3500 रुपये के इन्वेस्टमेंट से खड़ा कर लिया 1.5 करोड़ का मिलेट बिजनेस! नासिक के इंजीनियर तुषार ने किया कमाल

Business idea: जीवन में कभी-कभी बड़ी कठिनाइयों के दौरान ही बड़े अवसर क्रिएट करने का मौका मिलता है। ऐसा ही कुछ हुआ नासिक के एक मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रैजुएट के साथ। भारत समेत पूरी दुनिया जब कोरोना की महामारी से जूझ रही थी तो उसी समय इस इंजीनियर ने एक शानदार बिजनेस की शुरुआत के लिए कदम बढ़ा दिया। ये कहानी है तुषार तलवारे की जिन्होंने कोरोना लॉकडाउन के दौरान महज 3500 रुपये के शुरुआती निवेश से अपने घर से मिलेट (बाजरा/मोटा अनाज) बेचने का एक छोटा सा प्रयोग शुरू किया था।

आज उनका यह स्टार्टअप फूडोनिक नाम के एक बड़े ब्रांड में बदल चुका है। इसका सालाना रेवेन्यू 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह कंपनी आज पूरे भारत में मिलेट खाखरा, आटा, पास्ता, नूडल्स और कई तरह के हेल्दी स्नैक्स बेच रही है।

कॉलेज के रूममेट और IIT बॉम्बे के सेमिनार से मिला आइडिया

तुषार की इस एंटरप्रेन्योरशिप जर्नी की शुरुआत बेहद दिलचस्प रही। 30Stades के साथ एक इंटरव्यू में तुषार ने बताया कि जब वह नवी मुंबई में पढ़ाई कर रहे थे तब उनके एक कॉलेज रूममेट ने उन्हें उनकी फिटनेस और वेलनेस के प्रति रुचि को देखते हुए हेल्दी फूड सेक्टर में करियर तलाशने की सलाह दी थी।

तुषार की यह रुचि तब एक ठोस बिजनेस आइडिया में बदल गई जब उन्होंने पवई स्थित IIT बॉम्बे में प्रसिद्ध मिलेट रिसर्चर डॉ खादर वली के एक सेमिनार में हिस्सा लिया। इस सेशन से उन्हें मिलेट्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू का पता चला और उन्होंने महसूस किया कि उस समय बाजार में मिलेट-आधारित प्रोडक्ट्स बहुत ही कम उपलब्ध थे।

इस सेक्टर को बेहतर ढंग से समझने के लिए तुषार ने कई दूसरे सेमिनार्स में हिस्सा लिया और मिलेट की खेती, इसके स्वास्थ्य लाभ व सप्लाई चेन को समझने के लिए ऑनलाइन कोर्सेज भी पूरे किए।

₹3500 का पहला ऑर्डर और लॉकडाउन में डिलीवरी की चुनौती

बड़ा निवेश करने के बजाय तुषार ने पहले इस आइडिया को छोटे स्तर पर टेस्ट करने का फैसला किया। साल 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान नासिक में अपने घर पर रहते हुए तुषार ने मात्र 3500 रुपये निवेश किए। उन्होंने डॉ खादर वली के नेटवर्क के जरिए तमिलनाडु के एक किसान से 5 अलग-अलग किस्मों के 5-5 किलो मिलेट्स खरीदे।

परिवार, दोस्तों और शुरुआती ग्राहकों से मिले सकारात्मक फीडबैक से उत्साहित होकर उन्होंने अपने अगले ऑर्डर को बढ़ाकर हर किस्म का 20-20 किलो कर दिया। लॉकडाउन के कारण जब लॉजिस्टिक्स सेवाएं पूरी तरह प्रभावित थीं तब तुषार ने ऑर्डर हासिल करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप्स और लोगों की सिफारिशों का सहारा लिया। उस समय सिर्फ इंडिया पोस्ट की सेवाएं चालू थीं, इसलिए वे घर पर ही अपने हाथों से एक-एक किलो के पाउच पैक करते थे और डाक के जरिए पूरे देश में ग्राहकों को भेजते थे।

