Sensex में 443 अंकों की गिरावट, Nifty लाल बंद, फिर भी इस कारण ₹1.83 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चा तेल उबल पड़ा। इसकी उबाल में आज घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) समेत दो और दिग्गज प्राइवेट बैंकों की गिरावट पर सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24150 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक दिखी और मिडकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक बढ़त आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी तेजी आई।

सेक्टरवाइज आज प्राइवेट बैंकों ने मार्केट पर तगड़ा दबाव बनाया। सेंसेक्स के टॉप 4 लूजर में मारुति को छोड़ बाकी तीन प्राइवेट सेक्टर के बैंक हैं तो इसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक कमजोर हुआ है। हालांकि मार्केट को इस गिरावट से उबारने के लिए सरकारी बैंकों और फार्मा सेक्टर ने काफी कोशिश की। निफ्टी पीएसयू बैंक आज ढाई फीसदी से अधिक तो निफ्टी फार्मा करीब डेढ़ फीसदी मजबूत हुआ है। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 442.93 प्वाइंट्स यानी 0.57% की कमजोरी के साथ 77,708.52 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.80 प्वाइंट्स यानी 0.39% की गिरावट के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 783.16 प्वाइंट्स गिरकर 77,368.29 और निफ्टी 198.45 प्वाइंट्स फिसलकर 24,135.8 तक आ गया था।

₹1.83 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 17 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,80,82,764.50 करोड़ था। आज यानी 20 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,82,66,717.85 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,83,953.35 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 19 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 19 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज ट्रेंट, पावरग्रिड और एनटीपीसी में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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124 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4514 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2226 शेयर आज मजबूत हुए तो 2039 में गिरावट रही जबकि 249 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 124 शेयर एक साल के हाई और 107 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 13 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 15 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Rally: शाइनिंग शुक्रवार, सेंसेक्स 965 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24300 के पार, निवेशकों पर ₹81698 करोड़ की बारिश

शेयर बाजार में शुक्रवार, 17 जुलाई को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह काफी अच्छी रही। हरे निशान में ओपनिंग के बाद सेंसेक्स दिन में पिछली क्लोजिंग से 1,095.68 अंक तक उछला। इसने 78,282.55 का मार्क छुआ। आईटी स्टॉक्स, बैंकिंग स्टॉक्स, ऑटो स्टॉक्स, रियल्टी स्टॉक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज व जियो फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे शेयरों में तेजी के दम पर सेंसेक्स बाद में 964.58 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर दिन में पिछली क्लोजिंग से 294.55 अंक उछलकर 24,367.30 के हाई तक गया। बाद में यह 261.55 अंकों की बढ़त के साथ 24,334.30 पर सेटल हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 81,697.82 करोड़ रुपये बढ़ गया। गुरुवार, 16 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,80,10,512.78 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह बढ़कर 4,80,92,210.60 करोड़ रुपये हो गया।

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एक दिन पहले क्या रहा था मार्केट का हाल

गुरुवार को सेंसेक्स लगभग फ्लैट रहा था। सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 5.75 अंक गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ था। आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में तेजी रही थी।

रुपये की चाल

17 जुलाई को रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 96.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 17 पैसे की गिरावट के साथ 96.42 पर बंद हुआ था। पश्चिम एशिया में नए तनाव के बाद डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी ने घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी को बढ़ावा दिया, जिससे स्थानीय मुद्रा पर दबाव पड़ा।

वैश्विक बाजारों की चाल

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में गिरावट है। निक्केई 225 लगभग 5 प्रतिशत नीचे है। हेंग सेंग 2 प्रतिशत, शंघाई वेटेड 3 प्रतिशत और ताइवान वेटेड 7 प्रतिशत गिरा है। जकार्ता कंपोजिट में 1 प्रतिशत की तेजी है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए भारतीय इक्विटी इंडेक्स, जानिए 20 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 17 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,300 के ऊपर रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 964.58 अंक या 1.25 प्रतिशत बढ़कर 78,151.45 पर और निफ्टी 261.55 अंक या 1.09 प्रतिशत बढ़कर 24,334.30 पर बंद हुआ। लगभग 1632 शेयरों में बढ़त हुई, 2419 शेयरों में गिरावट आई और 175 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,टेक महिंद्रा,TCS,जियो फाइनेंशियल और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में हिंडाल्को,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,विप्रो,सन फार्मा और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे। सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2 प्रतिशत की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी बैंक रहा,जिसमें 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी IT में 1.7 प्रतिशत की तेजी आई।

