UP TGT 2026: यूपी शिक्षा आयोग आज जारी कर सकता है टीजीटी का रिजल्ट, जानें रिजल्ट देखने के लिए किन चीजों की होगी जरूरत

UP TGT 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) जल्द ही 03 और 04 जून, 2026 को हुई यूपी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (UP TGT) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी करेगा। हाल ही में हुए पीजीटी परीक्षा में, यूपीईएसएससी ने ऑब्जेक्शन विंडो बंद होने के 15 दिनों के अंदर लिखित परीक्षा का नतीजा जारी कर दिया था। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि यूपी शिक्षा आयोग टीजीटी के रिजल्ट भी इसी ट्रेंड के आधार पर 30 जून को जारी कर सकता है। यूपी टीजीटी रिजल्ट 2026 आधिकारिक वेबसाइट यानी upessc.up.gov.in पर ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

टीजीटी रिजल्ट रिजल्ट रिलीज डेट

यूपीईएसएससी ने 06 जून, 2026 को यूपी टीजीटी रिजल्ट आंसर की जारी की थी और 12 जून तक ऑब्जेक्शन स्वीकार किए थे। इसलिए उम्मीद है कि बोर्ड 30 जून, 2026 को यूपी टीजीटी रिजल्ट जारी कर सकता है। हालांकि यूपीईएसएससी की तरफ से यूपी टीजीटी रिजल्ट की तारीख के बारे में कोई आधिकारिक कन्फर्मेशन नहीं है। यूपी टीजीटी 2026 रिजल्ट और इसकी रिलीज डेट के बारे में ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।

यूपी टीजीटी रिजल्ट कैसे चेक करें?

जारी होने के बाद यूपी टीजीटी 2026 रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन चेक किया जा सकेगा। परीक्षार्थियों को यूपी टीजीटी 2026 परीक्षा रिजल्ट का पीडीएफ चेक करने और डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

  • बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं।
  • ‘यूपी टीजीटी रिजल्ट’ तक नीचे स्क्रॉल करें और उस पर क्लिक करें।
  • यूपी टीजीटी रिजल्ट पीडीएफ दिखाई देगा, रिजल्ट चेक करें और उसे डाउनलोड करें।
  • भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।

दस्तावेज सत्यापन के लिए ये डॉक्यूमेंट होंगे जरूरी

रिजल्ट जारी होने के बाद, जिन कैंडिडेट्स के कटऑफ मार्क्स से ज्यादा नंबर आएंगे, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन राउंड के लिए बुलाया जाएगा। इसमें उन्हें सत्यापन के लिए कुछ दस्तावेज जमा करने होंगे। दस्तावेज सत्यापन के दौरान जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट यहां दी गई है।

  • सरकार की तरफ से जारी वैलिड फोटो ID
  • 10वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
  • 10+2 की मार्कशीट और सर्टिफिकेट
  • सभी सालों की ग्रेजुएशन डिग्री और मार्कशीट
  • BEd, BTC, या इसके बराबर टीचिंग डिग्री सर्टिफिकेट और मार्कशीट
  • जाति सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • डोमिसाइल सर्टिफिकेट

सब्जेक्ट के हिसाब से वैकेंसी

यूपी टीजीटी 2026 परीक्षा 3539 पदों के लिए आयोजित की गई थी। इसके लिए कुल 8,68,531 उम्मीदवार लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे। यूपी टीजीटी 2026 के लिए विषयवार पद का विवरण नीचे दिया गया है :

इंग्लिश : 557 पोस्ट (511 पुरुष, 46 महिला)

हिंदी : 557 पोस्ट (509 पुरुष, 48 महिला)

मैथमेटिक्स : 533 पोस्ट (508 पुरुष, 25 महिला)

साइंस : 540 पोस्ट (499 पुरुष, 41 महिला)

सोशल साइंस : 383 पोस्ट (337 पुरुष, 46 महिला)

संस्कृत : 291 पोस्ट (264 पुरुष, 27 महिला)