किफायती कीमत की वो रणनीति जो कर गई काम

मार्केट रिसर्च के दौरान तुषार ने देखा कि कई विक्रेता 5 किलो मिलेट्स के लिए करीब 1200 रुपये तक चार्ज कर रहे थे। चूंकि उनकी खरीद लागत काफी कम थी, इसलिए उन्होंने अपने प्रोडक्ट्स की कीमत को किफायती रखने का फैसला किया। तुषार बताते हैं कि उतनी ही मात्रा के लिए उनकी खरीद लागत सिर्फ 400 रुपये के आसपास थी।

इसलिए उन्हें अपने पैक्स की कीमत पोस्टल चार्ज और प्रॉफिट मार्जिन मिलाकर 700 रुपये रखी। इससे ग्राहकों को काफी किफायती दाम में हेल्दी फूड मिलने लगा और तुषार को भी एक बेहतर मार्जिन मिला। यह प्राइसिंग स्ट्रेटजी पूरी तरह सफल रही और देश के अलग अलग हिस्सों से ताबड़तोड़ ऑर्डर आने शुरू हो गए।

₹1.5 लाख से ₹1.5 करोड़ तक का सफर

जैसे-जैसे मांग बढ़ी तुषार ने नासिक में ही 2000 रुपये महीने के किराए पर एक कमरा लिया और अपने काम को वहां शिफ्ट कर दिया। रेडी-टू-ईट मिलेट प्रोडक्ट्स की मांग को देखते हुए उन्होंने कांट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के साथ पार्टनरशिप की और आटा, पास्ता व नूडल्स जैसे प्रोडक्ट तैयार करवाने लगे जबकि उनका खुद का ध्यान ब्रांडिंग, सेल्स और डिस्ट्रीब्यूशन पर रहा।

कंपनी ने भी फिर रफ्तार पकड़ी। साल 2020 में 1.5 लाख का टर्नओवर, साल 2021 में 12 लाख के टर्नओवर में बदल गया। साल 2023 में उन्होंने अपने पोर्टफोलियो में मिलेट चिवड़ा, फ्लेक्स और दूसरे स्नैक्स शामिल किए।

कारोबार के विस्तार के साथ तुषार को केंद्र सरकार की PMFME योजना (PM Formalisation of Micro Food Processing Enterprises Scheme) के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी मिली। इस मदद से उन्होंने 15 अलग-अलग वैरायटी के मिलेट खाखरा बनाने के लिए अपनी खुद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की।

हीरो हैं ये 8 महिलाएं: बिना किसी केमिकल के तैयार होता है खाखरा

फैक्ट्री स्थापित करना तो केवल शुरुआत थी, मिलेट खाखरा को बड़े पैमाने पर बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। शुरुआत में आटा मशीनों से चिपक जाता था और सही खाखरा नहीं बन पाता था। फूड कंसल्टेंट्स ने इसमें बाइंडर्स और एडिटिव्स मिलाने की सलाह दी लेकिन तुषार इसे 100% नेचुरल रखना चाहते थे।

महीनों की कड़ी मेहनत और 2000 किलो से अधिक मिलेट आटा इस्तेमाल करने के बाद उनकी टीम ने परफेक्ट रेसिपी तैयार की। ये खाखरे बिना किसी प्रिजर्वेटिव, एडिटिव्स या सिंथेटिक बाइंडर्स के बनाए जाते हैं और स्वाद को बरकरार रखने के लिए कंपनी अपने खुद के मसालों का मिश्रण तैयार करती है।

वर्तमान में नासिक स्थित Fudonik की इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को 8 महिलाएं संभाल रही हैं। बाजार में खाखरा लॉन्च करने से पहले कंपनी ने 6 महीने तक ग्राहकों का फीडबैक लिया और लैबोरेटरी टेस्ट भी पूरे किए।

भविष्य की योजनाएं

आज यह कंपनी इन-हाउस खाखरा और चिवड़ा बनाती है जिसके पास 2500 से अधिक रिटेल ग्राहक हैं और यह अपने B2B बिजनेस का भी तेजी से विस्तार कर रही है। अपनी आगे की योजनाओं को लेकर तुषार बताते हैं कि वे अगले साल मिलेट कुकीज भी लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं।