दूसरे बढ़त वाले सेक्टरों में निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी में 1.3-1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1 प्रतिशत और निफ्टी FMCG में 0.7 प्रतिशत की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी फार्मा में 1.4 प्रतिशत और मेटल में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बाजार जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार के लिए पहली तिमाही के नतीजे मेन ट्रिगर होंगे,जिससे अलग-अलग सेक्टर और शेयरों में हलचल दिखेगी। हालांकि,मिडिल ईस्ट में हो रही घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी अहम डिसाइडिंग फैक्टर बने रहेंगे। इनसे ब्याज दरों,कंपनियों की अर्निंग, महंगाई और देश के मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक के अनुमानों पर असर पड़ने की संभावना है।

टाटा म्यूचुअल फंड को उम्मीद है कि बेहतर होते मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल के दम पर FY27 में निफ्टी की अर्निंग्स में 15-17% की बढ़ोतरी होगी। इसका कहना है कि निफ्टी का वैल्यूएशन अपने लान्ग टर्म एवरेज से नीचे आ गया है,जो अगले 12-18 महीनों में इक्विटी रिटर्न के लिए एक अच्छा माहौल बनाता है। भारत का लॉन्ग-टर्म इक्विटी आउटलुक, बेहतर होते इन्वेस्टमेंट साइकल,क्रेडिट ग्रोथ,मैन्युफैक्चरिंग को मिल रहे सपोर्ट,रियल एस्टेट में रिकवरी और मज़बूत बैंकिंग फंडामेंटल्स की वजह से अच्छा बना हुआ है। FII की लगातार बिकवाली के बावजूद,घरेलू संस्थागत निवेशकों का मज़बूत निवेश भारतीय इक्विटी को सपोर्ट कर रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि मार्केट की चाल में बदलाव दिख रहा है, जिसमें IT और बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में लार्ज-कैप शेयरों की ओर जबरदस्त रुझान है। बिजनेस अपडेट्स और Q1 की कमाई की उम्मीदों को लेकर अच्छे माहौल से इसे सपोर्ट मिल रहा है। यह ट्रेंड मुख्य रूप से घरेलू संस्थागत निवेशकों की वजह से दिख रहा है,जो महंगे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों से निकलकर बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल और आकर्षक वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों में निवेश कर रहे हैं।

साथ ही,FY27 की दूसरी छमाही (H2) में घरेलू मांग अच्छी रहने की उम्मीद में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी खरीदारी का रुझान दिख रहा है। कुल मिलाकर भारत के लिए बेहतर होते आउटलुक के बीच चुनिंदा शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग और खरीदारी के साथ ब्रॉडर मार्केट का रुख पॉजिटिव बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि इंडेक्स पांच दिन के कंसोलिडेशन फेज से बाहर निकल गया है। यह ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के बढ़ते भरोसे का संकेत है। बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,RSI बुलिश क्रॉसओवर में आ गया है,जिससे पॉजिटिव मोमेंटम और मजबूत हुआ है। आने वाले समय में निफ्टी के मजबूत बने रहने और 24,800 के लेवल की ओर बढ़ने की संभावना है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। अगर यह इस लेवल से नीचे गिरता है तो कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो सकता है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार रिलायंस इंडस्ट्रीज,HDFC बैंक और ICICI बैंक के Q1FY27 नतीजों पर बारीकी से नजर रखेगा। इनसे बाजार की निकट भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर,बाजार के स्टॉक-स्पेसिफ़क रहने की संभावना है। अच्छी कमाई करने वाली कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

 

