80th Independence Day: देश में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू, अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और प्लांट शुरू होने की उम्मीद- PM मोदी

भारत ने 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू कर दिया है और आने वाले वर्षों में 5 से 8 और प्लांट लगने की उम्मीद है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही है। 15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा उसकी बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। सेमीकंडक्टर चिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्ट और हर आधुनिक तकनीक के लिए आवश्यक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्षों तक देश में सेमीकंडक्टर पर चर्चा तो हुई, लेकिन बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का अभाव रहा। इन चिप्स के रणनीतिक महत्व को स्वीकार करते हुए, पीएम ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है और निर्यात भी जारी है।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और प्लांट शुरू होने की उम्मीद है, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ की दिशा में देश की यात्रा और मजबूत होगी।

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में 200 गीगावाट का लक्ष्य, लग रहे हैं 5 नए रिएक्टर

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने इस वर्ष ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल कर ली है। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में परमाणु ऊर्जा महत्वपूर्ण साधन है। पीएम ने कहा कि देश ने 200 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है और 5 नए परमाणु रिएक्टर लगाए जा रहे हैं।

पीएम मोदी के मुताबिक, ‘‘ऊर्जा सुरक्षा आज की जरूरत है और इसलिए हमने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। हमने संसद में ‘शांति’ अधिनियम पारित किया है और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

Independence Day 2026: ‘बड़े सपने देखने’ से लेकर ‘विकसित भारत’ के संकल्प तक, PM मोदी के भाषण की बड़ी बातें

Kartik Aaryan: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस पर ‘एट होम रिसेप्शन’ के लिए कार्तिक आर्यन को किया इनाइट

Kartik Aaryan: बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 15 अगस्त को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में होने वाले खास ‘एट होम रिसेप्शन’ में शामिल होने के लिए बुलाया है। ‘भूल भुलैया 3’ के एक्टर, 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्वारा आयोजित इस खास कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।

खास बात यह है कि कार्तिक बॉलीवुड के इकलौते एक्टर हैं जिन्हें इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया है और वे खास मेहमानों में शामिल होंगे, जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि ‘एट होम रिसेप्शन’ भारत के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम होता है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां-जैसे राष्ट्रीय नेता, सेना के जवान, खिलाड़ी, कलाकार और खास उपलब्धियां हासिल करने वाले लोग—एक साथ इकट्ठा होते हैं।

कार्तिक को यह निमंत्रण तब मिला है जब उन्हें हाल ही में कबीर खान की खूब पसंद की गई स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में उनकी एक्टिंग के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट एक्टर’ का अवॉर्ड मिला है। जुलाई में, जब नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले के तौर पर कार्तिक के नाम का ऐलान हुआ, तो उन्होंने सोशल मीडिया पर परिवार के साथ एक खास पल शेयर किया था।

उन्होंने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे अपने परिवार के साथ नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स की लाइव घोषणा देखते हुए नजर आ रहे हैं। जैसे ही ‘चंदू चैंपियन’ के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ के तौर पर उनके नाम की घोषणा हुई, कार्तिक खुशी से चिल्ला पड़े। वीडियो में आगे कार्तिक के माता-पिता को अपने बेटे को गले लगाकर और उनकी इस नई कामयाबी पर बधाई देते हुए, इस गर्व भरे पल को उनके साथ साझा करते हुए दिखाया गया है।

कार्तिक की मां ने खुशी के उस पल में प्यार से उनके गाल पर किस भी किया।

अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए कार्तिक ने फ़ोटो-शेयरिंग ऐप पर लिखा, “अभी भी यकीन नहीं हो रहा… कुछ पल शब्दों से कहीं बड़े होते हैं, और यह उन्हीं में से एक है। बरसों से देखा गया मेरा सपना आखिरकार सच हो गया है। हमेशा विनम्र, हमेशा आभारी… बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड #ChanduChampion”

Independence Day 2026 Wishes: 15 अगस्त पर अपनों को भेजें देशभक्ति से भरे 50+ शानदार शुभकामना संदेश और शायरी

अगस्त का महीना भारत के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हर साल 15 अगस्त को देशभर में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1947 में भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। यह दिन देश के लिए गर्व, सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान देने वाले सभी वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों को इस दिन याद किया जाता है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे देश में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और दफ्तरों में तिरंगा फहराया जाता है। देशभक्ति से जुड़े गीत, भाषण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्र को संबोधन इस दिन का प्रमुख आकर्षण होता है।