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Disclaimer: यह रिपोर्ट पूरी तरह से थर्ड पार्टी मीडिया आउटलेट्स की रिपोर्ट पर आधारित है। मनीकंट्रोल ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही वह इनका समर्थन करता है।

Stocks to Watch : 17 जुलाई को इन 9 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबार से पहले कुछ कंपनियां खबरों में हैं। इनमें तिमाही नतीजे, बड़े डील, नई साझेदारी और कारोबारी अपडेट जैसे ट्रिगर शामिल हैं। ऐसे घटनाक्रम का असर आज इन शेयरों की चाल पर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 17 जुलाई को किन 9 शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Tech Mahindra

आईटी सर्विसेज कंपनी Tech Mahindra का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.8% बढ़कर ₹1,486.3 करोड़ हो गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान से कम रहा। कंपनी की कुल आय 4.2% बढ़कर ₹15,711.9 करोड़ रही, जो अनुमान से बेहतर है। इसने लगातार तीसरी तिमाही में 1 अरब डॉलर से ज्यादा के नए डील हासिल किए।

Wipro

आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro का कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू जून तिमाही में 1.2% घटा। यह प्रदर्शन TCS और HCLTech के मुकाबले कमजोर रहा। TCS ने 0.4% की ग्रोथ दर्ज की, जबकि HCLTech में 0.5% की गिरावट रही।

Jio Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Jio Financial Services का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 156% बढ़कर ₹830 करोड़ हो गया। डिविडेंड आय को छोड़कर कुल आय 141% बढ़कर ₹1,496 करोड़ रही। वहीं, प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 38% बढ़कर ₹505 करोड़ पहुंच गया।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज और सॉफ्टवेयर कंपनी Hexaware Technologies ने Factory के साथ नई साझेदारी की है। इसके तहत कंपनी वैश्विक ग्राहकों को AI आधारित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट समाधान उपलब्ध कराएगी। इसका फायदा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे सेक्टरों को मिलेगा।

Borosil Renewables

सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौट आई। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

Havells India

कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Havells India ने कर्नाटक के तुमकुरु स्थित अपने केबल प्लांट के विस्तार के लिए ₹255 करोड़ के अतिरिक्त निवेश का ऐलान किया है। इसके बाद प्लांट की सालाना केबल उत्पादन क्षमता 4,59,600 किमी से बढ़कर 7,34,640 किमी हो जाएगी।

Piramal Finance

NBFC कंपनी Piramal Finance का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 67% बढ़कर ₹461 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹276.3 करोड़ था।

Sky Gold and Diamonds

ज्वेलरी कंपनी Sky Gold and Diamonds ने बताया कि उसकी सहायक कंपनी Starmangalsutra Private Ltd को करीब ₹10.70 करोड़ का नुकसान हुआ है। यह नुकसान साइबर धोखाधड़ी की वजह से हुआ। कंपनी के एक कर्मचारी के ऑफिस मोबाइल और लैपटॉप का गलत इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।

Hathway Cable and Datacom

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी Hathway Cable and Datacom का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 21% घटकर ₹25 करोड़ रह गया। हालांकि, कंपनी की आय 6% से ज्यादा बढ़कर ₹565.1 करोड़ हो गई। EBITDA 13.9% घटकर ₹75.4 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 16.5% से घटकर 13.3% पर आ गया।

शेयरों में पैसा डूबने पर नाराज शख्स ने यूट्यूबर पर कर दिया जानलेवा हमला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Financial Q1 Results: जियो फाइनेंशियल का प्रॉफिट 156% बढ़कर 830 करोड़ रुपये पहुंचा, रेवेन्यू तीन गुना से ज्यादा

Jio Financial Q1 Results: जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने 16 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 156 फीसदी बढ़कर 830 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 325 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 17 जुलाई को कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा।

कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 227 फीसदी बढ़ा

Jio Financial Services का ऑपरेशंस से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में 227 फीसदी बढ़कर 2,004 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 612 करोड़ रुपये था। तिमाही दर तिमाही आधार पर जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 205 फीसदी बढ़कर 272 करोड़ रुपये रहा।