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Market Outlook : सपाट बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 17 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 16 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए हैं। IT और कंज्यूमर सेंट्रिक शेयरों में बढ़त का असर बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में कमजोरी से खत्म हो गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1.44 अंक बढ़कर 77,186.87 पर और निफ्टी 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ। लगभग 1947 शेयरों में बढ़त हुई, 2119 शेयरों में गिरावट आई और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

अलग-अलग शेयरों में मिला-जुला असर दिखा। इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा, जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद विप्रो (+1.7%), बजाज फाइनेंस (+1.6%), HCL टेक्नोलॉजीज (+1.6%) और मारुति सुजुकी (+1.4%) रहे। गिरावट वाले शेयरों में, एटरनल 2.8% गिरा, जबकि SBI लाइफ इंश्योरेंस में 2.3% की गिरावट आई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 0.9% गिरा, HDFC बैंक 0.8% टूटा और श्रीराम फाइनेंस में 0.8% की गिरावट आई।

सेक्टर इंडेक्स में, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.5% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी मीडिया (+1%), निफ्टी IT (+0.7%) और निफ्टी ऑटो (+0.4%) रहे। निफ्टी FMCG (+0.25%) भी बढ़त के साथ बंद हुआ।

गिरावट वाले सेक्टरों में, निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जिसमें 1% की गिरावट आई। निफ्टी PSU बैंक 0.5% गिरा, इसके बाद निफ्टी मेटल (-0.3%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.3%) और निफ्टी बैंक (-0.3%) रहे।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 में 0.4% की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजार के कमजोर रुझानों के बीच निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती रही। महंगाई की चिंताओं ने फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर पर दबाव डाला, वहीं कुछ पेट्रोकेमिकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी फिर से लागू होने और मज़बूत कमाई के दम पर केमिकल सेक्टर एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा। उधर उम्मीद से कम अमेरिकी महंगाई दर ने ब्याज दरों से जुड़ी चिंताओं को कम किया और बाजार को कुछ सहारा दिया। आगे बाजार की नजर कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों के साथ-साथ मॉनसून की प्रगति पर रहेगी। इसके अलावा ग्लोबल स्थिति और महंगाई से जुड़ी घटनाएं बाजार की चाल पर असर डालती रहेंगी।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है, जो न्यूट्रल रुख के साथ कंसोलिडेशन का संकेत है। टेक्निकल तौर पर इंडेक्स को 23,950–24,000 के जोन में मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 24,250–24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 24,500 के आसपास एक बड़ी रुकावट हो सकती है।

ऑप्शन चेन डेटा भी 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ‘पुट राइटिंग’ का संकेत दे रहा है, जो इसे एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर मजबूत करता है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप को देखते हुए, सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास उछाल पर बिकवाली की रणनीति सही रहेगी।

उन्होंने आगे कहा कि बैंक निफ्टी इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाई है, जो अनिश्चितता का संकेत है क्योंकि इंडेक्स कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास स्थिर है, जो मज़बूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी का संकेत है। टेक्निकल तौर पर 56,800–57,000 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जबकि 58,200 का लेवल अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, तब तक रुख न्यूट्रल रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में सपोर्ट के पास ‘बाय-ऑन-डिप्स’ और रेजिस्टेंस के पास ‘सेल-ऑन-राइज़’ की रणनीति फायदेमंद रहेगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 23960-23930 के पास स्थित 50-डे का EMA जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा । अगर यह 23930 के लेवल से नीचे जाता है और वहां बना रहता है तो और ज्यादा प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और इंडेक्स 23780 के लेवल तक गिर सकता है, जो अगला अहम सपोर्ट जोन बन सकता है।

ऊपर की तरफ, 24160-24200 की रेंज एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बनी हुई है। अगर इंडेक्स इस दीवार को पार कर जाता है, तो मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है और और ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है। तब तक, इंडेक्स में एक तय रेंज के अंदर ही ट्रेडिंग होने की संभावना है।

 

 

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IT Sector की रौनक पर Sensex में 300 अंकों की तेजी, 3 वजहों से 24150 के पार Nifty