इस खास मौके पर लोग अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भेजते हैं। अगर आप भी इस 15 अगस्त पर अपनों को देशभक्ति और आजादी के जज्बे से भरे संदेश भेजकर शुभकामनाएं देना चाहते हैं, तो यहां दिए गए खास मैसेज आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं।

यहां देखें 15 अगस्त पर मैसेज: 

1.स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हमारा तिरंगा हमेशा शान से लहराता रहे और देश यूं ही तरक्की करता रहे।

2. आजादी के इस पावन पर्व पर उन सभी वीरों को नमन, जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। जय हिंद!

3. तिरंगा हमारी पहचान है, देश हमारा अभिमान है। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

4. आजादी सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि इसे पाने वाले वीरों के बलिदान की निशानी है। स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

5. देश के वीर जवानों और स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम। आप सभी को 15 अगस्त की ढेरों शुभकामनाएं।

6. जहां देशभक्ति दिल में हो, वहां हर दिन स्वतंत्रता दिवस जैसा होता है। जय हिंद, जय भारत!

7.  हमारा भारत शांति, एकता और भाईचारे के साथ हमेशा आगे बढ़ता रहे। स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

8. तिरंगे की आन, देश की शान और भारत माता का सम्मान हमेशा कायम रहे। जय हिंद!

9. आज का दिन हमें याद दिलाता है कि आजादी अनेक वीरों के त्याग से मिली है। उन सभी को शत-शत नमन।

10. स्वतंत्र भारत के हर नागरिक को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई। देश का भविष्य और भी उज्ज्वल हो।

11. दिल में देशप्रेम, हाथों में तिरंगा और जुबां पर भारत माता का नाम हो। जय हिंद!

12. आजादी के रंग में रंग जाएं और देश की एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लें। Happy Independence Day!

13. भारत की मिट्टी से प्यार और तिरंगे पर गर्व ही सच्ची देशभक्ति की पहचान है।

14. हमारे वीरों की कुर्बानी हमेशा याद रहे और भारत का तिरंगा आसमान में ऊंचा लहराता रहे।

15. देश की एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। आइए, मिलकर इसे और मजबूत बनाएं।

16. स्वतंत्रता दिवस हमें अपने देश के प्रति जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा देता है। जय हिंद!

17. भारत की संस्कृति, एकता और अखंडता हमेशा बनी रहे। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

18. आजादी का जश्न मनाएं, वीरों को याद करें और देश को बेहतर बनाने का संकल्प लें।

19. तिरंगे की छांव में हमारा हर सपना पूरा हो। स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

20. भारत माता के वीर सपूतों को नमन, जिनके बलिदान से हमारा देश आजाद हुआ।

21. देश के लिए सम्मान और तिरंगे के लिए प्यार कभी कम न हो। जय हिंद, जय भारत!

22. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर भारतीय के जीवन में खुशहाली और सफलता आए।

23. हमारा देश नई ऊंचाइयों को छुए और दुनिया में भारत का नाम हमेशा रोशन हो।

24. आजादी की खुशी हर दिल में रहे और देशभक्ति की भावना हर भारतीय के मन में जीवित रहे।

25. गर्व से कहो हम भारतीय हैं। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

यहां देखें 15 अगस्त पर शायरी:

independence day

  1. तिरंगा हमारी शान है, भारत हमारी जान है,

इसके लिए कुर्बान होना भी हमें मंजूर है।

  1. मिट्टी की खुशबू और तिरंगे का मान रहे,

मेरे भारत का हमेशा ऊंचा सम्मान रहे।

  1. देश के लिए जिसने अपना जीवन वार दिया,

ऐसे वीरों ने हमें आजादी का उपहार दिया।

  1. दिल में हिंदुस्तान और हाथ में तिरंगा रहे,

हर भारतीय के दिल में देशप्रेम जिंदा रहे।

independence day

  1. ना जाति का भेद हो, ना धर्म की दीवार हो,

मेरा भारत हमेशा एकता का मिसाल हो।

  1. शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा,

भारत का तिरंगा हमेशा ऊंचा लहराया जाएगा।

  1. आजादी का जश्न दिल से मनाएंगे,

वीर शहीदों को हमेशा याद रखेंगे।

  1. भारत की धरती पर जन्म लेना हमारा सौभाग्य है,

तिरंगे का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।

  1. वतन की मिट्टी से हमें प्यार है,

भारत पर दिल से हमें ऐतबार है।

independence day (2)