फिजिकल एजुकेशन : 170 पोस्ट (157 पुरुष, 13 महिला)

आर्ट : 148 पोस्ट (132 पुरुष, 16 महिला)

होम साइंस : 179 पोस्ट (139 पुरुष, 40 महिला)

NEET UG 2026 Re-Exam Result: जल्द खत्म होगा नीट यूजी रिजल्ट का इंतजार, नतीजों को अंतिम रूप देने में जुटी एनटीए

UP TET Admit Card 2026 Out: 2 से 4 जुलाई के बीच होनी है परीक्षा, आज जारी हुआ यूपीटीईटी एडमिट कार्ड

UP TET Admit Card 2026 Out: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने के लिए तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए अहम खबर है। राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) 2 से 4 जुलाई के बीच विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने आज एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। आयोग ने प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जारी किया है। उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर की मदद से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने वाले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड पहले ही डाउनलोड कर लें। आखिरी समय में किसी भी दिक्कत से बचने के लिए उस पर दी गई सभी डिटेल्स को ध्यान से चेक कर लें।

एडमिट कार्ड परीक्षा में बैठने के लिए एक जरूरी डॉक्यूमेंट है। उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर की मदद से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ नाम या पिता का नाम, जन्म तिथि और सिक्योरिटी कोड दर्ज करना होगा। अगर किसी उम्मीदवार ने पेपर-1 और पेपर-2 दोनों के लिए आवेदन किया है तो उसे दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग एडमिट कार्ड डाउनलोड करने होंगे। आयोग पहले ही परीक्षा शहर पर्ची जारी कर चुका है।

यूपी टीईटी एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करें?

  • यूपीईएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर मौजूद यूपीटीईटी 2026 एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर और अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया ओटीपी डालें।
  • अपना हॉल टिकट प्राप्त करने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • सारी जानकारी ध्यान से चेक करें।
  • एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और एग्जाम के दिन के लिए एक क्लियर प्रिंटआउट ले लें।

यूपीटीईटी एडमिट कार्ड 2026 में ये जानकारियां जरूर देखें

यूपीटीईटी एडमिट कार्ड 2026 डाउनलोड करने के बाद, कैंडिडेट्स को यह पक्का कर लेना चाहिए कि नीचे दी गई डिटेल्स सही हैं:

  • कैंडिडेट का नाम और फोटो
  • रोल नंबर
  • परीक्षा की तारीख और शिफ्ट
  • रिपोर्टिंग टाइम
  • एग्जाम सेंटर का पता

एग्जाम के दिन के जरूरी निर्देश

अगर कोई जानकारी गलत है, तो परीक्षार्थी को परीक्षा से पहले तुरंत ऑफिशियल पोर्टल के जरिए यूपीईएसएससी से संपर्क करना चाहिए।

यूपीटीईटी 2026 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित की जाएगी। कक्षा 6 से 8 तक के लिए होने वाला पेपर-2, 2 जुलाई को दो शिफ्टों में आयोजित होगा। पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेगी जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। इसी पेपर की एक और परीक्षा 3 जुलाई को सुबह की शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। वहीं कक्षा 1 से 5 तक के लिए होने वाला पेपर-1, 3 जुलाई को दोपहर की शिफ्ट और 4 जुलाई को सुबह की शिफ्ट में कराया जाएगा।

परीक्षा हिंदी और अंग्रजी भाषा में ऑफलाइन पेन-एंड-पेपर (OMR) मोड में होगी। यूपीटीईटी में सफल उम्मीदवारों को राज्य में आगे होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माना जाएगा। उनका यह यूपीटीईटी सफलता सर्टिफिकेट जिंदगी भर के लिए वैलिड रहता है।

CBSE Class 9 three language formula: 10वीं के छात्रों को 3 भाषा व्यवस्था से इस साल मिली छूट, 9वीं के छात्र पढ़ सकते हैं दो विदेशी भाषाएं