कुल इनकम में 141 फीसदी इजाफा

जून तिमाही में ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज में तेज उछाल के बावजूद कंपनी की कुल इनकम साल दर साल आधार पर 141 फीसदी बढ़कर 1,496 करोड़ रुपये रही। इसमें इंटरेस्ट इनकम में उछाल का बड़ा हाथ रहा। इस दौरान इंटरेस्ट इनकम 165 फीसदी बढ़कर 962 करोड़ रुपये हो गई। फीस और कमीशन से इनकम बढ़कर पांच गुना यानी 325 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की डिविडेंड इनकम जून तिमाही में 509 करोड़ रुपये रही।

कुल एक्सपेंसेज 291 फीसदी बढ़ा

जियो फाइनेंशियल का कुल एक्सपेंसेज जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 291 फीसदी बढ़कर 991 करोड़ रुपये रहा। इसमें ज्यादा फाइनेंस कॉस्ट, स्टाफ एक्सपेंसेज और दूसरे ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज का हाथ रहा। लेकिन, इनकम में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ से प्री-प्रोविजनिंग प्रॉफिट (PPOP) साल दर साल आधार पर 38 फीसदी बढ़कर 505 करोड़ रुपये रहा।

सभी वर्टिकल्स में अच्छी ग्रोथ 

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ हितेश सेठिया ने कहा, “हमारी सभी वर्टिकल्स में लगातार बिजनेस मोमेंटम से हमारे फुल-स्टॉक ईकोसिस्टम के स्ट्रॉन्ग आर्किटेक्चर की पुष्टि होती है। इससे हमारे एग्जिक्यूशन की ताकत का भी संकेत मिलता है। स्ट्रेटेजिक रूप से AI और डेटा एनालिटिक्स को इंटिग्रेट करने से हमें एफिशियंसी के मामले में काफी फायदा हुआ है।”

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एनबीएफसी बिजनेस का भी बेहतर प्रदर्शन

जियो फाइनेंशियल ने इनवेस्टर प्रजेंटेशन में बताया कि उसके एनबीएफसी बिजनेस ने लगातार अच्छी ऑर्गेनिक ग्रोथ दिखाई है। तिमाही डिस्बर्समेंट 11,000 करोड़ रुपये के पार हो गया। कंपनी के एसेट मैनेजमेंट बिजनेस का एयूएम जून तिमाही के अंत में 18,412 करोड़ रुपये पहुंच गया। रीइंश्योरेंस प्रीमियम अंडररिटेन ऑपरेशन की पहली तिमाही में 266 करोड़ रुपये रहा।

Q1 Results: घाटे से ₹86 करोड़ के मुनाफे में लौटी सोलर कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनी Borosil Renewables ने जून तिमाही (Q1FY27) में शानदार वापसी की है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹86.8 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹166.5 करोड़ का घाटा हुआ था।

रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत

जून तिमाही में बोरोसिल रिन्यूएबल्स का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 17.1% बढ़कर ₹405.7 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹346.6 करोड़ था। वहीं, EBITDA बढ़कर ₹127.2 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹63.1 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 18.2% से बढ़कर 31.3% हो गया। इससे पता चलता है कि कंपनी की कमाई और लागत नियंत्रण दोनों में सुधार हुआ है।

आगे क्या है कंपनी का प्लान?

बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका ने कहा है कि FY28 तक इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 60% बढ़ाने का लक्ष्य है।

उनके मुताबिक, नई क्षमता इस साल शुरू होने की उम्मीद है। FY27 में करीब 8% वॉल्यूम ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद है।

बोरोसिल का मुनाफा कैसे बढ़ा?