  1. तिरंगे की आन कभी कम न होने देंगे,

भारत का सम्मान कभी कम न होने देंगे।

  1. देशभक्ति का रंग दिलों पर चढ़ता रहे,

भारत का तिरंगा आसमान में बढ़ता रहे।

  1. हजारों वीरों ने आजादी के लिए जान गंवाई,

तब जाकर हमने स्वतंत्र हवा में सांस पाई।

  1. भारत मां की जय हर जुबान पर रहे,

देशप्रेम हमेशा हर इंसान के दिल में रहे।

  1. मेरा देश मेरी पहचान है,

तिरंगा मेरी सबसे बड़ी शान है।

independence day (1)

  1. आजादी की कीमत वही समझ सकता है,

जिसने देश के लिए अपना सब कुछ खोया है।

  1. वतन से बढ़कर कोई नाम नहीं,

भारत से बढ़कर कोई धाम नहीं।

  1. शहीदों के सपनों का भारत बनाना है,

देश को हर ऊंचाई तक पहुंचाना है।

  1. तिरंगा लहराए तो दिल में जोश आता है,

हर भारतीय को अपने देश पर नाज आता है।

  1. देश की खातिर जो मुस्कुराकर मर गए,

वो भारत के इतिहास में अमर हो गए।

independence day (2)

  1. भारत की धरती हमें प्यारी है,

तिरंगे पर जान भी हमारी है।

  1. आजादी का पर्व खुशियों से मनाएं,

वीर शहीदों को दिल से शीश झुकाएं।

  1. वतन की मोहब्बत में खुद को मिटा देंगे,

जरूरत पड़ी तो देश के लिए जान लुटा देंगे।

  1. एकता की ताकत से भारत महान है,

तिरंगे की वजह से हमारी अलग पहचान है।

  1. देश के वीरों का हमेशा सम्मान करेंगे,

भारत की शान को और महान करेंगे।

independence day (3)

  1. नफरत को छोड़कर प्यार फैलाएंगे,

मिलकर भारत को और मजबूत बनाएंगे।

  1. हर दिल में भारत का अरमान रहे,

तिरंगा हमेशा आसमान की शान रहे।

  1. देश की मिट्टी से रिश्ता हमारा खास है,

हिंदुस्तान पर हर भारतीय को विश्वास है।

  1. आजादी की हवा में एक अलग ही बात है,

भारत की मिट्टी से जुड़ी हमारी हर सांस है।

  1. वीरों की कुर्बानी से मिली आजादी को सलाम,

हिंदुस्तान के नाम मेरा दिल और मेरी जान।

  1. जब तक सूरज-चांद रहेगा, भारत का नाम रहेगा,

तिरंगा यूं ही आसमान में हमेशा शान से लहराता रहेगा।

PM Modi Independence Day Speech: ‘Fortune 500 में भारत की 50 कंपनियां क्यों नहीं?’ PM मोदी ने कॉरपोरेट सेक्टर के सामने रखा बड़ा लक्ष्य

PM Modi Independence Day Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के कारोबार जगत के सामने एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 साल में Fortune 500 की 50 कंपनियां भारत की क्यों नहीं हो सकतीं? पीएम मोदी ने भारतीय कंपनियों से बैंकिंग, फार्मास्यूटिकल्स, कंसल्टिंग, टेक्नोलॉजी समेत कई क्षेत्रों में दुनिया की अग्रणी कंपनियां बनने का आह्वान किया।

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को छोटी-छोटी उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं होना चाहिए, बल्कि दुनिया में नेतृत्व करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

‘Fortune 500 में शामिल हो भारत की 50 कंपनियां’

उन्होंने कहा, “हम अक्सर Fortune 500 कंपनियों के बारे में सुनते हैं। आने वाले दशक में Fortune 500 की 50 कंपनियां भारत की क्यों नहीं हो सकतीं? क्या यह हमारा लक्ष्य नहीं होना चाहिए?”