ये 5 सरकारी ऐप आपकी जिंदगी बना देंगे आसान, नो पेपरवर्क सिर्फ घर बैठे निपटाएं गाड़ी, टैक्स और PF के ये सारे काम

सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अब फॉर्म भरने या लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं है। पहले जिन कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे वे अब आपके स्मार्टफोन के जरिए चुटकियों में हो सकते हैं। चाहे आपको पेमेंट करनी हो, जरूरी डॉक्युमेंट्स देखने हों, पीएफ खाते की जांच करनी हो या फिर अपने हेल्थ रिकॉर्ड को संभालना हो, सरकारी सिस्टम में मौजूद कुछ ऐप ऐसे हैं जो समय और मेहनत दोनों की बचत कर सकते हैं। यहां ऐसे ही 5 सरकारी ऐप्स के बारे में जानकारी दी गई है जिन्हें आपको अपने स्मार्टफोन में जरूर रखना चाहिए।

1- DigiLocker: सारे जरूरी डॉक्युमेंट रहेंगे एक जगह सुरक्षित

डिजीलॉकर आपको अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों जैसे कि ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC), शैक्षणिक प्रमाणपत्र (Academic Certificates) और बीमा के कागजात के डिजिटल वर्जन को स्टोर और एक्सेस करने की सुविधा देता है। डिजीलॉकर के जरिए जारी किए गए दस्तावेज कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य हैं। ऐसे में आपको कई तरह के डॉक्युमेंट्स की फिजिकल कॉपी ले जाने की जरूरत नहीं होती है। ये ऐप खासकर छात्रों, नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और अक्सर यात्रा करने वालों के लिए बेहद उपयोगी है।

2- BHIM: UPI भुगतान करने का सबसे आसान तरीका

अगर आप एक बेहद सरल और सीधा UPI ऐप इस्तेमाल करना चाहते हैं तो भीम ऐप आपके लिए ही है। यह ऐप आपको पैसे भेजने और पेमेंट लेने, क्यूआर कोड स्कैन करने, मर्चेंट्स को भुगतान करने और एक साथ कई बैंक खातों को मैनेज करने की सुविधा देता है। यह पूरी तरह से यूपीआई नेटवर्क पर काम करता है इसलिए इसके जरिए किसी भी समय पेमेंट किया जा सकता है।

3- UMANG: सैकड़ों सरकारी सेवाएं एक ऐप पर

अलग-अलग सरकारी विभागों के लिए अलग-अलग ऐप्स डाउनलोड करने के बजाय उमंग ऐप आपको कई सारी सेवाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराता है। इस सिंगल ऐप के जरिए आप ईपीएफओ सेवाओं, पेंशन से जुड़ी जानकारी, यूटिलिटी बिलों के भुगतान, गैस बुकिंग और पासपोर्ट सेवाओं सहित बहुत कुछ एक्सेस कर सकते हैं। अगर आपको नियमित रूप से सरकारी विभागों से जुड़े काम रहते हैं तो यह ऐप आपका काफी समय बचा सकता है।

4- ABHA: आपके हेल्थ रिकॉर्ड्स को मैनेज करना हुआ आसान

आभा ऐप आपको सरकार के डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत एक यूनीक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने की अनुमति देता है। इसके जरिए आपकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों को एक्सेस करना काफी आसान हो जाएगा क्योंकि इस ऐप से जुड़े अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच आपकी मेडिकल जानकारी डिजिटल रूप से शेयर की जा सकेगी। यह विशेष रूप से उन मरीजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जिनका लगातार इलाज चल रहा है और वे कई अस्पतालों में जाते हैं।

5- mAadhaar: आधार सेवाओं तक तुरंत पहुंच

एमआधार ऐप आपको अपने फोन में अपने आधार कार्ड का डिजिटल वर्जन रखने की सुविधा देता है। इस ऐप के माध्यम से आप आधार से जुड़ी विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, अपनी कुछ जानकारियों को अपडेट कर सकते हैं और एनरोलमेंट सेंटर्स का पता लगा सकते हैं। जहां कहीं भी पहचान सत्यापन की आवश्यकता होती है, आप अपने इस डिजिटल आधार का उपयोग कर सकते हैं।