Share Market Rally: एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझान के बीच डॉलर इंडेक्स की नरमी से घरेलू स्टॉक मार्केट में रौनक दिख रही है। शुरुआती कारोबार में ही घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेस सेंसेक्स और निफ्टी 50 उछल पड़े। सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24150 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट को सपोर्ट मिला। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:23 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 246.45 प्वाइंट्स यानी 0.32% की बढ़त के साथ 77,431.88 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 66.00 प्वाइंट्स यानी 0.27% के उछाल के साथ 24,144.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 328.87 प्वाइंट्स उछलकर 77,514.30 और निफ्टी 88.90 प्वाइंट्स चढ़कर 24,167.40 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: इन वजहों से मिला सपोर्ट

डॉलर इंडेक्स में नरमी

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर के आस-पास आ गया जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। अमेरिका महंगाई के नरम आंकड़ों से इस बात की संभावना बढ़ी कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा। इससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स नरम होकर 100.46 पर आ गया। डॉलर की कमजोरी से विदेशी निवेशकों का भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ सकता है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 1.45% की गिरावट के साथ 13.08 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

IT Stocks से मार्केट को सपोर्ट

आईटी सेक्टर की रौनक से मार्केट को अच्छा सपोर्ट मिला है जिसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के अलावा फिलहाल किसी भी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% या इससे अधिक की उठा-पटक नहीं है। आज मार्केट को आईटी सेक्टर ही चला रहा है। बैंकिंग सेक्टर में हल्की बढ़त है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : बुधवार को बैंकिंग,कैपिटल गुड्स,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में आई खरीदारी के दम पर मेटल, IT और FMCG शेयरों में आई कमजोरी की भरपाई हो गई। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी सुबह की बड़ी बढ़त गंवाने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स में जोरदार तेजी आई थी,जिसमें सेंसेक्स 590 अंक से ज्यादा चढ़ा और निफ्टी ने 24,200 का स्तर पार किया। लेकिन बाद में प्रॉफिट-बुकिंग के कारण ज्यादातर बढ़त खत्म हो गई।

कारोबरी सत्र के अंत में सेंसेक्स 130.49 अंक या 0.17 प्रतिशत बढ़कर 77,185.43 पर और निफ्टी 26.45 अंक या 0.11 प्रतिशत बढ़कर 24,078.50 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ पॉजिटिव रहा। आज 2,203 शेयरों में बढ़त देखने को मिली और 1,896 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। जबकि, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3.49 प्रतिशत की गिरावट आई।

अल्ट्राटेक सीमेंट,एटरनल और HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुए,जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज,पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और टाटा स्टील इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी पीएसयू बैंक 0.95% ऊपर,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.73% ऊपर) और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.69% ऊपर बंद हुए। बैंक निफ्टी में 0.51% की बढ़त हुई, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.59% ऊपर चढ़ा।

दूसरी ओर निफ्टी मेटल में 1.11% की गिरावट आई। IT,एफएमसीजी,मीडिया और रियल्टी इंडेक्स में 0.67%, 0.49%, 0.46% और 0.38% की गिरावट दर्ज की गई।

एक ही सेशन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹1.5 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹479.5 लाख करोड़ से बढ़कर ₹481 लाख करोड़ हो गया।

Trading Plan : इंडेक्स में न्यूट्रल पोजीशन के साथ घर जाएं, अभी इंट्राडे ही रहना है

इक्विरस एसेट मैनेजमेंट के MD और CIO (पब्लिक इक्विटीज़) आशुतोष तिवारी का कहना है कि मध्यम अवधि के नज़रिए से रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा लग रहा है। हालिया उछाल इस बात का सबूत है कि जब वैल्यूएशन आकर्षक हो जाते हैं तो सेंटीमेंट कितनी तेजी से बदल सकता है।

टेक्निक व्यू

बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट है। पिछले सेशन में 24,052 पर बंद होने के बाद आज इंडेक्स में रिकवरी दिखी।