प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर फल-फूल रहा है और सवाल किया कि कोई भारतीय बैंक दुनिया के टॉप पांच बैंकों में क्यों शामिल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “भारत का कोई एक बैंक दुनिया के टॉप पांच बैंकों में शामिल होना चाहिए।”

फार्मास्युटिकल और बैंकिग सेक्टर भी आगे बढ़ें 

पीएम मोदी ने फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा लक्ष्य तय किया और कहा कि भारत को अपनी मौजूदा खूबियों को ग्लोबल लीडरशिप में बदलना होगा। उन्होंने कहा, “भारत ने फार्मास्युटिकल सेक्टर में बहुत काम किया है। लेकिन अभी जरूरत इस बात की है कि भारत की कोई फार्मास्युटिकल कंपनी दुनिया की पांच सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में शामिल हो। भारत को वहां अपनी जगह बनानी होगी।”

प्रधानमंत्री का ग्लोबल लीडर बनने का विजन सिर्फ बैंकिंग और फार्मा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कहा कि भारतीय लॉ फर्म, रेटिंग एजेंसियां, कंसल्टिंग कंपनियां और अकाउंटिंग फर्म भी दुनिया में अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों को भी वैश्विक स्तर पर नंबर-1 बनने का लक्ष्य रखने की बात कही।

उन्होंने कहा, “हमारी कंसल्टिंग या अकाउंटिंग फर्मों में से कोई एक दुनिया की टॉप फर्मों में शामिल होनी चाहिए। भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों को दुनिया में लीडर बनना चाहिए। यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।”

ऐसे ब्रांड बनाएं जो दुनिया में भारत की पहचान बनें

उन्होंने भारतीय कंपनियों से ऐसे ब्रांड बनाने का भी आह्वान किया जो दुनिया भर में देश की पहचान बन सकें। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे ब्रांड बनाने चाहिए जो दुनिया को आकर्षित करें। हमारे ब्रांड हमारे देश की पहचान बनें और भारत को दुनिया के लिए एक खास डेस्टिनेशन बनाएं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने इस चुनौती को 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के बड़े लक्ष्य से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इसे हासिल करने के लिए तेजी से सुधार करने और केंद्र, राज्यों, स्थानीय सरकारों और इंडस्ट्री के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, “हमें अपने सुधारों की रफ्तार बढ़ानी होगी। हमें 2047 के लक्ष्य के हिसाब से अपने सिस्टम को विकसित करना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब “पुरानी नीतियों और नियमों” के आधार पर नहीं चल सकता।

प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि सुधार मजबूरी के बजाय महत्वाकांक्षा से प्रेरित होने चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सुधार मजबूरी में नहीं, बल्कि पूरे विश्वास के साथ कर रहे हैं। हम अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए ये सुधार कर रहे हैं।”

पीएम मोदी ने इस चुनौती को एक सामूहिक राष्ट्रीय परियोजना के तौर पर भी पेश किया और कहा कि भारत की तरक्की सिर्फ सरकार के दम पर नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, “राष्ट्र का मतलब सिर्फ सरकार नहीं है। राष्ट्र में हर नागरिक शामिल होता है।”

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Independence Day 2026: बड़े सपने देखने’ से लेकर ‘विकसित भारत’ के संकल्प तक, PM मोदी के भाषण की बड़ी बातें

Independence Day 2026: देश आज आजादी के 80वें साल का जश्न मना रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज आसमान में लहराया, भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने लाल किले के ऊपर से फूलों की बारिश कर माहौल को और खास बना दिया। ध्वजारोहण के साथ 21 तोपों की सलामी भी दी गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया। इसके बाद उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और 1947 में देश की आजादी के लिए लड़ने वालों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ के गायन का भी जश्न मनाया।

बता दें कि लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण बजाया गया, जो देश के आधिकारिक राष्ट्रीय समारोहों में एक ऐतिहासिक क्षण था।