ये सभी ऐप्स अलग-अलग उद्देश्यों को पूरा करते हैं लेकिन कुल मिलाकर ये उन सभी सेवाओं को कवर करते हैं जिनकी लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इन्हें डाउनलोड करके आप अपना समय, कागजी कार्रवाई और सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्करों से बच सकते हैं।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1- क्या डिजीलॉकर में स्टोर किए गए दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं?

उत्तर: हां, डिजीलॉकर के माध्यम से जारी या सत्यापित किए गए दस्तावेज सरकारी नियमों के तहत कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य हैं और कई संगठनों द्वारा स्वीकार किए जाते हैं।

Q2- क्या भीम ऐप अन्य UPI ऐप्स से अलग है?

उत्तर: भीम ऐप भी अन्य पेमेंट ऐप्स की तरह ही UPI नेटवर्क का उपयोग करता है। इसका प्राइम फोकस सिर्फ पैसे भेजने और पेमेंट रिसीव करने पर है।

Q3- क्या उमंग ऐप सरकारी दफ्तरों के चक्करों को पूरी तरह खत्म कर सकता है?

उत्तर: कई सेवाओं के लिए इसका उत्तर हां है। हालांकि, कुछ प्रक्रियाओं में अभी भी भौतिक सत्यापन या मूल दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता हो सकती है।

अब सेशेल्स में भी UPI से पेमेंट होगा:भारत के साथ 19 बड़े समझौते पर मुहर, 1250 करोड़ का लोन भी मिलेगा

भारत और सेशेल्स ने रविवार को 19 बड़े समझौतों और विकास परियोजनाओं का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की मौजूदगी में हुए इन फैसलों से रक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत होगा। सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि अब सेशेल्स में भी भारत की UPI आधारित डिजिटल भुगतान व्यवस्था शुरू होगी। भारत ने अब तक 23 से अधिक देशों के साथ UPI को लेकर समझौते किए हैं। फिलहाल 9 देशों में UPI से भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा भारत, सेशेल्स को 1,250 करोड़ रुपए की लाइन ऑफ क्रेडिट (लोन) देगा, जिससे वहां की विकास परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि, नए राष्ट्रीय अस्पताल की तैयारी और अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग जैसे अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी वाहन, 5 नौकाएं, 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। ये घोषणाएं ऐसे समय हुई हैं, जब दोनों देश राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें… मोदी गोल्डन जुबली नेशनल डे में चीफ गेस्ट प्रधानमंत्री मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। उन्हें अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। मोदी आज सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस दौरान भारतीय नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नेवल बैंड भी परेड में शामिल होंगे। PM मोदी के सेशेल्स दौरे की 4 खास बातें 1. गोल्डन जुबली नेशनल डे में मुख्य अतिथि PM मोदी 29 जून को सेशल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके पर भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप INS इक्षक भी परेड और समारोह का हिस्सा बनेंगे। 2. 175 मिलियन डॉलर का आर्थिक पैकेज भारत ने सेशल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके अलावा भारत ने सेशेल्स को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ‘पीएस लेस्पवार’ गिफ्ट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल PS लेस्पवार सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को गिफ्ट किया। यह सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा। 3. नए समझौतों पर हस्ताक्षर भारत और सेशेल्स ने 19 अहम समझौतों और घोषणाओं का ऐलान किया। इसमें प्रत्यर्पण संधि, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान शुरू करने, डिजिटल भुगतान आदि शामिल थे। 4. मोदी ने कोको डी मेर पौधा लगाया कोको डी मेर का पौधा और इसका फल सिर्फ सेशल्स में ही प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसके फल के अंदर मिलने वाला बीज दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे भारी बीज माना जाता है। एक अकेले बीज का वजन 15 से 30 किलोग्राम तक हो सकता है। कोको डी मेर के नर और मादा पेड़ अलग-अलग होते हैं। मादा फल महिला के कूल्हे जैसा दिखाई देता है। इसे ‘डबल कोकोनट’ भी कहा जाता है। वहीं, नर फूल पुरुष के जननांग जैसा दिखता है। इस अनूठी बनावट के कारण सदियों से इस पौधे को लेकर कई तरह की लोककथाएं और पौराणिक कहानियां प्रचलित हैं। इस पेड़ को वयस्क होने और फल देने में 20 से 40 साल का समय लगता है। एक फल को पूरी तरह पककर तैयार होने में 6 से 7 साल लग जाते हैं। यह पेड़ बेहद लंबी उम्र जीता है; माना जाता है कि ये 200 से 350 साल तक जीवित रह सकते हैं। प्राचीन काल में, जब यह फल समुद्र में तैरता हुआ मालदीव या भारत के तटों पर पहुंच जाता था, तो लोग सोचते थे कि यह समुद्र के तल में उगने वाले किसी जादुई पेड़ का फल है। इसी वजह से फ्रांसीसी भाषा में इसका नाम ‘कोको डी मेर’ पड़ा, जिसका अर्थ होता है समुद्र का नारियल। मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था। उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, संसद को संबोधित किया:बोले- सेशेल्स से हमारा 256 साल पुराना रिश्ता, 5 भारतीयों से हुई इसकी शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मोदी को अब तक 34 देशों का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। सम्मान मिलने पर PM मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Viral Post: 35 लाख की नौकरी छोड़ की UPSC की तैयारी, फिर… सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कहानी

