांधली के कॉपियों की सुरक्षा की भी होती है। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) भविष्य में होने वाली यूपी बोर्ड की हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा में बड़ा बदलाव कर सकता है। इस संबंध में परिषद ने हाल ही में संपन्न हुई यूपी बोर्ड कंपार्टमेंट/इंप्रूवमेंट परीक्षा 2026 में पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया है।

परीक्षा सामग्री की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक नए कदम के तहत यूपीएमएसपी ने जिला कलेक्शन सेंटर से राज्य के प्राइमरी हब तक आंसर शीट पहुंचाने के लिए भारतीय डाक विभाग के साथ पार्टनरशिप की है। यह पायलट प्रोजेक्ट 28 जुलाई को हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षाओं के दौरान लॉन्च किया गया था। हिंदुस्तान टाइम्स समूह में प्रकाशित खबर के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत सभी 75 जिलों से आंसर शीट शुरू में उनके संबंधित कलेक्शन सेंटर पर भेजी गईं। जिन जिलों में कई परीक्षा केंद्र थे, वहां टीचर और डिपार्टमेंट के कर्मचारी इन जिला हब तक आंसर शीट पहुंचाने का काम मैनेज करते रहे। बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि डाक विभाग ने जिला हब से राज्य के मुख्य कलेक्शन सेंटर, सरकारी इंटर कॉलेज (GIC), प्रयागराज तक सामान पहुंचाने का काम संभाला।

इस पहल की पुष्टि करते हुए, UP बोर्ड के सेक्रेटरी भगवती सिंह ने बताया कि यह पहली बार था जब डाक विभाग ने आंसर शीट के एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसपोर्ट का काम संभाला था। सिंह ने कहा, “पायलट पर रिपोर्ट मांगी गई है। अगर यह काम सफल रहा, तो हम अगले साल से सालाना हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए इस व्यवस्था को और बड़े पैमाने पर लागू करेंगे।”

परीक्षार्थियों की आंसर शीट को डिजिटल रूप में आगे भेजने से पहले जीआईसी प्रयागराज में स्कैन किया गया। इसके बाद इन्हें प्रयागराज, मेरठ और वाराणसी के मूल्यांकन केंद्रों पर भेजा जाएगा, जहां उनका मूल्यांकन किया जाएगा और अंक इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपलोड किए जाएंगे। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से एक जिले से दूसरे जिले में जाने के दौरान आंसर शीट के खोने या चोरी होने का खतरा कम हो जाएगा। इससे ट्रांसपोर्टेशन के लिए शिक्षक, विभाग के स्टाफ और सिक्योरिटी वालों को लगाने से जुड़े खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।

यह पहल मौजूदा ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करती है। मार्च 2024 में, मुजफ्फरनगर में यूपी बोर्ड की आंसर शीट ले जा रहे एक टीचर की कथित तौर पर पुलिस एस्कॉर्ट ने हत्या कर दी थी। इस साल की शुरुआत में, ऐसी खबरें आईं कि स्टाफ बिना पूरी सुरक्षा के ई-रिक्शा, मोटरसाइकिल और स्कूटर से आंसर शीट ले जा रहे थे, जबकि सरकारी निर्देशों में खास सेफ्टी प्रोटोकॉल जरूरी थे।

28 जुलाई की कंपार्टमेंट/इंप्रूवमेंट परीक्षाओं के लिए कुल 42,078 कैंडिडेट ने पंजीकरण किया था, जिनमें से 39,543 शामिल हुए और 2,535 अनुपस्थित रहे। इसकी तुलना में, सालाना यूपी बोर्ड कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं में लगभग 8,000 केंद्रों पर 50 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होते हैं।

NEET PG 2026 Edit Window: एनबीईएमएस ने खोली फॉर्म में सुधार करने की विंडो, फॉर्म में अपनी फोटो या अन्य बदलावों के लिए 10 अगस्त तक मौका