प्रधानमंत्री के भाषण की मुख्य बातें देखें

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने नई रफ्तार पकड़ी है और अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है।
  • लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन मोदी ने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्प लेने होंगे।
  • उन्होंने कहा कि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और दृढ़ संकल्प होने पर कठिनाइयों तथा आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप सामने आता है।
  • प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत ने 2047 में, जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, विकसित राष्ट्र बनने का बड़ा सपना देखा है और 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।’’
  • उन्होंने कहा, ‘‘जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है, तो यह दुनिया की नजरों में हमारे साहस का परिचय बन जाता है। दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने के लिए मजबूर हो जाती है।’’
  • मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने, चाहे वे दलित, पीड़ित, वंचित, आदिवासी, गांव या शहर में रहने वाले, गरीब या मध्यम वर्ग के हों और देश के किसी भी हिस्से से आते हों, एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगदान दिया है।
  • उन्होंने कहा, ‘‘इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि इतनी कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं।’’
  • प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत पहले ‘फ्रैजाइल फाइव’ देशों में गिना जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
  • मोदी ने कहा कि आजादी के समय देश ने बहुत से सपने देखे थे, लेकिन अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया।
  • उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने रफ्तार पकड़ी है और तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
  • प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है।
  • उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में बहुत कुछ सस्ता और जल्दी मिल सकता है, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती।’’
  • उन्होंने कहा कि अपने हितों की सुरक्षा भारत को खुद करनी होगी और इसी उद्देश्य से ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
  • सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक भारत में इसका कोई बड़ा संयंत्र नहीं बन पाया, लेकिन अब देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं और उनमें उत्पादित सेमीकंडक्टर का निर्यात भी शुरू हो गया है।
  • उन्होंने कहा कि आने वाले सात-आठ वर्षों में कई और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने वाले हैं और यह विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मार्ग है।
  • मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महात्मा गांधी समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों और महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त को लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है और इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह ऐतिहासिक पल है।

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Gold Price Today on I-Day: स्वतंत्रता दिवस पर सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट दोनों का लुढ़का भाव

आज, शनिवार को पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त के दिन देश में सोने की कीमत में गिरावट दिख रही है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 153030 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अन्य शहरों में भी ​सोने का भाव टूटा है। सोने में हाल के दिनों में दिखी तेजी के बाद मुनाफावसूली हुई, जिससे कीमतें ​नीचे आई हैं।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने में हल्की तेजी है। हाजिर सोना 4,379.95 डॉलर प्रति औंस हो गया है। डॉलर में आई कमजोरी से सोने की वैश्विक कीमतों को बल मिला है। इस हफ्ते आए अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहे, जिससे संकेत मिला कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अगले महीने होने वाली मीटिंग में बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

अमेरिका में लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, जुलाई महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि जून में गिरावट आई थी। वहीं जुलाई तक के 12 महीनों में अमेरिका में खुदरा महंगाई 3.4 प्रतिशत बढ़ी। यह अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक रही। US प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में जून के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ। जुलाई तक के 12 महीनों में यानि​ कि सालाना आधार पर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 153030 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 140140 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152880 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 153160 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140390 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 140140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली140290153030
मुंबई140140152880
अहमदाबाद140190152930
चेन्नई140390153160
कोलकाता140140152880
हैदराबाद140140152880
जयपुर140290153030
भोपाल140190152930
लखनऊ140290153030
चंडीगढ़140290153030

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट है। 15 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 254900 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.88 डॉलर प्रति औंस है।

LIVE: पीएम मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, थोड़ी देर में लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे

LIVE: पीएम मोदी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, थोड़ी देर में लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे

lal kila

Latest News Today Live Updates in Hindi : देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ ही देर में लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। पल पल की जानकारी…

Independence Day: 21 तोपों की सलामी और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज… इस बार लाल किले पर दिखेगा नया अंदाज

Independence Day: अब से कुछ ही घंटों बाद देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की अगुवाई करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और लगातार 13वीं बार देश को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संबोधित करेंगे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ रखी गई है। इसके साथ ही ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समारोह में भारत में बनी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से स्वदेशी 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टरों से फूलों की बारिश भी की जाएगी। प्रधानमंत्री के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद भी किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण सुबह 6:30 बजे से शुरू होगा। इसे डीडी नेशनल के साथ कई डिजिटल मंचों पर भी लाइव देखा जा सकेगा।

स्वतंत्रता दिवस 2026: पहली बार होंगी ये खास बातें

  • लाल किले पर पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे पहली बार लाइव गाया जाएगा। आजादी के बाद लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के इतिहास में यह पहली बार होगा।
  • स्वदेशी तोपों से 21 तोपों की सलामी: इस बार 21 तोपों की सलामी में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख उपकरण भारत में बने होंगे। समारोह में स्वदेशी 105 मिमी हल्की फील्ड गन से पारंपरिक 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके लिए औपचारिक 1721 फील्ड बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री की मदद करेंगी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान: ध्वजारोहण के दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद करेंगी। वह लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री के साथ रहेंगी।
  • हेलिकॉप्टर से होगी फूलों की बारिश: तिरंगा फहराने के तुरंत बाद दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर लाल किले के ऊपर से फूलों की पंखुड़ियों की बारिश करेंगे।
  • 5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल: स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों के साथ 2,500 राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट भी शामिल होंगे।
  • 22 भाषाओं में होगा भाषण का लाइव अनुवाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भारतीय भाषाओं में तुरंत अनुवाद किया जाएगा। इसके लिए ‘डिजिटल इंडिया भाषिणी’ ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद प्रधानमंत्री का संदेश देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाना है।