ज्यादातर लोग आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद करोड़ों के पैकेज वाली नौकरी का सपना देखते हैं। लेकिन आईआईटी दिल्ली के एक पूर्व छात्र ने अलग रास्ता चुना। खबरों के मुताबिक, उन्हें एक जापानी कंपनी से 35 लाख रुपये सालाना के पैकेज का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। उनका सपना आईपीएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना था। इसलिए उन्होंने मोटी सैलरी वाली नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया। उनकी ये मेहनत रंग लाई और पहली ही कोशिश में वो आईपीएस अधिकारी बन गए। अब उनकी ये स्टोरी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

आईईटी से की पढ़ाई

आईपीएस अधिकारी अर्चित चांडक की प्रेरणादायक कहानी हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विकास अल्विस नाम के एक यूजर ने शेयर की है। पोस्ट में अर्चित ने आरामदायक करियर का ऑप्शन छोड़कर सिविल सेवा की राह चुनी। वायरल पोस्ट के मुताबिक, “अर्चित चांडक नागपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने कम उम्र से ही पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन किया। 2012 में वह जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) में शहर के टॉपर बने, जिसके बाद उन्हें IIT दिल्ली में दाखिला मिला। वहां उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की पढ़ाई पूरी की।”

पहली ही कोशिश में मिली सफलता

साल 2016 में आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद अर्चित चांडक को एक जापानी कंपनी से करीब 35 लाख रुपये सालाना के पैकेज वाली नौकरी का ऑफर मिला था। लेकिन उन्होंने इस आकर्षक नौकरी को स्वीकार करने के बजाय यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया। अर्चित चांडक की मेहनत आखिरकार सफल रही। यूपीएससी की तैयारी शुरू करने के करीब दो साल बाद उन्होंने साल 2018 में पहली ही कोशिश में सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। इस परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 184 हासिल की, जिसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए हुआ। उनकी यह सफलता कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई।

