Xtranet Technologies IPO: ₹170 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 जुलाई से, ग्रे मार्केट में अभी से 20% उछला शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज का ₹170 करोड़ का IPO 23 जुलाई को खुलने जा रहा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर है। लॉट साइज 110 शेयर है। पब्लिक इश्यू में 1.34 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी एक इंटीग्रेटेड IT सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह एंटरप्राइज एप्लिकेशंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज, प्रोप्राइटरी प्लेटफॉर्म्स और स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप्स जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज के प्रमोटर सुखबीर सिंह कुकरेजा, जोगेंद्रपाल सिंह अलघ और शाइनी ​सुखबीर हैं। IPO में एंकर निवेशक 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। उसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को लिस्ट होंगे। इस IPO के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार, Kfin Technologies Ltd है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह से चुकाने के लिए, सिस्टम्स और हार्डवेयर की खरीद व इंस्टॉलेशन के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। Xtranet Technologies में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹127 से 19.69% प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

IPOs This Week: 20 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 5 नए इश्यू, 5 कंपनियां होंगी लिस्ट

Xtranet Technologies की वित्तीय स्थिति

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 32% बढ़कर ₹366 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹276.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 36% की बढ़ोतरी के साथ ₹40.73 करोड़ रहा। EBITDA ₹63.18 करोड़ दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025 में शुद्ध मुनाफा ₹30 करोड़ और EBITDA ₹47.20 करोड़ रहा था। वित्त वर्ष 2026 में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज पर ₹85.45 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ITC Hotels के शेयर में 36% तक उछाल का दम, Q1 नतीजों के बाद ICICI Securities ने दोहराई Buy रेटिंग

ITC होटल्स के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities बुलिश बनी हुई है। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। लेकिन टारगेट प्राइस 229 रुपये प्रति शेयर से घटाकर 235 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। फिर भी नया टारगेट, शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 172.45 रुपये से 36 प्रतिशत ज्यादा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35.4 प्रतिशत बढ़कर 180.25 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 133.10 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 936.02 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 815.54 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में ITC होटल्स के खर्च 750 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 674.97 करोड़ रुपये के थे। EBITDA सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर 292.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 31.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।

ITC Hotels पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि ITC होटल्स ने होटल रेवेन्यू में 10% और होटल EBITDA में 13% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। वह भी तब जब भूराजनीतिक तनावों की वजह से अप्रैल 2026 की परफॉर्मेंस पर असर पड़ा था। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में रिकवरी जारी रहने की उम्मीद है। ITC होटल्स को अक्टूबर 2026-मार्च 2027 में डिमांड में तेज सुधार की उम्मीद है। ICICI Securities का अनुमान है कि नए होटल खुलने की वजह से FY26–29E के दौरान RevPAR CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 9% और मैनेजमेंट फीस CAGR 16% रहेगी। इसलिए अनुमान है कि FY26–29E के दौरान ITC होटल्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11% CAGR और EBITDA 14% CAGR से बढ़ेगा।

इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर ब्रोकरेज ने ITC Hotels के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन टारगेट प्राइस घटा दिया है। ब्रोकरेज ने मुख्य जोखिमों में होटल ऑक्यूपेंसी में सुस्ती और नए होटलों को शुरू करने में देरी को शामिल किया है।

ITC Hotels का मार्केट कैप 35900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Reliance Retail का रेवेन्यू जून तिमाही में 7.4 फीसदी बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये पहुंचा

रिलायंस रिटेल वेंचर्स का रेवेन्यू जून तिमाही में 7.4 फीसदी बढ़कर 90,408 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 84,171 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से एबिड्टा 1.8 फीसदी गिरककर 5,935 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,044 करोड़ रुपये था।

टैक्स बाद प्रॉफिट 2806 करोड़ रुपये

रिलायंस रिटेल का टैक्स बाद प्रॉफिट जून तिमाही में 2,806 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 80 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 7.9 फीसदी रहा। कंपनी ने 17 जुलाई को यह जानकारी दी। रिलायंस रिटेल रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिटेल इकाई है।

सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल का अच्छा प्रदर्शन

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “जून तिमाही में रिलायंस रिटेल की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रही। सभी कंजम्प्शन फॉरमैट और चैनल्स का प्रदर्शन अच्छा रहा। हमारा ओमिनी-चैनल करोड़ों भारतीय कंज्यूमर्स को सेवाएं दे रहा है। मुझे भरोसा है कि इसे लंबी अवधि में भारत में कंजम्प्शन ग्रोथ का फायदा मिलेगा।”

जून तिमाही में कंपनी ने 252 नए स्टोर ओपन किए

रिलायंस रिटेल ने जून तिमाही में 252 नए स्टोर ओपन किए। इससे कंपनी के स्टोर की कुल संख्या बढ़कर 20,169 पहुंच गई। रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या बढ़कर 10 फीसदी बढ़कर 39.6 करोड़ हो गई। कंपनी के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जियोमार्ट का प्रदर्शन भी स्ट्रॉन्ग रहा। ग्रॉसरी ऑर्डर की संख्या साल दर साल आधार पर 116 फीदी बढ़ी।

सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ

आरआरवीएल की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “रिलायंस रिटेल ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी कंजम्प्शन बास्केट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। डिजिटल कॉमर्स में हमारे लगातार निवेश से हमारे डिजिटल प्लेफॉर्म्स में आ रहे बदलाव का पता चलता है।”

यह भी पढ़ें: Reliance Industries Q1 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार की उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन, सभी बिजनेसेज की ग्रोथ डबल डिजिट में रही

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का भी अच्छा प्रदर्शन

कंपनी के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा। इसमें एयर कंडिशनर्स, लैपटॉप, मोबाइल फोन और स्मॉल अप्लायंसेज की अच्छी सेल्स का हाथ रहा। फैशन और लाइफस्टाइल बिजनेस की ग्रोथ अच्छी रही। इसकी लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4 फीसदी रही। इसमें Shein और Ajio Luxe का हाथ रहा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रॉफिट जून तिमाही में 9.2 फीसदी बढ़ा, एआरपीयू 215 रुपये पहुंचा

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रॉफिट जून तिमाही में 9.2 फीसदी बढ़ा। इसमें मोबिलिटी और होम सर्विसेज सब्सक्राइबर्स की अच्छी ग्रोथ का हाथ रहा। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 7,108 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 17 जुलाई को नतीजों का ऐलान किया।

जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 11.8 फीसदी बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 35,032 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान कुल रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 45,961 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 15.1 फीसदी बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 18,135 करोड़ रुपये था। जियो ने कहा है कि ग्रोथ पर हायर फाइनेंस कॉस्ट और 5जी एसेट कैपिटलाइजेशन की वजह से डेप्रिसिएशन का असर पड़ा।

जियो का एआरपीयू साल दर साल आधार पर 3.3 फीसदी बढ़कर 215.6 करोड़ रुपये रहा। प्रति व्यक्ति डेटा कंजम्प्शन 43.7 जीबी प्रति माह रहा। जून तिमाही में टोटल डेटा ट्रैफिक साल दर साल आधार पर 26.9 फीसदी बढ़ा। जियो के कुल सब्सक्राइबर की संख्या बढ़कर 53.3 करोड़ हो गई। इसमें 5जी के 28.5 करोड़ सब्सक्राइबर शामिल हैं।

कंपनी ने बताया कि डिजिटल सर्विसेज का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 20 फीसदी बढ़ा। इसमें कंटेंट, क्लाउंड कंप्यूटिंग, IoT और मैनेज्ड सर्विसेज का हाथ रहा। कनेक्टिविटी की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 11 फीसदी रही।

जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम अंबानी ने कहा, “जियो ने खुद को एक डीप-टेक कंपनी के रूप में स्थापित किया है। इसने कई एडवान्स्ड टेक्नोलॉजीज में इनोवेशन की रफ्तार दिखाई है। इसका पता हमारे स्ट्रॉन्ग पेटेंट पोर्टफोलियो से मिलता है, जिसे दुनियाभर में पहचान मिली है।”

Reliance Industries Q1 Results: कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रहा, उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन

Reliance Industries Q1 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। सभी प्रमुख सेगमेंट यानी ऑयल-टू-केमिकल (ओ2सी), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल की ग्रोथ डबल डिजिट में रही। इससे आरआईएल को बीते कुछ सालों में एनर्जी मार्केट में आए सबसे बड़े संकट का सामना करने में मदद मिली।

RIL का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें सभी बिजनेस सेगमेंट के अच्छे प्रदर्शन का हाथ रहा। रेकरिंग कंसॉलिडेटेड EBITDA एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10.1 फीसदी बढ़कर 54,067 करोड़ रुपये रहा। टैक्स से पहले प्रॉफिट (PBT) 8.5 फीसदी बढ़कर 30,630 करोड़ रुपये रहा।

आरआईएल का टैक्स बाद रेकरिंग प्रॉफिट (मॉइनरिटी इंटरेस्ट से पहले) जून तिमाही में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 6.1 फीसदी बढ़कर 23,196 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। हालांकि, रिपोर्टेड प्रॉफिट में गिरावट आई। इसकी वजह यह है कि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बेचने से 8,924 करोड़ रुपये का वन-टाइम गेन हुआ था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही में 38,682 करोड़ रुपये का निवेश किया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो से कंपनी को पूंजीगत खर्च करने में मदद मिली। जून तिमाही के अंत में कंपनी पर शुद्ध कर्ज (Net Debt) 1.23 लाख करोड़ रुपये पर बना रहा। आरआईएल ने 17 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

RIL के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “रिलायंस ने FY27 की अच्छी शुरुआत की है। सभी बिजनेसेज का प्रदर्शन मजबूत रहा। हमारे विविध बिजनेस पोर्टफोलियो ने एक बार ऐसी तिमाही में अपनी ताकत दिखाई है, जिसमें जियोपॉलिटिकल टेंशन लगातार बना रहा और कमोडिटी मार्केट्स में उतार-चढ़ाव रहा।”

Tech Mahindra Share Price: मुनाफा 28% बढ़ने के बाद शेयर 4% तक चढ़ा, अब क्या हो निवेशकों की स्ट्रैटेजी?

IT कंपनी टेक महिंद्रा के शेयरों में 17 जुलाई को अच्छी तेजी है। दिन में शेयर BSE पर पिछले बंद भाव से 3.8 प्रतिशत तक चढ़कर 1569.65 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। अच्छे तिमाही नतीजों के चलते शेयर खरीद बढ़ी है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 28.4 प्रतिशत बढ़कर 1465.1 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 1140.6 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 17.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15712 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 13351.2 करोड़ रुपये था। EBIT 2264 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBIT मार्जिन 14.4 प्रतिशत दर्ज किया गया। टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) डील 1.078 अरब डॉलर की रहीं। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 33.3 प्रतिशत ज्यादा है।

जून 2026 तिमाही में डॉलर के लिहाज से टेक महिंद्रा का रेवेन्यू 166 करोड़ डॉलर रहा। यह तिमाही आधार पर 2.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 6.1 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या तिमाही आधार पर 863 घटकर 1,46,760 कर्मचारी रह गई।

Tech Mahindra के शेयर पर ब्रोकरेज की राय

HSBC ने टेक महिंद्रा के शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 1,635 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। मार्जिन में बढ़ोतरी सही दिशा में चल रही है और मैनेजमेंट का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के आखिर तक 15 प्रतिशत EBIT मार्जिन हासिल करना है। कंपनी की ग्रोथ अपने साथियों की तुलना में बेहतर है, जो इसके शेयर की प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराती है।