स्वतंत्रता दिवस 2026: मुख्य विषय

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के इतिहास और भविष्य, दोनों पर खास जोर दिया गया है। समारोह के दो मुख्य विषय रखे गए हैं।

  • ‘वंदे मातरम’ के 150 साल: इस साल राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर इसकी विरासत को खास सम्मान दिया जाएगा। पहली बार प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद लाल किले पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक मिलकर औपचारिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन करेंगे।
  • 2047 तक विकसित भारत के लिए युवा शक्ति: इस विषय के तहत 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। इसमें खास तौर पर जेन-जी युवाओं और युवा उद्यमियों की प्रतिभा, मेहनत और नए विचारों को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के नाम संदेश: पेपर लीक रोकने और परीक्षा सुधारों पर जानें क्या कहा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है।’ अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार, गलत तरीकों पर रोक लगाने और युवाओं के लिए पारदर्शिता लाने के लिए व्यापक कदम उठा रही है।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू ने कही ये बात

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि छात्र ही भारत के भविष्य को बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठा रही है, ताकि पेपर लीक और परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को पूरी तरह रोका जा सके। सरकार का लक्ष्य परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जिस तरह देश की सुरक्षा के लिए सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं, उसी तरह छात्रों के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए भी सभी को मिलकर गंभीर और मजबूत कदम उठाने होंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं छात्रों के लिए आगे बढ़ने और अपने बेहतर भविष्य का रास्ता बनाने का मौका देती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी और गलत तरीकों को पूरी तरह रोकना है। साथ ही, परीक्षा व्यवस्था को युवाओं के लिए ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में युवाओं और छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव, मामलों की तेजी से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

देश के युवाओं की तारीफ 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं में बढ़ रही कारोबार और खुद का काम शुरू करने की सोच की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवा सिर्फ नौकरी पाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि खुद रोजगार देने वाले बन रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के कई युवा अपना काम शुरू कर रहे हैं और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। युवाओं की भागीदारी से भारत में स्टार्टअप का मजबूत माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भी भारतीय युवाओं की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित हैं और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और नेतृत्व की भूमिकाएं दे रही हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ऐसे सफल युवाओं ने पूरी दुनिया में भारत की युवा ताकत की पहचान मजबूत की है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की उपलब्धियों से देश के बेहतर और उज्ज्वल भविष्य में लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। युवाओं के पूरे विकास पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत देश के भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि परिवार और पूरे समाज की भी जिम्मेदारी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं के विकास और देश के निर्माण में खेलों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के तहत गांव और जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक खेलों को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं और बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। सरकार खेलों के विकास पर बड़े स्तर पर खर्च कर रही है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। राष्ट्रपति ने भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंकवाद के खिलाफ सटीक और प्रभावी कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को दिखाया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए साफ संदेश दिया गया कि आतंकवादी और उन्हें मदद देने वाले लोग दुनिया में कहीं भी छिपे हों, उन्हें अपने किए की कीमत चुकानी होगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन,  पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में शिक्षा, युवा, महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लक्ष्य समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए व्यापक सुधार कर रही है।

 

राष्ट्रपति ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोलती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

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पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था में होंगे व्यापक सुधार

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को पूरी तरह खत्म करना है।उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिस पर देश के युवाओं को पूरा भरोसा हो। राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलनों और व्यवस्था में बदलाव की मांग उठती रही है।

 

युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे

 

राष्ट्रपति ने देश के युवाओं की उद्यमिता की भावना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अब नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार पैदा करने की संस्कृति अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार और युवा उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी से देश में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार हुआ है। दुनिया की बड़ी कंपनियां भारतीय युवाओं की प्रतिभा और समर्पण से प्रभावित हैं और उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियां सौंप रही हैं।

 

‘खेलो इंडिया’ से तैयार हो रहा देशव्यापी स्पोर्ट्स इकोसिस्टम

 