छोड़ी 35 लाख की नौकरी

उन्होंने आगे दावा किया कि चांडक ने अपने करियर की शुरुआत नागपुर में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) के रूप में की थी और फिलहाल वह महाराष्ट्र के अकोला में सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) के पद पर तैनात हैं। पोस्ट शेयर करने वाले यूजर ने लिखा, “मैं कहना चाहता हूं कि जिंदगी हमेशा हमारे कंट्रोल में होनी चाहिए। देखिए उन्हें कितना कॉन्फिडेंस था कि वह ₹35 LPA की नौकरी का ऑफर ठुकरा सकते थे और पूरी तरह से नए सिरे से कुछ करने की तैयारी कर सकते थे। खुद पर भरोसा कमाल कर सकता है।” ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही।

सोशल मीडिया यूजर्स ने किया कमेंट

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने फाइनेंशियल सिक्योरिटी चुनने के बजाय अपने सपने को पूरा करने के चांडक के कमिटमेंट की तारीफ की। एक यूजर ने कमेंट किया, “सफलता अक्सर आपके करियर को आपके मकसद के साथ जोड़ने से मिलती है, न कि सिर्फ सबसे ज्यादा सैलरी के पीछे भागने से।” एक तीसरे यूजर ने कहा, “यह सिर्फ खुद पर भरोसा नहीं था। यह उस मकसद के लिए सोच-समझकर रिस्क लेने की इच्छा भी थी जिस पर उसे सच में भरोसा था।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “तो फिर IIT JEE और बीच का क्या मकसद है जब मकसद पब्लिक सर्विस ही हो।” एक अन्य यूजर ने कहा, “कमाई ज्यादा है IAS IPS बनकर..35L तो महीना कमा लेगा।”

SSC ASO LDCE Notification 2025: एएसओ और एलडीसीई के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, जानें कब तक कर सकेंगे आवेदन

SSC ASO LDCE Notification 2025: स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) द्वारा की जाने वाले भर्ती परीक्षाओं में हिस्सा लेने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। आयोग ने असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO)/ असिस्टेंट ग्रेड लिमिटेड डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (LDCE) 2025 के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनने के इच्छुक उम्मीदवार एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर मौजूद नोटिफिकेशन पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही आवेदन भी शुरू हो गए हैं।

इस भर्ती प्रक्रिया का मकसद केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) और विदेश मंत्रालय (MEA) में 341 वैकेंसी भरना है। यह परीक्षा अगस्त 2026 में कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (ऑनलाइन) मोड में खास तौर पर दिल्ली-एनसीआर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 16 जुलाई, 2026 को रात 11 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी अहम तारीखें

इच्छुक उम्मीदवार एसएससी द्वारा तय की गई ये जरूरी तारीखों पर नजर रख सकते हैं :

ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 16 जुलाई, 2026, रात 11 बजे तक है। विभागों के लिए प्रिंटेड आवेदन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 23 जुलाई, 2026, शाम 6 बजे तक है। विदेश में पोस्टेड या अंडमान और निकोबार आइलैंड और लक्षद्वीप में सेवा दे रहे उम्मीदवारों के लिए, प्रिंटेड एप्लीकेशन जमा करने की आखिरी तारीख 30 जुलाई, 2026 को शाम 6 बजे तक है।

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 के लिए आवेदन कैसे करें

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 भर्ती के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं :

  • ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।
  • नए एसएससी पोर्टल पर वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें (अगर रजिस्टर्ड नहीं हैं)।
  • अपने रजिस्टर्ड क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 एप्लीकेशन फॉर्म एक्सेस करें।
  • जरूरी डिटेल्स डालें।
  • जरूरी स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • फॉर्म को आखिर में सबमिट करने से पहले डाली गई डिटेल्स को ध्यान से देखें।
  • कन्फर्मेशन पेज सबमिट करें और डाउनलोड करें।
  • सबमिट किए गए एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंटआउट लें।

कैंडिडेट ध्यान दें कि आवेदन फॉर्म को जरूरी दस्तावेजों के साथ, हेड ऑफ डिपार्टमेंट/हेड ऑफ ऑफिस के जरिए, तय डेडलाइन से पहले जमा करना होगा।