नोमुरा ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस 1,600 रुपये दिया है। ब्रोकरेज ने कहा कि टेक महिंद्रा ने मुख्य ऑपरेटिंग पैमानों पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है और FY27 के लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर है। जेफरीज ने तिमाही नतीजों के बाद FY27-29 के लिए कमाई के अनुमानों को 6-8 प्रतिशत बढ़ा दिया है। लेकिन 1,260 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि शेयर की वैल्यूएशन काफी ऊंची बनी हुई है।

Reliance Industries Share Price: Q1 नतीजों से पहले शेयर 2% उछला, तिमाही आधार पर 4% बढ़ सकता है EBITDA

टेक महिंद्रा के शेयर के लिए ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1780 रुपये प्रति शेयर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की जून तिमाही परफॉर्मेंस शानदार रही है। कंपनी के मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 में कॉम्पिटीटर्स के औसत से अधिक रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने के अपने भरोसे को दोहराया है। साथ ही 15 प्रतिशत EBIT मार्जिन हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।

उम्मीद से बेहतर काम-काज, ग्रोथ की बेहतर संभावनाओं और मजबूत डील मोमेंटम को देखते हुए प्रभुदास लीलाधर ने FY27E/FY28E के लिए कॉन्स्टैंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ अनुमानों को बढ़ाकर 6.0%/5.4% कर दिया है। पहले अनुमान 4.8%/5.8% की रेवेन्यू ग्रोथ के थे। EBIT मार्जिन अनुमानों को भी 14.5%/15.0% से बढ़ाकर 14.8%/15.1% कर दिया है। FY27E और FY28E दोनों के लिए प्रति शेयर अर्निंग्स में 2.2% बढ़ोतरी की उम्मीद है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Polycab India Share Price: अपने हाई से 12% से ज्यादा टूटा शेयर, Q1 नतीजों के बाद आज 4% गिरा, क्या निवेश का है ये सही मौका

Polycab India Share Price: वायर्स एंड केबल्स कंपनी पॉलीकैब इंडिया (Polycab India) के शेयर शुक्रवार को लगभग 4 फीसदी गिरा है, जिससे लगातार तीसरे सेशन में नुकसान बढ़ा। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर फाइनेंशियल पहली तिमाही की कमाई बताई। ब्रोकरेज जेफरीज और HSBC ने स्टॉक पर अपनी बुलिश रेटिंग बनाए रखी।

दोपहर के ट्रेड में पॉलीकैब के शेयर 3.96 परसेंट गिरकर 8,850 रुपये पर आ गए, जिससे यह स्टॉक NSE मिडकैप 50 पर टॉप लूजर बन गया। गुरुवार को 1.2 फीसदी गिरने के बाद, स्टॉक अब शुक्रवार समेत तीन सेशन में 7.2 फीसदी गिर चुका है।

हालिया करेक्शन के बावजूद, पॉलीकैब के शेयर 2026 में अब तक 15.5 फीसदी ऊपर हैं । कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.33 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा है।

यह गिरावट तब आई जब पॉलीकैब ने जून तिमाही के नतीजे बताए जो सभी ज़रूरी पैरामीटर पर स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर थे। रेवेन्यू साल-दर-साल 39 फीसदी बढ़कर 8,209 करोड़ रुपये हो गया, जो CNBC-TV18 पोल के 7,902 करोड़ रुपये के अनुमान से ज़्यादा है। पिछले साल इसी तिमाही में रेवेन्यू 5,906 करोड़ रुपये था।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

कमाई के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल में, मैनेजमेंट ने कहा कि उसका घरेलू वायर्स और केबल्स (W&C) बिज़नेस साल-दर-साल 43% बढ़ा, जबकि कुल W&C रेवेन्यू 38% बढ़ा, जो स्ट्रीट की लगभग 35% की उम्मीदों से ज़्यादा है। कंपनी ने कहा कि वॉल्यूम ग्रोथ हाई बेस पर लो-टू-मिड सिंगल डिजिट में रही, जिसमें वायर्स ने केबल्स से बेहतर परफॉर्म किया।