राष्ट्रपति ने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को देश के भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के समग्र विकास में परिवार और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक खेलों का मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिखाई दे रहा है।

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ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाई भारतीय सेना की ताकत

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवाद के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे चाहे कहीं भी छिपें, उन्हें अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा। राष्ट्रपति ने कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ का भी उल्लेख किया और भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस को याद किया।

 

सिंधु जल संधि निलंबन को बताया निर्णायक कदम

 

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित, विशेष रूप से किसानों के हित में उठाया गया निर्णायक कदम बताया।

 

नक्सलवाद का खात्मा बड़ी उपलब्धि

 

आंतरिक सुरक्षा पर राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद देश के सामने गंभीर चुनौती रहा। उन्होंने भारत को नक्सलवाद मुक्त बनाने को बड़ी उपलब्धि बताया।

 

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास और उत्साह का माहौल है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

सारनाथ को UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने भारत की सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थल सारनाथ को इस वर्ष UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है।

 

उन्होंने पिछले वर्ष सूची में शामिल किए गए 12 मराठा सैन्य किलों का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आध्यात्मिक विरासत और सैन्य शक्ति व दृढ़ता के ऐतिहासिक प्रतीकों को समान गर्व के साथ संजोता है।

 

विदेश नीति में शांति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर जोर

 

विदेश नीति पर राष्ट्रपति ने कहा कि शांति, संवाद, सहयोग और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की आधारशिला हैं।

 

उन्होंने कहा कि भारत नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था में विश्वास करता है और संयुक्त राष्ट्र समेत बहुपक्षीय संस्थाओं में वैश्विक समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का प्रयास जारी रखेगा।

 

70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा

 

राष्ट्रपति ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी के साथ वरिष्ठ नागरिकों की संख्या भी बढ़ रही है।

 

उन्होंने बताया कि करीब 6 करोड़ 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक सरकारी योजनाओं के तहत सालाना 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने समाज से बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहने और उनकी गरिमा बनाए रखने की अपील की।

 

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

 

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक मजबूती, विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त युवा एवं महिलाएं इस यात्रा के प्रमुख आधार हैं।

 

उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध और अस्थिरता से आर्थिक चुनौतियां बढ़ने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव मजबूत करने वाला कदम बताया।

 

25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए

 

राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक की कल्याणकारी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। वहीं 80 करोड़ से अधिक लोगों के लिए मुफ्त राशन के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

 

डिजिटल इंडिया की ताकत का भी किया उल्लेख

 

राष्ट्रपति ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धि पर कहा कि देश ने दुनिया का सबसे बड़ा और बेहतर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। भारत की हिस्सेदारी वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में 50 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और युवा भारत की सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं।

 

महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर

 

राष्ट्रपति के संबोधन में महिला सशक्तीकरण भी प्रमुख विषय रहा। उन्होंने कहा कि 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का शुरुआती लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और अब सरकार तीन करोड़ और लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

 

उन्होंने शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की। ड्रोन दीदी से लेकर वायुसेना की फाइटर कॉम्बैट लीडर तक महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं लगातार नए क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने ग्लासगो में हाल में संपन्न कॉमनवेल्थ गेम्स का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से 8 स्वर्ण पदक महिलाओं ने जीते।

 

लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को भी महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय लोकतंत्र और ज्यादा समावेशी बनेगा।

 

पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका

 

सतत विकास पर राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने 2030 के लिए निर्धारित कई सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को तय समय से पहले हासिल किया है। उन्होंने नागरिकों से प्रकृति और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ तथा LiFE (Lifestyle for Environment) जैसे अभियानों का उल्लेख किया।

 

स्वतंत्रता सेनानियों और विभाजन पीड़ितों को श्रद्धांजलि

 

राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता सेनानियों, महात्मा गांधी, डॉ. बीआर आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 550 से अधिक रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका को याद किया। उन्होंने विभाजन के दौरान जान गंवाने और विस्थापन झेलने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी। 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

राष्ट्रपति ने तेलुगु लेखक गुरजाडा अप्पाराव की पंक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र केवल उसकी भूमि नहीं, बल्कि उसके सभी लोग हैं। उन्होंने देशवासियों से 2047 तक स्वतंत्र भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने में पूरी निष्ठा से योगदान देने का आह्वान किया।