हाल में सरकार ने चीन और वियतनाम से आने वाले सस्ते सोलर ग्लास पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है।

इससे Borosil Renewables जैसी घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात से मुकाबले में राहत मिली है। साथ ही, बेहतर प्राइसिंग और मार्जिन का भी फायदा मिला है।

बोरोसिल के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले 16 जुलाई को Borosil Renewables का शेयर 0.44% गिरकर ₹617.80 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में कंपनी ने 14.29% का रिटर्न दिया है। इसका मार्केट कैप 8.59 हजार करोड़ रुपये है।

बोरोसिल का बिजनेस क्या है

Borosil Renewables भारत की प्रमुख सोलर ग्लास निर्माता कंपनी है। कंपनी सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाला लो-आयरन टेक्सचर्ड ग्लास बनाती है। इसके उत्पाद सोलर मॉड्यूल निर्माताओं को सप्लाई किए जाते हैं। कंपनी का कारोबार भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी फैला हुआ है।

Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंचा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंचा

Tech Mahindra Q1 Profit: टेक महिंद्रा ने 16 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1,141 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ था। कंपनी का प्रॉफिट सीएनबीसी-टीवी18 के अनुमान से कम है। सीएनबीसी-टीवी18 ने प्रॉफिट 1,684 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था।

जून तिमाही में सभी वर्टिकल्स में ग्रोथ

जून तिमाही में नई डील की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1 अरब डॉलर रही, जो साल दर साल आधार पर 33 फीसदी ज्यादा है। कंपनी के सीईओ मोहित जोशी ने कहा, “साल दर साल आधार पर 6.1 फीसदी ग्रोथ के साथ लगातार तीन तिमाहियों में 1 अरब डॉलर की नई डील से हमारे बिजनेस की मजबूती का पता चलता है। क्लाइंट्स से लगातार गहरे होते रिश्ते भी उत्साहजनक है। 5 करोड़ डॉलर से ज्यादा के क्लाइंट्स बेस में 7 फीसदी इजाफा हुआ। साल दर साल आधार पर सभी वर्टिकल्स ने ग्रोथ दिखाई। “

पहली तिमाही में रेवेन्यू 18 फीसदी बढ़ार्र

Tech Mahindra का रेवेन्यू जून तिमाही में 18 फीसदी बढ़कर 15,712 करोड़ रुपये रहा। एनालिस्ट्स ने रेवेन्यू 15,476 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। कंपनी का EBIT मार्जिन 14.4 फीसदी रहा। यह साल दर साल आधार पर 330 बेसिस प्वाइंट्स और तिमाही दर तिमाही आधार पर 60 बेसिस प्वाइंट्स ज्यादा है।

कम्युनिकेशंस डिवीजन का रेवेन्यू 1.3 फीसदी बढ़ा

टेक महिंद्रा के सीएफओ रोहित आनंद ने कहा, “जून तिमाही में अच्छी ग्रोथ, मार्जिन में इजाफा और अनुशासित पूंजी प्रबंधन के साथ हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा। हम फ्यूचर रेडी ऑर्गेनाइजेशन बनने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।” जून तिमाही में कंपनी के कम्युनिकेशंस डिवीजन का रेवेन्यू 1.3 फीसदी बढ़ा। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इस डिवीजन की हिस्सेदारी एक-तिहाई है।

नई ऑर्डर बुकिंग्स 1 अरब डॉलर के पार

टेक महिंद्रा के मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 17.2 फीसदी बढ़ा। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इसकी दूसरी सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। कंपनी की नई ऑर्डर बुकिंग एक साल पहले के 80.9 करोड़ डॉलर से बढ़कर 1.08 अरब डॉलर हो गई। कंपनी ने जून तिमाही में Telefonica Germany, Microsoft और रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म Viam के साथ पार्टनरशिप का ऐलान किया।

कंपनी के शेयरों पर 17 जुलाई को दिखेगा असर

टेक महिंद्रा का शेयर 16 जुलाई को 1.13 फीसदी चढ़कर 1,515.60 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर 17 जुलाई को दिखेगा। बीते एक साल में कंपनी का शेयर 5.74 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 23 फीसदी गिरा है।