हालांकि, मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल दिक्कतों के कारण एक्सपोर्ट में साल-दर-साल 12% की गिरावट आई, जिससे सेल्स में उनका योगदान एक साल पहले के 5.2% से घटकर 3.3% हो गया।

पॉलीकैब ने अपने मीडियम-टर्म EBITDA मार्जिन गाइडेंस 11-13% को दोहराया और कहा कि उसका फास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) बिज़नेस FY30 तक 8-10% मार्जिन हासिल करने के लिए ट्रैक पर है। उसे यह भी उम्मीद है कि भारतनेट प्रोजेक्ट का काम तेज़ी से पूरा होगा, और FY27 में ₹800-1,000 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की संभावना है।

शेयर पर क्या है ब्रोकरेज की राय

नतीजों के बाद, जेफरीज ने अपनी ‘Buy’ रेटिंग दोहराई और अपना टारगेट प्राइस ₹10,920 से बढ़ाकर ₹11,100 कर दिया, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से लगभग 25% की बढ़त होगी।

ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के अपने कमाई के अनुमान 2-3% बढ़ा दिए हैं और FY26-FY29 के दौरान 22% EPS CAGR की उम्मीद है, पॉलीकैब को भारत के पावर और कैपिटल खर्च साइकिल पर एक दांव के तौर पर बताया है।

वहीं HSBC ने भी ₹10,160 के टारगेट प्राइस के साथ ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है, जिसका मतलब है कि इसमें लगभग 14% की बढ़त हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि वायर और केबल बिज़नेस में मजबूत रियलाइज़ेशन और FMEG के मज़बूत परफॉर्मेंस की वजह से कमाई में लगभग 10% की बढ़ोतरी हुई, जबकि डिमांड, कैपेसिटी बढ़ाने और FMEG स्केल-अप से FY26-FY29 के दौरान 21% EPS CAGR की उम्मीद है। इसने कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मुख्य रिस्क बताया।

पॉलीकैब पर कवरेज करने वाले 34 एनालिस्ट में से 23 ने “Buy” रेटिंग दी है, 9 ने “Hold” रेटिंग दी है और दो ने “Sell” रेटिंग दी है।

सुबह 13.22 बजे तक स्टॉक 3.72% गिरकर ₹8,872 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले साल इसमें लगभग 29% की बढ़त हुई है।  पिछले तीन महीनों में इसमें 48 फीसदी की ज़बरदस्त तेज़ी आई थी। स्टॉक 22 जून, 2026 को ₹10,126 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। अपने हाई से स्टॉक 12.5 परसेंट नीचे आ चुका है। 12 अगस्त, 2025 को यह 52 हफ़्ते के सबसे निचले स्तर ₹6,620 पर पहुंच गया।

Jio Financial share price: Q1 नतीजों के बाद शेयर 4% दौड़ा, अब खरीदें, बेचें या रहें बने, जानिए क्या कहते है बाजार जानकार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Reliance Industries Share Price: Q1 नतीजों से पहले शेयर 2% उछला, तिमाही आधार पर 4% बढ़ सकता है EBITDA

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे आज, 17 जुलाई को जारी होने वाले हैं। पहले बोर्ड मीटिंग में इन पर चर्चा की जाएगी और इन्हें मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। तिमाही परफॉरमेंस की घोषणा से पहले RIL के शेयर में तेजी है। दिन में BSE पर शेयर की कीमत पिछले बंद भाव से लगभग 2.5 प्रतिशत तक उछलकर 1323.80 रुपये के हाई तक गई।

एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि कंपनी का अलग-अलग क्षेत्रों में फैला कारोबार, रिफाइनिंग मार्जिन में मजबूती और पेट्रोकेमिकल कारोबार से बेहतर मुनाफा, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के असर को कम करने में मदद करेगा। CNBC-TV18 के एक पोल के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज जून 2026 तिमाही में पिछली तिमाही के मुकाबले 3.7 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 3.05 लाख करोड़ रुपये की आय दर्ज कर सकती है। EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो सकता है। मार्जिन 15 प्रतिशत पर स्थिर रह सकता है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है RIL

RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17.86 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 16 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,611.20 रुपये और एडजस्टेड लो 1,253.65 रुपये है।

Stock Market Rally: सेंसेक्स 800 अंक तक उछला, निफ्टी 24250 के करीब; बाजार में 4 कारणों से तेजी

जियो फाइनेंशियल के कैसे रहे नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने जून 2026 तिमाही के नतीजे एक दिन पहले यानि कि 16 जुलाई को जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 227.28 प्रतिशत बढ़कर 2,004.47 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 612.46 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा एक साल पहले से 155.7 प्रतिशत बढ़कर 830.25 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में मुनाफा 324.66 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Disclaimer:मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Stocks to Watch: आज 17 जुलाई को Wipro, Tech Mahindra, RIL, Ceat समेत ये शेयर फोकस में, बड़ी उठापटक के आसार

शुक्रवार, 17 जुलाई को विप्रो, टेक महिंद्रा, सिएट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पीसी ज्वेलर, कोल इंडिया, टाटा टेक्नोलोजिज समेत कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज वित्तीय नतीजे जारी करने वाली हैं। कई कंपनियों ने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा 60 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 17 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

रिलायंस इंडस्ट्रीज, हैवेल्स इंडिया, JSW स्टील, टाटा टेक्नोलोजिज, पूनावाला फिनकॉर्प, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, फेडरल बैंक, RBL बैंक, तत्व चिंतन फार्मा केम, ग्लोबस स्पिरिट्स, ओबेरॉय रियल्टी, टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस और विविमेड लैब्स

18 जुलाई को इन कंपनियों के नतीजे

HDFC बैंक, ICICI बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, IDBI बैंक, यस बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडिया सीमेंट्स, JK सीमेंट, भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स, कैन फिन होम्स और रोसारी बायोटेक

आज इन शेयरों पर रहेगी खास नजर

Wipro: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर ₹3,356.3 करोड़ हो गया। IT सर्विस रेवेन्यू 10.7% बढ़कर ₹24,452.9 करोड़, IT सर्विस डॉलर रेवेन्यू 1% बढ़कर $261.45 करोड़ रहा। IT सर्विस ऑपरेटिंग मार्जिन 130 bps घटकर 16% रहा। कंपनी ने Q2 में IT सर्विस डॉलर रेवेन्यू $257.4-262.7 करोड़ रहने का अनुमान जताया है।

Tech Mahindra: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 31.7% बढ़कर ₹1,486.3 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 17.7% बढ़कर ₹15,711.9 करोड़ हो गया। डॉलर रेवेन्यू 6.1% बढ़कर $166 करोड़ और EBIT मार्जिन 330 bps बढ़कर 14.4% रहा।

WeWork India Management: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर ₹4.3 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 27.7% बढ़कर ₹683.8 करोड़ हो गया।

Ceat: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 96.4% घटकर ₹4 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 22.4% बढ़कर ₹4,318 करोड़ हो गया। एक्सेप्शनल लॉस बढ़कर ₹7 करोड़ हो गया।

Piramal Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा एक साल पहले से 66.8% उछलकर 461 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 27.6% बढ़कर 3,368.3 करोड़ रुपये हो गया।

Borosil Renewables: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 86.8 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी 166.6 करोड़ रुपये के नुकसान में थी। रेवेन्यू 17% बढ़कर 405.7 करोड़ रुपये रहा।