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 चयन प्रक्रिया

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 भर्ती प्रक्रिया के तहत चयन के दो चरण होंगे। पहला स्टेज कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (पेपर I और पेपर II) होगा, और दूसरा स्टेज एनुअल परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (APARs) का मूल्यांकन होगा। इसके बाद उम्मीदवार लिखित परीक्षा में मिले अंकों को एपीएआर मूल्यांकन स्कोर के साथ मिलाकर फाइनल मेरिट तैयार की जाएगी।

एसएससी एएसओर/एलडीसीई 2025 योग्यता का पैमाना

इस परीक्षा के लिए सिर्फ वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जो हिस्सा लेने वाली सेवाओं में काम कर रहे हैं। सीएसएस के लिए, कैंडिडेट्स को सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लेरिकल सर्विस के अपर-डिवीजन ग्रेड ऑफिसर होना चाहिए, जिनकी 1 जुलाई, 2025 तक कम से कम छह साल की अप्रूव्ड सर्विस हो।

एमईए से अपर डिवीजन क्लर्क ग्रेड में काम कर रहे उम्मीदवार ही आवेदन करने के योग्य हैं। उन्होंने जरूरी ट्रेनिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरे किए हों, और उसी तारीख तक उनके पास कम से कम छह साल की सेवा स्वीकृत हो। इसके अलावा, सभी आवेदन संबंधित विभागाध्यक्षों के जरिए जमा करने होंगे, क्योंकि सही डिपार्टमेंटल चैनल से फॉरवर्ड नहीं की गई एप्लीकेशन एक्सेप्ट नहीं की जाएगी।

UPPSC PCS 2026 Notification: यूपीपीएससी में 500 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, आधिकारिक वेबसाइट पर इस तारीख तक करें अप्लाई

कल का मौसम 28 जून: IMD ने इन 25 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी बिहार तक ऐसा मौसम

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जून के लिए देश के करीब 25 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का बड़ा अलर्ट जारी किया है. एक तरफ जहां कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसने वाली है, वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का प्रकोप बना रहेगा.

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं.

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: असम, मेघालय और बंगाल में मूसलाधार आफत

मौसम विभाग ने 28 जून को देश के पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:

  • * असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है.
  • * उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इस क्षेत्र में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अलग-अलग पॉकेट्स में अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है.
  • * अरुणाचल प्रदेश और केरल-माहे: इन क्षेत्रों के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है.

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 28 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्य इस प्रकार हैं:

  • * पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओड़िशा के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा का अलर्ट है.
  • * मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ और कोंकण व गोवा के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
  • * दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है. इसके अलावा तटीय कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं.

आंधी-तूफान और थंडरस्कॉल: दिल्ली-NCR से राजस्थान-यूपी तक अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है:

* अंडमान और निकोबार में थंडरस्कॉल: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल आने की आशंका है.

* 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली कड़कने की संभावना है.

* 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. वहीं पंजाब, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है.

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में लू का कहर

जहां एक तरफ मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों को अभी भीषण गर्मी झेलनी होगी:

* उत्तर प्रदेश: यूपी में अभी राहत नहीं है. पूरे उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग इलाकों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बने रहने की गंभीर चेतावनी दी गई है.

* दिल्ली और बिहार: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और बिहार के अलग-अलग पॉकेट्स में 28 जून को लू (Heat Wave) चलने की संभावना जताई गई है.

हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 जून के बाद पूर्वी भारत में तापमान में 2-4°C की गिरावट आएगी, जबकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 30 जून के बाद तापमान 4-6°C तक गिर सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.

समुद्र में जाने से बचें: मछुआरों के लिए रेड वार्निंग

मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण समुद्र में बेहद खतरनाक स्थिति रहने वाली है, इसलिए मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है:

* अरब सागर: सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम व मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके अलावा दक्षिण कोंकण, गोवा, कर्नाटक व केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.

* बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, मध्य बंगाल की खाड़ी, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है.