शेयरों में पैसा डूबने पर नाराज शख्स ने यूट्यूबर पर कर दिया जानलेवा हमला

शेयर बाजार में निवेश के साथ रिस्क जुड़ा होता है। शेयरों में निवेश से पहले यह बात समझना जरूरी है। कई बार किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर फायदा होता है। कभी-कभी निवेश पर नुकसान उठाना पड़ता है। सवाल है कि किसी एक्सपर्ट की सलाह पर निवेश करने पर नुकसान हो जाए तो क्या आपको एक्सपर्ट पर नाराज होना चाहिए? दरअसल, दक्षिण कोरिया में एक इनवेस्टर ने एक फिनफ्लूएंसर पर इसलिए जानलेवा हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसे बड़ा लॉस हुआ था।

लॉस से नाराज शख्स ने बनाया हमले का प्लान

यह मामला दक्षिण कोरिया के बुसान का है। एक यूट्यूबर पर उसके एक सब्सक्राइबर ने इसलिए हमला कर दिया, क्योंकि उसकी सलाह पर निवेश करने से उसके पैसे डूब गए। पुलिस के मुताबिक, हमलावर की उम्र 20 साल से कुछ ज्यादा है। बताया जाता है कि उसने फिनफ्लूएंसर का पीछा किया और मौका मिलते ही एक कमर्शियल बिल्डिंग में उस पर जानलेवा हमला कर दिया। चाकू से कई बार हमला करने के बाद वह फरार हो गया।

पुलिस ने दो घंटे बाद ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया

घटना के करीब दो घंटे बाद हमलावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर यूट्यूबर की सलाह पर शेयरों में निवेश करता था। काफी पैसा डूबने पर वह नाराज हो गया और यूट्यूबर पर हमले का प्लान बनाया। उसने यूट्यूबर का पीछा किया और मौका मिलते ही उस पर हमला कर दिया।

यूट्यूबर की स्थिति खतरे से बाहर

हमले में यूट्यूबर बुरी तरह से घायल हो गया। हालांकि, उसकी जान बच गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमलावर ने किस तरह पूरी साजिश रची और कहां से हथियार हासिल किया।

बीते एक साल में कोस्पी 114% चढ़ा

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते एक साल में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है। बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी इस दौरान 114 फीसदी चढ़ा है। कई कंपनियों के शेयरों की कीमतें इस दौरान कई गुनी हो गई हैं। इसमें चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों खासकर SK Hynix और Samsung Electronics का बड़ा हाथ है। इन दोनों शेयरों की कोस्पी में 50 फीसदी से ज्यादा वेटेज है। SK Hynix के शेयर ने एक साल में 522 फीसदी रिटर्न दिया है। Samsung Electronics का शेयर एक साल में 294 फीसदी चढ़ा है।

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एक महीने में कोस्पी 22 फीसदी गिरा है

शेयर बाजार में तेजी का फायदा उठाने के लिए लोगों ने शेयरों में जमकर पैसे लगाए। अब बाजार में गिरावट आ रही है तो उन्हें नुकसान हो रहा है। 16 जुलाई को कोस्पी में बड़ी गिरावट आई। यह 6.37 फीसदी गिर गया। बीते एक महीने में कोस्पी करीब 22 फीसदी गिरा है। इससे कई निवेशकों को ब़़ड़ा नुकसान हुआ है। ज्यादा परेशान वे निवेशक हैं, जिन्होंने उधार लेकर शेयरों में निवेश किया था।

Wipro Q1 Results: आईटी कंपनी को ₹3352 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 10% बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Wipro Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर ₹3,352 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,330 करोड़ था।

कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹24,479 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान ₹24,776 करोड़ से थोड़ा कम रहा। कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

आईटी सर्विसेज कारोबार में कैसी रही ग्रोथ?

तिमाही के दौरान विप्रो का ग्रॉस रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1% बढ़ा। वहीं, आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.61 अरब डॉलर रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 1.4% कम, लेकिन सालाना आधार पर 1% ज्यादा है।

कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर आईटी सर्विसेज रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.2% घटा, जबकि सालाना आधार पर इसमें 0.9% की बढ़त रही।

बड़े डील्स बढ़े, लेकिन कुल बुकिंग घटी

विप्रो की जून तिमाही में कुल बुकिंग 3.37 अरब डॉलर रही। यह कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर पिछली तिमाही से 2.4% कम है।

हालांकि, बड़े डील्स (Large Deals) की बुकिंग 12.9% बढ़कर 1.63 अरब डॉलर पहुंच गई।

मार्जिन और कर्मचारियों का हाल

आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस प्वाइंट और पिछले साल के मुकाबले 120 बेसिस प्वाइंट कम है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹3,288 करोड़ रहा, जो कंपनी की शुद्ध आय का 98% है।

वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर कर्मचारियों की स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की दर (Voluntary Attrition) 13.9% रही।

अगली तिमाही के लिए क्या अनुमान?

जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए Wipro ने आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.57 अरब डॉलर से 2.63 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान दिया है। इसका मतलब है कि कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 1.5% तक की गिरावट या 0.5% तक की बढ़त हो सकती है।

विप्रो ने क्या कहा?

Wipro के CEO और MD श्रीनी पलिया ने कहा कि अब ग्राहक सिर्फ टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन तक सीमित नहीं हैं। वे AI बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल अपना रहे हैं। इससे काम की क्वालिटी, प्रोडक्टविटी और एफिशिएंसी बढ़ रही है।

वहीं, CFO अपर्णा अय्यर ने कहा कि कंपनी शॉर्ट टर्म मार्जिन दबाव के बावजूद कर्मचारियों और अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में निवेश जारी रखेगी।

₹2 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

विप्रो के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर (100%) अंतरिम डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। कंपनी ने 27 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान 14 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।

हाल ही में पूरा हुआ बायबैक

विप्रो ने जून तिमाही के दौरान 60 करोड़ शेयरों का बायबैक भी पूरा किया। यह बायबैक ₹250 प्रति शेयर के भाव पर किया गया। इस पर कुल ₹15,049.7 करोड़ खर्च हुए। बायबैक पूरा होने के बाद कंपनी की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Capital) भी घट गई है।

विप्रो के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले गुरुवार को Wipro का शेयर 1.75% बढ़कर ₹177.70 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 33.56% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.86 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: 3 कंपनियां मिलकर देने वाली हैं ₹845 प्रति शेयर का बंपर डिविडेंड, 17 जुलाई रिकॉर्ड डेट

3 कंपनियां मिलकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 845 रुपये तक का शानदार डिविडेंड देने वाली हैं। ये कंपनियां हैं- 3M India, MRF और Honeywell Automation। तीनों कंपनियों के डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 17 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले यानि कि 16 जुलाई को मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

सबसे पहले बात करते हैं सबसे ज्यादा डिविडेंड दे रही कंपनी की। 3M India Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 506 रुपये का डिविडेंड मिलने वाला है। 506 रुपये के डिविडेंड अमाउंट में 160 रुपये का फाइनल डिविडेंड और 346 रुपये का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। 3M India के डिविडेंड पर अगस्त में होने वाली सालाना आम ​बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 30 दिनों के अंदर किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 160 रुपये का फाइनल डिविडेंड और 375 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दिया था।

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। BSE पर वर्तमान कीमत 35426.55 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 40000 करोड़ रुपये के करीब है। 3M India का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 3M India Ltd, अमेरिका की 3M Company का हिस्सा है। 3M Company एक डायवर्सिफाइड टेक्नोलॉजी और साइंस कंपनी है। यह सेफ्टी एंड इंडस्ट्रियल, ट्रांसपोर्टेशन एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, और कंज्यूमर सेगमेंट में कारोबार करती है।

MRF का ₹229 का डिविडेंड

टायर कंपनी MRF Ltd वित्त वर्ष 2026 के लिए 229 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इस डिविडेंड का ऐलान मई महीने में हुआ था। इस पर 6 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 17 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। इससे पहले MRF वित्त वर्ष 2026 के लिए दो बार में 3-3 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने दो बार 3-3 रुपये का अंतरिम और 229 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

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MRF के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कीमत वर्तमान में BSE पर 131445.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 55700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 27.77 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Honeywell Automation का ₹110 का डिविडेंड

Honeywell Automation 110 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है। इस पर 29 जुलाई को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कीमत BSE पर 39100 रुपये है। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 105 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। कंपनी का मार्केट कैप 34500 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।