5paisa Capital: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 0.2% बढ़कर 11.6 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 13.7% बढ़कर 88.3 करोड़ रुपये हो गया।

Coal India: कंपनी को गुजरात के खावड़ा में 300 MW के सोलर पावर प्रोजेक्ट में से 200 MW सोलर पावर क्षमता के लिए गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) से कमीशनिंग सर्टिफिकेट मिला है।

PC Jeweller: कंपनी के बोर्ड ने एक या एक से ज्यादा राउंड में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए इक्विटी शेयर जारी करके 1,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दी है।

Maruti Suzuki India: कंपनी रायपुर के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन के 14 जुलाई के आदेश को चुनौती देगी। कमीशन ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह एक ग्राहक की गाड़ी को नए E20-कम्पैटिबल मॉडल से बदले। ग्राहक ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से जुड़ी समस्याओं की शिकायत की थी। कंपनी ने कहा कि इस मामले में शामिल गाड़ी पहले से ही E20-कम्पैटिबल थी और E20 फ्यूल पर चलने में पूरी तरह सक्षम थी, जैसा कि ओनर मैनुअल में बताया गया है। यह कार ग्राहक को जून 2024 में बेची गई थी, लेकिन इसे जनवरी 2023 में बनाया गया था।

मारुति सुजुकी का यह भी कहना है कि ग्राहक की गाड़ी से लिए गए फ्यूल में मिलावट के सबूत मिले थे और कई अन्य जरूरी बातें कमीशन के आदेश में शामिल नहीं की गईं।

बल्क डील्स

Laser Power and Infra: निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 44.22 करोड़ रुपये के दो ट्रांजेक्शंस के जरिए लेजर पावर एंड इंफ्रा में अतिरिक्त 16.95 लाख शेयर खरीदकर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। बॉयंट अपॉर्चुनिटीज स्ट्रैटेजी और बॉयंट अपॉर्चुनिटीज़ स्ट्रैटेजी-III ने 53.8 करोड़ रुपये में 20 लाख शेयर खरीदे हैं। BofA सिक्योरिटीज यूरोप SA ने 23.63 करोड़ रुपये के 9 लाख शेयर खरीदे, जबकि बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने 24.83 करोड़ रुपये में 9.43 लाख शेयर खरीदे।

Ramkrishna Forgings: स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने 74.01 करोड़ रुपये में 12.89 लाख शेयर बेचे हैं।

Nilkamal: सुनील सिंघानिया की कंपनी अबाकस इनवेस्टमेंट मैनेजर्स ने 37.39 करोड़ रुपये में 2.8 लाख शेयर खरीदे हैं।

Asian Market Today: चिप शेयरों में फिर तेज हुई बिकवाली, एशियाई बाजार कमजोर, निक्केई करीब 4% टूटा

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

HCL टेक्नोलोजिज

श्री सीमेंट

कोटक महिंद्रा बैंक

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स

डाबर इंडिया

20 माइक्रॉन्स

3M इंडिया

अपोलो पाइप्स

अतुल

ल्यूपिन

अवध शुगर एंड एनर्जी

बजाज इलेक्ट्रिकल्स

बालकृष्ण इंडस्ट्रीज

भारत सीट्स

ब्रिस्क टेक्नोविजन

कमिंस इंडिया

धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स

ग्रेटेक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज

गुजरात पॉली इलेक्ट्रॉनिक्स

भाटिया कम्युनिकेशंस एंड रिटेल (इंडिया)

बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल

ब्लू स्टार

धानुका एग्रीटेक

डंकन इंजीनियरिंग

एल्गी इक्विपमेंट्स

गुजरात होटल्स

मगध शुगर एंड एनर्जी

MRF

किर्लोस्कर फेरस इंडस्ट्रीज

हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलोजिज

हनीवेल ऑटोमेशन इंडिया

इंडियन ह्यूमे पाइप कंपनी

जेके लक्ष्मी सीमेंट

जुबिलेंट फूडवर्क्स

LMW

मंगलम ग्लोबल एंटरप्राइज

न्यूजेन सॉफ्टवेयर टेक्नोलोजिज

नारायण हृदयालय

पंजाब केमिकल्स एंड क्रॉप प्रोटेक्शन

राजरतन ग्लोबल वायर

फाइजर

स्काई इंडस्ट्रीज

सोमा टेक्सटाइल्स एंड इंडस्ट्रीज

पॉलीकेम

प्रूडेंट कॉर्पोरेट एडवाइजरी सर्विसेज

सफारी इंडस्ट्रीज इंडिया

सीलमैटिक इंडिया

सुंदरम ब्रेक लाइनिंग्स

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक

शांति गियर्स

TTK हेल्थकेयर

यूनिफोस एंटरप्राइजेज

सोनाटा सॉफ्टवेयर

सुमितोमो केमिकल इंडिया

सिम्फनी

ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

UPL

वीडोल कॉर्पोरेशन

V-मार्ट रिटेल

जाइडस वेलनेस

VA टेक वाबाग

वालचंद पीपुलफर्स्ट

वेंड्ट (इंडिया)

जेंसर टेक्नोलोजिज

ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shyam Metalics: श्याम मेटालिक्स ने ओडिशा में शुरू किया एल्युमीनियम फॉयल प्लांट, ₹800 करोड़ का निवेश

Shyam Metalics: श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड (SMEL) की सब्सिडियरी SMEL Steel Structural Pvt. Ltd. ने ओडिशा के संबलपुर स्थित अपनी एल्युमीनियम फॉयल यूनिट में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पर कुल करीब ₹800 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश में एल्युमीनियम फॉयल और फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट्स (FRP) दोनों यूनिट शामिल हैं।

18,000 TPA क्षमता वाली फॉयल यूनिट शुरू

नई एल्युमीनियम फॉयल यूनिट की सालाना उत्पादन क्षमता 18,000 टन (TPA) है। यहां 6 से 40 माइक्रोन मोटाई वाली प्रीमियम ग्रेड एल्युमीनियम फॉयल बनाई जाएगी। कंपनी के मुताबिक, इस यूनिट में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

सितंबर तक शुरू होगी FRP यूनिट

श्याम मेटालिक्स की Aluminium Flat Rolled Products (FRP) यूनिट अंतिम चरण में है। इसके सितंबर 2026 तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। इस यूनिट की सालाना क्षमता 60,000 TPA होगी। यहां 0.3 से 4.0 मिमी मोटाई वाले एल्युमीनियम प्रोडक्ट्स तैयार किए जाएंगे।

ऑपरेटिंग मार्जिन में 40-50% बढ़ोतरी की उम्मीद

कंपनी का कहना है कि दोनों यूनिट पूरी तरह चालू होने के बाद ऑपरेटिंग मार्जिन में 40% से 50% तक सुधार हो सकता है। बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ज्यादा रियलाइजेशन से रेवेन्यू में भी मजबूत बढ़ोतरी की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के दम पर उसकी टॉपलाइन 2 से 2.5 गुना तक बढ़ सकती है।

‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा

श्याम मेटालिक्स का कहना है कि यह निवेश वैल्यू-एडेड एल्युमीनियम उत्पादों में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करेगा। इससे हाई-क्वालिटी एल्युमीनियम उत्पादों की घरेलू मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। साथ ही आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी।

श्याम मेटालिक्स ने क्या कहा?

श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बृज भूषण अग्रवाल ने कहा कि संबलपुर में फॉयल प्रोडक्शन की शुरुआत कंपनी के लिए एक अहम उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य हाई-वैल्यू एल्युमीनियम उत्पादों के जरिए नए बाजारों में विस्तार करना है। इससे ओडिशा में रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सितंबर तक FRP यूनिट शुरू होने के बाद कंपनी का डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम इकोसिस्टम और मजबूत होगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।