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पलविया का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,000 (जो 20-डे मूविंग एवरेज के आसपास है)पर एक अहम सपोर्ट है। अगर यह सपोर्ट टूटता तो इंडेक्स में 23,900-23,800 की ओर कमजोरी बढ़ सकती है। हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि 24,200 का स्तर अभी भी एक तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है और अगर इंडेक्स लगातार इसके ऊपर बना रहता है तो यह 24,350-24,500 की ओर बढ़ सकता है।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के VP सचिन गुप्ता के मुताबिक निफ्टी के लिए तत्काल ट्रेडिंग रेंज 23,900 से 24,250 के बीच रहने की उम्मीद है। ऊपर की ओर, 24,250 के स्तर को पार करने पर इंडेक्स 24,400-24,500 की ओर बढ़ सकता है। जबकि नीचे की ओर 23,900 के स्तर के टूटने पर इंडेक्स 23,800-23,700 के अहम सपोर्ट जोन की ओर जा सकता है। बाजार के कुल मिलाकर साइडवेज रहने की उम्मीद है। इसलिए जब तक कोई नया ट्रिगर नहीं मिलता,इंडेक्स के इसी दायरे में बने रहने की संभावना है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

डूबे निवेशकों के ₹2 लाख करोड़, Sensex में 550 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर 23052 पर बंद

Sensex-Nifty closes red: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच बढ़ी तो कच्चा तेल उबल पड़ा और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के काफी करीब पहुंच गया। इसने एशियाई बाजारों में कोहराम मचा दिया। घरेलू मार्केट में भी इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज- सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24050 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में कुछ अधिक ही इसकी आंधी चली। निफ्टी मिडकैप 100 आज आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक की गिरावट आई।

सेक्टरवाइज आज सरकारी बैंकों, रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर ने मार्केटपर काफी दबाव बनाया। इसमें रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स तो करीब 2% की गिरावट के साथ बंद हुए तो पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी से कमजोर हुआ और निफ्टी आईटी भी 1% टूट गया। फार्मा और मेटल सेक्टर की रौनक भी बाजार को संभाल नहीं पाई। निफ्टी फार्मा आज 1% से अधिक तो निफ्टी मेटल आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 614.92 प्वाइंट्स टूटकर 77,001.48 तक और निफ्टी 187.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,023.70 तक आ गया था।

डूबे निवेशकों के ₹2.19 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 15 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,40,381.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,19,285.18 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से आज छह ग्रीन जोन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज भारती एयरटेल, टीसीएस और सन फार्मा में रही तो दूसरी तरफ आज सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, इंडिगो और बजाज फिनसर्व में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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134 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4433 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1501 शेयर आज मजबूत हुए तो 2737 में गिरावट रही जबकि 195 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 134 शेयर एक साल के हाई और 64 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 15 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,100 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। लगभग 1422 शेयरों में बढ़त हुई,2632 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में शामिल शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,श्रीराम फाइनेंस,HDFC लाइफ,टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि, भारती एयरटेल,अपोलो हॉस्पिटल्स,सन फार्मा,TCS और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (2%),इसके बाद निफ्टी PSU बैंक (-1.8%),निफ्टी ऑटो (-1.6%),निफ्टी बैंक (-1.1%) और निफ्टी IT (-1%) रहे। अन्य सेक्टरों में,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.8%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.6%,निफ्टी FMCG 0.6%,निफ्टी मीडिया 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.3% गिरे।

वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा ने 1% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया,इसके बाद निफ्टी मेटल रहा,जिसमें 0.60% की बढ़त हुई। छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% गिरे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं हैं,जिससे घरेलू इक्विटी पर फिर से दबाव आ गया। इससे यह डर भी पैदा हो गया कि क्या ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट भारत की कॉर्पोरेट कमाई में सुधार को और धीमा कर देगी। रुपये के डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे इंपोर्टेड महंगाई की चिंता बढ़ी और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया।

इसका सबसे ज्यादा असर महंगाई और कॉस्ट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिखा। ऑटो,फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट के कारण बाजार नीचे आया। जबकि फार्मा सेक्टर ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने’डिफेंसिव’शेयरों का सहारा लिया। इससे फार्मा सेक्टर को फायदा हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी ने भी बाजार में सावधानी का माहौल बनाए रखा और सेंटीमेंट को कमजोर किया। अब सबकी नजरें US फेड चेयर पर हैं,जिनके आने वाले बयान ग्लोबल ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। इस बीच,Q1 अर्निंग्स सीजन तो अच्छा चल रहा है,लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर कर दिया है।

इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू करेंसी में भारी गिरावट के कारण बैंकिंग,IT,ऑटोमोबाइल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली हुई,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स गिर गए।

US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। FIIs की ओर से घरेलू इक्विटी में नई बिकवाली के चलते निवेशक इक्विटी में निवेश करते समय सावधानी बरतेंगे और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएंगे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि NSE के वीकली ऑप्शन की एक्सपायरी के कारण गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद इंडेक्स एक दायरे में ही बना रहा। इसने पिछले दिन के निचले स्तर के आसपास सपोर्ट लिया और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा। इंडेक्स 50 EMA के ऊपर भी बना रहा, जो इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

शॉर्ट टर्म में,जब तक इंडेक्स 23,950 के ऊपर रहता है,तब तक आउटलुक पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ यह 24,250–24,300 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,950 के नीचे बड़ी गिरावट मौजूदा तेजी वाले सेटअप को कमजोर कर सकती है और कंसोलिडेशन का दौर शुरू कर सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान युद्धे से जुड़ी घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Q1FY27 के अर्निंग्स सीजन की अहम भूमिका होगी। कंपनियों के मज़बूत नतीजों से बाजार को सहारा मिल सकता है,लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती हैं।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अपने 200 डे के मूविंग एवरेज के पास भी बंद हुआ है,इसलिए इस सपोर्ट जोन पर नजर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा,RSI ने’लोअर टॉप’बनाया है जो ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार (मोमेंटम) में कमी का संकेत है।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी बैंक के लिए सपोर्ट 56,800–56,900 के जोनन में है। जबकि, तत्काल रेजिस्टेंस 58,200 के आसपास दिख रहा है। मोमेंटम कमजोर होने को देखते हुए,ट्रेडर्स को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए और नई पोजीशन लेने से पहले किसी साफ चाल(डिसाइसिव मूव)का इंतजार करना चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: Banking Stocks का दबाव, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, इन 5 बड़ी वजहों से Nifty लाल

Share Market Crash: कच्चा तेल की उबाल ने मार्केट को तोड़ दिया। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के करीब पहुंचा तो एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। घरेलू मार्केट में भी सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो निफ्टी 24050 पर आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:50 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 478.60 प्वाइंट्स यानी 0.62% की फिसलन के साथ 77,137.80 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 138.70 प्वाइंट्स यानी 0.57% की गिरावट के साथ 24,072.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

मार्केट पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए सैन्य हमले और ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान ने दबाव बनाया हुआ है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बीच कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा था, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त थी।

बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी

महंगे तेल ने महंगाई बढ़ने की रफ्तार तेज होने की आशंका बढ़ाई तो अमेरिकी ट्रेडरी यील्ड उछल पड़ा। बेंचमार्क 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 बीपीएस बढ़कर 4.618% हो गई तो 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 बीपीएस बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के अमेरिकी ट्रेजरी पर यील्ड 6.5 बीपीएस बढ़कर 4.273% हो गई।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव बना। फिलहाल यह 3.52% के उछाल के साथ 13.75 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव

मार्केट पर आज बैंकिंग शेयरों ने दबाव बनाया हुआ है और इसमें रियल्टी सेक्टर भी साथ दे रहा है। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक की। दूसरी तरफ मेटल और फार्मा के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है तो निफ्टी आईटी में हल्की ही सही, लेकिन शुरुआती कारोबार में बिकवाली के माहौल में भी यह ग्रीन था।

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5 सेकंड में ₹1 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर आया 24050 पर

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार गया तो एशियाई मार्केट झुलस गए और घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। इसकी आंच में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24050 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम ही गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। बिकवाली के इस दबाव में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:20 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 397.08 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 77,219.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.80 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 24,111.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.14 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 14 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,45,121.51 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,14,545.21 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 8 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 8 ही ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट एचसीएल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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48 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 2617 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 988 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1452 में बिकवाली का दबाव है तो 177 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 48 शेयर एक साल के हाई और 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 49 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 57 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन शेयरों पर रहेगी नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।